दिल्ली: इंस्टाग्राम पर हथियार संग रील बनाने पर घोषित बदमाश गिरफ्तार, पिस्टल बरामद

दिल्ली: इंस्टाग्राम पर हथियार संग रील बनाने पर घोषित बदमाश गिरफ्तार, पिस्टल बरामद

दिल्ली: इंस्टाग्राम पर हथियार संग रील बनाने पर घोषित बदमाश गिरफ्तार, पिस्टल बरामद
दिल्ली: इंस्टाग्राम पर हथियार संग रील बनाने पर घोषित बदमाश गिरफ्तार, पिस्टल बरामद

द्वारका। दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी-बर्गलरी सेल ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले घोषित बदमाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से पिस्टल, एक कारतूस, चोरी के दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान डाबरी थाना क्षेत्र के घोषित अपराधी अमित उर्फ भोला के रूप में हुई है। पुलिस की एंटी बर्गलरी सेल सोशल मीडिया पर सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो रील सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति हथियार लहराता हुआ दिखाई दे रहा था। तकनीकी जांच और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने उस अकाउंट की जानकारी जुटाई और उसकी लोकेशन विजय एन्क्लेव, डाबरी इलाके में पाई गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इलाके में निगरानी शुरू की। मुखबिर से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रात में एक चोरी की मोटरसाइकिल पर दादा देव अस्पताल के पास आने वाला था।

दिल्ली: इंस्टाग्राम पर हथियार संग रील बनाने पर घोषित बदमाश गिरफ्तार, पिस्टल बरामद
दिल्ली: इंस्टाग्राम पर हथियार संग रील बनाने पर घोषित बदमाश गिरफ्तार, पिस्टल बरामद

पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और बताए गए समय पर आरोपी को मोटरसाइकिल सहित रोक लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी का अपराध का लंबा इतिहास रहा है। वह पहले भी हत्या के प्रयास, लूट और हथियार रखने जैसे कई मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस ने बताया कि वह नशे की लत और आपराधिक प्रवृत्ति के कारण लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और हाल ही में जेल से बाहर आया था।
इस गिरफ्तारी के बाद चोरी, सेंधमारी और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े चार केस भी सुलझाए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और वह हथियार व चोरी के सामान कहां से हासिल कर रहा था।

दिल्ली: निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी में पांच गिरफ्तार, शराब तस्करी में आरोपी दबोचा

दिल्ली: निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी में पांच गिरफ्तार, शराब तस्करी में आरोपी दबोचा

दिल्ली: निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी में पांच गिरफ्तार, शराब तस्करी में आरोपी दबोचा
दिल्ली: निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी में पांच गिरफ्तार, शराब तस्करी में आरोपी दबोचा

नई दिल्ली । दिल्ली के पूर्वी जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी और अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इन दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में अवैध सामान तथा डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। पहले मामले में पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन निवेश और टास्क आधारित योजनाओं के जरिए देशभर में लोगों को ठग रहा था। आरोपियों को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से पकड़ा गया है और उनके पास से पांच मोबाइल बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को मैसेजिंग ऐप के जरिए निवेश का लालच देकर पहले छोटे मुनाफे दिखाता था, फिर बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेता था। बाद में इन पैसों को कई खातों के जरिए घुमाकर छिपा दिया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों को इसका पता न चल सके। पुलिस के अनुसार, इस ठगी में तीन लाख चालीस हजार रुपए से अधिक की राशि शामिल है।

दिल्ली: निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी में पांच गिरफ्तार, शराब तस्करी में आरोपी दबोचा
दिल्ली: निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी में पांच गिरफ्तार, शराब तस्करी में आरोपी दबोचा


पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे और बदले में कमीशन लेते थे। यह नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था और संगठित तरीके से काम करता था। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दूसरे मामले में पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ ने कल्याणपुरी इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय राहुल के रूप में हुई है, जो इलाके में अवैध शराब के भंडारण और बिक्री में शामिल था। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 120 लीटर अवैध शराब और बीयर बरामद की है।
जब्त की गई शराब पर हरियाणा में बिक्री के लिए लेबल लगा था। पुलिस का मानना है कि यह किसी संगठित सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। आरोपी मौके पर शराब बेचते हुए पकड़ा गया और बाद में उसने अवैध कारोबार में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

बेंगलुरु में ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ : 20 करोड़ रुपए का एमडीएमए और हाइड्रो गांजा जब्त, 6 लोग गिरफ्तार

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बेंगलुरु । बेंगलुरु पुलिस ने मंगलवार को शहर के यशवंतपुर और नंदिनी लेआउट इलाकों में कथित तौर पर अवैध नशीले पदार्थ बेचने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो अंतर-राज्यीय ऑपरेटिव और चार स्थानीय लोग शामिल हैं। ये गिरफ्तारियां यशवंतपुर पुलिस स्टेशन (दो अलग-अलग मामलों में) और नंदिनी लेआउट पुलिस स्टेशन (एक मामले में) की सीमा के भीतर, अलग-अलग तारीखों पर मुखबिरों से मिली विश्वसनीय जानकारी के आधार पर की गई कई छापेमारी के बाद हुईं। पुलिस ने ऑपरेशन शुरू करने से पहले नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट के प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एमडीएमए और हाइड्रो गांजा जैसी प्रतिबंधित दवाएं अज्ञात अंतर-राज्यीय और स्थानीय सप्लायरों से कम कीमतों पर खरीदते थे और उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचते थे; वे खास तौर पर आम जनता और कॉलेज के छात्रों को निशाना बनाकर अवैध मुनाफा कमाते थे।
छापेमारी के दौरान, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 8 किलो 58 ग्राम एमडीएमए और 5 किलो 700 ग्राम हाइड्रो गांजा जब्त किया। इसके अलावा, नशीले पदार्थों के व्यापार में बातचीत के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चार मोबाइल फोन और एक कार भी जब्त की गई।
जब्त की गई सामग्री का कुल मूल्य 10.05 करोड़ रुपए आंका गया है, जबकि इसका बाजार मूल्य लगभग 20.10 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इस अवैध ऑपरेशन के बड़े पैमाने को दर्शाता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन अज्ञात सप्लायरों (स्थानीय और अंतर-राज्यीय दोनों) का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं, जो कथित तौर पर आरोपियों को नशीले पदार्थ उपलब्ध करा रहे थे। जांच अभी जारी है।
सभी छह आरोपियों को अलग-अलग तारीखों पर अदालत में पेश किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

बेंगलुरु में ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ : 20 करोड़ रुपए का एमडीएमए और हाइड्रो गांजा जब्त, 6 लोग गिरफ्तार
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यह ऑपरेशन पुलिस उपायुक्त (उत्तरी संभाग) बी.एस. नेमागौड़ा, आईपीएस की देखरेख में और सहायक पुलिस आयुक्त (यशवंतपुर उप-संभाग) मैरी शैलजा के नेतृत्व में चलाया गया; इसमें यशवंतपुर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक मंजूनाथ एस. और नंदिनी लेआउट पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक गणपति आर.एल. तथा उनकी संबंधित टीमों ने भी सहयोग किया।
एक अन्य घटनाक्रम में, बेंगलुरु पूर्वी संभाग पुलिस ने इंदिरा नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक घर में चोरी के मामले के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक अंतर-राज्यीय आरोपी भी शामिल है; पुलिस ने चोरी की गई लगभग 1.15 करोड़ रुपए की संपत्ति भी बरामद की है।
इस मामले को सुलझाने के साथ ही पुलिस ने चोरी के 18 अन्य मामलों का भी खुलासा किया है।
यह मामला 25 दिसंबर, 2024 को तब दर्ज किया गया था, जब बी.एम. के एक निवासी ने इसकी शिकायत की थी। कवल ने बताया कि जब उनका परिवार केरल गया हुआ था, तब कुछ अज्ञात लोगों ने उनके घर में घुसकर सोने के गहने और नकदी चुरा ली।
जांच के दौरान, पुलिस ने 22 मार्च को एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह अपने दो साथियों के साथ मिलकर शहर भर में कई चोरियों में शामिल था। बाद में, अन्य आरोपियों को मकाली और चिकपेट से गिरफ्तार कर लिया गया।
उनके कबूलनामे के आधार पर, पुलिस ने 855 ग्राम सोने के गहने और बार के साथ-साथ नकदी भी बरामद की। इन गिरफ्तारियों की मदद से बेंगलुरु के कई पुलिस थाना क्षेत्रों में घर में चोरी के 18 मामले सुलझाने में सफलता मिली है।
एक और बड़ी सफलता में, बेंगलुरु शहर के उत्तर-पूर्वी डिवीजन में, 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में, पुलिस ने चोरी हुए या खोए हुए मोबाइल फोन के मामलों की जांच करते हुए, विभिन्न ब्रांडों के 692 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 1.75 करोड़ रुपए है।

जोधपुर में दिल का इलाज अब और भी आधुनिक : MDM अस्पताल में 24 बेड की लग्जरी CCU यूनिट शुरू, अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली-मुंबई

जोधपुर में दिल का इलाज अब और भी आधुनिक : MDM अस्पताल में 24 बेड की लग्जरी CCU यूनिट शुरू, अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली-मुंबई

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जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल ने हृदय रोगियों के उपचार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में अब 24 बेड की अत्याधुनिक कॉर्डियक केयर यूनिट (CCU) तैयार की गई है, जिससे गंभीर हृदय रोगियों को अब इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। 

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि अस्पताल प्रशासन लगातार नई तकनीक और सुविधाओं पर काम कर रहा है। इस आधुनिक CCU यूनिट के निर्माण में सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी और स्थानीय भामाशाहों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। वर्तमान में इस अस्पताल में 2100 बेड फंक्शनल हैं, जो इसकी बढ़ती क्षमता को दर्शाते हैं। नया CCU वॉर्ड न केवल चिकित्सा की दृष्टि से उन्नत है, बल्कि इसे बेहद सुविधाजनक भी बनाया गया है:

जोधपुर में दिल का इलाज अब और भी आधुनिक : MDM अस्पताल में 24 बेड की लग्जरी CCU यूनिट शुरू, अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली-मुंबई
जोधपुर में दिल का इलाज अब और भी आधुनिक : MDM अस्पताल में 24 बेड की लग्जरी CCU यूनिट शुरू, अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली-मुंबई


अत्याधुनिक उपकरण: प्रत्येक बेड पर मॉनिटर और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही यूनिट के भीतर ही एक नई ईको मशीन भी लगाई गई है।
कैथ लैब टेक्नोलॉजी: विभाग के हेड डॉ. रोहित माथुर के नेतृत्व में यहाँ आधुनिक कैथ लैब विकसित की जा रही है, जिससे जटिल सर्जरी और प्रक्रियाएं स्थानीय स्तर पर संभव होंगी।
लग्जरी वॉर्ड: वॉर्ड को एक होटल की तरह लग्जरी लुक दिया गया है, ताकि मरीजों को बेहतर और तनावमुक्त वातावरण मिल सके।
डॉ. राजपुरोहित के अनुसार, जीवनशैली में बदलाव के कारण कार्डियक मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले जिन उन्नत उपचारों के लिए मरीजों को मुंबई या दिल्ली रेफर किया जाता था, वे सभी सुविधाएं अब जोधपुर में ही उपलब्ध हैं। इस यूनिट के शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मरीजों को समय पर विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ में जान बचाना आसान होगा।

टोंक : बारूद की गंध ने खोला कॉन्स्टेबल की हत्या का राज, झाड़ियों में छिपे शिकारियों ने टोके जाने पर मारी थी गोली

टोंक : बारूद की गंध ने खोला कॉन्स्टेबल की हत्या का राज, झाड़ियों में छिपे शिकारियों ने टोके जाने पर मारी थी गोली

टोंक : बारूद की गंध ने खोला कॉन्स्टेबल की हत्या का राज, झाड़ियों में छिपे शिकारियों ने टोके जाने पर मारी थी गोली
टोंक : बारूद की गंध ने खोला कॉन्स्टेबल की हत्या का राज, झाड़ियों में छिपे शिकारियों ने टोके जाने पर मारी थी गोली

टोंक। जिले के उनियारा उपखंड में कर्तव्य की वेदी पर शहीद हुए कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी की हत्या का पुलिस ने मात्र 12 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है. यह सनसनीखेज वारदात उस समय हुई जब बनेठा थाने की ककोड़ चौकी पर तैनात भागचंद शनिवार देर रात रूपवास मोड़ के पास गश्त कर रहे थे. गश्त के दौरान उन्होंने झाड़ियों में दो संदिग्धों को छिपे हुए देखा और उनसे वहां बैठने का कारण पूछा, जो वन्यजीवों के शिकार की फिराक में अवैध टोपीदार बंदूक लेकर बैठे थे. टोकने और पूछताछ करने पर आरोपियों ने भागचंद से झगड़ा शुरू कर दिया और उन पर सीधे फायरिंग कर दी, जिससे गोली लगने के कारण कॉन्स्टेबल की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर रूपवास के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया.

टोंक : बारूद की गंध ने खोला कॉन्स्टेबल की हत्या का राज, झाड़ियों में छिपे शिकारियों ने टोके जाने पर मारी थी गोली
टोंक : बारूद की गंध ने खोला कॉन्स्टेबल की हत्या का राज, झाड़ियों में छिपे शिकारियों ने टोके जाने पर मारी थी गोली

तलाशी के दौरान पुलिस को जंगल के एक हिस्से से बारूद की तीखी गंध आई, जिसका पीछा करते हुए टीम उन झाड़ियों तक पहुंच गई जहां दोनों आरोपी छिपे हुए थे. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजेश मीणा और दिलराज मीणा के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर हैं और घटना की रात मोर व खरगोश जैसे वन्यजीवों का शिकार करने निकले थे. पुलिस ने इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बंदूक, छर्रे और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है. शहीद कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी का जाना उनके परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि वे अपने परिवार में सबसे छोटे थे और उनका मात्र 21 महीने का एक बेटा है. वर्ष 2018 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए भागचंद की शादी चार साल पहले हुई थी. शुरुआत में इस हत्याकांड में बजरी माफियाओं का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की त्वरित और वैज्ञानिक जांच ने स्पष्ट कर दिया कि यह वारदात शिकारियों की अचानक की गई आक्रामक प्रतिक्रिया का परिणाम थी.

नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

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नोएडा । नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में विदेशी नशीला पदार्थ बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 3 मई 2026 को बीट पुलिसिंग और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-94 पुश्ता रोड के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शिवम कुंवर (26 वर्ष), निवासी सेक्टर-1 कौशांबी, गाजियाबाद और नितिन चौहान (25 वर्ष), निवासी सदरपुर, सेक्टर-45 नोएडा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 500 ग्राम ओजी (उच्च गुणवत्ता वाला विदेशी गांजा), दो मोबाइल फोन, दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक होंडा सिटी कार तथा पैकिंग में उपयोग किए जाने वाले 20 पॉलिथीन और 16 लिफाफे बरामद किए हैं।

नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
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जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले नशीले पदार्थ को इलेक्ट्रॉनिक कांटे से छोटे-छोटे हिस्सों में तौलते थे और फिर उन्हें पारदर्शी पाउच व लिफाफों में पैक करते थे, ताकि आसानी से छिपाया जा सके। इसके बाद ये पैकेट्स मुख्य रूप से पीजी, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रहने वाले छात्रों और युवाओं को सप्लाई किए जाते थे।
इस नेटवर्क के जरिए आरोपी लगातार मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-126 में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग

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मुंबई । पुणे जिले की भोर तहसील के नसरापुर में चार साल की मासूम बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या का मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। विपक्षी दलों ने गृह विभाग संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति की वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। साथ ही इस मामले में एसआईटी जांच की मांग की है। महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी थी, लेकिन फिर भी यह जानकारी कोर्ट के सामने नहीं रखी गई। उनका कहना है कि कोर्ट की फटकार के बाद ही पुलिस ने रिमांड आवेदन में बदलाव किया। उन्होंने सवाल किया कि अगर पुलिस इतनी लापरवाह है, तो पीड़िता को न्याय कैसे मिलेगा? क्या शोक संतप्त परिवार और जनता पर लाठीचार्ज करना ही उनकी एकमात्र उपलब्धि है?
वडेट्टीवार ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए, जिसकी अगुवाई एक महिला आईपीएस अधिकारी करे। उनका कहना है कि पुणे पुलिस का रवैया असंवेदनशील रहा है और इससे लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि फडणवीस चौबीसों घंटे राजनीति में ही डूबे रहते हैं, जिसके चलते गृह विभाग पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया है।
राउत ने तंज कसते हुए कहा, “अगर ‘लड़की बहन’ को 1,500 रुपए प्रतिमाह मिलते हैं, लेकिन बदले में उनकी बेटियों का शोषण होता है, तो क्या उन्हें चुप रहना चाहिए?”

पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग
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मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी इस घटना को मानवता पर कलंक बताया। उनका कहना है कि राज्य में अब कानून का डर खत्म हो गया है और पुलिस की जवाबदेही भी कमजोर हो चुकी है।
इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे ने भी गहरा दुख और गुस्सा जताया। उन्होंने कहा कि यह और भी दर्दनाक है कि बच्ची सिर्फ अपनी नानी के घर छुट्टियां मनाने आई थी, लेकिन उसके साथ इतनी भयानक घटना हो गई। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बच्ची से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी।
घटना के बाद इलाके में भारी गुस्सा देखने को मिला और लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई, जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और पीड़ित परिवार पर लाठीचार्ज कर दिया, जो तत्काल न्याय की मांग कर रहे थे। इससे सरकार की असंवेदनशीलता के विपक्ष के दावों को और बल मिला।
इससे पहले, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की थी और इसे मानवता पर कलंक बताया था। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि केस को मजबूत तरीके से पेश किया जाए और दोषी को सख्त सजा दिलाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी और सरकार दोषी को फांसी की सजा दिलाने की कोशिश करेगी।
साथ ही, इलाके में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के भी आदेश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि के एक अहम प्रावधान, यानी आर्टिकल 17 को चुनौती देने को लेकर दाखिल की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल नोटिस जारी कर दिया है और चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। इस केस की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच कर रही थी। सुनवाई के दौरान मिशेल की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह तक कह दिया था कि अंतरराष्ट्रीय संधि संसद द्वारा बनाए गए कानून से ऊपर मानी जा सकती है। वकील का कहना था कि यह बात सही नहीं है। याचिकाकर्ता की मुख्य आपत्ति आर्टिकल 17 पर है। इस प्रावधान में कहा गया है कि जिस अपराध के लिए किसी व्यक्ति का प्रत्यर्पण किया गया है, उससे जुड़े अन्य अपराधों के लिए भी उसे मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। मिशेल की दलील है कि यह भारत के प्रत्यर्पण कानून की धारा 21 के खिलाफ है, जिसमें साफ कहा गया है कि किसी व्यक्ति पर केवल उन्हीं अपराधों के लिए मुकदमा चल सकता है, जिनके आधार पर उसका प्रत्यर्पण हुआ हो।
इसी वजह से मिशेल ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने न सिर्फ आर्टिकल 17 को सही ठहराया था बल्कि उनकी जेल से रिहाई की मांग भी खारिज कर दी थी।
मिशेल पर आरोप है कि उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के लिए भारत में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। आरोपों के मुताबिक 2005 में हेलीकॉप्टरों की उड़ान ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर दी गई थी ताकि कंपनी को फायदा हो सके। इसके बदले में रिश्वत दिए जाने की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस पूरे सौदे में भारी भ्रष्टाचार हुआ और सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।
सीबीआई के अनुसार, इस डील से देश को करीब 398.21 मिलियन यूरो यानी लगभग 2666 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह सौदा 8 फरवरी 2010 को हुआ था जिसकी कुल कीमत 556.262 मिलियन यूरो थी। वहीं, ईडी का आरोप है कि मिशेल को इस डील से करीब 30 मिलियन यूरो यानी लगभग 225 करोड़ रुपये मिले।
सीबीआई ने इस मामले में 12 मार्च 2013 को केस दर्ज किया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कई धाराएं शामिल हैं। ईडी ने जून 2016 में चार्जशीट दाखिल कर आरोप लगाया कि मिशेल ने यह रकम हासिल की और उसे अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया।

