बांदरसिंदरी पुलिस ने दिल्ली में मजदूर बन 18 साल से फरार 10 हजार के इनामी शराब तस्कर को दबोचा

बांदरसिंदरी पुलिस ने दिल्ली में मजदूर बन 18 साल से फरार 10 हजार के इनामी शराब तस्कर को दबोचा

बांदरसिंदरी पुलिस ने दिल्ली में मजदूर बन 18 साल से फरार 10 हजार के इनामी शराब तस्कर को दबोचा
बांदरसिंदरी पुलिस ने दिल्ली में मजदूर बन 18 साल से फरार 10 हजार के इनामी शराब तस्कर को दबोचा

अजमेर। राजस्थान पुलिस ने एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। अजमेर जिले की बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने साल 2009 से फरार चल रहे ₹10,000 के इनामी शराब तस्कर दिनेश सिंह उर्फ दिनेश कुमार जाट 52 निवासी गांव व थाना छाँवला जिला द्वारका नई दिल्ली को छावला इलाके से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। 18 साल तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला यह आरोपी एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखता है। 

पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाला के कुशल निर्देशन और एएसपी ग्रामीण दीपक कुमार व वृत्ताधिकारी आयुष वशिष्ठ के सुपरविजन में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। एसपी अग्रवाला ने बताया कि यह मामला 2 जनवरी 2009 का है, जब बांदरसिंदरी पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान हरियाणा नंबर के एक संदिग्ध ट्रक को रुकवाने का प्रयास किया था। उस वक्त ट्रक चालक और खलासी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली, तो उसमें 856 पेटियां अंग्रेजी शराब की बरामद हुई थीं। इस मामले में ट्रक मालिक दिनेश सिंह निवासी दिल्ली के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया, लेकिन वह तब से ही फरार चल रहा था। न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था और हाल ही में पुलिस अधीक्षक अजमेर द्वारा उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया था।
मजदूर बन फार्म हाउस में घुसी पुलिस की टीम
थानाधिकारी दयाराम चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम के लिए आरोपी को पकड़ना एक बड़ी चुनौती थी। जब टीम दिल्ली के छावला पहुंची तो पता चला कि आरोपी का भाई एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष और विधायक प्रत्याशी रह चुका है, जिसके दबदबे के कारण ग्रामीण कोई जानकारी देने को तैयार नहीं थे।
टीम ने हार नहीं मानी और छद्म रूप धारण कर आरोपी का नंबर हासिल किया। पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए आरोपी की पहचान सुनिश्चित की। जब सूचना मिली कि आरोपी गांव के बाहर एक निर्माणाधीन फार्म हाउस में छिपकर रहता है, तो पुलिस टीम के सदस्य स्वयं मजदूर बनकर फार्म हाउस में निर्माण कार्य करने लगे। कई दिनों तक रेकी करने के बाद 21 अप्रैल 2026 की सुबह जैसे ही दिनेश सिंह मजदूरों को संभालने आया, पहले से अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।

बांदरसिंदरी पुलिस ने दिल्ली में मजदूर बन 18 साल से फरार 10 हजार के इनामी शराब तस्कर को दबोचा
बांदरसिंदरी पुलिस ने दिल्ली में मजदूर बन 18 साल से फरार 10 हजार के इनामी शराब तस्कर को दबोचा


भीड़ और राजनीतिक दबाव को बहादुरी से झेला
जैसे ही आरोपी को पुलिस ने पकड़ा, उसने अपने रसूखदार भाई को सूचना दे दी। कुछ ही देर में उसका भाई 60-70 समर्थकों के साथ फार्म हाउस पहुंच गया और पुलिस कार्यवाही का विरोध करने लगा। भारी भीड़ और राजनीतिक रसूख के बावजूद, बांदरसिंदरी पुलिस की टीम ने अदम्य साहस, संयम और सूझबूझ का परिचय दिया। टीम बिना किसी दबाव के आरोपी को सफलतापूर्वक स्थानीय थाने लेकर पहुंची। वहां भी भीड़ ने विरोध जारी रखा, लेकिन पुलिस उच्चाधिकारियों से निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए आरोपी को सकुशल राजस्थान लेकर आई।
वर्तमान में आरोपी दिनेश सिंह से अवैध शराब तस्करी और इसमें प्रयुक्त वाहन के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। 18 साल पुराने इस मामले में पुलिस की इस सूझबूझ भरी कार्रवाई की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।
टीम में एसएचओ दयाराम चौधरी पुलिस निरीक्षक सहित एएसआई रामस्वरूप, कांस्टेबल राजू लाल, अनिल कुमार, सीताराम और सत्येंद्र कुमार शामिल थे।

