दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने न्यू उस्मानपुर इलाके में एक 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है। इस मामले में 4 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेते हुए दिल्ली पुलिस ने जुर्म में इस्तेमाल दो चाकू भी बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 25 मार्च को सुबह न्यू उस्मानपुर थाने को एक लाश के बारे में जानकारी मिली। जेपीसी अस्पताल के पास डीडीए पार्क में मौके पर पहुंचने पर पुलिस को एक युवक मरा हुआ मिला, जिसकी पहचान बाद में जैद (17 साल) के तौर पर हुई। फोरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया और सबूत इकट्ठा किए। मरने वाले की बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने न्यू उस्मानपुर में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान टीमों ने अलग-अलग सोर्स से सबूत इकट्ठा किए। मिले सुरागों के आधार पर टीम ने 15 से 17 साल के चार नाबालिगों को पकड़ा।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने जुर्म करना कबूल किया और बताया कि मरने वाले के साथ उनकी पुरानी दुश्मनी थी। उनकी निशानदेही पर, जुर्म में इस्तेमाल किए गए दो चाकू बरामद किए गए। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने सुलझाया न्यू उस्मानपुर मर्डर केस, 4 नाबालिग हिरासत में


एक और सफलता के तौर पर दिल्ली पुलिस ने कापसहेड़ा थाना क्षेत्र में किडनैपिंग के एक मामले में घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया। अपराधी की पहचान हरियाणा के हिसार निवासी 30 वर्षीय सुमित उर्फ बादल के रूप में हुई। आरोपी को 13 मार्च को द्वारका कोर्ट ने घोषित अपराधी करार दिया था।
लगातार पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी सुमित 11वीं तक पढ़ा-लिखा है। वह अपने गांव के ही अजीत उर्फ ​​जीतू और उसके साथियों के संपर्क में आया। बाद में वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया। आरोपियों ने आसानी से पैसे कमाने के लालच में एक साजिश रची और कापसहेड़ा इलाके से एक व्यक्ति को किडनैप कर लिया।
पीड़ित को पूरे दिन चलती कार में बंद रखा गया और उसके परिवार से 6 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। कैद के दौरान, फिरौती देने में देरी होने पर पीड़ित के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और बाद में उसे चलती गाड़ी से बाहर फेंक दिया गया। इस बारे में केस दर्ज किया गया और सुमित उर्फ ​​बादल समेत सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, साल 2022 में, कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी सुमित जानबूझकर फरार हो गया और कोर्ट की कार्रवाई से बच रहा था।

द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बाइक चोरी और लूट में शामिल 7 सीसीएल पकड़े

द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बाइक चोरी और लूट में शामिल 7 सीसीएल पकड़े

द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बाइक चोरी और लूट में शामिल 7 सीसीएल पकड़े
द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बाइक चोरी और लूट में शामिल 7 सीसीएल पकड़े

नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका जिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने बाइक चोरी के मामलों में शामिल सात सीसीएल (कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों) के एक ग्रुप को पकड़ा है। इनके कब्जे से तीन चोरी की गई मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं। जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 मार्च को दोपहर 1:50 बजे हुई। शिकायतकर्ता निखिल, जो कि मोहन गार्डन के लक्ष्मी विहार के निवासी हैं, अपने भांजे के साथ टीवीएस राइडर बाइक पर काकरोला गंदा नाला सर्विस रोड पर गए थे। ईंधन भरवाने के बाद लगभग 200 मीटर अंदर जाते ही चार अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने चाकू दिखाकर धमकाया, हमला किया और न केवल उनकी बाइक, बल्कि 2000 रुपए भी छीन लिए। इस शिकायत के आधार पर द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी कुशल पाल सिंह ने स्पेशल स्टाफ की टीम गठित की।

द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बाइक चोरी और लूट में शामिल 7 सीसीएल पकड़े
द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बाइक चोरी और लूट में शामिल 7 सीसीएल पकड़े

