CTH विवाद गरमायाः कांग्रेसी नेता टीकाराम जूली बोले, इसमें करोड़ों का घोटाला, सरकार जवाब दे

CTH विवाद गरमायाः कांग्रेसी नेता टीकाराम जूली बोले, इसमें करोड़ों का घोटाला, सरकार जवाब दे

CTH विवाद गरमायाः कांग्रेसी नेता टीकाराम जूली बोले, इसमें करोड़ों का घोटाला, सरकार जवाब दे
CTH विवाद गरमायाः कांग्रेसी नेता टीकाराम जूली बोले, इसमें करोड़ों का घोटाला, सरकार जवाब दे

खास खबर। अलवर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) के मुद्दे को लेकर बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में हुई एक बैठक में माहौल बेहद गरमाया रहा। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी जमीन, आजीविका और भविष्य को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन व सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से बातचीत करते हुए टीकाराम जूली ने कहाकि CTH के नाम पर सरकार और प्रशासन जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है, लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जूली ने सवाल उठाया कि क्या अधिकारी इस मामले में मिले हुए हैं या फिर किसी दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अलवर जिले से दो मंत्री होने के बावजूद इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

CTH विवाद गरमायाः कांग्रेसी नेता टीकाराम जूली बोले, इसमें करोड़ों का घोटाला, सरकार जवाब दे
CTH विवाद गरमायाः कांग्रेसी नेता टीकाराम जूली बोले, इसमें करोड़ों का घोटाला, सरकार जवाब दे


जूली ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और जरूरत पड़ी तो इस लड़ाई को अदालत तक लेकर जाया जाएगा। ग्रामीणों की चिंता का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CTH लागू होने से किसानों की जमीन छिनने का खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों द्वारा माइनिंग (खनन) कार्य की बात कही जा रही है, जिससे न केवल किसानों की जमीन प्रभावित होगी, बल्कि उनके जीवन-यापन के साधन भी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन हड़पने की साजिश रची जा रही है।
जूली ने सरिस्का क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर की पहचान है और यहां का संतुलित विकास जरूरी है। यदि सरिस्का खत्म होता है तो हजारों लोगों का रोजगार भी समाप्त हो जाएगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरिस्का और अलवर के समग्र विकास के पक्ष में है, लेकिन विकास के नाम पर किसानों और ग्रामीणों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि CTH का मुद्दा अब तूल पकड़ चुका है और आने वाले दिनों में यह बड़ा राजनीतिक व सामाजिक आंदोलन बन सकता है।

मीरवाइज उमर फारूक ने लगाया नजरबंद करने का आरोप, ईरान के अली लारिजानी की मौत पर इजरायल की कड़ी आलोचना

मीरवाइज उमर फारूक ने लगाया नजरबंद करने का आरोप, ईरान के अली लारिजानी की मौत पर इजरायल की कड़ी आलोचना

मीरवाइज उमर फारूक ने लगाया नजरबंद करने का आरोप, ईरान के अली लारिजानी की मौत पर इजरायल की कड़ी आलोचना
मीरवाइज उमर फारूक ने लगाया नजरबंद करने का आरोप, ईरान के अली लारिजानी की मौत पर इजरायल की कड़ी आलोचना

श्रीनगर । कश्मीर घाटी के एक प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू-कश्मीर पुलिस पर ‘नजरबंद’ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने हमलों में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी की मौत के बाद इजरायल की भी कड़ी आलोचना की। 

मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘इजराइल जैसे दुष्ट देश की ओर से सेक्रेटरी अली लारीजानी की लक्षित हत्या की हम कड़ी निंदा करते हैं। ईरान के लोगों और उनके नेतृत्व का अदम्य साहस एक सच्चे मुस्लिम राष्ट्र की भावना को दर्शाता है। उन्होंने आगे लिखा, “यह साहसी, दृढ़ और अल्लाह में अटूट विश्वास रखने वाला है। ऐसे लोग ही नेतृत्व करने के हकदार हैं। जैसा कि कुरान हमें याद दिलाती है, ‘और अंत में जीत नेक लोगों की ही होती है।’
मीरवाइज उमर फारूक ने दूसरे मुस्लिम देशों पर भी निशाना साधा।

