जंगली पिक्चर्स ने हक़ का दमदार पोस्टर किया रिलीज़, यामी गौतम धर और इमरान हाशमी आए आमने-सामने
मुंबई। फिल्म की रिलीज़ से एक महीने पहले, जंगली पिक्चर्स ने अपनी नई फिल्म हक़ (HAQ) का पोस्टर जारी किया है। इसमें यामी गौतम धर और इमरान हाशमी के बीच एक भावनात्मक और वैचारिक टकराव दिखाया गया है। पोस्टर से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यह एक सीरियस ड्रामा है, जो देश में चल रही बहस के दो अलग-अलग पक्षों को दर्शाता है। यह फिल्म एक अहम सवाल उठाती है – कौम या कानून? सुपर्ण एस. वर्मा के निर्देशन में बनी और रेशु नाथ द्वारा लिखी गई यह फिल्म एक ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट केस से प्रेरित है। यह कहानी ‘बानो: भारत की बेटी’ नाम की किताब पर आधारित है।
जंगली पिक्चर्स ने हक़ का दमदार पोस्टर किया रिलीज़, यामी गौतम धर और इमरान हाशमी आए आमने-सामने
फिल्म यह पूछती है कि हमें निजी कानून (पर्सनल लॉ) और देश के कानून (सेक्युलर लॉ) के बीच की सीमा कहाँ तय करनी चाहिए। यामी गौतम धर और इमरान हाशमी के साथ फिल्म में शीबा चड्ढा, दानिश हुसैन और असीम हतंगड़ी भी नज़र आएंगे। यह एक दमदार और सोचने पर मजबूर करने वाला कोर्टरूम ड्रामा है। जंगली पिक्चर्स ने इसे इंसोमनिया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज़ के साथ मिलकर बनाया है। हक़ (HAQ) 7 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने नीतिगत कुप्रबंधन के लिए कांग्रेस की आलोचना की
नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में 2014 से पहले के नीतिगत परिदृश्य पर विचार करते हुए कांग्रेस शासन के तहत भारत की चुनौतियों की एक गंभीर तस्वीर पेश की और पार्टी पर नीतिगत पक्षाघात, बड़े पैमाने पर घोटाले और आर्थिक कुप्रबंधन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जिससे देश असुरक्षित हो गया। क शक्ति है।” उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में उन सुधारों पर प्रकाश डाला, जिनसे कांग्रेस से विरासत में मिले एनपीए संकट से निपटा गया। कांग्रेस पार्टी के शासन की तीखी आलोचना करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने उस पर “नॉन-परफॉर्मिंग एसेट” (एनपीए) का पहाड़ खड़ा करने, नागरिकों को बैंकिंग से दूर करने और सब्सिडी से बचने के लिए पेट्रोल पंपों को रोजाना 12 घंटे बंद रखने की योजना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “2014 से पहले, चर्चाएं वैश्विक चुनौतियों से निपटने, महिलाओं की सुरक्षा की चिंताओं और आतंकवादी स्लीपर सेल पर केंद्रित थीं। कई लोगों को भारत की रिकवरी पर संदेह था।”
प्रधानमंत्री मोदी ने नीतिगत कुप्रबंधन के लिए कांग्रेस की आलोचना की
फिर भी, भारत शीर्ष पांच वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास पूर्वानुमानों में आईएमएफ (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) द्वारा हाल ही में किए गए संशोधनों का हवाला देते हुए घोषणा की, “मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से कम है, और पिछले तीन वर्षों में हमारी औसत वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही है।” उन्होंने वैश्विक निवेशकों के लिए भारत की अपील पर प्रकाश डाला और गूगल के हालिया बड़े निवेश और ऊर्जा एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में बढ़ती रुचि का हवाला दिया। उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भारत में अवसर देखती है और हमें एक जिम्मेदार साझेदार के रूप में देखती है।” कांग्रेस के पहले के उदारीकरण को “मजबूरी में किए गए सुधार” बताकर खारिज करते हुए, उन्होंने अपनी नीतियों को सक्रिय और जन-केंद्रित बताया।
जयपुर,। राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के भीतर चल रहा आंतरिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को तदर्थ समिति की कार्यवाही के दौरान समिति के सदस्यों और संयोजक डीडी कुमावत के बीच तीखे मतभेद उभर आए। अब यह विवाद लोकपाल तक पहुंच गया है। मतभेद की खबरों पर डीडी कुमावत ने कहा, “अगर मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो जाते हैं, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और खुद ही पद छोड़ दूंगा।” तदर्थ समिति के सदस्यों ने कुमावत पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया। आशीष तिवारी, मोहित यादव और पिंकेश जैन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए धनंजय सिंह खींवसर ने जयपुर में कहा, “कुमावत शुक्रवार की बैठक में शामिल नहीं हुए और समिति के चारों सदस्यों की सामूहिक सहमति के बिना एकतरफा फैसले ले रहे थे।” खींवसर ने दावा किया, “डीडी कुमावत को जोधपुर जिला क्रिकेट संघ (डीसीए) को अयोग्य घोषित करने का कोई अधिकार नहीं था। इस फैसले पर और न ही लोकपाल की नियुक्ति पर सदस्यों से सलाह ली गई। पिछले साढ़े तीन महीनों से कोई आधिकारिक बैठक नहीं हुई है और अब अकेले ही फैसले लिए जा रहे हैं।”
राजस्थान क्रिकेट संघ में गुटबाजी खुलकर सामने आई
उन्होंने आगे कहा, “अब हम चयन समिति के गठन पर फैसला करेंगे।” इसके बाद डीडी कुमावत आरसीए कार्यालय पहुंचे और आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने बैठक बुलाई थी, उनके पास कोई अधिकार नहीं था। मुझे कल देर रात ईमेल द्वारा नोटिस मिला। इसके अलावा, वे उच्च न्यायालय के आदेश के तहत निलंबित हैं।” कुमावत ने कहा कि ये बैठक जरूरी नहीं थी और कम से कम सात दिन पहले बुलाई जानी चाहिए थी। धनंजय सिंह मेरे छोटे भाई जैसे हैं, लेकिन उन्हें कानून का पालन करना होगा। निविदा संबंधी सभी कार्य वर्तमान में तदर्थ समिति के अधिकार क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा, “बैठक में शामिल तीन सदस्यों में से एक को निलंबित कर दिया गया है, जिससे बैठक अमान्य हो गई है। अगर मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो जाते हैं, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और पद छोड़ दूंगा। लोकपाल पहले से ही मामले की जांच कर रहा है, और मैं उनके निष्कर्षों के बाद ही कोई टिप्पणी करूंगा।” लंबे समय से आरसीए की तदर्थ समिति में चल रहा विवाद राजस्थान में क्रिकेट को प्रभावित कर रहा है।
मुंबई में 2.29 करोड़ की सोने की डकैती का पर्दाफाश, कंपनी कर्मचारी सहित चार गिरफ्तार
मुंबई । मुंबई पुलिस ने एक दिनदहाड़े डकैती के मामले को सुलझाते हुए 2.29 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण बरामद किए हैं। यह डकैती सेवरी इलाके में हुई थी, जिसे एक ज्वैलरी कंपनी के कर्मचारी और उसके राजस्थान के रिश्तेदारों ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया है। रफी अहमद किदवई (आरएके) मार्ग पुलिस के अनुसार घटना 13 अक्टूबर की दोपहर करीब ढाई बजे हुई। मास्टर चेन एंड ज्वेल्स के डिलीवरी एजेंट श्यामलभाई होथीभाई रबारी (31) और उनके सहयोगी जगदीश केराभाई आल, क्वालिटी एसे एंड हॉलमार्क एलएलपी से 2,067.143 ग्राम सोने के आभूषण लेकर कालाचौकी स्थित कंपनी के कारखाने जा रहे थे। सेवरी कोर्ट के पास जकारिया बंदर रोड पर दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारी। एक बदमाश ने पिस्तौल दिखाकर धमकाया और 2.29 करोड़ रुपए मूल्य का सोना लूटकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही श्यामलभाई ने अपने नियोक्ता राज कोठारी को बताया, जिन्होंने आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। पुलिस उपायुक्त रागसुधा आर (जोन 4) की देशरेख में वरिष्ठ निरीक्षक विनोद तावड़े ने आठ पुलिस टीमें गठित कीं।
मुंबई में 2.29 करोड़ की सोने की डकैती का पर्दाफाश, कंपनी कर्मचारी सहित चार गिरफ्तार
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच से श्यामलभाई की कहानी पर संदेह हुआ। गहन जांच में पता चला कि श्यामलभाई ने अपने सहयोगी जगदीश और राजस्थान के दो रिश्तेदारों, भानाराम भगराज रबारी (21) और लीलाराम नागजी देवासी (21) के साथ मिलकर इस फर्जी डकैती की साजिश रची थी। पुलिस ने डिजिटल सुरागों के आधार पर भानाराम और लीलाराम को गुजरात के अहमदाबाद के ओधव गांव से पकड़ा, जब वे राजस्थान के जालोर जिले में अपने गांव भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने चारों आरोपियों से चोरी का पूरा सोना और उनके मोबाइल फोन बरामद किए। जांच में सामने आया कि श्यामलभाई पिछले छह-सात सालों से कंपनी में काम कर रहे थे और कंपनी की प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ थे। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने यह साजिश रची। आभूषण 11 अक्टूबर को हॉलमार्किंग के लिए दिए गए थे और 13 अक्टूबर को इन्हें लेने के बाद श्यामलभाई और जगदीश ने नकली डकैती का नाटक किया। पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले को सुलझा लिया, लेकिन अन्य संभावित अपराधों की जांच जारी है।
दिल्ली: डुप्लीकेट टूथपेस्ट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) ने राजधानी के शास्त्री पार्क इलाके में चल रही नकली टूथपेस्ट बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मौके से कोलगेट और क्लोज-अप ब्रांड्स के कुल 18,300 भरी हुई नकली टूथपेस्ट ट्यूब, 11,000 खाली ट्यूब, 150 किलो पेस्ट व पैकेजिंग सामग्री, और ट्यूब फिलिंग व सीलिंग मशीन (टीएपएस मशीन) जब्त की है। इस सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। और मोनू कुमार शामिल थे। टीम ने मौके पर दो आरोपी मुहीमुद्दीन (33 वर्ष) और फैजान (37) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से 18,300 भरी हुई नकली टूथपेस्ट ट्यूब, 11,000 खाली ट्यूब, 150 किलो पेस्ट और पैकेजिंग सामग्री और एक ट्यूब फिलिंग और सीलिंग मशीन (टीएफएस) बरामद की। इस मामले में एफआईआर नंबर 310/2025 के तहत धारा 318(4)/336(3)/61(2) बीएनएस एवं कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के अंतर्गत थाना क्राइम ब्रांच, दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दिल्ली: डुप्लीकेट टूथपेस्ट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि वे बेरोजगार थे और आसानी से पैसा कमाने के लिए उन्होंने यह अवैध कारोबार शुरू किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने किराए पर जगह लेकर नकली टूथपेस्ट बनाना शुरू किया था। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यक्ति वसीम पठान, निवासी आजाद मार्केट, दिल्ली, उन्हें कच्चा माल सप्लाई करता था और तैयार नकली टूथपेस्ट वे उसी को वापस सप्लाई करते थे। आरोपी मुहीमुद्दीन का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, जबकि आरोपी फैजान पहले डकैती और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में थाना कोतवाली और बाड़ा हिंदू राव, दिल्ली में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री से जब्त किए गए सामानों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही, वसीम पठान और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच यह भी जांच कर रही है कि ये नकली उत्पाद दिल्ली और एनसीआर के किन बाजारों में सप्लाई किए जाते थे।
ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: गहने हड़पने के लिए की थी महिला की हत्या
प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ जिले के खेरोट और विरावली के बीच एक सुनसान खेत पर मिली महिला की लाश के सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में आरोपी मृतका के पूर्व परिचित बालुराम मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने कथित तौर पर महिला के गहने गिरवी रखवाने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। एसपी बी. आदित्य ने बताया कि 09 अक्टूबर को पुलिस को खेरोट विरावली के बीच एक खेत में महिला की लाश मिली थी। मृतका का गला सफेद गमछे से बंधा हुआ था और वह मुंह के बल पड़ी थी। थानाधिकारी दीपक बंजारा मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और जाँच शुरू की। मृतका की पहचान सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सपना पुत्री मांगीलाल निनामा निवासी माण्डलीपाड़ा, घंटाली के रूप में हुई। मृतका के पिता की रिपोर्ट पर थाना प्रतापगढ़ में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। एसपी आदित्य के निर्देशानुसार एएसपी परबत सिंह और डीएसपी गजेन्द्र सिंह राव के मार्गदर्शन में थानाधिकारी प्रतापगढ़ द्वारा विशेष टीमों का गठन किया गया। इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मृतका के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था। पुलिस को सपना की हत्या की कड़ियां जोड़ने के लिए शहर प्रतापगढ़, खेरोट, अरनोद, सालमगढ, घंटाली और अन्य इलाकों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगालने पड़े। तकनीकी और फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश की गई। जिसके आधार पर संदिग्ध बालुराम मीणा (30) निवासी घंटाली को डिटेन किया गया। कड़ी और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के बाद बालुराम मीणा ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: गहने हड़पने के लिए की थी महिला की हत्या
हत्या का खौफनाक तरीका आरोपी बालुराम मीणा मृतका सपना मीणा का पूर्व परिचित था। सपना 06 अक्टूबर को पीहर से बिना बताए प्रतापगढ़ आई थी, जहाँ वह गांधी चौराहे पर आरोपी बालुराम मीणा से मिली। बालुराम ने स्वयं को आर्थिक तंगी में बताकर मृतका को अपने पहने हुए गहने कड़ियां और सांकली गिरवी रखने के लिए तैयार किया। आरोपी ने मृतका के साथ जाकर गहने गिरवी रखवाए और पैसे प्राप्त कर लिए। जब मृतका सपना मीणा अपने गहने या पैसे वापस मांगने लगी तो आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। 08 अक्टूबर की शाम को अंधेरा होने के बाद आरोपी ने पहले से खरीदे गए एक सफेद तोलिये के साथ मृतका को मोटरसाईकिल पर बैठाया और रुपए दिलवाने के बहाने विरावली-अरनोद की तरफ एक सुनसान खेत पर ले गया। मौका देखकर उसने तोलिये से गला घोंटकर सपना मीणा की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना के खुलासे में थाना प्रतापगढ़ के कांस्टेबल मानसिंह और कृष्णपाल सिंह की CCTV फुटेज से लोकेशन ट्रैक करने में अहम भूमिका रही, जबकि थानाधिकारी घंटाली सोहनलाल ने आरोपी की पहचान और डिटेन करने में विशेष योगदान दिया।
होमगार्ड प्लाटून कमांडर गजेन्द्र सिंह रिश्वत लेते गिरफ्तार, दलाल अख्तर हुसैन के माध्यम से 4000 रुपये की ली घूस
कोटा। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी कोटा इकाई द्वारा आज कार्यवाही करते हुए गजेन्द्र सिंह प्लाटून कमाण्डर व दलाल अख्तर हुसैन होमगार्ड मांगरोल को 4000 रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी चौकी कोटा को एक शिकायत इस आशय की मिली कि आरोपी गजेन्द्र सिंह प्लाटून कमाण्डर होमगार्ड बारां द्वारा अपने दलाल अख्तर हुसैन होमगार्ड मांगरोल के मार्फत परिवादी को प्रशिक्षण से प्राप्त मानदेय में से आरोपी द्वारा अपना हिस्सा बतौर रिश्वत मांगा जा रहा है तथा रिश्वत नहीं देने पर परिवादी की भविष्य में होमगार्ड ड्यूटी नहीं लगाने की धमकी देकर परेशान किया जा रहा है।
होमगार्ड प्लाटून कमांडर गजेन्द्र सिंह रिश्वत लेते गिरफ्तार, दलाल अख्तर हुसैन के माध्यम से 4000 रुपये की ली घूस
जिस पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा, उप महानिरीक्षक पुलिस आनन्द शर्मा के सुपरविजन तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में आज अनिष अहमद उप अधीक्षक पुलिस एसीबी कोटा द्वारा ट्रेप कार्यवाही कर आरोपी होमगार्ड अख्तर हुसैन के द्वारा अपने अधिकारी प्लाटून कमांडर गजेन्द्र सिंह के लिए 4000 रूपये की रिश्वत मांग के अनुसार ड्यूटी लगाने की एवज में प्राप्त की गई। प्लाटून कमांडर से रिश्वत राशि के संबंध में वार्ता करवाई जाने पर प्लाटून कमाण्डर गजेन्द्र सिंह ने रिश्वत राशि के संबंध में स्वीकृति प्रदान की जिस पर प्लाटून कमाण्डर को गिरफ्तार किया गया जिससे पूछताछ जारी है। आनन्द शर्मा उप महानिरीक्षक पुलिस के सुपरविजन में आरोपीगण से पूछताछ व कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन के घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने आगामी चुनाव के दोनों चरणों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा एक साथ की है। कुल 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए हैं, जिनमें अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग दोनों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पहले चरण के तहत भाकपा-माले ने 14 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। इनमें भोरे, जीरादेई, दरौली, दरौंडा, कल्याणपुर, वारिसनगर, राजगीर, दीघा और फुलवारी जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं। घोषित उम्मीदवारों में भोरे विधानसभा सीट से धनंजय, जीरादेई से अमरजीत कुशवाहा, दरौली से सत्यदेव राम, दरौंडा से अमरनाथ यादव, कल्याणपुर से रंजीत कुमार राम, वारिसनगर से फूलबाबू सिंह, राजगीर से विश्वनाथ चौधरी, दीघा से दिव्या गौतम, फुलवारी से गोपाल रविदास, पालीगंज से संदीप सौरभ, आरा से क्यामुदीन अंसारी, अगिआंव से शिव प्रकाश रंजन, तरारी से मदन सिंह और डुमरांव से अजीत कुमार सिंह शामिल हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
पहली सूची में घोषित उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। हालांकि, भोरे सीट से भाकपा-माले टिकट पर जितेंद्र पासवान ने भी नामांकन किया है, लेकिन पार्टी ने धनंजय को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें कि पहले चरण के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर थी। भाकपा-माले ने फेज-2 में पार्टी ने कुल 6 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। सिकटा विधानसभा सीट से वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि पिपरा (सुपौल) से अनिल कुमार, बलरामपुर से महबूब आलम, करकट से अरुण सिंह, अरवल से महानंद सिंह और घोसी में राम बली सिंह यादव को टिकट दिया गया है। गौरतलब है कि भाकपा-माले बिहार में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस-राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। हालांकि, इन दलों में अभी तक सीट बंटवारे के लिए आखिरी फैसला नहीं हुआ है। यही कारण है कि पहले चरण की कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों के उम्मीदवारों की दोस्ताना लड़ाई है।
अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे
लुधियाना/अमृतसर | पंजाब के सरहिंद स्टेशन के पास शनिवार सुबह अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12204) में अचानक आग लग गई। यह आग AC बोगी नंबर 19 में शॉर्ट सर्किट के चलते भड़की, जिससे ट्रेन में अफरातफरी मच गई। बोगी में सफर कर रहे एक यात्री ने धुआं उठते ही ट्रेन की चेन खींच दी, जिससे ट्रेन रुक गई। इसके बाद यात्रियों ने जैसे-तैसे बाहर निकलकर जान बचाई। कई यात्री अपना सामान पीछे छोड़कर प्लेटफॉर्म और ट्रैक की ओर भागे। भगदड़ के दौरान कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर चोटें बताई जा रही हैं। रेलवे और फायर ब्रिगेड की टीमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। बोगी नंबर 19 पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जबकि बोगी नंबर 18 को भी नुकसान हुआ है।
अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे
रेलवे ने बयान जारी कर कहा है कि इस घटना में किसी यात्री की मौत या गंभीर जनहानि नहीं हुई है। अंबाला डिवीजन के डीआरएम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जली हुई बोगी को ट्रेन से अलग कर दिया गया और ट्रेन को अंबाला स्टेशन भेजा गया, जहां नए कोच जोड़े जाएंगे। इस ट्रेन में लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के कई व्यापारी और परिवार सवार थे जो बिहार जा रहे थे। यात्रियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। “हमने बच्चों को पहले बाहर निकाला, फिर किसी तरह उतर पाए,” एक यात्री ने बताया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शॉर्ट सर्किट की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि एसी यूनिट के वायरिंग सिस्टम में गड़बड़ी से यह हादसा हुआ।
युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत
नई दिल्ली। पाकिस्तान ने युद्धविराम खत्म होते ही अफगानिस्तान के ऊपर भीषण एयरस्ट्राइक किया है। इस हमले में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के तीन खिलाड़ियों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। बता दें कि दोनों पक्षों के बीच 48 घंटे तक युद्धविराम समझौते पर सहमति बनी थी। इस बीच स्थानीय मीडिया की तरफ से कहा जा रहा था कि दोहा में दोनों पक्षों के बीच बात हो सकती है, लेकिन इसकी आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई थी। इसी बीच, शुक्रवार की देर रात को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक कर दिया। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की धरती पर टीटीपी अपने नापाक इरादों को अंजाम दे रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान तहरीक-ए- तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों को पनाह दे रहा है। हालांकि, अफगानिस्तान की तरफ से इस पर जवाब देते हुए इसे आंतरिक मामला बताया गया। इतना ही नहीं, अफगानिस्तान ने तो यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान आईएसआई के आतंकियों को पनाह दे रहा है।
युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत
साल 2021 में जब तालिबान ने अफगानिस्तान के ऊपर कब्जा किया था, उस वक्त पाकिस्तान को बहुत खुशी हो रही थी। उसे लग रहा था तालिबान पाकिस्तान और आईएसआई के इशारे पर चलेगा। यही कारण था कि उस वक्त तालिबान के 100 से ज्यादा कैदियों को पाकिस्तान ने रिहा कर दिया था। हालांकि, तालिबान ने पाकिस्तान और आईएसआई के इस विश्वास को बुरी तरह तोड़ दिया और यह संदेश दिया कि वह उनके इशारों पर नहीं चलेगा। पाकिस्तान और तालिबान के बीच कभी जो भाईचारा थी, वह अब नहीं रही। आईएसआई ने अफगानिस्तान पर कब्जा करने में तालिबानियों की खूब मदद की थी। दरअसल, अफगानिस्तान और भारत के बीच काफी अच्छे संबंध रहे। अफगानिस्तान जब भी मुसीबत में था, भारत ने उसकी मदद की। ऐसे में पाकिस्तान साफ तौर पर अफगानिस्तान से भारत का प्रभाव कम करना चाहता था, लेकिन पाक और आईएसआई को पूरी बाजी उल्टी पड़ गई। तालिबान के कब्जे के बाद भी अफगानिस्तान के साथ भारत के संबंध अच्छे हैं। हाल ही में तालिबानी विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया था, जिसने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है।