दौसा: बेमौसम बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, लेकिन किसानों पर बरसी आफत

दौसा: बेमौसम बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, लेकिन किसानों पर बरसी आफत

दौसा: बेमौसम बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, लेकिन किसानों पर बरसी आफत
दौसा: बेमौसम बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, लेकिन किसानों पर बरसी आफत


दौसा।
 जिले में सोमवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं और गर्जना के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने चैत्र के महीने में सावन-भादो जैसा अहसास करा दिया। इस बेमौसम बरसात से जहाँ आमजन को भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं किसानों के लिए यह बारिश ‘आफत’ बनकर बरसी है। 

फसलों को भारी नुकसान और किसानों की चिंता भीगी फसलें: खेतों में कटकर तैयार पड़ी गेहूं और चने की फसलें बारिश के पानी में भीग गई हैं, जिससे उनके खराब होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
बिकने का डर: कटी हुई फसलों के दाने काले पड़ने या झड़ने की आशंका से किसानों में भारी मायूसी है। किसान आनन-फानन में अपनी उपज को तिरपाल और अन्य साधनों से बचाने के प्रयास में जुटे हैं।

दौसा: बेमौसम बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, लेकिन किसानों पर बरसी आफत
दौसा: बेमौसम बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, लेकिन किसानों पर बरसी आफत


ओलावृष्टि का भय: आसमान में छाई घटाओं और तेज गर्जना के बीच किसानों को ओले गिरने का डर सता रहा है, जो खड़ी और कटी फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर सकते हैं।
कृषि विभाग की एडवायजरी: 72 घंटे में दें सूचना
नुकसान की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
अनिवार्य समय सीमा : फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है।
पंजीकरण : किसान टोल-फ्री नंबर, संबंधित बैंक या ‘क्रॉप लॉस’ ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बीमा क्लेम : समय पर सूचना देने से ही सर्वे की प्रक्रिया शुरू होगी और नियमानुसार बीमा क्लेम मिल सकेगा।

VIP कल्चर पर जया बच्चन ने जताई आपत्ति, कहा- यह जनता और सांसदों की गरिमा का मुद्दा

VIP कल्चर पर जया बच्चन ने जताई आपत्ति, कहा- यह जनता और सांसदों की गरिमा का मुद्दा

VIP कल्चर पर जया बच्चन ने जताई आपत्ति, कहा- यह जनता और सांसदों की गरिमा का मुद्दा
VIP कल्चर पर जया बच्चन ने जताई आपत्ति, कहा- यह जनता और सांसदों की गरिमा का मुद्दा

नई दिल्ली । राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने वीआईपी संस्कृति को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने इसे एक गंभीर विषय बताया। सांसद ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ती वीआईपी संस्कृति की इस प्रवृत्ति पर वह कड़ी आपत्ति जता रही हैं। अपने वक्तव्य में उन्होंने वीआईपी संस्कृति को समाज के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह वीआईपी संस्कृति विशेष रूप से दिल्ली जैसे महानगर में आम नागरिकों के जीवन को बाधित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी किसी वीआईपी का आवागमन होता है, चाहे वह राजनेता हो, उच्च अधिकारी हो या कोई अन्य गणमान्य व्यक्ति, तो सड़कों पर अन्य लोगों को रोक दिया जाता है। ट्रैफिक डायवर्जन किए जाते हैं और आम लोगों को लंबे समय तक अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ता है। जया बच्चन ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाल ही में संसद से बाहर निकलते समय मुख्य द्वार को वीआईपी मूवमेंट के कारण बंद कर दिया गया था, जिससे उन्हें और अन्य सांसदों को भी रोका गया। उन्होंने इसे अपने 22 वर्षों के संसदीय जीवन का सबसे अपमानजनक अनुभव बताया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है, क्योंकि वे (सांसद) किसी भी वीआईपी के लिए खतरा नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में कई ऐसे इलाके हैं जहां बड़े राजनीतिक नेता रहते हैं और वहां अक्सर सड़कें बंद कर दी जाती हैं, जिससे संसद पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि वीआईपी मूवमेंट के कारण कई बार सांसदों को आधे-आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है और उन्हें अपनी यात्रा का समय पहले से तय करना पड़ता है ताकि वे समय पर सदन में पहुंच सकें।