मीरवाइज उमर फारूक ने लगाया नजरबंद करने का आरोप, ईरान के अली लारिजानी की मौत पर इजरायल की कड़ी आलोचना
मीरवाइज उमर फारूक ने लगाया नजरबंद करने का आरोप, ईरान के अली लारिजानी की मौत पर इजरायल की कड़ी आलोचना

उन्होंने कहा, “दूसरी ओर, मुस्लिम जगत के अन्य नेताओं ने खुद को सिर्फ कठपुतलियों के रूप में ही उजागर किया है, जिनमें न तो साहस है और न ही कोई दृढ़ विश्वास।”
इसी बीच, उन्होंने पोस्ट में लिखा, “इस ‘पुलिस राज’ के डरपोक शासकों ने एक बार फिर जबरदस्ती मुझे रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह के घर (मस्जिद) से दूर रखा है, जबकि आज मुझे करण नगर की गोल मस्जिद में एक उपदेश देना था। यह कितनी शर्म की बात है।”
इससे पहले, मीरवाइज उमर फारूक को शुक्रवार को श्रीनगर स्थित जामा मस्जिद में नमाज से रोके जाने आरोप लगाए थे। मीरवाइज ने इस स्थिति की तुलना इजराइल की ओर से रमजान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के दरवाजे बंद करने जैसी कठोर कार्रवाई से की। उन्होंने लिखा कि जिस तरह इजराइल ने रमजान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के दरवाजे जबरदस्ती बंद कर दिए, वैसे ही एक हकीकत यहां भी देखने को मिल रही है।

रिटायर्ड अधिकारी से 1.05 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक करके रखा डिजिटल अरेस्ट

रिटायर्ड अधिकारी से 1.05 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक करके रखा डिजिटल अरेस्ट

रिटायर्ड अधिकारी से 1.05 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक करके रखा डिजिटल अरेस्ट
रिटायर्ड अधिकारी से 1.05 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक करके रखा डिजिटल अरेस्ट

मुंबई । मुंबई के दादर इलाके में एक बुजुर्ग नागरिक को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके उससे 1.05 करोड़ रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। सेवानिवृत्त अधिकारी श्रेयष परलकर (71) से ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर सुनियोजित तरीके से मानसिक दबाव और डर का माहौल बनाकर इस ठगी को अंजाम दिया। 

पीड़ित के अनुसार, 4 मार्च को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई के दिल्ली मुख्यालय का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि पीड़ित के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक नया मोबाइल नंबर जारी किया गया है, जिसका इस्तेमाल अवैध मैसेज और उत्पीड़न के लिए किया जा रहा है। इसके बाद कॉल को कथित तौर पर फर्जी सीबीआई अधिकारियों के पास ट्रांसफर कर दिया गया। अलग-अलग लोगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी। ठगों ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी कोर्ट ऑर्डर, अरेस्ट वारंट और सरकारी लेटरहेड तक व्हाट्सऐप पर भेजे।

रिटायर्ड अधिकारी से 1.05 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक करके रखा डिजिटल अरेस्ट
रिटायर्ड अधिकारी से 1.05 करोड़ रुपए की ठगी, साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक करके रखा डिजिटल अरेस्ट


ठगों ने पीड़ित को यह कहकर डिजिटल अरेस्ट में रखा कि वह जांच के दायरे में हैं और कहीं बाहर संपर्क नहीं कर सकते। उन्हें एक मैसेजिंग ऐप डाउनलोड कराकर हर दो घंटे में ‘मैं सुरक्षित हूं’ जैसी रिपोर्ट भेजने को कहा जाता था। इस दौरान उन्हें बार-बार डराया गया और सहयोग न करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
ठगों ने पीड़ित से उनकी बैंक डिटेल, निवेश और बचत की पूरी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद फंड वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। 6 मार्च से 12 मार्च के बीच पीड़ित ने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 1.05 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। 15 मार्च को पीड़ित के बेटे ने उनका मोबाइल चेक किया, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ग्रेटर नोएडा में आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन, 50 लाख की अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा

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ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब से भरे एक ट्रक को पकड़ा है। यह कार्रवाई लुहारली टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान की गई, जहां संदिग्ध गतिविधि के चलते ट्रक को रोका गया और तलाशी ली गई। 

