
खास खबर। अलवर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) के मुद्दे को लेकर बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में हुई एक बैठक में माहौल बेहद गरमाया रहा। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी जमीन, आजीविका और भविष्य को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन व सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से बातचीत करते हुए टीकाराम जूली ने कहाकि CTH के नाम पर सरकार और प्रशासन जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है, लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जूली ने सवाल उठाया कि क्या अधिकारी इस मामले में मिले हुए हैं या फिर किसी दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अलवर जिले से दो मंत्री होने के बावजूद इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

जूली ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और जरूरत पड़ी तो इस लड़ाई को अदालत तक लेकर जाया जाएगा। ग्रामीणों की चिंता का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CTH लागू होने से किसानों की जमीन छिनने का खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों द्वारा माइनिंग (खनन) कार्य की बात कही जा रही है, जिससे न केवल किसानों की जमीन प्रभावित होगी, बल्कि उनके जीवन-यापन के साधन भी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन हड़पने की साजिश रची जा रही है।
जूली ने सरिस्का क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर की पहचान है और यहां का संतुलित विकास जरूरी है। यदि सरिस्का खत्म होता है तो हजारों लोगों का रोजगार भी समाप्त हो जाएगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरिस्का और अलवर के समग्र विकास के पक्ष में है, लेकिन विकास के नाम पर किसानों और ग्रामीणों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि CTH का मुद्दा अब तूल पकड़ चुका है और आने वाले दिनों में यह बड़ा राजनीतिक व सामाजिक आंदोलन बन सकता है।

