
जोधपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और एटीएस (ATS) ने एक संयुक्त ऑपरेशन “विषाणुबाहु” के तहत प्रदेश के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शुमार, 1 लाख रुपये के इनामी बदमाश रमेश कुमार उर्फ अनिल को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी रमेश बाड़मेर के धोरीमन्ना का निवासी है और पिछले 8 वर्षों से फरार रहकर पांच राज्यों में मादक पदार्थों का काला कारोबार चला रहा था। कोलकाता के न्यू टाउन से हुई गिरफ्तारी एटीएस महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADG) श्री दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन में गठित टीमों ने लगातार पीछा करते हुए आरोपी को कोलकाता के पॉश इलाके न्यू टाउन से दस्तयाब किया। रमेश वहां अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
उम्र 31 साल और दर्ज हैं तीन दर्जन मुकदमे
हैरानी की बात यह है कि आरोपी रमेश की उम्र महज 31 साल है, लेकिन उसके अपराधों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। उस पर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक सहित पांच राज्यों में करीब 36 (तीन दर्जन) आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

राजस्थान: 15-17 मामले
गुजरात: 08 मामले
तेलंगाना: 03 मामले
महाराष्ट्र: 02 मामले
कर्नाटक: 01 मामला इसके अलावा असम और मणिपुर में भी फर्जी नाम से अपराध करने की सूचना मिली है, जिसका सत्यापन किया जा रहा है।
पश्चिमी राजस्थान में MD का ‘मुख्य रसोइया’
रमेश को राजस्थान में एमडी (MD) के काले कारोबार का ‘मुख्य रसोइया’ और सूत्रधार माना जाता है। हाल के वर्षों में पश्चिमी राजस्थान में पकड़ी गई एमडी बनाने वाली अवैध फैक्ट्रियों और सप्लाई चेन के पीछे इसी का हाथ था। आरोपी न केवल मादक पदार्थों की तस्करी, बल्कि चोरी, मारपीट, फिरौती और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में भी लिप्त रहा है।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
एडीजी दिनेश एम.एन. के निर्देशन में चली इस कार्रवाई ने मादक पदार्थ तस्करों के नेटवर्क को बड़ी चोट पहुंचाई है। रमेश की गिरफ्तारी से राजस्थान सहित अन्य राज्यों में चल रहे ड्रग्स सिंडिकेट के कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