इंस्पेक्टर कमलेश कुमार की अगुवाई में टीम ने घटनास्थल पर जाकर शिकायतकर्ता से मुलाकात की। शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद टीम ने पीछे और आगे के रास्तों को ट्रैक किया। करीब 10 किलोमीटर के क्षेत्र में 500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया और स्थानीय सूत्रों की मदद से 6 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया। इनके कब्जे से चोरी की गई बाइकें भी बरामद की गईं। जांच के दौरान एक और सीसीएल पकड़ा गया और तीसरी चोरी की गई बाइक भी बरामद हुई।
पूछताछ में पता चला कि इन मोटरसाइकिलों की चोरी और लूटपाट का मकसद उन्हें बेचकर पैसे कमाना था, ताकि वे अपने एक साथी सीसीएल का जन्मदिन मनाने के लिए किसी हिल स्टेशन पर जा सकें।
इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी मामलों में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। मामले की जांच अभी जारी है।

दिल्ली: पैसे मांगने घर पहुंचा युवक, इनकार पर चाकू से महिला पर किया हमला, हालत गंभीर

दिल्ली: पैसे मांगने घर पहुंचा युवक, इनकार पर चाकू से महिला पर किया हमला, हालत गंभीर

दिल्ली: पैसे मांगने घर पहुंचा युवक, इनकार पर चाकू से महिला पर किया हमला, हालत गंभीर
दिल्ली: पैसे मांगने घर पहुंचा युवक, इनकार पर चाकू से महिला पर किया हमला, हालत गंभीर

नई दिल्ली । मयूर विहार पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक महिला पर हत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। घटना बुधवार की रात हुई, जिसमें गंभीर रूप से घायल एक महिला को लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मयूर विहार पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली कि अफसाना नामक महिला घायल अवस्था में आई है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर महिला से पूछताछ की। महिला ने बताया कि उसी दिन लगभग 9:45 बजे उसका चचेरा भाई असलम, जो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गांव चिट्ठी का निवासी है और ब्लॉक-27 में बिरयानी कॉर्नर में काम करता है, उसके घर आया। असलम ने कथित तौर पर महिला को गालियां दीं और उससे पैसे की मांग की। जब महिला ने पैसे देने से इनकार किया, तो असलम आक्रोशित हो गया और गुस्से में आकर हमला कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि पैसे न देने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और धारदार हथियार (चाकू) से गर्दन पर हमला कर दिया। हमले में अफसाना को गंभीर चोट आई। घटना के तुरंत बाद आरोपी की मां ने उसे एलबीएस अस्पताल लाया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार चोट गम्भीर है और घाव की प्रकृति की निगरानी की जा रही है।

दिल्ली: पैसे मांगने घर पहुंचा युवक, इनकार पर चाकू से महिला पर किया हमला, हालत गंभीर
दिल्ली: पैसे मांगने घर पहुंचा युवक, इनकार पर चाकू से महिला पर किया हमला, हालत गंभीर


इस मामले में मयूर विहार पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 109(1) और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई। घटना के सिलसिले में आरोपी असलम को गिरफ्तार कर लिया गया और हत्या के प्रयोजन में इस्तेमाल धारदार हथियार भी बरामद कर लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि घायल महिला अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी स्थिति स्थिर है। मामले की गहन जांच जारी है।
वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में एक नाबालिग की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक की मां शबाना ने आईएएनएस को बताया कि बच्चे को बुलाकर ले गए थे। आधे घंटे के भीतर ही उन्होंने उसे मार डाला। हम उन्हें जानते हैं और उन्होंने पहले भी कई हत्याएं की हैं। महिला ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। मृतक के पिता ने कहा कि बच्चे की उम्र लगभग 15 साल थी। वह धार्मिक पढ़ाई कर रहा था। रात को करीब 8 बजे वह घर से बाहर निकला था। रात को लगभग 11.30 बजे हमें सूचना मिली की आपके बच्चे का मर्डर हो गया है।

राजस्थान : सीएम के गृह क्षेत्र नदबई में लूट के दौरान ज्वेलर की गोली मारकर हत्या

राजस्थान : सीएम के गृह क्षेत्र नदबई में लूट के दौरान ज्वेलर की गोली मारकर हत्या

राजस्थान : सीएम के गृह क्षेत्र नदबई में लूट के दौरान ज्वेलर की गोली मारकर हत्या
राजस्थान : सीएम के गृह क्षेत्र नदबई में लूट के दौरान ज्वेलर की गोली मारकर हत्या

