पीएमवीबीआरवाई का 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य : केंद्र

पीएमवीबीआरवाई का 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य : केंद्र

पीएमवीबीआरवाई का 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य : केंद्र
पीएमवीबीआरवाई का 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य : केंद्र

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) का उद्देश्य पूरे देश में 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करना है। इस योजना के लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। श्रम और रोजगार मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में बताया कि योजना के ‘भाग ए’ के तहत जो कर्मचारी पहली बार नौकरी करते हैं, उन्हें सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि कर्मचारी की एक महीने की ईपीएफ सैलरी के बराबर होगी, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपए है। उन्होंने कहा कि यह प्रोत्साहन राशि रोजगार के पहले वर्ष के दौरान दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त, जो अधिकतम 7,500 रुपए होगी, नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर दी जाएगी।
वहीं दूसरी किश्त 12 महीने की नौकरी पूरी होने और एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद मिलेगी। यह दूसरी राशि सीधे बचत खाते या किसी सुरक्षित बचत योजना में जमा की जाएगी।

पीएमवीबीआरवाई का 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य : केंद्र
पीएमवीबीआरवाई का 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य : केंद्र


राज्य मंत्री ने कहा कि योजना के ‘भाग बी’ में कंपनियों और नियोक्ताओं को फायदा दिया जाएगा। अगर कोई नियोक्ता अतिरिक्त कर्मचारी को कम से कम 6 महीने तक नौकरी पर रखता है, तो उसे सरकार की ओर से हर ऐसे कर्मचारी के लिए हर महीने 3,000 रुपए तक की मदद दी जाएगी।
यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी। इसी अवधि में बनाई गई नौकरियों पर यह लाभ मिलेगा। इस योजना को 1 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इसका मकसद रोजगार बढ़ाना, लोगों की काम करने की क्षमता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है, खासकर एमएसएमई, ग्रामीण उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में।
इससे पहले सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) शुरू की थी, जो कोरोना महामारी के समय नौकरी देने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहन देने के लिए लाई गई थी।
मंत्री ने बताया कि इस योजना में रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 थी, जिसके तहत जुड़े लाभार्थियों को 2 साल तक लाभ मिला। सरकार के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर 31 मार्च 2024 तक 60.49 लाख लोगों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है।

जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना, एडवाइजरी जारी

जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना, एडवाइजरी जारी

जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना, एडवाइजरी जारी
जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना, एडवाइजरी जारी

श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर में दो महीने से ज्यादा समय तक सूखे के बाद अगले 48 घंटों के दौरान बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 20 दिसंबर की देर शाम से ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है। स्थानीय मौसम विभाग के निदेशक मुख्तार अहमद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि 20 और 21 दिसंबर की दरमियानी रात को केंद्र शासित प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। यह 21 दिसंबर की देर दोपहर तक जारी रह सकती है। अधिकारी ने बताया कि गांदरबल, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों के कुछ ऊंचे इलाकों में खासकर 21 दिसंबर को भारी बर्फबारी हो सकती है। बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा और गांदरबल जिलों के अधिकारियों ने एडवाइजरी जारी कर ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों से बर्फबारी के दौरान अपने घरों से बाहर न निकलने को कहा है।
पिछले दो महीनों में नदियां, झरने, सोते और झीलें सूखे से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसका गंभीर प्रभाव जल निकाय पर भी देखने के लिए मिला है।

जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना, एडवाइजरी जारी
जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना, एडवाइजरी जारी

लंबे समय तक सूखे के कारण बीमारियां बढ़ गई हैं और आजकल घाटी के अस्पतालों में सर्दी, सूखी खांसी और फ्लू आम शिकायतें बन गई हैं। डॉक्टरों ने लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सलाह दी है कि वे लंबे समय तक ठंडी और सर्द हवा के संपर्क में न रहें।
कड़ाके की सर्दी का 40 दिन का समय जिसे ‘चिल्लई कलां’ कहा जाता है, 21 दिसंबर से शुरू होगा और 30 जनवरी को खत्म होगा। इस दौरान, घाटी में अधिकांश जल निकाय जम जाते हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान माइनस 6 से माइनस 8 डिग्री सेल्सियस के बीच गिर जाता है। चिल्लई कलां के दौरान दिन का तापमान दो अंकों से नीचे रहता है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच का अंतर कम हो जाता है।
शुक्रवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 2.1 डिग्री सेल्सियस, पहलगाम में माइनस 2.6 और गुलमर्ग में एक डिग्री था। जम्मू शहर में 9.9 डिग्री सेल्सियस, कटरा में 9.2, बटोटे में 6.7, बनिहाल में 3.5 और भद्रवाह में 2.3 डिग्री न्यूनतम तापमान था।

रेवदर के बीसीएमओ डॉ. लोन्ग मोहम्मद 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

रेवदर के बीसीएमओ डॉ. लोन्ग मोहम्मद 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

रेवदर के बीसीएमओ डॉ. लोन्ग मोहम्मद 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
रेवदर के बीसीएमओ डॉ. लोन्ग मोहम्मद 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

सिरोही। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चित्तौडगढ़ द्वारा सिरोही में कार्यवाही करते हुए डॉ. लोन्ग मोहम्मद, ब्लॉक मुख्य चिकित्साधिकारी, रेवदर जिला सिरोही को 50,000 रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक, गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चित्तौडगढ़ को एक शिकायत इस आशय की मिली कि कार्यालय ब्लॉक मुख्य चिकित्साधिकारी, रेवदर, जिला सिरोही के ब्लॉक मुख्य चिकित्साधिकारी (बीसीएमओ) डॉ० लोन्ग मोहम्मद द्वारा परिवादी के मण्डार स्थित क्लिनिक को चैक नही करने एवं केस नही बनाने की एवज में 50,000 रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है।

रेवदर के बीसीएमओ डॉ. लोन्ग मोहम्मद 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
रेवदर के बीसीएमओ डॉ. लोन्ग मोहम्मद 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

जिस पर एसीबी के उप महानिरीक्षक-प्रथम डॉ० रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों चित्तौडगढ़ के उप अधीक्षक पुलिस हरिश्चन्द्र सिंह के नेतृत्व में ट्रेप कार्यवाही करते हुए आरोपी डॉ० लोन्ग मोहम्मद, ब्लॉक मुख्य चिकित्साधिकारी, रेवदर जिला सिरोही को परिवादी से 50,000 रूपये रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उक्त रिश्वत राशि 50,000 रूपये में से 20,000 रूपये भारतीय मुद्रा के एवं शेष 30,000 रूपये के डमी नोट भारतीय मनोरंजन बैंक के ग्रहण करते हुए को रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पुछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

बिहार के बांका में मद्य निषेध पुलिस की कार्रवाई: 200 पेटी विदेशी शराब बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार

बिहार के बांका में मद्य निषेध पुलिस की कार्रवाई: 200 पेटी विदेशी शराब बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार

बिहार के बांका में मद्य निषेध पुलिस की कार्रवाई: 200 पेटी विदेशी शराब बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार
बिहार के बांका में मद्य निषेध पुलिस की कार्रवाई: 200 पेटी विदेशी शराब बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार

बांका । बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब तस्करी की कोशिशें जारी हैं। इसी बीच, बांका जिले की मद्य निषेध थाना कटोरिया पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई कर शराब तस्करों को बड़ा झटका दिया है। पुलिस ने दूध टैंकर, मिनी पिकअप वैन और एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की। कार्रवाई के दौरान करीब 200 पेटी शराब जब्त की गई, जबकि चार शराब तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद शराब कारोबार से जुड़े गिरोहों में हड़कंप मच गया है। दरअसल, कटोरिया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से एक बड़े काफिले के जरिए बिहार में भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही ग्रामीण और जंगली इलाकों की सड़कों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान, संदिग्ध रूप से भाग रहे दूध टैंकर और दूध ढोने वाली मिनी पिकअप वैन को रोकने की कोशिश की गई, मगर चालक वाहनों को तेज गति से भगाने लगे। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोक लिया।

बिहार के बांका में मद्य निषेध पुलिस की कार्रवाई: 200 पेटी विदेशी शराब बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार
बिहार के बांका में मद्य निषेध पुलिस की कार्रवाई: 200 पेटी विदेशी शराब बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार


पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह दूध टैंकर और डेयरी सप्लाई वाहनों के जरिए अवैध शराब की सप्लाई करता था ताकि पुलिस और उत्पाद विभाग को गुमराह किया जा सके। ये तस्कर मुख्य मार्ग से बचकर ग्रामीण रास्तों से खेप को आगे बढ़ाते थे।
दूध वाहनों के बाद पुलिस ने एक लक्जरी कार को रोका, जिसकी तलाशी ली गई तो पूरी टीम भी हैरान रह गई। कार में सीटों के नीचे, डिक्की में और यहां तक कि इंजन के नीचे की जगह में भी शराब की बोतलें छिपाई गई थीं। कार चालक की पहचान चंदन कुमार, पिता मोहन पोद्दार, ग्राम विशनपुर चांदनी चौक, जिला बेगूसराय के रूप में की गई।
जानकारी के अनुसार, यह शराब तस्करों का संगठित गिरोह लंबे वक्त से दूध टैंकरों का इस्तेमाल कर तस्करी कर रहा था। इस नेटवर्क की मदद से झारखंड से बिहार में कीमती विदेशी शराब लाई जाती थी और फिर इसकी सप्लाई की जाती थी। गिरफ्तार किए गए चारों तस्करों से पूछताछ जारी है।

कर्नाटक: परप्पना अग्रहार जेल से 30 मोबाइल जब्त, सर्च टीम के लिए इनाम का ऐलान

कर्नाटक: परप्पना अग्रहार जेल से 30 मोबाइल जब्त, सर्च टीम के लिए इनाम का ऐलान

कर्नाटक: परप्पना अग्रहार जेल से 30 मोबाइल जब्त, सर्च टीम के लिए इनाम का ऐलान
कर्नाटक: परप्पना अग्रहार जेल से 30 मोबाइल जब्त, सर्च टीम के लिए इनाम का ऐलान

बेंगलुरु । कर्नाटक में जेलों के भीतर अवैध गतिविधियों और प्रतिबंधित सामग्रियों पर नकेल कसते हुए प्रशासन लगातार सख्ती दिखा रहा है। इसी कड़ी में डीजीपी (कारागार) आलोक कुमार ने एक बड़ी उपलब्धि की जानकारी साझा की है। डीजीपी (कारागार) आलोक कुमार ने बताया कि बेंगलुरु स्थित परप्पना अग्रहार केंद्रीय कारागार में देर रात चलाए गए ऑपरेशन में रिकॉर्ड 30 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। डीजीपी ने इस सफल तलाशी अभियान के लिए एसपी अंशु कुमार और जेलर शिवकुमार को सराहा और पूरी टीम के लिए 30 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की। डीजीपी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में गुरुवार देर रात चलाए गए ऑपरेशन में 30 मोबाइल फोन जब्त किए गए। एसपी अंशु कुमार और जेलर शिवकुमार ने सर्च टीम का नेतृत्व किया। सर्च टीम को 30 हजार रुपए का इनाम।”

कर्नाटक: परप्पना अग्रहार जेल से 30 मोबाइल जब्त, सर्च टीम के लिए इनाम का ऐलान
कर्नाटक: परप्पना अग्रहार जेल से 30 मोबाइल जब्त, सर्च टीम के लिए इनाम का ऐलान


एक अन्य पोस्ट में डीजीपी ने लिखा, “जेल परिसर के अंदर गैर-कानूनी सामान के खिलाफ हमारा सर्च ऑपरेशन पूरे राज्य में जारी है। पिछले 36 घंटों में कालाबुर्गी में 10 मोबाइल फोन और 4 सिम, मैंगलोर में 6 फोन, बल्लारी में 4 फोन, शिमोगा जेल में 3 फोन और 4 सिम जब्त किए गए हैं। यह अभियान जारी रहेगा।”
इससे पहले, 17 दिसंबर को एक कार्रवाई की जानकारी देते हुए डीजीपी ने बताया था कि पिछले 36 घंटों में कई जेलों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान जेल परिसरों से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चाकू और मादक पदार्थ जब्त किए गए।
आलोक कुमार ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा था कि पिछले 36 घंटों में चलाए गए स्पेशल अभियान के दौरान, बेंगलुरु जेल से 6 मोबाइल फोन और 4 चाकू बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि इसी तरह, मैसूर जेल से 9 फोन और 11 सिम कार्ड और बेलगावी से 4 फोन और 366 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जो बाहर से जेल में फेंका गया था। इसके अलावा, मैंगलोर जेल से 4 फोन और विजयपुरा जेल से 1 फोन जब्त किया गया था।

