हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

कोलकाता । पश्चिम बंगाल में हावड़ा जिले के गोलाबाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र में बुधवार को दो बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि हत्या की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर आस-पास सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें मंगलवार तड़के करीब 4 बजे घटी घटना सीसीटीवी फुटेज में दिखी। मृतक युवक की पहचान शफीक खान के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वह दो लोगों से घिरा हुआ था। एक उसके आगे खड़ा था और दूसरा पीछे खड़ा था। इसके बाद अचानक, उन्होंने बंदूकें निकालीं और उसके सिर पर गोली मार दी। युवक के गिरते ही, उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए कुछ और गोलियां चलाई गईं। फिर दोनों लोग भाग गए।
इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। गोलाबाड़ी पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम का भी गठन किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक शफीक खान का घर गोलाबाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीलखाना में था। वह एक स्थानीय विकासकर्ता थे। वह सुबह तड़के सड़क किनारे खाना लेने आए थे।

हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस


स्थानीय निवासियों के अनुसार, दोनों व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद हारुल खान और रोहित के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति शफीक से आमने-सामने बात करता हुआ और दूसरा व्यक्ति शफीक के पीछे खड़ा दिखाई दे रहा है।
हावड़ा नगर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अचानक हमलावरों में से एक ने पीछे से बंदूक निकाली और शफीक के सिर में गोली मार दी। शफीक के गिरते ही दोनों हमलावरों ने ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाईं। फिर वे वहां से फरार हो गए। शफीक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला दर्ज कर लिया गया है और हत्या के दोषियों की तलाश जारी है। जांच चल रही है।”
पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि शफीक पर पुराने झगड़े के चलते हमला किया गया था। मृतक के एक रिश्तेदार ने पत्रकारों को बताया, “हारुल से बहुत पहले कुछ कहासुनी हुई थी, लेकिन कोई दुश्मनी नहीं थी। हारुल ने एक दूसरे व्यक्ति को साथ लाकर उसे गोली मार दी।”

द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार

द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार

द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार
द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार

दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से द्वारका जिले की वाहन चोरी रोधी दस्ता (एएटीएस) सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। हाल ही में एएटीएस द्वारका ने एक सप्ताह के भीतर सड़कों पर सक्रिय वाहन चोरों के खिलाफ उल्लेखनीय कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और छह चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद किए। इस कार्रवाई से न केवल कई मामलों का खुलासा हुआ, बल्कि पीड़ितों को भी उनकी चोरी हुई संपत्ति वापस मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

द्वारका जिले के डीसीपी अंकित के निर्देशों के अनुसार, एएटीएस को क्षेत्र में वाहन चोरी, छीन-झपट, लूटपाट और गली-मोहल्लों में होने वाले अन्य आपराधिक मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का विशेष दायित्व सौंपा गया है। इसी दिशा में टीम लगातार गुप्त सूचनाओं, तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से अपराधियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का कार्य कर रही है। पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना है, बल्कि अपराध की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए भी प्रभावी रणनीति तैयार करना है।

पहली कार्रवाई 9 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2:30 बजे की गई। कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करने और हेड कांस्टेबल मनीष को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थाना छावला क्षेत्र में जाल बिछाया। सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान आदित्य कुमार पुत्र सिकंदर सिंह (30 वर्ष), निवासी नजफगढ़ के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक चोरी की बाइक, जो थाना छावला क्षेत्र से चोरी हुई थी, तथा एक टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी, जो थाना बिंदापुर क्षेत्र से चोरी की गई थी, बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी क्षेत्र में सक्रिय रूप से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आदित्य कुमार पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है या नहीं, इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी से दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। बरामद वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीड़ितों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।

इसी क्रम में दूसरी बड़ी कार्रवाई 16 फरवरी 2026 को की गई। एचसी मनीष कुमार को सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक थाना क्षेत्र में घूम रहे हैं और वाहन चोरी की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एएटीएस टीम ने तत्काल रणनीति तैयार की और छावला क्षेत्र में घेराबंदी कर जाल बिछाया। कुछ समय की निगरानी के बाद दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान वशीर अहमद पुत्र साकिल अहमद (24 वर्ष) और शिवा पुत्र सूरज सिंह (24 वर्ष), दोनों निवासी नजफगढ़, के रूप में हुई।

द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार
द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वाहन चोरी की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चार और चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इनमें थाना छावला क्षेत्र से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर, नजफगढ़ से चोरी हुई टीवीएस अपाचे, थाना रान्होला क्षेत्र से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर और थाना भजनपुरा क्षेत्र से चोरी हुई एक अन्य हीरो स्प्लेंडर बाइक शामिल है। इस तरह कुल मिलाकर छह चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सुनसान स्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में खड़ी दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे। वे पहले इलाके की रेकी करते, फिर मौके का फायदा उठाकर वाहन चोरी कर फरार हो जाते। चोरी के बाद वे वाहनों के नंबर प्लेट बदल देते थे या उन्हें दूसरे जिलों में ले जाकर कम कीमत पर बेचने की कोशिश करते थे। हालांकि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के चलते उनका यह नेटवर्क ज्यादा समय तक नहीं चल सका।

एएटीएस की इस सफलता में आधुनिक तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय मुखबिरों से मिली जानकारी ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की। इसके अलावा, पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिससे मामलों को जोड़कर एक व्यापक जांच की जा सकी।

द्वारका जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण जैसे डिस्क लॉक, हैंडल लॉक और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करें। साथ ही, वाहनों को सुनसान या अंधेरे स्थानों पर पार्क करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

डीसीपी अंकित ने एएटीएस टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।

इन कार्रवाइयों से यह संदेश स्पष्ट है कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। वाहन चोरी जैसे अपराध आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते हैं, क्योंकि यह न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि दैनिक जीवन को भी प्रभावित करते हैं। एएटीएस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल अपराधियों में डर का माहौल बना है, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।

कुल मिलाकर, 9 फरवरी और 16 फरवरी 2026 को चलाए गए इन दो अभियानों ने द्वारका और अन्य जिलों में दर्ज छह वाहन चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से आगे भी पूछताछ जारी है, जिससे अन्य वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस की यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी और क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

विधानसभा में गूंजी किसानों की आवाज : विधायक ललित यादव ने सरकार को घेरा, बोले- देश का पेट भरने वाला खुद आज उपेक्षित क्यों?

विधानसभा में गूंजी किसानों की आवाज : विधायक ललित यादव ने सरकार को घेरा, बोले- देश का पेट भरने वाला खुद आज उपेक्षित क्यों?

विधानसभा में गूंजी किसानों की आवाज : विधायक ललित यादव ने सरकार को घेरा, बोले- देश का पेट भरने वाला खुद आज उपेक्षित क्यों?
विधानसभा में गूंजी किसानों की आवाज : विधायक ललित यादव ने सरकार को घेरा, बोले- देश का पेट भरने वाला खुद आज उपेक्षित क्यों?

जयपुर/मुंडावर। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुंडावर विधायक ललित यादव ने किसानों की बदहाली का मुद्दा बेहद प्रखरता से उठाया। सदन में सरकार को आईना दिखाते हुए यादव ने कहा कि जिस किसान को पूर्व प्रधानमंत्रियों ने राष्ट्र की ‘रीढ़’ बताया था, आज वही किसान व्यवस्था की मार झेलते हुए अपनी जीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। “खेतीइबादत नहीं, अब कठिन परीक्षा बन गई है” विधायक ने भावुक और तीखे लहजे में कहा कि प्राकृतिक आपदा और अतिवृष्टि से जब फसलें बर्बाद होती हैं, तो मिलने वाला मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे के समान होता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “जो राहत दी जाती है, वह बीज और बिजली के खर्च तक की भरपाई नहीं कर पाती। मुआवजे की राशि इतनी हो कि किसान कम से कम अगली बुवाई के लिए खड़ा हो सके।”
खाद की किल्लत और नकली बीज पर प्रहार
ललित यादव ने डीएपी और यूरिया की कमी पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब किसान को खाद की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्हें लंबी कतारों में लाठियां खानी पड़ीं। हालांकि, उन्होंने नकली खाद-बीज माफियाओं पर कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन मांग की कि दोषियों को ऐसी सजा मिले जो नजीर बन जाए।

विधानसभा में गूंजी किसानों की आवाज : विधायक ललित यादव ने सरकार को घेरा, बोले- देश का पेट भरने वाला खुद आज उपेक्षित क्यों?
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प्याज का दर्द और MSP की मांग
अलवर क्षेत्र का हवाला देते हुए विधायक ने बताया कि कैसे हजारों टन प्याज समर्थन मूल्य के अभाव में बर्बाद हो गया। उन्होंने मांग की कि केवल अनाज ही नहीं, बल्कि सब्जी फसलों पर भी एमएसपी (MSP) लागू होनी चाहिए ताकि किसानों को मंडियों के रहमोकरम पर न छोड़ना पड़े।
रात की बिजली और आयात शुल्क पर चिंता
बिजली संकट: “किसान को कड़कती ठंड और रात के अंधेरे में खेतों में क्यों भेजा जा रहा है?” यादव ने मांग की कि किसानों को दिन में पर्याप्त और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
आयात नीति: उन्होंने कृषि उत्पादों के आयात शुल्क में कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि गेहूं, मक्का और दुग्ध उत्पादों के आयात से स्थानीय किसानों की कमर टूट जाएगी।
“किसान बचेगा तो खेत बचेंगे”
सदन में अपनी बात को विराम देते हुए ललित यादव ने एक बड़ा संदेश दिया— “अगर किसान बचेगा, तभी खेत बचेंगे और तभी यह देश मजबूत होगा।” उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि घोषणाओं से ऊपर उठकर धरातल पर ठोस नीतिगत निर्णय लिए जाएं।

जोधपुर : कायलाना झील में समाई अनियंत्रित थार, दीवार तोड़कर पानी में गिरी गाड़ी, बाल-बाल बची दो जिंदगियां

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जोधपुर : कायलाना झील में समाई अनियंत्रित थार, दीवार तोड़कर पानी में गिरी गाड़ी, बाल-बाल बची दो जिंदगियां
जोधपुर : कायलाना झील में समाई अनियंत्रित थार, दीवार तोड़कर पानी में गिरी गाड़ी, बाल-बाल बची दो जिंदगियां

जोधपुर के प्रसिद्ध पिकनिक स्थल कायलाना झील पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। घटना तब घटी जब एक तेज रफ्तार थार गाड़ी (नंबर- RJ45/CY/2719) अनियंत्रित होकर झील की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए सीधे झील के गहरे पानी में जा गिरी।


हादसे का विवरण

बताया जा रहा है कि गाड़ी में दो लोग सवार थे। गाड़ी जैसे ही झील में गिरी, देखते ही देखते पूरी तरह पानी में डूब गई। घटनास्थल पर मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और दोनों सवारों को सुरक्षित निकालने में सफल रहे।

दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत अस्पताल भेजा गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि दोनों की स्थिति स्थिर है और चिकित्सक उनकी निगरानी कर रहे हैं। घटना के समय मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया था।


पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई

राजीव गांधी नगर थाना के ASI रावल राम अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने झील के किनारे और आसपास का मुआयना किया और क्रेन की मदद से जलमग्न गाड़ी को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

पुलिस के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, हादसा तेज रफ्तार या नियंत्रण खोने के कारण हुआ माना जा रहा है। हालांकि, जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि गाड़ी की तकनीकी खराबी, मानवीय भूल या अन्य कारण दुर्घटना के पीछे जिम्मेदार थे।


घटना के कारणों की जांच

पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. गाड़ी की रफ्तार: घटना स्थल से मिली प्रारंभिक जानकारी में गाड़ी अत्यधिक तेज़ चल रही थी।
  2. ड्राइवर की सतर्कता: जांच यह भी देख रही है कि ड्राइवर ने सड़क और झील के आसपास के संकेतों पर ध्यान दिया या नहीं।
  3. तकनीकी दोष: गाड़ी के ब्रेक सिस्टम, स्टीयरिंग या अन्य मैकेनिकल हिस्सों में कोई खराबी हुई या नहीं।
  4. सुरक्षा व्यवस्था: झील के किनारे की सुरक्षा दीवार पर्याप्त मजबूत थी या इसे और सुरक्षित बनाया जा सकता था।

जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना मानवीय भूल के कारण हुई या किसी तकनीकी खराबी ने इसे जन्म दिया।

जोधपुर : कायलाना झील में समाई अनियंत्रित थार, दीवार तोड़कर पानी में गिरी गाड़ी, बाल-बाल बची दो जिंदगियां
जोधपुर : कायलाना झील में समाई अनियंत्रित थार, दीवार तोड़कर पानी में गिरी गाड़ी, बाल-बाल बची दो जिंदगियां

गाड़ी में सवार लोगों की स्थिति

घटना के समय गाड़ी में दो लोग सवार थे। दोनों को तुरंत बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायलों की हालत स्थिर है।

अस्पताल में दोनों को हड्डियों की जांच, पानी में डूबने से होने वाले फेफड़ों के संक्रमण और अन्य चोटों के लिए देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी अस्पताल प्रशासन से संपर्क कर यह सुनिश्चित किया कि घायलों को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मिले।


सुरक्षा और पर्यटक जागरूकता

यह हादसा जोधपुर में पर्यटकों के लिए चेतावनी है कि झील और अन्य जल स्रोतों के आसपास वाहन चलाते समय अत्यधिक सतर्कता बरती जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • तेज रफ्तार वाहन: पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर वाहन तेज गति से नहीं चलाने चाहिए।
  • सुरक्षा दीवार: झील और अन्य जल स्रोतों के किनारे सुरक्षा दीवारें पर्याप्त मजबूत और ऊँची होनी चाहिए।
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया: स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों को ऐसी स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने का प्रशिक्षण होना चाहिए।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

जोधपुर प्रशासन ने हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस ने गाड़ी को झील से बाहर निकालने के लिए क्रेन और अन्य उपकरण लगाए।

प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने तक गाड़ी की तकनीकी स्थिति और चालक की जिम्मेदारी का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


निष्कर्ष

कायलाना झील पर हुई यह दुर्घटना यह याद दिलाती है कि पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर वाहन चलाते समय सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

  • तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियाँ घातक हो सकती हैं।
  • मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता और पुलिस की तेज कार्रवाई से जानमाल का नुकसान टला।
  • जांच में पता चलेगा कि हादसा मानवीय भूल का परिणाम था या तकनीकी दोष का।

अंततः यह हादसा पर्यटकों, स्थानीय प्रशासन और वाहन चालकों के लिए एक सीख है कि सुरक्षा और सतर्कता ही जीवन और संपत्ति की रक्षा का आधार हैं।

बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध

बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध

बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध
बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध

दिल्ली । द्वारका जिले के बिंदापुर थाने की पुलिस ने कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी यामीन खान के पुत्र अनवर उर्फ ​​अन्नू (35) के खिलाफ पर्स छीनने की एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने अब अनवर को छीने गए पर्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बिंदपुर थाने का सूचीबद्ध बदमाश है और 35 से अधिक छीनने, शस्त्र अधिनियम और चोरी के मामले दर्ज हैं। द्वारका उप पुलिस आयुक्त अंकित सिंह के अनुसार, 7 फरवरी की सुबह अमनदीप पुत्री शीतल सिंह, निवासी सेक्टर 6, नानक नगर ने बिंदपुर थाने पहुंचकर शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक काले रंग की जैकेट पहने हुए लड़के ने उसका पर्स छीनकर लिया था। शिकायत के आधार पर पुलिस स्टेशन बिंदपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति दिखाई दिया।

बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध
बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध

लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद पर्स छीनने वाले की पहचान अनवर उर्फ ​​अन्नू के रूप में हुई, जो बिंदापुर पुलिस स्टेशन का बुककीपर (बीसी) था। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी अनवर को उत्तम नगर से गिरफ्तार किया। अनवर की निशानदेही पर छीना गया पर्स, दस्तावेज और अपराध के समय पहने हुए कपड़े बरामद किए गए।
पूछताछ करने पर आरोपी अनवर उर्फ ​​अन्नू ने बताया कि वह कोई नौकरी नहीं करता है। वह नशे का आदी है। वह नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी और छीना-झपटी करता है। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर विधिक कार्यवाही में जुट गई है। द्वारका उप पुलिस आयुक्त बिंदपुर थाने की टीम अपराध करने के इरादे से इलाके में घूम रहे सक्रिय अपराधियों पर नजर रखने के लिए हमेशा प्रेरित और संवेदनशील रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जारी रहेगी।

दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला

दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला

दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला
दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूर्वी इलाके में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब स्टार सिटी मॉल की बेसमेंट पार्किंग में खड़ी एक होंडा सिटी कार के अंदर एक व्यक्ति का शव मिला। जानकारी के अनुसार घटना मयूर विहार इलाके की है, जहां सुबह करीब 8 बजे मॉल कर्मचारियों की नजर रात से खड़ी एक कार पर पड़ी। कार के शीशे बंद थे और अंदर किसी तरह की हलचल दिखाई नहीं दे रही थी। संदेह होने पर जब कार का दरवाजा खोला गया तो अंदर एक व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला। करीब से देखने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मयूर विहार थाना की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में कार के अंदर किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला
दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला

आशंका जताई जा रही है कि मामला आत्महत्या का हो सकता है, या फिर बंद कार में दम घुटने से मौत हुई हो। हालांकि हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार, मॉल परिसर में एचडीएफसी लाइफ का कार्यालय स्थित है और कार उसी कार्यालय में कार्यरत गौरव नामक व्यक्ति की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गौरव ने कार चलाने के लिए ऑनलाइन ड्राइवर बुक किया था। उसी ड्राइवर का शव कार के अंदर मिला है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मॉल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी से कोई दुश्मनी तो नहीं थी। पार्किंग में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि कार कब से पार्किंग में खड़ी थी।

दिल्ली: सरकारी कर्मचारी से लूट मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, सोने की चेन बरामद

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नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी के द्वारका जिले में पुलिस ने सरकारी कर्मचारी से लूट के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूटी गई करीब 11 ग्राम वजन की सोने की चेन भी बरामद कर ली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 20 फरवरी की रात पीएसआर में फोन आया, जिसमें कॉलर ने सूचना दी कि उसके साथ मारपीट कर चेन छीन ली गई है। लूट की सूचना मिलते ही एसआई राजेश कुमार पुलिस स्टाफ के साथ द्वारका मोड़ स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। भगवती गार्डन एक्सटेंशन, मोहन गार्डन निवासी पीड़ित अभिषेक हुड्डा (30) ने बताया कि वह अपनी कार से घर लौट रहे थे। जब वह द्वारका मोड़ पर मोरसाब रेस्टोरेंट के पास पहुंचे, तभी तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया, मारपीट की और उनकी सोने की चेन लूटकर फरार हो गए।
पीड़ित के बयान पर एसआई राजेश कुमार ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एक दिन तक अपराधियों की जानकारी न मिलने पर जांच एसएचओ मुकेश अंतिल को सौंप दी गई।

दिल्ली: सरकारी कर्मचारी से लूट मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, सोने की चेन बरामद
दिल्ली: सरकारी कर्मचारी से लूट मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, सोने की चेन बरामद


पुलिस अधिकारियों ने आगे बताया कि एसीपी नजफगढ़ प्रकाश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल, हेड कांस्टेबल जितेंद्र, राकेश और धर्मेंद्र शामिल थे।
इसके बाद पुलिस टीम ने बिंदापुर, रणहोला और मोहन गार्डन इलाके में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपी मोहर सिंह (28), गोरव उर्फ गोलू (22) और करण (19) को गिरफ्तार किया। सभी निवासी मोहन गार्डन, दिल्ली के रहने वाले हैं और कम समय में अधिक पैसा कमाने के लिए चोरी और लूट करते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने वारदात को स्वीकार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन बरामद कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, मोहर सिंह पहले 14 मामलों में और गोरव उर्फ गोलू दो मामलों में संलिप्त रह चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है। इसके अन्य साथियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही पूरे ग्रुप को गिरफ्तार किया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा : एनकाउंटर में 2 गिरफ्तार, गोवध से संबंधित उपकरण बरामद

ग्रेटर नोएडा : एनकाउंटर में 2 गिरफ्तार, गोवध से संबंधित उपकरण बरामद

ग्रेटर नोएडा : एनकाउंटर में 2 गिरफ्तार, गोवध से संबंधित उपकरण बरामद
ग्रेटर नोएडा : एनकाउंटर में 2 गिरफ्तार, गोवध से संबंधित उपकरण बरामद

ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी घायल हो गया, जबकि उसके साथी को कॉम्बिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, चोरी की मोटरसाइकिल और गोवध से संबंधित उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार दिनांक 22 फरवरी 2026 को थाना रबूपुरा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि करौली अंडरपास के पास संदिग्ध गतिविधि देखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के रुकने के इशारे पर दोनों बदमाशों ने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बदमाशों का पीछा किया।
जवाबी कार्रवाई के तहत की गई फायरिंग में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया।

ग्रेटर नोएडा : एनकाउंटर में 2 गिरफ्तार, गोवध से संबंधित उपकरण बरामद
ग्रेटर नोएडा : एनकाउंटर में 2 गिरफ्तार, गोवध से संबंधित उपकरण बरामद

घायल की पहचान सलमान पुत्र बुखारी निवासी मोहल्ला आरापुरी, थाना कैराना, जिला शामली के रूप में हुई है। वहीं उसका साथी असलम पुत्र अकबर निवासी ग्राम रोहिन्दा, थाना अरनिया, जिला बुलंदशहर को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।
घायल आरोपी को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 2 अवैध तमंचे .315 बोर, 2 जिंदा कारतूस, 2 खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की एक चोरी की मोटरसाइकिल तथा गोवध के लिए उपयोग में लाए जाने वाले उपकरण- 2 रस्सियां, 2 चाकू, 1 सिरिंज, 1 इंजेक्शन की शीशी और 2 खाली प्लास्टिक के कट्टे बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और थाना रबूपुरा में पंजीकृत मुकदमा और गोवध निवारण अधिनियम में वांछित चल रहे थे। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

बिहार: क्रिकेट मैदान बना खूनी जंग का अखाड़ा, युवक पर चाकू से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार

बिहार: क्रिकेट मैदान बना खूनी जंग का अखाड़ा, युवक पर चाकू से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार

बिहार: क्रिकेट मैदान बना खूनी जंग का अखाड़ा, युवक पर चाकू से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार
बिहार: क्रिकेट मैदान बना खूनी जंग का अखाड़ा, युवक पर चाकू से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार

गोपालगंज । बिहार के गोपालगंज में क्रिकेट खेलने को लेकर हुई चाकूबाजी में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे गोपालगंज से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। यह घटना कटेया थाना क्षेत्र के रामपुर ब्रह्मस्थान गांव की है। घायल युवक की पहचान रामपुर गांव के कमलेश कुशवाहा के रूप में हुई है। बताया जाता है कि रामपुर गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान कुछ युवकों के बीच विवाद हो गया। इसी विवाद को लेकर हुई चाकूबाजी में कमलेश कुशवाहा पर चाकू से हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, कमलेश को आरोपियों ने दौड़ा-दौड़ाकर चाकू मारा, जिससे वह बेहोश हो गया। इस दौरान वहां अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने युवक की हालत को गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।

