नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार

नोएडा । नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में विदेशी नशीला पदार्थ बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 3 मई 2026 को बीट पुलिसिंग और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-94 पुश्ता रोड के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शिवम कुंवर (26 वर्ष), निवासी सेक्टर-1 कौशांबी, गाजियाबाद और नितिन चौहान (25 वर्ष), निवासी सदरपुर, सेक्टर-45 नोएडा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 500 ग्राम ओजी (उच्च गुणवत्ता वाला विदेशी गांजा), दो मोबाइल फोन, दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक होंडा सिटी कार तथा पैकिंग में उपयोग किए जाने वाले 20 पॉलिथीन और 16 लिफाफे बरामद किए हैं।

नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
नोएडा में नशीले पदार्थों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार


जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले नशीले पदार्थ को इलेक्ट्रॉनिक कांटे से छोटे-छोटे हिस्सों में तौलते थे और फिर उन्हें पारदर्शी पाउच व लिफाफों में पैक करते थे, ताकि आसानी से छिपाया जा सके। इसके बाद ये पैकेट्स मुख्य रूप से पीजी, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रहने वाले छात्रों और युवाओं को सप्लाई किए जाते थे।
इस नेटवर्क के जरिए आरोपी लगातार मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-126 में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग

पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग

पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग
पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग

मुंबई । पुणे जिले की भोर तहसील के नसरापुर में चार साल की मासूम बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या का मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। विपक्षी दलों ने गृह विभाग संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति की वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। साथ ही इस मामले में एसआईटी जांच की मांग की है। महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी थी, लेकिन फिर भी यह जानकारी कोर्ट के सामने नहीं रखी गई। उनका कहना है कि कोर्ट की फटकार के बाद ही पुलिस ने रिमांड आवेदन में बदलाव किया। उन्होंने सवाल किया कि अगर पुलिस इतनी लापरवाह है, तो पीड़िता को न्याय कैसे मिलेगा? क्या शोक संतप्त परिवार और जनता पर लाठीचार्ज करना ही उनकी एकमात्र उपलब्धि है?
वडेट्टीवार ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए, जिसकी अगुवाई एक महिला आईपीएस अधिकारी करे। उनका कहना है कि पुणे पुलिस का रवैया असंवेदनशील रहा है और इससे लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि फडणवीस चौबीसों घंटे राजनीति में ही डूबे रहते हैं, जिसके चलते गृह विभाग पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया है।
राउत ने तंज कसते हुए कहा, “अगर ‘लड़की बहन’ को 1,500 रुपए प्रतिमाह मिलते हैं, लेकिन बदले में उनकी बेटियों का शोषण होता है, तो क्या उन्हें चुप रहना चाहिए?”

पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग
पुणे रेप-हत्या केस: विपक्ष ने महाराष्ट्र गृह विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, एसआईटी जांच की मांग


मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी इस घटना को मानवता पर कलंक बताया। उनका कहना है कि राज्य में अब कानून का डर खत्म हो गया है और पुलिस की जवाबदेही भी कमजोर हो चुकी है।
इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे ने भी गहरा दुख और गुस्सा जताया। उन्होंने कहा कि यह और भी दर्दनाक है कि बच्ची सिर्फ अपनी नानी के घर छुट्टियां मनाने आई थी, लेकिन उसके साथ इतनी भयानक घटना हो गई। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बच्ची से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी।
घटना के बाद इलाके में भारी गुस्सा देखने को मिला और लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई, जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और पीड़ित परिवार पर लाठीचार्ज कर दिया, जो तत्काल न्याय की मांग कर रहे थे। इससे सरकार की असंवेदनशीलता के विपक्ष के दावों को और बल मिला।
इससे पहले, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की थी और इसे मानवता पर कलंक बताया था। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि केस को मजबूत तरीके से पेश किया जाए और दोषी को सख्त सजा दिलाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी और सरकार दोषी को फांसी की सजा दिलाने की कोशिश करेगी।
साथ ही, इलाके में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के भी आदेश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि के एक अहम प्रावधान, यानी आर्टिकल 17 को चुनौती देने को लेकर दाखिल की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल नोटिस जारी कर दिया है और चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। इस केस की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच कर रही थी। सुनवाई के दौरान मिशेल की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह तक कह दिया था कि अंतरराष्ट्रीय संधि संसद द्वारा बनाए गए कानून से ऊपर मानी जा सकती है। वकील का कहना था कि यह बात सही नहीं है। याचिकाकर्ता की मुख्य आपत्ति आर्टिकल 17 पर है। इस प्रावधान में कहा गया है कि जिस अपराध के लिए किसी व्यक्ति का प्रत्यर्पण किया गया है, उससे जुड़े अन्य अपराधों के लिए भी उसे मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। मिशेल की दलील है कि यह भारत के प्रत्यर्पण कानून की धारा 21 के खिलाफ है, जिसमें साफ कहा गया है कि किसी व्यक्ति पर केवल उन्हीं अपराधों के लिए मुकदमा चल सकता है, जिनके आधार पर उसका प्रत्यर्पण हुआ हो।
इसी वजह से मिशेल ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने न सिर्फ आर्टिकल 17 को सही ठहराया था बल्कि उनकी जेल से रिहाई की मांग भी खारिज कर दी थी।
मिशेल पर आरोप है कि उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के लिए भारत में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। आरोपों के मुताबिक 2005 में हेलीकॉप्टरों की उड़ान ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर दी गई थी ताकि कंपनी को फायदा हो सके। इसके बदले में रिश्वत दिए जाने की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस पूरे सौदे में भारी भ्रष्टाचार हुआ और सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।
सीबीआई के अनुसार, इस डील से देश को करीब 398.21 मिलियन यूरो यानी लगभग 2666 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह सौदा 8 फरवरी 2010 को हुआ था जिसकी कुल कीमत 556.262 मिलियन यूरो थी। वहीं, ईडी का आरोप है कि मिशेल को इस डील से करीब 30 मिलियन यूरो यानी लगभग 225 करोड़ रुपये मिले।
सीबीआई ने इस मामले में 12 मार्च 2013 को केस दर्ज किया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कई धाराएं शामिल हैं। ईडी ने जून 2016 में चार्जशीट दाखिल कर आरोप लगाया कि मिशेल ने यह रकम हासिल की और उसे अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया।

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चार्जर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस


मिशेल को 4 दिसंबर 2018 को दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। यह प्रत्यर्पण 2 सितंबर 2018 के आदेश के तहत हुआ था। भारत लाए जाने के बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में यह दलील दी कि उन्हें सिर्फ कुछ सीमित धाराओं में ही लाया गया है और अब उन पर उससे अलग अपराधों में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
उनका कहना था कि प्रत्यर्पण अधिनियम की धारा 21 के अनुसार किसी भी व्यक्ति को उन अपराधों से अलग मामलों में नहीं घसीटा जा सकता जिनके लिए उसे सौंपा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिकल 17, संविधान के अनुच्छेद 21, 245 और 253 के खिलाफ है क्योंकि यह संबंधित अपराध के नाम पर दायरा बढ़ा देता है।
हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी ये दलीलें खारिज कर दी थीं। कोर्ट ने कहा था कि भारत और यूएई दोनों संप्रभु देश हैं और उन्होंने आपसी सहमति से यह तय किया है कि प्रत्यर्पित व्यक्ति पर जुड़े हुए अपराधों में भी मुकदमा चल सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह व्यवस्था प्रत्यर्पण अधिनियम के खिलाफ नहीं है बल्कि उसी के अनुरूप है।
हाईकोर्ट ने यह भी माना कि मिशेल को जिन अपराधों के लिए लाया गया है, वे सभी एक ही तथ्यात्मक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं, इसलिए उन पर मुकदमा चलाना उचित है।
मिशेल ने एक और आवेदन में सीआरपीसी की धारा 436ए के तहत रिहाई की मांग की थी, यह कहते हुए कि वह अधिकतम सजा का समय पहले ही काट चुका है। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने यह याचिका भी खारिज कर दी थी।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मिशेल को पहले सीबीआई केस में सुप्रीम कोर्ट से 18 फरवरी 2025 को जमानत मिल चुकी है और बाद में ईडी केस में दिल्ली हाईकोर्ट से 4 मार्च 2025 को बेल मिली थी लेकिन शर्तें पूरी न होने की वजह से वह अभी भी हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस याचिका पर नोटिस जारी किया है और चार हफ्ते में जवाब मांगा है।

झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी

झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी

झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी
झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी

चाईबासा । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) अब वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ताजा घटना में सारंडा वन प्रमंडल के कोयना वन प्रक्षेत्र अंतर्गत कोलभोंगा क्षेत्र के पास एक दंतैल हाथी आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया है। जानकारी के अनुसार, हाथी का दाहिना अगला पैर जमीन में दबे आईईडी पर पड़ने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे उसके पैर में गहरा घाव हो गया है और वह चलने में पूरी तरह असमर्थ है। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम बचाव और उपचार की तैयारी में जुट गई है। हालांकि, पूरे इलाके में अन्य आईईडी दबे होने की आशंका के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है और सुरक्षा बल पहले इलाके की जांच कर रहे हैं, ताकि सुरक्षित तरीके से इलाज शुरू किया जा सके।

झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी
झारखंडः सारंडा जंगल में नक्सलियों की बारूद ले रही हाथियों की जान, आईईडी विस्फोट में एक और हाथी जख्मी


सारंडा के जंगलों में हाथियों के आईईडी विस्फोट की चपेट में आने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की दो बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें हाथियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को एक हथिनी की आईईडी विस्फोट में घायल होने के बाद मौत हो गई थी। उसका दायां पैर बुरी तरह जख्मी था और संक्रमण फैलने के कारण तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका था।
इसी तरह 5 जुलाई 2025 को सारंडा में ही छह साल के एक हाथी, जिसे ग्रामीण प्यार से ‘गडरू’ कहते थे, ने दम तोड़ दिया था। गडरू 24 जून 2025 को विस्फोट में घायल हुआ था और उसे बचाने के लिए गुजरात की संस्था ‘वनतारा’ की मेडिकल टीम ने भी अथक प्रयास किए थे, लेकिन अंततः उसे बचाया नहीं जा सका था।

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 टीम ने नकली ऑटोमोबाइल पार्ट्स के एक बड़े गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। टीम ने करोल बाग के ऑटो मार्केट में दो दुकानों पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली मोटरसाइकिल पिस्टन और क्लच प्लेट्स बरामद किए और दो भाइयों को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में एसआई अंशु कादियान, एसआई सुमित कुमार, एसआई अमित कुंडू समेत अन्य अधिकारियों की टीम ने 3 मई 2026 को दो दुकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एसीपी राजकुमार के पर्यवेक्षण में की गई। छापे के दौरान श्रीराम और उषा पिस्टन असेंबली ब्रांड के नकली पार्ट्स जब्त किए गए, जो प्रतिष्ठित ब्रांडों की नकल में बनाए जा रहे थे। दुकान नंबर 3, नई वाला, करोल बाग से हर्षित गुप्ता (पुत्र संजय गुप्ता, निवासी संगम विहार) गिरफ्तार हुआ। यहां से 473 नकली पिस्टन असेंबली, 24 खाली डिब्बे और 12 कैप बरामद हुए। दुकान नंबर 1509, त्रि मूर्ति ऑटो पार्ट्स से अभिषेक कुमार गुप्ता (पुत्र स्वर्गीय संजय गुप्ता) को गिरफ्तार किया गया। यहां से 386 नकली पिस्टन असेंबली और 169 नकली क्लच प्लेट के डिब्बे जब्त किए गए।

क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने नकली ऑटो पार्ट्स के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो भाई गिरफ्तार


पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सगे भाई हैं और पिछले तीन वर्षों से नकली पिस्टन व क्लच प्लेट्स बेच रहे थे। वे रोजाना 1000-1200 पिस्टन बेचते थे और इन पर असली ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर बेचते थे। आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न विक्रेताओं से माल खरीदते थे और हर महीने 2-3 लाख रुपए की कमाई कर रहे थे। एम/एस श्रीराम/उषा पिस्टन असेंबलीके अधिकृत प्रतिनिधि रतन पाल सिंह कुमार ने मौके पर पुष्टि की कि बरामद सभी सामान नकली हैं। आरोपियों के पास कोई वैध बिल या लाइसेंस नहीं मिला।
कुल बरामदगी की बात करें तो 859 नकली श्रीराम उषा पिस्टन, 169 नकली क्लच प्लेट बॉक्स, और 24 खाली बॉक्स बरामद हुए हैं। क्राइम ब्रांच ने 4 मई 2026 को कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65 तथा बीएनएस की धारा 318(4), 336(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अन्य सप्लायर्स और साथियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
यह बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नकली पार्ट्स वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही असली कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है और उपभोक्ताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच नकली सामान और आर्थिक अपराधों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज किए हुए है।

नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद

नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद

नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद
नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद

नई दिल्ली । कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन की टीम ने मोबाइल फोन स्नैचिंग के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से छीना गया मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि पूर्वी जिले में चोरी और झपटमारी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन के कर्मियों को गश्ती के लिए निर्देशित किया गया था, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया। टीम ने सक्रिय रूप से स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाई, मुखबिरों को सक्रिय किया और संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक निगरानी की। पुलिस की ओर से बताया गया कि 27 अप्रैल को रात साढ़े आठ बजे ओम प्रकाश सिंह यादव नाम के एक शख्स ने झपटमारी की एक घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय नितिन को गिरफ्तार किया। उसके पास से मोबाइल बरामद किया गया।

नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद
नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद


वहीं, एक और मामले में पुलिस ने जानकारी दी कि मधु विहार पुलिस स्टेशन के ईआरवी स्टाफ ने चोरी की एक मोटरसाइकिल और गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत उसके पास से 71.58 ग्राम गांजा बरामद किया गया। 27-28 अप्रैल की दरमियानी रात ईआरवी स्टाफ ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को मोटरसाइकिल पर बैठे देखा। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और थोड़ी दूर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि अपराध करते समय पकड़े जाने से बचने के लिए उसने मोटरसाइकिल अपनी निजी आवाजाही के लिए और आगे के चोरी की थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह अपने निजी इस्तेमाल के साथ-साथ स्थानीय संपर्कों को छोटी मात्रा में बेचने के लिए भी गांजा खरीदता और अपने पास रखता था।

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया
तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

हैदराबाद । तेलंगाना सरकार ने गुरुवार को निवर्तमान पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी को राज्य सुरक्षा सलाहकार (एसएसए) नियुक्त किया। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि वह पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए पुलिस, कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, नशीले पदार्थों के नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सलाह देंगे। उन्हें सरकार के मुख्य सचिव का दर्जा और रैंक प्राप्त होगा। सरकारी आदेश (जीओ) के अनुसार, उन्हें प्रति माह 2.25 लाख रुपये का निश्चित वेतन दिया जाएगा।
बता दें कि शिवधर रेड्डी गुरुवार (30 अप्रैल) को सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सरकार ने पहले ही सी.वी. आनंद को अगला डीजीपी नियुक्त कर दिया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, शिवधर रेड्डी कार्यालय आवास के हकदार हैं। वह किराए के या अपने घर के बदले में किराया-मुक्त आवास या 50,000 रुपये के एचआरए (मकान किराया भत्ता) के भी हकदार हैं।
एसएसए (विशेष सुरक्षा सलाहकार) को एक सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया
तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

गृह विभाग उन्हें एक ओएसडी, एक निजी सचिव, एक निजी सहायक, दो ड्राइवर और चार कार्यालय सहायक उपलब्ध कराएगा।
इस बीच, राज्य सरकार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव को पिछड़े वर्गों (बीसी) के कल्याण और विकास के लिए सरकार का सलाहकार भी नियुक्त किया है। उन्हें राज्य में राज्य मंत्री का दर्जा और रैंक प्राप्त होगा।
मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने इस संबंध में एक सरकारी आदेश जारी किया है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि उन्हें ‘वारंट ऑफ प्रेसिडेंस’ (वरीयता क्रम) के अनुच्छेद 18 में स्थान दिया जाएगा। यह व्यवस्था केवल इस विशिष्ट व्यक्ति के लिए उनके कार्यकाल की अवधि तक लागू होगी, और इसके लिए ‘राज्य वरीयता क्रम तालिका’ में किसी औपचारिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी।
पूर्व सांसद और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हनुमंत राव, तेलंगाना से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हाल ही में हुए चुनावों में इस सीट के लिए एक प्रबल दावेदार थे। हालाँकि, पार्टी ने अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी को चुना। दोनों सर्वसम्मति से संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए चुने गए।
सिंघवी दूसरी बार चुने गए, जबकि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के करीबी मित्र नरेंद्र रेड्डी ने सांसद के रूप में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया।

जोधपुर में माफिया राज के आगे 'सिस्टम' नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है

जोधपुर में माफिया राज के आगे ‘सिस्टम’ नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है

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जोधपुर। जोधपुर कमिश्नरेट का केरू क्षेत्र आज एक ऐसे सवाल से जूझ रहा है, जिसका जवाब देने की हिम्मत शायद ही किसी अधिकारी या सफेदपोश नेता में हो। राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली केरू चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक किशोर सिंह का तबादला केवल एक रूटीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि ईमानदारी के सीने पर माफिया का सीधा प्रहार नजर आता है। 

जब एक जांबाज अधिकारी बजरी और रेत माफिया की कमर तोड़ने लगता है, तो उसे ‘इनाम’ के तौर पर तबादला थमा दिया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि किशोर सिंह के सख्त पहरे ने अवैध खनन करने वालों की नींद उड़ा दी थी। लेकिन सवाल यह है कि: क्या बजरी माफिया इतना रसूखदार हो गया है कि वह पुलिस मुख्यालय की फाइलों तक अपनी पहुंच रखता है?
क्या खाकी पर अब माफिया का कब्जा है, जो अपनी मर्जी से अधिकारियों की तैनाती और विदाई तय कर रहा है?
केरू की गलियों और चौपालों पर आज मायूसी और गुस्सा है। ग्रामीणों का दर्द सीधा है—”अगर कोई अधिकारी हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने और अवैध खनन रोकने के लिए लड़ता है, तो उसे व्यवस्था से बाहर क्यों कर दिया जाता है?”
व्यवस्था पर चोट: यह तबादला एक ईमानदार अधिकारी का नहीं, बल्कि आमजन के उस भरोसे का है जो उन्होंने पुलिस प्रशासन पर किया था।

जोधपुर में माफिया राज के आगे 'सिस्टम' नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है
जोधपुर में माफिया राज के आगे ‘सिस्टम’ नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है


निशाने पर न्याय: बुजुर्गों और युवाओं का एक ही सवाल है कि क्या सच में सिस्टम में ‘ईमानदारी’ सबसे बड़ी कमजोरी बन चुकी है?
यह घटनाक्रम जोधपुर कमिश्नरेट की कार्यशैली पर एक गहरा काला धब्बा है। आज केरू की हवाओं में एक ही सवाल गूंज रहा है:
क्या सरकार और पुलिस के आला अधिकारी माफिया के इस ‘सिंडिकेट’ को तोड़ने की हिम्मत दिखाएंगे?
क्या किशोर सिंह के तबादले की निष्पक्ष जांच होगी, ताकि जनता जान सके कि इस फाइल के पीछे किसका ‘हाथ’ था?
आखिर कब तक ईमानदारी की कीमत ऐसे तबादलों से चुकानी पड़ेगी?
“ईमानदारी की कीमत कब तक चुकानी पड़ेगी?” – केरू के ग्रामीणों की यह आवाज अब केवल एक गांव की नहीं, बल्कि समूचे राजस्थान की व्यवस्था से की गई एक भावुक मगर बेहद सख्त अपील है। अगर समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई, तो माफिया का मनोबल इस कदर बढ़ जाएगा कि भविष्य में कोई भी अधिकारी माफिया के खिलाफ हाथ डालने की जहमत नहीं उठाएगा।

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार
जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर । जालंधर पुलिस ने गुरुवार को एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर सैन्य गतिविधियों को कैमरे में कैद करके उसे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज रहा था। पुलिस ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी है। पुलिस ने इस गिरोह में संलिप्त सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि आखिर इसके पीछे उसका मकसद क्या था? पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से 4 जी कनेक्टिविटी वाले सोलर सीसीटीवी उपकरण भी बरामद किए हैं। आरोपी इसी कैमरे को सैन्य प्रतिष्ठानों में लगाता था। इसके बाद वह मोबाइल एप्स का सहारा लेकर उससे सैन्य गतिविधियों से जुड़े वीडियो को पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजा करता था।

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार
जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार


पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की विधिवत जांच के लिए अमृतसर के पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब पुलिस इस मामले की गहनता से जुड़े करेगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच करेगी और जो कोई भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है, ताकि उनसे इस मामले के संदर्भ में पूछताछ की जाए और इस बारे में अन्य जानकारी भी जुटाई जा सके।
पुलिस ने अपने बयान में कहा कि हमारी टीम इस तरह के मामलों की जांच पूरी प्रतिबद्धता से करेगी और अगर कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने कहा कि राज्य में शांति को स्थापित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी हो जाती है। इस तरह की कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं होनी चाहिए।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद

नई दिल्ली। नई दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने एक शातिर स्नैचर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने रंजीत नगर थाने में दर्ज एक स्नैचिंग मामले को सुलझा लिया है। आरोपी की पहचान रघुबीर नगर के रहने वाले राहुल उर्फ ​​गांजा उर्फ ​​नागेंद्र (34) के रूप में हुई है। गुप्त सूचनाओं और लगातार निगरानी के बाद एक सुनियोजित अभियान के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
27 अप्रैल को जानकारी मिली कि छीनने और चोरी के कई मामलों में शामिल अपराधी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास के इलाके में आ सकता है।
इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। आरोपी का पता लगाने के लिए टीम ने मुखबिर से मिली जानकारी के साथ-साथ तकनीकी निगरानी का भी इस्तेमाल किया।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद


नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधा के पास एक जाल बिछाया गया। मुखबिर के पुष्टि करने पर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी के पास से एक चोरी का आईफोन बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में होने वाली घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस रिकॉर्ड से पता चला कि उसका आपराधिक गतिविधियों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें उत्तम नगर और आदर्श नगर पुलिस स्टेशनों में गंभीर आरोपों के तहत दर्ज पिछले मामले भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अन्य लंबित मामलों में उसकी संलिप्तता का पता लगाने और उसके संभावित साथियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।