चार्लीन डाउन्स की तलाश : ब्लैकपूल की वो लड़की जो एक डरावनी कहानी में बदल गई

चार्लीन डाउन्स की तलाश : ब्लैकपूल की वो लड़की जो एक डरावनी कहानी में बदल गई

चार्लीन डाउन्स की तलाश : ब्लैकपूल की वो लड़की जो एक डरावनी कहानी में बदल गई
चार्लीन डाउन्स की तलाश : ब्लैकपूल की वो लड़की जो एक डरावनी कहानी में बदल गई

सैयद हबीब, ब्लैकपूल (यूके)। बीस साल पहले, इंग्लैंड के समुद्री शहर ब्लैकपूल की जगमगाती सड़कों के बीच एक 14 वर्षीय लड़की रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई थी। उसका नाम था चार्लीन डाउन्स (Charlene Downes) — और आज, दो दशक बाद भी, उसके गायब होने का सच अंधेरे में डूबा है। यह कहानी सिर्फ एक गुमशुदा लड़की की नहीं है; यह कहानी है समाज की विफलता, वर्गभेद, लिंगभेद, नस्लवाद और मीडिया की सनसनी की — जिसने एक बच्ची को इंसान से ‘कबाब गर्ल’ नामक मिथक में बदल दिया। गायब होने की रात : 14 साल की बच्ची, जो लौटकर कभी नहीं आई 2 नवंबर 2003 की रात थी। ब्लैकपूल की सड़कों पर रोशनी थी, मॉल और पब खुले थे, और भीड़ अपने वीकेंड का आनंद ले रही थी। उसी भीड़ में थी चार्लीन, जिसने उस शाम घर से निकलते हुए कहा था — “थोड़ी देर में लौट आऊंगी।” वह कभी वापस नहीं लौटी।
अगले दिन जब परिवार ने पुलिस को खबर दी, तो किसी ने ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस का मानना था — “वह भागी हुई लड़की है।” चार दिन बीतने के बाद मामला गुमशुदगी से संदिग्ध अपराध में बदला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ‘कबाब गर्ल’ — एक अफवाह जो शहर की पहचान बन गई चार्लीन के गायब होने के महीनों बाद शहर में एक वीभत्स कहानी फैलने लगी — कि उसे कबाब शॉप चलाने वाले दो मिडिल ईस्ट मूल के पुरुषों ने मारा और उसकी बॉडी को कबाब मीट में मिला दिया।
यह अफवाह एक भयावह कथा बन गई — स्थानीय पबों, स्कूलों और मीडिया में ‘कबाब गर्ल’ के नाम से कही-सुनी जाने लगी। ब्लैकपूल की ही रहने वाली अभिनेत्री और पत्रकार निकोला थॉर्प, जो उस वक्त किशोरी थीं, बताती हैं — “हमारे स्कूल में लोग इस कहानी को हंसी-मजाक में कहते थे — ‘वो कबाब गर्ल’। किसी ने नहीं सोचा कि वह एक बच्ची थी, कोई इंसान।” यह वही कहानी थी जिसने वर्षों तक चार्लीन के असली न्याय को दबा दिया और उसे समाज की हंसी का पात्र बना दिया। निकोला थॉर्प की खोज : ‘मैंने तय किया, अब यह कहानी किसी अफवाह में नहीं बंधेगी’ ब्लैकपूल में पली-बढ़ी निकोला थॉर्प, जिन्हें टीवी शो Coronation Street में निकोला रुबिनस्टीन के किरदार के लिए जाना जाता है, ने तीन साल पहले चार्लीन की कहानी की तह तक जाने का फैसला किया।