जांच के दौरान ट्रक के अंदर भारी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह शराब पंजाब से किसी अन्य राज्य में अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस और आबकारी विभाग की नजर से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। ट्रक में शराब की पेटियों को थर्माकोल की आड़ में छिपाकर रखा गया था, ताकि सामान्य जांच में यह सामान नजर न आए। लेकिन टीम की सतर्कता और सघन चेकिंग के चलते इस पूरे मामले का खुलासा हो गया।

ग्रेटर नोएडा में आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन, 50 लाख की अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा
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बरामद शराब में अंग्रेजी ब्रांड की बोतलों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में बियर भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि शराब की यह खेप बिना वैध दस्तावेजों के दूसरे राज्य में सप्लाई के लिए भेजी जा रही थी, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो सकता था। हालांकि, कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुट गई हैं। वाहन को कब्जे में लेकर थाना दादरी क्षेत्र में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपी चालक और इस तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह की कार्रवाइयों से न सिर्फ तस्करों पर नकेल कसी जा रही है, बल्कि अवैध कारोबार को भी बड़ा झटका दिया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह सख्ती जारी रहेगी और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दिल्ली में फर्जी पुलिस बनकर साइबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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नई दिल्ली । बाहरी दिल्ली क्षेत्र की साइबर पुलिस ने एक बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ इम्पर्सोनेशन साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले में एक व्यक्ति से करीब 14.20 लाख रुपये की ठगी की गई जबकि ठगी के लिए जिस बैंक खाते का इस्तेमाल हुआ उसमें कुल लेनदेन करीब 2.20 करोड़ रुपए है। 

21 फरवरी को पश्चिम विहार निवासी सत्यपाल गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दी कि उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को एक सीनियर पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनके बैंक खाते मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस तरह की बातों से शिकायतकर्ता बुरी तरह डर गए और घबराहट में आकर उन्होंने आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में 14 लाख 20 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है, तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया और एक स्पेशल टीम बनाई गई। इस टीम में एसआई राहुल, हेड कांस्टेबल विजय, हेड कांस्टेबल अजय चिल्लर और कांस्टेबल संजय शामिल थे, जिनका नेतृत्व इंस्पेक्टर गजे सिंह कर रहे थे। पूरी कार्रवाई एसीपी वीरेंद्र दलाल की निगरानी में की गई।

दिल्ली में फर्जी पुलिस बनकर साइबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
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जांच के दौरान पुलिस ने जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर हुए थे, उसकी जानकारी निकाली। यह खाता आईसीआईसीआई बैंक में ‘रेनुदर सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से खुला हुआ था। जब इस खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जांच की गई, तो कई अहम सुराग मिले। इसके बाद 9 मार्च को पुलिस ने इस कंपनी के डायरेक्टर और खाते के धारक सशिंदर राम को कश्मीरी गेट आईएसबीटी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह जानबूझकर अपना बैंक खाता साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल करने दे रहा था और इसके बदले कमीशन लेता था।
आगे की पूछताछ में उसने अपने साथियों के बारे में भी खुलासा किया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर दो और आरोपियों मोहम्मद कैफ और मोनिश को उत्तर प्रदेश के कैराना और सहारनपुर से गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी अलग-अलग बैंकों, खासकर कोटक महिंद्रा बैंक में फर्जी या संदिग्ध खाते खुलवाने का काम करते थे, जिनका इस्तेमाल ऐसे ही साइबर फ्रॉड में किया जाता था।
पुलिस ने इनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें व्हाट्सऐप चैट्स जैसे अहम सबूत मिले हैं। इन चैट्स से साफ हो गया कि ये लोग एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और जांच लगातार जारी है।
पुलिस ने इस मामले के बाद आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें, खासकर अगर कोई खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे। कभी भी ओटीपी, बैंक डिटेल्स या पर्सनल जानकारी शेयर न करें। अगर किसी को साइबर फ्रॉड का शक हो, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें, नजदीकी थाने में जाएं या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें ताकि समय रहते नुकसान को रोका जा सके।

बिहार: मोतिहारी में पुलिस मुठभेड़ में एक जवान शहीद, दो अपराधी भी मारे गए

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मोतिहारी । बिहार पुलिस इन दिनों अपराधियों के खिलाफ लगातार एक्शन में है। इस बीच, पूर्वी चंपारण जिले में मुठभेड़ में पुलिस ने दो वांछित अपराधियों को मार गिराया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया है। 

पुलिस के मुताबिक, यह घटना पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना के रामडीहा गांव की है, जहां पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो अपराधी मारे गए हैं। मारे गए अपराधियों की पहचान कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे के रूप में हुई है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि कुंदन ठाकुर अपने गिरोह के सदस्यों के साथ हथियार के साथ अपने दोस्त के घर पर छिपा हुआ है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस जब वहां पहुंची, तब अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
इस फायरिंग में एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई।

बिहार: मोतिहारी में पुलिस मुठभेड़ में एक जवान शहीद, दो अपराधी भी मारे गए
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इस क्रम में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें चकिया का रहने वाला कुंदन ठाकुर और उसका सहयोगी मुजफ्फरपुर के साहेबगंज का रहने वाला प्रियांशु कुमार को गोली लग गई। उन्हें भी घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई।
घटनास्थल से उज्जवल कुमार और संत कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया गया है। घटनास्थल से एक कार्बाइन, दो पिस्टल, दो कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और 17 खोखा बरामद किया गया है।
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि मारे गए कुंदन ठाकुर का आपराधिक इतिहास रहा है। इसके खिलाफ चकिया, राजेपुर, नगर थाना में कई मामले दर्ज हैं। एक दिन पहले ही मोतिहारी के चकिया थाना के अपर थाना प्रभारी गौरव कुमार के फोन पर नेपाल के नंबर से धमकी दी गई थी। फोन करने वाला एक युवक अपने आप को कुंदन ठाकुर बता रहा था।

मुंबई में लोकल ट्रेन के सामने पत्नी को दिया धक्का, सूरत से आरोपी पति गिरफ्तार

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मुंबई में लोकल ट्रेन के सामने पत्नी को दिया धक्का, सूरत से आरोपी पति गिरफ्तार
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मुंबई । मुंबई से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक 42 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर घरेलू झगड़े के बाद अपनी पत्नी को सामने से आ रही लोकल ट्रेन के आगे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। आरोपी को सूरत में गिरफ्तार कर लिया गया है। 

पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी ठाणे की तरफ भागकर गया था। ठाणे से सीएसएमटी फास्ट लोकल पकड़कर फिर दादर आया और वहां से लोकल ट्रेन के जरिए विरार गया। जांच में पाया गया कि आरोपी विरार रेलवे स्टेशन से गुजरात जाने वाली ट्रेन में बैठकर यात्रा कर रहा था। इसके बाद एक टीम सूरत भेजी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पेशे से एक इलेक्ट्रीशियन आरोपी पति राजकुमार गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसकी पत्नी पुष्पा गुप्ता (36 वर्ष) के साथ घरेलू कारणों से अक्सर झगड़ा होता था। इसी कारण उसने मुलुंड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आई लोकल ट्रेन के सामने अपनी पत्नी को धक्का मार दिया।
मृतका के भाई कमलेश कुमार गुप्ता (30), जो सेना में कार्यरत हैं, द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े होते रहते थे। इसी वजह से वह अपनी बहन और उसके 15 वर्षीय बेटे को वापस उनके पैतृक गांव, उत्तर प्रदेश, ले जाने के लिए आया था।

मुंबई में लोकल ट्रेन के सामने पत्नी को दिया धक्का, सूरत से आरोपी पति गिरफ्तार
मुंबई में लोकल ट्रेन के सामने पत्नी को दिया धक्का, सूरत से आरोपी पति गिरफ्तार


