
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में एक सरकारी कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की जांच टीमों को सक्रिय कर दिया है। मृतक बागांग, जो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) के पद पर तैनात था, का शव इटानगर-होलोंगी एनएच-415 पर स्थित बस स्टैंड के पास पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना, लेकिन जांच के आगे बढ़ने के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। ईटानगर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) तुम्मे अमो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच में मिले कुछ संकेत हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। डीआईजी ने कहा कि रंजिश में हत्या किए जाने की संभावना जताई जा रही है और पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी साझा की जाएगी।
डीआईजी तुम्मे अमो ने बताया कि घटनास्थल से कुछ अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। मृतक के पास कोई सुसाइड नोट या अन्य स्पष्ट सबूत नहीं मिला। हालांकि, शव पर पाए गए चोट के निशान और घटनास्थल पर मिले सुराग पुलिस को हत्या की ओर संकेत कर रहे हैं।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का अध्ययन शुरू कर दिया है। साथ ही, घटनास्थल के गवाहों से बयान भी लिए जा रहे हैं। इस घटना के संदर्भ में पीडब्ल्यूडी और स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी ली है। मृतक बागांग के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है, और पुलिस उनकी सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित कर रही है।
जांच में यह देखा गया कि मृतक की पेशेवर जिम्मेदारियों के अलावा, व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों से किसी प्रकार की रंजिश या विवाद की संभावना भी हो सकती है। डीआईजी ने कहा कि हत्या की संभावनाओं पर ध्यान देते हुए पुलिस गहन जांच कर रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के लिए कई तरीकों का उपयोग कर रही है।

इस बीच, ईटानगर और आसपास के इलाकों में पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है और घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह घटना उस समय सामने आई है जब हाल ही में तिराप जिले में सुरक्षा बलों के सामने एक उग्रवादी ने आत्मसमर्पण किया। 3 मार्च को, प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) के एक हार्डकोर उग्रवादी ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। उसकी पहचान स्वयंभू सेकेंड लेफ्टिनेंट बिटुल बरुआ (31) के रूप में हुई। उसने अपने पास मौजूद एक 40 कैलिबर पिस्तौल, एक मैगजीन और दो गोलियां सुरक्षा बलों को सौंप दीं। इस घटना के बाद राज्य में सुरक्षा बलों की सतर्कता और बढ़ गई है।
पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि मृतक बागांग की मौत की परिस्थितियों की जांच में हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। जांच टीम शव के मेडिकल रिपोर्ट, चोट के स्वरूप और घटनास्थल के सुरागों को मिलाकर संभावित हत्यारों की पहचान कर रही है। इसके अलावा, पुलिस स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों और पुलिस टीम के साथ मिलकर आपातकालीन जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल गहन जांच के अधीन है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का अध्ययन करना जरूरी है। डीआईजी तुम्मे अमो ने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई नया सुराग मिलेगा, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
इस घटना ने ईटानगर में सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस का मानना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए ताकि अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को रोका जा सके।
अंततः, मृतक की मौत की जांच अब हत्या की संभावनाओं के आधार पर चल रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है—जांच में घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और शव पर चोट के निशान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले का सच जल्द ही सामने आएगा और जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
यह मामला अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में सुरक्षा, सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को फिर से रेखांकित करता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या हिंसक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

