जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा 'बावरिया गैंग' का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा ‘बावरिया गैंग’ का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा 'बावरिया गैंग' का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता
जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा ‘बावरिया गैंग’ का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

जोधपुर। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहरवासियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। संगठित अपराध के विरुद्ध छेड़े गए विशेष अभियान के तहत, बनाड़ थाना पुलिस ने भीड़ की आड़ में वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर ‘बावरिया गिरोह’ का पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ किया है। 

पुलिस आयुक्त शरत कविराज के मार्गदर्शन और एसीपी मंडोर अनिल शर्मा की निगरानी में थानाधिकारी लेखराज सियाग के नेतृत्व वाली टीम ने इस ऑपरेशन को बेहद कुशलता से अंजाम दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि गुजरात के पालनपुर का यह गिरोह जोधपुर के भीड़भाड़ वाले आयोजनों को निशाना बना रहा है।

जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा 'बावरिया गैंग' का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता
जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा ‘बावरिया गैंग’ का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

पुलिस ने एक सजग पहरेदार की भूमिका निभाते हुए जाल बिछाया और अपराधियों को दबोच लिया। हाल ही में 13 अप्रैल 2026 को एनएचएआई रिंग रोड प्रदर्शन के दौरान, जब भारी भीड़ मौजूद थी, यह गिरोह सक्रिय होने की फिराक में था। लेकिन जोधपुर पुलिस की तीखी नजरों से ये अपराधी बच नहीं सके। पुलिस ने गुजरात निवासी पांच आरोपियों—बिहारी सोहिल खान, अजय परमार, रवि भाई, विशाल सलाट और पुरुषोतम भाई को गिरफ्तार कर उनके पास से नकदी बरामद की है।
यह कामयाबी दर्शाती है कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं। पुलिस की यह सक्रियता अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सूर्यनगरी में कानून का शासन अटूट है। फिलहाल पुलिस टीम इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि चोरी और झपटमारी की अन्य वारदातों की गुत्थी भी सुलझाई जा सके।

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा
दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा। अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ अंततः मुजरिम के गिरेबान तक पहुँच ही जाते हैं। दौसा की कोतवाली पुलिस ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए दो अलग-अलग सफल कार्रवाइयों में वर्षों से फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को और गहरा करती है। 

25 साल बाद सलाखों के पीछे ‘रोडवेज बस लूट’ का आरोपी समय बीत सकता है, लेकिन पुलिस की फाइलें कभी बंद नहीं होतीं। कोतवाल भगवान सहाय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है जो साल 2001 से अधूरी थी। 24 जुलाई 2001 की वह रात, जब जयपुर-अलीगढ़ रोडवेज बस के यात्रियों और चालक को डरा-धमकाकर लूटा गया था

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा
दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

, उसका मुख्य आरोपी गंभीर सिंह यादव आखिरकार 25 साल बाद पकड़ा गया। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से ताल्लुक रखने वाला यह आरोपी ढाई दशक तक पुलिस की आँखों में धूल झोंकता रहा, लेकिन दौसा पुलिस के धैर्य ने उसे हार मानने पर मजबूर कर दिया।
50 लाख की डकैती और 7 साल की फरारी का अंत
पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश देवेंद्र कुमार गुर्जर की गिरफ्तारी के रूप में मिली। साल 2019 में सरसों के तेल से भरे ट्रक की डकैती करने वाले गिरोह का यह सक्रिय सदस्य 7 साल से फरार चल रहा था। कोटपुतली-बहरोड़ निवासी देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर न केवल लाखों का माल लूटा था, बल्कि ड्राइवर और खलासी के साथ बर्बरता भी की थी। कोतवाली पुलिस की पैनी नजर और सटीक सूचना तंत्र ने इस इनामी अपराधी की फरारी का अंत कर उसे कानून के हवाले कर दिया।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

श्रीनगर । हेरोइन और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में पुलिस ने दो बाइक सवारों को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बताया कि नाका चेकिंग के दौरान पुलिस पोस्ट नेवा पुलवामा ने एक मोटरसाइकिल को रोका, जो हसनवानी से सिंगू नारबल की ओर आ रही थी। मोटरसाइकिल पर दो व्यक्ति सवार थे। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से हरे रंग का एक पॉलीथीन बैग बरामद किया गया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें से हेरोइन जैसा दिखने वाला पदार्थ बरामद हुआ। हेरोइन का वजन लगभग 7.50 ग्राम था। दोनों व्यक्तियों ने अपने नाम मोहम्मद अल्ताफ लोन निवासी तुरका वाघम और समीर अहमद डार निवासी बटपोरा बताए। पुलिस स्टेशन पुलवामा में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी तरह पिछले महीने भी पुलवामा में एक नशीले पदार्थों के तस्कर को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के पास से 771 ग्राम नशीला पदार्थ भी बरामद हुआ था।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

पुलिस प्रवक्ता ने बताया था कि पुलवामा पुलिस ने महिला डिग्री कॉलेज के पास तेंगपोना रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा। नाकाबंदी के दौरान पुलवामा पुलिस स्टेशन की एक टीम ने नायलॉन का थैला ले जा रहे एक संदिग्ध को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से लगभग 771 ग्राम चरसचोरा/गांजा जैसा पदार्थ और नायलॉन का थैला बरामद किया गया। आरोपी की पहचान पुलवामा के मलिकपोरा के रहने वाले मोहम्मद आरिफ मलिक के रूप में हुई।
मार्च महीने में ही पुलवामा पुलिस ने लितर इलाके में नाका चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोका और उसमें से लाखों रुपये के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य का हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद किया था। नियमित नाका ड्यूटी के दौरान ट्रक को चेकिंग के लिए रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस ने 263 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद किया था। ट्रक चालक की पहचान अतहर मकबूल गनी निवासी बीजिबहारा, अनंतनाग के रूप में हुई थी। उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। अपराध में शामिल वाहन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया।

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया
नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा । नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना फेस-2 पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा को हिरासत में लिया है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और उसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी श्रमिक धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और उग्र गतिविधियों में शामिल थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों का संपर्क इस मामले के कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद से था, जो पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर था। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के तहत इस गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस टीमों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की और अंततः इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया
नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

गिरफ्तार आरोपी हिमांशु ठाकुर मूल रूप से उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले का निवासी है, जबकि वर्तमान में वह दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में रह रहा था।
वहीं, सत्यम वर्मा लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र का निवासी है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि दोनों ‘विगुल मजदूर दस्ता’ नामक संगठन के सक्रिय सदस्य हैं और आंदोलन के दौरान भी उनकी भूमिका काफी अहम रही। इस मामले में इससे पहले रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और मास्टरमाइंड आदित्य आनन्द को भी पुलिस शनिवार रात गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है, ताकि हिंसा के पीछे की साजिश का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार
मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी बिना लाइसेंस के अवैध हथियार और कारतूस बेचने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है। यह मामला पायधोनी इलाके का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और इन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग नारायण धुरु स्ट्रीट के एक होटल में अवैध हथियारों की डील करने आने वाले हैं। इस जानकारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने तुरंत टीम बनाकर वहां निगरानी शुरू की और फिर मौके पर छापा मार दिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद 5 लोगों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस बरामद हुए। जब पुलिस ने उनसे हथियारों के लाइसेंस के बारे में पूछा तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने यह भी माना कि वे इन हथियारों को बेचने के लिए लाए थे।

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार
मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार


गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुरेंद्र अमरलालजी मीणा (25), रोहित घनश्याम मीणा (24), कार्तिक बिजेंद्र पारचा (19), दीपक कुमार चितरमल बिल (26) और रोहण/रोनुरोनक पन्नालाल मेरोथा (25) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उनकी उम्र 19 से 26 साल के बीच है।
इस पूरे मामले में पायधोनी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का किसी बड़े गैंग से कोई संबंध तो नहीं है। खासकर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इनका कुख्यात बिश्नोई गैंग से कोई लिंक है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।

गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार

गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार

गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार
गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार

सूरत । सूरत में अधिकारियों ने मिलावटी घी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सचिन जीआईडीसी क्षेत्र में एक निर्माण प्लांट पर छापा मारकर 2,029 किलोग्राम नकली घी जब्त किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत यह कार्रवाई शहर के कुछ हिस्सों में नकली घी की बिक्री की सूचना मिलने के बाद की। सूचना के आधार पर कई टीमों का गठन किया गया और तकनीकी निगरानी तथा खुफिया जानकारी के जरिए आरोपियों की पहचान की गई।
इसके बाद सचिन जीआईडीसी स्थित ‘सबका फूड्स’ नाम की फैक्ट्री और चोर्यासी तालुका के तलांगपुर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा गया।
पुलिस ने मिलावटी घी, मशीनरी, कच्चा माल और अन्य सामान बरामद किया, जिसकी कुल कीमत करीब 36,36,530 रुपए बताई गई है। इसमें से 14,19,960 रुपए का घी और 21,61,570 रुपए की मशीनरी व अन्य सामान शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान नकदी और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 48 वर्षीय भरत पोलारा और 45 वर्षीय आमीन वधवानिया के रूप में हुई है, जो दोनों व्यवसायी हैं।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ सचिन जीआईडीसी थाने में मामला दर्ज किया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी मिलावट का एक व्यवस्थित तरीका अपनाते थे, जिसमें शुद्ध घी में पाम ऑयल, वेजिटेबल घी और वेजिटेबल बटर मिलाया जाता था।

गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार
गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार


घी की असली गंध और रंग दिखाने के लिए कृत्रिम एसेंस और सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे इसे असली गाय के घी जैसा बनाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इसमें सुई और सिरिंज की मदद से रसायनों की सटीक मात्रा मिलाई जाती थी, जिससे असली और नकली घी में फर्क करना मुश्किल हो जाता था।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे ग्राहकों की मांग के अनुसार अलग-अलग क्वालिटी का घी बनाते थे। कम कीमत वाला घी ज्यादातर तेल से बनता था, जबकि महंगे वर्जन में थोड़ा असली घी मिलाया जाता था।
यह घी 600 से 650 रुपए प्रति किलो के थोक भाव में बेचा जाता था और आगे 1000 रुपए प्रति किलो तक खुदरा बाजार में बिकता था।
पुलिस उपायुक्त राजदीपसिंह नकुम ने बताया कि आरोपी पिछले दो साल से यह अवैध काम कर रहे थे और ग्राहक की मांग के अनुसार मिलावटी घी तैयार कर बेचते थे।
यह घी ‘विदुर काऊ घी’ और ‘देसी घी’ जैसे नामों से पैक किया जाता था और छोटे पाउच से लेकर 15 किलो के डिब्बों में बेचा जाता था।
पुलिस को शक है कि यह सप्लाई नेटवर्क दक्षिण गुजरात और आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ था। मामले की आगे जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद

दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद

दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद
दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली कैंट पुलिस ने चोरी के एक मामले में शामिल मदनगीर के रहने वाले 24 वर्षीय आरोपी कुणाल को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का एक बैग बरामद किया। इस बैग में सोने, हीरे के जेवर, कैनेडियन डॉलर, भारतीय मुद्रा, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, परमानेंट रेजिडेंट कार्ड और अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी शामिल थी। दिल्ली कैंट पुलिस ने दीदार सिंह नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर 12 मार्च को ई-एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत में बताया गया था कि धौला कुआं, रिंग रोड पर फुट ओवरब्रिज के पास उनकी निजी टैक्सी से एक बैग चोरी हो गया था। उन्होंने बताया कि ओवरब्रिज के पास अपनी गाड़ी रोकी थी। दो अनजान लड़कों ने रास्ता पूछने के बहाने गाड़ी से बैग निकाल लिया और स्कूटी से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने रिंग रोड, रिज रोड, टोडापुर और इंद्रपुरी इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। स्थानीय जानकारी और तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपी कुणाल की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद
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पुलिस के अनुसार आरोपी कुणाल अपने साथियों के साथ मिलकर, मदद मांगने के बहाने गाड़ियों को रुकवाता था और ड्राइवरों से कार की खिड़कियां खोलने के लिए कहता था। जैसे ही कार की खिड़कियां खुलती थीं, आरोपियों में से एक पीड़ित का ध्यान भटकाता था, जबकि दूसरा इस मौके का फायदा उठाकर गाड़ी के अंदर रखी कीमती चीजें चुरा लेता था। इसके बाद, वे तुरंत अपनी दोपहिया गाड़ी से मौके से फरार हो जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, ट्रैफिक जाम के दौरान आरोपी रिंग रोड के आस-पास के इलाकों को निशाना बनाते थे, ताकि वे भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक के बीच से अपनी दोपहिया गाड़ी को आसानी से निकालकर भाग सकें। वे जान-बूझकर शहर में उन जगहों को भी निशाना बनाते थे, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होते थे।

बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

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बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

पटना । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद इलाके से हिरासत में लिया, जहां वह छिपकर रह रहा था। आरोपी की पहचान शेखर यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के बांका जिले का निवासी बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री जैसे उच्च पदस्थ व्यक्ति को सीधे फोन कर धमकी देना सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल उस मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया, जिससे कॉल की गई थी। तकनीकी टीम की सक्रियता से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच में पता चला कि आरोपी बिहार में नहीं, बल्कि गुजरात में मौजूद है। इसके बाद मुंगेर पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत गुजरात के लिए रवाना हुई।

बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से साणंद इलाके में छापेमारी की गई और आरोपी को पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि उस समय आरोपी एक ट्रांसपोर्ट से जुड़ी गाड़ी में काम कर रहा था और वहीं रह रहा था। पूछताछ के दौरान शेखर यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। आरोपी ने मोबाइल फोन के जरिए धमकी दी थी, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी गुजरात से गिरफ्तार कर लिया।
साणंद पुलिस और बिहार पुलिस के बीच लगातार समन्वय बना रहा। साणंद के पुलिस अधिकारी बी.टी. गोहिल की अगुवाई में टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी हिरासत में लेकर बिहार पुलिस को सौंप दिया गया है। अब मुंगेर पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर बिहार ला रही है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश
भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश

रोहतक हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में जांच पूरी करते हुए आज न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया है। आरोपी को फरवरी माह में सवा लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB), सेक्टर-36, रोहतक में कार्यरत एई-1 मंजीत (41 वर्ष) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (स्टेट विजिलेंस) के निरीक्षक श्यामलाल ने आज रोहतक की विशेष अदालत में जांच रिपोर्ट और चालान प्रस्तुत किया।

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश
भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश


क्या था पूरा मामला?
Jaycee Castalloys Private Limited के अधिकृत प्रतिनिधि ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी कि कंपनी को वर्ष 2026-27 के लिए ‘वॉटर एक्ट’ और ‘एयर एक्ट’ के तहत कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की अनुमति चाहिए थी। इस सर्टिफिकेट को जारी करने के बदले आरोपी मंजीत ने 1.50 लाख रुपये की मांग की।
आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच अंततः 1,25,000 रुपये की राशि तय हुई। 18 फरवरी 2026 को विजिलेंस ने रेडिंग पार्टी का गठन किया और आरोपी मंजीत को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। सरकार और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार
गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

गुरुग्राम राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), गुरुग्राम की टीम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 16.04.2026 को आरोपी प्रदीप कुमार, पटवारी (चकबंदी विभाग), नारनौल को रिश्वत मांगने व रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस संबंध में थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में अभियोग संख्या 13 दिनांक 16.04.2026, धारा 7 पी.सी. एक्ट एवं धारा 308(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या था मामलाः
प्राप्त शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि उसकी भूमि को चकबंदी विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज करने के एवज में आरोपी पटवारी प्रदीप कुमार द्वारा पहले 3,000 रुपये रिश्वत ली गई तथा शेष 7,000 रुपये की मांग कर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत की पुष्टि उपरांत एसीबी, गुरुग्राम की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार
गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान आरोपी प्रदीप कुमार मौके से भागने का प्रयास करते हुए गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने रिश्वत की राशि पटवार घर के समीप एक खाली प्लॉट में फेंक दी है। आरोपी की निशानदेही पर उक्त 7,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर नियमानुसार पुलिस कब्जे में ली गई। आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
जनसाधारण के लिए अपीलः
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी/कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी हेल्पलाइन नंबर 1064 या 1800-180-2022 पर दें। आपकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।