पूर्वांचल में असलहों का खेल, STF ने तस्करों को दबोचा, हथियारों का जखीरा बरामद, बिहार से यूपी तक फैला नेटवर्क

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पूर्वांचल में असलहों का खेल, STF ने तस्करों को दबोचा, हथियारों का जखीरा बरामद, बिहार से यूपी तक फैला नेटवर्क
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने गुरुवार को वाराणसी में अन्तर्राज्यीय असलहा तस्करी करने वाले दो तस्करों को दबोच लिया है। आरोपियों के पास से 4 अवैध पिस्टल (32 बोर), 7 मैगजीन, 3 मोबाइल फोन और एक टाटा जेस्ट कार बरामद की गई है। यह कार्रवाई वाराणसी के लालपुर-पाण्डेयपुर थाना क्षेत्र के बावन बीघा रिंग रोड अंडरपास इलाके में की गई है। इस गिरोह का नेटवर्क बिहार से लेकर यूपी तक था।

ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
  • दरअसल पूर्वांचल में अवैध हथियारों की आपूर्ति को लेकर एसटीएफ को लगातार इनपुट मिल रहे थे। इसके बाद एसटीएफ फील्ड यूनिट वाराणसी को खुफिया सूचना एकत्र करने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में सक्रिय टीम को एक विश्वसनीय सूचना मिली कि मुंगेर का कुख्यात असलहा तस्कर गोविन्द साव का आदमी भोला साव, वाराणसी के स्थानीय तस्कर समर बहादुर सिंह को हथियार सौंपने आ रहा है।एसटीएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बावन बीघा रिंग रोड अंडरपास पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाराणसी निवासी समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू सिंह और बिहार निवासी भोला कुमार साव के रूप में हुई है।
पूर्वांचल में असलहों का खेल, STF ने तस्करों को दबोचा, हथियारों का जखीरा बरामद, बिहार से यूपी तक फैला नेटवर्क
पूर्वांचल में असलहों का खेल, STF ने तस्करों को दबोचा, हथियारों का जखीरा बरामद, बिहार से यूपी तक फैला नेटवर्क
ऐसे जुड़ा बिहार से यूपी तक का नेटवर्क
  • पूछताछ में सामने आया कि समर बहादुर सिंह पहले ट्रैवेल्स की कार चलाता था। इसी दौरान उसकी पहचान एक अन्य ड्राइवर राहुल सिंह से हुई, जिसने उसे मुंगेर के बड़े हथियार तस्कर गोविन्द साव से मिलवाया। इसके बाद समर ने अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी। गोविन्द साव पिस्टल 15 हजार रुपये में देता था, जिन्हें समर 40 से 50 हजार में यूपी और बिहारके सीमावर्ती इलाकों में बेचता था। गोविन्द साव द्वारा हथियार डिलीवरी के लिए भोला साव जैसे लोगों को 3 हजार रुपये प्रति चक्कर दिया जाता था। इसी क्रम में भोला साव 17 जुलाई को वाराणसी में समर बहादुर को हथियार सौंपने आया था।
एसटीएफ की सक्रियता रंग लाई
  • इस कार्रवाई में एसटीएफ को मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI)का भी सहयोग मिला है। संयुक्त खुफिया सूचना और त्वरित कार्रवाई से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी, जिससे अन्तर्राज्यीय असलहा सप्लाई नेटवर्क की एक अहम कड़ी उजागर हुई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ वाराणसी के थाना लालपुर-पाण्डेयपुर में
    धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।

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