जोधपुर : भारी पड़ी मनचले की हिमाकत, महिला ADCP को किए अश्लील इशारे; अधिकारी ने बस रुकवाकर सिखाया सबक
जोधपुर। जोधपुर के रातानाडा इलाके में रविवार को एक मनचले ने दुस्साहस दिखाते हुए एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ अभद्रता कर दी। नशे में धुत्त युवक ने कार में बैठी महिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) की ओर अश्लील इशारे किए। हालांकि, उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि वह जिससे उलझ रहा है, वह कानून की रक्षक हैं। महिला अधिकारी ने तुरंत एक्शन लेते हुए न केवल बस रुकवाई, बल्कि आरोपी को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया। बच्चे को दूध पिलातेसमय की अशोभनीय हरकत जानकारी के अनुसार, महिला ADCP अपनी निजी कार में बच्चे और एक अन्य महिला के साथ जा रही थीं। घटना का क्रम : रास्ते में गाड़ी रोककर जब अधिकारी अपने बच्चे को दूध पिला रही थीं, तभी वहां से एक सिटी बस गुजरी। मनचले की हरकत : बस की खिड़की पर बैठे युवक ने महिला अधिकारी की ओर देखते हुए अत्यंत अश्लील और अशोभनीय इशारे किए।
जोधपुर : भारी पड़ी मनचले की हिमाकत, महिला ADCP को किए अश्लील इशारे; अधिकारी ने बस रुकवाकर सिखाया सबक
अधिकारी का ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन इस घृणित हरकत से क्षुब्ध होकर महिला अधिकारी ने तुरंत अपनी गाड़ी से पीछा कर सिटी बस को रुकवाया। उन्होंने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद रातानाडा थाना पुलिस चंद मिनटों में मौके पर पहुंच गई। आरोपी गिरफ्तार : नशे में था चूरपुलिस ने आरोपी को बस से नीचे उतारकर हिरासत में ले लिया। पहचान : आरोपी की पहचान बसीर उर्फ सूरज के रूप में हुई है। बहानेबाजी : पकड़े जाने के बाद आरोपी कभी खुद को मानसिक अस्वस्थ बताने लगा, तो कभी गुटखा खाने का बहाना बनाने लगा। हालांकि, वह पूरी तरह नशे की हालत में नजर आ रहा था। पुलिस की सख्त कार्रवाई थाना प्रभारी दिनेश लखावत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शांतिभंग और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ अभद्रता और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना ने हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में 7 खतरनाक आतंकी मार गिराए
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 326 दिनों तक चले हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में 7 खतरनाक आतंकवादी मारे गए हैं। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) ने सोमवार को यह जानकारी दी। व्हाइट नाइट कोर ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “किश्तवाड़ इलाके में 326 दिनों तक लगातार हाई-एल्टीट्यूड अभियान चलाए गए। सेना ने मुश्किल इलाकों में ठंडे, गीले और बर्फीले मौसम के बीच आतंकवादियों को ट्रैक किया। इस दौरान कई बार मुठभेड़ हुई। व्हाइट नाइट कोर की टुकड़ियों, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने खुफिया एजेंसियों के मजबूत खुफिया तंत्र के आधार पर आखिरकार किश्तवाड़ के चटरू क्षेत्र में सभी सात कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया।” पोस्ट में आगे कहा गया, “ऑपरेशन में मदद के लिए एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, आरपीए/यूएवी और संचार साधनों के रूप में टेक्नोलॉजी का लगातार इस्तेमाल किया गया। हमारी सेनाओं की लगातार कोशिश और दृढ़ संकल्प, जिसका नतीजा सैफुल्लाह और उसके साथियों का खत्म होना था, यह साबित करता है कि हमारे जवानों और इंटेलिजेंस एजेंसियों के संकल्प, साहस और वीरता के सामने कुछ भी नहीं टिक सकता।”
जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना ने हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में 7 खतरनाक आतंकी मार गिराए
भारतीय सेना ने कहा कि यह आतंक नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार है। हम सेवा और सुरक्षा करते हैं। व्हाइट नाइट कोर ने मारे गए आतंकदियों की तस्वीर भी शेयर की है, जिसके ऊपर लाल रंग में क्रॉस लगे हुए हैं। इससे पहले, सेना ने एक संयुक्त अभियान में तीन आतंकवादियों को मार गिराया। ‘ऑपरेशन त्रासी-1’ के तहत किश्तवाड़ में इन आतंकियों को मारा गया। व्हाइट नाइट कोर ने जानकारी दी कि आतंकवादी के अवशेष और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। सेना ने कहा, “स्थिरता को कमजोर करने वालों के लिए कोई जगह, कोई पनाहगाह नहीं है।” पिछले साल किश्तवाड़ के घने जंगल वाले चटरू इलाके में ज्वाइंट फोर्स और पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद (जैश) के आतंकवादियों के बीच एक दर्जन से ज्यादा एनकाउंटर हुए। भारतीय सेना आतंकवादियों को पीछा करती रही, लेकिन वह जम्मू डिवीजन के किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और उधमपुर जिलों के बीच अपनी जगह बदलते रहे।
हैदराबाद में सीबीआई कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की मिली धमकी
हैदराबाद । हैदराबाद के नामपल्ली स्थित सीबीआई कोर्ट में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बार फिर से कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। इस ईमेल में चेतावनी दी गई थी कि शुक्रवार को विस्फोट होंगे। इसके बाद कोर्ट के अधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया। ईमेल में मिली धमकी के चलते परिसर को खाली कराया गया और गहन तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमों ने परिसर की तलाशी लेने के लिए अभियान चलाया। बताया गया कि ईमेल में चेतावनी दी गई थी कि कोर्ट में ’12 आरडीएक्स बम’ लगाए गए हैं, जो 12:05 बजे फट जाएंगे। ईमेल मिलने के बाद, अधिकारियों ने कोर्ट भवन से न्यायाधीशों, कर्मचारियों, वकीलों और वादियों को बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान मानक प्रोटोकॉल के अनुसार चलाया गया। हालांकि, कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। तीन दिनों में यह दूसरी बार है जब सीबीआई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा गया है। इससे पहले बुधवार को भी इसी तरह का एक ईमेल भेजा गया था, जिसके बाद पुलिस द्वारा परिसर की व्यापक तलाशी के बाद यह फर्जी साबित हुआ।
हैदराबाद में सीबीआई कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की मिली धमकी
उसी दिन तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की कुछ अन्य कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। हालांकि, पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद कोई विस्फोटक नहीं मिला। सीबीआई कोर्ट नामपल्ली, तेलंगाना के करीमनगर और आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में जिला कोर्ट को धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। करीमनगर और राजमुंदरी दोनों जगहों पर पुलिस ने कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली थी। बम की धमकियों से सभी कोर्ट पूरी तरह से प्रभावित हो गए थे। धमकियों के बाद, पुलिस ने सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा बढ़ा दी थी। इस संबंध में पुलिस ने अलग-अलग केस दर्ज किए थे। पुलिस ने इन ईमेल के सोर्स का पता लगाने की कोशिश की थी। सभी धमकी भरे ईमेल एक ही सोर्स से आने का शक है।
भीलवाड़ा नगर निगम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, उच्च न्यायालय के डंडे से बचने के लिए हो रही कार्रवाई या कुछ और…
भीलवाड़ा (प्रकाश चपलोत जैन)। शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक, गंदगी और अस्थायी अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए नगर निगम का विशेष अभियान तेज़ी से जारी है। जिला कलेक्टर एवं निगम प्रशासक जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर 19 फरवरी को 16 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक/प्लास्टिक कैरी बैग जब्त कर ₹8,700 का जुर्माना वसूला गया। 1040 किलो प्लास्टिक जब्त, 1.95 लाख की वसूली:- 9 से 28 फरवरी तक चल रहे अभियान में अब तक 1040 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त कर ₹1.95 लाख का जुर्माना वसूला जा चुका है। निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने स्पष्ट किया कि शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। गंदगी पर कार्रवाई, लाखों की वसूली:- स्वच्छ भारत मिशन के तहत 28 लोगों पर ₹7,000 का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान गंदगी फैलाने वालों से अब तक ₹2.84 लाख वसूले जा चुके हैं। वहीं नगरीय विकास कर के रूप में 19 फरवरी को ₹2.80 लाख और कुल मिलाकर ₹76.55 लाख की वसूली की जा चुकी है। 60 प्रतिष्ठानों के बाहर अतिक्रमण ध्वस्त:- महारानी ट्रेड सेंटर से नेहरू रोड और माणिक्य नगर चौराहे क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 60 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान क्षतिग्रस्त सड़क और नालियों की मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। जहां सड़क और नाली के बीच कच्ची जगह है, वहां पक्की सड़क निर्माण कराया जाएगा।
भीलवाड़ा नगर निगम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, उच्च न्यायालय के डंडे से बचने के लिए हो रही कार्रवाई या कुछ और…
कालोनियों से उठी आवाज, बंद रास्ते और कचरे के भूखंड भी हों मुक्त सूत्रों के अनुसार शहर में व्यापक स्तर पर अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम को और तेज करने की मांग:-अब कालोनियों से भी उठने लगी है। कई आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़े सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण हटाकर रास्ते खुलवाने की मांग तेज हो गई है।इसके साथ ही शहर की अनेक कालोनियों में खाली पड़े भूखंड कचरे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों ने ऐसे भूखंडों को कचरा मुक्त कराने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई है, ताकि गंदगी, दुर्गंध और बीमारियों के खतरे से राहत मिल सके। निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अभियान को आवासीय क्षेत्रों तक विस्तार देते हुए बंद मार्गों और कचरा बने खाली भूखंडों पर भी जल्द सख्त कार्रवाई की जा सकती है। वहीं सूत्रों के अनुसार ऐसी जानकारी मिली है कि वर्ष 2022 में उच्च न्यायालय जोधपुर की पीठ ने भीलवाड़ा शहर से अतिक्रमण हटाने, बेसमेंट को खाली कराने के संदर्भ में जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए थे तब से लेकर आज दिन तक उक्त आदेशों की पालना नहीं की गई जिस पर प्रार्थी ने जिला प्रशासन के खिलाफ अवमानना की याचिका दाखिल कर रखी है जिस पर सुनवाई जारी है…….। संभवत उसी के तहत प्रशासन शहर से धड़ाधड़ अतिक्रमणों पर बुलडोजर की कार्रवाई कर रहा है……… । शहर के प्रमुख भाजपा नेता भी खामोश बैठे हैं क्योंकि उन्हें भी पता है कि न्यायालय का डंडा कभी भी चल सकता है
नई दिल्लीः राहगीरों को झांसा देकर लूटने वाले गिरोह का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली । करोल बाग में हुई लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत चार कुख्यात लुटेरों को गिरफ्तार किया है। 200 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरों को एनालाइज करने के साथ ही पुलिस ने करोल बाग, सोनिया विहार और बवाना में 32 किलोमीटर तक निशानों को ट्रैक करते हुए लुटेरों को पकड़ने में सफलता हासिल की। दरअसल, 16 फरवरी को करोल बाग पुलिस को गंगा राम हॉस्पिटल क्रॉसिंग के पास एक स्नैचिंग की घटना की जानकारी मिली, जिसमें पीड़ित के सिर में चोट लगी थी। पुलिस तुरंत तुरंत गंगा राम सिटी हॉस्पिटल पहुंची, जहां घायल पीड़ित का मेडिकल इलाज चल रहा था। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह 16 फरवरी को शॉपिंग के लिए करोल बाग आया था। कपड़े खरीदने के बाद जब वह जाने लगा तो एक अनजान आदमी उसके पास आया और बातचीत करने की कोशिश की। हालांकि, उसने बातचीत को नजरअंदाज कर दिया। कुछ देर बाद उसने देखा कि वही आदमी अपने साथी के साथ उसका पीछा कर रहा है और उससे बातचीत करने की कोशिश कर रहा है। उनमें से एक ने दावा किया कि दूसरे आदमी के पास उसके मालिक से चुराया हुआ कैश है और क्योंकि उसका बैंक अकाउंट नहीं है, इसलिए उसे पैसे जमा करने में मदद चाहिए। उसका भरोसा जीतने के लिए एक बैग में रखे कुछ कैश भी दिखाए। पीड़ित ने बताया कि संदिग्ध महसूस होने पर वह तेजी से गंगा राम अस्पताल की रेड लाइट की ओर चलने लगा, लेकिन दोनों लोग उसका पीछा करते रहे। रास्ते में मदद लेने की कोशिश में उसने लाल बत्ती वाली एक गाड़ी देखी और सोचा कि यह पुलिस की गाड़ी है, लेकिन पास पहुंचने पर उसे पता चला कि यह एक एम्बुलेंस है। इसी बीच, दो लोगों ने उसे रोका, उसे सर गंगा राम सिटी हॉस्पिटल के सामने जंगल वाले इलाके में एक टूटी हुई बाउंड्री वॉल की तरफ धकेल दिया और हाथापाई शुरू कर दी। मारपीट के दौरान, उनमें से एक ने उसके सिर पर ईंट से दो-तीन बार वार किया और जबरदस्ती उसका आईफोन छीनकर मौके से भाग गए। पीड़ित के बयान पर करोल बाग थाना पुलिस ने केस दर्ज कर टीम गठित कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान, टीम ने संदिग्धों की मूवमेंट का पता लगाने के लिए अजमल खान मार्केट इलाके और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज के एनालिसिस से पता चला कि आरोपी अपराध करने के लिए एक ईको वैन का इस्तेमाल कर रहे थे। यह भी देखा गया कि एक और साथी उन दो आरोपियों के पीछे चल रहा था जो पीड़ित से बात कर रहे थे और लूट को अंजाम दे रहे थे।
नई दिल्लीः राहगीरों को झांसा देकर लूटने वाले गिरोह का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद जांच टीम सोनिया विहार गई और आस-पास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज की डिटेल में जांच की ताकि और सुराग मिल सकें। जांच के दौरान टेक्निकल सर्विलांस लगाया गया और लूटे गए मोबाइल फोन की जरूरी डिटेल्स हासिल की गईं। चोरी हुए हैंडसेट में डाले गए सिम कार्ड को एनालाइज किया गया ताकि उसके इस्तेमाल के पैटर्न और लोकेशन की डिटेल्स का पता लगाया जा सके। ज़रूरी टेक्निकल डेटा हासिल करने और उसकी जांच करने के बाद जेजे कॉलोनी बवाना में रेड की गई। हालांकि इस ऑपरेशन के दौरान आरोपी पकड़े नहीं जा सके। टीम ने लगातार कोशिशें और सिस्टमैटिक इंटेलिजेंस इकट्ठा करना जारी रखा, जिससे खास जानकारी मिली कि वारदात में शामिल ईको वैन पीतमपुरा इलाके में मौजूद है और आरोपी इसी तरह के जुर्म करने की प्लानिंग कर रहे थे। टीम ने संदिग्ध गाड़ी का पता लगाया और उसे रोकना शुरू किया। पुलिस को देखकर ड्राइवर ने पकड़ से बचने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने पीछा कर आरोपियों को दिल्ली कैंट के पास घेर लिया गया और उन्हें पकड़ लिया। गिरोह का सरगना असलम (34), इबरार उर्फ भूरा (23), सुलेमान उर्फ बाबू (22) और आशिक खान (27) निवासी जेजे कॉलोनी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान यह पता चला कि असलम लूट का मास्टरमाइंड है, जो वारदात के समय सह-आरोपी इबरार और सुलेमान के पीछे था। आरोपी आशिक खान वारदात में इस्तेमाल की गई ईको वैन चला रहा था। आरोपियों ने बताया कि वे कागज के बंडल बनाते थे, जिसके ऊपर असली ₹500 का नोट रखकर उसे बड़ी रकम का दिखावा करते थे। इस बहाने वे अनजान लोगों से संपर्क करते और उन्हें यह कहकर फुसलाते कि कैश चोरी हो गया है और उसे चुपके से जमा करने या बदलने की ज़रूरत है। पीड़ित का भरोसा जीतने के बाद, वे उसे अपने दिए गए अकाउंट में ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए मनाते थे और कैश की रकम शेयर करने का भरोसा देते थे। ऑनलाइन पेमेंट मिलते ही, आरोपी तुरंत मौके से भाग जाते थे। आरोपियों ने बताया कि पीड़ित ने ऑनलाइन पेमेंट करने और अपना मोबाइल फ़ोन देने में भी आनाकानी कर रहा था। विरोध करने पर और डर पैदा करने और पीड़ित पर काबू पाने के लिए उन्होंने उस पर हमला किया और जबरदस्ती उसका मोबाइल फ़ोन छीन लिया और मौके से भाग गए।
दिल्ली में अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, चोरी की तीन गाड़ियां बरामद
नई दिल्ली । पूर्वी दिल्ली में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) और पूर्वी जिला पुलिस अंतर्राज्यीय गैंग बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मास्टर और डुप्लिकेट चाबियों की मदद से लग्जरी गाड़ियां चोरी कर लेते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर करीब 55–60 लाख रुपए कीमत की तीन लग्ज़री गाड़ियां बरामद की गई हैं। साथ ही वाहन चोरी के पांच मामलों का खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मशरूर (56) निवासी सुल्तानपुर (यूपी), आसिफ (42) निवासी मेरठ (यूपी) और अकील (40), निवासी मुजफ्फरनगर (यूपी) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। मशरूर पर 12, आसिफ पर 11 और अकील पर 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी शातिर और एक्सपर्ट ऑटो-लिफ्टर हैं। पूर्वी जिला पुलिस के ऑपरेशन्स विंग को वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत एडिशनल डीसीपी/ऑपरेशंस संजय कुमार की निगरानी और इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में एएटीएस की विशेष टीम गठित की गई, जो लगातार कार्रवाई करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार कर रही है।
दिल्ली में अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, चोरी की तीन गाड़ियां बरामद
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से महंगी गाड़ियां डुप्लिकेट चाबी से चोरी कर उन्हें मेरठ ले जाते थे, जहां नकली नंबर प्लेट लगाकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मणिपुर में बेच देते थे। वे वारदात के दौरान मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश से जारी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे, जिससे पुलिस इनको पकड़ न पाए। पुलिस रिमांड के दौरान कौशांबी और सिद्धार्थ विहार, गाजियाबाद में छापेमारी कर पीएस हरि नगर से चोरी हुई किआ सेल्टोस और पीएस प्रीत विहार से चोरी हुई मारुति ब्रेजा बरामद की गई। इसके अलावा गुजरात-राजस्थान सीमा के पास सांचौर से एक महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक नकली नंबर प्लेट के साथ बरामद हुई। आरोपियों के कब्जे से तीन जोड़ी फर्जी नंबर प्लेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
दिल्ली : 72 घंटे के अंदर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया, दो आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली । दिल्ली के रोहिणी में पेट्रोल पंप के पास 16 फरवरी को हुई घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। रोहिणी जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने मामले का खुलासा करते हुए बड़ी जानकारी दी है। बता दें कि बीते सोमवार को शाम 6:56 बजे बेगमपुर पुलिस स्टेशन को सेक्टर 23, रोहिणी में पेट्रोल पंप के पास जमीन पर सीने में चाकू के घावों से घायल एक व्यक्ति के बेहोश पड़े होने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति को एसजीएम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अमरनाथ यादव के रूप में हुई थी। जिसको चाकू मारकर मोबाइल फोन लूट लिया गया था। बेगमपुर पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। बेगमपुर एसएचओ के नेतृत्व में एक टीम ने तीन दिन के अंदर ही दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। जांच के दौरान, मोबाइल क्राइम टीम और एफएसएल रोहिणी टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य एकत्र किए।
दिल्ली : 72 घंटे के अंदर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया, दो आरोपी गिरफ्तार
जांच टीम ने इलाके के आसपास के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, निगरानी योजना के सदस्यों और कबाड़ इकट्ठा करने वालों से गहन पूछताछ की। तकनीकी निगरानी और मुखबिर के जानकारी के आधार पर, टीम को विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि घटना स्थल के पास दो व्यक्तियों को एक ग्रे स्कूटी पर घूमते देखा गया था। संदिग्धों के बारे में बताया गया कि वे जीटीबी कॉलोनी (सरदार कॉलोनी), रोहिणी के पास रहने वाले नशाखोर थे और अक्सर उस इलाके में आते-जाते थे। सूचना के आधार पर संदिग्धों का पता लगाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। 19 फरवरी गुरुवार को, 29 वर्षीय रोहित नाम के एक संदिग्ध का पता लगाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, उसने खुलासा किया कि उसने अपने साथी दुर्गेश उर्फ दुर्गी के साथ मिलकर अपराध किया था। पुलिस ने दुर्गेश उर्फ दुर्गी को भी उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर, मृतक का मोबाइल फोन, घायल चश्मदीद का मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन, चाकू और दोनों आरोपियों द्वारा अपराध के समय पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए।
झारखंड: बच्चा चोरी की अफवाह में भीड़ का निशाना बन रहे निर्दोष, पांच दिन में 12 से ज्यादा घटनाएं
रांची । झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों ने खतरनाक रूप ले लिया है। पिछले पांच दिनों में 12 से अधिक ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चा चोरी की अफवाह के कारण भीड़ ने निर्दोषों को निशाना बनाया। गुरुवार को रांची में महज शक के आधार पर तीन निर्दोष लोगों को भीड़ ने घेरकर पीट दिया। मामला एदलहातु का है, जहां दो महिलाओं और एक पुरुष पर बच्चा चोरी का आरोप लगाकर हमला किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से तीनों की जान बच सकी। प्रारंभिक जांच में किसी संगठित बच्चा चोरी गिरोह की पुष्टि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो महिलाएं और एक पुरुष ऑटो से एक बच्चे को लेकर जा रहे थे। बच्चा रो रहा था। इसी दौरान किसी ने बच्चा चोरी का शोर मचा दिया। अफवाह फैलते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और बिना तथ्य की पुष्टि किए ऑटो को रोककर तीनों को नीचे उतार लिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलते ही बरियातू थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हस्तक्षेप कर तीनों को भीड़ से मुक्त कराया और थाने ले आई। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि बच्चा चोरी का कोई प्रयास हुआ था या नहीं। संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
झारखंड: बच्चा चोरी की अफवाह में भीड़ का निशाना बन रहे निर्दोष, पांच दिन में 12 से ज्यादा घटनाएं
इसी तरह पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग जिलों में बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की अफवाहें सोशल मीडिया, विशेषकर व्हाट्सएप के जरिए तेजी से फैली हैं। धनबाद, चतरा, जमशेदपुर, जामताड़ा, गिरिडीह, रामगढ़, लातेहार और बोकारो में भी भीड़ की ओर से संदेह के आधार पर लोगों की पिटाई की घटनाएं सामने आईं। चतरा जिले के पिपरवार में तीन दिन पहले बच्चा चोरी के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बाद में पता चला कि जिस व्यक्ति को भीड़ ने मार डाला, वह विक्षिप्त था। बुधवार को धनबाद के बाघमारा थाना क्षेत्र में बच्चा चोर की अफवाह में भीड़ ने दो महिलाओं पर हमला किया। बाद में पुलिस दोनों महिलाओं को भीड़ से बचाकर थाने तक सुरक्षित लेकर आई। 16 फरवरी को बोकारो में बच्चा चोर गैंग से जुड़े होने के आरोप में लोगों ने छह महिलाओं की पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें बचाया। झारखंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि किए बिना कानून हाथ में न लें और तत्काल पुलिस को सूचित करें।
दिल्ली में फर्जी एनआईए आई-कार्ड के सहारे नौकरी का झांसा देने वाला गिरफ्तार
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में फर्जी पहचान पत्र के जरिए नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना पुलिस की गश्ती टीम ने बुधवार को लाल किला क्षेत्र के पीछे दिल्ली चलो पार्क के पास एक संदिग्ध वाहन से आरोपी को हिरासत में लिया। वाहन में उसके साथ एक नाबालिग भी मौजूद था, जिसे बाद में परिजनों के संपर्क में लाया गया। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान आरोपी के पास से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का एक कथित पहचान पत्र बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में यह आई-कार्ड फर्जी पाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एनआईए इस प्रकार का कोई पहचान पत्र जारी नहीं करती। जांच में सामने आया कि आरोपी इसी फर्जी पहचान के जरिए लोगों पर रौब जमाकर उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देता था। प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के एक नाबालिग को दिल्ली में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। परिवार की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसने उनसे अग्रिम राशि भी वसूल ली। दोनों 12 फरवरी को कश्मीर से दिल्ली पहुंचे थे और जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे।
दिल्ली में फर्जी एनआईए आई-कार्ड के सहारे नौकरी का झांसा देने वाला गिरफ्तार
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने दिल्ली में अपने कुछ कथित संपर्कों के माध्यम से नौकरी की संभावनाएं तलाशने का दिखावा किया, लेकिन कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर सका। इसी बीच उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने निगरानी शुरू की। पूछताछ के दौरान उसके बयान और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आया, जिसके बाद फर्जी आई-कार्ड का मामला उजागर हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। संयुक्त पूछताछ विशेष प्रकोष्ठ, खुफिया एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के साथ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को इस तरह ठगा है। मामले में आगे की जांच जारी है।
दौसा में आपदा प्रबंधन का महाभ्यास : एनडीआरएफ ने परखा भूकंप से बचाव का रिस्पॉन्स टाइम, आईओसीएल पाइपलाइन लीकेज पर भी हुई मॉक ड्रिल
दौसा। जिले में भूकंप और पाइपलाइन लीकेज जैसी संभावित प्राकृतिक व तकनीकी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से बुधवार को दो महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) आयोजित किए गए। वडोदरा यूनिट की एनडीआरएफ टीम और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में हुए इन अभ्यासों के जरिए रेस्क्यू टीमों की दक्षता और विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को परखा गया। दबे और छत पर फंसे लोगों का सफल रेस्क्यू कलक्ट्रेट परिसर में दोपहर 3 बजे भूकंप का अलर्ट जारी किया गया, जिसमें बहुमंजिला इमारत को भारी नुकसान होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे। लाइव डेमो: मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए कटर और आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया गया, वहीं छत पर फंसे लोगों को ‘जिप लाइन’ के जरिए सुरक्षित नीचे उतारने का हैरतअंगेज अभ्यास किया गया। मेडिकल रिस्पॉन्स: मौके पर ही ‘मेडिकल एड पोस्ट’ बनाकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और 5 गंभीर घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पाइपलाइन में आग लगने की स्थिति का अभ्यास नांगल राजावतान के रामथला गांव में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा दूसरी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यहाँ भूमिगत पेट्रोलियम पाइपलाइन में लीकेज के बाद आग लगने का काल्पनिक दृश्य (सिनेरियो) तैयार किया गया।
दौसा में आपदा प्रबंधन का महाभ्यास : एनडीआरएफ ने परखा भूकंप से बचाव का रिस्पॉन्स टाइम, आईओसीएल पाइपलाइन लीकेज पर भी हुई मॉक ड्रिल
आईओसीएल की तकनीकी टीम, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम ने आपसी तालमेल से आग पर काबू पाने और आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित करने का सफल प्रदर्शन किया। कलेक्टर और एसपी ने की समीक्षा जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्यवाही की निगरानी की। जिला कलेक्टर ने रेस्क्यू टीमों के ‘रिस्पॉन्स टाइम’ पर संतोष जताते हुए कहा कि सभी एजेंसियों ने बेहतरीन तालमेल दिखाया है। एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट प्रवीण कुमार ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय जीवन और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है। अधिकारियों की उपस्थिति इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, एडीएम अरविंद शर्मा, एसडीएम संजू मीणा सहित नगर परिषद और नगर सुधार न्यास के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अंत में एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें आपदा प्रबंधन में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई।