दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आई स्लीपर बस, भीषण आग में दो मजदूरों की मौत — कई की हालत नाजुक

दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आई स्लीपर बस, भीषण आग में दो मजदूरों की मौत — कई की हालत नाजुक

दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आई स्लीपर बस, भीषण आग में दो मजदूरों की मौत — कई की हालत नाजुक
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आई स्लीपर बस, भीषण आग में दो मजदूरों की मौत — कई की हालत नाजुक

जयपुर । मंगलवार सुबह दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक हादसे में मजदूरों से भरी प्राइवेट स्लीपर बस हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आ गई। करंट लगने से बस में भीषण आग भड़क उठी, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई है ,10 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से 5 की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा जयपुर ग्रामीण जिले के मनोहरपुर इलाके में हुआ। जानकारी के अनुसार, बस में सवार मजदूर टोडी स्थित ईंट भट्टे पर काम करने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बस का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन बिजली की तारों से टकरा गया। करंट लगते ही बस में आग लग गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आई स्लीपर बस, भीषण आग में दो मजदूरों की मौत — कई की हालत नाजुक
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आई स्लीपर बस, भीषण आग में दो मजदूरों की मौत — कई की हालत नाजुक


स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। राहत दल ने आग पर काबू पाने के बाद घायलों को शाहपुरा उपजिला अस्पताल भेजा। प्रारंभिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को जयपुर रेफर कर दिया गया।
इस घटना पर हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट कर लिखा जयपुर के मनोहरपुर क्षेत्र में हाइटेंशन लाइन के चपेट में आने से एक स्लीपर बस में आग लगने से हुआ हादसा अत्यंत दुःखद है,इस हादसे में दो मजदूरों की मृत्यु हो जाने व कई लोगों के गंभीर रूप से झुलस जाने के समाचार प्राप्त हुए है |ईश्वर दिवंगत जनों की आत्मा को शांति प्रदान करें व घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें |

ओडिशा: पुरी में नाबालिग ने रिश्तेदारों पर गैंगरेप का लगाया आरोप, दो हिरासत में

ओडिशा: पुरी में नाबालिग ने रिश्तेदारों पर गैंगरेप का लगाया आरोप, दो हिरासत में

ओडिशा: पुरी में नाबालिग ने रिश्तेदारों पर गैंगरेप का लगाया आरोप, दो हिरासत में
ओडिशा: पुरी में नाबालिग ने रिश्तेदारों पर गैंगरेप का लगाया आरोप, दो हिरासत में

भुवनेश्वर । ओडिशा के पुरी जिले के चंदनपुर इलाके में 22 अक्टूबर को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक 16 वर्षीय लड़की के साथ उसके कुछ दूर के रिश्तेदारों ने कथित तौर पर गैंगरेप किया। यह जघन्य घटना तब सामने आई जब नाबालिग पीड़िता ने शुक्रवार को चंदनपुर पुलिस स्टेशन में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई।
एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि नाबालिग ने शुक्रवार को पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि उसके रिश्ते में लगने वाले चाचा और भाई ने 22 अक्टूबर को उसके साथ उस समय दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया, जब वह घर में अपनी छोटी बहन के साथ सो रही थी। शिकायत के अनुसार पीड़िता का परिवार देवी काली की मूर्तियों का विसर्जन जुलूस देखने गया था।
परिवार के सदस्यों के घर लौटने पर पीड़िता ने अपनी मां को अपनी आपबीती सुनाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीणों के दबाव के कारण परिवार शुरू में शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचा रहा था, लेकिन शुक्रवार को पीड़िता अपनी मां के साथ थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

ओडिशा: पुरी में नाबालिग ने रिश्तेदारों पर गैंगरेप का लगाया आरोप, दो हिरासत में
ओडिशा: पुरी में नाबालिग ने रिश्तेदारों पर गैंगरेप का लगाया आरोप, दो हिरासत में


शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। दोनों दिहाड़ी मजदूर हैं, जिनसे थाने में पूछताछ की जा रही है।
इस बीच मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल ने शुक्रवार को इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा की।
पार्टी ने एक प्रेस बयान में आरोप लगाया कि यह चौंकाने वाला अपराध एक बार फिर ओडिशा में कानून-व्यवस्था की पूर्ण विफलता को उजागर करता है। बीजद ने बार-बार दोहराया है कि राज्य में कानून प्रवर्तन तंत्र बुरी तरह विफल रहा है। कानून का डर खत्म हो गया है, जबकि अपराधी अब बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।
बीजद ने यह भी कहा कि पिछले 16 महीनों में ही ओडिशा में 5,000 से ज्यादा महिलाओं के साथ रेप हुआ है, जो ओडिशा में वर्तमान सरकार के तहत महिलाओं की बिगड़ती स्थिति को उजागर करता है।

कानपुर : सात वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

कानपुर : सात वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

कानपुर : सात वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार
कानपुर : सात वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

कानपुर । उत्तर प्रदेश के कानपुर के बर्रा क्षेत्र में सात वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बर्रा पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया और वारदात की पूरी कहानी बताई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बर्रा क्षेत्र में गुरुवार को सात साल की एक मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। कुछ घंटों बाद उसका शव एक सुनसान इलाके में मिला, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और क्राइम ब्रांच की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की। शुक्रवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बर्रा के एक इलाके में छिपा हुआ है।

कानपुर : सात वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार
कानपुर : सात वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपी को घेर लिया, लेकिन उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे हिरासत में लिया गया और तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बच्चे का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मौके से कुछ महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
इस घटना से स्थानीय लोगों में गुस्सा और दहशत का माहौल है। बर्रा पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच जारी है।

नोएडा: सेक्टर 39 थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में मामूली विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या

नोएडा: सेक्टर 39 थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में मामूली विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या

नोएडा: सेक्टर 39 थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में मामूली विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या
नोएडा: सेक्टर 39 थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में मामूली विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या

नोएडा । नोएडा के सेक्टर 39 थाना क्षेत्र अंतर्गत सलारपुर गांव में एक मामूली विवाद के दौरान एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना शनिवार देर रात उस समय हुई, जब दो युवकों के बीच ठेले पर मामूली बात पर कहासुनी हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने गुस्से में आकर दूसरे युवक पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आरोपी युवक को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

नोएडा: सेक्टर 39 थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में मामूली विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या
नोएडा: सेक्टर 39 थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में मामूली विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या

मृतक के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार के लोग और रिश्तेदार घटना से स्तब्ध हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विवाद किसी छोटी बात को लेकर शुरू हुआ, जो नियंत्रण से बाहर हो गया। पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे का कारण और दोनों युवकों के बीच पुरानी रंजिश जैसी कोई बात भी जांच का विषय है। घटनास्थल से एक चाकू भी बरामद किया गया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें विवाद और चाकू मारने की घटना साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक युवक ने अचानक चाकू निकाला और वार किया। पुलिस इस फुटेज को सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर रही है और जल्द ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों की चुप्पी पर जताई नाराजगी, 3 नवंबर को मुख्य सचिवों को तलब किया

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों की चुप्पी पर जताई नाराजगी, 3 नवंबर को मुख्य सचिवों को तलब किया

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों की चुप्पी पर जताई नाराजगी, 3 नवंबर को मुख्य सचिवों को तलब किया
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों की चुप्पी पर जताई नाराजगी, 3 नवंबर को मुख्य सचिवों को तलब किया

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में राज्यों की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने उन राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को तलब किया है, जिन्होंने अभी तक जवाब नहीं दिया। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन सदस्यीय बेंच मामले में सुनवाई कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और एमसीडी ने ही अब तक जवाब दाखिल किया है। बाकी सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को 3 नवंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि अब तक जवाब दाखिल क्यों नहीं किया गया।
कोर्ट ने कहा कि अगर अधिकारी अगली सुनवाई की तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले पर अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
इससे पहले, 22 अगस्त को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं से आगे सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाया था और उन्हें जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों की चुप्पी पर जताई नाराजगी, 3 नवंबर को मुख्य सचिवों को तलब किया
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों की चुप्पी पर जताई नाराजगी, 3 नवंबर को मुख्य सचिवों को तलब किया


मामले की पृष्ठभूमि में कोर्ट ने पहले एक दो सदस्यीय बेंच के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया था। हालांकि, इस आदेश पर विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने इसमें संशोधन किया।
आवारा कुत्तों से जुड़ा मुद्दा तब सुर्खियों में आया, जब 11 अगस्त को जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने दिल्ली के नगर निगम अधिकारियों को आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके लिए 8 हफ्तों में 5,000 की क्षमता वाले शेल्टर बनाने का आदेश दिया था।
इस आदेश में कुत्तों को फिर से सड़कों पर छोड़े जाने पर रोक लगाई गई, नसबंदी, टीकाकरण और डि-वॉर्मिंग अनिवार्य किया गया। यह भी निर्देश दिया गया कि शेल्टर में सीसीटीवी, पर्याप्त स्टाफ, खाने और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं उपलब्ध हों। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का कुछ लोगों ने विरोध किया।
इसके बाद यह मामला न्यायमूर्ति नाथ की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ को सौंप दिया गया। इस बेंच ने 22 अगस्त को 11 अगस्त के आदेश में संशोधन किया। कोर्ट ने आदेश दिया कि कुत्तों को शेल्टर से डि-वॉर्म और टीकाकरण के बाद छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, मामले का दायरा पूरे भारत में बढ़ा दिया गया।

दिल्ली दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार, 31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार, 31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार, 31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार, 31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली। दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि जब पिछली तारीख पर पुलिस को जवाब दाखिल करने का पर्याप्त समय दिया गया था, तो फिर अब तक जवाब क्यों दाखिल नहीं किया गया? सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान उसने स्पष्ट रूप से कहा था कि सोमवार को मामले की सुनवाई होगी। अदालत ने सवाल किया, “जब याचिकाकर्ता पहले ही 5 साल जेल में बिता चुके हैं, तब भी पुलिस की ओर से जवाब दाखिल न करना बेहद गंभीर लापरवाही है।”
काकर्ताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उनकी जमानत याचिकाएं 2 सितंबर को खारिज कर दी गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था।

दिल्ली दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार, 31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार, 31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई


हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक कोई जवाब पेश नहीं किया गया, जिससे अदालत ने नाराजगी जाहिर की। अदालत ने साफ कहा कि यह मामला वर्षों से लंबित है और याचिकाकर्ता पहले से ही लंबे समय से जेल में हैं, इसलिए अब इस पर निर्णायक सुनवाई जरूरी है।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि विरोध या प्रदर्शन के नाम पर साजिशन हिंसा को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने माना था कि दंगों की घटनाएं योजनाबद्ध थीं, जिनका उद्देश्य समाज में विभाजन और अशांति फैलाना था।
हाईकोर्ट ने उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, मोहम्मद सलीम खान, शिफा-उर-रहमान, अतर खान, अब्दुल खालिद सैफी और शादाब अहमद की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। वहीं, एक अन्य आरोपी तसलीम अहमद की याचिका भी 2 सितंबर को अलग पीठ ने खारिज की थी।

पंजाब के पूर्व डीजीपी और पूर्व मंत्री पर बेटे की हत्या का मामला दर्ज

पंजाब के पूर्व डीजीपी और पूर्व मंत्री पर बेटे की हत्या का मामला दर्ज

पंजाब के पूर्व डीजीपी और पूर्व मंत्री पर बेटे की हत्या का मामला दर्ज
पंजाब के पूर्व डीजीपी और पूर्व मंत्री पर बेटे की हत्या का मामला दर्ज

पंचकूला। पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी तथा पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना पर उनके बेटे अखिल अख्तर की संदिग्ध मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
अखिल अख्तर की मौत 16 अक्टूबर की देर रात पंचकूला के एमडीसी स्थित आवास पर हुई थी। परिवार ने शुरू में इसे दवाइयों की ओवरडोज के कारण हुई मौत बताया था। अखिल अख्तर का 27 अगस्त को एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने पिता और पत्नी के बीच अवैध संबंध का जिक्र करते हुए परिवार के लोगों पर उनकी हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया था। इस वीडियो में उन्होंने अपनी मां रजिया सुल्ताना और बहन पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
इस वीडियो और आरोपों के आधार पर मलेरकोटला में रहने वाले उनके पड़ोसी शमसुद्दीन चौधरी ने पंचकूला के पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी थी। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पंचकूला के माता मनसा देवी थाना पुलिस ने पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, पुत्रवधू और बेटी सहित चार लोगों के खिलाफ 103 (1), 61 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पंजाब के पूर्व डीजीपी और पूर्व मंत्री पर बेटे की हत्या का मामला दर्ज
पंजाब के पूर्व डीजीपी और पूर्व मंत्री पर बेटे की हत्या का मामला दर्ज


अखिल अख्तर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में वकील थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मोहम्मद मुस्तफा के बेटे 35 वर्षीय अकील अख्तर को 16 अक्टूबर की रात करीब साढ़े 9 बजे अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
बता दें कि अकील के पिता मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के आईपीएस अफसर थे। वे साल 2021 में डीजीपी पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला लिया और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। वे नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार भी रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जैसे-जैसे जांच हो रही है, मामला आगे बढ़ रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की कार्रवाई, 1.2 किलो सोना जब्त, दो एयरपोर्ट कर्मचारी गिरफ्तार

मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की कार्रवाई, 1.2 किलो सोना जब्त, दो एयरपोर्ट कर्मचारी गिरफ्तार

मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की कार्रवाई, 1.2 किलो सोना जब्त, दो एयरपोर्ट कर्मचारी गिरफ्तार
मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की कार्रवाई, 1.2 किलो सोना जब्त, दो एयरपोर्ट कर्मचारी गिरफ्तार

मुंबई। सीमा शुल्क विभाग की खुफिया एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने सोने की तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन गोल्डन स्वीप’ के तहत कार्रवाई करते हुए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदेश का 1.2 किलोग्राम सोना जब्त किया गया। इस सोने की कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
डीआरआई की मुंबई जोनल यूनिट (एमजेडयू) को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ अंतरराष्ट्रीय यात्री और हवाई अड्डे के अंदरूनी कर्मचारी मिलकर विदेशी सोने की तस्करी कर रहे हैं। सूचना के अनुसार, सोना विमान के अंदर छिपाया जाता था और बाद में एयरपोर्ट सर्विस स्टाफ द्वारा उसे निकालकर बाहर पहुंचाया जाता था। जानकारी के बाद डीआरआई अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर डिस्क्रीट सर्विलांस (गुप्त निगरानी) शुरू की। यात्रियों के उतरने के बाद जब सफाई कर्मचारी विमान की सफाई कर रहे थे, तभी डीआरआई अधिकारियों ने कुछ कर्मचारियों की व्यक्तिगत तलाशी शुरू की।
इस दौरान, एक सफाईकर्मी घबराहट में एयरोब्रिज की सीढ़ियों पर चढ़ गया और एक पैकेट को कोने में छिपाकर वापस समूह में शामिल हो गया। डीआरआई टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीढ़ियों के उस हिस्से की तलाशी ली, जहां से सफेद कपड़े में लिपटी मोम जैसी परत में छिपा सोने का पाउडर बरामद हुआ।

मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की कार्रवाई, 1.2 किलो सोना जब्त, दो एयरपोर्ट कर्मचारी गिरफ्तार
मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की कार्रवाई, 1.2 किलो सोना जब्त, दो एयरपोर्ट कर्मचारी गिरफ्तार


जांच में पाया गया कि यह काम एयरपोर्ट की एक सेवा कंपनी के क्लीनिंग स्टाफ के टीम लीडर ने किया था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने कबूल किया कि उसने तलाशी से बचने के लिए सोना छिपाया था। उसने आगे बताया कि विमान से सोना निकालने का काम उसके सुपरवाइजर ने किया था, जिसने उसे पैकेट सौंपा था।
डीआरआई ने आरोपी की पहचान के आधार पर सुपरवाइजर को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पूछताछ के बाद कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
जांच में खुलासा हुआ कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्री विमान में ही विदेशी सोना छिपा कर छोड़ देते थे। बाद में एयरपोर्ट सर्विस स्टाफ के भरोसेमंद कर्मचारी विमान से सोना निकालकर एयरपोर्ट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी संभालते थे।
डीआरआई अधिकारियों ने बताया कि ये मामला एक बार फिर इस बात को साबित करता है कि एयरपोर्ट के अंदरूनी कर्मचारियों की मिलीभगत से सोने की तस्करी कितनी संगठित रूप से की जा रही है। यह न केवल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी सीधा प्रभाव डालता है।
डीआरआई ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.08 करोड़ की ठगी

CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.08 करोड़ की ठगी

CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.08 करोड़ की ठगी
CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.08 करोड़ की ठगी

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां विले पार्ले के 82 वर्षीय एक रिटायर्ड व्यक्ति से सीबीआई और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर ठगों ने 1.08 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। मुंबई साइबर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुंबई पुलिस के अनुसार, ठगी का शिकार हुए बख्शी को सबसे पहले एक व्यक्ति का व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया, जिसने खुद को दिल्ली के टेलीकॉम डिपार्टमेंट का ‘पवन कुमार’ बताया। कॉल करने वाले ने आरोप लगाया कि पीड़ित के आधार कार्ड का इस्तेमाल करके केनरा बैंक में एक फर्जी खाता खोला गया है, जिसका उपयोग गैर-कानूनी इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन के लिए किया जा रहा है।

CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.08 करोड़ की ठगी
CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.08 करोड़ की ठगी


इसके बाद, पीड़ित को खुद को दिल्ली पुलिस की सब-इंस्पेक्टर ‘खुशी शर्मा’ और सीबीआई अधिकारी ‘हेमराज कोहली’ बताने वाले लोगों के कॉल आए। उन्होंने बख्शी को आने वाले गिरफ्तारी वारंट की धमकी दी और ‘क्लियरेंस सर्टिफिकेट’ जारी करने के नाम पर उनके बैंक अकाउंट की डिटेल्स मांगीं।
ठगों के झांसे में आकर और गिरफ्तारी के डर से, बख्शी ने अपने और पत्नी के खातों से 1.08 करोड़ रुपए जालसाजों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। स्कैमर्स व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए लगातार संपर्क में रहे और उन्हें धमकाते रहे कि वे अपने बच्चों सहित किसी को भी इस बारे में न बताएं।
जब बख्शी को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने वेस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस सेक्शन और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मोबाइल नंबरों और बैंक अकाउंट डिटेल्स का इस्तेमाल करके ट्रांसफर किए गए पैसों का पता लगाने और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करने वाले अनजान लोगों के साथ अपनी पर्सनल या बैंकिंग जानकारी कभी शेयर न करें।

बिहार: गयाजी में दो युवकों के शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका

बिहार: गयाजी में दो युवकों के शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका

बिहार: गयाजी में दो युवकों के शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका
बिहार: गयाजी में दो युवकों के शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका

गयाजी । बिहार के गयाजी में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पुलिस ने दो युवकों के शव बरामद किए। दोनों मृतकों की पहचान शहर के गेवाल बिगहा इलाके के रहने वाले यश और विशाल के रूप में हुई है।
शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। जानकारी के अनुसार, दोनों शव संदिग्ध हालत में मिले हैं। मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन मृतकों के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों को साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है।

बिहार: गयाजी में दो युवकों के शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका
बिहार: गयाजी में दो युवकों के शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गयाजी सदर अस्पताल भेज दिया। इस बीच, परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं और उन्होंने हत्या की आशंका को लेकर कड़ा आरोप लगाया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। फिलहाल, पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ तेज कर दी है और हर एंगल से जांच की जा रही है।
शहर में इस दोहरे शव मिलने की घटना से दहशत और चिंता का माहौल है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर यश और विशाल की मौत कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, मामले का पर्दाफाश जल्द किया जाएगा।