जीएसटी दरों में की गई कटौती लागू होने पर बीजेपी के चार सांसदों ने नवी मुंबई के वाशी स्थित सेक्टर-17 मार्केट में व्यापारियों और ग्राहकों से मुलाकात कर इसकी जानकारी दी। उत्तर प्रदेश से आए बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने लोगों से अपील की है कि वे जागरूक रहें और जीएसटी में हुई कटौती का लाभ उठाएं।
बीजेपी ने कहा कि इस उत्सव के दौरान ज्यादा से ज्यादा खरीदारी करें। पाल ने कहा कि इससे पहले की सरकारें टैक्स बढ़ाती थीं, लेकिन पहली बार किसी सरकार ने टैक्स कम किया है। इसका सीधा फायदा इस देश के करोड़ों लोगों को होने वाला है। दरों में कटौती होने से लोगों को कम कीमत में सामान मिलेगा। इसका लाभ देश के व्यापारियों को भी होगा।
लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील
इस दौरान, ओडीशा से बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने कहा कि हम इस मुहिम के तहत लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील कर रहे हैं, ताकि हम आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकें। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए जरूरी है कि देश में बनी वस्तुओं की ज्यादा से ज्यादा बिक्री हो। उन्होंने कहा कि एक समय महात्मा गांधी ने देश को आजाद करवाने के लिए स्वदेशी का नारा दिया था और अब प्रधानमंत्री मोदी ने देश को विकसित करने और हर हाथ को रोजगार देने का नारा दिया है।
GST कम होने पर BJP ने मनाया बचत उत्सव
किसानों से लेकर हर वर्ग को होगा फायदा
वहीं, छत्तीसगढ़ से सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में जो कटौती की है, उससे किसानों से लेकर हर वर्ग को फायदा होगा। आज अगर हम स्वदेशी को अपनाएंगे, तो कोरोड़ों भारतीयों को रोजगार मिलेगा। बीजेपी जिला अध्यक्ष राजेश पाटील ने कहा कि अमेरिका टैरिफ की धौंस दिखाकर हमें डराने की कोशिश कर रहा है कि वह हमारी वस्तुओं को अमेरिका में बिकने से रोक रहा है, लेकिन हमारे देश की जनसंख्या इतनी है कि अगर हम खुद अपनी वस्तुएं खरीदने लगे, तो अमेरिका की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हमारा देश अमेरिका के सामने झुकने वाला नहीं है।
गरीब, मध्यवर्ग और उच्च-माध्यम वर्ग को होगा फायदा
नेताओं का कहना है कि जीएसटी की दरें कम होने के बाद आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ टीवी, फ्रिज और कुछ कारें भी शामिल हैं। इसका फायदा गरीबों, मध्य वर्ग और उच्च-मध्यम वर्ग सभी को होगा। जीएसटी कम करने होने से अर्थव्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी, क्योंकि बाजार में वस्तुओं की कीमतें कम होने से लोग ज्यादा खरीदारी करने के लिए जाएंगे। इससे राज्य और केंद्र सरकार के खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे राजस्व और बढ़ जाएगा।