सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी
सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

सिरोही। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सिरोही जिले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल की अनुबंधित गाड़ी से 1,50,000 रुपये की संदिग्ध राशि बरामद की है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर और जोधपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस के पर्यवेक्षण में की गई। 

जानकारी के अनुसार, एसीबी की सिरोही इकाई को सूचना मिली थी कि श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल और एक कनिष्ठ सहायक विकास कुमार आबूरोड़ की औद्योगिक इकाइयों से अवैध रूप से रिश्वत की राशि एकत्र कर रहे हैं और उसे सिरोही ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने श्रम विभाग की अनुबंधित कार को सिरोही में रोका और आकस्मिक तलाशी ली।

सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी
सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

तलाशी के दौरान कार में रखे एक बैग से पॉलीथीन में लिपटी हुई 500-500 रुपये की तीन गड्डियां मिलीं, जिनकी कुल राशि 1,50,000 रुपये पाई गई।
जब इस राशि के बारे में पूछताछ की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद एसीबी टीम ने पूरी रकम को जब्त कर लिया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है कि यह राशि कहां से और किस उद्देश्य से लाई गई थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह राशि अवैध वसूली से जुड़ी हुई है।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश और जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के पर्यवेक्षण में की गई है।
फिलहाल पूरे मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और एसीबी की टीम सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग
मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

मुंबई । महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे पुलिस के कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा कॉल मिला है, जिसके बाद पूरे सिस्टम में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। रेलवे पुलिस के मुताबिक, मुंबई जीआरपी कंट्रोल रूम को एक कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने दावा किया कि उसने रेलवे स्टेशन और आर्मी ऑफिस को टारगेट किया है। इतना ही नहीं, उसने अपनी पहचान ‘इरफान’ के रूप में बताते हुए धमकी दी कि अगर आम लोगों की जान बचानी है, तो उसे 5 करोड़ रुपए दिए जाएं। अधिकारियों के अनुसार, यह कॉल रेलवे कंट्रोल के व्हाट्सएप नंबर पर किया गया था। जांच में सामने आया कि जिस नंबर से कॉल किया गया, वह पाकिस्तान का था। हालांकि, शुरुआती जांच में अब तक कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं मिली है। इसके बावजूद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग
मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

पुलिस का कहना है कि ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले 8 अप्रैल को भी मुंबई में एक फर्जी बम धमकी कॉल ने कुछ समय के लिए हड़कंप मचा दिया था। उस दिन सुबह करीब 11:54 बजे एक शख्स ने बीट मार्शल सिस्टम पर कॉल कर कहा था, “मैं आतंकवादी बोल रहा हूं, मुंबई में बम ब्लास्ट होने वाला है।” इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गई थीं।
हालांकि, जांच के दौरान कुछ ही घंटों में पुलिस ने कॉल करने वाले की पहचान कर ली थी। आरोपी की पहचान तूफान नूरलाल शेख के रूप में हुई, जो एपीएमसी मार्केट, सेक्टर-19 इलाके में रहने वाला 46 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर था।
एपीएमसी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अजय शिंदे ने बताया था कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने यह कॉल शराब के नशे में किया था।

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग
अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग

अंबाला (हरियाणा)। हरियाणा एसटीएफ (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के दो शार्प शूटरों को सोमवार को अंबाला कैंट से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शूटर अंबाला या उसके आसपास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए ‘टारगेट’ का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से विदेशी मार्का वाली पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक अंबाला कैंट की शास्त्री कॉलोनी के पास नेशनल हाईवे-44 पर किसी बड़े हमले की फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर आगरा निवासी भूपेंद्र सिंह उर्फ थापा और राजस्थान के भरतपुर निवासी नितिन उर्फ जट्टा को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक विदेशी मार्का देशी पिस्टल, दो मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए।

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग
अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग


पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शूटरों ने बताया कि उन्हें गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके करीबियों—कानेर निवासी जेपी, जयपुर निवासी देवेंद्र और वीरेंद्र चारण ने हथियार मुहैया कराकर अंबाला भेजा था। इन्हें निर्देश दिए गए थे कि अंबाला पहुंचने के बाद सिग्नल मिलते ही टारगेट पर हमला करना है। एसटीएफ की मुस्तैदी से एक संभावित सनसनीखेज हत्या टल गई है।
पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध (BNS की धाराएं) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंबाला में इनका स्थानीय मददगार कौन था और इनके निशाने पर कौन सा वीआईपी या व्यापारी था।