VIP कल्चर पर जया बच्चन ने जताई आपत्ति, कहा- यह जनता और सांसदों की गरिमा का मुद्दा
VIP कल्चर पर जया बच्चन ने जताई आपत्ति, कहा- यह जनता और सांसदों की गरिमा का मुद्दा


एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि रिटायर्ड हो रहे राज्यसभा सांसदों के लिए सभापति सीपी राधाकृष्णन के यहां विदाई समारोह (फेयरवेल पार्टी) आयोजित की गई थी। इसमें शामिल होने के लिए उन्हें एक घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा, जिसका कारण भी वीआईपी मूवमेंट था। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आम जनता में भारी नाराजगी देखी जाती है। सांसद ने विशेष रूप से चिंता जताई कि इस वीआईपी संस्कृति के कारण एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार एम्बुलेंस को भी रोक दिया जाता है, जो मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक है। यदि समय पर इलाज न मिले तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने दुनिया के कई देशों की यात्रा की है, जहां वीआईपी मूवमेंट होता है, लेकिन वहां आम जनता को इस तरह नहीं रोका जाता। भारत में यह समस्या ज्यादा गंभीर है और इसे तत्काल सुधारने की आवश्यकता है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभापति, जो देश के उपराष्ट्रपति भी हैं, से आग्रह किया कि वे सरकार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करें और ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि इस वीआईपी संस्कृति को खत्म करना जरूरी है, ताकि आम करदाता नागरिकों को सम्मान मिल सके और लोकतंत्र की मूल भावना बनी रहे। उन्होंने कहा कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में रोड रेज जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जो देश के लिए ठीक नहीं होंगी।

उदयपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: थानाधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी 8 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

उदयपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: थानाधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी 8 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

उदयपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: थानाधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी 8 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
उदयपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: थानाधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी 8 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

उदयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माण्डवा थाने के थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री और कांस्टेबल भल्लाराम पटेल को 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। 

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, गोपनीय सूचना के आधार पर शिकायत मिली थी कि परिवादियों को एक मामले में आरोपी नहीं बनाने के बदले 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। 21 मार्च 2026 को सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये के हिसाब से कुल 20 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, लेकिन बाद में 8 लाख रुपये लेने पर सहमति बनी।

उदयपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: थानाधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी 8 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
उदयपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: थानाधिकारी सहित दो पुलिसकर्मी 8 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

योजना के तहत एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपियों को 8 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इस राशि में 1 लाख रुपये असली नोट और 7 लाख रुपये डमी नोट (चिल्ड्रन नोट) शामिल थे।
यह कार्रवाई डॉ. रामेश्वर सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस के सुपरविजन में तथा एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर के नेतृत्व में की गई। ट्रैप की कार्रवाई पुलिस निरीक्षक डॉ. सोनू शेखावत ने टीम के साथ मिलकर अंजाम दी।
मामले में एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमाला के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित) की धारा 7 तथा बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि रिश्वतखोरी के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

असम के एयरफोर्स स्टेशन से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, 2023 से पाकिस्तान को दे रहा था जानकारी

असम के एयरफोर्स स्टेशन से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, 2023 से पाकिस्तान को दे रहा था जानकारी

असम के एयरफोर्स स्टेशन से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, 2023 से पाकिस्तान को दे रहा था जानकारी
असम के एयरफोर्स स्टेशन से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, 2023 से पाकिस्तान को दे रहा था जानकारी

डिब्रूगढ़ । वायुसेना और राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम ने असम के वायुसेना अड्डे पर तैनात एक कर्मचारी को पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुमित कुमार (36) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के लाहुरपार का निवासी है और एयरफोर्स स्टेशन में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया विभाग) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार सुमित कुमार अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां एकत्रित करता था और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाता था। जांच में सामने आया है कि वह वर्ष 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था और पैसों के बदले गोपनीय सूचनाएं साझा कर रहा था। इस मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में राजस्थान के जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी। उससे पूछताछ के दौरान सुमित कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद राजस्थान इंटेलिजेंस ने वायुसेना खुफिया विभाग, नई दिल्ली के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को छबुआ से हिरासत में लिया।