नदबई  राजस्थान के भरतपुर जिले में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात में 45 वर्षीय ज्वेलर की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी और सोने-चांदी के गहनों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। मृतक की पहचान योगेंद्र चोपड़ा के रूप में हुई है, जिन पर उनके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर हमला किया गया। वह दुकान बंद कर स्कूटर से घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना शाम करीब 7:15 बजे नदबई के पंजाबी कॉलोनी इलाके में हुई। बाइक सवार दो बदमाश नगर रोड की ओर से आए और ज्वैलर पर करीब से फायरिंग कर दी। गोली चोपड़ा की गर्दन में लगी, जिससे वह मौके पर ही स्कूटर सहित गिर पड़े। इसके बाद हमलावर उनका गहनों से भरा बैग छीनकर संकरी गलियों से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि चोपड़ा रोजाना अपने घर और नगर तिराहे के पास स्थित दुकान के बीच गहनों से भरा बैग लेकर आते-जाते थे। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें नदबई अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चोपड़ा अपने पीछे मां, छोटे भाई, पत्नी, बेटे और बेटी को छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया

राजस्थान : सीएम के गृह क्षेत्र नदबई में लूट के दौरान ज्वेलर की गोली मारकर हत्या
राजस्थान : सीएम के गृह क्षेत्र नदबई में लूट के दौरान ज्वेलर की गोली मारकर हत्या


गुस्साए लोगों ने अस्पताल में बड़ी संख्या में जुटकर विरोध प्रदर्शन किया और बाद में शव को स्ट्रेचर पर रखकर मुख्य बाजार से होते हुए थाने तक मार्च निकाला। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
भरतपुर के पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन दिन का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। पुलिस के आश्वासन के बाद शव को बाद में मोर्चरी भेज दिया गया।
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, नदबई में सर्राफा व्यापारी की लूट और हत्या की घटना बेहद दुखद और हृदय विदारक है। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और इस तरह की घटनाएं खुलेआम हो रही हैं।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, रोहित चौधरी गैंग का सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, रोहित चौधरी गैंग का सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, रोहित चौधरी गैंग का सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, रोहित चौधरी गैंग का सदस्य गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एनआर–II टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसीपी गिरीश कौशिक की सतर्क निगरानी और इंस्पेक्टर संदीप स्वामी के कुशल नेतृत्व में पुलिस ने प्रदीप गुलाटी उर्फ पारस को गिरफ्तार किया है। प्रदीप गुलाटी, रोहित चौधरी गैंग का एक सक्रिय सदस्य है और दिल्ली के कालकाजी का निवासी है। उसके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोलियां बरामद की गई हैं। इस गिरफ्तारी के बाद संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। हेड कॉन्स्टेबल सुमित कुमार को गैंग के सदस्यों द्वारा जबरन वसूली, अवैध हथियार सप्लाई और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने की खुफिया जानकारी मिली। इसके बाद क्राइम ब्रांच की एक टीम ने निगरानी और जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि अरविंद गुप्ता उर्फ डिसिल्वा, रोहित चौधरी गैंग का एक सक्रिय सदस्य है, जो अवैध हथियार सप्लाई कर रहा था और अपहरण व वसूली जैसी गंभीर घटनाओं की योजना बना रहा था। आगे की जांच में यह भी जानकारी मिली कि उसका साथी प्रदीप गुलाटी उर्फ पारस कालकाजी में हथियार जमा कर रखता है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, रोहित चौधरी गैंग का सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, रोहित चौधरी गैंग का सदस्य गिरफ्तार


