दिल्ली पुलिस ने वारदात की फिराक में घूम रहे बदमाश को किया गिरफ्तार, चाकू बरामद

दिल्ली पुलिस ने वारदात की फिराक में घूम रहे बदमाश को किया गिरफ्तार, चाकू बरामद

दिल्ली पुलिस ने वारदात की फिराक में घूम रहे बदमाश को किया गिरफ्तार, चाकू बरामद
दिल्ली पुलिस ने वारदात की फिराक में घूम रहे बदमाश को किया गिरफ्तार, चाकू बरामद

नई दिल्ली । पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया (पीआईए) थाना पुलिस ने आईएसबीटी रोड नंबर 56, आनंद विहार के पास एक बदमाश को पकड़ लिया। आरोपी के पास एक अवैध बटन वाला चाकू और चोरी का एक मोबाइल फोन मिला। सड़क पर होने वाले अपराधों और हथियारों के अवैध कब्जे पर रोक लगाने के चल रहे प्रयासों के मद्देनजर पीआईए थाना पुलिस के स्टाफ को निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में सक्रिय गश्त करने के निर्देश दिए गए थे। अपराध की प्रभावी रोकथाम के लिए पीआईए थाना पुलिस के एसएचओ के नेतृत्व में और मधु विहार एसीपी तिलक चंद्र बिष्ट के पर्यवेक्षण में एक विशेष पुलिस टीम तैनात की गई थी। 31 मार्च को दोपहर लगभग 1:50 बजे, एचसी सचिन और कॉन्सटेबल संदीप आईएसबीटी रोड नंबर 56 में आउट गेट के सामने के पास नियमित गश्त ड्यूटी पर थे। इस दौरान उन्होंने एक लड़के को संदिग्ध तरीके से घूमते हुए देखा। पुलिस को देखते ही वह व्यक्ति घबरा गया और गाजीपुर की ओर भागने की कोशिश करने लगा। उसके संदिग्ध आचरण को भांपते हुए पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई की और थोड़ी दूर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया।

दिल्ली पुलिस ने वारदात की फिराक में घूम रहे बदमाश को किया गिरफ्तार, चाकू बरामद
दिल्ली पुलिस ने वारदात की फिराक में घूम रहे बदमाश को किया गिरफ्तार, चाकू बरामद


पुलिस ने उस संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली तो उसके कब्जे से एक अवैध बटन वाला चाकू और एक मोबाइल बरामद हुआ। लगातार पूछताछ करने पर आरोपी ने अपनी पहचान दीपक उर्फ हकलाना के रूप में बताई, जो झुग्गी महात्मा गांधी कैंप, शशि गार्डन (दिल्ली) का निवासी है और उसकी उम्र 28 वर्ष है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह चाकू का इस्तेमाल करके चोरी/झपटमारी करने के इरादे से इलाके में घूम रहा था। पुलिस टीम की सतर्क गश्त और समय पर हस्तक्षेप के कारण होने वाले अपराध को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। पीआईए थाना पुलिस में धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच चल रही है, जिसमें बरामद मोबाइल फोन का सत्यापन और अन्य मामलों में उसकी संभावित संलिप्तता की जांच शामिल है।
आरोपी व्यक्ति दीपक एक आदतन अपराधी और नशे का आदी (स्मैक, ड्रग्स और शराब) है। इस पर पहले से ही पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया, हजरत निजामुद्दीन और पांडव नगर थाने में 8 मामले दर्ज हैं। पांडव नगर थाना पुलिस ने बैड कैरेक्टर घोषित किया है।

फर्जी डिग्री और अन्य अनियमितताओं को लेकर मेवाड़ यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस, यहां पढ़े नोटिस

फर्जी डिग्री और अन्य अनियमितताओं को लेकर मेवाड़ यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस, यहां पढ़े नोटिस

फर्जी डिग्री और अन्य अनियमितताओं को लेकर मेवाड़ यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस, यहां पढ़े नोटिस
फर्जी डिग्री और अन्य अनियमितताओं को लेकर मेवाड़ यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस, यहां पढ़े नोटिस

सत्येंद्र शुक्ला जयपुर । भजनलाल सरकार ने चित्तौडगढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी को फर्जी डिग्री जारी करने और अन्य अनियमितताओं को लेकर परिसमापन की कार्रवाई के लिए कारण बताओं नोटिस जारी किया है । मेवाड़ यूनिवर्सिटी को 45 दिनों के अंदर नोटिस का बिंदुवार जवाब देना पड़ेगा । आपको बता दे कि यूनिवर्सिटी के अधिनियम 2009 की धारा 44(1) की उपधारा 2 और 3 के तहत संभागीय आयुक्त उदयपुर के संयोजन में 7 अप्रैल 2024 और 4 सितंबर 2025 को जांच समिति गठित की गई थी । इस समिति की तरफ से की गई जांच में विश्वविद्यालय में अग्रलिखित अनिमितताएं पाई गई है ।
1. जांच समिति के जांच के मुताबिक मेवाड़ विश्वविद्यालय, चित्तौड़गढ़ में प्रवेश से लेकर परीक्षा परिणाम तक दत्तावेजों का नियमानुसार संधारण नहीं किया जा रहा है।
2. विश्वविद्यालय द्वारा DAESI डिप्लोमा कोर्स में वर्ष पर्यन्त तक प्रवेश दिया जा रहा है एवं नियम विरुद्ध परीक्षा में बैठाया जा रहा है।
3. DAESI पाठ्यक्रम की जांच में पाया गया कि छात्रों को परीक्षा आयोजन के पश्चात् भी प्रवेश दिया जाकर उपाधियां प्रदान किये जाने का अपराध किया जा रहा है।
4. DAESI पाठ्यक्रम के संचालन में विश्वविद्यालय द्वारा ना केवल National Institute of Agriculture Extension Management (MANAGE) के दिशा निर्देशों का उल्लघंन किया गया बल्कि विश्वविद्यालय के अकादमिक परिषद के निर्णय को दरकिनार करते हुए, DAESI पाठ्यक्रम का संचालन किया जाकर छात्रों को प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं जो कि MANAGE व राज्य सरकार की नोडल एजेन्सी SAMETI के प्रावधानों का स्पष्टतः उल्लघंन है। साथ ही MANAGE व SAMETI के दिशा निर्देशों का उल्लघंन करते हुए क्षमता से कई अधिक विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया गया है, जिनकी संख्या क्षमता से कई अधिक पाई गई।
5. पाठ्यक्रम संचालन में भी दिशा निर्देशों की अवहेलना करते हुए ना तो निर्धारित बेच बनाये गए ना ही सभी छात्रों के Classroom Session व Field Visit करवाये गये।
6. जांच समिति द्वारा DAESI पाठ्यक्रम के संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों एवं भौतिक निरीक्षण के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा DAESI पाठ्यक्रम के संचालन एवं प्रमाण पत्र दिये जाने में अनियमितताएं पाई गई।
7. समिति द्वारा जांच में पाया कि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों से DAESI पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित शुल्क रुपये 28000/- के स्थान पर अलग अलग शुल्क वसूल किया जा रहा है।
8. जांच में पाया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए पाठ्यक्रम संचालित किया गया।
9. बी.एस.सी कृषि पाठ्यक्रम संचालन के लिए ICAR, उच्च शिक्षा विभाग व कृषि विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति एवं ICAR से Accreditation प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा आवेदन नहीं करने तथा शैक्षणिक स्टाफ के पास निर्धारित योग्यता न होना, सिंचित भूमि, कृषि फार्म जैत्ती आवश्यक मापदण्डों की पूर्ति में प्रथम दृष्टया कमियां पाई गई।
10. मेवाड़ विश्वविद्यालय के जांच एवं प्राप्त दस्तावेजों के अवलोकन से समिति ने पाया कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी प्रो. पी. रामैया, प्रो. वी.एन.आर. पिल्लई, प्रो. वी.के. वैद्य, प्रो. कौशल किशोर चन्दुल, प्रो. के.एस. राना, प्रो. आलोक मिश्रा प्रेसीडेन्ट पद पर कार्यरत थे।

फर्जी डिग्री और अन्य अनियमितताओं को लेकर मेवाड़ यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस, यहां पढ़े नोटिस
फर्जी डिग्री और अन्य अनियमितताओं को लेकर मेवाड़ यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस, यहां पढ़े नोटिस


एम. सुदर्शनम, प्रो. गोविन्द सिंह चारण, प्रो. वेंकट वी.पी.आर.पी., बी.एल. स्वर्णकार, लक्ष्मण सिंह रावत, आर. रामास्वामी, डॉ. मायाधर बरीक कुलसचिव पद पर कार्यरत थे। जिनके द्वारा शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्तियों में विश्वविद्यालय के अधिनियम / परिनियम एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदण्डों का उल्लंघन किया गया है तथा वर्तमान में भी किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों को नियम विरुद्ध उनके कार्य के अतिरिक्त उच्चस्थ पद का अतिरिक्त कार्यभार लम्बे समय तक सुपुर्द किया गया। जिसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय में उक्त अधिकारियों द्वारा गोपनीय दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड का उचित संधारण नहीं किया था। परीक्षा अनुभाग से जुड़े डॉ. सैयद असगर मेंहदी, प्रियंका गौतम, अशोक खरोदिया, डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता, सुशील शर्मा, परीक्षा नियंत्रक पद पर कार्यरत थे। इन अधिकारी/कर्मचारी की फर्जी उपाधियों के वितरण में भूमिका पाई गई। एसओजी द्वारा उक्त कृत्यों में लिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गिरफ्तारियां भी की गई जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।

11.
 विश्वविद्यालय प्रशासन एम. सुदर्शनम, गोविन्द सिंह चारण, प्रो. वेंकट वी.पी.आर.पी., बी.एल. स्वर्णकार, लक्ष्मण सिंह रावत, आर. रामास्वामी, डॉ. मायाधर बरीक कुल सचिव द्वारा परीक्षा नियंत्रक जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त अधिकारियों की नियुक्ति में नियमों की अवहेलना करते हुए पदस्थापित परीक्षा नियंत्रक सैयद असगर अली के स्थान पर अन्य कौशल किशोर चन्दुल, यथा उप-परीक्षा नियंत्रक इत्यादि को परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त कार्य सुपुर्द किया गया था। इनसे परीक्षा का आयोजन एवं उपाधियों के प्रकाशन जैसा अति संवेदनशील कार्य करवाया गया था।

12.
 विश्वविद्यालाय के एम. सुदर्शनम, गोविन्द सिंह चारण, प्रो. वेंकट वी.पी.आर.पी,बी.एल. स्वर्णकार, लक्ष्मण सिंह रावत, आर. रामास्वामी, डॉ. मायाधर बरीक कुलसचिव जैसे अधिकारियों से उपाधियां प्रकाशन से पूर्व अनुमति नहीं लेकर डिग्रियां छापने का गलत कार्य गोपनीय विभाग के अधिकारियों डॉ. सैयद असगर मेंहदी, प्रियंका गौतम, अशोक खरोदिया, डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता, सुशील शर्मा द्वारा किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशसन द्वारा गोपनीय शाखा में कार्यरत अधिकारियों के कार्यों का समय-समय पर पर्यवेक्षण नहीं किया गया था। जिसके कारण फर्जी डिग्री प्रकरण हुआ। अतः फर्जी डिग्री कार्य में उपरोक्त अधिकारी एवं कुलसचिव स्तर के अधिकारियों पर संदेह की सुई जाती है।

13
. विश्वविद्यालय में शोध विभाग में नियमों के विरुद्ध 425 पीएचडी शोध उपाधियां प्रदान की गई। जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियम विरुद्ध है। विश्वविद्यालय BOM द्वारा शोध छात्रों की शोध समयावधि बढ़ाने का पत्र जारी नहीं किया गया था, फिर भी प्रो प्रेसीडेन्ट प्रो. सर्वोत्तम दीक्षित एवं शोध डायरेक्टर डॉ. चेताली अग्रवाल द्वारा पीएचडी उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। उपर्युक्त तथ्यों के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय अपने अधिनियम के प्रावधानों व यूजीसी व अन्य विनियामक निकायों के नियमों, विनियमों, मानकों इत्यादि का पूर्णतया पालन नहीं कर रहा है।
अतः निर्देशानुसार मेवाड़ विश्वविद्यालय, चित्तौड़गढ़ अधिनियम, 2009 (2009 का अधिनियम संख्या 4) की धारा 44 (1) के अन्तर्गत यह कारण बताओ नोटिस जारी कर लेख है कि नोटिस का बिन्दुवार जवाब 45 दिवस की अवधि में राज्य सरकार को प्रस्तुत करें कि मेवाड़ विश्वविद्यालय, चित्तौड़गढ़ के प्रावधानों का उल्लंघन करने तथा विश्वविद्यालय में व्याप्त कुप्रशासन/अनियमितताओं की स्थिति के कारण विश्वविद्यालय के परिसमापन आदेश क्यों न जारी कर दिये जायें।

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत 48 घंटे की सघन कार्रवाई, 452 लोग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत 48 घंटे की सघन कार्रवाई, 452 लोग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत 48 घंटे की सघन कार्रवाई, 452 लोग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत 48 घंटे की सघन कार्रवाई, 452 लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली । सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ‘ऑपरेशन कवच 13.0’ के तहत पूरे जिले में लगातार 48 घंटे की सघन और प्रभावी कार्रवाई की। यह अभियान 29 मार्च शाम 6 बजे से 31 मार्च शाम 6 बजे तक लगातार चला। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य जिले में सक्रिय अपराधियों, नशीले पदार्थों के तस्करों, अवैध शराब के कारोबारियों, जुआरियों, हथियार रखने वालों और अन्य असामाजिक तत्वों पर निर्णायक चोट करना था। इस ऑपरेशन में नशीले पदार्थों के तस्करों, अवैध शराब के स्मगलरों, अवैध हथियार रखने वालों, जुआरियों, बीएनएसएस के तहत अपराध करने वालों, डीपी एक्ट का उल्लंघन करने वालों, सीओटीपीए का उल्लंघन करने वालों और अन्य असामाजिक तत्वों को निशाना बनाया गया। इसके जरिए जिले में सक्रिय अपराध के नेटवर्क पर निर्णायक चोट की गई। यह ऑपरेशन पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह (आईपीएस) के समग्र पर्यवेक्षण में चलाया गया, जिसमें सभी 15 पुलिस थानों, 1 साइबर पुलिस थाने और विशेष इकाइयों (स्पेशल स्टाफ, एंटी-नारकोटिक्स सेल, एएटीएस और टेक्निकल सर्विलांस यूनिट्स) ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कुल 110 समर्पित टीमों को तैनात किया गया था। इन टीमों ने पहचाने गए संवेदनशील स्थानों (हॉटस्पॉट), झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों, औद्योगिक क्षेत्रों, शराब की सप्लाई के रास्तों, संदिग्ध ठिकानों, सुनसान इलाकों, रात के समय अपराध वाले क्षेत्रों और संवेदनशील हिस्सों में खुफिया जानकारी के आधार पर 283 छापे मारे। स्पेशल स्टाफ, एएनसी, एएटीएस और तकनीकी निगरानी यूनिटों ने इंटेलिजेंस जुटाने और रियल-टाइम ऑपरेशनल सहायता देने में अहम भूमिका निभाई, जिससे जमीन पर तेजी से और असरदार कार्रवाई सुनिश्चित हुई।

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत 48 घंटे की सघन कार्रवाई, 452 लोग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत 48 घंटे की सघन कार्रवाई, 452 लोग गिरफ्तार


इस ऑपरेशन के दौरान चौबीसों घंटे नाका चेकिंग, मोबाइल गश्त, मानवीय और तकनीकी इंटेलिजेंस-आधारित निगरानी, एसएचओ और विशेष इकाइयों के बीच निर्बाध समन्वय, हॉटस्पॉट पर नियंत्रण, सटीक योजना के साथ एक साथ कई जगहों पर छापे, जीरो रिस्पॉन्स टाइम के साथ जमीन पर आक्रामक तैनाती, एकीकृत साइबर और जमीनी इंटेलिजेंस समन्वय, बार-बार अपराध करने वालों और ज्यादा जोखिम वाले अपराधियों पर लगातार निगरानी और रियल-टाइम कमांड और कंट्रोल की निगरानी की गई।
इस दौरान कुल 452 लोग गिरफ्तार किए गए और 1,930 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, 469 चालान भी जारी किए गए। नशीले पदार्थों और अवैध शराब के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत 37 मामले दर्ज हुए, 59 लोग पकड़े गए और 14.62391 किलोग्राम गांजा, 0.306 किलोग्राम हेरोइन और 0.63371 किलोग्राम स्मैक जब्त किए गए। इसके अलावा 23 पन्नी पाइप और 5,260 रुपये नकद भी जब्त किए गए।
अवैध शराब के मामलों में 13 मामले दर्ज किए गए और 996 बोतलें अवैध शराब जब्त की गई। हथियार रखने के मामलों में 12 लोग पकड़े गए, जिनके पास से 10 चाकू, 2 पिस्तौल, 3 जिंदा कारतूस, 1 मोबाइल और 1 स्कूटी बरामद हुई। जुआ खेलने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई, जिसमें 41 लोग पकड़े गए और 34,210 रुपये नकद जब्त किए गए। वाहन चोरी के मामलों में 4 आरोपी सहित 5 वाहन बरामद किए गए। वहीं, अन्य कार्रवाई में 4 घोषित अपराधी पकड़े गए और धारा 40ए और 40बी के तहत 200 व्यक्ति पकड़े गए।

मुंबई के जज से ठगी: कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 93 हजार रुपए

मुंबई के जज से ठगी: कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 93 हजार रुपए

मुंबई के जज से ठगी: कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 93 हजार रुपए
मुंबई के जज से ठगी: कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 93 हजार रुपए


मुंबई । देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में साइबर ठगों का आतंक जारी है। लगातार साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं और उनकी गाढ़ी कमाई उड़ा ले रहे हैं। अब तो ताड़देव पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रहने वाले जज को ही साइबर अपराधियों ने अपने जाल में फंसाकर 93 हजार रुपये बैंक खाते से निकाल लिए। जज की शिकायत पर ताड़देव पुलिस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के मुताबिक, 46 वर्षीय जज लघु वाद न्यायालय में तैनात हैं। जज ने 30 मार्च को अपने मोबाइल फोन में डिस्प्ले की समस्या देखने के बाद इंटरनेट पर तकनीकी सहायता मांगी। ऑनलाइन खोज करते समय उन्होंने सैमसंग कस्टमर केयर होने का दावा करने वाले एक नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक एपीके फाइल भेजी और जज को इसे डाउनलोड करने और गूगल पे के माध्यम से 20 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क भुगतान करने को कहा। जैसे ही जज ने एपीके फाइल इंस्टॉल की, साइबर ठग ने उनके बैंकिंग डेटा तक रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लिया। जज को बाद में अपने एसबीआई बैंक खाते से 93,000 रुपये के दो अनधिकृत लेनदेन का पता चला। ताड़देव पुलिस ने एक अज्ञात संदिग्ध के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुंबई के जज से ठगी: कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 93 हजार रुपए
मुंबई के जज से ठगी: कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 93 हजार रुपए


इसके पहले 28 फरवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट के जज से ही कुछ इसी तरह 6 लाख की ठगी हुई थी। जज ने अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने के लिए बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करने की कोशिश की। आधिकारिक हेल्पलाइन व्यस्त होने के कारण उन्होंने इंटरनेट का सहारा लिया। इंटरनेट पर उन्हें जो नंबर मिला, वह साइबर अपराधियों का था।
इस नंबर पर कॉल करने के बाद जज को 18 एमबी का एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए व्हाट्सअप पर लिंक मिला था। जब फाइल उनके आईफोन पर नहीं खुली तो ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर बात कर रहे ठगों ने एंड्रॉइड डिवाइस का उपयोग करने की सलाह दी। इसके बाद जज ने अपना सिम कार्ड अपनी हाउस हेल्प के एंड्रॉइड फोन में डाला और एप्लिकेशन डाउनलोड कर लिया। उन्होंने जैसे ही एप्लीकेशन में अपने क्रेडिट कार्ड डिटेल्स डाले, ताकि क्रेडिट पॉइंट रिडीम हो सके, उनके क्रेडिट कार्ड से 6 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए थे। कफ परेड पुलिस ने इस मामले में मजहर आलम इसराइल मियां को गिरफ्तार किया था, जो झारखंड के जामताड़ा का रहने वाला है।

मुंबई में वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़, घाटकोपर के एक लॉज से आरोपी महिला गिरफ्तार

मुंबई में वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़, घाटकोपर के एक लॉज से आरोपी महिला गिरफ्तार

मुंबई में वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़, घाटकोपर के एक लॉज से आरोपी महिला गिरफ्तार
मुंबई में वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़, घाटकोपर के एक लॉज से आरोपी महिला गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई की घाटकोपर पुलिस ने अंधेरी, साकीनाका और घाटकोपर में चल रहे एक कथित वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला को हिरासत में लिया है। अब मामले में आगे की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, घाटकोपर पुलिस ने कांदिवली की रहने वाली 38 वर्षीय महिला कविता अनिल माने को हिरासत में लिया है। उस पर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को पैसे का लालच देकर उनका शोषण करने और ग्राहकों के लिए उनकी सेवाएं उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 143(3) और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया है। घाटकोपर पुलिस को एक गुप्त मुखबिर से सूचना मिली थी कि कविता नाम की एक महिला घाटकोपर, साकीनाका और अंधेरी के होटलों में अवैध धंधे के लिए लड़कियों की आपूर्ति कर रही है। पुलिस ने एक ‘डमी ग्राहक’ (नकली ग्राहक) का इस्तेमाल करके उस महिला से संपर्क किया, जिसने कथित तौर पर अपनी और दो अन्य महिलाओं की तस्वीरें उस नकली ग्राहक को भेजीं।

मुंबई में वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़, घाटकोपर के एक लॉज से आरोपी महिला गिरफ्तार
मुंबई में वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़, घाटकोपर के एक लॉज से आरोपी महिला गिरफ्तार


माने ने कथित तौर पर ग्राहकों के लिए लड़कियां उपलब्ध कराने से पहले हर लड़की के लिए 30,000 रुपये की मांग की थी। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उस डमी ग्राहक के जरिए कविता माने को घाटकोपर-अंधेरी लिंक रोड पर स्थित एक लॉज में बुलाया। आरोपी को फंसाने के लिए पुलिस ने नोटों के बंडल तैयार किए, जिनमें सबसे ऊपर 500 रुपये के दो असली नोट थे और बाकी नोट ‘इंडियन चिल्ड्रन बैंक’ के 500 रुपये के नकली नोटों जैसे दिखने वाले नोट थे।
आरोपी माने अपने साथ 32 और 31 साल की दो महिलाओं को लेकर वहां पहुंची। उसे तब गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह कथित तौर पर उन दो महिलाओं में से एक की सर्विस के लिए पैसे ले रही थी। महिलाओं ने बताया कि माने ने उनसे वादा किया था कि अगर वे ग्राहक को सर्विस देंगी, तो वह उन्हें 15,000 रुपये प्रति महिला के हिसाब से देगी।

बिहार: पटना में नौकरी का झांसा देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म, तीन गिरफ्तार

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बिहार: पटना में नौकरी का झांसा देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म, तीन गिरफ्तार


पटना । पटना के पुनपुन इलाके में एक महिला के साथ नौकरी देने का झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। यह घटना पुनपुन पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आती है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध करने से पहले एक कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) बेबी कुमारी ने बताया कि घटना की जानकारी सोमवार रात करीब 11.00 बजे अलावलपुर गांव से मिली थी।
शिकायत की पुष्टि करने और पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
बेउर जेल के पास कुक का काम करने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों में से एक, रमेश चौधरी ने उसे घर में काम वाली बाई (हाउसमेड) की नौकरी दिलाने के बहाने एक ऑटो-रिक्शा भेजकर पुनपुन बुलाया था।
रात 9.00 बजे से 10.00 बजे के बीच पुनपुन घाट के पास उसने अपने साथियों, कुंदन कुमार उर्फ ​​कुणाल और सागर कुमार उर्फ ​​सरदार के साथ मिलकर कथित तौर पर इस अपराध को अंजाम दिया।

बिहार: पटना में नौकरी का झांसा देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म, तीन गिरफ्तार
बिहार: पटना में नौकरी का झांसा देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म, तीन गिरफ्तार


पुलिस ने बताया कि महिला को नशे की दवा मिला हुआ पेय दिया गया, जिसके बाद आरोपियों ने ऑटो-रिक्शा के अंदर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना के बाद आरोपी पीड़िता को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद पीड़िता ने इमरजेंसी हेल्पलाइन (112) पर संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों (रमेश चौधरी, कुंदन कुमार उर्फ ​​कुणाल और सागर कुमार उर्फ ​​सरदार) को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में शामिल ऑटो-रिक्शा चालक को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है, और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच चल रही है।
पुनपुन पुलिस स्टेशन की एसएचओ बेबी कुमारी ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की एक घटना सामने आई है। पीड़िता के बयान के आधार पर, तीनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने नौकरी दिलाने के बहाने उसे बुलाया था, जिसके बाद इस अपराध को अंजाम दिया गया। मामले की जांच चल रही है।

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय

नई दिल्ली । दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण ब्लास्ट मामले में जांच को आगे बढ़ाने के लिए अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट की एनआईए अदालत ने यह समय एजेंसी की मांग पर बढ़ाया है। एनआईए ने दूसरी बार कोर्ट से समय बढ़ाने की अपील की थी, जिसे शुक्रवार को मंजूरी मिल गई। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कई नए सुराग सामने आए हैं और बड़े पैमाने पर डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है, जिसके लिए अतिरिक्त समय जरूरी है। एनआईए ने दावा किया है कि इस मामले के तार केवल भारत तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
जांच के दौरान आरोपियों से कुछ कट्टरपंथी अरबी लेख भी बरामद हुए हैं। इन्हें समझने और विश्लेषण करने के लिए एनआईए ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक अरबी विशेषज्ञ की मदद ली है।

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: जांच के लिए एनआईए को मिला 45 दिन का और समय

इसके अलावा आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान भी की गई है, जिसकी गहन जांच जारी है। कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जा रही है।
इससे पहले 13 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपियों (डॉ. शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद, मुजम्मिल और यासिर अहमद डार) की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ाई थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।
एनआईएए ने कोर्ट को बताया था कि मामले में अभी और सबूत जुटाने हैं और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जानी बाकी है, इसलिए हिरासत बढ़ाना जरूरी है ताकि जांच सही तरीके से पूरी की जा सके।
10 नवंबर 2025 को हुए इस भीषण विस्फोट ने राष्ट्रीय राजधानी को दहला दिया था। इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी विस्फोट में मारा गया था।

दिल्ली पुलिस ने चोरी के 10 मोबाइल के साथ युवक को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने चोरी के 10 मोबाइल के साथ युवक को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने चोरी के 10 मोबाइल के साथ युवक को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने चोरी के 10 मोबाइल के साथ युवक को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली के साउथ जिले की स्पेशल स्टाफ ने चोरी और मोबाइल फोन छीनने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए हुए 10 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई में जुटी है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी कर बताया कि दक्षिण जिला के स्पेशल स्टाफ ने एक विशेष खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए चोरी और झपटमारी के कई मामलों में शामिल एक सक्रिय झपटमार को गिरफ्तार किया है। 25 मार्च को एक गुप्त सूचना मिली कि मोबाइल फोन चोरी/झपटमारी में शामिल एक व्यक्ति चोरी के फोन बेचने के लिए नाला रोड, मछली मार्केट, पुष्प विहार, नई दिल्ली के पास आएगा। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ने की एक योजना बनाई गई।
इंस्पेक्टर अनुज कुमार (प्रभारी, स्पेशल स्टाफ) की देखरेख में एएसआई दुष्यंत कुमार, एचसी संतवीर, एचसी यशपाल, कॉन्स्टेबल अंकित और कॉन्स्टेबल महेंद्र की एक टीम ने संभावित स्थान पर जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया।

दिल्ली पुलिस ने चोरी के 10 मोबाइल के साथ युवक को किया गिरफ्तार
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आरोपी के पास से 10 चोरी किए हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि ये फोन चोरी या स्नैचिंग के हैं और वह इन्हें बेचने आया था।
पुलिस ने आरोपी की पहचान रौनक (23) निवासी मदनगीर, दिल्ली के रूप में की। जानकारी मिली है कि रौनक का रिकॉर्ड पहले से भी अपराधों से भरा हुआ है और वह पहले 6 मामलों में शामिल रहा है।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने कई पुराने मामलों को भी सुलझा लिया है। बरामद मोबाइल फोनों से जुड़ी 10 एफआईआर और कई लॉग रजिस्टर दर्ज किए गए थे, जिनमें मालवीय नगर, महरौली, साकेत, के.एम. पुर और मैदान गढ़ी के थाना क्षेत्र शामिल हैं।

मधु विहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात आरोपी महबूब गिरफ्तार

मधु विहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात आरोपी महबूब गिरफ्तार

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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने मधु विहार इलाके के कुख्यात महबूब उर्फ धौवा को गिरफ्तार किया है। 45 वर्षीय यह आरोपी झपटमारी के कई मामलों में शामिल रहा है और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इसके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी पर पहले भी कई अपराधों के मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि 3 मार्च को मधु विहार थाने में झपटमारी का एक मामला दर्ज किया गया था। घटना के दौरान एक आरोपी, जिसका नाम मसरूल था, को मौके पर ही अपराध में इस्तेमाल वाहन और छीने गए मोबाइल फोन के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया गया था। हालांकि, उसका साथी महबूब उर्फ ​​’धौवा’ मौके से भागने में सफल रहा और तब से गिरफ्तारी से बच रहा था। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर अरुण कुमार (एसएचओ मधु विहार) के नेतृत्व में और एसीपी तिलक चंद्र बिष्ट की देखरेख में एक समर्पित टीम का गठन किया गया था।

मधु विहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात आरोपी महबूब गिरफ्तार
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एसआई भूपेंद्र के नेतृत्व वाली टीम ने अल्लाह कॉलोनी और मंडावली में संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी और निगरानी की। 24 मार्च को एक विशिष्ट गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने एक जाल बिछाया और सफलतापूर्वक आरोपी महबूब उर्फ ​​धौवा को रोककर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान दो चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। आरोपी को अदालत के सामने पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी महबूब मंडावली में रहता है। आरोपी एक अनपढ़ व्यक्ति है और नशे का आदी है। वह अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए बिरयानी का एक स्टॉल चलाता है। वह मधु विहार थाने का घोषित बैड कैरेक्टर है। उसके बेटे के भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की खबरें हैं।
गौरतलब है कि आरोपी एक आदतन और शातिर अपराधी है, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दर्ज हत्या, हत्या का प्रयास, गैर-इरादतन हत्या, आर्म्स एक्ट और साथ ही गैंगस्टर एक्ट व राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले गंभीर अपराधों की एक विस्तृत शृंखला में शामिल रहा है। आरोपी पर पहले से ही 6 मामले दर्ज हैं।

मुंबई: विक्रोली में एक घर से 2 करोड़ की चरस बरामद, दो सप्लायर गिरफ्तार

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मुंबई । मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 7 ने शहर में सक्रिय नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए विक्रोली के पार्क साइट इलाके से दो ड्रग्स सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 किलो से अधिक चरस बरामद की है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2.03 करोड़ रुपए है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशोर शेडगे और राजेश गावड़े के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि यह एक बड़ा नेटवर्क है, जिसकी कड़ियों को जोड़ने और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। दोनों के पास से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच से नेटवर्क के अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मुंबई में चरस की सप्लाई और बिक्री में सक्रिय हैं। सूचना के अनुसार, आरोपी विक्रोली पश्चिम के एक कमरे में बड़ी मात्रा में चरस छिपाकर रखे हुए थे और उसे बाजार में बेचने की तैयारी कर रहे थे। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने तुरंत टीम गठित कर ऑपरेशन की योजना बनाई।

मुंबई: विक्रोली में एक घर से 2 करोड़ की चरस बरामद, दो सप्लायर गिरफ्तार
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इसके बाद पुलिस टीम विक्रोली के लिए रवाना हुई और पार्कसाइट इलाके में बताए गए पते पर पहुंची। जैसे ही दरवाजा खुला तो पुलिस ने देखा कि दो लोग प्लास्टिक बैग लेकर निकलने की तैयारी में थे। तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के पास से पुलिस ने चरस बरामद किया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी किशोर शेडगे ने खुलासा किया कि बरामद चरस उसे प्रणय मोरे ने ओम कामटे के जरिए सप्लाई की थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने यह कमरा सिर्फ 5 दिन पहले किराए पर लिया था और कोई लिखित एग्रीमेंट नहीं किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इस अस्थायी ठिकाने का इस्तेमाल ड्रग्स छिपाने और सप्लाई के लिए कर रहे थे।
पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है।