लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

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लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार
लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

लखनऊ । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लखनऊ में नॉर्दर्न रेलवे के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) के ऑफिस में काम करने वाले दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने पेंशन प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर रिश्वत के तौर पर मोटी रकम मांगी थी। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में अकाउंटेंट आकाश त्यागी और असिस्टेंट डिविजनल फाइनेंस मैनेजर (एडीएफएम) अक्षय श्रीवास्तव शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से पेंशन प्रक्रिया में मदद करने के बदले में कुल 3,50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके तहत शिकायतकर्ता टोकन अमाउंट के तौर पर 70,000 रुपये देने गया, तभी मौके पर पहुंचकर सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार
लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार


सीबीआई ने इस मामले में तफ्तीश तब शुरू की थी जब शिकायतकर्ता ने सूचना दी कि उनके चाची की पेंशन को प्रोसेस कराने के लिए अकाउंटेंट ने पहले पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) जारी होने के बाद 100,000 रुपये और फिर क्लेम अमाउंट के निपटान के बाद 2,50,000 रुपये की मांग की थी। इस शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 27 जनवरी को मामला दर्ज किया और उसी दिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, ये दोनों अधिकारी शिकायतकर्ता से रिश्वत की 70,000 रुपये की हिस्सेदारी ले रहे थे, जो कि कुल मांग का हिस्सा था।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों गिरफ्तार अधिकारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखनऊ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस प्रकार की अन्य शिकायतें भी तो नहीं थीं।

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