भिनाय पुलिस की बड़ी कार्यवाही: हत्या के प्रयास के मामले में 9 साल से फरार वांछित अपराधी गिरफ्तार

अजमेर रेंज आईजी राजेन्द्र सिंह व पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में चलाए जा रहे एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत भिनाय थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने वर्ष 2017 से हत्या के प्रयास और लूट के संगीन मामले में फरार चल रहे वांछित अपराधी कमालुद्दीन पुत्र ईलियास (30) निवासी दूदू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 9 वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
यह मामला मार्च 2017 का है, जब आरोपियों ने बेगलियावास निवासी एक व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट कर उसके हाथ-पैर तोड़ दिए थे और नकदी लूटकर हत्या का प्रयास किया था। थानाधिकारी ओमप्रकाश पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी आसूचना और मुखबिरों की सहायता से सटीक जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा। इस सफल कार्यवाही में हेड कांस्टेबल भागचंद और कांस्टेबल ओमसिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से फरारी के दौरान की गतिविधियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सुलझाया 40 साल पुराना कोल्ड मर्डर केस, आरोपी पति गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सुलझाया 40 साल पुराना कोल्ड मर्डर केस, आरोपी पति गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सुलझाया 40 साल पुराना कोल्ड मर्डर केस, आरोपी पति गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सुलझाया 40 साल पुराना कोल्ड मर्डर केस, आरोपी पति गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने करीब 40 साल पुराने एक कोल्ड मर्डर केस को सुलझा लिया है। आरोपी का नाम चंद्रशेखर प्रसाद बताया गया है, जो मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है। गिरफ्तारी के समय उसकी उम्र करीब 84 साल बताई जा रही है। यह मामला 1986 का है, जब पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में आरोपी ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। पति को पत्नी के चरित्र पर शक था, इसी शक के चलते उसने गुस्से में आकर ईंटों से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान घर में काम करने वाले घरेलू सहायक को भी हथियार के बल पर धमकाया गया था। वारदात के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ फरार हो गया। बाद में अदालत ने उसे 1987 में फरार घोषित कर दिया था। इसके बाद यह मामला लगभग चार दशकों तक अनसुलझा पड़ा रहा। इस दौरान पुलिस के सामने कई चुनौतियां आई, क्योंकि यह केस बहुत पुराना था। उस समय न तो मोबाइल फोन थे, न आधार जैसी पहचान प्रणाली और न ही डिजिटल रिकॉर्ड। कोई स्पष्ट फोटो या आधुनिक डेटा उपलब्ध नहीं था। ऐसे में आरोपी की पहचान और उसका पता लगाना बेहद मुश्किल काम था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इस केस को दोबारा खोला और धीरे-धीरे पुराने सुरागों को जोड़ना शुरू किया। जांच में पता चला कि आरोपी के बच्चे दिल्ली और बिहार में रहते हैं। इसी जानकारी के आधार पर कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों पर नजर रखी गई और उन्हें सर्विलांस पर रखा गया। इसके साथ ही टीम ने बिहार के नालंदा जिले में जाकर स्थानीय स्तर पर भी जांच की। वहां से यह जानकारी मिली कि आरोपी समय-समय पर धार्मिक या पारिवारिक अवसरों पर आता-जाता रहता है और अभी भी जीवित है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सुलझाया 40 साल पुराना कोल्ड मर्डर केस, आरोपी पति गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सुलझाया 40 साल पुराना कोल्ड मर्डर केस, आरोपी पति गिरफ्तार


तकनीकी इनपुट और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। धीरे-धीरे पता चला कि वह दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट इलाके में छिपकर रह रहा है। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत उसे पकड़ लिया गया।
यह गिरफ्तारी नांगली पूना इलाके में एक फैक्ट्री के स्टोर रूम से की गई, जहां वह अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने इतने सालों तक अलग-अलग जगहों पर पहचान बदलकर जीवन बिताया। कभी वह बिहार में रहा, कभी पंजाब और हरियाणा में, और कुछ समय के लिए एक आश्रम में भी छिपा रहा। यहां तक कि पंजाब के पटियाला में वह रिक्शा चलाने का काम भी कर चुका था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि घरेलू विवाद और पत्नी के चरित्र पर शक के कारण उसने गुस्से में आकर यह हत्या की थी और फिर मौके से फरार हो गया था।
इस पूरे ऑपरेशन में इंस्पेक्टर सुनील कुमार कलखांडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी, जिसमें कई अधिकारी और हेड कांस्टेबल शामिल थे। इस टीम ने महीनों तक लगातार मेहनत की, पुराने रिकॉर्ड खंगाले, तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल किया और ग्राउंड इंटेलिजेंस पर काम किया।

ट्रेनों में 'मौत' बांट रहे नकली साधु, झारखंड में नशीला लड्डू खाने से महिला की मौत, गिरोह का पर्दाफाश

ट्रेनों में ‘मौत’ बांट रहे नकली साधु, झारखंड में नशीला लड्डू खाने से महिला की मौत, गिरोह का पर्दाफाश

ट्रेनों में 'मौत' बांट रहे नकली साधु, झारखंड में नशीला लड्डू खाने से महिला की मौत, गिरोह का पर्दाफाश
ट्रेनों में ‘मौत’ बांट रहे नकली साधु, झारखंड में नशीला लड्डू खाने से महिला की मौत, गिरोह का पर्दाफाश

धनबाद । झारखंड के कोडरमा-धनबाद रेलखंड पर नकली साधुओं के एक गिरोह द्वारा दिए गए नशीले प्रसाद को खाने से उत्तर प्रदेश के मांडा की रहने वाली एक महिला यात्री की मौत हो गई। महिला अस्पताल में चार दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी, लेकिन अंततः उसे बचाया नहीं जा सका। इस सनसनीखेज वारदात के बाद रेल पुलिस ने घेराबंदी कर वाराणसी के रहने वाले सात नकली साधुओं को गिरफ्तार किया है। झारखंड के रेल डीजी अनिल पलटा को लगातार मिल रहे इनपुट्स के बाद जीआरपी और आरपीएफ की एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। पुलिस ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, जिसमें संदिग्धों की संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई थीं। पकड़े गए सातों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे वाराणसी और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। वे अलग-अलग टुकड़ियों में बंटकर विभिन्न राज्यों की ट्रेनों, विशेषकर स्लीपर और जनरल बोगियों में यात्रियों को अपना निशाना बनाते थे। इस गिरोह के सदस्य साधु का भेष धारण कर खुद को किसी प्रतिष्ठित मठ से जुड़ा बताते हैं।

ट्रेनों में 'मौत' बांट रहे नकली साधु, झारखंड में नशीला लड्डू खाने से महिला की मौत, गिरोह का पर्दाफाश
ट्रेनों में ‘मौत’ बांट रहे नकली साधु, झारखंड में नशीला लड्डू खाने से महिला की मौत, गिरोह का पर्दाफाश

ट्रेन में सफर के दौरान वे यात्रियों से मेल-जोल बढ़ाकर उनका विश्वास जीतते हैं और फिर ‘विशेष प्रसाद’ के नाम पर नशीला लड्डू थमा देते हैं।
मांडा की रहने वाली के साथ भी यही हुआ। लड्डू खाते ही वह अचेत हो गई, जिसके बाद लुटेरे उसकी नकदी और चांदी के गहने लेकर चंपत हो गए। पुलिस पूछताछ में यह उजागर हुआ कि यह एक संगठित सिंडिकेट है, जो साधु के भेष का इस्तेमाल केवल अपराध को छिपाने के लिए ‘कवर’ के तौर पर करता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने यात्रियों को अपना शिकार बनाया है और इनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली नशीली दवाओं का स्रोत क्या है।
रेल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी अपरिचित व्यक्ति, चाहे वह किसी भी भेष में हो, उसके द्वारा दिए गए प्रसाद या किसी भी खाद्य सामग्री को कतई स्वीकार न करें। धर्म और आस्था की आड़ में किसी अजनबी पर भरोसा करना जानलेवा साबित हो सकता है।

अमर कॉलोनी केस: रेप-हत्या आरोपों के बीच चोरी की थ्योरी आई सामने

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नई दिल्ली । दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से उस घर में रह रहे लोगों की दिनचर्या के बारे में जानता था। इसी को ध्यान में रखते हुए वह घर में घुसा और वारदात को अंजाम दिया। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की अमर कॉलोनी में एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या और कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राहुल मीणा के रूप में हुई है। उसे 22 अप्रैल को कई टीमों के संयुक्त अभियान के बाद द्वारका से पकड़ा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पहले ही उस घर से परिचित था और परिवार की रोजमर्रा की दिनचर्या के बारे में जानता था। घटना वाले दिन, जब पीड़िता के माता-पिता बाहर गए हुए थे तो वह कथित तौर पर घर में घुस गया।
सूत्रों ने बताया कि पीड़िता छत पर बने स्टडी रूम में थी, जहां वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।

अमर कॉलोनी केस: रेप-हत्या आरोपों के बीच चोरी की थ्योरी आई सामने
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लाश के पास एक टूटा हुआ लैंप मिला। हालांकि उस पर खून के कोई निशान नहीं थे। पुलिस को शक है कि पीड़िता पर किसी भारी चीज से भी हमला किया गया था। हालांकि, जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से एक मोबाइल चार्जिंग वायर भी बरामद किया है, जिसकी जांच सबूत के तौर पर की जा रही है। शक है कि हमले के बाद यौन हिंसा भी की गई थी।
जांचकर्ताओं ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने घर में रखी कीमती चीजों तक पहुंचने की कोशिश की। उसने कथित तौर पर पीड़िता के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके एक लॉकर खोलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसके बाद उसने लॉकर को तोड़कर उसमें से नकदी और गहने निकाले और फरार हो गया। माना जा रहा है कि घटनास्थल से भागने से पहले आरोपी ने अपने कपड़े भी बदल लिए थे।
पुलिस सूत्रों ने आगे बताया कि आरोपी को ऑनलाइन जुए की लत थी और कथित तौर पर वह इस घटना से एक दिन पहले राजस्थान के अलवर में भी इसी तरह के एक अपराध में शामिल था।
हालांकि आरोपी ने लूटपाट को ही अपना मकसद बताया है, लेकिन जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं यह हत्या पहले से सोची-समझी साजिश तो नहीं थी। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

हजारीबाग: रांची-पटना हाईवे पर दो ट्रकों की सीधी भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग

हजारीबाग: रांची-पटना हाईवे पर दो ट्रकों की सीधी भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग

हजारीबाग: रांची-पटना हाईवे पर दो ट्रकों की सीधी भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग
हजारीबाग: रांची-पटना हाईवे पर दो ट्रकों की सीधी भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग

हजारीबाग । झारखंड के हजारीबाग जिले के पदमा ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत इटखोरी मोड़ के पास दो मालवाहक ट्रकों की सीधी टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों के इंजन से निकली चिंगारी ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया, जिससे हाईवे पर अफरातफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी की जान नहीं गई। इस हादसे की वजह से रांची-पटना रोड पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों में से एक में भारी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक लदा था, जबकि दूसरे ट्रक में स्पंज लोड था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भिड़ंत के तुरंत बाद आग लग गई और देखते ही देखते लपटें आसमान छूने लगीं।

हजारीबाग: रांची-पटना हाईवे पर दो ट्रकों की सीधी भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग
हजारीबाग: रांची-पटना हाईवे पर दो ट्रकों की सीधी भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग

घटना की सूचना मिलते ही पदमा ओपी प्रभारी संचित दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर यातायात को रोक दिया। आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल बरही से फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कोल्ड ड्रिंक से लदा ट्रक पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।
गनीमत रही कि आग फैलने से पहले ही दोनों वाहनों के चालक और सह-चालक सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। पदमा ओपी प्रभारी संचित दुबे ने बताया कि दमकल टीम ने आग बुझा दी है और स्थिति अब नियंत्रण में है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे हटाने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल हाईवे पर ‘वन-वे’ मार्ग खोलकर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।

जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा 'बावरिया गैंग' का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा ‘बावरिया गैंग’ का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा 'बावरिया गैंग' का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता
जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा ‘बावरिया गैंग’ का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

जोधपुर। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहरवासियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। संगठित अपराध के विरुद्ध छेड़े गए विशेष अभियान के तहत, बनाड़ थाना पुलिस ने भीड़ की आड़ में वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर ‘बावरिया गिरोह’ का पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ किया है। 

पुलिस आयुक्त शरत कविराज के मार्गदर्शन और एसीपी मंडोर अनिल शर्मा की निगरानी में थानाधिकारी लेखराज सियाग के नेतृत्व वाली टीम ने इस ऑपरेशन को बेहद कुशलता से अंजाम दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि गुजरात के पालनपुर का यह गिरोह जोधपुर के भीड़भाड़ वाले आयोजनों को निशाना बना रहा है।

जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा 'बावरिया गैंग' का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता
जोधपुर पुलिस : मुस्तैदी से टूटा ‘बावरिया गैंग’ का जाल, सुरक्षित हुई सूर्यनगरी की जनता

पुलिस ने एक सजग पहरेदार की भूमिका निभाते हुए जाल बिछाया और अपराधियों को दबोच लिया। हाल ही में 13 अप्रैल 2026 को एनएचएआई रिंग रोड प्रदर्शन के दौरान, जब भारी भीड़ मौजूद थी, यह गिरोह सक्रिय होने की फिराक में था। लेकिन जोधपुर पुलिस की तीखी नजरों से ये अपराधी बच नहीं सके। पुलिस ने गुजरात निवासी पांच आरोपियों—बिहारी सोहिल खान, अजय परमार, रवि भाई, विशाल सलाट और पुरुषोतम भाई को गिरफ्तार कर उनके पास से नकदी बरामद की है।
यह कामयाबी दर्शाती है कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं। पुलिस की यह सक्रियता अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सूर्यनगरी में कानून का शासन अटूट है। फिलहाल पुलिस टीम इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि चोरी और झपटमारी की अन्य वारदातों की गुत्थी भी सुलझाई जा सके।

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा
दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा। अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ अंततः मुजरिम के गिरेबान तक पहुँच ही जाते हैं। दौसा की कोतवाली पुलिस ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए दो अलग-अलग सफल कार्रवाइयों में वर्षों से फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को और गहरा करती है। 

25 साल बाद सलाखों के पीछे ‘रोडवेज बस लूट’ का आरोपी समय बीत सकता है, लेकिन पुलिस की फाइलें कभी बंद नहीं होतीं। कोतवाल भगवान सहाय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है जो साल 2001 से अधूरी थी। 24 जुलाई 2001 की वह रात, जब जयपुर-अलीगढ़ रोडवेज बस के यात्रियों और चालक को डरा-धमकाकर लूटा गया था

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा
दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

, उसका मुख्य आरोपी गंभीर सिंह यादव आखिरकार 25 साल बाद पकड़ा गया। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से ताल्लुक रखने वाला यह आरोपी ढाई दशक तक पुलिस की आँखों में धूल झोंकता रहा, लेकिन दौसा पुलिस के धैर्य ने उसे हार मानने पर मजबूर कर दिया।
50 लाख की डकैती और 7 साल की फरारी का अंत
पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश देवेंद्र कुमार गुर्जर की गिरफ्तारी के रूप में मिली। साल 2019 में सरसों के तेल से भरे ट्रक की डकैती करने वाले गिरोह का यह सक्रिय सदस्य 7 साल से फरार चल रहा था। कोटपुतली-बहरोड़ निवासी देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर न केवल लाखों का माल लूटा था, बल्कि ड्राइवर और खलासी के साथ बर्बरता भी की थी। कोतवाली पुलिस की पैनी नजर और सटीक सूचना तंत्र ने इस इनामी अपराधी की फरारी का अंत कर उसे कानून के हवाले कर दिया।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

श्रीनगर । हेरोइन और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में पुलिस ने दो बाइक सवारों को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बताया कि नाका चेकिंग के दौरान पुलिस पोस्ट नेवा पुलवामा ने एक मोटरसाइकिल को रोका, जो हसनवानी से सिंगू नारबल की ओर आ रही थी। मोटरसाइकिल पर दो व्यक्ति सवार थे। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से हरे रंग का एक पॉलीथीन बैग बरामद किया गया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें से हेरोइन जैसा दिखने वाला पदार्थ बरामद हुआ। हेरोइन का वजन लगभग 7.50 ग्राम था। दोनों व्यक्तियों ने अपने नाम मोहम्मद अल्ताफ लोन निवासी तुरका वाघम और समीर अहमद डार निवासी बटपोरा बताए। पुलिस स्टेशन पुलवामा में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी तरह पिछले महीने भी पुलवामा में एक नशीले पदार्थों के तस्कर को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के पास से 771 ग्राम नशीला पदार्थ भी बरामद हुआ था।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

पुलिस प्रवक्ता ने बताया था कि पुलवामा पुलिस ने महिला डिग्री कॉलेज के पास तेंगपोना रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा। नाकाबंदी के दौरान पुलवामा पुलिस स्टेशन की एक टीम ने नायलॉन का थैला ले जा रहे एक संदिग्ध को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से लगभग 771 ग्राम चरसचोरा/गांजा जैसा पदार्थ और नायलॉन का थैला बरामद किया गया। आरोपी की पहचान पुलवामा के मलिकपोरा के रहने वाले मोहम्मद आरिफ मलिक के रूप में हुई।
मार्च महीने में ही पुलवामा पुलिस ने लितर इलाके में नाका चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोका और उसमें से लाखों रुपये के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य का हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद किया था। नियमित नाका ड्यूटी के दौरान ट्रक को चेकिंग के लिए रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस ने 263 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद किया था। ट्रक चालक की पहचान अतहर मकबूल गनी निवासी बीजिबहारा, अनंतनाग के रूप में हुई थी। उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। अपराध में शामिल वाहन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया।

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया
नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा । नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना फेस-2 पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा को हिरासत में लिया है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और उसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी श्रमिक धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और उग्र गतिविधियों में शामिल थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों का संपर्क इस मामले के कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद से था, जो पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर था। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के तहत इस गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस टीमों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की और अंततः इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया
नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

गिरफ्तार आरोपी हिमांशु ठाकुर मूल रूप से उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले का निवासी है, जबकि वर्तमान में वह दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में रह रहा था।
वहीं, सत्यम वर्मा लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र का निवासी है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि दोनों ‘विगुल मजदूर दस्ता’ नामक संगठन के सक्रिय सदस्य हैं और आंदोलन के दौरान भी उनकी भूमिका काफी अहम रही। इस मामले में इससे पहले रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और मास्टरमाइंड आदित्य आनन्द को भी पुलिस शनिवार रात गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है, ताकि हिंसा के पीछे की साजिश का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

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मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी बिना लाइसेंस के अवैध हथियार और कारतूस बेचने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है। यह मामला पायधोनी इलाके का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और इन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग नारायण धुरु स्ट्रीट के एक होटल में अवैध हथियारों की डील करने आने वाले हैं। इस जानकारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने तुरंत टीम बनाकर वहां निगरानी शुरू की और फिर मौके पर छापा मार दिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद 5 लोगों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस बरामद हुए। जब पुलिस ने उनसे हथियारों के लाइसेंस के बारे में पूछा तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने यह भी माना कि वे इन हथियारों को बेचने के लिए लाए थे।

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुरेंद्र अमरलालजी मीणा (25), रोहित घनश्याम मीणा (24), कार्तिक बिजेंद्र पारचा (19), दीपक कुमार चितरमल बिल (26) और रोहण/रोनुरोनक पन्नालाल मेरोथा (25) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उनकी उम्र 19 से 26 साल के बीच है।
इस पूरे मामले में पायधोनी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का किसी बड़े गैंग से कोई संबंध तो नहीं है। खासकर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इनका कुख्यात बिश्नोई गैंग से कोई लिंक है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।