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था
गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

गिरिडीह । झारखंड के गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक 24 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान तौफीक अंसारी के रूप में हुई है, जो हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया था। तौफीक ने अपनी आखिरी सांसें गिनते हुए हमलावरों के नामों का खुलासा किया, जिसका वीडियो परिजनों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए जाने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तौफीक को साजिश के तहत देर रात मिलने के बहाने के आजाद नगर चदरा पुल के समीप बुलाया गया था। मृतक के मित्र अखलाक ने बताया कि रात करीब 12 बजे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अम्बाटांड़ निवासी आसिफ अली का फोन तौफीक के पास आया था, जिसके बाद वह अपने तीन दोस्तों के साथ चदरा पुल पहुंचा। वहां पहले से ही आसिफ अली अपने चार-पांच साथियों के साथ घात लगाए खड़ा था।
चश्मदीदों के मुताबिक, वहां पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जब तौफीक ने विरोध किया, तो उन लोगों ने हथियारों से हमला बोल दिया।

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था
गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

जान बचाने के लिए भाग रहे तौफीक को हमलावरों ने दौड़ाकर पकड़ा और जमीन पर पटककर उसपर ताबड़तोड़ प्रहार किए। शोर सुनकर जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो तौफीक लहूलुहान अवस्था में तड़प रहा था।
परिजनों का कहना है कि मरते वक्त तौफीक ने साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली का नाम लेते हुए उन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। यह बात उन्होंने मोबाइल के कैमरे में कैद कर ली है। वारदात की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पास के ही एक नाले से मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया।
पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि तौफीक खुद भी आपराधिक पृष्ठभूमि का था और पूर्व में एक मामले में जेल की सजा काट चुका था। थाना प्रभारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का लग रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया
केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने मंगलवार को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और उससे जुड़ी संस्थाओं को एडवाइजरी जारी कर कहा कि देश में हीटवेव और तेजी से बढ़ते तापमान के बीच कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जाए। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों/प्रशासकों को लिखे पत्र में कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा के लिए, विशेष रूप से बाहरी और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए, एक समन्वित, बहु-क्षेत्रीय और बहु-आयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। मंत्रालय ने कहा, “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी जाती है कि वे नियोक्ताओं, उद्योगों और निर्माण कंपनियों को श्रमिक सुरक्षा उपायों को तत्काल लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।”
मंत्रालय ने कहा, “राज्य सरकारों से विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और श्रमिकों के कार्य घंटों के पुनर्निर्धारण से संबंधित सलाह जारी करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, पर्याप्त पेयजल सुविधाओं को सुनिश्चित करने और विश्राम क्षेत्रों तथा कार्यस्थलों को ठंडा रखने की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया गया है।”

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया
केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया


इसमें निर्माण कार्य सहित ऐसी सुविधाओं की आवश्यकता वाले कार्यस्थलों के लिए आपातकालीन बर्फ की थैलियों और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव सामग्री की व्यवस्था करना और श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करना भी शामिल है।
सरकार ने कहा कि कारखाने और खदान प्रबंधन को भी सलाह दी गई है कि वे श्रमिकों को अधिक लचीलापन प्रदान करें, जिसमें अत्यधिक गर्मी के दौरान काम की गति धीमी करना, जहां निरंतर काम अपरिहार्य हो वहां दो-सदस्यीय दल नियुक्त करना, विश्राम क्षेत्र उपलब्ध कराना और पर्याप्त वेंटिलेशन और शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
मंत्रालय ने पत्र में निर्माण श्रमिकों, ईंट भट्ठों के श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश की है।
मंत्रालय ने आगे कहा, “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को श्रमिक चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, साथ ही लू से सुरक्षा संदेश और आपातकालीन संपर्क विवरण वाले पोस्टर और बैनर प्रदर्शित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।”

राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर और 27 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर और 27 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर और 27 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर और 27 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के जरिए अहम सफलता हासिल की है। जयपुर में की गई इस कार्रवाई के तहत सुजानगढ़ के चर्चित जेडीजे ज्वैलर्स फायरिंग कांड के मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को तीन साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। 

पुलिस के अनुसार, कृष्ण सिंह कुख्यात रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। वह रंगदारी वसूली के लिए फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से वांछित था और लगातार फरार चल रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक और बड़े अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी दबोचा है, जो 27 मुकदमों में शामिल आदतन अपराधी बताया जा रहा है।

राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर और 27 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर और 27 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार

वैशाली नगर और मकराना क्षेत्र की पुलिस के लिए वह लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था।
एजीटीएफ की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक वारदातों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में किया गया। टीम प्रभारी प्लाटून कमांडेंट सोहन सिंह सहित पुलिस दल के अन्य सदस्यों ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजस्थान पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, कानून के हाथ उनसे ज्यादा दूर नहीं हैं।

दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा

दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा

दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा
दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा

नई दिल्ली । दिल्ली में अपराध शाखा की ईआर-II टीम ने एक लंबे समय से फरार चल रहे दोषी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी का नाम सुशील कुमार उर्फ गुड्डू बताया गया है, जो दिल्ली का रहने वाला है। यह मामला काफी पुराना है और 1989 में थाना कृष्णा नगर में दर्ज हत्या केस से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि 6-7 अक्टूबर 1989 की रात रामलीला कार्यक्रम के दौरान ज्ञान पार्क इलाके में एक झगड़ा हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने विवेक नाम के व्यक्ति की गर्दन पर चाकू से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। शुरुआत में आरोपी को 1993 में जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में अदालत ने 11 अक्टूबर 2000 को उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2017 में उसकी अपील खारिज कर दी और सजा बरकरार रखी गई। इसके बावजूद आरोपी ने कोर्ट के आदेश के बाद आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया।
सालों तक यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया क्योंकि आरोपी का कोई ठोस पता या फोटो तक उपलब्ध नहीं था। ईआर-II

दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा
दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा

क्राइम ब्रांच की टीम को जब वरिष्ठ अधिकारियों ने फरार दोषियों की सूची सौंपी, तब इस केस को गंभीरता से दोबारा खोला गया।
टीम में एएसआई सतेंद्र, हेड कांस्टेबल प्रिंस, मोहित और राजीव शामिल थे, जिनका नेतृत्व इंस्पेक्टर सुनील कुंडु कर रहे थे और पूरी निगरानी एसीपी नरेंद्र सिंह के पास थी। टीम ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले, कोर्ट की अपील से जुड़े डिजिटल दस्तावेजों का विश्लेषण किया और धीरे-धीरे कुछ अहम सुराग जुटाए।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अब शाहदरा के वेस्ट ज्योति नगर इलाके में एक किराए के मकान में रह रहा था। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे संबंधित अदालत में पेश किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, यह केस इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि घटना को 35 साल से ज्यादा हो चुके थे और समय के साथ सभी पुराने रिकॉर्ड लगभग खत्म हो चुके थे। इसके बावजूद टीम ने लगातार मेहनत और तकनीकी मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की।

केरल: गर्मी बढ़ने से केरल में सांप के काटने की बढ़ी घटनाएं

केरल: गर्मी बढ़ने से केरल में सांप के काटने की बढ़ी घटनाएं

केरल: गर्मी बढ़ने से केरल में सांप के काटने की बढ़ी घटनाएं
केरल: गर्मी बढ़ने से केरल में सांप के काटने की बढ़ी घटनाएं

तिरुवनंतपुरम । केरल में तेजी से बढ़ते तापमान की वजह से सांप के काटने की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पूरे राज्य में सांप के काटने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। पहले इन घटनाओं को कभी-कभार होने वाला ग्रामीण खतरा माना जाता था। लेकिन हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं से चिंता बढ़ गई है। जिलों, उम्र के अलग-अलग समूहों और यहां तक कि लोग कथित तौर पर घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। एक ही दिन में, 23 लोगों को सांप के काटने पर एम्बुलेंस की मदद लेनी पड़ी। अलाप्पुझा से कोझिकोड तक, और मलप्पुरम से तिरुवनंतपुरम तक सांप के काटने की घटनाएं हर जगह एक जैसा ही हैं। सांप अपने बिलों से निकलकर इंसानी बस्तियों में घुस रहे हैं। विशेषज्ञ और स्थानीय जानकार इसके पीछे बढ़ते तापमान को मुख्य वजह बता रहे हैं।
जमीन के बढ़ते तापमान के कारण सांप ठंडी जगहों की तलाश में अपने बिलों से बाहर निकलने पर मजबूर हो रहे हैं।

केरल: गर्मी बढ़ने से केरल में सांप के काटने की बढ़ी घटनाएं
केरल: गर्मी बढ़ने से केरल में सांप के काटने की बढ़ी घटनाएं


