मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू
मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

मुंबई । मुंबई के जुहू इलाके स्थित एक रिहायशी घर में अवैध रूप से मगरमच्छ और कछुए को पाले जाने का खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस के अनुसार, वन विभाग, मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 और एक एनजीओ की संयुक्त कार्रवाई में दोनों वन्य जीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। इस मामले में 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि जुहू इलाके के एक घर में मगरमच्छ रखा गया है। इसके बाद वरिष्ठ वन अधिकारी के निर्देश पर अंधेरी रेंज कार्यालय से जुड़े फॉरेस्ट गार्ड रोशन बिंदे ने मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और ‘सर्प इंडिया’ एनजीओ की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई। संयुक्त टीम जुहू के जेआर म्हात्रे मार्ग स्थित रुइया पार्क, मोरागांव शंकर चाल पहुंची। पुलिस के अनुसार, पुख्ता जानकारी के आधार पर इस घर में छापा मारा गया,

मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू
मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

जहां कार्रवाई के दौरान दो स्वतंत्र पंच गवाह भी मौजूद थे। घर का दरवाजा खुलने पर वहां एक महिला और एक युवक मिले, जिनकी पहचान शाहिदा शेख और उनके भाई इमरान शेख के रूप में हुई। तलाशी के दौरान घर के एक छोटे से कमरे में रखे कांच के टैंक से एक जिंदा भारतीय मगरमच्छ और इंडियन स्पॉटेड टर्टल बरामद किया गया। दोनों ही जीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिन्हें निजी तौर पर रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है और यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ दोनों जानवरों को विशेष पिंजरों में बाहर निकाला। इस दौरान पूरी कार्रवाई की रिकॉर्डिंग भी की गई। पूछताछ में शाहिदा शेख ने बताया कि ये जानवर उनके भाई इमरान इस्माइल शेख घर लेकर आया था, जबकि इमरान पूछताछ के दौरान जानवरों के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से टालमटोल करता रहा। इसके बाद पुलिस ने इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 48 और 51 के तहत मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है, जहां उन्हें उचित देखभाल और पुनर्वास के लिए भेजा जाएगा।

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

जालंधर । पंजाब के जालंधर में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता लक्की ओबोराय की हत्या कर दी गई। मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर आप नेता की हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें लक्की ओबोराय के शरीर में करीब पांच गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद जालंधर शहर में दहशत का माहौल बन गया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली रही है। साथ ही, हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस


बताया जा रहा है कि लक्की ओबोराय की पत्नी ने आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लक्की ओबोराय, कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा के करीबी माने जाते थे और पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
घटना के बाद पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन जयंत परी ने बताया कि लक्की ओबोराय को एक से अधिक गोलियां लगी हैं और यह फायरिंग अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए राजनीतिक रंजिश, निजी दुश्मनी और अन्य संभावित एंगल्स की भी जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।

अल फलाह यूनिवर्सिटी का चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।
नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था।

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था।
इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है।
ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।
नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।


इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है।
ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।

जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो

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नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में हुए एक घटनाक्रम की खूब चर्चा हो रही है। सांसद शशि थरूर संसद परिसर की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ाए और उन्हें सपा मुखिया अखिलेश यादव ने संभाला। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कांग्रेस सांसद शशि थरूर संसद परिसर की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही उन्होंने सीढ़ी पर पैर रखा, थरूर फिसल गए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उनके बगल में खड़े थे और वे तुरंत थरूर को उठने में मदद करने लगे।
इसके बाद दोनों में थोड़ी सी बातचीत भी हुई। इसके बाद अखिलेश यादव थरूर का हाथ पकड़कर कुछ सीढ़ियों से उतरते दिखाई दिए। इसके बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर कई लोगों ने चिंता व्यक्त की थी। अब इस वीडियो को खुद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो
जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो


शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, “जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा। मैं ठीक हूं।” थरूर के इस बयान के अब राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
संसद भवन में हुई एक और घटना की दिनभर चर्चा रही। संसद परिसर में बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक हो गई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि चिंता मत करो, तुम वापस आओगे।
इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहा। हालांकि, राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री से हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन बिना हाथ मिलाए रवनीत सिंह बिट्टू चले गए। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा राहुल गांधी पर हमलावर है।
बिट्टू को गद्दार कहे जाने पर दिल्ली के सात भाजपा सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को निंदनीय करार दिया है। भाजपा सांसदों का दावा है कि राहुल गांधी ने सिख समुदाय की अस्मिता पर सीधा प्रहार किया है।

दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली । दक्षिण दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र में हुई मारपीट की एक घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 3 फरवरी को महरौली पुलिस स्टेशन को अनूपम अपार्टमेंट्स, इग्नू रोड, साकेत के पास एक व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने की सूचना को लेकर पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना पाकर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल व्यक्ति की पहचान संगम विहार निवासी मुकेश (26) के रूप में की और तुरंत उसे चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। घायल व्यक्ति को इलाज के लिए पहले पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस की ओर से की गई त्वरित जांच में सामने आया कि इस घटना में चार लोगों ने मिलकर मुकेश पर हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए

दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार

एफआईआर संख्या 113/26 भारतीय न्याय संहिता की धारा 110/79/126(2)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया। घटना के बाद जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में बताया गया कि पुलिस की सटीक रणनीति और समन्वित कार्रवाई के चलते सभी चारों आरोपियों की जल्द ही पहचान कर उन्हें ट्रेस किया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
प्रेस नेट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विशाल रावत (26) पुत्र बालम सिंह रावत, जतिन (20) पुत्र राकेश गुप्ता, सोनू (25) पुत्र शहजाद अली, और विवेक (20) शामिल हैं। सभी आरोपियों को संगम विहार क्षेत्र से ही गिरफ्तार किया गया है।

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है
जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

जयपुर। राजस्थान की राजधानी के महेश नगर इलाके में बुधवार शाम एक सस्पेंडेड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मनोहर लाल भादू (35) के रूप में हुई है, जो जालोर के सांचौर के रहने वाले थे। मौत से पहले लिखे एक मार्मिक और सनसनीखेज सुसाइड नोट में उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी मौत को ‘इरादतन हत्या’ करार दिया है।सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल मनोहर लाल ने सुसाइड नोट में एसओजी (SOG) और पुलिस के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें उन मामलों में घसीटा गया जिनमें उनका नाम तक नहीं था। नोट के मुताबिक:
जांच अधिकारियों ने उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की।
उन्हें डरा-धमकाकर जबरन कई चार्जशीट में आरोपी बनाया गया।
आर्थिक तंगी और झूठे आरोपों के कारण वे पिछले 4 साल से संघर्ष कर रहे थे।
मृतक ने लिखा, “मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है। मैं कमजोर नहीं हूं, लेकिन गलत आरोप अब सहन नहीं हो रहे।”
मानवता को शर्मसार करती संवेदनहीनता
घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर जो मंजर दिखा, उसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। चश्मदीदों के अनुसार, मनोहर लाल का शव करीब 3 घंटे तक ट्रैक पर ही पड़ा रहा। इस दौरान उनके शरीर के ऊपर से तीन ट्रेनें गुजर गईं, जिससे शव क्षत-विक्षत हो गया। अंत में वहां मौजूद एक राहगीर ने खुद शव को उठाकर ट्रैक से किनारे किया और पुलिस को सूचना दी।

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है
जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

परिवार के इकलौते सहारा थे मनोहर
मनोहर लाल जयपुर में किराए के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उनके तीन बच्चे और पत्नी गांव में रहते हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने परिवार का जिक्र करते हुए लिखा कि वह घर के 20 सदस्यों को संभालने वाले अकेले व्यक्ति थे, लेकिन व्यवस्था के दबाव ने उन्हें टूटने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस का पक्ष
महेश नगर थाना पुलिस ने शव को सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। थानाधिकारी सुरेश यादव ने मीडिया को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सुसाइड नोट की सत्यता की जांच की जा रही है। परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में

NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में

NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में
NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक बार फिर मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। फरवरी के पहले सप्ताह में ठंड के असर में कमी आने लगी है और अधिकतम व न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और इजाफा देखने को मिलेगा। हालांकि तापमान बढ़ने के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने भी चिंता बढ़ा दी है। एनसीआर के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार 5 फरवरी से 10 फरवरी तक एनसीआर में मौसम शुष्क बना रहेगा और सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। 5 फरवरी को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जाएगा। 6 और 7 फरवरी को न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के आसपास रहेगा, वहीं 8, 9 और 10 फरवरी को अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
इन दिनों आर्द्रता 90 से 100 प्रतिशत तक बनी रहने के कारण सुबह के समय शैलो फॉग और मॉडरेट फॉग की स्थिति देखने को मिल रही है। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। दूसरी ओर, एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।

NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में
NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में


दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया गया। आनंद विहार में एक्यूआई 327, अशोक विहार 315, बवाना 307, आर.के. पुरम 309, रोहिणी 317, वजीरपुर 319 और विवेक विहार में एक्यूआई 343 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। पुसा क्षेत्र में डीपीसीसी स्टेशन पर एक्यूआई 332 जबकि आईएमडी स्टेशन पर 219 रिकॉर्ड किया गया। नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक्यूआई 342, वसुंधरा में 329 और इंदिरापुरम में 326 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 310, सेक्टर-1 में 289 और सेक्टर-116 में 282 रहा। कुछ क्षेत्रों में एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया, लेकिन अधिकांश इलाके बेहद खराब श्रेणी में बने हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार तापमान बढ़ने और हवा की रफ्तार कम रहने से प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। एनसीआर में मौसम भले ही धीरे-धीरे गर्माहट की ओर बढ़ रहा हो, लेकिन बढ़ता वायु प्रदूषण आम लोगों की सेहत के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज
तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

चेन्नई । तमिलनाडु में 2025 में एक लाख से ज्यादा नए कैंसर केस सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से संसद में पेश किए गए डेटा के अनुसार, 2025 के लेटेस्ट आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में 1,00,097 नए मामले सामने आए हैं, जो मामलों में तेजी से और लगातार बढ़ोतरी को दिखाता है और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच रोकथाम, शुरुआती पहचान और इलाज की क्षमता को लेकर चिंता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मजबूत स्क्रीनिंग प्रोग्राम और लाइफस्टाइल में बदलाव के बिना, आने वाले सालों में संख्या बढ़ती रह सकती है। पिछले पांच सालों से यह बढ़ता हुआ ट्रेंड लगातार बना हुआ है। सालाना रजिस्ट्रेशन 2020 में 68,750 मामलों से बढ़कर 2021 में 76,968, 2022 में 89,265, 2023 में 92,816, और 2024 में 96,486 हो गए, और 2025 में एक लाख का आंकड़ा पार कर गया।
यह लगातार बढ़ोतरी बढ़ती बीमारी के बोझ और सभी जिलों में मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की तुरंत जरूरत को दिखाती है।
वहीं, 2025 में सामने आए नए मामलों में से 53,542 मरीज महिलाएं थीं, जबकि 46,555 पुरुष थे। तमिलनाडु में फिलहाल कैंसर के साथ जी रहे लोगों की कुल संख्या 1,09,097 हो गई है, जो बढ़ते मामलों और बेहतर इलाज दोनों को दिखाता है, जिसके लिए लगातार मेडिकल सपोर्ट की जरूरत है।

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज
तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

चेन्नई में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, इस साल 8,505 नए मामले दर्ज किए गए। इसके बाद कांचीपुरम में 7,295 और वेल्लोर में 6,525 मामले सामने आए।
शहरी इलाकों में ज्यादा मामलों की वजह लाइफस्टाइल से जुड़े रिस्क फैक्टर, प्रदूषण, तनाव और देरी से बीमारी का पता चलना बताया जाता है।
कैंसर के पैटर्न भी जेंडर के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। पुरुषों में, मुंह का कैंसर सबसे आम है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू का सेवन है, इसके बाद कोलोरेक्टल और पेट का कैंसर आता है। महिलाओं में, ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है, जिसमें सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर का भी बड़ा हिस्सा है, जो ज्यादा जागरूकता और नियमित सामुदायिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम की जरूरत को दिखाता है।
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के लगभग आधे मामले एडवांस स्टेज में पता चलते हैं, जिससे बचने की संभावना कम हो जाती है और इलाज का खर्च बढ़ जाता है।
इस बीच, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से संसद में पेश किए गए डेटा से पता चला है कि 2025 में 10,821 मौतें सिर्फ ओवेरियन, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी थीं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये आंकड़े पॉलिसी बनाने वालों और आम जनता दोनों के लिए एक वेक-अप कॉल हैं ताकि बढ़ते कैंसर के बोझ को कम करने के लिए जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच को प्राथमिकता दी जा सके।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन

वाशिंगटन । बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा के खिलाफ अमेरिका में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के 25 शहरों में शांतिपूर्ण जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं। कड़ाके की ठंड, बर्फबारी और जमी हुई सड़कों के बावजूद इन रैलियों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने बांग्लादेश में धार्मिक रूप से लक्षित हिंसा के पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने सिटी हॉल और सिविक सेंटर्स पर एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए अपने प्रयासों को गैर-राजनीतिक और मानवीय बताया। प्रदर्शनकारियों ने मौन रखा और प्रार्थनाएं की। एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कमजोर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण अपील भी जारी की।
मिडवेस्ट से लेकर पूर्वी और पश्चिमी तटों तक प्रदर्शनकारियों ने लिंचिंग, आगजनी, यौन हिंसा और लक्षित हत्याओं की रिपोर्ट की गई घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किए और लोगों को इनके बारे में बताया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का समन्वय दैपायन देब, दीप्ति महाजन, गीता सिकंद और दिव्या जैन ने किया।
दैपायन देब ने कहा, “ये रैलियां शांतिपूर्ण, गरिमापूर्ण और मानवीय उद्देश्य वाली थीं।”
दीप्ति महाजन ने कहा कि ये आयोजन राजनीति से नहीं, बल्कि करुणा से प्रेरित थे। उन्होंने कहा, “यह मानवीय गरिमा के लिए खड़े होने की बात थी, न कि राजनीति की। जब निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है, तो करुणा डर या असुविधा से ऊपर होनी चाहिए।”

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन


गीता सिकंद ने कहा कि रैलियों ने समुदायों और धर्मों के बीच एकता को दर्शाया है। गीता सिकंद ने कहा, “रैलियों में बांग्लादेशी हिंदू अमेरिकियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच हिंदुओं के अस्तित्व के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की।” उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश सरकार की उदासीनता चिंताजनक है, क्योंकि उसने हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं।
दिव्या जैन ने इन अभियानों को शांत लेकिन प्रभावशाली संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “आज हमने जो देखा वह शांत शक्ति थी। यह दर्शाती है कि जागरूकता की शुरुआत सामने आने से होती है।”
कई शहरों में आयोजित प्रदर्शनों में स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों और नागरिक नेताओं ने भी हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, इससे शांतिपूर्ण नागरिक अभिव्यक्ति और समुदाय-नेतृत्व वाले प्रयासों की अहमियत उजागर हुई, जो वैश्विक मानवाधिकार मुद्दों को सामने लाने में सहायक हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

नई दिल्ली। भारत रत्न से सम्मानित प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी ने अपने भजनों और अद्भुत संगीत के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। अनेक भारतीय भाषाओं में गायन कर उन्होंने समाज को जोड़ने का भी उल्लेखनीय कार्य किया। भीमसेन जोशी जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।” केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान गायक एवं ‘भारत रत्न’ पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। उनकी साधना से सजी अमर स्वर-परंपरा भारतीय संगीत और संस्कृति को सदैव गौरव प्रदान करती रहेगी।”
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मां सरस्वती के परम उपासक, महान शास्त्रीय गायक, ‘भारत रत्न’ पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन अर्पित करता हूं। हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में नए युग का सूत्रपात करने वाले पंडित को उनकी महान संगीत साधना के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा।”
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतरत्न स्वरभास्कर पंडित भीमसेन जोशी यांच्या जयंतीदिनी त्यांना विनम्र अभिवादन।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “संगीत के सच्चे सेवक, अपनी अद्वितीय आवाज से ठुमरी और भजन गायन को नई ऊंचाइयां प्रदान करने वाले, भारत रत्न, पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर कोटिश: नमन करता हूं। आपकी अनुपम आवाज से संगीत जगत सदैव सुवासित होता रहेगा।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान गायक, भारत रत्न से सम्मानित पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।”
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक, भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में आपका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय शास्त्रीय संगीत के विश्वविख्यात गायक एवं ‘भारत रत्न’ से अलंकृत पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। उनकी साधना से निखरी अमर स्वर-परंपरा भारतीय संगीत और संस्कृति को सदैव गौरव प्रदान करती रहेगी।”