उन्होंने खुद को इस सवाल से जोड़ा — “क्या चार्लीन सिर्फ एक डरावनी कहानी थी, या उसके पीछे एक बड़ा सामाजिक अपराध छिपा था?” तीन वर्षों की रिसर्च और सैकड़ों इंटरव्यू के बाद उन्होंने आठ-एपिसोड वाला पॉडकास्ट बनाया — जिसमें चार्लीन की गुमशुदगी, पुलिस जांच, मीडिया की भूमिका, और परिवार की तकलीफ को गहराई से दिखाया गया। थॉर्प कहती हैं — “चार्लीन को इंसाफ नहीं मिला क्योंकि उसे ‘क्लास’ और ‘जेंडर’ की दीवारों ने रोक दिया। अगर वह मिडिल-क्लास लड़की होती, तो शायद कहानी अलग होती।” पुलिस जांच: सबूतों का धुंधला खेल 2007 में चार्लीन की हत्या के आरोप में दो लोगों — इयाद अलबत्तिखी और मोहम्मद रेवेशी — को गिरफ्तार किया गया। दोनों एक स्थानीय टेकअवे (कबाब शॉप) Funny Boyz Fast Food चलाते थे। अभियोजन पक्ष का दावा था कि अलबत्तिखी ने चार्लीन की हत्या की और रेवेशी ने शव को ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस के पास एक सीक्रेट रिकॉर्डिंग थी, जिसमें कथित तौर पर आरोपी ‘कबाब मीट’ का जिक्र करते सुने गए। लेकिन जब यह टेप अदालत में पहुंची, तो उसकी ऑडियो क्वालिटी बेहद खराब थी। जूरी कोई नतीजा नहीं निकाल सकी।
दोबारा ट्रायल की तैयारी हुई, लेकिन सबूतों पर “गंभीर शक” के चलते केस खत्म कर दिया गया। बाद में अदालत ने माना कि आरोपियों को “गलत तरीके से जेल में डाला गया” और उन्हें मुआवजा दिया गया। चार्लीन अब भी नहीं मिली। केस अब भी खुला है। और पुलिस ने जानकारी देने वाले को £100,000 का इनाम घोषित कर रखा है। घर के भीतर का सच: एक टूटे परिवार की कहानी थॉर्प की रिसर्च में सबसे कठिन हिस्सा था — चार्लीन के परिवार से मिलना।
मां कैरन डाउन्स और पिता रॉबर्ट आज भी जवाब तलाश रहे हैं, लेकिन उनके घर की कहानी भी कई सवालों से भरी है। पुलिस के दस्तावेज़ बताते हैं कि परिवार लंबे समय से सोशल सर्विस की निगरानी में था।
चार्लीन के गायब होने के बाद उसके छोटे भाई को सरकारी देखभाल में भेज दिया गया। थॉर्प बताती हैं — “मुझे उनसे गहरी सहानुभूति है, लेकिन उनके घर में जो अंधेरा था, वह भी इस केस का हिस्सा है। वे खुद भी मुश्किल में थे, और शायद वही उनकी बेटी की सुरक्षा के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बन गया।” सोशल मीडिया की जंग: ‘न्याय’ या ‘सनसनी’? 2000 के दशक के बाद जैसे-जैसे सोशल मीडिया फैला, चार्लीन डाउन्स केस इंटरनेट की अफवाहों का केंद्र बन गया।

चार्लीन डाउन्स की तलाश : ब्लैकपूल की वो लड़की जो एक डरावनी कहानी में बदल गई
चार्लीन डाउन्स की तलाश : ब्लैकपूल की वो लड़की जो एक डरावनी कहानी में बदल गई


फेसबुक पर बने ‘Justice for Charlene’ जैसे ग्रुप्स में 4,000 से ज़्यादा लोग जुड़ गए।
कुछ सदस्यों ने खुद को “प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर” बताकर केस की दिशा तय करने की कोशिश की। थॉर्प कहती हैं — “शुरू में मुझे लगा कि यह ग्रुप चार्लीन के लिए लड़ रहा है। लेकिन धीरे-धीरे यह अहसास हुआ कि कुछ लोग बस कहानी के मालिक बनना चाहते हैं।” जनवरी 2024 में, एलन मस्क ने भी चार्लीन के बारे में एक गलत पोस्ट रीट्वीट कर दी — जिसमें पुराने आरोपियों के नाम और ‘कबाब मीट’ की कहानी दोहराई गई थी।
यह पोस्ट 50 लाख से ज़्यादा बार देखी गई। इसने न सिर्फ झूठ को दोहराया, बल्कि पीड़ित के परिवार के लिए नई तकलीफें भी पैदा कीं। ‘क्लास’ और ‘जेंडर’ की परतें: किसकी बेटी थी चार्लीन? थॉर्प का मानना है कि चार्लीन को इंसाफ न मिलने की एक बड़ी वजह उसका सामाजिक दर्जा था। वह कहती हैं — “पुलिस ने उसे ‘चाइल्ड प्रॉस्टिट्यूट’ कहा। प्रेस ने उसे ‘भागी हुई लड़की’ बताया। किसी ने यह नहीं देखा कि वह सिर्फ 14 साल की थी — जिसे सुरक्षा मिलनी चाहिए थी।” ब्लैकपूल के कई हिस्सों में उस समय किशोर लड़कियों को टेकअवे दुकानों में काम करने वाले पुरुषों द्वारा ग्रूमिंग और शोषण का शिकार बनाया जा रहा था।
लेकिन समाज ने आंखें मूंद लीं — क्योंकि पीड़ित ज़्यादातर गरीब और कामकाजी तबके से थीं। थॉर्प कहती हैं — “अगर वह किसी अच्छे स्कूल की लड़की होती, या मिडिल-क्लास इलाके से आती, तो क्या उसे ‘कबाब गर्ल’ कहा जाता? शायद नहीं।” फेसबुक ग्रुप्स और झूठी उम्मीदों का जाल पॉडकास्ट में थॉर्प ने कई ऑनलाइन एक्टिविस्ट्स से बात की — जो खुद को ‘सच्चाई के खोजी’ कहते थे।
लेकिन उनमें से कई ने गलत सूचनाएं फैलाईं, संभावित गवाहों को डराया, और पुलिस जांच को और उलझा दिया। एक पुलिस अधिकारी ने थॉर्प से कहा — “सोशल मीडिया ने चार्लीन की जांच को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। लोग सुबूत नहीं, सनसनी खोज रहे हैं।” थॉर्प मानती हैं कि कई लोग दिल से मदद करना चाहते थे — लेकिन इंटरनेट ने उस जज़्बे को साजिश सिद्धांतों में बदल दिया। थॉर्प की आंखों से: ब्लैकपूल का चेहरा आईने में तीन साल की जांच, सैकड़ों दस्तावेज़ और कई असहज साक्षात्कारों के बाद, निकोला थॉर्प का निष्कर्ष साफ है — “यह केस सिर्फ चार्लीन की मौत के बारे में नहीं है। यह हमारे समाज के बारे में है — कि हम किन लोगों की परवाह करते हैं, और किन्हें आसानी से भूल जाते हैं।” वह कहती हैं, “चार्लीन को ‘डरावनी कहानी’ बना देना आसान था, क्योंकि वह गरीब थी, लड़की थी, और समाज के हाशिए से थी। लेकिन वह असल में एक बच्ची थी — जिसके सपने अधूरे रह गए।” आज भी अनसुलझा सच चार्लीन की गुमशुदगी को अब 22 साल हो चुके हैं।
पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं, कोई शव नहीं, कोई दोषी नहीं।
ब्लैकपूल में आज भी उसका नाम फुसफुसाहट की तरह लिया जाता है — “कबाब गर्ल”, “गुमशुदा लड़की”, “शहर का ज़ख्म”। लेकिन थॉर्प का मानना है — “अगर हम अफवाहों से आगे बढ़ें, तो शायद हमें इंसाफ का रास्ता दिखे। चार्लीन का सच किसी कबाब शॉप में नहीं, बल्कि हमारे समाज की सोच में छिपा है।” एपिलॉग: इंसाफ की उम्मीद आज भी £100,000 का इनाम उस व्यक्ति के लिए तय है जो चार्लीन की मौत या ठिकाने की जानकारी दे सके।
पुलिस ने 2025 में इस केस की नई समीक्षा की घोषणा की है। ब्लैकपूल के लोग अब भी उम्मीद रखते हैं कि कभी न कभी, कहीं न कहीं, कोई सबूत सामने आएगा — जो 14 साल की उस बच्ची के लिए न्याय का रास्ता खोलेगा, जिसे समाज ने अफवाह में बदल दिया। “वह सिर्फ एक कहानी नहीं थी,” थॉर्प कहती हैं,
“वह एक लड़की थी — और हर लड़की को इंसाफ़ मिलना चाहिए।”

दिल्ली पुलिस ने वांछित अपराधी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने वांछित अपराधी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने वांछित अपराधी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया
दिल्ली पुलिस ने वांछित अपराधी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह अपराधी लंबे समय से फरार था और दिल्ली में उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच ने जानकारी दी कि अपराधी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया गया है। क्राइम ब्रांच की ओर से जारी गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि 33 वर्षीय घोषित अपराधी का नाम मोहम्मद करीम है, जो दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। यह कई आपराधिक मामलों में कानूनी प्रक्रिया से बच रहा था। फिलहाल, उसकी गिरफ्तारी घोषित अपराधियों को पकड़ने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए क्राइम ब्रांच के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, पिछले साल 29 अप्रैल को मोहम्मद करीम ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के विकासपुरी पुलिस कॉलोनी निवासी जगदीप सिंह पर हमला किया था और उसकी स्कूटी लूटने की कोशिश की थी। जगदीप सिंह दूध खरीदने के लिए उत्तम नगर के हस्तसाल गांव गया था। इसी दौरान, करीम ने अपने साथियों से साथ धावा बोला। इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने 30 अप्रैल को मोहम्मद करीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

दिल्ली पुलिस ने वांछित अपराधी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया
दिल्ली पुलिस ने वांछित अपराधी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया

एफआईआर दर्ज होने के बाद से मोहम्मद करीम गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया। इस बीच, 19 सितंबर 2025 को अदालत ने वर्तमान मामले में उसे भगोड़ा घोषित किया। इसके अलावा, वह चार अन्य आपराधिक मामलों में वांछित है।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि यह अपराधी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसे न्याय के कटघरे में लाने के लिए एक टीम गठित की गई। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को इनपुट मिले कि मोहम्मद करीम पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में छिपा हुआ है।
इसके बाद, टीम उसे पकड़ने के लिए सिलीगुड़ी रवाना हुई। वहां स्थानीय स्रोतों के साथ समन्वय में गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस सफल ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच की टीम ने 27 अक्टूबर को अपराधी को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान अपराधी ने अपनी पहचान मोहम्मद करीम पुत्र मोहम्मद वाहिद निवासी हस्तसाल, उत्तम नगर, दिल्ली के रूप में बताई। उसकी पहचान उसके डोजियर और पिछले रिकॉर्ड के माध्यम से सत्यापित की गई। इसके बाद उसे धारा 41(1)(सी) सीआरपीसी (अब धारा 35(3)(डी) बीएनएसएस) के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

डीआईजी भुल्लर रिश्वत कांड : बिचौलिए कृष्णु शारदा को नौ दिन के सीबीआई रिमांड पर भेजा गया

डीआईजी भुल्लर रिश्वत कांड : बिचौलिए कृष्णु शारदा को नौ दिन के सीबीआई रिमांड पर भेजा गया

डीआईजी भुल्लर रिश्वत कांड : बिचौलिए कृष्णु शारदा को नौ दिन के सीबीआई रिमांड पर भेजा गया
डीआईजी भुल्लर रिश्वत कांड : बिचौलिए कृष्णु शारदा को नौ दिन के सीबीआई रिमांड पर भेजा गया

चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े बहुचर्चित रिश्वत मामले में गिरफ्तार बिचौलिए कृष्णु शारदा को सीबीआई की विशेष अदालत ने नौ दिन के रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी को बुड़ैल जेल से अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने अदालत से कृष्णु का 12 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन मंगलवार को उसकी ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जिसके बाद बुधवार सुबह 11 बजे सुनवाई हुई। सीबीआई ने अदालत से कहा कि कृष्णु शारदा इस पूरे रिश्वत नेटवर्क की अहम कड़ी है और उसके ज़रिए उन अधिकारियों तक पहुंचा जा सकता है, जो इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। एजेंसी ने अदालत से आग्रह किया कि बुड़ैल जेल में कृष्णु से मिलने आने वाले सभी व्यक्तियों का रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने सीबीआई की इस मांग को मंजूरी देते हुए जेल प्रशासन को आदेश जारी कर दिए हैं।

डीआईजी भुल्लर रिश्वत कांड : बिचौलिए कृष्णु शारदा को नौ दिन के सीबीआई रिमांड पर भेजा गया
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सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सीबीआई को कई नई जानकारियां मिली हैं। जांच में यह सामने आया है कि कृष्णु शारदा पंजाब के कई वरिष्ठ अधिकारियों के लिए “उगाही का काम” करता था। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में कृष्णु से उसके परिजनों के अलावा कुछ और लोग भी मिलने पहुंचे थे, जिससे एजेंसी को शक है कि वे इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।अब सीबीआई उन सभी लोगों के रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स की जांच करने की तैयारी में है।
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है, और कई अन्य आईपीएस अधिकारी भी एजेंसी के रडार पर आ गए हैं।संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी भी पूछताछ या हिरासत में लिए जा सकते हैं।

दिल्ली: पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, जवाब कार्रवाई के बाद गिरफ्तार

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दिल्ली: पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, जवाब कार्रवाई के बाद गिरफ्तार
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दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के द्वारका की स्पेशल स्टाफ पुलिस और गैंगस्टर अनिल छिपी गैंग के मोस्ट वांटेड गुर्गे विकास बग्गा के बीच सोमवार देर रात हिरण कूदना गांव के पास मुठभेड़ हुई। जवाबी फायरिंग में घायल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विकास बग्गा लंबे समय से दिल्ली और हरियाणा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। मुखबिर से सूचना मिली थी कि वह द्वारका इलाके में किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहा है। इसी सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया। विकास बग्गा ने जैसे ही पुलिस को अपने पास आते देखा, उसने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
दोनों तरफ से करीब पांच राउंड गोलियां चलीं, जिसमें पुलिस ने दो और आरोपी ने तीन फायर किए। मुठभेड़ के दौरान विकास भागने लगा तो पुलिस की एक गोली विकास बग्गा के पैर में लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली: पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, जवाब कार्रवाई के बाद गिरफ्तार
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घायल बदमाश को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि विकास बग्गा से पूछताछ के बाद अनिल छिपी गैंग की गतिविधियों के बारे में अहम खुलासे होने की उम्मीद है। उस पर कई गंभीर अपराधों, लूट, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि काफी दिनों से विकास की तलाश पुलिस कर रही थी और विकास लगातार अपनी लोकेशन भी बदल रहा था, जिसकी वजह से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
इसी क्रम में सोमवार को दिल्ली के किशनगढ़ इलाके में पुरानी दुश्मनी के चलते एक युवक की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
नितेश किशनगढ़ का निवासी था और इलाके में छोटे-मोटे कामों से गुजारा करता था। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे ढाई साल पुरानी रंजिश मुख्य कारण है।
पुलिस ने अपराध स्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू, दोनों आरोपियों के खून से सने कपड़े और मृतक नितेश का मोबाइल बरामद किया था।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.60 करोड़ की ड्रग्स जब्त, सात तस्कर गिरफ्तार

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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पूर्वी जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने सात ड्रग तस्करों को पकड़ा और उनके पास से लगभग एक करोड़ साठ लाख रुपये कीमत की भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद कीं। साथ ही, ड्रग्स ढोने में इस्तेमाल की गई दो कारें- हुंडई ऑरा और हुंडई आई-20, जिनकी कुल कीमत पंद्रह लाख रुपये है, भी जब्त कर ली गईं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सातों तस्करों में चांदनी महल थाने के दो कुख्यात बदमाश, द्वारका उत्तर थाने का एक घोषित अपराधी और उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले का एक पुलिसकर्मी शामिल है। सभी आरोपी पहले डकैती, झपटमारी, चोरी और हथियार कानून के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस ने इनसे 121 किलोग्राम 58 ग्राम गांजा और 600 ग्राम स्मैक यानी हेरोइन बरामद की और बाजार में इसकी कीमत करीब एक करोड़ साठ लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई 27 अक्टूबर को छठ पूजा के दौरान हुई, जब ज्यादातर पुलिसकर्मी त्योहार की व्यवस्था में व्यस्त थे। गुप्त सूचना मिली कि दो कारों में स्मैक और गांजा लेकर सात लोग दिल्ली आ रहे हैं। एक कार हुंडई आई-20 में स्मैक था, जबकि दूसरी कार हुंडई ऑरा बिना नंबर प्लेट के गांजा लेकर चल रही थी। ये लोग गाजीपुर बॉर्डर से एनएच-9 होते हुए अक्षरधाम की तरफ आ रहे थे।
सूचना मिलते ही एंटी-नारकोटिक्स टीम ने गाजीपुर बॉर्डर पर घेराबंदी की और सड़क पर अस्थायी बैरिकेडिंग लगा दी। दोनों कारों को रोका गया और तलाशी ली गई। हुंडई ऑरा से पांच बैग गांजा बरामद हुआ, जबकि आई-20 से 600 ग्राम हेरोइन मिली। गाजीपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और सभी सातों को गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.60 करोड़ की ड्रग्स जब्त, सात तस्कर गिरफ्तार
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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के नाम नवील, तालिब, नादिर खान उर्फ साहिल, मोहम्मद अमान, अरीब, आरसू और तरक्की हैं। ये सभी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों जैसे दरियागंज, तुर्कमान गेट, चांदनी महल और संगम विहार के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि ये पहले छोटे-मोटे अपराध करते थे और कई बार जेल जा चुके थे। चांदनी महल इलाके में आपस में मिलने के बाद इन्होंने ड्रग्स का धंधा शुरू किया। उत्तर प्रदेश से सस्ते में ड्रग्स लाकर दिल्ली-एनसीआर में पाउच बनाकर बेचते थे। इनका मकसद सिर्फ पैसा कमाना था और ये नशे की लत का फायदा उठाकर मुनाफा कमा रहे थे।
दिल्ली पुलिस लगातार नशा मुक्त समाज बनाने के लिए अभियान चला रही है। पूर्वी जिले के एसीपी संजय सिंह के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर अरुण कुमार की टीम ने यह सफलता हासिल की। टीम में एसआई राहुल, एसआई संजीव, एएसआई देवेंद्र, एएसआई अरुण, हेड कांस्टेबल देवेश, अशोक, अरुण, लखन और कांस्टेबल कौशल शामिल थे। पुलिस अब इनके आगे-पीछे के नेटवर्क की जांच कर रही है।

लखनऊ : अवैध संबंध में पति की हत्या, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जिसमें एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को गोली मार दी। पुलिस ने मृतक प्रदीप कुमार की पत्नी चांदनी गौतम और उसके प्रेमी बच्चा लाल को गिरफ्तार कर लिया है। घर से 500 मीटर दूर पर ही प्रदीप कुमार की कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। शुरुआत में यह मामला सामान्य हत्या का लग रहा था। हालांकि, पुलिस ने मृतक की पत्नी चांदनी गौतम की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की और सर्विलांस तथा गहन पड़ताल के जरिए कड़ियों को जोड़ा, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। अपर पुलिस उपायुक्त उत्तरी अमोल मुकुट ने बताया कि मृतक प्रदीप की पत्नी चांदनी गौतम और बांदा निवासी बच्चा लाल के बीच पिछले एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। चांदनी ने अपने प्रेमी बच्चा लाल को पति प्रदीप से यह कहकर मिलवाया था कि वह उसके दोस्त का देवर है, जिससे दोनों में गहरी दोस्ती हो गई।

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दोनों ने पहले से प्लान बनाकर प्रदीप की हत्या की। चांदनी और प्रदीप में कुछ दिनों पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, जिस पर प्रदीप बहुत गुस्सा हुआ था। चांदनी ने पूरे मामले की जानकारी अपने प्रेमी बच्चा लाल को दी।
लड़ाई की बात सुनकर बच्चा लाल नाराज हो गया और योजना बनाकर चांदनी और बच्चा लाल ने प्रदीप को घर से करीब 500 मीटर दूर शराब पीने के लिए बुलाया और वहीं सुनसान जगह पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आसपास सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले का खुलासा किया। चांदनी और बच्चा लाल ने जानबूझकर प्रदीप को सुनसान जगह पर बुलाया था, जिससे किसी को हत्या का शक न हो और लोगों को लगे कि किसी और ने हत्या की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले चांदनी गौतम कुछ नहीं बता रही थी, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों, चांदनी गौतम और बच्चा लाल, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल देसी तमंचा और मोबाइल फोन भी बरामद किया है और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

जालंधर: मध्य प्रदेश से पंजाब भेजे गए हथियार बरामद, बदमाशों से कुल 8 पिस्टल जब्त

जालंधर: मध्य प्रदेश से पंजाब भेजे गए हथियार बरामद, बदमाशों से कुल 8 पिस्टल जब्त

जालंधर: मध्य प्रदेश से पंजाब भेजे गए हथियार बरामद, बदमाशों से कुल 8 पिस्टल जब्त
जालंधर: मध्य प्रदेश से पंजाब भेजे गए हथियार बरामद, बदमाशों से कुल 8 पिस्टल जब्त

जालंधर । पंजाब की जालंधर पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी पर कड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के तीन बदमाशों से 6 और पिस्तौल (.32 बोर) बरामद की हैं। इससे इस मामले में कुल बरामद पिस्तौलों की संख्या 8 हो गई है। इससे पहले दो पिस्तौल पहले ही जब्त की जा चुकी थीं। पुलिस ने यह जानकारी मंगलवार को अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी है।
पंजाब पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनकरण सिंह देओल, सिमरनजीत सिंह और जयवीर सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये तीनों गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के निकट सहयोगी हैं। इन्हें पिस्टल की खेप मध्य प्रदेश से मिली थी। पुलिस का मानना है कि ये आरोपी पंजाब के विभिन्न आपराधिक गिरोहों को हथियार सप्लाई करने का काम कर रहे थे।

जालंधर: मध्य प्रदेश से पंजाब भेजे गए हथियार बरामद, बदमाशों से कुल 8 पिस्टल जब्त
जालंधर: मध्य प्रदेश से पंजाब भेजे गए हथियार बरामद, बदमाशों से कुल 8 पिस्टल जब्त


पुलिस ने थाना रामा मंडी में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस आगे और पीछे के संबंधों का पता लगा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से आए, किसने सप्लाई किए और ये किस-किस गिरोह तक पहुंचने वाले थे।
वहीं, जालंधर पुलिस की यह कार्रवाई संगठित अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पंजाब पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “संगठित अपराध पर अंकुश लगाने, अवैध हथियारों की आपूर्ति शृंखला को तोड़ने और पंजाब की सुरक्षा एवं शांति सुनिश्चित करने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
पिछले कुछ महीनों में पंजाब पुलिस ने कई ऐसे ऑपरेशन चलाए हैं, जिनमें अंतरराज्यीय हथियार तस्करों को पकड़ा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से पंजाब में हथियारों की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस अब डिजिटल ट्रांजेक्शन, फोन कॉल रिकॉर्ड और सूचनादाताओं की मदद से नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है।

दिल्ली एसिड अटैक केस के मुख्य आरोपी को मिली क्लीनचिट, पीड़िता का पिता यौन उत्पीड़न में गिरफ्तार

दिल्ली एसिड अटैक केस के मुख्य आरोपी को मिली क्लीनचिट, पीड़िता का पिता यौन उत्पीड़न में गिरफ्तार

दिल्ली एसिड अटैक केस के मुख्य आरोपी को मिली क्लीनचिट, पीड़िता का पिता यौन उत्पीड़न में गिरफ्तार
दिल्ली एसिड अटैक केस के मुख्य आरोपी को मिली क्लीनचिट, पीड़िता का पिता यौन उत्पीड़न में गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली में हुए एक एसिड अटैक मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर क्लीन चिट दे दी है, जबकि पीड़िता के पिता को आरोपी की पत्नी के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना कुछ दिन पहले हुई थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक युवक पर एसिड फेंकने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। आरोपी ने बताया कि हमले के समय वह घटनास्थल पर नहीं था। वह काम के लिए करोल बाग इलाके में था।
इसके बाद पुलिस ने दावे की जांच की। करोल बाग क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमले के ठीक समय पर आरोपी मोटरसाइकिल चलाते हुए करोल बाग में मौजूद था।

दिल्ली एसिड अटैक केस के मुख्य आरोपी को मिली क्लीनचिट, पीड़िता का पिता यौन उत्पीड़न में गिरफ्तार
दिल्ली एसिड अटैक केस के मुख्य आरोपी को मिली क्लीनचिट, पीड़िता का पिता यौन उत्पीड़न में गिरफ्तार


यह फुटेज घटना के समय की पुष्टि करती है। इसके आधार पर पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपी घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका। इसलिए उसे क्लीन चिट दे दी गई।
दूसरी तरफ, मामले की गहराई से जांच में नया खुलासा हुआ। आरोपी की पत्नी ने पीड़िता के पिता पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर लिया। अब उन पर कानूनी कार्रवाई चल रही है।
पुलिस का कहना है कि एसिड अटैक की असल वजह और असली आरोपी की तलाश जारी है।
शुरुआती शिकायत में व्यक्तिगत रंजिश का जिक्र था, लेकिन अब लग रहा है कि मामला आपसी संबंधों और पुरानी दुश्मनी से जुड़ा हो सकता है। सीसीटीवी फुटेज ने मुख्य आरोपी को बरी कर दिया, लेकिन जांच अन्य दिशाओं में बढ़ रही है।

उदयपुर में अवैध बायोडीजल का रैकेट ध्वस्त, एक गिरफ्तार

उदयपुर में अवैध बायोडीजल का रैकेट ध्वस्त, एक गिरफ्तार

उदयपुर में अवैध बायोडीजल का रैकेट ध्वस्त, एक गिरफ्तार
उदयपुर में अवैध बायोडीजल का रैकेट ध्वस्त, एक गिरफ्तार

जयपुर। उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर अवैध बायोडीजल के भंडारण और बिक्री के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत डीएसटी और थाना टीडी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में अवैध रूप से बायोडीजल बेचते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया और मौके से दो बायोडीजल से भरे टैंक जब्त किए गए। पेट्रोल पंप जैसी व्यवस्था बनाकर हो रही थी बिक्री
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गोपाल स्वरूप मेवाड़ा और वृताधिकारी गिर्वा सूर्यवीर सिंह राठौड़ के सुपरविजन में एससी एस टी सेल के पुलिस उप अधीक्षक महिपाल सिंह और थानाधिकारी टीडी देवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने टीडी की नाल में स्थित रामदेव होटल के पास दबिश दी।
टीम ने रामदेव होटल के पीछे पाया कि एक भूमिगत टैंक पर पेट्रोल पंप मशीन लगाकर वाहनों में अवैध रूप से पेट्रोलियम पदार्थ भरा जा रहा था। मशीन पर स्पष्ट रूप से BIO DIESEL लिखा हुआ था और यह मशीन चुनाव करके स्थाई रूप से लगाई गई थी, जिस पर अमाउंट, रेट और मात्रा की डिस्प्ले लगी थी।

उदयपुर में अवैध बायोडीजल का रैकेट ध्वस्त, एक गिरफ्तार
उदयपुर में अवैध बायोडीजल का रैकेट ध्वस्त, एक गिरफ्तार


पुलिस टीम ने मौके पर रसद अधिकारियो प्रवर्तन अधिकारी डॉ. निशा मुन्दड़ा और सीनियर एरिया सेल्स मैनेजर श्रवण पुडी को बुलाया। टीम ने भूमिगत टैंक से पेट्रोलियम पदार्थ बाहर निकाला और दो लोहे के ड्रमों में भरा, जिसकी कुल मात्रा 440 लीटर (प्रति ड्रम 220 लीटर) पाई गई। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम नवीन प्रकाश पुत्र मोहनलाल निवासी बनोडा, सलुम्बर बताया।
जिसने खुलासा किया कि वह यह पेट्रोलियम पदार्थ दस्तक कंपनी से लाकर अवैध रूप से बेच रहा था। बायोडीजल का अवैध भंडारण और बिक्री दंडनीय अपराध होने के कारण, पुलिस ने नवीन प्रकाश को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।

फार्यरिंग व हत्या के प्रयास के मुकदमे में वांछित मुलजिम राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर गिरफ्तार

फार्यरिंग व हत्या के प्रयास के मुकदमे में वांछित मुलजिम राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर गिरफ्तार

फार्यरिंग व हत्या के प्रयास के मुकदमे में वांछित मुलजिम राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर गिरफ्तार
फार्यरिंग व हत्या के प्रयास के मुकदमे में वांछित मुलजिम राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर गिरफ्तार

कोटपूतली-बहरोड। महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज जयपुर द्वारा चलाये जा रहे अभियान के तहत व जिला पुलिस अधीक्षक कोटपुतली बहरोड देवेन्द्र कुमार विश्नोई ने जानकारी देते हुये बताया कि वांछित अपराधियों की धर पकड़ अभियान के दौरान थाना के प्रकरणो मे मुलजिमान की तलाश हेतु विशेष अभियान के तहत समस्त थानाधिकारीगणो को प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किये गये थे। चलाये जा रहे अभियान में थाना हाजा के प्रकरणो मे मुलजिमान की तलाश हेतु विशेष अभियान के तहत दिनांक 26.10.2025 को वैभव शर्मा आरपीएस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोटपूतली के सुपरविजन मे व दशरथसिह आरपीएस वृत्ताधिकारी वृत बानसूर के निर्देशन में रोहिताश कुमार पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी पुलिस थाना नारायणपुर के नेतृत्व में टीम के द्वारा थाना हाजा के प्रकरणो मे मुलजिमान की तलाश हेतु विशेष अभियान में कार्यवाही करते हुये थाना हाजा के प्रकरण मे मुलजिम 01. राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर पुत्र पप्पू उर्फ मुसाराम जाति गुर्जर निवासी सुन्दरपुरा थाना कोटपूतली जिला कोटपूतली बहरोड राज. को जुर्म धारा 109 (1) बीएनएस व धारा 3/25 आर्मस एक्ट में गिरफ्तार किया गया। घटना का विवरणः

फार्यरिंग व हत्या के प्रयास के मुकदमे में वांछित मुलजिम राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर गिरफ्तार
फार्यरिंग व हत्या के प्रयास के मुकदमे में वांछित मुलजिम राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर गिरफ्तार


दौराने अनुसंधान ग्राम कोठिया में ठेकेदार विशम्भर दयाल के बच्चों की शादी थी। विशम्भर दयाल के खेत में मकान के सामने डी.जे बज रहा था। समय करीब 12-01 बजे रात्री की घटना था। तभी अचानक से गोली चल गयी प्रार्थी हवासिंह पुत्र कैलाश चन्द जाति गुर्जर उम्र 35 साल निवासी सुन्दरपुरा थाना कोटपूतली जिला कोटपूतली बहरोड के पेट में गोली लग गयी थी। जिसमे राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर पुत्र पप्पू उर्फ मुसाराम जाति गुर्जर निवासी सुन्दरपुरा थाना कोटपूतली जिला कोटपूतली बहरोड राज. ने फायरिंग की थी। जिसको पुलिस थाना नारायणपुर द्वारा मुखबीर खास की ईतला पर चतरपुरा मे वांछित मुलजिम राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर पुत्र पप्पू उर्फ मुसाराम जाति गुर्जर निवासी सुन्दरपुरा थाना कोटपूतली जिला कोटपूतली बहरोड राज. के खिलाफ जुर्म धारा 109 (1) बीएनएस व धारा 3/25 आर्म्स एक्ट का अपराध प्रमाणित पाया गया था। जिसको उक्त धाराओ मे गिरफ्तार किया गया। जो वर्तमान में पी.सी रिमाण्ड पर है।
मुल्जिम का नाम पला-
01. राजेश कसाना उर्फ राधे गुर्जर पुत्र पप्पू उर्फ मुसाराम जाति गुर्जर निवासी सुन्दरपुरा थाना कोटपूतली जिला कोटपूतली बहरोड राज. गठित टीम थानाधिकारी नारायणपुर रोहिताश कुमार ,कांस्टेबल महेन्द्र कुमार,कांस्टेबल सोनू कुमार,कांस्टेबल गिरधारी पुलिस थाना नारायणपुर