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस


मिशेल को 4 दिसंबर 2018 को दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। यह प्रत्यर्पण 2 सितंबर 2018 के आदेश के तहत हुआ था। भारत लाए जाने के बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में यह दलील दी कि उन्हें सिर्फ कुछ सीमित धाराओं में ही लाया गया है और अब उन पर उससे अलग अपराधों में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
उनका कहना था कि प्रत्यर्पण अधिनियम की धारा 21 के अनुसार किसी भी व्यक्ति को उन अपराधों से अलग मामलों में नहीं घसीटा जा सकता जिनके लिए उसे सौंपा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिकल 17, संविधान के अनुच्छेद 21, 245 और 253 के खिलाफ है क्योंकि यह संबंधित अपराध के नाम पर दायरा बढ़ा देता है।
हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी ये दलीलें खारिज कर दी थीं। कोर्ट ने कहा था कि भारत और यूएई दोनों संप्रभु देश हैं और उन्होंने आपसी सहमति से यह तय किया है कि प्रत्यर्पित व्यक्ति पर जुड़े हुए अपराधों में भी मुकदमा चल सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह व्यवस्था प्रत्यर्पण अधिनियम के खिलाफ नहीं है बल्कि उसी के अनुरूप है।
हाईकोर्ट ने यह भी माना कि मिशेल को जिन अपराधों के लिए लाया गया है, वे सभी एक ही तथ्यात्मक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं, इसलिए उन पर मुकदमा चलाना उचित है।
मिशेल ने एक और आवेदन में सीआरपीसी की धारा 436ए के तहत रिहाई की मांग की थी, यह कहते हुए कि वह अधिकतम सजा का समय पहले ही काट चुका है। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने यह याचिका भी खारिज कर दी थी।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मिशेल को पहले सीबीआई केस में सुप्रीम कोर्ट से 18 फरवरी 2025 को जमानत मिल चुकी है और बाद में ईडी केस में दिल्ली हाईकोर्ट से 4 मार्च 2025 को बेल मिली थी लेकिन शर्तें पूरी न होने की वजह से वह अभी भी हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस याचिका पर नोटिस जारी किया है और चार हफ्ते में जवाब मांगा है।

झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी

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चाईबासा । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) अब वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ताजा घटना में सारंडा वन प्रमंडल के कोयना वन प्रक्षेत्र अंतर्गत कोलभोंगा क्षेत्र के पास एक दंतैल हाथी आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया है। जानकारी के अनुसार, हाथी का दाहिना अगला पैर जमीन में दबे आईईडी पर पड़ने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे उसके पैर में गहरा घाव हो गया है और वह चलने में पूरी तरह असमर्थ है। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम बचाव और उपचार की तैयारी में जुट गई है। हालांकि, पूरे इलाके में अन्य आईईडी दबे होने की आशंका के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है और सुरक्षा बल पहले इलाके की जांच कर रहे हैं, ताकि सुरक्षित तरीके से इलाज शुरू किया जा सके।

झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी
झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी


सारंडा के जंगलों में हाथियों के आईईडी विस्फोट की चपेट में आने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की दो बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें हाथियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को एक हथिनी की आईईडी विस्फोट में घायल होने के बाद मौत हो गई थी। उसका दायां पैर बुरी तरह जख्मी था और संक्रमण फैलने के कारण तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका था।
इसी तरह 5 जुलाई 2025 को सारंडा में ही छह साल के एक हाथी, जिसे ग्रामीण प्यार से ‘गडरू’ कहते थे, ने दम तोड़ दिया था। गडरू 24 जून 2025 को विस्फोट में घायल हुआ था और उसे बचाने के लिए गुजरात की संस्था ‘वनतारा’ की मेडिकल टीम ने भी अथक प्रयास किए थे, लेकिन अंततः उसे बचाया नहीं जा सका था।

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार
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नई दिल्ली । दिल्ली क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 टीम ने नकली ऑटोमोबाइल पार्ट्स के एक बड़े गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। टीम ने करोल बाग के ऑटो मार्केट में दो दुकानों पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली मोटरसाइकिल पिस्टन और क्लच प्लेट्स बरामद किए और दो भाइयों को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में एसआई अंशु कादियान, एसआई सुमित कुमार, एसआई अमित कुंडू समेत अन्य अधिकारियों की टीम ने 3 मई 2026 को दो दुकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एसीपी राजकुमार के पर्यवेक्षण में की गई। छापे के दौरान श्रीराम और उषा पिस्टन असेंबली ब्रांड के नकली पार्ट्स जब्त किए गए, जो प्रतिष्ठित ब्रांडों की नकल में बनाए जा रहे थे। दुकान नंबर 3, नई वाला, करोल बाग से हर्षित गुप्ता (पुत्र संजय गुप्ता, निवासी संगम विहार) गिरफ्तार हुआ। यहां से 473 नकली पिस्टन असेंबली, 24 खाली डिब्बे और 12 कैप बरामद हुए। दुकान नंबर 1509, त्रि मूर्ति ऑटो पार्ट्स से अभिषेक कुमार गुप्ता (पुत्र स्वर्गीय संजय गुप्ता) को गिरफ्तार किया गया। यहां से 386 नकली पिस्टन असेंबली और 169 नकली क्लच प्लेट के डिब्बे जब्त किए गए।

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार


पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सगे भाई हैं और पिछले तीन वर्षों से नकली पिस्टन व क्लच प्लेट्स बेच रहे थे। वे रोजाना 1000-1200 पिस्टन बेचते थे और इन पर असली ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर बेचते थे। आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न विक्रेताओं से माल खरीदते थे और हर महीने 2-3 लाख रुपए की कमाई कर रहे थे। एम/एस श्रीराम/उषा पिस्टन असेंबलीके अधिकृत प्रतिनिधि रतन पाल सिंह कुमार ने मौके पर पुष्टि की कि बरामद सभी सामान नकली हैं। आरोपियों के पास कोई वैध बिल या लाइसेंस नहीं मिला।
कुल बरामदगी की बात करें तो 859 नकली श्रीराम उषा पिस्टन, 169 नकली क्लच प्लेट बॉक्स, और 24 खाली बॉक्स बरामद हुए हैं। क्राइम ब्रांच ने 4 मई 2026 को कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65 तथा बीएनएस की धारा 318(4), 336(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अन्य सप्लायर्स और साथियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
यह बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नकली पार्ट्स वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही असली कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है और उपभोक्ताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच नकली सामान और आर्थिक अपराधों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज किए हुए है।