कनिष्ठों की पदोन्नति पर यथा-स्थिति के निर्देश : हाईकोर्ट ने कहा—अंतिम निर्णय तक पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति नहीं बदलेगी

कनिष्ठों की पदोन्नति पर यथा-स्थिति के निर्देश : हाईकोर्ट ने कहा—अंतिम निर्णय तक पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति नहीं बदलेगी

कनिष्ठों की पदोन्नति पर यथा-स्थिति के निर्देश : हाईकोर्ट ने कहा—अंतिम निर्णय तक पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति नहीं बदलेगी
कनिष्ठों की पदोन्नति पर यथा-स्थिति के निर्देश : हाईकोर्ट ने कहा—अंतिम निर्णय तक पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति नहीं बदलेगी

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने लेखाधिकारी पद पर की गई विवादित पदोन्नतियों को लेकर दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन ने राज्य सरकार की ओर से दी गई अंडरटेकिंग को रिकॉर्ड में लेते हुए निर्देश दिए हैं कि अंतिम निर्णय तक पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 को होगी। यह आदेश प्रेम प्रकाश आर्य सहित 10 वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा दायर रिट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान पारित किया गया। याचिकाकर्ता वर्ष 1989 बैच के कर्मचारी हैं, जिनकी नियुक्ति वर्ष 1991 में कनिष्ठ लेखाकार पद पर हुई थी। इसके पश्चात वे वर्ष 2008-09 में लेखाकार/सहायक लेखाधिकारी-II तथा वर्ष 2014-15 में सहायक लेखाधिकारी-I के पद पर पदोन्नत हुए। याचिका में कहा गया है कि इसके बावजूद विभाग द्वारा 19 सितंबर 2025 को जारी आदेश के माध्यम से उनसे 4 से 5 वर्ष कनिष्ठ कर्मचारियों को लेखाधिकारी पद पर पदोन्नत कर दिया गया, जबकि याचिकाकर्ता संबंधित वरिष्ठता सूची में उनसे स्पष्ट रूप से ऊपर हैं। यह वरिष्ठता सूची लंबे समय से अप्रतिवादित एवं अंतिम रूप से लागू है।

कनिष्ठों की पदोन्नति पर यथा-स्थिति के निर्देश : हाईकोर्ट ने कहा—अंतिम निर्णय तक पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति नहीं बदलेगी
कनिष्ठों की पदोन्नति पर यथा-स्थिति के निर्देश : हाईकोर्ट ने कहा—अंतिम निर्णय तक पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति नहीं बदलेगी


वरिष्ठता सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद ने न्यायालय को बताया कि जब याचिकाकर्ता वर्ष 2008-09 में ही कैडर में पदोन्नत हो चुके थे, उस समय निजी प्रतिवादी कैडर में शामिल भी नहीं थे। इसके बावजूद वरिष्ठों की अनदेखी कर कनिष्ठों को पदोन्नति देना सेवा नियमों, विभागीय पदोन्नति नीति तथा संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।
अधिवक्ता ने यह भी दलील दी कि यह मामला वित्तीय लाभ का नहीं, बल्कि सम्मान, पद और वैधानिक वरिष्ठता अधिकार से जुड़ा है। यदि कनिष्ठों की पदोन्नति बनी रहती है तो वरिष्ठ कर्मचारियों को उन्हीं के अधीन कार्य करना पड़ेगा, जो सेवा न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
अंतिम निर्णय तक कोई नई स्थिति नहीं बनेगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन ने अंतरिम स्तर पर स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय तक यथा-स्थिति बनी रहेगी और पदोन्नत अधिकारियों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। न्यायालय ने कहा कि प्रकरण की विस्तार से सुनवाई अगली तिथि पर की जाएगी।

एसीबी की कार्रवाई: हनुमानगढ़ में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

एसीबी की कार्रवाई: हनुमानगढ़ में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

एसीबी की कार्रवाई: हनुमानगढ़ में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
एसीबी की कार्रवाई: हनुमानगढ़ में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

श्रीगंगानगर। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी श्रीगंगानगर इकाई द्वारा आज कार्यवाही करते हुये राजस्व पटवारी, पटवार हल्का लोंगवाला, तहसील पीलीबंगा जिला हनुमानगढ को परिवादी से उसकी माता के नाम चक 3 एलजीडब्ल्यू तथा चक 1 पीबीएन की भूमि के इंतकाल दर्ज करने की एवज में 5000/ रूपये बतौर रिश्वत लेते हुये रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एसीबी चौकी श्रीगंगानगर को परिवादी की एक शिकायत इस आशय की मिली कि उसकी माता जी के नाम चक 3 एल०जी०डब्ल्यू० तथा चक 1 पी०बी०एन० की जरिये वैयनामा क्रय की गई भूमि का इंतकाल दर्ज करने की एवज में आरोपिया ममता ने 20,000 / रूपये रिश्वत की मांग की तथा परिवादी से 5,000/ रूपये रिश्वत के पूर्व में ले लिये,

एसीबी की कार्रवाई: हनुमानगढ़ में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
एसीबी की कार्रवाई: हनुमानगढ़ में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

अब शेष 15,000/ रूपये रिश्वत की मांग कर परेशान कर रही है। जिस पर भुवन भूषण यादव उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रनिब्यूरो रेंज बीकानेर के सुपरविजन में एसीबी श्रीगंगानगर के पवन कुमार मीणा अति. पुलिस अधीक्षक, भ्रनिब्यूरो, श्रीगंगानगर के नेतृत्व में आज राजेन्द्र कुमार पुलिस निरीक्षक एवं ब्यूरो स्टाफ ने ट्रेप कार्यवाही करते हुये आरोपिया ममता राजस्व पटवारी, पटवार हल्का लोंगवाला, तहसील पीलीबंगा जिला हनुमानगढ को परिवादी से 5000/ रूपये बतौर रिश्वत रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथो गिरफ्तार किया है।
आरोपिया से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

दिल्ली: एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार

दिल्ली: एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार

दिल्ली: एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार
दिल्ली: एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सरगना कारोबारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नामी कंपनियों के एक्सपायरी या मिसब्रांडेड खाद्य उत्पाद बेहद कम कीमत पर बेच रहा था। गिरफ्तारी के साथ ही लाखों रुपए के एक्सपायरी चॉकलेट और अन्य ब्रांडों के सामान जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट ऑनलाइन आकर्षक ऑफर्स के बहाने तैयार खाद्य पदार्थों की बिक्री करता था, ताकि आम लोग कम कीमत के झांसे में आ जाएं। दरअसल, 8 जनवरी 2024 को एफएसएसएआई की सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी, नॉर्दर्न रीजन की अधिकारी मनीषा नारायण की शिकायत के बाद 9 जनवरी 2024 को एफआईआर संख्या 11/2024 दर्ज की गई। मामला आईपीसी की धाराओं 202, 273, 417, 420, 468 और 471 के तहत दर्ज हुआ। जांच की जिम्मेदारी एसआई हितेश भारद्वाज को सौंपी गई।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने चार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की और संबंधित परिसरों को सील कर दिया। इनमें पहला और दूसरा परिसर लेखू नगर, त्रिनगर में स्थित है, जबकि तीसरा परिसर भीकाजी कामा प्लेस और चौथा परिसर मोती नगर में है। इन स्थानों से जब्त की गई सामग्री के सैंपल सरकारी लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजे गए।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कई सैंपल मिसब्रांडेड पाए गए, जबकि कुछ उत्पादों में निर्धारित मानक के अनुसार फैट कंटेंट नहीं था, यानी वे सब-स्टैंडर्ड श्रेणी के थे। हालांकि, कुछ नमूने मानक के पूरी तरह अनुरूप भी पाए गए। पूरी कार्रवाई एफएसएसएआई अधिकारियों की सहायता से ही की गई, जिसमें दस्तावेजीकरण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का कार्य भी शामिल था।
जांच में पता चला कि आरोपी पहले शेयर मार्केट में था और भारी नुकसान हुआ। इसके बाद उसने डिपार्टमेंटल स्टोर खोला, लेकिन मुनाफा नहीं हुआ। इसके बाद आरोपी ने नियर-एक्सपायरी प्रॉडक्ट्स खरीदकर नए लेबल चिपकाने और एक्सपायरी डेट बदलने का गैंग खड़ा किया। मुंबई के बिचौलियों से थ्रो-वे प्राइस पर माल खरीदा जाता था। इसके बाद, फर्जी बिल तैयार होते थे और लेबल्स में निर्माण तिथि, एक्सपायरी, एमआरपी और बैच नंबर बदल दिए जाते थे और फिर कम दाम पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया जाता था।

दिल्ली: एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार
दिल्ली: एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार


एक फर्जी इनवॉइस की पुष्टि करते हुए हेर्शे कंपनी ने बताया कि माल असली था, लेकिन लेबल में छेड़छाड़ कर एक्सपायरी बदल दी गई।
पुलिस की जांच में सामने आया कि एक्सपायरी प्रोडक्ट्स अधिकृत सप्लाई चेन से हटाकर वेस्ट मैनेजमेंट और दूसरी चैनलों के जरिए बेचे जा रहे थे। कई कंपनियों और व्यक्तियों को नोटिस भेजे गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अतुल जालान (55) के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आम ग्राहक की छूट पाने की मानसिकता का फायदा उठा रहा था। वह त्योहारी ऑफर्स के नाम पर एक्सपायरी माल को नई डेट पर री-लेबल कर बेच देता था। उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान जब्त सामग्री में एक बड़े चॉकलेट ब्रांड के उत्पाद शामिल थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए थी, जबकि अन्य ब्रांडेड कंपनियों के सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है।
यह ऑपरेशन एसीपी अशोक शर्मा के निर्देश पर इंस्पेक्टर अजय शर्मा की अगुवाई में गठित टीम ने संपन्न किया। टीम में एसआई हितेश भारद्वाज, एसआई मनीष पंवार, एसआई राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल मंदीप राणा, हेड कांस्टेबल नीरज पहल, हेड कांस्टेबल आकाश नैण, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, हेड कांस्टेबल विकास, हेड कांस्टेबल रविंद्र और महिला हेड कांस्टेबल मंजी शामिल थे।
क्राइम ब्रांच ने चेतावनी दी है कि एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण, लेबल बदलकर बेचना या री-पैकेजिंग करना गंभीर अपराध है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नामी ब्रांड्स के खाद्य उत्पादों के बहुत सस्ते ऑफर्स से सतर्क रहें। दिल्ली पुलिस खाद्य सुरक्षा और जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है तथा ऐसे रैकेट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी

बिहार: गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे मंदिर में चोरी, जांच में जुटी पुलिस

बिहार: गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे मंदिर में चोरी, जांच में जुटी पुलिस

बिहार: गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे मंदिर में चोरी, जांच में जुटी पुलिस
बिहार: गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे मंदिर में चोरी, जांच में जुटी पुलिस

गोपालगंज । बिहार सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था की दुरुस्त स्थिति के लाख दावे कर ले, लेकिन अपराधी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं। गोपालगंज स्थित प्रसिद्ध थावे मंदिर में बुधवार की देर रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर माता के कई आभूषण चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है। इस बीच, पुलिस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी घटनास्थल पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं। थावे मंदिर बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है, जो देवी मां थावे वाली को समर्पित है। यह मंदिर भक्तों के बीच अपनी चमत्कारी शक्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रसिद्ध है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात चोर मंदिर के पीछे से सीढ़ी के रास्ते पहुंचे और फिर रस्सी के द्वारा मंदिर परिसर में प्रवेश कर तीन तालों को काटकर गर्भगृह तक पहुंच गए और माता के सोने का मुकुट सहित कई सोने और चांदी के आभूषण लेकर चले गए। पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। एफएसएल की टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया है।

बिहार: गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे मंदिर में चोरी, जांच में जुटी पुलिस
बिहार: गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे मंदिर में चोरी, जांच में जुटी पुलिस


पुलिस मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। प्रारंभिक तौर पर सीसीटीवी फुटेज में मास्क पहने हुए दो चोर मंदिर में प्रवेश करते नजर आए हैं, जिसमें से एक के पास लोहा काटने वाला कटर है। फुटेज में ये लोग गर्भगृह से आभूषण को एक बैग में डालकर निकलते दिख रहे हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को गुरुवार को बताया कि एक हार (माला), सोने का मुकुट और छतरी की चोरी हुई है। अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच के लिए तकनीकी टीम को भी लगाया गया है। मंदिर की सुरक्षा में जो गार्ड रहते हैं, उनके कार्यकलापों की भी जांच की जाएगी।
बता दें कि बिहार के अलावा देश के अन्य क्षेत्रों से भी यहां लोग माँ थावे वाली के दर्शन करने आते हैं। नवरात्रि और अन्य पर्वों के दौरान यहां भव्य मेले और जागरण का आयोजन होता है। यहां का वातावरण भक्तिभाव से पूर्ण होता है, जहां भक्त घंटों तक दर्शन के लिए पंक्तियों में खड़े रहते हैं।

दिल्ली: साइबर पुलिस ने फर्जी एयर इंडिया नौकरी रैकेट का किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली: साइबर पुलिस ने फर्जी एयर इंडिया नौकरी रैकेट का किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली: साइबर पुलिस ने फर्जी एयर इंडिया नौकरी रैकेट का किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दिल्ली: साइबर पुलिस ने फर्जी एयर इंडिया नौकरी रैकेट का किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली के शाहदरा जिले की साइबर पुलिस ने एयरलाइन में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रोहित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है, जो एयर इंडिया-विस्तारा में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। यह मामला पुलिस थाना साइबर, शाहदरा में एफआईआर नंबर 104/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) में दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता रितु सिंह ने पुलिस को बताया कि विस्तारा एयरवेज में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे ठगी की गई। रितु सिंह को फर्जी ईमेल आईडी से मेल मिला था और बाद में मोबाइल नंबर 7596949756 से कॉल और मैसेज किए गए। आरोपियों ने नौकरी की प्रक्रिया, यूनिफॉर्म और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर उनसे पैसे ऐंठे।
प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई अजय भट्ट, हेड कांस्टेबल धनेश, अनुज, विकास और कांस्टेबल प्रभु दयाल शामिल थे। इस टीम ने इंस्पेक्टर विजय कुमार (एसएचओ, साइबर शाहदरा) के नेतृत्व में और एसीपी मोहिंदर सिंह की निगरानी में कार्रवाई की।

दिल्ली: साइबर पुलिस ने फर्जी एयर इंडिया नौकरी रैकेट का किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दिल्ली: साइबर पुलिस ने फर्जी एयर इंडिया नौकरी रैकेट का किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पुलिस टीम ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स का विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन गाजियाबाद के आदित्य वर्ल्ड सिटी में ट्रेस की गई, जहां से 35 वर्षीय रोहित मिश्रा को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी के पास से एक रेडमी-10 मोबाइल फोन बरामद किया गया। इस फोन में जो सक्रिय नंबर था, वह उस एक्सिस बैंक खाते से जुड़ा था, जिसमें ठगी की रकम जमा की जाती थी। आरोपी के मोबाइल में ‘एयर विस्तारा’ नाम से एक व्हाट्सऐप प्रोफाइल सेव थी, जिस पर विस्तारा का लोगो लगा हुआ था। इसके अलावा, कई क्यूआर कोड, फर्जी लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई), और अन्य जाली दस्तावेज भी बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि रोहित मिश्रा पहले भी ठगी के मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ 2018 और 2019 में दिल्ली क्राइम ब्रांच में धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े गंभीर मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस इस पूरे गिरोह की गहराई से जांच कर रही है। अन्य सहयोगियों की पहचान, पैसों की लेन-देन की कड़ी और ठगी की रकम की रिकवरी के लिए डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी से जुड़े ऐसे ईमेल और कॉल से सतर्क रहें और किसी भी तरह की फीस देने से पहले पूरी जांच जरूर करें।