असम के एयरफोर्स स्टेशन से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, 2023 से पाकिस्तान को दे रहा था जानकारी
असम के एयरफोर्स स्टेशन से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, 2023 से पाकिस्तान को दे रहा था जानकारी


पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने न केवल छबुआ एयरफोर्स स्टेशन बल्कि बीकानेर जिले के नाल एयरफोर्स स्टेशन सहित अन्य सैन्य ठिकानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं। इनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित गोपनीय सूचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, वह अपने मोबाइल नंबरों के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी मदद करता था।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को राजस्थान खुफिया विभाग और वायु सेना खुफिया विभाग के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था और पैसों के बदले गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था। पुलिस ने इस संबंध में गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। व्यापक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।
फिलहाल, आरोपी के खिलाफ गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में व्यापक जासूसी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच एजेंसियां लगातार छानबीन कर रही हैं।

गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार

गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार

गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार
गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार


पणजी । दक्षिण गोवा पुलिस ने सोमवार तड़के 25 से 30 नाबालिग लड़कियों से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल को लेकर 20 वर्षीय युवक सोहम सुशांत नाइक को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा के कुर्चोरेम नगर पालिका पार्षद के बेटे नाइक को उस समय हिरासत में लिया गया, जब स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी युवक पर आरोप है कि उसने कई नाबालिग लड़कियों के साथ यौन संबंध बनाए। इन घटनाओं को रिकॉर्ड किया और बाद में उन वीडियो का इस्तेमाल पीड़ितों को धमकाने और चुप रहने के लिए किया। यह मामला पिछले सप्ताह तब उजागर हुआ, जब आरोपी सोहम नाइक ने कथित तौर पर एक सामाजिक सभा में अपने कृत्यों की डींग भरी और पीड़ितों के आपत्तिजनक वीडियो अपने साथियों को दिखाए। जैसे-जैसे दक्षिण गोवा में यौन शोषण वीडियो की अफवाहें फैलने लगीं, स्थानीय तनाव चरम पर पहुँच गया।
हालांकि इससे पहले, यह मामला कुछ दिनों से इलाके में चर्चा में था। रविवार रात स्थानीय नागरिक कुडचेड पुलिस स्टेशन के पास एकत्र हुए और कार्रवाई की मांग की क्योंकि मामला एक स्थानीय भाजपा पार्षद के बेटे से जुड़ा हुआ था। अंततः पुलिस ने पार्षद के बेटे सोहम नाइक को हिरासत में ले लिया।

गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार
गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार


यह कार्रवाई तब हुई जब आरोपी ने पिछले सप्ताह एक शराब पार्टी में अपने दोस्तों को कुछ वीडियो दिखाए। इससे बीते वर्षों में नाबालिगों के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया।
रविवार को कुर्चोरेम के निवासियों ने पुलिस स्टेशन तक मार्च किया और नाबालिगों से जुड़े कथित सेक्स रैकेट वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि पुलिस 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती, तो वे बंद का आह्वान करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि पुलिस पीड़ितों के सामने आने का इंतजार न करे और स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज करे।
गोवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर ने सरकार से हस्तक्षेप करने, स्वतः संज्ञान लेने और इस भयावह मामले की त्वरित, निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराने की मांग की।
दक्षिण गोवा पुलिस वर्तमान में डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और यह निर्धारित करने का प्रयास कर रही है कि सोहम सुशांत नाइक द्वारा नाबालिग लड़कियों का शोषण किस पैमाने पर हुआ।
आरोपी अभी हिरासत में है जबकि फॉरेंसिक टीमें कथित रूप से ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए गए वीडियो को बरामद करने का कार्य कर रही हैं।

भोपाल : मुकेश मल्होत्रा को मिली बड़ी राहत, विजयपुर से बने रहेंगे विधायक

भोपाल : मुकेश मल्होत्रा को मिली बड़ी राहत, विजयपुर से बने रहेंगे विधायक

भोपाल : मुकेश मल्होत्रा को मिली बड़ी राहत, विजयपुर से बने रहेंगे विधायक
भोपाल : मुकेश मल्होत्रा को मिली बड़ी राहत, विजयपुर से बने रहेंगे विधायक

भोपाल । सर्वोच्च न्यायालय से मध्य प्रदेश कांग्रेस और मुकेश मल्होत्रा के लिए अच्छी खबर आई है क्योंकि उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा दिए गए फैसले पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्थगन दे दिया है। इसके चलते मुकेश मल्होत्रा विजयपुर से विधायक बने रहेंगे। दरअसल, श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने भाजपा उम्मीदवार रामनिवास रावत को पराजित किया था। रावत ने मल्होत्रा पर अपराधिक प्रकरण सहित अन्य जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित करते हुए रावत को विधायक घोषित किया था। उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ के फैसले के खिलाफ कांग्रेस नेता मुकेश मल्होत्रा ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की और उस पर गुरुवार को उन्हें स्थगन मिल गया है। इस तरह उनकी विधायकी बरकरार रहेगी, वहीं सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें राज्यसभा के चुनाव में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया है, साथ ही उन्हें वेतन तथा भत्ते भी नहीं मिलेंगे।
पिछले दिनों मल्होत्रा के खिलाफ ग्वालियर खंडपीठ में रामनिवास की ओर से लगाई गई याचिका में आरोप लगाया गया था कि दो तरह के प्रकरणों की जानकारी छुपाई गई, जबकि मल्होत्रा की ओर से कहा गया था कि मामले का निपटारा हो चुका है और दो प्रकरणों में ट्रायल कोर्ट से बरी हो गए थे।

भोपाल : मुकेश मल्होत्रा को मिली बड़ी राहत, विजयपुर से बने रहेंगे विधायक
भोपाल : मुकेश मल्होत्रा को मिली बड़ी राहत, विजयपुर से बने रहेंगे विधायक


रामनिवास रावत का आरोप था कि मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ और भी मामले हैं, उनकी जानकारी छुपाई गई है। इस मामले में न्यायालय ने प्रकरण की जानकारी छुपाने को गलत प्रैक्टिस मानते हुए अपना फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद मल्होत्रा की ओर से अपील के लिए 15 दिन का समय मांगा गया था और यह समय उन्हें दिया गया था।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ के फैसले के खिलाफ मुकेश मल्होत्रा सर्वोच्च न्यायालय गए थे, जहां से उन्हें स्थगन मिल गया है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सत्य और न्याय की जीत करार दिया है।
उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को बरकरार रखा है। मैं शीर्ष अदालत का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस ऐतिहासिक निर्णय से भाजपा के सियासी षड्यंत्र फिर नाकाम हुए हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि लोकतंत्र और संविधान के अपमान का आदतन अपराध करने वाली भाजपा इस कानूनी सबक को हमेशा याद रखेगी।

अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

अमृतसर। पंजाब में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय कार्रवाई कर रही है और इसी क्रम में अमृतसर से बड़ी सफलता की खबर सामने आई है। कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपी के कब्जे से कुल सात अत्याधुनिक पिस्टल बरामद की गई हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह पुर्तगाल में बैठे एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में था, जो पाकिस्तान के जरिए अवैध हथियारों को भारत में सप्लाई करवा रहा था।

पुलिस का मानना है कि यह कोई साधारण गिरोह नहीं है, बल्कि एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले नेटवर्क का हिस्सा है। तस्करी की यह श्रृंखला सीमा पार के तत्वों से जुड़ी हुई थी और हथियारों का उद्देश्य अपराधियों तक पहुँचाना था, जिससे कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। अमृतसर के थाना कैंटोनमेंट में FIR दर्ज कर दी गई है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी हुई है। जांच अधिकारी बता रहे हैं कि गिरोह से जुड़े हर सदस्य तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, ताकि पूरी चेन को तोड़ा जा सके और भविष्य में इस तरह की तस्करी को रोका जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए हथियार अत्याधुनिक तकनीक वाले हैं और इनका उपयोग आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था। नाबालिग की गिरफ्तारी इस बात की पुष्टि करती है कि गिरोह युवा और असमझे लोगों को भी इस अवैध नेटवर्क में शामिल कर रहा था। अधिकारी यह भी मानते हैं कि इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले हुए हैं, इसलिए इस मामले की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।

इससे पहले भी पंजाब पुलिस ने बठिंडा में बड़ी सफलता हासिल की थी। काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने समय रहते एक संभावित आतंकी खतरे को नाकाम किया। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। शुरुआती जांच में पता चला कि ये ग्रेनेड भी एक अवैध सप्लाई चेन का हिस्सा थे, जिनका संबंध सीमा पार के आतंकवादी तत्वों से था। इनका मकसद पंजाब में शांति भंग करना और आम जनता की सुरक्षा को खतरे में डालना था।

पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध हथियार तस्करी, आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। अधिकारी कहते हैं कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाइयों से अपराधियों और तस्करों को यह संदेश जाता है कि उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कोई भी कानून-व्यवस्था को चुनौती नहीं दे सकता।

अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

विशेषज्ञों का कहना है कि अमृतसर और बठिंडा में हुई कार्रवाई पंजाब पुलिस की सक्रियता और संगठित रणनीति का परिणाम है। यह दिखाता है कि पुलिस न केवल नियमित निगरानी कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय और सीमा पार की तस्करी नेटवर्क को भी खत्म करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इसके साथ ही, यह संदेश जाता है कि पंजाब में अपराधियों और आतंकियों के लिए कोई स्थान नहीं है।

अमृतसर मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का प्रयास है कि नेटवर्क के अन्य सदस्य और विदेशी हैंडलर तक पहुंच बनाई जाए। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए हथियारों की जांच के माध्यम से पता लगाया जा रहा है कि इन्हें किन अपराधों में इस्तेमाल किया जा चुका है या भविष्य में किस प्रकार की गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सकता था।

पुलिस ने यह भी कहा कि अवैध हथियार तस्करी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर की गिरोहें शामिल हैं, जो पाकिस्तान और अन्य देशों के माध्यम से भारत में हथियार भेजती हैं। ऐसे नेटवर्क को समाप्त करना और उसकी पूरी चेन को बेनकाब करना ही भविष्य में पंजाब और पूरे देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कुंजी है।

पंजाब पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या हथियार तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का मानना है कि सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही अवैध गतिविधियों को रोकने में सफलता हासिल की जा सकती है।

इन सफल कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब पुलिस न केवल स्थानीय अपराधों पर नजर रख रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय और सीमा पार की अपराध नेटवर्क को खत्म करने के लिए भी रणनीतिक रूप से काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी व्यक्ति या गिरोह को कानून के दायरे से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।

इस प्रकार अमृतसर और बठिंडा में हुई कार्रवाईयों ने पंजाब में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित किया है। यह पुलिस की तत्परता, निगरानी और संगठन क्षमता का परिचायक है। आने वाले समय में भी पंजाब पुलिस अपने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध हथियार तस्करी, आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध के खिलाफ सतत कार्रवाई जारी रखेगी। इससे राज्य में सुरक्षा और शांति सुनिश्चित होगी और आम जनता में कानून और व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा।

पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि प्रत्येक गिरफ्तारी, तलाशी और छापेमारी न केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई है, बल्कि यह समाज और युवाओं को नशे और हिंसा जैसी गतिविधियों से दूर रखने के लिए भी एक संदेश है। राज्य में सुरक्षा बनाए रखना और अपराधियों को कानून के दायरे में लाना पंजाब पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी बनी रहेगी।

श्रीनगर में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

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श्रीनगर में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार
श्रीनगर में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

श्रीनगर । श्रीनगर में एक बड़े हाईटेक इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। सीआईके-सीआईडी को पहले ही कई भरोसेमंद और तकनीकी इनपुट मिले थे कि कुछ गुप्त कॉल सेंटर धोखाधड़ी वाली ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल हैं। ये कॉल सेंटर विदेशी और स्थानीय लोगों को निशाना बनाकर उन्हें धोखा देने का काम कर रहे थे। इस जानकारी के मिलने के बाद सीआईके ने तुरंत एक खास टीम बनाई, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ और फील्ड ऑपरेटिव्स शामिल थे। टीम ने कई जगहों पर निगरानी रखी, डिजिटल इंटेलिजेंस इकट्ठा किया और सब कुछ वेरिफाई किया। काफी मेहनत और जांच के बाद टीम को श्रीनगर के रंगरेथ इंडस्ट्रियल एरिया में एक मुख्य ऑपरेशनल हब का पता चला। इसके बाद टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में तेज और समन्वित छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान सात संदिग्धों को पकड़ा गया और बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। जब्त किए गए सामान में 13 मोबाइल फोन, 9 लैपटॉप, वीओआईपी सिस्टम, सिम कार्ड, नेटवर्किंग डिवाइस और डिजिटल स्टोरेज मीडिया शामिल थे। इनमें से काफी सारे डिजिटल और कम्युनिकेशन उपकरण ऐसे थे जिनसे साफ पता चलता था कि यह एक अत्यंत संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत आपराधिक नेटवर्क था।
शुरुआती जांच में पता चला कि ये आरोपी एक बड़े और अच्छी तरह से तालमेल बिठाए हुए साइबर क्राइम सिंडिकेट का हिस्सा थे, जिसका नेटवर्क जम्मू-कश्मीर से बाहर भी फैला हुआ था। इस नेटवर्क का एक हिस्सा खास तौर पर विदेशी देशों में लोगों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। यूएसए, यूके और कनाडा के लोगों को निशाना बनाया जाता था। इसके लिए इंटरनेशनल कम्युनिकेशन मास्किंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता था। साथ ही, पहचान चुराने, मनोवैज्ञानिक हेरफेर और आधुनिक डिजिटल और क्रिप्टोकरेंसी चैनलों के जरिए पैसे की हेराफेरी की जाती थी।

श्रीनगर में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार
श्रीनगर में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार


आरोपियों ने वीओआईपी आधारित सिस्टम के जरिए एक गुप्त और बिना रजिस्ट्रेशन वाला कॉल सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया था। इसके जरिए वे इंटरनेशनल वर्चुअल नंबर बनाते, सर्वर रूटिंग और स्पूफिंग तकनीक का इस्तेमाल करके अपनी असली लोकेशन छुपाते थे। अनजान पीड़ितों के सामने खुद को असली सर्विस प्रोवाइडर दिखाकर उन्हें धोखा दिया जाता था। नकली याहू मेल वेबसाइट और गूगल विज्ञापनों का इस्तेमाल करके लोग इस कॉल सेंटर तक पहुंचते थे।
कई देशों में ऑनलाइन फिशिंग और कॉल ऑपरेशन के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था। जैसे ही कोई पीड़ित विज्ञापन पर क्लिक करता, उसकी स्क्रीन पर टोल-फ़्री नंबर दिखाई देता। यह नंबर संदिग्धों द्वारा संचालित होता और भोले-भाले लोगों को उनकी बैंकिंग और निजी जानकारी देने के लिए गुमराह किया जाता। इसके बाद पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाते, जिनमें म्यूल अकाउंट और क्रिप्टो वॉलेट शामिल थे। पैसे को छिपाने के लिए इन्हें कई बार घुमाया, बदला और ट्रांसफर किया जाता ताकि असली स्रोत का पता न चले।
पीड़ितों को यह यकीन दिलाया जाता कि उनके बैंक या डिवाइस कमप्रोमाइज हो गए हैं और उन्हें तकनीकी सहायता के लिए पैसे देने होंगे। धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे फिर डिजिटल वॉलेट, बैंकिंग चैनल और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए घुमाए जाते। कई बार इन्हें यूएसडीटी और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर ट्रैकिंग मुश्किल बनाई जाती। खास बात यह है कि इस पूरे ऑपरेशन में नकद लेन-देन शामिल नहीं था, जिससे यह पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक साइबर फ्रॉड बन गया। अब तक किए गए लेन-देन कई करोड़ रुपये के होने का अनुमान है।
कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साज़िश और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा, संदिग्धों को पकड़ने के लिए आगे भी छापेमारी की जा रही है। जब्त किए गए उपकरणों का फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है। पीड़ितों की पहचान और पैसों के लेन-देन का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं। पूरे नेटवर्क की जांच राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है।

द्वारका में शराब की तस्करी कर रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

द्वारका में शराब की तस्करी कर रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

द्वारका में शराब की तस्करी कर रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
द्वारका में शराब की तस्करी कर रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। “नशे पर लगाम, देश को सलाम” अभियान के तहत दिल्ली पुलिस लगातार नशीले पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल नशे के खिलाफ सख्त संदेश देना है, बल्कि युवाओं और समाज को रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न कर सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना भी है। द्वारका के डीसीपी कुशलपाल सिंह ने विशेष निर्देश दिए हैं कि पुलिस टीम नशीले पदार्थों और अवैध शराब की हरकतों पर कड़ी नजर रखे और सक्रिय रूप से कार्रवाई करे।

इसी दिशा में द्वारका एएटीएस की टीम ने अंतरराज्यीय अवैध शराब तस्करी को रोकने में बड़ी सफलता हासिल की है। विशिष्ट सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर टीम ने दिल्ली के यूटीआर-2 क्षेत्र में साईं मंदिर से श्याम विहार रोड की ओर जा रही एक बोलेरो पिकअप को देखा। जब टीम ने वाहन को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने भागने का प्रयास किया। लेकिन टीम ने तुरंत घेराबंदी कर पिकअप चालक को पकड़ लिया।

पकड़े गए चालक की पहचान मोहम्मद नौशाद (22) के रूप में हुई। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस ने हरियाणा में बिक्री के लिए लेबल की गई अवैध शराब के 2500 क्वार्टर से भरे 50 कार्टन बरामद किए। यह शराब दिल्ली में अवैध रूप से सप्लाई की जा रही थी। पुलिस ने न केवल अवैध शराब बरामद की, बल्कि बोलेरो पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया। इस मामले में पुलिस स्टेशन नजफगढ़ में मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया।

डीसीपी कुशलपाल सिंह ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से पुलिस का उद्देश्य न केवल अवैध शराब की तस्करी रोकना है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें समाज के रचनात्मक कार्यों में संलग्न करना भी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान द्वारका, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ व्यापक प्रभाव डालने के लिए संचालित किया जा रहा है।

विशेष रूप से, इस कार्रवाई के एक दिन पहले 18 मार्च को दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अवैध शराब से भरे ट्रक को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। यह कार्रवाई लुहारली टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान की गई। जांच के दौरान ट्रक में भारी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपए बताई जा रही है। यह साबित करता है कि न केवल दिल्ली में, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी अवैध शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है और पुलिस इसे रोकने में सतत कार्रवाई कर रही है।

द्वारका में शराब की तस्करी कर रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
द्वारका में शराब की तस्करी कर रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

एएटीएस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक जागरूकता फैलाने का भी जरिया है। पुलिस टीम ने बताया कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल अपराधियों को कानूनी कार्रवाई के डर से रोकती हैं, बल्कि युवाओं और समाज में यह संदेश भी देती हैं कि नशा और अवैध गतिविधियों का परिणाम गंभीर होता है।

डीसीपी कुशलपाल सिंह ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नशे के खिलाफ प्रभावी रणनीति के तहत विभिन्न इलाकों में निगरानी, छापेमारी और जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और जनता की मदद से अवैध शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इसके अलावा, अभियान के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि युवाओं को नशे की आदत से बचाकर उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाईयों से न केवल अवैध व्यापारियों में डर पैदा होता है, बल्कि स्थानीय समाज में भी सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ता है। पुलिस की सतत निगरानी और कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि नशा और अवैध शराब पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं होगा।

इस अभियान की सफलता में एएटीएस टीम की सतर्कता और योजना का बड़ा योगदान रहा। मोहम्मद नौशाद जैसी अंतरराज्यीय तस्करी करने वाली गैंगों को पकड़ना न केवल अवैध गतिविधियों को रोकने में सहायक है, बल्कि यह समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम भी साबित होता है।

इस तरह, दिल्ली पुलिस का “नशे पर लगाम, देश को सलाम” अभियान लगातार नशे और अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने में सफल रहा है। द्वारका एएटीएस की कार्रवाई और ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में आबकारी विभाग की संयुक्त छापेमारी ने यह संदेश दिया है कि नशे के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कदम लगातार और प्रभावी रूप से उठाए जा रहे हैं। इससे युवाओं और समाज में नशे से दूर रहने की चेतना पैदा होगी और अवैध व्यापारियों के लिए यह चेतावनी भी है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई तत्काल की जाएगी।

इस अभियान के तहत आने वाले समय में भी दिल्ली पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई जारी रखेंगे और नशे के खतरों से समाज को सुरक्षित रखने के लिए सतत प्रयास करेंगे। इस प्रकार यह अभियान समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने में निर्णायक साबित हो रहा है।

दिल्ली : सीलमपुर पुलिस ने लूट में फरार आरोपी को किया गिरफ्तार, पहले से चार केस दर्ज

दिल्ली : सीलमपुर पुलिस ने लूट में फरार आरोपी को किया गिरफ्तार, पहले से चार केस दर्ज

दिल्ली : सीलमपुर पुलिस ने लूट में फरार आरोपी को किया गिरफ्तार, पहले से चार केस दर्ज
दिल्ली : सीलमपुर पुलिस ने लूट में फरार आरोपी को किया गिरफ्तार, पहले से चार केस दर्ज

नई दिल्ली में सीलमपुर पुलिस को एक गंभीर लूट और मारपीट के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी शिवम (22), निवासी सीलमपुर, को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी लूट और चोरी सहित चार आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका था। आरोपी बार-बार अपनी जगह बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा, लेकिन ईआर-II, क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।

यह मामला 28 मई 2024 का है, जब शिकायतकर्ता सोनू अपने वाहन को सीलमपुर मेट्रो कार पार्किंग में खड़ा करके घर लौट रहा था। इसी दौरान शिवम और उसके साथी ने उस पर हमला किया और मोबाइल व कैश छीनकर फरार हो गए। शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई और दोनों आरोपियों को बाद में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शिवम को जमानत मिली, लेकिन उसने कोर्ट में जानबूझकर हाजिरी नहीं दी और अपने पते को छुपाया।

जांच में पता चला कि शिवम गांधी नगर इलाके में गुप्त रूप से रह रहा था। इस प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर उमेश सती के नेतृत्व में एसआई ब्रहंपाल, एएसआई संजय सिंह और एचसी भूपेंद्र की टीम गठित की गई। एसीपी/ईआर-II क्राइम ब्रांच श्री नरेंद्र सिंह के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में टीम ने पूरी रणनीति बनाकर कार्रवाई की।

दिल्ली : सीलमपुर पुलिस ने लूट में फरार आरोपी को किया गिरफ्तार, पहले से चार केस दर्ज
दिल्ली : सीलमपुर पुलिस ने लूट में फरार आरोपी को किया गिरफ्तार, पहले से चार केस दर्ज

एएसआई संजय सिंह को सूचना मिली कि शिवम अजित नगर, गांधी नगर में रह रहा है। टीम ने इलाके में पूछताछ की और स्थानीय निवासियों से जानकारी जुटाई। ई-कोर्ट और आईसीजेएस पोर्टल की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले आर्म्स एक्ट केस में प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया था।

18 मार्च 2026 को टीम ने अजित नगर, गांधी नगर में तैनाती की। सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक जाल बिछाया गया और सतर्कता के साथ अभियुक्त को पकड़ने में सफलता मिली। शिवम को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में भेज दिया गया है।

इस गिरफ्तारी से इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। पुलिस ने इस मामले में स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह सफलता सीलमपुर पुलिस और ईआर-II क्राइम ब्रांच की संगठित जांच और सतर्कता का परिणाम है, जिसने बार-बार पकड़ से बचने वाले आरोपी को पकड़कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया।