दिल्ली: पटपड़गंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली: पटपड़गंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली: पटपड़गंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली: पटपड़गंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली की पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया (पीआईए) थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्नैचिंग के एक मामले को बहुत ही कम समय में सुलझा लिया। इस मामले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद कर ली गई है। घटना 1 अप्रैल की सुबह करीब 4:30 बजे की है। शिकायतकर्ता धर्मेंद्र अपनी ड्यूटी खत्म करके घर लौट रहा था। जब वह गाजीपुर गांव के पास जीबीएसएस स्कूल, गौशाला वाली गली के पास पहुंचा, तभी तीन अज्ञात युवक एक स्कूटी पर सवार होकर उसके पास आए। पीछे बैठे युवक ने अचानक उनका मोबाइल फोन छीन लिया और तीनों आरोपी तेज रफ्तार में वहां से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम बनाई गई, जो एसएचओ के नेतृत्व और एसीपी मधु विहार के मार्गदर्शन में काम कर रही थी। टीम में हेड कांस्टेबल हर्षित, सुनील शर्मा, मणि राम और अनिल भाटी शामिल थे।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला

दिल्ली: पटपड़गंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली: पटपड़गंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार

। अलग-अलग रास्तों और संभावित भागने के रूट को ध्यान में रखते हुए कई कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। साथ ही तकनीकी निगरानी और लोकल इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया गया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने एक आरोपी की पहचान कर ली।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने राधू पैलेस जेजे क्लस्टर इलाके में छापा मारा, जहां से आरोपी इरफान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई। जांच में पता चला कि यह स्कूटी पहले ही मधु विहार थाने में चोरी की रिपोर्ट के तहत दर्ज थी।
आरोपी इरफान की उम्र 24 साल है और वह ईस्ट गुरु अंगद नगर इलाके का रहने वाला है। वह नौवीं कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी करके अपना गुजारा करता है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह नशे (स्मैक) का आदी है और अपनी लत को पूरा करने के लिए उसने स्नैचिंग जैसे अपराध करना शुरू कर दिया।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी अन्य मामलों में भी शामिल रहा है या नहीं।

दिल्ली में ड्रग सप्लाई और बिक्री के आरोप में दो गिरफ्तार, स्मैक जब्त

दिल्ली में ड्रग सप्लाई और बिक्री के आरोप में दो गिरफ्तार, स्मैक जब्त

दिल्ली में ड्रग सप्लाई और बिक्री के आरोप में दो गिरफ्तार, स्मैक जब्त
दिल्ली में ड्रग सप्लाई और बिक्री के आरोप में दो गिरफ्तार, स्मैक जब्त

नई दिल्ली । दिल्ली में पीपी सिधिपुरा और पीएस डीबीजी रोड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 28.46 ग्राम स्मैक बरामद हुआ है। घटना 31 मार्च 2026 को हुई, जब किशनगंज के लोको रेलवे कॉलोनी के पास गश्त कर रहे कांस्टेबल विशाल और कांस्टेबल शीशराम ने संदिग्ध गतिविधि देखी। उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति लोगों के बीच खड़ा था और नशीले पदार्थ बेच रहा था। पुलिस को देख वहां मौजूद लोग तुरंत भाग गए। संदिग्ध को पकड़ लिया गया। उसकी पहचान आशीष उर्फ चंगू के रूप में हुई। एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसके कब्जे से 12.34 ग्राम स्मैक बरामद हुआ। मौके पर एफएसएल टीम द्वारा नारकोटिक्स डिटेक्शन किट से जांच में पदार्थ पॉजिटिव पाया गया। इसके आधार पर पीएस डीबीजी रोड में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी आशीष की पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह स्मैक खरीदकर रेलवे लाइन के पास बेचता है और इसे वह मोहम्मद इमरान नामक स्थानीय सप्लायर से खरीदता था।

दिल्ली में ड्रग सप्लाई और बिक्री के आरोप में दो गिरफ्तार, स्मैक जब्त
दिल्ली में ड्रग सप्लाई और बिक्री के आरोप में दो गिरफ्तार, स्मैक जब्त

इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एएसआई लक्ष्मी नारायण, एएसआई मोहन लाल, कांस्टेबल विशाल, कांस्टेबल शीशराम और कांस्टेबल रविंदर शामिल थे। यह टीम एसआई सुमित सिंह के मार्गदर्शन में और इंस्पेक्टर रणधीर सिंह के पर्यवेक्षण में काम कर रही थी।
1 अप्रैल को पुलिस ने मोहम्मद इमरान को उसके घर से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के कब्जे से न केवल स्मैक बरामद हुआ बल्कि तौलने की मशीन और नगदी भी मिली, जो सक्रिय पेडलिंग का संकेत देती है। आशीष से 12.34 ग्राम स्मैक और 200 रुपए मिले, जबकि मोहम्मद इमरान के कब्जे से 16.12 ग्राम स्मैक, एक विग्रो ब्रांड की तौल मशीन और 832 रुपए बरामद हुए।
पुलिस ने बताया कि आशीष की पहले भी विभिन्न मामलों में संलिप्तता रही है। उसकी पिछली एफआईआर और मामले चोरी, लूट और हिंसा से जुड़े हैं। पीपी सिधिपुरा स्टाफ की समय पर और समन्वित कार्रवाई के कारण न केवल पेडलर और सप्लायर की गिरफ्तारी हुई।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। आगे भी इस नेटवर्क का पता लगाने और ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।

राजस्थान यूनिवर्सिटी में भारी बवाल : नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम पर NSUI और पुलिस में झड़प, कार्यकर्ता हिरासत में, कैंपस छावनी में तब्दील

राजस्थान यूनिवर्सिटी में भारी बवाल : नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम पर NSUI और पुलिस में झड़प, कार्यकर्ता हिरासत में, कैंपस छावनी में तब्दील

राजस्थान यूनिवर्सिटी में भारी बवाल : नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम पर NSUI और पुलिस में झड़प, कार्यकर्ता हिरासत में, कैंपस छावनी में तब्दील
राजस्थान यूनिवर्सिटी में भारी बवाल : नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम पर NSUI और पुलिस में झड़प, कार्यकर्ता हिरासत में, कैंपस छावनी में तब्दील

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) एक बार फिर सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया है। शुक्रवार को कैंपस में ‘मरुधरा नारी संगठन’ के बैनर तले आयोजित एक विचार गोष्ठी को लेकर छात्र संगठनों के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया है और दंगा नियंत्रण वाहनों को भी मौके पर तैनात रखा गया है। घटना की शुरुआत शुक्रवार दोपहर को हुई जब NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से प्रेरित बताते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थान में एक विशेष विचारधारा को थोपने का प्रयास किया जा रहा है। जब प्रदर्शनकारी बेरिकेडिंग तोड़कर मानविकी पीठ सभागार (Humanities Hall) की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को मुख्य गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद छात्र वहीं धरने पर बैठ गए।

राजस्थान यूनिवर्सिटी में भारी बवाल : नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम पर NSUI और पुलिस में झड़प, कार्यकर्ता हिरासत में, कैंपस छावनी में तब्दील
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NSUI का पक्ष : छात्र नेता अमरदीप परिहार का कहना है कि विश्वविद्यालय ज्ञान का केंद्र है, लेकिन यहां शस्त्र पूजन और विशिष्ट विचारधारा वाले कार्यक्रमों के जरिए माहौल खराब किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम रद्द न होने पर पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ABVP का पक्ष : वहीं एबीवीपी के संयोजक भारत भूषण ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण पर कार्यक्रम करना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने NSUI पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
प्रशासन की सफाई : विवाद बढ़ता देख कुलपति प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय ने नियमानुसार मानविकी पीठ सभागार को केवल किराए पर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास इसे किसी राजनीतिक संगठन या RSS के कार्यक्रम के रूप में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
फिलहाल, कैंपस में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

जोधपुर में AGTF की स्ट्राइक : घर की छत पर चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री; 3 करोड़ की ड्रग्स और 55 किलो केमिकल बरामद

जोधपुर में AGTF की स्ट्राइक : घर की छत पर चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री; 3 करोड़ की ड्रग्स और 55 किलो केमिकल बरामद

जोधपुर में AGTF की स्ट्राइक : घर की छत पर चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री; 3 करोड़ की ड्रग्स और 55 किलो केमिकल बरामद
जोधपुर में AGTF की स्ट्राइक : घर की छत पर चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री; 3 करोड़ की ड्रग्स और 55 किलो केमिकल बरामद

जोधपुर | जोधपुर के बनाड थाना क्षेत्र में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक साधारण से दिखने वाले मकान में चल रही अवैध ड्रग्स लैब का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 3.055 किलोग्राम निर्मित एमडी (MD) और 55.725 किलोग्राम घातक रसायन जब्त किए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई ड्रग्स की कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। 

कर्ज चुकाने के लिए घर को बनाया ‘जहर की लैब’ गिरफ्तार आरोपी गणपतराम बेनीवाल (40) निवासी बालोतरा (हाल बनाड, जोधपुर) ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी पर 12 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उसने अपराध का रास्ता चुना।
तस्करों से कनेक्शन : उसने सांचौर के कुख्यात तस्करों आसुराम उर्फ लक्की और भाणु के साथ सौदा किया था।
बड़ी साजिश : पुलिस ने जो 55 किलो से अधिक केमिकल बरामद किया है, उससे आरोपी 60 किलो और एमडी तैयार करने की खतरनाक योजना बना रहा था।
ऑपरेशन ‘आधी रात’ : बल्ब की रोशनी में बन रही थी ड्रग्स
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि एएसआई राकेश जाखड़ को मिली गोपनीय सूचना पर एसपी ज्ञानचंद यादव के सुपरविजन में टीम गठित की गई। जब एजीटीएफ, एटीएस और स्थानीय पुलिस ने रात के अंधेरे में ‘बेनीवाल सदन’ की घेराबंदी कर छत पर धावा बोला, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था:
छत पर बिजली के बल्ब की रोशनी में गद्दों पर एमडी सुखाई जा रही थी।

जोधपुर में AGTF की स्ट्राइक : घर की छत पर चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री; 3 करोड़ की ड्रग्स और 55 किलो केमिकल बरामद
जोधपुर में AGTF की स्ट्राइक : घर की छत पर चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री; 3 करोड़ की ड्रग्स और 55 किलो केमिकल बरामद


चारों तरफ रसायनों के ड्रम, इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे, स्टील के बर्तन और ड्रग्स बनाने के आधुनिक उपकरण बिखरे पड़े थे।
जब्त सामग्री का ब्यौरा : पुलिस ने मौके से न केवल तैयार ड्रग्स, बल्कि उसे बनाने में प्रयुक्त होने वाले घातक रसायन भी बरामद किए हैं:
केमिकल : डाइक्लोरोमीथेन, मैक्स फाइन केम, डी-आयोनाइज्ड वाटर और ज्योति हाइड्रोटेक।
उपकरण : इलेक्ट्रॉनिक चूल्हा, 9 बड़ी बाल्टियां और सुखाने के विशेष यंत्र।
टीम की सराहना और अगली कार्रवाई
इस सफल ऑपरेशन में एएसआई राकेश जाखड़, कांस्टेबल सुमेर सिंह और तकनीकी सहायक रमेश कुमार यादव की अहम भूमिका रही। बनाड थानाधिकारी लेखराज और डीएसटी प्रभारी खेत सिंह ने मौके पर प्रभावी मोर्चा संभाला।
मामले की विस्तृत तफ्तीश अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमृत लाल जिनगर को सौंपी गई है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगना आसुराम और भाणु की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

अजमेर पुलिस बनी ‘जीवनरक्षक’,आनासागर में डूबते बुजुर्ग को बचाया

अजमेर पुलिस बनी ‘जीवनरक्षक’,आनासागर में डूबते बुजुर्ग को बचाया

अजमेर पुलिस बनी ‘जीवनरक्षक’,आनासागर में डूबते बुजुर्ग को बचाया
अजमेर पुलिस बनी ‘जीवनरक्षक’,आनासागर में डूबते बुजुर्ग को बचाया

अजमेर,। जब एक पल की देरी जिंदगी और मौत के बीच फर्क तय कर सकती थी, तब अजमेर पुलिस ने अपनी सतर्कता, साहस और मानवीय संवेदनशीलता से एक बुजुर्ग को नया जीवन दे दिया। यह घटना न सिर्फ एक सफल रेस्क्यू है, बल्कि वर्दी के पीछे छिपे मानवीय चेहरे की मिसाल भी है। 

प्रकरणानुसार अजमेर जिले के किशनगढ़ निवासी कैलाश गर्ग (लगभग 70 वर्ष) ने अचानक आनासागर झील में छलांग लगा दी। झील किनारे मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सूचना हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। हेड कांस्टेबल सज्जन कुमार और कांस्टेबल नरसीराम, पुखराज, बद्रीप्रसाद व राजकुमार ने अदम्य साहस और तत्परता दिखाते हुए झील में डूब रहे बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हर पल की जंग में पुलिस की तेजी और टीमवर्क ने एक जिंदगी बचा ली।
रेस्क्यू के बाद तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया गया और फिर परिजनों से संपर्क कर बुजुर्ग को सकुशल उनके हवाले किया गया।

अजमेर पुलिस बनी ‘जीवनरक्षक’,आनासागर में डूबते बुजुर्ग को बचाया
अजमेर पुलिस बनी ‘जीवनरक्षक’,आनासागर में डूबते बुजुर्ग को बचाया


इस प्रेरणादायक कार्य के लिए जिला पुलिस अधीक्षक, अजमेर हर्षवर्धन अगरवाला ने सभी जवानों को ₹1100-₹1100 नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। एसपी ने कहा कि इस पूरी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली ही नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी संरक्षक भी है।
उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन आगे भी इसी प्रकार किया जाता रहेगा। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील भी की कि किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि जब पुलिस और समाज साथ खड़े होते हैं, तो हर संकट को हराया जा सकता है।

पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला, पांच की मौत

पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला, पांच की मौत

पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला, पांच की मौत
पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला, पांच की मौत

नई दिल्ली । पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में एक आत्मघाती हमले की घटना सामने आई है। शुक्रवार को बन्नू के डोमेल पुलिस स्टेशन पर एक सुसाइड कार बम धमाका हुआ। इस धमाके में हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक पुलिसवाले समेत 13 लोग घायल हो गए। डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑफिसर बख्तुल्लाह वजीर ने इसकी पुष्टि की। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों में एक ही परिवार के पति, पत्नी, बेटी और बेटा शामिल हैं। धमाका तब हुआ, जब विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी पुलिस स्टेशन के पिछले हिस्से से टकरा गई, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ और फिर गोलीबारी शुरू हो गई। शुरुआती रिपोर्ट में पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज मीलों दूर तक सुनी गई। धमाके में पुलिस स्टेशन की संतरी पोस्ट पूरी तरह से तबाह हो गई, जबकि बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया।
धमाके से आसपास के रिहायशी इलाकों को भी बहुत नुकसान हुआ, कई घर गिर गए और कई लोग मलबे में फंस गए। रेस्क्यू 1122 के मुताबिक, घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला, पांच की मौत
पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला, पांच की मौत


डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑफिसर बख्तुल्लाह वजीर ने कहा कि धमाके के बाद सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जब तक इलाका पूरी तरह से साफ नहीं हो जाता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा।
इसके पहले बन्नू में ही घोरा गांव में गुरुवार को एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें एक सरकारी स्कूल तबाह हो गया। डॉन के अनुसार, बदमाशों ने बन्नू के बाका खेल इलाके के घोरा गांव में सरकारी प्राइमरी स्कूल नूर जान बाका खेल में विस्फोटक लगाए और बिल्डिंग को उड़ा दिया।
डॉन ने बताया कि धमाके की वजह से स्कूल का स्ट्रक्चर पूरी तरह तबाह हो गया। पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि आतंकवादी कथित तौर पर स्कूल के अंदर रह रहे थे और जब धमाका हुआ तो वे एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईडी) तैयार कर रहे थे। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चुनाव आयोग की सख्ती : 'साइलेंस पीरियड' में चुनावी प्रचार और एग्जिट पोल पर पूरी तरह रोक

चुनाव आयोग की सख्ती : ‘साइलेंस पीरियड’ में चुनावी प्रचार और एग्जिट पोल पर पूरी तरह रोक

चुनाव आयोग की सख्ती : 'साइलेंस पीरियड' में चुनावी प्रचार और एग्जिट पोल पर पूरी तरह रोक
चुनाव आयोग की सख्ती : ‘साइलेंस पीरियड’ में चुनावी प्रचार और एग्जिट पोल पर पूरी तरह रोक

नई दिल्ली । इस महीने से शुरू हो रहे विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग ने मीडिया और राजनीतिक दलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने साफ किया है कि मतदान से पहले निर्धारित ‘साइलेंस पीरियड’ के दौरान किसी भी तरह के चुनावी प्रचार या प्रभाव डालने वाली सामग्री के प्रसारण पर पूरी तरह रोक रहेगी। 15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड और त्रिपुरा की 8 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी। आयोग के मुताबिक, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126(1)(बी) के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले ‘साइलेंस पीरियड’ लागू हो जाता है। इस दौरान किसी भी टीवी चैनल, रेडियो या अन्य माध्यम से चुनाव से जुड़ी कोई भी सामग्री प्रसारित नहीं की जा सकती, जो मतदाताओं को प्रभावित करे।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, असम में 9 अप्रैल को मतदान होगा और यहां साइलेंस पीरियड 7 अप्रैल शाम 5 बजे से 9 अप्रैल शाम 5 बजे तक रहेगा। केरल और पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, जहां साइलेंस पीरियड 7 अप्रैल शाम 6 बजे से 9 अप्रैल शाम 6 बजे तक लागू रहेगा।

चुनाव आयोग की सख्ती : 'साइलेंस पीरियड' में चुनावी प्रचार और एग्जिट पोल पर पूरी तरह रोक
चुनाव आयोग की सख्ती : ‘साइलेंस पीरियड’ में चुनावी प्रचार और एग्जिट पोल पर पूरी तरह रोक


तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा और यहां 21 अप्रैल शाम 6 बजे से 23 अप्रैल शाम 6 बजे तक साइलेंस पीरियड रहेगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल को। पहले चरण के लिए साइलेंस पीरियड 21 अप्रैल शाम 6 बजे से 23 अप्रैल शाम 6 बजे तक, जबकि दूसरे चरण के लिए 27 अप्रैल शाम 6 बजे से 29 अप्रैल शाम 6 बजे तक लागू रहेगा।
चुनाव आयोग ने मीडिया संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस दौरान प्रसारित होने वाले किसी भी कार्यक्रम में ऐसी कोई सामग्री, विचार या अपील शामिल न हो, जो किसी पार्टी या उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में माहौल बनाए। इसमें ओपिनियन पोल का प्रसारण भी शामिल है।
इसके अलावा आयोग ने धारा 126ए के तहत एग्जिट पोल पर भी रोक लगाई है। 9 अप्रैल सुबह 7 बजे से लेकर 29 अप्रैल शाम 6:30 बजे तक किसी भी तरह का एग्जिट पोल करना या उसके नतीजे प्रकाशित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आयोग ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर दो साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही सभी मीडिया संस्थानों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।

उदयपुर हाईवे पर किलर टैंकर का तांडव : बेकाबू होकर 12 वाहनों को रौंदा, कार-बाइक के उड़े परखच्चे, नेशनल हाईवे पर मची चीख-पुकार

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उदयपुर | उदयपुर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर आज दोपहर एक अनियंत्रित टैंकर ने भारी तबाही मचाई। देबारी पावर हाउस के सामने तेज रफ्तार टैंकर ने सड़क पर चल रहे एक दर्जन से अधिक वाहनों को एक के बाद एक टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में दो कारें और कई बाइक बुरी तरह पिचक गईं, जिससे हाईवे पर लंबे समय तक अफरा-तफरी और जाम की स्थिति बनी रही। 

दोपहर का हादसा : ताश के पत्तों की तरह भिड़े वाहन प्रतापनगर थाना क्षेत्र के देबारी हाईवे पर दोपहर में उस वक्त कोहराम मच गया जब एक बेकाबू टैंकर ने आगे चल रहे वाहनों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टैंकर की रफ्तार इतनी अधिक थी कि 12 से ज्यादा वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए।
दो कारें और बाइक टैंकर और अन्य वाहनों के बीच दबकर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई।
घायलों की स्थिति : सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर रास्ता साफ कराया गया।

उदयपुर हाईवे पर किलर टैंकर का तांडव : बेकाबू होकर 12 वाहनों को रौंदा, कार-बाइक के उड़े परखच्चे, नेशनल हाईवे पर मची चीख-पुकार
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सुबह का हादसा : टायर फटने से पलटा केमिकल टैंकर
दिलचस्प और डराने वाली बात यह है कि इसी स्थान पर आज सुबह 11 बजे भी एक बड़ा हादसा हुआ था।
केमिकल रिसाव : आर्ची गैलेक्सी के सामने एक केमिकल से भरा टैंकर टायर फटने के कारण डिवाइडर फांदकर रॉन्ग साइड में पलट गया।
टैंकर के हुए दो टुकड़े : टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर का केबिन और पिछला हिस्सा टूटकर अलग हो गए। सड़क पर केमिकल फैलने से आग का खतरा पैदा हो गया था, जिसे दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर संभाला।
पुलिस की कार्रवाई और राहत कार्य
प्रतापनगर थाना पुलिस ने दोनों ही घटनाओं में तत्परता दिखाई। सुबह हुए हादसे के बाद सड़क से केमिकल साफ करवाकर यातायात सुचारू किया गया था, लेकिन दोपहर में हुए दूसरे हादसे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस बेकाबू टैंकर के चालक और तकनीकी खराबी की जांच कर रही है।
चश्मदीदों की जुबानी : हाईवे पर मौजूद लोगों ने बताया कि टैंकर के टायर फटने और फिर वाहनों के आपस में टकराने की आवाज इतनी तेज थी कि लगा जैसे कोई बम फटा हो। गनीमत रही कि सुबह के हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दोपहर की घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

दिल्ली पुलिस की एएसबी सेल ने अवैध हथियार के साथ अपराधी को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की एएसबी सेल ने अवैध हथियार के साथ अपराधी को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की एएसबी सेल ने अवैध हथियार के साथ अपराधी को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की एएसबी सेल ने अवैध हथियार के साथ अपराधी को किया गिरफ्तार


नई दिल्ली । दिल्ली के पूर्वी जिले की एंटी स्नैचिंग एंड बर्गरली सेल (एएसबी) अवैध हथियारों के कब्जे और उपयोग में शामिल अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में एएसबी सेल ने एक कुख्यात अपराधी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से संभावित आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सका और जिले में जन सुरक्षा को बढ़ावा मिला। पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार के अनुसार, पूर्वी जिले में हाल ही में अवैध हथियारों से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए एएसबी सेल को सक्रिय अपराधियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपा गई थी। इसके बाद एसआई अजय तोमर (प्रभारी एएसबी सेल/पूर्वी) के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने संवेदनशील क्षेत्रों में सादे कपड़ों में लगातार खुफिया जानकारी जुटाने के अभियान चलाया। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया।

दिल्ली पुलिस की एएसबी सेल ने अवैध हथियार के साथ अपराधी को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की एएसबी सेल ने अवैध हथियार के साथ अपराधी को किया गिरफ्तार

इसी बीच 31 मार्च को विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि एक खतरनाक अपराधी अवैध हथियार लेकर खेलगांव रोड के पास आने वाला है। तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने लोहे के पुल के पास एक जाल बिछाया। शाम लगभग 6:00 बजे मुखबिर द्वारा पहचान किए जाने पर संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसकी पहचान अर्जुन उर्फ ​​सोनू निवासी त्रिलोकपुरी, दिल्ली के रूप में हुई। तलाशी के दौरान अर्जुन के पास से एक अवैध देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
इसके बाद पुलिस स्टेशन मंडावली में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसे दिसंबर 2025 में मंडोली जेल से जमानत पर रिहा किया गया था और उसने एक परिचित से हथियार लिया था। पुलिस ने बताया कि हथियार देने वाले की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के साथ-साथ व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश करने का प्रयास जारी है। कक्षा पांच पास अर्जुन उर्फ सोनू आदतन अपराधी है और 15 पूर्व आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है।

बेंगलुरु में महिला टेक-कर्मी और उसके बेटे का शव मिला, जांच जारी

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बेंगलुरु । बेंगलुरु से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उनके 11 महीने के बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रतिभा वाली और उनके छोटे बेटे के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें प्रतिभा ने इस दर्दनाक कदम के पीछे की वजह बताई है। नोट के अनुसार, उनके बेटे की गलती से पानी से भरी बाल्टी में डूबने के कारण मौत हो गई थी और खुद को इसका जिम्मेदार मानते हुए उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
इस मामले में शिकायत प्रतिभा के पति महंतेश वाली ने दर्ज कराई है, जो पेशे से इंजीनियर हैं। यह परिवार पिछले चार साल से बेंगलुरु के बैरवेश्वरननगर इलाके में एक किराए के मकान में रह रहा था।
घटना वाले दिन यानी 1 अप्रैल को महंतेश सुबह अपने काम पर चले गए थे और प्रतिभा घर से ही ऑफिस का काम कर रही थीं। जब शाम को महंतेश वापस लौटे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था और काफी कोशिशों के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने खिड़की के पास रखी दूसरी चाबी से घर खोला।

बेंगलुरु में महिला टेक-कर्मी और उसके बेटे का शव मिला, जांच जारी
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घर के अंदर का नजारा बेहद खौफनाक था, क्योंकि प्रतिभा छत के हुक से साड़ी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं। महंतेश ने यह भी देखा कि उनकी पत्नी की कलाई पर कटने के निशान थे और पास में खून भी बिखरा हुआ था। वहीं, उनका बेटा बिस्तर पर बेसुध पड़ा था, जिसे बाद में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में प्रतिभा ने अंग्रेजी में अपनी व्यथा लिखी थी कि वह अपने बच्चे को पानी में डूबने से बचा नहीं पाई और इसी आत्मग्लानि के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
प्रतिभा ने अपने सुसाइड नोट में बेहद भावुक होकर लिखा कि जब वह कपड़े सुखाने के लिए छत पर गई थीं, तभी उनका बच्चा खेलते हुए वॉश एरिया में चला गया और पानी से भरी बाल्टी में डूबने के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने खुद को बच्चे की मौत का जिम्मेदार मानते हुए लिखा कि वह उसे बचा नहीं पाईं और इसी ग्लानि में वह अपनी जान दे रही हैं।
घटनास्थल पर पुलिस को टैबलेट का एक खाली पत्ता भी मिला है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि अपनी जान देने से पहले उन्होंने इन दवाइयों का सेवन किया होगा। पुलिस का मानना है कि प्रतिभा ने पहले गोलियां खाकर और अपनी कलाई काटकर जान देने की कोशिश की थी। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।