भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक
भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

भरतपुर जिले के रूपवास उपखंड के महलपुर काछी गांव में गुरुवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बालक की विद्युत पोल में उतर रहे करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक बालक की पहचान 4 वर्षीय दिव्यांक के रूप में हुई है, जो अपने घर के बाहर अन्य बच्चों की तरह सामान्य रूप से खेल रहा था। उसके पिता सत्यप्रकाश पुत्र सोनाराम ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार सुबह करीब 7 बजे उनका बेटा घर के सामने बने खरंजे पर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही खड़े एक विद्युत पोल के संपर्क में आ गया।

बताया जा रहा है कि उस विद्युत पोल में पहले से ही करंट उतर रहा था, जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों द्वारा कई बार बिजली विभाग को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। जैसे ही बालक पोल के संपर्क में आया, उसे तेज करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया।

घटना के बाद परिजन घबराकर तुरंत बच्चे को उठाकर रूपवास के उप जिला अस्पताल ले गए, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस बयान के साथ ही परिजनों की उम्मीदें टूट गईं और पूरे परिवार में मातम छा गया।

मासूम की मौत की खबर गांव में फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि यह हादसा कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि बिजली विभाग की लापरवाही का सीधा परिणाम है।

पीड़ित पिता सत्यप्रकाश ने गहनौली थाना पुलिस को दी गई मर्ग रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उक्त विद्युत पोल में पहले भी कई बार करंट उतर चुका था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार मौखिक रूप से विभागीय कर्मचारियों को सूचित किया गया था, लेकिन किसी ने भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।

ग्रामीणों का भी यही कहना है कि यदि समय रहते इस पोल की मरम्मत कर दी जाती या उसे सुरक्षित बना दिया जाता, तो आज एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने इस घटना को विभागीय उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का उदाहरण बताया है।

भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक
भरतपुर : विद्युत विभाग की लापरवाही ने ली 4 साल के मासूम की जान, पोल में आ रहे करंट से झुलसा बालक

घटना के बाद ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सीधे लोगों की जान से जुड़ा मामला है। परिजनों ने भी पोस्टमॉर्टम कराने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। गहनौली थाना पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे विद्युत उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव क्यों नहीं किया जाता। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की लापरवाही अक्सर देखने को मिलती है, जहां शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती।

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्युत पोल या तारों में करंट उतरना एक गंभीर तकनीकी समस्या है, जिसे तत्काल ठीक किया जाना चाहिए। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है।

यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए दुखद है, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस तरह बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि गांव में लगे सभी विद्युत पोलों और लाइनों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समय पर समाधान किया जाए।

दिव्यांक की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम की असमय मृत्यु ने सभी को भावुक कर दिया है और हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा।

अंततः यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि प्रशासनिक सतर्कता और जिम्मेदारी कितनी जरूरी है। यदि समय रहते समस्या का समाधान किया जाता, तो आज एक परिवार अपनी सबसे बड़ी खुशी से वंचित न होता।

अब सभी की नजरें जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस मामले में दोषियों को सजा मिलती है या फिर यह घटना भी अन्य मामलों की तरह समय के साथ दबकर रह जाएगी।

रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात

रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात

रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात
रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात

नई दिल्ली । रामनवमी के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां 650 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 12 पैरामिलिट्री यूनिट्स को भी लगाया गया है, जिनमें सीआरपीएफ के जवान भी शामिल हैं। प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। स्थिति पर नजर रखने के लिए 25 विशेष पिकेट्स संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर बनाए गए हैं। इनमें उत्तम नगर थाना रोड, कलाई बस्ती, कब्रिस्तान/ईदगाह रोड और वाल्मीकि मंदिर चौक जैसे इलाके शामिल हैं। इसके अलावा उत्तम नगर, डाबरी और बिंदापुर थानों की संयुक्त पुलिस टीमें भी तैनात की गई हैं। भीड़भाड़ और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसकर्मी मुख्य चौराहों और संकरी गलियों में मौजूद हैं। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए द्वारका जिला ऑपरेशन सेल ने सादे कपड़ों में अंडरकवर टीमों को भी सक्रिय किया है। ये टीमें इलाके में घूमकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात
रामनवमी पर दिल्ली के उत्तम नगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 650 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ तैनात


हाल ही में होली के दौरान हुए तरुण हत्याकांड को देखते हुए यह अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इस मामले में 26 वर्षीय युवक कीहत्या कर दी गई थी। पुलिस ने अब तक इस केस में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने साफ किया है कि त्योहार के दौरान शांति भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
रामनवमी भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। यह पर्व सत्य और धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, रामनवमी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 26 मार्च को मनाया जा रहा है, क्योंकि इस दिन मध्याह्न मुहूर्त पड़ रहा है। नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे शुरू हुई और 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे समाप्त होगी।

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार
बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिवान । बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति को दुरुस्त करने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत हैं। इस बीच, सिवान के बसंतपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को तड़के पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दो अपराधियों को गोली लग गई, जिससे वे घायल हो गए। दोनों अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लहजी बसंतपुर के समीप कुछ अपराधकर्मी अपराध की योजना बना रहे हैं तथा किसी बड़े आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बसंतपुर थाना पुलिस टीम द्वारा संबंधित स्थल पर पहुंचकर छापेमारी की गई। छापेमारी के क्रम में उक्त स्थल की पुलिस घेराबंदी कर रही थी, तभी पुलिस टीम को देखकर अपराधियों द्वारा पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस टीम ने भी तत्काल मोर्चा संभाल लिया और आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें दो अपराधकर्मी घायल हो गए। घायल अपराधियों को इलाज के लिए तत्काल सदर अस्पताल, सिवान भेजा गया है।

बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार
बिहार: सिवान में पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार


पुलिस के मुताबिक, घायल अपराधियों में एक की पहचान रोहित शर्मा के रूप में की गई है, जो बसंतपुर ज्वेलरी शॉप लूट, खोरीपाकर लूट, बगौरा लूट एवं हैदराबाद खजाना ज्वेलर्स लूटकांड सहित कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है, जबकि दूसरे की पहचान रोहित कुमार उर्फ रिशु के रूप में हुई है, जो बसंतपुर लूटकांड में संलिप्त रहा है।
चिकित्सकों ने बताया है कि दोनों घायलों की स्थिति सामान्य है। घटना की सूचना प्राप्त होते ही सिवान के पुलिस अधीक्षक एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महाराजगंज भी घटनास्थल पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इनलोगों के साथ और कितने लोग यहां मौजूद थे।

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार
हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वॉल्टेड सिटी इलाके से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से हथियार तस्करी करके दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में आपराधिक गिरोहों को सप्लाई करता था। इस मामले में 10 मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और साथ ही 21 हाई-एंड विदेशी हथियार भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 200 कारतूस भी पुलिस ने जब्त किए। पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों में सॉफ़िस्टिकेटेड सब-मशीन गन और सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल थे। इनमें पीएक्स-5.7 और पीएक्स-3, जो क्रमशः विशेष बलों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयुक्त होते हैं। साथ ही स्टॉएगर (तुर्की), शैडो सीजेड (चेक रिपब्लिक), बेरेटा (इटली), टॉरस (ब्राज़ील) और वाल्टर (जर्मनी) जैसे नामी हथियार भी बरामद हुए। पीएक्स-5.7 पिस्टल खासतौर से केवल स्पेशल फोर्सेस के लिए इस्तेमाल की जाती है और इसका अपराधियों के पास होना बड़ी चिंता की बात है।

हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार
हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, 10 तस्कर गिरफ्तार


दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह तस्करी नेटवर्क बेहद संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का था। हथियार पाकिस्तान से भारत-नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारत में लाए जा रहे थे और फिर स्थानीय गैंग्स के हाथों में पहुंचाए जा रहे थे। इन हथियारों का इस्तेमाल दिल्ली-एनसीआर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
गिरफ्तार किए गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे इस नेटवर्क के तहत लंबे समय से काम कर रहे थे और इनके पास हथियारों की खरीद-बिक्री का पूरा लॉजिस्टिक प्लान था। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में हथियार तस्करी को बड़ा झटका लगा है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल ऑपरेशन बताया और कहा कि आगे भी ऐसे गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। बरामद हथियारों और गोलियों का विश्लेषण चल रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किस-किस घटना में किया गया।

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश
सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

जोधपुर शहर में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित आशापूर्णा टाउनशिप में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर और कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, आशापूर्णा टाउनशिप, शिकारगढ़ निवासी अक्षय प्रताप सिंह ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि 25 फरवरी की रात करीब 2 बजे के आसपास अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए। उस समय घर पूरी तरह से खाली था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने आराम से पूरी वारदात को अंजाम दिया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चोरों ने घर के मुख्य दरवाजे या पीछे के किसी रास्ते से प्रवेश किया। आशंका जताई जा रही है कि चोर पहले से ही घर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और उन्हें यह जानकारी थी कि घर उस समय सूना रहेगा। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने देर रात को वारदात को अंजाम दिया।

घर के अंदर घुसने के बाद चोरों ने अलमारियों और लॉकर को निशाना बनाया। उन्होंने सोने-चांदी के जेवरात, कीमती बर्तन और अन्य महंगे सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गए सामान में सोने के हार, चेन, अंगूठियां, चूड़ियां, चांदी के बर्तन और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल बताई जा रही हैं। कुल नुकसान लाखों रुपए में आंका जा रहा है, हालांकि पुलिस द्वारा अभी इसकी सटीक कीमत का आकलन किया जा रहा है।

सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश
सूने मकान में चोरी, लाखों के सोने-चांदी के जेवर व सामान ले उड़े बदमाश

घटना का खुलासा तब हुआ जब घर के मालिक अक्षय प्रताप सिंह वापस लौटे। उन्होंने घर के दरवाजे खुले देखे और अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ था और अलमारियां टूटी हुई थीं। यह देखकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही एयरपोर्ट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में पूछताछ शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा, मौके से सबूत इकट्ठा करने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, ताकि फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा सकें।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध लोगों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों पर भी नजर रखी जा रही है।

इस घटना ने आशापूर्णा टाउनशिप और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को सख्त करने की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। घर को लंबे समय तक खाली छोड़ने से पहले पड़ोसियों या सुरक्षा गार्ड को सूचित करना चाहिए। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरे, मजबूत ताले और अलार्म सिस्टम जैसे सुरक्षा उपाय अपनाने से चोरी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

कुल मिलाकर, जोधपुर की यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि अपराधी अवसर की तलाश में रहते हैं और जरा सी लापरवाही का फायदा उठा लेते हैं। ऐसे में पुलिस और आम नागरिकों के बीच समन्वय और सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

लोकसभा में चंडीगढ़ भर्ती संबंधी जवाब में पारदर्शिता की कमी का मनीष तिवारी ने उठाया मुद्दा

लोकसभा में चंडीगढ़ भर्ती संबंधी जवाब में पारदर्शिता की कमी का मनीष तिवारी ने उठाया मुद्दा

लोकसभा में चंडीगढ़ भर्ती संबंधी जवाब में पारदर्शिता की कमी का मनीष तिवारी ने उठाया मुद्दा
लोकसभा में चंडीगढ़ भर्ती संबंधी जवाब में पारदर्शिता की कमी का मनीष तिवारी ने उठाया मुद्दा

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में रोजगार सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए, सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थानीय निवासियों के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत जवाबदेही प्रणाली की मांग की है। लोकसभा में अनस्टार्ड प्रश्न संख्या 4971 के माध्यम से यह मुद्दा उठाते हुए, तिवारी ने श्रम और रोजगार मंत्री से पिछले पांच वर्षों तथा वर्तमान वर्ष के दौरान चंडीगढ़ रोजगार एक्सचेंज में पंजीकृत व्यक्तियों का वर्ष-वार विवरण मांगा। तिवारी ने यह भी पूछा कि चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों में अस्थायी, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स आधार पर पंजीकृत उम्मीदवारों को किस प्रकार रोजगार प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से कोई ऐसा नियम या आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत 20–25 प्रतिशत आउटसोर्स भर्ती रोजगार एक्सचेंज के माध्यम से करना अनिवार्य हो। तिवारी ने अंत में यह भी पूछा कि सरकार द्वारा एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्सिंग नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कौन-सी निगरानी प्रणाली लागू की गई है।

लोकसभा में चंडीगढ़ भर्ती संबंधी जवाब में पारदर्शिता की कमी का मनीष तिवारी ने उठाया मुद्दा
लोकसभा में चंडीगढ़ भर्ती संबंधी जवाब में पारदर्शिता की कमी का मनीष तिवारी ने उठाया मुद्दा


इस मामले में भले ही श्रम और रोजगार मंत्रालय की राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने तिवारी के सवालों का जवाब दिया, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए अधिकांश प्रमुख मुद्दे अनछुए ही रह गए। मंत्री ने केवल पिछले पांच वर्षों और वर्तमान वर्ष के दौरान रोजगार एक्सचेंज में पंजीकृत व्यक्तियों की संख्या की जानकारी दी। मंत्री ने चंडीगढ़ रोजगार एक्सचेंज में पंजीकृत उम्मीदवारों के वर्ष-वार आंकड़े तो प्रस्तुत किए, लेकिन यह जवाब तिवारी द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों को संबोधित करने में असफल रहा।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए निगरानी प्रणाली संबंधी तिवारी के प्रश्न के जवाब में मंत्री ने सामान्य रूप से इतना ही कहा कि विभागों द्वारा अनुबंध और दिशा-निर्देशों के अनुसार अनुपालन की निगरानी की जाती है। तिवारी ने कहा कि यह जवाब भले ही औपचारिक रूप से सही है, लेकिन इसने प्रश्न के मूल बिंदु से बचते हुए किसी विशेष निगरानी प्रणाली, जांच या लागू करने के उपायों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
तिवारी के इस प्रश्न पर कि क्या 20–25 प्रतिशत आउटसोर्स भर्ती रोजगार एक्सचेंज के माध्यम से करने के लिए कोई नियम मौजूद है, मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस प्रकार के कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। तिवारी ने कहा कि भले ही यह उत्तर तकनीकी रूप से स्पष्ट है, लेकिन यह बड़े प्रश्न से बचता है कि ऐसी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई और आउटसोर्स भर्ती में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
इस मामले पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, तिवारी ने कहा कि मंत्री का जवाब यह दर्शाता है कि चंडीगढ़ के निवासियों के लिए रोजगार के निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित करने को लेकर सरकार के दृष्टिकोण में स्पष्टता और पारदर्शिता की कमी है।

पुलिस ने शांति भंग के आरोप में कईयो को किया गिरफ्तार

पुलिस ने शांति भंग के आरोप में कईयो को किया गिरफ्तार

पुलिस ने शांति भंग के आरोप में कईयो को किया गिरफ्तार
पुलिस ने शांति भंग के आरोप में कईयो को किया गिरफ्तार

भीलवाड़ा शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांतिभंग करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 126/170 के तहत की गई, जिसके अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाती है जो सार्वजनिक शांति और व्यवस्था के लिए खतरा बनते हैं।

जिला पुलिस अधीक्षक धमेन्द्र सिंह के निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस का उद्देश्य शहर में शांति बनाए रखना और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि आमजन को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

गांधीनगर थाना पुलिस ने अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें बम्बू सिंह पुत्र भगवान सिंह चुण्डावत (32 वर्ष), निवासी आजाद नगर; विक्रम पुत्र तेजा राम हरिजन (26 वर्ष), निवासी कारलू, थाना जसवंतपुरा, जिला जालौर; मोहम्मद अमन पुत्र असलम (24 वर्ष), निवासी बाबा धाम; तथा निखिल पुत्र सुरेश भांभी (18 वर्ष), निवासी मालोला रोड शामिल हैं। ये सभी आरोपी क्षेत्र में शांति भंग करने की आशंका के चलते पुलिस की निगरानी में थे और उचित कार्रवाई करते हुए इन्हें हिरासत में लिया गया।

इसी क्रम में सुरेश पुत्र छीतर भांभी (45 वर्ष), निवासी मालोला रोड को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी ऐसे गतिविधियों में संलिप्त पाए गए जो सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती थीं।

पुलिस ने शांति भंग के आरोप में कईयो को किया गिरफ्तार
पुलिस ने शांति भंग के आरोप में कईयो को किया गिरफ्तार

प्रताप नगर थाना पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आरिफ पुत्र सत्तार मोहम्मद बिसायती (32 वर्ष), निवासी दर्जी मोहल्ला, हुरडा थाना गुलाबपुरा तथा मुकेश पुत्र सुखदेव खटीक (40 वर्ष), निवासी लांबा थाना बनेड़ा को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के खिलाफ भी शांतिभंग की आशंका को देखते हुए कानूनी कार्रवाई की गई।

सुभाष नगर थाना पुलिस ने रईस मोहम्मद पुत्र इकबाल खान (28 वर्ष), निवासी सांगानेर को गिरफ्तार किया। वहीं, भीमगंज थाना पुलिस ने राजू पुत्र अर्जुन ढोली (21 वर्ष), निवासी मालीखेड़ा को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, ये सभी व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में विवाद और अशांति फैलाने की स्थिति में थे।

पुलिस अधीक्षक धमेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से एहतियात के तौर पर की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है, और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो समाज में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करते हैं। बीएनएसएस की धाराओं के तहत की गई यह कार्रवाई एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाता है, जहां आगे की कार्रवाई तय होती है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और इसे शहर में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है। आमजन का कहना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में भय बना रहता है और वे कानून का उल्लंघन करने से बचते हैं।

पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। साथ ही, लोगों से यह भी कहा गया है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।

कुल मिलाकर, भीलवाड़ा पुलिस की यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस की सक्रियता और सतर्कता से शहर में शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी और आमजन खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में नशीले पदार्थों के साथ तस्कर को गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में नशीले पदार्थों के साथ तस्कर को गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में नशीले पदार्थों के साथ तस्कर को गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में नशीले पदार्थों के साथ तस्कर को गिरफ्तार

श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक नशीले पदार्थों के तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से 771 ग्राम नशीला पदार्थ भी बरामद हुआ है। जिला पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े अभियान में पुलवामा पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध नशीले पदार्थ तस्कर को पकड़ा और उसके पास से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलवामा पुलिस ने महिला डिग्री कॉलेज के पास तेंगपोना रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा। नाकाबंदी के दौरान पुलवामा पुलिस स्टेशन की एक टीम ने नायलॉन का थैला ले जा रहे एक संदिग्ध को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से लगभग 771 ग्राम चरसचोरा/गांजा जैसा पदार्थ और नायलॉन का थैला बरामद किया गया।
आरोपी की पहचान पुलवामा के मलिकपोरा के रहने वाले मोहम्मद आरिफ मलिक, पुत्र रियाज अहमद मलिक के रूप में हुई है।
तदनुसार, पुलवामा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है। पुलवामा पुलिस ने मादक पदार्थों के खतरे को रोकने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आम जनता से सहयोग करने तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग या तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने का आग्रह किया।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में नशीले पदार्थों के साथ तस्कर को गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में नशीले पदार्थों के साथ तस्कर को गिरफ्तार


जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं, और मादक पदार्थों के तस्करों, ड्रग पेडलर्स और हवाला रैकेट तथा अन्य गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों में शामिल लोगों पर भी सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी है।
ऐसा माना जाता है कि मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार और हवाला रैकेट से प्राप्त धन का इस्तेमाल अंततः जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करने वाली सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) घुसपैठ, निकासी, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमा पार से होने वाली ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात हैं।
आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की आईएसआई की मदद से ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए भारतीय सीमा में हथियार, गोला-बारूद, नकदी और मादक पदार्थों की खेप गिराते हैं, ताकि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन मिल सके।

दिल्ली के आईपी एस्टेट इलाके में मुठभेड़, हत्या के मामले में फरार चल रहा बदमाश गिरफ्तार

दिल्ली के आईपी एस्टेट इलाके में मुठभेड़, हत्या के मामले में फरार चल रहा बदमाश गिरफ्तार

दिल्ली के आईपी एस्टेट इलाके में मुठभेड़, हत्या के मामले में फरार चल रहा बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली के आईपी एस्टेट इलाके में मुठभेड़, हत्या के मामले में फरार चल रहा बदमाश गिरफ्तार

नई दिल्ली । सेंट्रल दिल्ली के आईपी एस्टेट थाने के अंतर्गत फिरोजशाह कोटला के बैकसाइड रोज गार्डन के पास सर्विस रोड पर मंगलवार को पुलिस और एक वांटेड बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लग गई और घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा बदमाश अजय कालिया इलाके में आने वाला है। इसके बाद स्पेशल स्टाफ ने उसके लिए ट्रैप लगाया। जैसे ही बदमाश वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन अजय कालिया ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ के दौरान अजय कालिया के पैर में गोली लगी। उसे घायल हालत में पकड़ा गया। फिलहाल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से उसे आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया जाएगा।

दिल्ली के आईपी एस्टेट इलाके में मुठभेड़, हत्या के मामले में फरार चल रहा बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली के आईपी एस्टेट इलाके में मुठभेड़, हत्या के मामले में फरार चल रहा बदमाश गिरफ्तार


पुलिस ने बताया कि अजय कई वारदात में शामिल रहा है और काफी समय से फरार था। अजय कालिया हत्या और लूटपाट जैसे गंभीर मामलों में वांटेड था। उसके पकड़े जाने के बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली।
वहीं इस मुठभेड़ में स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर भी बाल-बाल बच गए, क्योंकि उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लग गई थी। पुलिस की टीम ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। अब मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सेंट्रल दिल्ली के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई स्पेशल स्टाफ की सतर्कता और तेज कार्रवाई का नतीजा है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे वांटेड अपराधियों को पकड़ना पुलिस और जनता की सुरक्षा दोनों के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए आगे भी ऐसे सक्रिय और खतरनाक अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

झूठे मुकदमों की बढ़ती संख्या पर पीआईएल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया

झूठे मुकदमों की बढ़ती संख्या पर पीआईएल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया

झूठे मुकदमों की बढ़ती संख्या पर पीआईएल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया
झूठे मुकदमों की बढ़ती संख्या पर पीआईएल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया


नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में आपराधिक न्याय प्रणाली में झूठी शिकायतों, मनगढ़ंत आरोपों और झूठे सबूतों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होने की संभावना है। याचिका में दावा किया गया है कि मौजूदा कानूनी ढांचा किसी पीड़ित व्यक्ति या विक्टिम को झूठी शिकायतों और मनगढ़ंत सबूतों के आधार पर कार्रवाई शुरू करने से रोकता है, जब तक कि उसे अदालत से पहले से मंजूरी न मिल जाए। इस तरह यह जवाबदेही के रास्ते में एक ढांचागत रुकावट पैदा करता है।
इसमें यह तर्क दिया गया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 215 और 379 की शाब्दिक व्याख्या ने कई दंडात्मक प्रावधानों को निष्प्रभावी बना दिया है, जिससे अपराधियों को पुलिस थानों में झूठी एफआईआर की बाढ़ लाने और अदालतों पर झूठे मामलों, झूठे आरोपों, झूठी जानकारियों, झूठे प्रमाणपत्रों, झूठे बयानों और झूठे सबूतों का बोझ डालने की छूट मिल गई है।
इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर करते हुए याचिका में यूपी के फतेहपुर जिले की एक घटना का जिक्र किया गया है, जहां कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाए जाने की धमकियों का सामना करने के बाद एक परिवार ने आत्महत्या कर ली थी। याचिका में आगे कहा गया है कि जनता को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है, क्योंकि झूठे मामलों की वजह से बेकसूर नागरिक आत्महत्या कर रहे हैं।

झूठे मुकदमों की बढ़ती संख्या पर पीआईएल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया
झूठे मुकदमों की बढ़ती संख्या पर पीआईएल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया


पीआईएल में यह तर्क दिया गया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के रिकॉर्ड में झूठी शिकायतों और झूठी गवाही के मामलों पर खास डेटा की कमी, इस मुद्दे से निपटने में एक सिस्टम से जुड़ी कमी को दिखाती है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, पुलिस थानों में झूठी एफआईआर की बाढ़ आ गई है, जबकि अदालतों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि झूठे आरोप झेल रहे लोगों को लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है, उनकी बदनामी होती है। साथ ही, उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
याचिका में आगे कहा गया कि पीड़ित व्यक्ति को झूठे आरोपों से होने वाली बदनामी, लंबी कानूनी लड़ाई और आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि उसे खुद शिकायतकर्ता के तौर पर कार्रवाई करने का मौका नहीं मिलता।
इस याचिका में बीएनएसएस की धारा 215 और 379 की उद्देश्यपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण व्याख्या की मांग की गई है, ताकि पीड़ितों को अदालत की अनुमति से गलत जानकारी, झूठे सबूत और झूठी गवाही से जुड़े अपराधों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने में मदद मिल सके।
इसमें इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और बीएनएसएस का उद्देश्य मौजूदा कानूनी स्थिति के कारण कमजोर पड़ रहे हैं।
यह कहते हुए कि आपराधिक कानून का बेरोकटोक दुरुपयोग मौलिक अधिकारों के लिए खतरा है, याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया गया कि वह कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग को रोकने और निर्दोष नागरिकों को दुर्भावनापूर्ण मुकदमों से बचाने के लिए हस्तक्षेप करे।