कायमकुलम में, सांप के काटने से घायल हुए पांच लोगों में दो छोटे बच्चे भी शामिल थे। कोझिकोड में, एक युवक को तब पता चला कि उसे सांप ने काट लिया है, जब उसने अपने बिस्तर पर एक सांप को देखा।
एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में, एक परिवार को अपने घर के अलग-अलग कमरों में कई जहरीले सांप छिपे हुए मिले। जिनमें से एक सांप उस बिस्तर पर था, जहां कुछ ही देर पहले बच्चे सो रहे थे।
ऐसी कोई इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं हैं, बल्कि बदलते हुए पारिस्थितिक संतुलन के संकेत हैं। सांप के काटने की बढ़ती घटनाओं की वजह से अस्पतालों ने इस स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है, और सांप के जहर का असर खत्म करने वाले सीरम (एंटी-वेनम) की उपलब्धता के साथ-साथ मरीजों का समय पर इलाज भी सुनिश्चित किया।
तत्काल इलाज मिल जाने की वजह से ज्यादातर मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा

गुरुग्राम । गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। याचिकाकर्ताओं ने बुलडोजर एक्शन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन सीजेआई ने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इससे प्रभावित है तो उसे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए। यह मामला गुरुग्राम में चल रही अतिक्रमण विरोधी मुहिम से जुड़ा है। हाल के दिनों में प्रशासन ने डीएलएफ फेज-1, गोल्फ कोर्स रोड, साउथ सिटी और अन्य पॉश इलाकों में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई शुरू की थी। रैंप, गार्ड रूम, बाउंड्री वॉल और सड़कों पर बने अवैध अतिक्रमण हटाए जा रहे थे। यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई थी, जिसमें स्टिल्ट प्लस चार मंजिला निर्माण नीति पर रोक लगाई गई थी। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि बिना नोटिस दिए वैध निर्माणों को भी तोड़ा जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से बुलडोजर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने इस पर सहमति नहीं जताई।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा

उन्होंने कहा, “वहां कई सारे अवैध निर्माण हैं। अगर हाईकोर्ट अपनी संवैधानिक भूमिका निभा रहा है तो हम उसमें बाधा क्यों बनें?”
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि वे अपना पक्ष पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सामने रखें। इससे पहले कि कोई गलत निर्माण बच जाए या निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचे, हाईकोर्ट स्तर पर ही मामला सुलझाया जाए।
लंबे समय से पॉश कॉलोनियों में भी सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण की शिकायतें आ रही थीं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शहर की ट्रैफिक समस्या कम करने और सही प्लानिंग लागू करने के लिए जरूरी है।

झारखंड: हजारीबाग में सड़क किनारे खड़े हाइवा से टकराई कार, मां-बेटे की मौत

झारखंड: हजारीबाग में सड़क किनारे खड़े हाइवा से टकराई कार, मां-बेटे की मौत

झारखंड: हजारीबाग में सड़क किनारे खड़े हाइवा से टकराई कार, मां-बेटे की मौत
झारखंड: हजारीबाग में सड़क किनारे खड़े हाइवा से टकराई कार, मां-बेटे की मौत

हजारीबाग । झारखंड के हजारीबाग में सोमवार को कार और हाइवा की टक्कर में मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार एक शादी समारोह से घर वापस लौट रहा था। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह यह घटना हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई। कार सड़क किनारे खड़े हाइवा में पीछे से आकर टकराई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। नकारी के अनुसार, महावीर प्रसाद का परिवार पटना में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र में उनकी कार सड़क किनारे खड़े एक हाइवा के पिछले हिस्से में जा घुसी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद तेज धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना प्रभारी रौशन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद कार के मलबे को काटकर घायलों और शवों को बाहर निकाला जा सका।

झारखंड: हजारीबाग में सड़क किनारे खड़े हाइवा से टकराई कार, मां-बेटे की मौत
झारखंड: हजारीबाग में सड़क किनारे खड़े हाइवा से टकराई कार, मां-बेटे की मौत

सभी हताहतों को तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसबीएमसीएच) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मां-बेटे को मृत घोषित किया।
मृतकों की पहचान मां विद्या देवी और उनके पुत्र चंदन कुमार के रूप में की गई। वहीं, चंदन के पिता महावीर प्रसाद और उनकी पत्नी अंकिता देवी की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया गया है। परिजनों का कहना है कि दोनों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मुफस्सिल थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण ड्राइवर को नींद आना या तेज रफ्तार होना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।