देहरादून में घूमती मिली दो संदिग्ध महिलाएं, पुलिस ने की पूछताछ तो सामने आया ऐसा सच मच गया हड़कंप
देहरादून।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दो संदिग्ध महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला कि दोनों घुसपैठ कर भारत में आई हैं। घुसपैठ कर भारतीय सीमा में दाखिल हुई दो बांग्लादेशी महिलाओं को दून पुलिस ने आइएसबीटी क्षेत्र चंद्रबनी से गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं पिछले छह माह से क्षेत्र में रह रही थी। इससे पहले वह दिल्ली में भी रहकर आई हैं। गिरफ्तार बांग्लादेशी महिलाओं की पहचान यासमीन निवासी होल्डिंग शहीद मिया कालोनी, ग्राम तेर रतन पोस्ट सिलहट सदर, सिलहट नगर निगम सिलहट बांग्लादेश व राशिदा बेगम निवासी ग्राम रामों थाना व जिला चटग्राम बांग्लादेश के रूप में हुई है। दून पुलिस अब तक सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफतार कर चुकी है।ऑपरेशन कालनेमि
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले तथा छदम वेष धारण कर लोगों को भय व लोभ दिखाकर ठगने वाले फर्जी बाबाओं के विरुद्ध ऑपरेशन कालनेमि के तहत सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र में गहनता से चेकिंग के निर्देश जारी किए गए हैँ।
देहरादून में घूमती मिली दो संदिग्ध महिलाएं, पुलिस ने की पूछताछ तो सामने आया ऐसा सच मच गया हड़कंप
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में स्थानीय पुलिस, एलआइयू व एसओजी की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान पूजा विहार चंद्रबनी क्षेत्र से दो संदिग्ध महिलाओं को गिरफ्तार किया। गहनता से पूछताछ करने व तलाशी लेने पर दोनों महिलाओं का बाग्लादेश की नागरिक होना प्रकाश में आया। दोनों महिलाओं ने अवैध रूप से पश्चिमी बंगाल सीमा से भारतीय सीमा में घुसपैठ करना स्वीकार किया। दोनों महिलाओं के पास से उनके बांग्लादेशी परिचय पत्र व परिवार रजिस्टर का विवरण बरामद किया गया। जिसके आधार पर दोनों बाग्लादेशी महिलाओं को नियमानुसार बाग्लादेश डिपोर्ट करने के संबंध कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी ने बताया कि
आपेरशन कालनेमि के के तहत पूर्व में भी देहरादून में अवैध रूप से निवास कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट करते हुए अब तक सात बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। गिरफ्तार दो बांग्लादेशी महिला नागरिकों के विरुद्ध नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए उनको डिपोर्ट किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर के खालापार में नाबालिगों का गैंग, चाकू-बेल्ट लेकर फैला रहे दहशत, पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
मुजफ्फरनगर।
शहर के मोहल्ला खालापार थाने के पास इन दिनों कुछ नव युवक और नाबालिग बच्चे जमावड़ा लगाकर खुलेआम माहौल बिगाड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये बच्चे हाथों में चैन वाले चाकू और बेल्ट लेकर सड़कों पर गाली-गलौज करते हैं और ग्रुप बनाकर राहगीरों से मारपीट तक कर देते हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद चौकी इंचार्ज ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।क्षेत्रवासियों का कहना है कि
मुजफ्फरनगर के खालापार में नाबालिगों का गैंग, चाकू-बेल्ट लेकर फैला रहे दहशत, पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
इस वजह से आमजन में भय का माहौल है और मोहल्ले में बच्चों व महिलाओं का निकलना तक मुश्किल हो गया है। नाराज़ लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि थाना पुलिस स्तर पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे सीधे एसएसपी से मिलकर इस समस्या का समाधान कराने की मांग करेंगे। प्रकरण को लेकर चौकी प्रभारी लोकेश गौतम से स्थानीय लोग नाराज।।
महिलाओं पर चढ़ा आशिकी का खुमार,उत्तर प्रदेश में पतियों को उतारा जा रहा है मौत के घाट
कानपुर के सचेंडी में भांजे से अवैध संबंधों के चलते महिला ने पति की निर्मम हत्या कर दी. .
महिला ने अपने प्रेमी भांजे के साथ मिलकर पति की साबड़ से सिर कूच कर मार डाला. इतना ही नहीं हत्याकांड के बाद घर के पीछे बगीचे में उसका शव दफन कर दिया. शव को गलाने के लिए दोनों ने मिलकर 12 किलो नमक डालकर दफन कर दिया था. अब 10 महीने बाद बहन ने गुमशुदगी दर्ज कराई तो इस हत्याकांड का खुलासा हुआ है. पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी और उसके भांजे को गिरफ्तार कर लिया है.
यहां का है पूरा मामला
मूलरुप से बांदा के मवई घाट व वर्तमान में सचेंडी के लालूपुर गांव के रहने 50 साल शिवबीर सिंह गुजरात में प्राइवेट नौकरी करते थे. म्रतक शिवबीर की बहन कांती ने पुलिस बताया कि 6 साल पहले शिवबीर पत्नी व बच्चों के साथ गांव में रहने के लिए आया था. गांव में मकान न होने के कारण भांजे अमित ने अपने घर के सामने उन्हें जगह दी थी, जहां शिवबीर झोपड़ी बनाकर मां सावित्री, पत्नी व बच्चों के साथ रहता था. इस दौरान अमित के अपनी मामी लक्ष्मी से प्रेम संबंध हो गए थे.
महिलाओं पर चढ़ा आशिकी का खुमार,उत्तर प्रदेश में पतियों को उतारा जा रहा है मौत के घाट
अवैध संबंधों का पता चलने के बाद पति पत्नी में होता था झगड़ा
ग्रामीणों से भांजे और पत्नी के अवैध संबंधों की जानकारी होने पर शिवबीर शराब पीकर पत्नी संग मारपीट करता था. जिस पर लक्ष्मी ने पति को रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी भांजे के साथ उसकी हत्या का प्लान तैयार किया. 1 नवंबर 2024 की रात लक्ष्मी ने पूरे परिवार को चाय में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दी.
परिजनों के बेसुध होने के बाद लक्ष्मी ने अमित को बुलाया और शिवबीर के सिर पर साबड़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी. हत्या करने बाद आरोपियों ने उसके शव को घर से 500 मीटर की दूरी पर हरिपाल और देवपाल के बगीचे में दफना दिया था. सुबह सोकर उठे बच्चों ने पिता के बारे में पूछा तो लक्ष्मी ने बताया कि नौकरी के लिए फोन आ गया था, जिस पर शिवबीर देर रात गुजरात के लिए रवाना हो गए.बेटे ने मां से फोन पर की बात
5 नवंबर को शिवबीर का बड़ा बेटा आनंद नौकरी करने राजस्थान चला गया था. इस दौरान आनंद ने मां लक्ष्मी को फोन कर कई बार पिता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उनकी बात हो गई है, वह ठीक हैं.
आनंद ने मां से पिता का नंबर मांगा तो उसने बताया कि फैक्ट्री में फोन पर बात करने की अनुमति नहीं है, उनका मोबाइल नंबर भी नया है, इसलिए उसे याद भी नहीं है आनंद ने रक्षाबंधन पर घर आने के लिए मां को फोन किया.
इस दौरान उसने पिता का मोबाइल नंबर मांगते हुए उन्हें भी साथ लाने की बात कही, जिस पर लक्ष्मी ने दो माह से शिवबीर से बात न होने की बात कही. मां सावित्री ने बताया कि कई बार उन्होंने भी बेटे के बारे में पूछा तो लक्ष्मी ने लगातार बात होने की जानकारी दी थी.
मृतक ने बहन ने दर्ज कराई गुमशुदगी
मृतक की बहन ने 19 अगस्त को दर्ज कराई गुमशुदगी आनंद के गांव पहुंचने पर उसने बुआ कांति को पूरी बात बताई. परिजनों को अनहोनी की आंशका हुई की शिवबीर की बहन कांति ने सचेंडी थाने में 19 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराई. जांच शुरू हुई तो पुलिस को शिवबीर के घर से 500 मीटर दूर रहने वाले भांजे अमित और लक्ष्मी के प्रेम संबंधों की जानकारी हुई.
पुलिस ने लक्ष्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वह टूट गई और उसने पति की हत्या की बात कबूली. हत्याकांड की बात सुन पुलिस सन्न रह गई, पुलिस ने अमित को हिरासत में लिया.
ACP शिखर कुमार ने बताया कि हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 10 माह बाद बगीचे में खोदाई शुरू की तो वहां से शिवबीर के कंकाल के कुछ अवशेष, बनियान व गले का लॉकेट मिला. परिजनों ने लॉकेट से पहचान कर शव की शिनाख्त की.
13.09.2025 को वाराणसी डीआईजी ने जौनपुर में अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
आज दिनांक-13.09.2025 को श्री वैभव कृष्ण,
पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी द्वारा डा0 कौस्तुभ पुलिस अधीक्षक जौनपुर की उपस्थिति में पुलिस लाइन सभागार जनपद जौनपुर में अपराध एवं कानून व्यवस्था के दृष्टिगत समीक्षा बैठक की गई। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थाना प्रभारी, समस्त शाखा/कार्यालय प्रभारी मौजूद रहे। अपराध गोष्ठी के दौरान जनपद में चिन्हित माफियाओं के विरुध्द कठोर कार्यवाही, सनसनीखेज अपराधों जैसे- हत्या, लूट, बलात्कार, छेड़- छाड़ ,गो तस्करी, शराब तस्करी आदि से सम्बंधित अभियोग के विरुद्ध कार्यवाही गृह- चोरी एवं नकबजनी के अपराधियों के गैंगशीट खोलकर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए गए। घटित आपराधिक घटनाओं व पंजीकृत अभियोगों तथा लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए समयबद्ध गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने तथा वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया । महिला संबंधी अपराधों को नियंत्रित करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने, गुंडा एक्ट के अन्तर्गत जिलाबदर की कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया।
13.09.2025 को वाराणसी डीआईजी ने जौनपुर में अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
आपरेशन कनविक्शन के तहत
गम्भीर अपराधों, हत्या दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, लूट आदि के अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा दिलाने हेतु भी निर्देश दिये गये , जनसुनवाई में जनता की समस्याओं को शालीनतापूर्वक सुनकर व निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाने हेतु विधिक निस्तारण सुनिश्चित करने, अवैध शराब के विरूद्ध निरंतर अभियान चलाकर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने, थानों पर दाखिल विभिन्न अभियोगों से संबंधित माल मुकदमाती के विधिक निस्तारण हेतु निर्देश दिये गये साथ ही आपरेशन त्रिनेत्र अभियान के तहत अपने-अपने थानाक्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थानों, प्रतिष्ठानों, गांवों आदि में लोगों से संपर्क स्थापित कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में सीसीटीवी कैमरा सड़क मार्ग को कवर करते हुए लगवाने हेतु बताया गया।
तत्पश्चात जनपद जौनपुर के पुलिस लाइन में
आरटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों/आईटीआई/पीटीआई का सम्मलेन किया गया। इस दौरान रिक्रूट आरक्षियों से वार्ता कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं आवासीय व्यवस्था के साथ-साथ मेस, भोजन, पानी आदि समस्त मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई l सम्मेलन में मौजूद रिक्रूट प्रशिक्षुओ द्वारा संस्था प्रमुख से व्यवस्था की सराहना करते हुए अपने सुझाव दिए गए l प्रशिक्षण को और बेहतर बनाये जाने के दृष्टिगत सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। एवं महोदय द्वारा आईटीआई/पीटीआई प्रशिक्षको को जूता व बैग का वितरण किया गया। तत्पश्चात महोदय द्वारा पुलिस लाइन में नवनिर्मित साइबर लैब का फीता काट कर उद्दाघन किया गया ।
बहराइच में भेड़िए का कहर, 4 साल की बच्ची को बनाया निवाला
बहराइच,
उत्तर प्रदेश। बहराइच में भेड़ियों के आतंक ने एक बार फिर भय का माहौल बना दिया है। जिले के एक गांव में चार साल की ज्योति घर के बाहर बैठकर खाना खा रही थी। उसी दौरान भेड़िए ने अचानक हमला कर उसका मुंह अपने जबड़े में दबाया और उठाकर खेत की तरफ भाग गया। ज्योति की माँ दाल लाने करीब 20 मीटर दूर गई थीं। पास ही लेटे दादा ने शोर मचाया, लेकिन भेड़िए ने बच्ची को नहीं छोड़ा। शोर सुनकर गांव के 30-35 लोग दौड़ते हुए खेतों तक पहुँचे, पर तब तक भेड़िए ने बच्ची को गायब कर दिया था। अगली सुबह गांव से करीब 300 मीटर दूर ज्योति की लाश मिली। उसके बायाँ पैर पूरी तरह गायब था और दाहिने हाथ व पीठ के हिस्से का मांस भी नोचा हुआ था। यह देखकर पूरा गांव स्तब्ध रह गया। इस घटना के बाद लोग डर के साए में जी रहे हैं। शाम होते ही घरों के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं। पहले ज्योति को निशाना बनाया गया और अगले ही दिन पड़ोस के गांव में एक बुजुर्ग महिला पर भी हमला हुआ। प्रशासन सतर्कता का दावा कर रहा है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने ग्रामीणों में दहशत और असुरक्षा बढ़ा दी है। लोग सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं ताकि बच्चों और बुजुर्गों की जान सुरक्षित रह सके।
बहराइच में भेड़िए का कहर, 4 साल की बच्ची को बनाया निवाला
बहराइच. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के महसी तहसील के बहोरवा गांव में एक बार फिर भेड़िए के हमले ने दहशत फैला दी है. गुरुवार देर रात एक जंगली जानवर ने मां के साथ सो रही तीन महीने की मासूम बच्ची को उठा ले गया. सुबह ग्रामीणों को गन्ने के खेत में बच्ची के शव के अवशेष मिले. यह घटना उस इलाके में हुई, जहां दो दिन पहले एक सात साल की बच्ची भी भेड़िए का शिकार बन चुकी है. लगातार हो रहे इन हमलों से क्षेत्र में भय का माहौल है.
घटना गुरुवार रात करीब 1 बजे की है, जब बहोरवा गांव की रहने वाली रानी (बदला हुआ नाम) अपनी तीन महीने की बेटी के साथ घर के बरामदे में सो रही थी. अचानक एक हिंसक जानवर ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया. मां की चीख सुनकर परिजन और पड़ोसी जाग गए और तुरंत बच्ची की तलाश शुरू की. रातभर खोजबीन के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला. सुबह ग्रामीणों ने गांव से करीब 600 मीटर दूर गन्ने के खेत में बच्ची के शव के अवशेष बरामद किए, जो क्षत-विक्षत हालत में थे.
हिमाचल में अनियंत्रित विकास पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पर्यावरण नुकसान पर चिंता जताई, फैसला 23 सितंबर को
हिमाचल प्रदेश ।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में अनियंत्रित विकास से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को मामले में सुनवाई की। अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में 23 सितंबर को आदेश पारित किया जाएगा।कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई के समय हिमाचल में एक और भयावह पर्यावरणीय घटना हुई, जो चिंता का विषय है। कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी ने सुझाव दिया कि इस मामले का दायरा बहुत व्यापक है, इसलिए एक समिति गठित की जा सकती है जो इसके विभिन्न पहलुओं की गहन जांच करे। हिमाचल प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लेशियरों का पांचवां हिस्सा गायब हो चुका है, जिससे नदियों का तंत्र प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन का पहाड़ों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है।
हिमाचल में अनियंत्रित विकास पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पर्यावरण नुकसान पर चिंता जताई, फैसला 23 सितंबर को
इससे पहले, राज्य में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने कहा था कि जलवायु परिवर्तन का राज्य पर ‘स्पष्ट और चिंताजनक प्रभाव’ पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि अगर अनियंत्रित विकास इसी तरह जारी रहा तो हिमाचल प्रदेश एक दिन नक्शे से गायब हो सकता है। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। अपने जवाब में राज्य सरकार को बताना था कि उसने पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए हैं और भविष्य को लेकर क्या योजना है। सोमवार को राज्य सरकार ने कोर्ट के निर्देश के अनुसार रिपोर्ट दाखिल की है।
कस्बे में नशे की हालत में उत्पात मचाने वालों के खिलाफ महवा थाना पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे छह युवकों को गिरफ्तार किया है, जो बीते कुछ दिनों से सार्वजनिक स्थलों पर नशा कर उत्पात मचा रहे थे और आमजन को परेशान कर रहे थे। इनकी हरकतों से न सिर्फ क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा था बल्कि कस्बे के व्यापारी वर्ग, महिलाओं और राहगीरों में भय और असुरक्षा की भावना पनप रही थी।
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
थानाधिकारी राजेन्द्र कुमार मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि महवा कस्बे में नशा करने वाले कुछ असामाजिक तत्व लगातार उत्पात मचा रहे थे। आए दिन इनकी हरकतों की शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं। आमजन, दुकानदार और क्षेत्रवासियों ने थाने में लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ युवक नशे की हालत में सड़कों पर झगड़ा करते हैं, राहगीरों से बदतमीजी करते हैं और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थानाधिकारी मीना ने एक विशेष पुलिस टीम गठित की, जिसमें हेड कांस्टेबल करनसिंह, गौरीशंकर, राजेश कुमार, बलवीर और उम्मेदी शामिल थे। टीम को निर्देश दिए गए कि वे तत्काल क्षेत्र में सक्रिय होकर इन असामाजिक तत्वों की पहचान कर कार्यवाही करें।
इन युवकों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाई तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। शनिवार की रात को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक कस्बे के अलग-अलग क्षेत्रों में नशे की हालत में उत्पात मचा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित युवकों को गिरफ्तार किया:
चरनसिंह पुत्र रघुवीरसिंह जाटव, निवासी बुडवारी कलां, थाना नदबई, जिला भरतपुर
मोहनलाल पुत्र गुलाबचन्द ब्राह्मण, निवासी विश्वकर्मा मंदिर के पास, महवा
लड्डू गोपाल पुत्र आंगनलाल पटवा, निवासी अनाह गेट, भरतपुर
संजय खान पुत्र बाबू खां मुसलमान, निवासी इन्द्रा कॉलोनी, महवा
सहीम पुत्र जमील मुसलमान, निवासी इस्लाम मोहल्ला, मोटूका रोड, महवा
चांद कुरैशी पुत्र सत्तार कुरैशी, निवासी गणेश चौक, महवा
महवा में नशा कर उत्पात मचाने वाले 6 युवक गिरफ्तार
इन सभी आरोपियों को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और थाने लाया गया, जहां इनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में इन सभी ने सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने और गाली-गलौज, उत्पात करने की बात कबूली है।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की थी साजिश?
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से कुछ युवक अक्सर सार्वजनिक स्थलों, जैसे पार्क, मंदिरों के पास, बाज़ार और बस स्टैंड जैसे स्थानों पर एकत्र होकर नशा करते थे और फिर वहां मौजूद लोगों से झगड़ा करते थे। कई बार इन्होंने दुकानदारों से जबरदस्ती सामान मांगने या पैसे लेने का प्रयास किया था। महिलाओं के साथ बदसलूकी की भी शिकायतें आई थीं, हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है।
थानाधिकारी मीना ने बताया कि इन आरोपियों की पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है कि कहीं इनमें से कोई अपराधी प्रवृत्ति का तो नहीं है या किसी अन्य मामले में भी वांछित तो नहीं है। यदि कोई आपराधिक इतिहास सामने आता है तो आगे की कार्रवाई और कड़ी की जाएगी।
पुलिस की सक्रियता से आमजन में संतोष
महवा कस्बे के नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लंबे समय से क्षेत्र में नशेड़ियों के कारण उत्पन्न असुरक्षा के माहौल को देखते हुए यह कार्रवाई एक राहत के रूप में देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि इन युवकों की हरकतों के कारण ग्राहक भी दुकान पर आने से कतराते थे। वहीं महिलाओं ने कहा कि दिनदहाड़े सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया था। पुलिस की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई से अब क्षेत्र में सुरक्षा का भाव लौटा है।
क्या कहती है पुलिस
थानाधिकारी राजेन्द्र कुमार मीना ने स्पष्ट किया कि:
“महवा क्षेत्र में नशा फैलाने या नशा करके उत्पात मचाने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। जो भी कानून व्यवस्था को चुनौती देगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है।”
उन्होंने यह भी बताया कि नशे के स्रोतों का भी पता लगाया जा रहा है। इन युवकों को नशा कहां से और कैसे मिलता है, इस पर भी जांच की जा रही है। यदि नशा सप्लाई करने वालों की जानकारी मिलती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
महवा थाना पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई एक उदाहरण बन गई है कि यदि पुलिस तत्पर हो और आमजन की शिकायतों को गंभीरता से ले, तो क्षेत्र से अपराध और असामाजिक गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सकता है। नशे के खिलाफ चल रही इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए यदि स्थानीय समाज भी सहयोग करे, तो महवा ही नहीं बल्कि पूरे दौसा जिले को नशा मुक्त और शांतिपूर्ण क्षेत्र में बदला जा सकता है।
आमजन से अपील है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी नशा तस्कर या नशेड़ी की जानकारी रखता है, तो उसकी सूचना नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर दे। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और समाज हित में यह एक बड़ा कदम होगा।
ऑपरेशन साइबर संग्राम : साइबर ठगों के सिंडिकेट का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार
अलवर।
पुलिस ने ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट (संदिग्ध बैंक खाते) उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1 लाख 58 हजार रुपये नकद, एक थार गाड़ी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस गिरोह का मुख्य आरोपी बरकत अली को पहले ही 4 सितम्बर को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देश पर की गई, जिसमें ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन और ओएलएक्स फ्रॉड जैसे मामलों की जांच की जा रही थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ आईपीएस और वृत्ताधिकारी उत्तर शहर अंगद शर्मा के सुपरविजन में यह ऑपरेशन चलाया गया।
ऑपरेशन साइबर संग्राम : साइबर ठगों के सिंडिकेट का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार
वैशाली नगर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने मामले में आरोपी हिस्ट्रीशीटर आलीम खान पुत्र खैर मोहम्मद मेव (23) और साजिद खान उर्फ टर्बो पुत्र आमीना मेव (24) के साथ आरोपी जावेद खान पुत्र समयदीन मेव (27) निवासी नंगला वंजीरका थाना बगड़ तिराया जिला अलवर को गिरफ्तार किया है। टीम के सदस्यों में थाना वैशाली नगर से थानाधिकारी गुरुदत्त सैनी के साथ कांस्टेबल नवीन और कांस्टेबल बुद्व राम शामिल थे। डीएसटी से सहायक उप निरीक्षक कासम खाँन, हेड कांस्टेबल जान मोहम्मद, कांस्टेबल कान्हा राम, हरिओम, दीन मोहम्मद, समुन्द्र और संदीप ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऑपरेशन चक्रव्यूह : 4 साल से फरार 20,000 का इनामी बदमाश गिरफ्तार
प्रतापगढ।
पुलिस ने अपने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। छोटीसादड़ी पुलिस ने पिछले चार साल से फरार चल रहे ₹20,000 के इनामी बदमाश यशवंत सिंह उर्फ लाला (46) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की तलाश 2021 से 343 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा तस्करी के एक बड़े मामले में की जा रही थी। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर की गई, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक परबत सिंह और कार्यवाहक पुलिस उप अधीक्षक गजेंद्रसिंह राव ने किया। यह मामला 30 सितंबर 2021 का है, जब तत्कालीन थानाधिकारी छोटीसादड़ी गश्त पर थे। उन्होंने एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही गाड़ी चालक वीरेंद्र उर्फ वीरू आंजना गाड़ी छोड़कर खेतों में फरार हो गया।
ऑपरेशन चक्रव्यूह : 4 साल से फरार 20,000 का इनामी बदमाश गिरफ्तार
पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें 17 प्लास्टिक के कट्टों में कुल 343 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा मिला, जिसे जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, पुलिस ने गाड़ी चालक वीरेंद्र उर्फ वीरू आंजना को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने यह डोडाचुरा यशवंत उर्फ लाला जाट से खरीदा था। तब से ही यशवंत उर्फ लाला फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ द्वारा ₹20,000 का इनाम घोषित किया गया था। आखिरकार, पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे रविवार को गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में थानाधिकारी प्रवीण टांक, एएसआई शिवराम, हेड कांस्टेबल नरपत सिंह, और कांस्टेबल रामराज धमेंद्र सिंह की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार, पिस्तौल और कारतूस बरामद
मुंबई ।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने बांद्रा के कुरैशी नगर इलाके से एक 38 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से एक देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।मुंबई पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमरावती निवासी प्रफुल्ल विष्णु बावने उर्फ सचिन (38) के रूप में हुई है, जो मुंबई के मोहम्मद अली रोड इलाके में रहता था।
क्राइम ब्रांच यूनिट 9 के अधिकारी सचिन पुराणिक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने कुरैशी नगर कंपाउंड में छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के पास मौजूद एक बैग से स्टील की देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 तथा मुंबई पुलिस एक्ट की धारा 37(1)(ए) और 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
साथ ही मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी जांच में जुटे हैं कि यह पिस्तौल कहां से लाई गई थी और आरोपी मुंबई किसी को हथियार देने के इरादे से आया था या किसी अन्य मकसद से आया था।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार, पिस्तौल और कारतूस बरामद
इससे पहले, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 10 सितंबर को एक नेवी कर्मचारी की राइफल और गोलियां चुराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की थी।
दोनों आरोपियों को तेलंगाना के आसिफाबाद जिले से पकड़ा गया। गिरफ्तार लोगों के नाम राकेश दुबला और उमेश दुबला हैं, जो एक ही गांव से ताल्लुक रखते हैं। यह घटना 6 सितंबर की रात को हुई, जब एक संवेदनशील रक्षा क्षेत्र नेवी नगर में एक शख्स नेवी की वर्दी पहनकर अंदर घुसा। उसने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से कहा कि वह उसे शिफ्ट से राहत देने आया है। भरोसा दिलाकर उसने कर्मचारी की राइफल और गोलियां ले लीं। इसके बाद उसने हथियार और गोलियां कंपाउंड के बाहर फेंक दीं। बाहर उसका साथी पहले से मौजूद था, जिसने राइफल और गोलियां उठा लीं।
इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए और तेलंगाना भाग निकले।
क्राइम ब्रांच ने इस वारदात की जानकारी मिलते ही जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से आरोपियों का पीछा किया और उन्हें तेलंगाना में दबोच लिया।