बिहार: क्रिकेट मैदान बना खूनी जंग का अखाड़ा, युवक पर चाकू से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार
बिहार: क्रिकेट मैदान बना खूनी जंग का अखाड़ा, युवक पर चाकू से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार


इस घटना से पीड़ित के परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों को रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कमलेश कुशवाहा के परिजनों ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
चाकूबाजी की घटना के बाद हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने घटनास्थल पर पहुंचकर एफएसएल टीम की मदद से पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चाकूबाजी की घटना में संलिप्त नूर आलम और हनान मियां को गिरफ्तार कर लिया है।
हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि कटेया थाना अंतर्गत पंचदेवरी प्रखंड के रामपुर ब्रह्मस्थान के समीप एक चाकूबाजी की घटना हुई है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल पहुंचकर जांच की है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना क्रिकेट खेलने के विवाद को लेकर हुई थी। फिलहाल, आगे की कार्रवाई जारी है।

जोधपुर में रसूख का अंधा प्रदर्शन : DPS रिंग रोड पर बीच सड़क आतिशबाजी और स्टंट, पुलिस की मौजूदगी में लगा भारी जाम

जोधपुर में रसूख का अंधा प्रदर्शन : DPS रिंग रोड पर बीच सड़क आतिशबाजी और स्टंट, पुलिस की मौजूदगी में लगा भारी जाम

जोधपुर में रसूख का अंधा प्रदर्शन : DPS रिंग रोड पर बीच सड़क आतिशबाजी और स्टंट, पुलिस की मौजूदगी में लगा भारी जाम
जोधपुर में रसूख का अंधा प्रदर्शन : DPS रिंग रोड पर बीच सड़क आतिशबाजी और स्टंट, पुलिस की मौजूदगी में लगा भारी जाम

जोधपुर। सूर्यनगरी जोधपुर से कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को ठेंगा दिखाने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। शहर के DPS सर्कल रिंग रोड पर रविवार देर रात कुछ युवकों ने बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर जमकर स्टंटबाजी की और आतिशबाजी का प्रदर्शन किया। इस ‘हुड़दंग’ का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आमजन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  बीच हाईवे परआतिशबाजी और भारी जाम जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात 10:43 बजे की है। बताया जा रहा है कि संभवतः किसी शादी की बारात के दौरान रसूखदारों ने अपनी गाड़ियां रिंग रोड के बीचों-बीच खड़ी कर दीं।
जाम का झाम: आतिशबाजी और स्टंट के कारण नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों तक ट्रैफिक पूरी तरह बाधित रहा।
राहगीरों की मुसीबत: सफर कर रहे आम राहगीरों और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस की मौजूदगी में कानून का उल्लंघन?

जोधपुर में रसूख का अंधा प्रदर्शन : DPS रिंग रोड पर बीच सड़क आतिशबाजी और स्टंट, पुलिस की मौजूदगी में लगा भारी जाम
जोधपुर में रसूख का अंधा प्रदर्शन : DPS रिंग रोड पर बीच सड़क आतिशबाजी और स्टंट, पुलिस की मौजूदगी में लगा भारी जाम


वायरल वीडियो में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहाँ यह पूरा ड्रामा चल रहा था, वहाँ पुलिस की मौजूदगी भी नजर आ रही है। इसके बावजूद हुड़दंगियों पर कोई लगाम नहीं कसी गई।
सुरक्षा से खिलवाड़: व्यस्त हाईवे पर जलते हुए पटाखे और स्टंटबाजी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते थे।
बिना नंबर की गाड़ियां: वीडियो में एक लग्जरी गाड़ी के पीछे नंबर प्लेट भी नजर नहीं आ रही है, जिससे यह साफ है कि इन युवकों को कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद जोधपुर के नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोग वीडियो शेयर कर जोधपुर पुलिस से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं? आमजन की सुरक्षा को दांव पर लगाने वाले इन तथाकथित ‘बारातियों’ के खिलाफ अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने इस मामले में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन वीडियो के आधार पर गाड़ियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।