
जयपुर।
राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) की अदालत में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है, जहाँ एक बिल्डर के खिलाफ चल रहा महत्वपूर्ण केस सिर्फ इसलिए खारिज हो गया क्योंकि शिकायतकर्ता का वकील अपनी डायरी ही घर भूल गया था। हालांकि, अब RERA ने शिकायतकर्ता को दूसरा मौका देते हुए उनके केस को फिर से बहाल कर दिया है, लेकिन इस घटना ने कोर्ट की कार्यवाही और वकीलों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता जगराम सिंह मीणा ने मोजिका रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी । शिकायत संख्या RAJ-RERA-C-N-2023-6731 के तहत यह मामला चल रहा था। मामले की सुनवाई 24 अप्रैल, 2025 को हुई और उसी दिन इसे खारिज कर दिया गया। शिकायतकर्ता के वकील, रामस्वरूप मीणा, ने कोर्ट में एक बहाली याचिका (restoration application) दायर कर बताया कि 24 अप्रैल, 2025 को उनके घर पर एक रिश्तेदार बीमार था।

इसी कारण उन्हें अपने पैतृक स्थान जाना पड़ा। जयपुर छोड़ते समय वे गलती से अपनी डायरी साथ ले जाना भूल गए। इस डायरी के अभाव में वे कोर्ट की कॉज लिस्ट (cause list) नहीं देख पाए और उनकी अनुपस्थिति में यह मामला खारिज हो गया।
RERA के सदस्य सुधीर कुमार शर्मा ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को एक और मौका दिया जाना उचित है। इसके बाद, बहाली याचिका को स्वीकार करते हुए केस को उसके मूल नंबर पर बहाल कर दिया गया। कोर्ट ने अब अगली सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर, 2025 की तारीख तय की है। साथ ही, शिकायतकर्ता के वकील को निर्देश दिया गया है कि वे अगली सुनवाई से पहले शिकायत की एक प्रति प्रतिवादी को उपलब्ध कराएं। इस मामले में भले ही शिकायतकर्ता को दूसरा मौका मिल गया हो, लेकिन यह घटना दिखाती है कि एक छोटी सी गलती कैसे किसी की कानूनी लड़ाई को खतरे में डाल सकती है।