26 फरवरी को एसआई प्रदीप ढुल, एसआई सुखविंदर सिंह, एसआई रवि राणा, एएसआई सुनील कुमार, एचसी सुमित कुमार, एचसी राज आर्यन, एचसी नितिन कुमार, एचसी अजय सहवात, एचसी नवल कुमार, एचसी सुमेर सिंह, एचसी योगेंद्र, कॉन्स्टेबल योगेंद्र और कॉन्स्टेबल नितेश की टीम को इंस्पेक्टर संदीप कुमार के नेतृत्व में और एसीपी गिरीश कौशिक की निगरानी में इस जानकारी की सत्यता जांचने और अपराधियों को पकड़ने के लिए तैनात किया गया। टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर जमीन पर सावधानीपूर्वक निगरानी की और ऑपरेशन को पूरी सुरक्षा के साथ अंजाम दिया।
गिरफ्तारी के बाद प्रदीप गुलाटी से पूछताछ में पता चला कि वह अरविंद गुप्ता का करीबी साथी है। उसने बताया कि अरविंद गुप्ता ने उसे एक महीने पहले हथियार और गोलियां दी थीं ताकि वह उन्हें सुरक्षित रखे और भविष्य में वसूली और आतंक फैलाने वाले अपराधों में इस्तेमाल कर सके।
पुलिस ने उसके कब्जे से 3 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 1 देसी कट्टा और 22 जिंदा राउंड के साथ एक लाल बैग बरामद किया।
जानकारी के अनुसार, प्रदीप गुलाटी पंजाब के जालंधर का निवासी है, लेकिन उसका परिवार 1998 में दिल्ली आकर दाबड़ी, जनकपुरी में बस गया। उसने 10वीं तक पढ़ाई की, लेकिन खराब संगति और जुआ व शराब की आदतें पकड़ गईं। क्रिकेट बेटिंग में भारी नुकसान होने के कारण वह आर्थिक रूप से दबाव में था। लगभग एक साल पहले उसकी मुलाकात अरविंद गुप्ता से हुई, जिसने उसे गैंग में शामिल कर लिया और वह गैंग के लिए काम करने लगा।

भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक
भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

भरतपुर जिले के रूपवास उपखंड के महलपुर काछी गांव में गुरुवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बालक की विद्युत पोल में उतर रहे करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक बालक की पहचान 4 वर्षीय दिव्यांक के रूप में हुई है, जो अपने घर के बाहर अन्य बच्चों की तरह सामान्य रूप से खेल रहा था। उसके पिता सत्यप्रकाश पुत्र सोनाराम ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार सुबह करीब 7 बजे उनका बेटा घर के सामने बने खरंजे पर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही खड़े एक विद्युत पोल के संपर्क में आ गया।

बताया जा रहा है कि उस विद्युत पोल में पहले से ही करंट उतर रहा था, जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों द्वारा कई बार बिजली विभाग को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। जैसे ही बालक पोल के संपर्क में आया, उसे तेज करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया।

घटना के बाद परिजन घबराकर तुरंत बच्चे को उठाकर रूपवास के उप जिला अस्पताल ले गए, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस बयान के साथ ही परिजनों की उम्मीदें टूट गईं और पूरे परिवार में मातम छा गया।

मासूम की मौत की खबर गांव में फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि यह हादसा कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि बिजली विभाग की लापरवाही का सीधा परिणाम है।

पीड़ित पिता सत्यप्रकाश ने गहनौली थाना पुलिस को दी गई मर्ग रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उक्त विद्युत पोल में पहले भी कई बार करंट उतर चुका था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार मौखिक रूप से विभागीय कर्मचारियों को सूचित किया गया था, लेकिन किसी ने भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।

ग्रामीणों का भी यही कहना है कि यदि समय रहते इस पोल की मरम्मत कर दी जाती या उसे सुरक्षित बना दिया जाता, तो आज एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने इस घटना को विभागीय उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का उदाहरण बताया है।

भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक
भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

घटना के बाद ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सीधे लोगों की जान से जुड़ा मामला है। परिजनों ने भी पोस्टमॉर्टम कराने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। गहनौली थाना पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे विद्युत उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव क्यों नहीं किया जाता। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की लापरवाही अक्सर देखने को मिलती है, जहां शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती।

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्युत पोल या तारों में करंट उतरना एक गंभीर तकनीकी समस्या है, जिसे तत्काल ठीक किया जाना चाहिए। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है।

यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए दुखद है, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस तरह बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि गांव में लगे सभी विद्युत पोलों और लाइनों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समय पर समाधान किया जाए।

दिव्यांक की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम की असमय मृत्यु ने सभी को भावुक कर दिया है और हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा।

अंततः यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि प्रशासनिक सतर्कता और जिम्मेदारी कितनी जरूरी है। यदि समय रहते समस्या का समाधान किया जाता, तो आज एक परिवार अपनी सबसे बड़ी खुशी से वंचित न होता।

अब सभी की नजरें जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस मामले में दोषियों को सजा मिलती है या फिर यह घटना भी अन्य मामलों की तरह समय के साथ दबकर रह जाएगी।

रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात

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रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात
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नई दिल्ली । रामनवमी के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां 650 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 12 पैरामिलिट्री यूनिट्स को भी लगाया गया है, जिनमें सीआरपीएफ के जवान भी शामिल हैं। प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। स्थिति पर नजर रखने के लिए 25 विशेष पिकेट्स संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर बनाए गए हैं। इनमें उत्तम नगर थाना रोड, कलाई बस्ती, कब्रिस्तान/ईदगाह रोड और वाल्मीकि मंदिर चौक जैसे इलाके शामिल हैं। इसके अलावा उत्तम नगर, डाबरी और बिंदापुर थानों की संयुक्त पुलिस टीमें भी तैनात की गई हैं। भीड़भाड़ और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसकर्मी मुख्य चौराहों और संकरी गलियों में मौजूद हैं। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए द्वारका जिला ऑपरेशन सेल ने सादे कपड़ों में अंडरकवर टीमों को भी सक्रिय किया है। ये टीमें इलाके में घूमकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात
रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात


हाल ही में होली के दौरान हुए तरुण हत्याकांड को देखते हुए यह अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इस मामले में 26 वर्षीय युवक कीहत्या कर दी गई थी। पुलिस ने अब तक इस केस में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने साफ किया है कि त्योहार के दौरान शांति भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
रामनवमी भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। यह पर्व सत्य और धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, रामनवमी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 26 मार्च को मनाया जा रहा है, क्योंकि इस दिन मध्याह्न मुहूर्त पड़ रहा है। नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे शुरू हुई और 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे समाप्त होगी।

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार
बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिवान । बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति को दुरुस्त करने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत हैं। इस बीच, सिवान के बसंतपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को तड़के पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दो अपराधियों को गोली लग गई, जिससे वे घायल हो गए। दोनों अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लहजी बसंतपुर के समीप कुछ अपराधकर्मी अपराध की योजना बना रहे हैं तथा किसी बड़े आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बसंतपुर थाना पुलिस टीम द्वारा संबंधित स्थल पर पहुंचकर छापेमारी की गई। छापेमारी के क्रम में उक्त स्थल की पुलिस घेराबंदी कर रही थी, तभी पुलिस टीम को देखकर अपराधियों द्वारा पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस टीम ने भी तत्काल मोर्चा संभाल लिया और आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें दो अपराधकर्मी घायल हो गए। घायल अपराधियों को इलाज के लिए तत्काल सदर अस्पताल, सिवान भेजा गया है।

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार
बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार


पुलिस के मुताबिक, घायल अपराधियों में एक की पहचान रोहित शर्मा के रूप में की गई है, जो बसंतपुर ज्वेलरी शॉप लूट, खोरीपाकर लूट, बगौरा लूट एवं हैदराबाद खजाना ज्वेलर्स लूटकांड सहित कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है, जबकि दूसरे की पहचान रोहित कुमार उर्फ रिशु के रूप में हुई है, जो बसंतपुर लूटकांड में संलिप्त रहा है।
चिकित्सकों ने बताया है कि दोनों घायलों की स्थिति सामान्य है। घटना की सूचना प्राप्त होते ही सिवान के पुलिस अधीक्षक एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महाराजगंज भी घटनास्थल पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इनलोगों के साथ और कितने लोग यहां मौजूद थे।