14 मार्च को जब पति-पत्नी के बीच एक बार फिर झगड़ा हुआ, तो पुष्पा पुलिस के पास गई। इसके बाद कमलेश, पुष्पा और उसका बेटा मुलुंड स्टेशन पहुंचे। हालांकि, कमलेश को एहसास हुआ कि वह अपना आर्मी आईडी कार्ड घर पर ही भूल आया है। जब वह और उसका भतीजा उसे लेने के लिए वापस घर लौटे, तो गुस्से में आग-बबूला राजकुमार ने उन्हें घर के अंदर बंद कर दिया।
इसके बाद आरोपी मुलुंड स्टेशन पहुंचा और उसने अपनी पत्नी को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लोकल ट्रेन के आगे धक्का दे दिया और फिर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद यात्रियों ने स्टेशन मास्टर को सूचित किया। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत पुष्पा को एक सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने वहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया।
इस बीच, कमलेश पड़ोसियों की मदद से खुद को घर से बाहर निकालने में कामयाब रहा। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। कुर्ला जीआरपी में दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी राजकुमार गुप्ता के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

आप विधायक अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह सोही समेत 3 को दो साल की सजा

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मोहाली । करोड़ों रुपए के चेक बाउंस मामले में खरड़ से विधायक अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह को डेरा बस्सी कोर्ट ने दो साल जेल की सजा सुनाई है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने एक हाउसिंग प्रोजेक्ट कंपनी के पार्टनर्स के खिलाफ केस में शाहबाज सिंह सोही समेत तीन लोगों को दोषी ठहराया है। 

डेरा बस्सी कोर्ट में करीब 7 साल तक चले केस की सुनवाई के बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास परनीत कौर ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने खरड़ से मौजूदा विधायक के पति और जीरकपुर के रहने वाले शाहबाज सिंह सोही सहित तीनों दोषियों को दो-दो साल जेल और 10,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है, हालांकि तीनों ने मौके पर ही बेल अमाउंट भरकर जमानत ले ली। जीरकपुर के पूर्व सरपंच जसपाल सिंह के भाई कमलजीत सिंह ने 2018 में कोर्ट में शिकायत की थी।

आप विधायक अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह सोही समेत 3 को दो साल की सजा
आप विधायक अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह सोही समेत 3 को दो साल की सजा

शिकायत में आरोप लगाया था ‘मेसर्स प्लेटिनम स्मार्ट बिल्डकॉन’ के तीन पार्टनर शाहबाज सिंह सोही, जतिंदर सिंह और नछत्तर सिंह ने राजपुरा में ‘सिल्वर सिटी’ प्रोजेक्ट में करोड़ों का प्लॉट बेचने की डील तय की थी। जब डील पक्की नहीं हुई, तो एग्रीमेंट में 3.5 करोड़ रुपए का चेक दिया गया जो बाउंस हो गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शिकायत करने वाले का पक्ष मजबूत होने पर कोर्ट ने तीनों को सजा का फैसला सुनाया। शिकायतकर्ता के वकील भरत जोशी ने बताया कि कोर्ट में करीब 7 साल तक चले केस की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया है।
कोर्ट से सजा पाए शाहबाज सिंह सोही की पत्नी अनमोल गगन मान पंजाब सरकार में मंत्री और पंजाबी गायिका हैं। अनमोल गगन मान को गगनदीप कौर मान के नाम से भी जाना जाता है। वह पंजाबी लोकगीतों और भांगड़ा गीतों के लिए जानी जाती हैं।

'पाकिस्तान सैन्य ऑपरेशन की आड़ में कर रहा नरसंहार,' भारत ने काबुल में एयरस्ट्राइक की आलोचना की

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नई दिल्ली । भारत ने मंगलवार को काबुल के एक हॉस्पिटल और रिहैब सेंटर पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान की तरफ से काबुल के इस हॉस्पिटल और रिहैब सेंटर पर किए गए एयर स्ट्राइक में 400 से ज्यादा आम लोग मारे गए और कम से कम 250 घायल हुए। भारत ने कहा कि इस्लामाबाद अब इस नरसंहार को सैन्य ऑपरेशन का रूप देने की कोशिश कर रहा है। 

इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय काम है, जिसमें एक ऐसी जगह पर बड़ी संख्या में आम लोगों की जान चली गई, जिसे किसी भी तरह से सैन्य टारगेट के तौर पर सही नहीं ठहराया जा सकता। पाकिस्तान अब इस नरसंहार को सैन्य ऑपरेशन का रूप देने की कोशिश कर रहा है।” भारत ने कहा कि पाकिस्तान का “आक्रमण का घिनौना काम” अफगानिस्तान की आजादी पर भी एक “खुला हमला” है और यह इलाके की शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह बर्ताव और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा की बढ़ती हताशाजनक हरकतों के जरिए अंदरूनी नाकामियों को बाहर दिखाने की उसकी बार-बार की कोशिशों को दिखाता है।”
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि जो बात इस हमले को “ज्यादा निंदनीय” बनाती है, वह यह है कि इस्लामाबाद ने रमजान के दौरान अफगानिस्तान पर हमला किया, जो दुनिया भर के मुसलमानों के लिए एक पवित्र महीना है और “शांति, सोच-विचार और रहम का समय” है।

'पाकिस्तान सैन्य ऑपरेशन की आड़ में कर रहा नरसंहार,' भारत ने काबुल में एयरस्ट्राइक की आलोचना की
‘पाकिस्तान सैन्य ऑपरेशन की आड़ में कर रहा नरसंहार,’ भारत ने काबुल में एयरस्ट्राइक की आलोचना की


इसमें कहा गया, “कोई भी धर्म, कोई भी कानून और कोई भी नैतिकता किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को सही नहीं ठहरा सकती।”
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वे इस “आपराधिक काम” के दोषियों को जिम्मेदार ठहराएं और यह सुनिश्चित करें कि पाकिस्तान द्वारा अफगान नागरिकों को “जानबूझकर निशाना बनाना” बिना किसी देरी के बंद हो।
शोक जताते हुए भारत विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत दुखी परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताता है, घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करता है और इस दुख की घड़ी में अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है। हम अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपना निश्चित समर्थन भी दोहराते हैं।”
बता दें, तालिबान अधिकारियों ने कहा कि काबुल में ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 400 से ज्यादा लोग मारे गए और कम से कम 250 दूसरे घायल हो गए। यह अफगान राजधानी में हुई सबसे भयावह घटनाओं में से एक हो सकती है।
तालिबान की सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला सोमवार रात करीब 9 बजे काबुल में 2,000 बेड वाले उमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल को निशाना बनाकर किया गया।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस हमले को लेकर कहा, “अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हालिया हमले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी बहुत दुख की बात है और यह अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी की अनदेखी दिखाती है। पाकिस्तान का सैन्य शासन आम लोगों पर बेरहमी से हमले करता है जबकि दुनिया बस इन दुखद घटनाओं को देखती रहती है।”

मध्य प्रदेश : राजगढ़ में छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

मध्य प्रदेश : राजगढ़ में छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

मध्य प्रदेश : राजगढ़ में छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच
मध्य प्रदेश : राजगढ़ में छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक छात्रा ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है। 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ओखा से गोरखपुर की ओर जाने वाली यात्री गाड़ी के सामने एक छात्रा ने पचोर और ब्यावरा के बीच कूद कर आत्महत्या कर ली। ट्रेन के ड्राइवर ने इस बात की सूचना सहायक स्टेशन अधीक्षक को दी, उसके बाद ग्रामीण थाने की पुलिस ने छात्रा के शव की तलाशी शुरू की। यात्री गाड़ी के लोको पायलट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आईटीआई के पास मौके पर तलाशी के लिए पहुंचे, जहां पर पुलिस जवानों को छात्रा का शव कई हिस्सों में मिला। आत्महत्या करने वाली छात्रा की पहचान पडोनिया निवासी टीना डांगी के तौर पर हुई है। वह स्नातक की पढ़ाई कर रही थी और साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी जुटी थी।

मध्य प्रदेश : राजगढ़ में छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच
मध्य प्रदेश : राजगढ़ में छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच


परिजन यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर टीना ने यह कदम क्यों उठाया है। फिलहाल, पुलिस को किसी भी तरह का सुसाइड नोट भी नहीं मिला है, इसलिए आत्महत्या की वजह क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
परिजनों की माने तो टीना सोमवार की शाम तक पूरी तरह सामान्य थी और यह कोई नहीं समझ पा रहा था कि वह किसी तरह की परेशानी में है। साथ ही इतना बड़ा कदम वह उठा सकती है।
टीना के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब पुलिस टीना के परिजनों के बयान दर्ज करेगी, ताकि स्पष्ट हो सके कि आखिर टीना ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया।