उदयपुर के फतेहसागर झील में पर्यटक ने लगाई छलांग, नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने 15 मिनट में निकाला शव

उदयपुर के फतेहसागर झील में पर्यटक ने लगाई छलांग, नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने 15 मिनट में निकाला शव

उदयपुर के फतेहसागर झील में पर्यटक ने लगाई छलांग, नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने 15 मिनट में निकाला शव
उदयपुर के फतेहसागर झील में पर्यटक ने लगाई छलांग, नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने 15 मिनट में निकाला शव

उदयपुर। लेक सिटी उदयपुर की प्रसिद्ध फतेहसागर झील से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज और दुखद खबर सामने आ रही है। शुक्रवार दोपहर को यहां आए एक पर्यटक ने बोटिंग शुरू होने से ठीक पहले अचानक झील में छलांग लगा दी। नागरिक सुरक्षा विभाग की रेस्क्यू टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर महज 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद युवक के शव को पानी से बाहर निकाल लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे अंबामाता थाना पुलिस को सूचना मिली कि मोती मगरी के सामने स्थित ‘उज्जैन बोटिंग पॉइंट’ पर एक पर्यटक आया। उसने बोटिंग के लिए टिकट लिया और नियमानुसार लाइफ जैकेट पहनकर बोट के भीतर जाकर बैठ गया। लेकिन, इससे पहले कि बोट स्टार्ट होकर आगे बढ़ती, युवक ने अचानक अपनी लाइफ जैकेट उतारी और सीधे फतेहसागर झील के गहरे पानी में छलांग लगा दी। झील में पर्यटक के कूदने की खबर से वहां मौजूद नाविकों और अन्य पर्यटकों में हड़कंप मच गया।

उदयपुर के फतेहसागर झील में पर्यटक ने लगाई छलांग, नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने 15 मिनट में निकाला शव
उदयपुर के फतेहसागर झील में पर्यटक ने लगाई छलांग, नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने 15 मिनट में निकाला शव

घटना की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग, उदयपुर के उप नियंत्रक दीपेंद्र सिंह राठौड़ ने बिना वक्त गंवाए तत्काल अपनी विशेष रेस्क्यू टीम को बोटिंग पॉइंट के लिए रवाना किया।
रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत झील के गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोरों की सूझबूझ और तत्परता के चलते महज 15 मिनट की बेहद कड़ी मशक्कत के बाद युवक को ढूंढ निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। टीम ने शव को पानी से बाहर निकालकर अंबामाता थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस मृतक पर्यटक की शिनाख्त करने और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुट गई है।
रेस्क्यू टीम में ये रहे शामिल : इस त्वरित और जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में नागरिक सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक गोविंद जगरवाल, मुख्य गोताखोर विपुल चौधरी, नरेश चौधरी, विजय नकवाल, कैलाश गमेती, मुकेश सेन, वाहन चालक मोहन सिंह राणावत तथा बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया शामिल रहे, जिन्होंने समय रहते शव को रिकवर किया।

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई, 11.82 करोड़ की ड्रग्स ला रही महिला गिरफ्तार

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मुंबई । मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग की बड़ी सफलता हासिल हुई है। ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग बैंकॉक से आई एक 28 वर्षीय महिला यात्री को गिरफ्तार किया है। महिला के पास से 11.824 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (हाई क्वालिटी गांजा) बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 11 करोड़ 82 लाख रुपए बताई जा रही है। मुंबई कस्टम्स के अधिकारियों के अनुसार, बैंकॉक से आने वाली फ्लाइट से उतरी महिला की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद उसे जांच के लिए रोका गया। कस्टम अधिकारियों ने उसके ट्रॉली बैग की गहन तलाशी ली, जिसमें 12 वैक्यूम-सील्ड पारदर्शी प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए। जांच में इन पैकेटों में हाइड्रोपोनिक वीड होने की पुष्टि हुई।
अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए हाइड्रोपोनिक गांजे का कुल वजन 11.824 किलोग्राम है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला एक कंपनी में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में कार्यरत थी

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई, 11.82 करोड़ की ड्रग्स ला रही महिला गिरफ्तार
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विभाग ने महिला के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पहले, 22 मई को मुंबई एयरपोर्ट से दो यात्रियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने नशीले पदार्थ भरे कैप्सूल निगल रखे हैं। इसके बाद उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल प्रक्रिया के बाद उनके शरीर से 84 कैप्सूल बरामद किए गए। इनमें 1.40 किलोग्राम कोकीन थी, जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
इसी तरह, 19 मई 2026 को डीआरआई ने एक और सफल ऑपरेशन किया था। अदीस अबाबा से आए एक अफ्रीकी पुरुष और एक अफ्रीकी महिला यात्री को रोका गया। पूछताछ के दौरान, दोनों ने कोकीन के कैप्सूल निगलने की बात स्वीकार की। अस्पताल में कराए गए मेडिकल चेकअप में उनके शरीर से 63 कैप्सूल निकाले गए, जिनमें 850 ग्राम कोकीन थी, जिसकी अनुमानित कीमत 4.25 करोड़ रुपए थी।

दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर में मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर में मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर में मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर में मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली । दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी। घायल दोनों अपराधी गाजियाबाद के लोनी इलाके के रहने वाले हैं। उन्हें एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, मालवीय नगर इलाके के अरबिंदो कॉलेज के पास देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। देर रात क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि गाजियाबाद के दो अपराधी मालवीय नगर इलाके में किसी अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। क्राइम ब्रांच ने अरबिंदो कॉलेज के पास जाल बिछाया, लेकिन पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में घायल होने पर दोनों बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपराधियों की पहचान गाजियाबाद के लोनी इलाके के रहने वाले गोपाल और सौरभ के रूप में हुई। फिलहाल, दिल्ली पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों में नकली कॉल सेंटरों के जरिए चलाए जा रहे शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर शादी से जुड़ी सेवाओं के नकली विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाया जाता था। आरोपी ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ में धोखाधड़ी वाले कॉल सेंटरों का नेटवर्क चला रहा था। इसी तरह दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र के रहने वाले एक युवक को फंसाया गया था।

दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर में मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर में मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को किया गिरफ्तार


शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि फेसबुक ब्राउज करते समय उन्हें शादी से जुड़ी सेवाओं का एक विज्ञापन दिखा। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद, कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें अपनी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए मनाया। उनकी बातों पर भरोसा करके उन्होंने धोखेबाजों की ओर से दिए गए क्यूआर कोड के जरिए लगभग 81 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में, उन्हें एहसास हुआ कि शादी से जुड़ी सेवाएं दिलाने के झूठे वादे के तहत उनके साथ धोखाधड़ी और ठगी की गई है।
मामले की जांच के दौरान इस गिरोह से जुड़े धोखाधड़ी के 8 मामले सामने आए। टीम ने सफलतापूर्वक रेड की और ग्वालियर से प्रदीप साहू को पकड़ा, जो गिरोह का मास्टरमाइंड था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने गुनाह कबूल लिया और बताया कि वह लगभग 5 साल से कॉल सेंटर चला रहा था और उसने ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ में लगभग 14 कॉल सेंटर खोले थे। उसने बताया कि कर्मचारियों को विज्ञापनों के जरिए भर्ती किया जाता था और उन्हें शादी-ब्याह की सेवाएं चाहने वाले अनजान लोगों से संपर्क करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती थी।
स्टाफ सदस्यों को निर्देश दिया जाता था कि वे पीड़ितों को शादी कराने का झूठा भरोसा देकर लुभाएं और रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल एक्टिवेशन चार्ज और अन्य मनगढ़ंत सर्विस चार्ज के नाम पर पैसे वसूलें। आरोपी ने खास तौर पर अपने कर्मचारियों को निर्देश दिया था कि वे कम रकम (आमतौर पर 5,000 रुपए से 10,000 रुपए के बीच) वसूलें, क्योंकि उसका मानना ​​था कि पीड़ित ऐसी धोखाधड़ी की शिकायत कानून लागू करने वाली एजेंसियों से कम ही करेंगे।

झारखंड : जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की धारदार हथियार से की हत्या

झारखंड : जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की धारदार हथियार से की हत्या

झारखंड : जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की धारदार हथियार से की हत्या
झारखंड : जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की धारदार हथियार से की हत्या

लातेहार । झारखंड के लातेहार जिले में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार में खूनी संघर्ष हो गया। महुआडांड़ थाना क्षेत्र के पोटमाडीह गांव में छोटे भाई पर अपने बड़े भाई की धारदार हथियार से हत्या करने का आरोप लगा है। घटना में बीच-बचाव करने पहुंचे मृतक की पत्नी और भतीजा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, पोटमाडीह गांव निवासी कामिल बेक और उनके छोटे भाई पोलिकार्प बेक के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार देर रात को इसी विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि पोलिकार्प बेक ने धारदार हथियार से अपने बड़े भाई कामिल बेक पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल कामिल को बचाने के लिए उनकी पत्नी सलोमी बेक और भतीजा निलेश बेक आगे आए, लेकिन वे भी हमले की चपेट में आ गए।

झारखंड : जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की धारदार हथियार से की हत्या
झारखंड : जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की धारदार हथियार से की हत्या


घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों की मदद से तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने कामिल बेक को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल सलोमी बेक और निलेश बेक को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद महुआडांड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शुक्रवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लातेहार भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आई है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।

दिल्ली पुलिस ने ऑटो-लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने ऑटो-लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने ऑटो-लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने ऑटो-लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार

नई दिल्ली । वाहन चोरी और आदतन अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कई अलग-अलग अभियानों में 15 चोरी की दोपहिया गाड़ियां बरामद की हैं। यह कार्रवाई कई पुलिस थानों में समन्वित तरीके से की गई। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान दिल्ली पुलिस वेस्ट जिले की टीमों द्वारा चलाया गया, जिसमें थाना तिलक नगर, थाना मायापुरी और थाना पंजाबी बाग शामिल थे। इस अभियान के दौरान 11 वाहन चोरी के मामलों का भी खुलासा हुआ और एक अवैध हथियार भी बरामद किया गया। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ऑटो-लिफ्टर और आदतन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है। छह आरोपी गिरफ्तार किए गए, 15 चोरी की दोपहिया गाड़ियां बरामद हुईं और 11 मामलों का खुलासा किया गया।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई वाहन चोरी, संपत्ति अपराध और आदतन अपराधियों के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान का हिस्सा थी। इसमें तकनीकी निगरानी, गुप्त सूचना और फील्ड इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया।
इन अभियानों के दौरान कुल छह आरोपियों को पकड़ा गया और 15 चोरी की दोपहिया गाड़ियों के साथ एक बटन से चलने वाला अवैध चाकू भी बरामद किया गया।

दिल्ली पुलिस ने ऑटो-लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने ऑटो-लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया, छह गिरफ्तार


एक मामले में, पुलिस ने गुरप्रीत सिंह उर्फ लाली को गिरफ्तार किया, जिसे थाना तिलक नगर का कुख्यात ऑटो-लिफ्टर बताया गया है। उसे नजफगढ़ रोड स्थित एम-ब्लॉक पार्क के पास जाल बिछाकर पकड़ा गया। उसके पास से दो चोरी की मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद हुई। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर एक और चोरी की बाइक भी मिली।
एक अन्य बड़ी कार्रवाई में एएटीएस/वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ने एमडी. सद्दाम और सूरज को ईएसआई मेट्रो स्टेशन पार्किंग, राजौरी गार्डन के पास चोरी की होंडा एक्टिवा पर जाते समय पकड़ा। पूछताछ में उनके पास से छह और चोरी की दोपहिया गाड़ियां बरामद हुईं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी की गाड़ियों को ‘मेवाती गैंग’ को सप्लाई करते थे और इस पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
एक अलग मामले में, थाना मायापुरी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी की मदद से तीन दिन के अंदर एक मोटरसाइकिल चोरी का मामला सुलझाया और दो आरोपियों को रोहिणी से गिरफ्तार किया। उनसे चार चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं, जो कई थानों के मामलों से जुड़ी थीं।
एक अन्य घटना में, मादीपुर पुलिस पोस्ट के सतर्क स्टाफ ने जहील पार्क के पास राजीव गुप्ता को भागने की कोशिश करते समय पकड़ लिया। उसके पास से चोरी की स्कूटी और चाकू बरामद हुआ।
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी, 11 मोटरसाइकिल और 4 स्कूटी की बरामदगी हुई, साथ ही एक आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज किया गया और 11 वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ।
पुलिस ने इसे पेशेवर जांच, फील्ड इंटेलिजेंस और सतर्क पुलिसिंग का नतीजा बताया है, जिसका उद्देश्य सड़क अपराध को रोकना और जनता की सुरक्षा बढ़ाना है।

बाइक चोरी के शक में युवक को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधा, तबीयत खराब होने से मौत

बाइक चोरी के शक में युवक को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधा, तबीयत खराब होने से मौत

बाइक चोरी के शक में युवक को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधा, तबीयत खराब होने से मौत
बाइक चोरी के शक में युवक को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधा, तबीयत खराब होने से मौत

 दौसा बसवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव के धौलीकुमटी रोड पर बाइक चोरी के शक में एक युवक को गांव वालों ने पेड़ से बांध दिया। इस दौरान युवक की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर पहुंची पुलिस युवक को अस्पताल लेकर पहुंची। जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने गांव वालों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार गुरुवार दोपहर 1 बजे सूचना मिली कि पंडितपुरा गांव में लोगों ने एक बाइक चोर को पकड़कर पेड़ से बांध दिया है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान युवक की तबीयत बिगड़ी हुई थी। पुलिस फौरन उसे जीप से ही बसवा अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत में बांदीकुई रेफर कर दिया। बांदीकुई उप जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
मृतक युवक की पहचान दिनेश मीणा (32) निवासी बसवा रोड बांदीकुई के रूप में हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दिनेश को छुड़ाया। इसके बाद उसे जब ले जाने की कोशिश की तो वह ठीक से खड़ा नहीं हो सका। मौके पर मौजूद गांव वालों से पूछताछ में सामने आया कि दिनेश दोपहर 12 बजे पंडितपुरा रोड से बाइक चोरी करके पंडितपुरा गांव की ओर भाग रहा था।

बाइक चोरी के शक में युवक को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधा, तबीयत खराब होने से मौत
बाइक चोरी के शक में युवक को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधा, तबीयत खराब होने से मौत

इस दौरान लोगों ने पीछा कर युवक को पकड़ लिया। शोर सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई और युवक दिनेश को पेड़ से बांध दिया।
बांदीकुई अस्पताल में युवक की जांच करने वाले डॉक्टर अचल शर्मा ने बताया कि युवक के शरीर पर रस्सी से बांधने के निशान मिले हैं। बाहरी तौर पर कोई चोट नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो सकेगा। घटना की सूचना पर मृतक दिनेश के परिजन अस्पताल पहुंच गए। दिनेश के मौसा जगमोहन ने कहा कि दिनेश बेकसूर था। उसे पेड़ के साथ बांधा और उसके साथ मारपीट गई। जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, हम शव नहीं लेंगे।
दिनेश दो महीने पहले तक अहमदाबाद में कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था। इसके बाद यह बांदीकुई आ गया। दो महीने से कोई काम नहीं कर रहा था और घर पर ही था। दिनेश के दो छोटे भाई है। एक रेलवे में काम करता है और तीसरा नंबर का भाई पढ़ाई कर रहा है। पिता कैलाश चंद की पहले ही मौत हो चुकी है। दिनेश की डेढ़ साल की बच्ची है। एएसपी शंकरलाल मीणा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। युवक की मौत कैसे हुई ये तो पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा। जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान पर एनजीटी ने लिया संज्ञान, केंद्र और राज्य सरकारों से मांगा जवाब

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान पर एनजीटी ने लिया संज्ञान, केंद्र और राज्य सरकारों से मांगा जवाब

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान पर एनजीटी ने लिया संज्ञान, केंद्र और राज्य सरकारों से मांगा जवाब
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान पर एनजीटी ने लिया संज्ञान, केंद्र और राज्य सरकारों से मांगा जवाब

नई दिल्ली । देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। एनजीटी ने 22 मई को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है।
एनजीटी ने कहा कि देश में हीटवेव अब एक गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य संकट बन चुकी है। ट्रिब्यूनल ने मौसम विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि दिल्ली समेत कई इलाके भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
एनजीटी ने कहा कि हीटवेव का असर सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में भी लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान पर एनजीटी ने लिया संज्ञान, केंद्र और राज्य सरकारों से मांगा जवाब
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान पर एनजीटी ने लिया संज्ञान, केंद्र और राज्य सरकारों से मांगा जवाब

शहरों में कंक्रीट के जंगल, हरियाली की कमी, वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषण तथा बढ़ती बिजली खपत गर्मी को और ज्यादा बढ़ा रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोगों को खुले में लंबे समय तक काम करना पड़ता है, जहां ठंडक की सुविधाएं और सरकारी मदद बेहद सीमित है।
ट्रिब्यूनल ने केंद्र और राज्यों को सुझाव देते हुए कहा कि अब सिर्फ अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए क्षेत्रवार जलवायु अनुकूलन योजना, आधुनिक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली, थर्मल मैपिंग, ओपन क्लाइमेट डेटा और स्कूल-कॉलेज स्तर पर मौसम निगरानी जैसी व्यवस्थाएं जरूरी हैं। एनजीटी ने यह भी माना कि बढ़ती गर्मी का सीधा संबंध जलवायु परिवर्तन और मानव गतिविधियों से है, जो पर्यावरण संरक्षण कानून 1986 के तहत गंभीर चिंता का विषय है।
इस मामले में केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्य सरकारों को पक्षकार बनाया गया है। सभी संबंधित विभागों और राज्य सरकारों को हलफनामे के जरिए अपना जवाब और एक्शन प्लान दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी।

बालोतरा सड़क हादसे पर बढ़ा विवाद : परिजनों ने पुलिस पर लगाया गाड़ी का पीछा करने का आरोप, जोधपुर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर की जांच की मांग

बालोतरा सड़क हादसे पर बढ़ा विवाद : परिजनों ने पुलिस पर लगाया गाड़ी का पीछा करने का आरोप, जोधपुर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर की जांच की मांग

बालोतरा सड़क हादसे पर बढ़ा विवाद : परिजनों ने पुलिस पर लगाया गाड़ी का पीछा करने का आरोप, जोधपुर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर की जांच की मांग
बालोतरा सड़क हादसे पर बढ़ा विवाद : परिजनों ने पुलिस पर लगाया गाड़ी का पीछा करने का आरोप, जोधपुर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर की जांच की मांग

जोधपुर/बालोतरा। बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में हुए कार हादसे ने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल के बाहर मृतकों के परिजनों और समाज के लोगों ने एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। परिजनों ने इस पूरे हादसे को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जोधपुर के रहने वाले पांच युवक बालोतरा जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल जसोल धाम में दर्शन करने गए थे। वहां से वापस लौटते समय कल्याणपुर थाना क्षेत्र में उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें तुरंत जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि, तमाम प्रयासों के बाद भी दोनों युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही परिवार और स्थानीय समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समाजबंधुओं ने आरोप लगाया कि यह महज एक हादसा नहीं है, बल्कि इसके पीछे पुलिस की लापरवाही है।

बालोतरा सड़क हादसे पर बढ़ा विवाद : परिजनों ने पुलिस पर लगाया गाड़ी का पीछा करने का आरोप, जोधपुर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर की जांच की मांग
बालोतरा सड़क हादसे पर बढ़ा विवाद : परिजनों ने पुलिस पर लगाया गाड़ी का पीछा करने का आरोप, जोधपुर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर की जांच की मांग

परिजनों का दावा है कि हादसे से ठीक पहले एक पुलिस वाहन उनकी कार का पीछा कर रहा था। पुलिस द्वारा कार को अचानक रोकने की कोशिश की गई, जिसके चलते हड़बड़ाहट में वाहन असंतुलित हो गया और सड़क पर पलट गया।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवकों ने होश में रहते हुए घटना से जुड़ी यह महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि घायलों द्वारा अंतिम समय में दी गई इस जानकारी को पुलिस अपनी जांच की केस डायरी में शामिल करे और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाए।
दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले को प्रथम दृष्टया एक सड़क दुर्घटना बताया है। हालांकि, परिजनों के भारी आक्रोश और आरोपों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की निष्पक्षता से जांच की जाएगी।
प्रदर्शन और हंगामे की स्थिति को देखते हुए जोधपुर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मथुरादास माथुर अस्पताल के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं और परिजनों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

दिल्ली के मंडावली क्षेत्र से वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार, बाइक-स्कूटी बरामद

दिल्ली के मंडावली क्षेत्र से वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार, बाइक-स्कूटी बरामद

दिल्ली के मंडावली क्षेत्र से वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार, बाइक-स्कूटी बरामद
दिल्ली के मंडावली क्षेत्र से वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार, बाइक-स्कूटी बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली के पूर्वी जिले की मंडावली थाना पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी की दो दोपहिया गाड़ियां बरामद की गई हैं। आरोपी पहले भी चोरी के तीन मामलों में शामिल रह चुका है। उसकी गिरफ्तारी से वाहन चोरी के दो मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, पूर्वी जिले में वाहन चोरी, स्नैचिंग और स्ट्रीट क्राइम पर लगाम लगाने के लिए एसीपी मयूर विहार की निगरानी और थाना प्रभारी मंडावली के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम में हेड कांस्टेबल ओमवीर, कांस्टेबल भूपेंद्र शर्मा, दीपक, प्रदीप, रामकेश और विजेंदर शामिल थे। पुलिस टीम लगातार इलाके में गश्त, निगरानी, स्थानीय सूचना जुटाने और तकनीकी विश्लेषण के जरिए सक्रिय अपराधियों की पहचान करने में लगी हुई थी।
27 मई को पुलिस को सूचना मिली कि मंडावली इलाके में एक वाहन चोर घूम रहा है।

दिल्ली के मंडावली क्षेत्र से वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार, बाइक-स्कूटी बरामद
दिल्ली के मंडावली क्षेत्र से वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार, बाइक-स्कूटी बरामद

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया और तकनीकी निगरानी के साथ सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण शुरू किया। लगातार निगरानी और कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान दीपक (28) के रूप में हुई है, जो दक्षिण गणेश नगर, मंडावली का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वाहन चोरी की कई वारदातों में शामिल होने की बात कबूल की।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की दो दोपहिया गाड़ियां बरामद कीं। इनमें एक मोटरसाइकिल शामिल है, जो 7 मई को मंडावली थाने में दर्ज ई-एफआईआर से संबंधित है। दूसरी बरामद गाड़ी होंडा एक्टिवा स्कूटी है, जो 23 मई को दरियागंज थाने में दर्ज वाहन चोरी के मामले से जुड़ी हुई है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह और किन मामलों में शामिल रहा है। साथ ही चोरी के वाहन खरीदने और बेचने वाले अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि वाहन चोरी और स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

जशपुर । छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रेम प्रसंग के शक में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि महिला के पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक के सिर को पत्थर मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम जामजुनवानी का है। मृतक की पहचान 34 वर्षीय सुशील खलखो के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुशील का गांव की एक विवाहित महिला के साथ पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध था। इस रिश्ते को लेकर महिला का पति लगातार विरोध कर रहा था और दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, इस विवाद को लेकर गांव में सामाजिक बैठक भी हुई थी, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका।
पुलिस के अनुसार, बीती रात करीब 11 बजे सुशील खलखो अपने घर के आंगन में मौजूद था। तभी आरोपी जयलाल एक्का, जसमन एक्का और एक नाबालिग वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले सुशील के साथ मारपीट की और फिर उसके सिर पर भारी पत्थर पटक दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार


घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगांव पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने बताया, ‘प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या की गई है। मामले में नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच जारी है।’
पुलिस पूछताछ में आरोपी जयलाल एक्का ने बताया कि उसकी पत्नी और मृतक के बीच लंबे समय से संबंध थे। कई बार समझाने के बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर उसने साथियों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। वहीं, इस सनसनीखेज हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल है।