गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार

गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार

गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार
गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार

सूरत । सूरत में अधिकारियों ने मिलावटी घी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सचिन जीआईडीसी क्षेत्र में एक निर्माण प्लांट पर छापा मारकर 2,029 किलोग्राम नकली घी जब्त किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत यह कार्रवाई शहर के कुछ हिस्सों में नकली घी की बिक्री की सूचना मिलने के बाद की। सूचना के आधार पर कई टीमों का गठन किया गया और तकनीकी निगरानी तथा खुफिया जानकारी के जरिए आरोपियों की पहचान की गई।
इसके बाद सचिन जीआईडीसी स्थित ‘सबका फूड्स’ नाम की फैक्ट्री और चोर्यासी तालुका के तलांगपुर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा गया।
पुलिस ने मिलावटी घी, मशीनरी, कच्चा माल और अन्य सामान बरामद किया, जिसकी कुल कीमत करीब 36,36,530 रुपए बताई गई है। इसमें से 14,19,960 रुपए का घी और 21,61,570 रुपए की मशीनरी व अन्य सामान शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान नकदी और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 48 वर्षीय भरत पोलारा और 45 वर्षीय आमीन वधवानिया के रूप में हुई है, जो दोनों व्यवसायी हैं।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ सचिन जीआईडीसी थाने में मामला दर्ज किया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी मिलावट का एक व्यवस्थित तरीका अपनाते थे, जिसमें शुद्ध घी में पाम ऑयल, वेजिटेबल घी और वेजिटेबल बटर मिलाया जाता था।

गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार
गुजरात: सूरत में नकली घी के रैकेट का खुलासा, 2 गिरफ्तार


घी की असली गंध और रंग दिखाने के लिए कृत्रिम एसेंस और सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे इसे असली गाय के घी जैसा बनाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इसमें सुई और सिरिंज की मदद से रसायनों की सटीक मात्रा मिलाई जाती थी, जिससे असली और नकली घी में फर्क करना मुश्किल हो जाता था।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे ग्राहकों की मांग के अनुसार अलग-अलग क्वालिटी का घी बनाते थे। कम कीमत वाला घी ज्यादातर तेल से बनता था, जबकि महंगे वर्जन में थोड़ा असली घी मिलाया जाता था।
यह घी 600 से 650 रुपए प्रति किलो के थोक भाव में बेचा जाता था और आगे 1000 रुपए प्रति किलो तक खुदरा बाजार में बिकता था।
पुलिस उपायुक्त राजदीपसिंह नकुम ने बताया कि आरोपी पिछले दो साल से यह अवैध काम कर रहे थे और ग्राहक की मांग के अनुसार मिलावटी घी तैयार कर बेचते थे।
यह घी ‘विदुर काऊ घी’ और ‘देसी घी’ जैसे नामों से पैक किया जाता था और छोटे पाउच से लेकर 15 किलो के डिब्बों में बेचा जाता था।
पुलिस को शक है कि यह सप्लाई नेटवर्क दक्षिण गुजरात और आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ था। मामले की आगे जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद

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दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद
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नई दिल्ली । दिल्ली कैंट पुलिस ने चोरी के एक मामले में शामिल मदनगीर के रहने वाले 24 वर्षीय आरोपी कुणाल को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का एक बैग बरामद किया। इस बैग में सोने, हीरे के जेवर, कैनेडियन डॉलर, भारतीय मुद्रा, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, परमानेंट रेजिडेंट कार्ड और अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी शामिल थी। दिल्ली कैंट पुलिस ने दीदार सिंह नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर 12 मार्च को ई-एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत में बताया गया था कि धौला कुआं, रिंग रोड पर फुट ओवरब्रिज के पास उनकी निजी टैक्सी से एक बैग चोरी हो गया था। उन्होंने बताया कि ओवरब्रिज के पास अपनी गाड़ी रोकी थी। दो अनजान लड़कों ने रास्ता पूछने के बहाने गाड़ी से बैग निकाल लिया और स्कूटी से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने रिंग रोड, रिज रोड, टोडापुर और इंद्रपुरी इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। स्थानीय जानकारी और तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपी कुणाल की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, चोरी का पूरा सामान बरामद
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पुलिस के अनुसार आरोपी कुणाल अपने साथियों के साथ मिलकर, मदद मांगने के बहाने गाड़ियों को रुकवाता था और ड्राइवरों से कार की खिड़कियां खोलने के लिए कहता था। जैसे ही कार की खिड़कियां खुलती थीं, आरोपियों में से एक पीड़ित का ध्यान भटकाता था, जबकि दूसरा इस मौके का फायदा उठाकर गाड़ी के अंदर रखी कीमती चीजें चुरा लेता था। इसके बाद, वे तुरंत अपनी दोपहिया गाड़ी से मौके से फरार हो जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, ट्रैफिक जाम के दौरान आरोपी रिंग रोड के आस-पास के इलाकों को निशाना बनाते थे, ताकि वे भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक के बीच से अपनी दोपहिया गाड़ी को आसानी से निकालकर भाग सकें। वे जान-बूझकर शहर में उन जगहों को भी निशाना बनाते थे, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होते थे।

बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
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पटना । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद इलाके से हिरासत में लिया, जहां वह छिपकर रह रहा था। आरोपी की पहचान शेखर यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के बांका जिले का निवासी बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री जैसे उच्च पदस्थ व्यक्ति को सीधे फोन कर धमकी देना सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल उस मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया, जिससे कॉल की गई थी। तकनीकी टीम की सक्रियता से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच में पता चला कि आरोपी बिहार में नहीं, बल्कि गुजरात में मौजूद है। इसके बाद मुंगेर पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत गुजरात के लिए रवाना हुई।

बिहार सीएम सम्राट चौधरी को दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
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वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से साणंद इलाके में छापेमारी की गई और आरोपी को पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि उस समय आरोपी एक ट्रांसपोर्ट से जुड़ी गाड़ी में काम कर रहा था और वहीं रह रहा था। पूछताछ के दौरान शेखर यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। आरोपी ने मोबाइल फोन के जरिए धमकी दी थी, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी गुजरात से गिरफ्तार कर लिया।
साणंद पुलिस और बिहार पुलिस के बीच लगातार समन्वय बना रहा। साणंद के पुलिस अधिकारी बी.टी. गोहिल की अगुवाई में टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी हिरासत में लेकर बिहार पुलिस को सौंप दिया गया है। अब मुंगेर पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर बिहार ला रही है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश
भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश

रोहतक हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में जांच पूरी करते हुए आज न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया है। आरोपी को फरवरी माह में सवा लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB), सेक्टर-36, रोहतक में कार्यरत एई-1 मंजीत (41 वर्ष) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (स्टेट विजिलेंस) के निरीक्षक श्यामलाल ने आज रोहतक की विशेष अदालत में जांच रिपोर्ट और चालान प्रस्तुत किया।

भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश
भ्रष्टाचार मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के खिलाफ चालान पेश


क्या था पूरा मामला?
Jaycee Castalloys Private Limited के अधिकृत प्रतिनिधि ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी कि कंपनी को वर्ष 2026-27 के लिए ‘वॉटर एक्ट’ और ‘एयर एक्ट’ के तहत कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की अनुमति चाहिए थी। इस सर्टिफिकेट को जारी करने के बदले आरोपी मंजीत ने 1.50 लाख रुपये की मांग की।
आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच अंततः 1,25,000 रुपये की राशि तय हुई। 18 फरवरी 2026 को विजिलेंस ने रेडिंग पार्टी का गठन किया और आरोपी मंजीत को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। सरकार और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार
गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

गुरुग्राम राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), गुरुग्राम की टीम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 16.04.2026 को आरोपी प्रदीप कुमार, पटवारी (चकबंदी विभाग), नारनौल को रिश्वत मांगने व रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस संबंध में थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में अभियोग संख्या 13 दिनांक 16.04.2026, धारा 7 पी.सी. एक्ट एवं धारा 308(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या था मामलाः
प्राप्त शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि उसकी भूमि को चकबंदी विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज करने के एवज में आरोपी पटवारी प्रदीप कुमार द्वारा पहले 3,000 रुपये रिश्वत ली गई तथा शेष 7,000 रुपये की मांग कर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत की पुष्टि उपरांत एसीबी, गुरुग्राम की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।

गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार
गुरुग्राम एसीबी की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेने के मामले में पटवारी प्रदीप कुमार गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान आरोपी प्रदीप कुमार मौके से भागने का प्रयास करते हुए गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने रिश्वत की राशि पटवार घर के समीप एक खाली प्लॉट में फेंक दी है। आरोपी की निशानदेही पर उक्त 7,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर नियमानुसार पुलिस कब्जे में ली गई। आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
जनसाधारण के लिए अपीलः
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी/कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी हेल्पलाइन नंबर 1064 या 1800-180-2022 पर दें। आपकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जब्त की एमडी ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जब्त की एमडी ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जब्त की एमडी ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जब्त की एमडी ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद । गुजरात के अहमदाबाद के घीकांटा इलाके में क्राइम ब्रांच ने छापेमारी के दौरान 12.36 लाख रुपये की कीमत का 412 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) जब्‍त किया। इस कार्रवाई के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान मालाराम देवासी (26) और अशोक कुमार दर्जी (35) के तौर पर हुई है। दोनों अहमदाबाद के सारसपुर में रहते हैं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन चुनाव से जुड़ी पेट्रोलिंग के दौरान मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। यह रेड नवतड पोल के सामने, लक्ष्मी माता मंदिर के पास एक जगह पर की गई थी।
पुलिस ने बताया कि उनकी टीम आने वाले चुनावों से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोलिंग पर थी, तभी उन्हें इलाके में गैर-कानूनी नशीले पदार्थों की गतिविधियों के बारे में पक्की जानकारी मिली।
अधिकारियों ने कहा, “खास जानकारी के आधार पर, बताई गई जगह पर एक रेड की गई, जहां आरोपियों के पास बिना किसी परमिट के मेफेड्रोन की कमर्शियल मात्रा मिली।”
पुलिस के मुताबिक, देवासी मूल रूप से राजस्थान के जालौर जिले के मारू खेड़ा गांव का रहने वाला है, जबकि दर्जी बनासकांठा जिले के टेटोडा गांव का निवासी है। जब्त किए गए नशीले पदार्थ का वजन 412 ग्राम था और इसकी कीमत 12,36,000 रुपये थी।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जब्त की एमडी ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जब्त की एमडी ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार


इसके अलावा, अधिकारियों ने 20,000 रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन, 3,500 रुपये नकद, और एक खाली ज‍िप वाला बैग, एक प्लास्टिक बैग, एक कपड़े का कैरी बैग, एक अखबार और एक कॉलेज बैग जैसी चीजें भी बरामद कीं। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 12,59,500 रुपये आंकी गई है।
डीसीबी पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दोनों आरोपियों और इस गैर-कानूनी सामान के सप्लायर के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा, “मेफेड्रोन सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसके खिलाफ कार्रवाई के साथ ही इस पूरे नेटवर्क की जांच करने की शुरू कर दी गई है।”
12 अप्रैल को इसी तरह की एक और कार्रवाई में, शहर की क्राइम ब्रांच ने बेहरामपुरा इलाके से दो और लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 52.410 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ, जिसकी कीमत 1,57,230 रुपये थी।
एक खास सूचना पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने संतोषनगर फोर बिल्डिंग्स के पास एक खुले मैदान में छापा मारा और हसमुख सरगरा (27) और मनीष सरगरा (26) को पकड़ लिया। ये दोनों संतोषनगर के ही रहने वाले हैं और मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से यह प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बिना किसी परमिट के मिला। इस कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने नशीले पदार्थ के साथ-साथ 15,000 रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन, छह हजार रुपये नकद, एक स्कूटर, एक जेब में रखने वाला वजन तौलने का कांटा और कई खाली जिप वाले बैग भी जब्त किए।
इस मामले में जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत 1,98,920 रुपये आंकी गई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

डेटिंग ऐप पर नकली प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को धोखा देने वाला शख्स गिरफ्तार

डेटिंग ऐप पर नकली प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को धोखा देने वाला शख्स गिरफ्तार

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डेटिंग ऐप पर नकली प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को धोखा देने वाला शख्स गिरफ्तार

नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की टीम ने लगातार जबरन वसूली के आरोपी आनंद कुमार (35) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पवन कुमार डेटिंग और शादी-विवाह ऐप्स पर नकली प्रोफाइल के बनाकर बड़े पैमाने पर हनी-ट्रैपिंग, रोमांस स्कैम और महिलाओं को ब्लैकमेल करता था। आरोपी ने प्यार/रिश्ते, शादी के प्रस्ताव, मेडिकल इमरजेंसी और मॉडलिंग व प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले सहित अलग-अलग बहाने बनाकर कई पीड़ितों से ठगी की और पैसे की जबरन वसूली की। पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपी के कब्जे से चार स्मार्ट फोन, आठ सिम कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, चार सोने के कंगन और पांच सोने की चेन बरामद की गईं, जिन्हें ठगी के पैसों से खरीदा गया था। आरोपी ने नकली सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप प्रोफाइल के माध्यम से 500 से ज्यादा महिलाओं से लगभग दो करोड़ रुपए की ठगी /जबरन वसूली की। वह पहले भी इसी तरह के दो अपराधों में शामिल रहा है।
पुलिस ने एक पीड़ित की शिकायत पर ई-एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत में बताया गया था कि ‘वैभव अरोड़ा’ के नाम से चल रहे एक नकली इंस्टाग्राम प्रोफाइल के माध्यम से लगभग सात लाख रुपए की ठगी की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पहली बार आरोपी से एक डेटिंग ऐप पर मिली थी, जहां आरोपी ने खुद को एक अच्छी तरह से बसा हुआ और इज्जतदार इंसान बताया था। उसका भरोसा जीतने के बाद उसने इंस्टाग्राम और बाद में कई अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके व्हाट्सऐप पर बातचीत करता था।

डेटिंग ऐप पर नकली प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को धोखा देने वाला शख्स गिरफ्तार
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पुलिस के अनुसार, आरोपी ने धीरे-धीरे पीड़िता के साथ एक भावनात्मक रिश्ता बना लिया और उससे शादी करने का वादा किया। आरोपी ने ‘आनंद’ नाम की एक और नकली पहचान बनाई और दावा किया कि वह उसका करीबी दोस्त है जो शादी के प्रस्ताव के संबंध में परिवार की मुलाकात करवाने में मदद करेगा। इसके बाद आरोपी ने झूठी कहानी बताकर पीड़िता से पैसे की मांग की।
आरोपी की बातों पर भरोसा करके पीड़िता ने उसे लगभग सात लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब ​​पीड़िता ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। बाद में व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए पीड़िता को झूठ बताया गया कि ‘वैभव’ नाम के व्यक्ति की मौत हो गई है, ताकि वह हमेशा के लिए संपर्क तोड़ सके और पकड़ा न जाए।
पुलिस के मुताबिक, जांच के कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की गई और उन पर विस्तृत तकनीकी निगरानी रखी गई। लगातार निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग से पता चला कि आरोपी से जुड़े दो मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल के 24 परगना क्षेत्र में सक्रिय थे। इसके आधार पर पुलिस टीमों ने उस क्षेत्र में कई संदिग्ध जगहों पर छापेमारी की। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी पवन कुमार को दबोच लिया।

मुंबई । मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हुए लाइव कंसर्ट के दौरान ड्रग की ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। इस केस में वनराई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल 7 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह सातवां आरोपी ड्रग सप्लाई सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और उसका काम बड़े इवेंट्स और लाइव कंसर्ट में ड्रग्स पहुंचाने का था। पुलिस अब भी मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्रग्स को पहले बाहर के इलाकों से मुंबई लाया जाता था और फिर अलग-अलग माध्यमों से कंसर्ट और पार्टी जैसे बड़े आयोजनों तक पहुंचाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कल्याण से पोर्टर के जरिए ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे और फिर उन्हें छात्रों और युवाओं को बेचा जाता था। जानकारी के अनुसार, नेस्को सेंटर में हुए इस कंसर्ट से ठीक एक दिन पहले यानी 10 अप्रैल को एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी ड्रग्स के ओवरडोज का कारण दो छात्रों की जान चली गई। इस घटना के बाद पुलिस ने कंसर्ट में मौजूद लोगों की भी जांच शुरू कर दी है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने बड़े इवेंट में ड्रग्स कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। वनराई पुलिस ने बुधवार देर रात इस नए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

कुशेश्वरस्थान पूर्वी में बाबा साहब अंबेडकर जयंती पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि

मुंबई । मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हुए लाइव कंसर्ट के दौरान ड्रग की ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। इस केस में वनराई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल 7 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह सातवां आरोपी ड्रग सप्लाई सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और उसका काम बड़े इवेंट्स और लाइव कंसर्ट में ड्रग्स पहुंचाने का था। पुलिस अब भी मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्रग्स को पहले बाहर के इलाकों से मुंबई लाया जाता था और फिर अलग-अलग माध्यमों से कंसर्ट और पार्टी जैसे बड़े आयोजनों तक पहुंचाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कल्याण से पोर्टर के जरिए ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे और फिर उन्हें छात्रों और युवाओं को बेचा जाता था। जानकारी के अनुसार, नेस्को सेंटर में हुए इस कंसर्ट से ठीक एक दिन पहले यानी 10 अप्रैल को एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी ड्रग्स के ओवरडोज का कारण दो छात्रों की जान चली गई। इस घटना के बाद पुलिस ने कंसर्ट में मौजूद लोगों की भी जांच शुरू कर दी है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने बड़े इवेंट में ड्रग्स कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। वनराई पुलिस ने बुधवार देर रात इस नए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
मुंबई । मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हुए लाइव कंसर्ट के दौरान ड्रग की ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। इस केस में वनराई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल 7 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह सातवां आरोपी ड्रग सप्लाई सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और उसका काम बड़े इवेंट्स और लाइव कंसर्ट में ड्रग्स पहुंचाने का था। पुलिस अब भी मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्रग्स को पहले बाहर के इलाकों से मुंबई लाया जाता था और फिर अलग-अलग माध्यमों से कंसर्ट और पार्टी जैसे बड़े आयोजनों तक पहुंचाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कल्याण से पोर्टर के जरिए ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे और फिर उन्हें छात्रों और युवाओं को बेचा जाता था। जानकारी के अनुसार, नेस्को सेंटर में हुए इस कंसर्ट से ठीक एक दिन पहले यानी 10 अप्रैल को एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी ड्रग्स के ओवरडोज का कारण दो छात्रों की जान चली गई। इस घटना के बाद पुलिस ने कंसर्ट में मौजूद लोगों की भी जांच शुरू कर दी है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने बड़े इवेंट में ड्रग्स कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। वनराई पुलिस ने बुधवार देर रात इस नए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

मुंबई । मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हुए लाइव कंसर्ट के दौरान ड्रग की ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। इस केस में वनराई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल 7 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह सातवां आरोपी ड्रग सप्लाई सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और उसका काम बड़े इवेंट्स और लाइव कंसर्ट में ड्रग्स पहुंचाने का था। पुलिस अब भी मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्रग्स को पहले बाहर के इलाकों से मुंबई लाया जाता था और फिर अलग-अलग माध्यमों से कंसर्ट और पार्टी जैसे बड़े आयोजनों तक पहुंचाया जाता था।

मुंबई । मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हुए लाइव कंसर्ट के दौरान ड्रग की ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। इस केस में वनराई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल 7 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह सातवां आरोपी ड्रग सप्लाई सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और उसका काम बड़े इवेंट्स और लाइव कंसर्ट में ड्रग्स पहुंचाने का था। पुलिस अब भी मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्रग्स को पहले बाहर के इलाकों से मुंबई लाया जाता था और फिर अलग-अलग माध्यमों से कंसर्ट और पार्टी जैसे बड़े आयोजनों तक पहुंचाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कल्याण से पोर्टर के जरिए ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे और फिर उन्हें छात्रों और युवाओं को बेचा जाता था।
जानकारी के अनुसार, नेस्को सेंटर में हुए इस कंसर्ट से ठीक एक दिन पहले यानी 10 अप्रैल को एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी ड्रग्स के ओवरडोज का कारण दो छात्रों की जान चली गई।
इस घटना के बाद पुलिस ने कंसर्ट में मौजूद लोगों की भी जांच शुरू कर दी है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने बड़े इवेंट में ड्रग्स कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
वनराई पुलिस ने बुधवार देर रात इस नए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
मुंबई । मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हुए लाइव कंसर्ट के दौरान ड्रग की ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। इस केस में वनराई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल 7 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह सातवां आरोपी ड्रग सप्लाई सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और उसका काम बड़े इवेंट्स और लाइव कंसर्ट में ड्रग्स पहुंचाने का था। पुलिस अब भी मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्रग्स को पहले बाहर के इलाकों से मुंबई लाया जाता था और फिर अलग-अलग माध्यमों से कंसर्ट और पार्टी जैसे बड़े आयोजनों तक पहुंचाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कल्याण से पोर्टर के जरिए ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे और फिर उन्हें छात्रों और युवाओं को बेचा जाता था। जानकारी के अनुसार, नेस्को सेंटर में हुए इस कंसर्ट से ठीक एक दिन पहले यानी 10 अप्रैल को एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी ड्रग्स के ओवरडोज का कारण दो छात्रों की जान चली गई। इस घटना के बाद पुलिस ने कंसर्ट में मौजूद लोगों की भी जांच शुरू कर दी है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने बड़े इवेंट में ड्रग्स कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। वनराई पुलिस ने बुधवार देर रात इस नए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि कल्याण से पोर्टर के जरिए ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे और फिर उन्हें छात्रों और युवाओं को बेचा जाता था।
जानकारी के अनुसार, नेस्को सेंटर में हुए इस कंसर्ट से ठीक एक दिन पहले यानी 10 अप्रैल को एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी ड्रग्स के ओवरडोज का कारण दो छात्रों की जान चली गई।
इस घटना के बाद पुलिस ने कंसर्ट में मौजूद लोगों की भी जांच शुरू कर दी है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने बड़े इवेंट में ड्रग्स कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
वनराई पुलिस ने बुधवार देर रात इस नए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

सतना : नागौद पुलिस की बड़ी सफलता, बारापत्थर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

सतना : नागौद पुलिस की बड़ी सफलता, बारापत्थर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

सतना : नागौद पुलिस की बड़ी सफलता, बारापत्थर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सतना : नागौद पुलिस की बड़ी सफलता, बारापत्थर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले के थाना नागौद पुलिस ने बहुचर्चित बारापत्थर हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में अहम खुलासे हुए हैं। एडिशनल एसपी प्रेम लाल कुर्वे ने बताया कि 5 मार्च की रात करीब 09:30 बजे घटना हुई थी। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने बताया कि किचन में खाना बनाते समय पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर जाकर देखा तो गांव के चंदन यादव और आलोक सोनी हथियारों के साथ खड़े थे, जबकि एक अन्य युवक मुंह पर कपड़ा बांधे मोटरसाइकिल के पास मौजूद था। कुछ ही देर में जानकारी मिली कि बड़े पापा अभय उर्फ बबलू यादव को गोली मार दी गई है। उनके गर्दन, सीने और कमर में गोली के निशान मिले थे। इसी दौरान यह भी सामने आया कि राणा यादव को भी दुकान में घुसकर गोली मारी गई, जिससे वह घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

सतना : नागौद पुलिस की बड़ी सफलता, बारापत्थर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सतना : नागौद पुलिस की बड़ी सफलता, बारापत्थर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रीवा रेंज के उप महानिरीक्षक ने 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
मामले में पुलिस पहले ही शरद यादव, अमर उर्फ बृजेंद्र बागरी, प्रेम पुरवार, आलोक सोनी और संजय साकेत को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी चंदन यादव (उम्र 35 वर्ष, निवासी बारापत्थर, थाना नागौद, जिला सतना) को बीते बुधवार को जिला पन्ना के थाना धर्मपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी से मिली सूचना के आधार पर सिंहपुर रोड कतकौन पुलिया के पास झाड़ियों से एक 32-बोर पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी और मृतक एक ही परिवार के सदस्य हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज

झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज

झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज
झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज

हजारीबाग । झारखंड के हजारीबाग जिले के चरही थाना क्षेत्र स्थित एक सरकारी विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) पर करीब दो दर्जन छात्राओं ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। बाल कल्याण समिति की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 अप्रैल को दो छात्राओं ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर अपनी आपबीती सुनाई। छात्राओं ने बताया कि हेडमास्टर पढ़ाई के बहाने उन्हें अपने पास बुलाते थे और अनुचित तरीके से शारीरिक स्पर्श करते थे। शिकायत मिलने के बाद जब बाल संरक्षण टीम और चरही पुलिस स्कूल पहुंची, तो परतें खुलती चली गईं। जांच के दौरान एक के बाद एक करीब 24 छात्राओं ने प्रधानाध्यापक पर समान आरोप लगाए। सीडब्ल्यूसी के समक्ष दिए गए बयानों में छात्राओं ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज
झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज

पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि हेडमास्टर उन्हें डराता-धमकाता था कि अगर उन्होंने इस बारे में किसी को बताया तो उन्हें स्कूल से निकाल दिया जाएगा या उनके परिणाम खराब कर दिए जाएंगे।
इसी डर की वजह से छात्राएं लंबे समय तक खामोश रहीं। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को पोक्सो एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। इस प्रकरण की जानकारी मिलते ही अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग को आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का भी संकेत दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और छात्राओं के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।