रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग

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रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग

पंचकूला। अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर एवं छह बार के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता स्व. रोहित धनखड़ की नृशंस हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर आज सर्वखाप पंचायत, हरियाणा एवं पीड़ित परिवार के सदस्य हरियाणा पुलिस मुख्यालय पहुँचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल को पुलिस महानिदेशक से मिलना था, किंतु डीजीपी के किसी अत्यावश्यक आधिकारिक कार्य में व्यस्त होने के कारण प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह से हुई। प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी के समक्ष अपना विस्तृत ज्ञापन रखते हुए स्पष्ट किया कि 27 नवंबर 2025 को हुई रोहित धनखड़ की हत्या में लगभग 18–20 लोग शामिल थे, किंतु आज घटना को एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद केवल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और केवल चार अन्य व्यक्तियों के नाम और सामने आए हैं। पंचायत व परिवार ने कहा कि यह प्रगति उस गंभीरता के अनुरूप नहीं है जिसकी अपेक्षा एक संगठित हत्या जैसे जघन्य अपराध में होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी याद दिलाया कि 9 दिसंबर 2025 को डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह के भीतर सभी मुख्य एवं अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे, उन्हें PO घोषित किया जाएगा और उनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। किंतु उस आश्वासन को आज लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो सभी आरोपी पकड़े गए हैं, न किसी को PO घोषित किया गया है और न ही संपत्ति कुर्क करने की कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है। पंचायत ने इसे अत्यंत निराशाजनक बताया।

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग


पंचायत व परिवार के सदस्यों ने एडीजीपी को स्पष्ट रूप से बताया कि वे भिवानी पुलिस द्वारा की जा रही जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उनका विश्वास है कि इस मामले में स्थानीय प्रभाव, राजनीतिक दबाव या सामाजिक संरक्षण के कारण जांच धीमी और कमजोर की जा रही है। इसी कारण उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक जिले की CIA या STF जैसी विशेष टीम को सौंपी जाए, ताकि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और प्रभावी हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि इससे पूर्व सर्वखाप पंचायत का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से भी मिला था और मुख्यमंत्री ने पंचायत के समक्ष डीजीपी से फोन पर बात कर इस मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे, किंतु उस आश्वासन के बावजूद अब तक जांच ट्रांसफर के संबंध में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिवार और समाज में निराशा बनी हुई है।
एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और यह आश्वासन दिया कि जांच ट्रांसफर के विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा तथा प्रतिनिधिमंडल को इसकी सूचना दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

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