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार
हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वॉल्टेड सिटी इलाके से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से हथियार तस्करी करके दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में आपराधिक गिरोहों को सप्लाई करता था। इस मामले में 10 मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और साथ ही 21 हाई-एंड विदेशी हथियार भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 200 कारतूस भी पुलिस ने जब्त किए। पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों में सॉफ़िस्टिकेटेड सब-मशीन गन और सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल थे। इनमें पीएक्स-5.7 और पीएक्स-3, जो क्रमशः विशेष बलों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयुक्त होते हैं। साथ ही स्टॉएगर (तुर्की), शैडो सीजेड (चेक रिपब्लिक), बेरेटा (इटली), टॉरस (ब्राज़ील) और वाल्टर (जर्मनी) जैसे नामी हथियार भी बरामद हुए। पीएक्स-5.7 पिस्टल खासतौर से केवल स्पेशल फोर्सेस के लिए इस्तेमाल की जाती है और इसका अपराधियों के पास होना बड़ी चिंता की बात है।

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार
हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार


दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह तस्करी नेटवर्क बेहद संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का था। हथियार पाकिस्तान से भारत-नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारत में लाए जा रहे थे और फिर स्थानीय गैंग्स के हाथों में पहुंचाए जा रहे थे। इन हथियारों का इस्तेमाल दिल्ली-एनसीआर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
गिरफ्तार किए गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे इस नेटवर्क के तहत लंबे समय से काम कर रहे थे और इनके पास हथियारों की खरीद-बिक्री का पूरा लॉजिस्टिक प्लान था। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में हथियार तस्करी को बड़ा झटका लगा है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल ऑपरेशन बताया और कहा कि आगे भी ऐसे गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। बरामद हथियारों और गोलियों का विश्लेषण चल रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किस-किस घटना में किया गया।

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश
सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

जोधपुर शहर में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित आशापूर्णा टाउनशिप में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर और कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, आशापूर्णा टाउनशिप, शिकारगढ़ निवासी अक्षय प्रताप सिंह ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि 25 फरवरी की रात करीब 2 बजे के आसपास अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए। उस समय घर पूरी तरह से खाली था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने आराम से पूरी वारदात को अंजाम दिया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चोरों ने घर के मुख्य दरवाजे या पीछे के किसी रास्ते से प्रवेश किया। आशंका जताई जा रही है कि चोर पहले से ही घर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और उन्हें यह जानकारी थी कि घर उस समय सूना रहेगा। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने देर रात को वारदात को अंजाम दिया।

घर के अंदर घुसने के बाद चोरों ने अलमारियों और लॉकर को निशाना बनाया। उन्होंने सोने-चांदी के जेवरात, कीमती बर्तन और अन्य महंगे सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गए सामान में सोने के हार, चेन, अंगूठियां, चूड़ियां, चांदी के बर्तन और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल बताई जा रही हैं। कुल नुकसान लाखों रुपए में आंका जा रहा है, हालांकि पुलिस द्वारा अभी इसकी सटीक कीमत का आकलन किया जा रहा है।

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश
सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

घटना का खुलासा तब हुआ जब घर के मालिक अक्षय प्रताप सिंह वापस लौटे। उन्होंने घर के दरवाजे खुले देखे और अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ था और अलमारियां टूटी हुई थीं। यह देखकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही एयरपोर्ट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में पूछताछ शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा, मौके से सबूत इकट्ठा करने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, ताकि फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा सकें।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध लोगों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों पर भी नजर रखी जा रही है।

इस घटना ने आशापूर्णा टाउनशिप और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को सख्त करने की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। घर को लंबे समय तक खाली छोड़ने से पहले पड़ोसियों या सुरक्षा गार्ड को सूचित करना चाहिए। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरे, मजबूत ताले और अलार्म सिस्टम जैसे सुरक्षा उपाय अपनाने से चोरी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

कुल मिलाकर, जोधपुर की यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि अपराधी अवसर की तलाश में रहते हैं और जरा सी लापरवाही का फायदा उठा लेते हैं। ऐसे में पुलिस और आम नागरिकों के बीच समन्वय और सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।