मुख्यमंत्री योगी के मथुरा आगमन पर किसानों ने ज्ञापन देने हेतु जोरदार विरोध प्रदर्शन किया

On the arrival of Chief Minister Yogi in Mathura, farmers staged a strong protest to submit a memorandum.

मुख्यमंत्री योगी के मथुरा आगमन पर किसानों ने ज्ञापन देने हेतु जोरदार विरोध प्रदर्शन किया
On the arrival of Chief Minister Yogi in Mathura, farmers staged a strong protest to submit a memorandum.

En este incidente, trabajadores y funcionarios del Sindicato Bharatiya Kisan Sunil habían decidido presentar un memorando al Ministro Principal, Yogi Adityanath, en el lugar de la reunión a su llegada a Mathura. Sin embargo, los acontecimientos posteriores ilustran el proceso de protesta, común pero intenso. A continuación, se presenta una descripción detallada:

Antecedentes del incidente

Trabajadores y funcionarios del Sindicato Bharatiya Kisan Sunil planeaban presentar un memorando con sus demandas al Ministro Principal, Yogi Adityanath, a su llegada a Mathura. El memorando pretendía destacar los problemas y las demandas de los agricultores. Incluso antes de llegar al lugar de la reunión, los agricultores comenzaron a protestar.

Inicio de la protesta

Sin embargo, mientras se dirigían al lugar de la reunión, los líderes agricultores fueron detenidos por la policía. Llegaron a la aldea de Kota Mauja, donde la policía, tras realizar preparativos, los rodeó. Esta acción policial fue un intento de impedir el inicio de la protesta.

Los líderes campesinos, desafiando la prohibición policial, decidieron proceder con una efigie del Primer Ministro. El plan era quemarla, una protesta simbólica. Pero la policía la detuvo antes de que pudiera ser quemada. Se desató un altercado entre los campesinos y la policía.

मुख्यमंत्री योगी के मथुरा आगमन पर किसानों ने ज्ञापन देने हेतु जोरदार विरोध प्रदर्शन किया
मुख्यमंत्री योगी के मथुरा आगमन पर किसानों ने ज्ञापन देने हेतु जोरदार विरोध प्रदर्शन किया

Piquetes y Protestas

Cuando la policía no permitió quemar la efigie, los campesinos decidieron realizar una sentada en la carretera. Una sentada es una forma de protesta pacífica, pero firme e indefinida. Los campesinos bloquearon la carretera y se sentaron allí, alzando la voz para expresar sus demandas.

Los piquetes y las protestas significaron que no procederían hasta que se cumplieran sus demandas o se les permitiera presentar un memorando. Esta situación representó un desafío para la administración local y la policía.

Permiso para presentar un memorando: para que el gobierno pudiera escuchar sus preocupaciones.

Conversaciones con el Primer Ministro: Los campesinos creían que el gobierno no los escuchaba y necesitaban presentar sus problemas a las autoridades en una tribuna. Manteniendo la santidad de la protesta: Los agricultores adoptaron gestos simbólicos, como la quema de la efigie, pero el objetivo principal era protestar y presentar un memorándum, no la violencia.

Respuesta de la Administración y la Policía

Los agricultores fueron detenidos antes de que pudieran llegar al punto de encuentro.

Prevenir la quema de la efigie: un intento de limitar la protesta simbólica.

Hubo enfrentamientos e intentos de diálogo con los agricultores que protestaban.

Garantizar que la protesta se limitara a la carretera y que el orden público no se viera afectado fue la prioridad de la policía.

Consecuencias y Precauciones

La protesta fue pacífica, pero se desarrolló con firmeza.

El bloqueo de la carretera y la sentada interrumpieron el tráfico, afectando la vida pública.

Se incrementó la presión sobre la administración para que escuchara las demandas de los agricultores y aceptara el memorándum.

El incidente tuvo amplia cobertura mediática, atrayendo la atención tanto a las voces de los agricultores como a la acción del gobierno.

Conclusión

Este incidente simboliza cómo las organizaciones campesinas utilizan protestas simbólicas y métodos de disidencia para intentar dialogar con el gobierno. Estas protestas reflejan la lucha por mantener un equilibrio entre las directrices, las limitaciones legales y la preparación policial y administrativa.

Si lo desea, puedo preparar un informe aparte sobre las demandas de los agricultores, la respuesta del gobierno y las posibilidades futuras basadas en este incidente. ¿Qué le gustaría hacer?

सभी की निगाहें भारतीय मुसलमानों पर बिहार का असली जंगलराज, 5 रूपये के लिये सब्ज़ी विक्रेता की हत्या

All eyes on Indian Muslims: Bihar’s real jungle raj, vegetable vendor murdered for Rs 5

सभी की निगाहें भारतीय मुसलमानों पर बिहार का असली जंगलराज, 5 रूपये के लिये सब्ज़ी विक्रेता की हत्या
सभी की निगाहें भारतीय मुसलमानों पर बिहार का असली जंगलराज, 5 रूपये के लिये सब्ज़ी विक्रेता की हत्या
घटना बिहार के जहानाबाद जिले की है ,
  • जहां वहीं के निवासी मोहम्मद मोहसिन 55 वर्षीय सब्जी विक्रेता की ₹5 के लिए पीट पीट कर हत्या कर दी… जांच में आरोपी की पहचान विक्की पटेल के नाम से हुई है, जो सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा हुआ है, और रवि रंजन नाम के ठेकेदार के लिए बाज़ार में अवैध वसूली करता है… आरोपी सब्जी विक्रेता मोहम्मद मोहसिन से ₹15 मांग रहा था, जबकि मोहसिन सिर्फ ₹10 देने में ही सक्षम थे, इस बात पर उस गुंडे विक्की पटेल ने उनसे पीट-पीट कर मोहसिन की हत्या कर दी… घटना के विरोध में क्षेत्र निवासियों ने नेशनल हाईवे 33 को जामकर पटेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं… प्रदर्शनकरियों का आरोप है,
  • की आरोपी सत्ता दल से जुड़ा है, इसलिए पुलिस उसे बचाने में लगी है… भाजपा की सहयोगी सरकार से बिहार नहीं संभल रहा है।।बिहार के जहानाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिर्फ 5 रुपये के विवाद में एक सब्जी विक्रेता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. यह घटना काको थाना क्षेत्र के काको बाजार की है. मृतक की पहचान मो. मोसिन (पखनपुरा गांव निवासी) के रूप में हुई है.
सभी की निगाहें भारतीय मुसलमानों पर बिहार का असली जंगलराज, 5 रूपये के लिये सब्ज़ी विक्रेता की हत्या
सभी की निगाहें भारतीय मुसलमानों पर बिहार का असली जंगलराज, 5 रूपये के लिये सब्ज़ी विक्रेता की हत्या
बताया जा रहा है कि
  • काको बाजार में सब्जी विक्रेता मोसिन और नगर पंचायत से चुंगी (टोल) वसूलने वाले ठेकेदार विक्की पटेल के बीच 5 रुपये को लेकर विवाद शुरू हुआ. ठेकेदार 20 रुपये मांग रहा था, जबकि मोसिन 15 रुपये देने के बाद बाकी के 5 रुपये बाद में देने की बात कह रहा था. इसी बात पर विक्की पटेल ने सब्जी तोलने वाले बटखारे से मोसिन के सीने पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
  • घटना से गुस्साए लोगों ने मृतक के शव के साथ एनएच-33 को घंटों तक जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए घोसी और जहानाबाद के एसडीपीओ और एसडीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा. पुलिस ने बताया है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. इस घटना से इलाके में तनाव बना हुआ है.
रूस के कामचटका में 7.8 तीव्रता का भूकंप सुनामी का अलर्ट जारी बीते 3 महीनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 4 भूकंप आए

रूस के कामचटका में 7.8 तीव्रता का भूकंप सुनामी का अलर्ट जारी बीते 3 महीनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 4 भूकंप आए

रूस के कामचटका में 7.8 तीव्रता का भूकंप सुनामी का अलर्ट जारी बीते 3 महीनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 4 भूकंप आए
रूस के कामचटका में 7.8 तीव्रता का भूकंप सुनामी का अलर्ट जारी बीते 3 महीनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 4 भूकंप आए

रूस के कामचटका के पूर्वी तट पर शुक्रवार सुबह 7.8 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। इसके बाद 5 आफ्टरशॉक महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 5.8 मापी गई। इसके बाद सुनानी की चेतावनी जारी की गई। तट पर 30 से 62 सेंटीमीटर ऊंची लहरें देखी गईं।

कामचटका के गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने बताया कि सभी आपातकालीन सेवाएं हाई अलर्ट पर हैं, लेकिन अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। इस क्षेत्र में आज आए भूकंप समेत 4 बड़े भूकंप 7.0 या उससे अधिक तीव्रता के दर्ज किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए भूकंप के वीडियो में घरों में फर्नीचर और लाइटें हिलती हुई दिखाई दीं। झटके इतने तेज थे कि सड़कों पर खड़ी गाड़ियां भी हिलती नजर आईं।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप रूसी शहर पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से​​ 128 किलोमीटर दूर, जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। रूस की स्टेट जियोफिजिकल सर्विस ने बताया कि बाद में तीव्रता घटकर 7.4 हो गई।

कुरिल द्वीप में भी सुनामी की चेतावनी जारी
  • गवर्नर ने टेलीग्राम पर कहा- आज (19 सितंबर) की सुबह एक बार फिर कामचटका के लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। फिलहाल किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है। मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। कामचटका के पूर्वी तट के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। जनता को सतर्क किया जा रहा है।
  • भूकंप के बाद सामाजिक संस्थानों और रिहायशी इमारतों में नुकसान की जांच शुरू कर दी गई है। कुरिल द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई।
  • अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस और पैसिफिक सुनामी चेतावनी केंद्र ने अलास्का के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की सलाह जारी की थी, जिसे बाद में हटा लिया गया। कामचटका एक अत्यधिक भूकंपीय क्षेत्र है। पिछले एक हफ्ते में यहां 7 से अधिक तीव्रता के कम से कम दो भूकंप आ चुके हैं।
इस साल 1200 से ज्यादा भूकंप दर्ज हुए
  • रूस का कामचटका इलाका, जो प्रशांत महासागर में ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, इस साल भूकंपीय गतिविधियों का केंद्र रहा। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, इस साल यहां कुल 1,200 से अधिक भूकंप दर्ज किए गए हैं।
  • इनमें से अधिकांश छोटे (मैग्नीट्यूड 2.0 से 4.0 के बीच) थे, लेकिन 4.0 या इससे ऊपर के 150 से ज्यादा भूकंप आए। इस क्षेत्र में 4 बड़े भूकंप 7.0 या उससे ज्यादा तीव्रता के दर्ज किए गए हैं।
  • साल 2025 का सबसे विनाशकारी भूकंप 30 जुलाई को रूस के कामचटका में आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.8 मापी गई। यह पिछले 10 वर्षों का सबसे बड़ा झटका था। इसने कई देशों को प्रभावित किया।
  • यह भूकंप समुद्री क्षेत्र में आए, जिसके कारण ज्यादा तबाही नहीं हुई। 3 अगस्त को 7 तीव्रता का भूकंप कामचटका के कुरिल द्वीप के पास आया था।
  • वहीं, 13 सितंबर को कामचटका में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के बाद यहां सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।
6 महीनों में दुनियाभर में 1 लाख से ज्यादा भूकंप आए
  • संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, पिछले 6 महीनों ( मार्च से 13 सितंबर 2025) में दुनियाभर में करीब 1 लाख 10 हजार भूकंप दर्ज किए गए।
रूस के कामचटका में 7.8 तीव्रता का भूकंप सुनामी का अलर्ट जारी बीते 3 महीनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 4 भूकंप आए
रूस के कामचटका में 7.8 तीव्रता का भूकंप सुनामी का अलर्ट जारी बीते 3 महीनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 4 भूकंप आए
अफगानिस्तान में भूकंप से 3 हजार मौतें हुईं
  • अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में 31 अगस्त 2025 को आए 6.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक भूकंप 2 लाख की आबादी वाले जलालाबाद शहर से करीब 17 मील दूर आया। यह राजधानी काबुल से 150 किमी दूर है।
  • भूकंप से हजारों घर ढह गए और सैकड़ों गांव तबाह हो गए। UN के अनुसार, मृतकों की संख्या 3,000 से अधिक हो चुकी है, जबकि 4,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। भूकंप के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, इस वजह से वे इमारतों के मलबे में दब गए। शहर में रातभर झटके महसूस किए गए थे।
म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप, ​2 हजार जाने गईं
  • म्यांमार में 28 मार्च 2025 को सागाइंग क्षेत्र में 7.7 से 7.9 का तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप यहां 200 साल का सबसे बड़ा भूकंप था। इसके झटके भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश और चीन समेत 5 पांच देशों में महसूस किए गए।
  • इस भूकंप में 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। CNN ने एक जियोलॉजिस्ट के हवाले से बताया है कि इस भूकंप का असर 334 एटॉमिक बम में ब्लास्ट के बराबर था। म्यांमार में 2 दिन में 3 भूकंप आए थे।
अंटार्कटिका के पास समुद्र में 7.5 तीव्रता का भूकंप
  • अंटार्कटिका के पास 30 अगस्त 2025 को दक्षिण अटलांटिक महासागर में साउथ शेटलैंड द्वीपों के पास 7.5 तीव्रता का भूकंप आया। यहां मानव बस्तियां कम हैं, इसलिए कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। USGS के मुताबिक ​​​​​​इस ​भूकंप का केंद्र अर्जेंटीना के दक्षिण में ड्रेक पैसेज के पास 11 किमी की गहराई में था।
  • ड्रेक पैसेज साउथ अमेरिका के दक्षिणी सिरे (केप हॉर्न) और अंटार्कटिका के बीच का समुद्री रास्ता है। यह अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ता है। इसे बहुत तूफानी और खतरनाक माना जाता है। इसका नाम सर फ्रांसिस ड्रेक के नाम पर रखा गया है।

दिशा पाटनी के घर दो दिन हुई थी फायरिंग अब शूटर नकुल और विजय की तलाश में जुटी पुलिस, दोनों की तस्वीर हुई जारी

दिशा पाटनी के घर दो दिन हुई थी फायरिंग अब शूटर नकुल और विजय की तलाश में जुटी पुलिस, दोनों की तस्वीर हुई जारी

दिशा पाटनी के घर दो दिन हुई थी फायरिंग अब शूटर नकुल और विजय की तलाश में जुटी पुलिस, दोनों की तस्वीर हुई जारी
दिशा पाटनी के घर दो दिन हुई थी फायरिंग अब शूटर नकुल और विजय की तलाश में जुटी पुलिस, दोनों की तस्वीर हुई जारी

दिशा पाटनी के बरेली वाले घर में फायरिंग की घटना में शामिल रहे कुल 4 बदमाशों में से दो का एनकाउंटर बुधवार को गाजियाबाद में हुआ। इस मामले में बाकी बचे दो बदमाश अभी भी फरार हैं और दोनों की तलाश जोर-शोर से जारी है। खबर है कि बरेली पुलिस ने इन फरार बदमाशों के ऊपर 1-1 लाख रुपये का इनाम भी रख दिया है।

दिशा पाटनी के घर हाल ही में 12 सितंबर तो तड़के सुबह हुई फायरिंग की घटना में शामिल अरुण और रविंद्र नामक बदमाशों को ढेर कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में दोनों शूटरों को मार गिराया है। दिशा के घर में हमला करने वाले दो और आरोपी शूटर नकुल और विजय तोमर अभी भी फरार हैं।

दिशा के घर पहली बार फायरिंग 11 सितंबर को हुई थी
  • ‘यूपी आजतक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 सितंबर की शाम 6 बजे चारों बदमाश बरेली पहुंचे थे। ये दो अलग-अलग होटलों में रुके (होटल प्रीत और होटल हिंद)। बताया जाता है कि पहली बार फायरिंग 11 सितंबर को हुई थी, लेकिन इसके बारे में पता नहीं चल सका। 11 सितंबर को फायरिंग के बाद शूटर रामपुर में रुके थे। इसके बाद 12 सितंबर को ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद बरेली से रामपुर होते चारों शूटर फरार हो गए थे। यानी कहा जा रहा है कि दिशा पाटनी के घर पर दो बार 11 और 12 सितंबर के दिन फायरिंग हुई थी।
अगले दिन अरुण और रविंद्र ने फायरिंग की
  • बताया जा रहा है कि पहले दिन यानी 11 सितंबर की एक्ट्रेस के घर पर फायरिंग में बागपत के रहने वाले नकुल और विजय तोमर शामिल थे। जिन दो रविंद्र और अरुण का एनकाउंटर किया गया है वे तब बैकअप में थे। पहले दिन जब नकुल और विजय ने फायरिंग की तो जल्दबाजी में एक फायर कर आगे भाग निकले थे और लोगों को पता नहीं लग पाया। जब इस घटना ने तूल नहीं पकड़ा तो अगले दिन अरुण और रविंद्र ने फायरिंग की।
दिशा पाटनी के घर दो दिन हुई थी फायरिंग अब शूटर नकुल और विजय की तलाश में जुटी पुलिस, दोनों की तस्वीर हुई जारी
दिशा पाटनी के घर दो दिन हुई थी फायरिंग अब शूटर नकुल और विजय की तलाश में जुटी पुलिस, दोनों की तस्वीर हुई जारी
वे चारों शूटर दो बाइक से रामपुर पहुंचे
  • रिपोर्ट में बताया गया है कि इस घटना के बाद वे चारों शूटर दो बाइक से रामपुर पहुंचे। कहा जा रहा है कि नकुल और विजय तोमर सुपर स्प्लेंडर बाइक पर थे और वहीं जबकि एनकाउंटर में मारे गए रविंद्र और अरुण अपाचे बाइक पर थे।
दिल्ली पुलिस ने नकुल और विजय की तस्वीरें जारी की
  • बता दें कि दिल्ली पुलिस ने नकुल और विजय की तस्वीरें जारी की हैं। खबर है कि गोलीबारी की ये सनसनीखेज घटना गैंगस्टर गोल्डी बरार और उसके विदेशी सहयोगी रोहित गोदारा की रची साजिश का हिस्सा थी।
पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे
  • दिशा पटानी के घर गोलीबारी मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए, दिल्ली पुलिस ने नकुल और विजय नाम के दो फरार शूटरों की तस्वीरें जारी की हैं, दोनों ने हमले से पहले इलाके की टोह ली थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों 9 सितंबर (मंगलवार) को बरेली के एक पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे और उनकी तलाश जारी है। जाँच से पता चलता है कि 6 से 12 सितंबर के बीच, शूटर तीन-चार बार बरेली आए थे, आखिरी बार 11 सितंबर को टोह ली गई और उसके बाद 12 सितंबर को गोलीबारी हुई।
उमर अंसारी की रातोंरात क्यों बदली गई जेल? गुपचुप तरीके से कासगंज ट्रांसफर हुआ मुख्तार का छोटा बेटा

उमर अंसारी की रातोंरात क्यों बदली गई जेल? गुपचुप तरीके से कासगंज ट्रांसफर हुआ मुख्तार का छोटा बेटा

उमर अंसारी की रातोंरात क्यों बदली गई जेल? गुपचुप तरीके से कासगंज ट्रांसफर हुआ मुख्तार का छोटा बेटा
उमर अंसारी की रातोंरात क्यों बदली गई जेल? गुपचुप तरीके से कासगंज ट्रांसफर हुआ मुख्तार का छोटा बेटा
गाजीपुर
  • माफिया और मऊ सदर के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को गाजीपुर जिला जेल से कासगंज जेल स्थानांतरित किया गया है। उमर पर फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति बचाने और कोर्ट को गुमराह करने का गंभीर आरोप है। अदालत ने उमर की जमानत याचिका खारिज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
  • पुलिस के अनुसार उमर को लखनऊ के दारुलशफा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उस पर अपने पिता की जब्त संपत्ति को बचाने के लिए अपनी मां अफशां अंसारी के हस्ताक्षर से बने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने का आरोप है। गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उमर को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल में दाखिल किया था।उमर को गाजीपुर जेल की बैरक नंबर 10 में रखा गया था। इसी बैरक में कभी उसके पिता मुख्तार अंसारी को लंबे समय तक बंद रखा गया था। पिछले दिनों उमर के बड़े पिता और मुख्तार अंसारी के बड़े भाई वर्तमान में गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी को भी एक मुकदमे के दौरान बैरक नंबर 10 में ही निरुद्ध रखा गया था। अदालत में पेशी के दौरान सबूतों के आधार पर उमर की जमानत खारिज हुई थी।
उमर अंसारी की रातोंरात क्यों बदली गई जेल? गुपचुप तरीके से कासगंज ट्रांसफर हुआ मुख्तार का छोटा बेटा
उमर अंसारी की रातोंरात क्यों बदली गई जेल? गुपचुप तरीके से कासगंज ट्रांसफर हुआ मुख्तार का छोटा बेटा
  • प्रशासन के अनुसार सुरक्षा कारणों से उमर को गाजीपुर जेल में लंबे समय तक रखना संभव नहीं था। इसलिए उसे कासगंज जेल भेजा गया। मालूम हो कि उमर के बड़े भाई अब्बास अंसारी और पिता मुख्तार अंसारी भी पहले गाजीपुर जेल की बैरक नंबर 10 में रह चुके हैं। उमर का कासगंज जेल स्थानांतरण अंसारी परिवार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
  • इस घटनाक्रम ने गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। चर्चा है कि उमर की गिरफ्तारी और जेल स्थानांतरण से अंसारी परिवार के राजनीतिक भविष्य पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है। इस मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है।
एक माँ थी उसका एक बेटा था माँ-बेटे बड़े गरीब थे

एक माँ थी उसका एक बेटा था माँ-बेटे बड़े गरीब थे

एक माँ थी उसका एक बेटा था माँ-बेटे बड़े गरीब थे
एक माँ थी उसका एक बेटा था माँ-बेटे बड़े गरीब थे
एक दिन माँ ने बेटे से कहा – बेटा !!
  • यहाँ से बहुत दूर तपोवन में एक दिगम्बर मुनि पधारे हैं वे बड़े सिद्ध पुरुष हैं और महाज्ञानी हैं।
  • तुम उनके पास जाओ और पूछो कि हमारे ये दु:ख के दिन और कब तक चलेंगे। इसका अंत कब होगा।
  • बेटा घर से चला। पुराने समय की बात है, यातायात की सुविधा नहीं थी। वह पद यात्रा पर था।
  • चलते-चलते सांझ हो गई। गाँव में किसी के घर रात्रि विश्राम करने रुक गया।
  • सम्पन्न परिवार था। सुबह उठकर वह आगे की यात्रा पर चलने लगा तो घर की सेठानी ने पूछा – बेटा कहाँ जाते हो ?
  • उसने अपनी यात्रा का कारण सेठानी को बताया। तो सेठानी ने कहा – बेटा एक बात मुनिराज से मेरी भी पूछ आना कि मेरी यह इकलौती बेटी है, वह बोलती नहीं है। गूंगी है। वह कब तक बोलेगी ? तथा इसका विवाह किससे होगा ?
  • उसने कहा – ठीक है और वह आगे बढ़ गया।
  • रास्ते में उसने एक और पड़ाव डाला। अबकी बार उसने एक संत की कुटिया में पड़ाव डाला था।
  • विश्राम के पश्चात्‌ जब वह चलने लगा तो उस संत ने भी पूछा – कहाँ जा रहे हो ? उसने संत श्री को भी अपनी यात्रा का कारण बताया।
  • संत ने कहा – बेटा! मेरी भी एक समस्या है, उसे भी पूछ लेना।
  • मेरी समस्या यह है कि मुझे साधना करते हुए 50 साल हो गये। मगर मुझे अभी तक संतत्व का स्वाद नहीं आया। मुझे कब संतत्व का स्वाद आयेगा, मेरा कल्याण कब होगा। बस इतना सा पूछ लेना।
  • युवक ने कहा – ठीक है। और संत को प्रणाम करके आगे चल पड़ा।
  • युवक ने एक पड़ाव और डाला। अबकी बार का पड़ाव एक किसान के खेत पर था।
  • रात में चर्चा के दौरान किसान ने उससे कहा मेरे खेत के बीच में एक विशाल वृक्ष है। मैं बहुत परिश्रम और मेहनत करता हूँ, लेकिन उस बड़े वृक्ष के आस-पास दूसरे वृक्ष पनपते नहीं हैं। पता नहीं क्या कारण है।
  • किसान ने युवक से कहा – मेरी भी इस समस्या का समाधान कर लेना। युवक ने स्वीकृति में सिर हिला दिया और सुबह आगे बढ़ गया।
  • अगले दिन वह मुनिराज के चरणों में पहुँच गया। मुनिराज के दर्शन किये। दर्शन कर उसने अपने जीवन को धन्य माना।
  • मुनिराज से प्रार्थना की कि प्रभु! मेरी कुछ समस्याएं हैं, जिनका मैं समाधान चाहता हूँ। आप आज्ञा दें तो श्री चरणों में निवेदन करूं।
  • मुनि ने कहा – ठीक है !! मगर एक बात का विशेष ख्याल रखना कि तीन प्रश्न से ज्यादा मत पूछना। मैं तुम्हारे किन्हीं भी तीन प्रश्नों का ही समाधान दूंगा। इससे ज्यादा का नहीं।
  • युवक तो बड़े धर्म-संकट में फंस गया। अब क्या करूं, प्रश्न तो चार हैं. तीन कैसे पूछूं। तीन प्रश्न दूसरों के हैं और एक प्रश्न मेरा खुद का है।
  • अब किसका प्रश्न छोड़ दूं। क्या लड़की का प्रश्न छोड़ दूं ? नहीं, यह तो ठीक नहीं है, यह उसकी जिन्दगी का सवाल है।
  • तो क्या महात्मा के प्रश्न को छोड़ दूं ? यह भी नहीं हो सकता। तो क्या किसान का प्रश्न छोड़ दूं ? नहीं, यह भी ठीक नहीं है। बेचारा खून-पसीना एक करता है, तब भी उसे कुछ भी नहीं मिलता है।
  • अंत में काफी उहापोह के बाद उसने तय किया कि वह खुद का प्रश्न नहीं पूछेगा।
एक माँ थी उसका एक बेटा था माँ-बेटे बड़े गरीब थे
एक माँ थी उसका एक बेटा था माँ-बेटे बड़े गरीब थे
उसने अपना प्रश्न छोड़ दिया
  • शेष तीनों प्रश्नों का समाधान लिया और वापिस अपने घर की ओर चल दिया।
  • रास्ते में सबसे पहले किसान से मुलाकात हुई। किसान से युवक ने कहा – मुनिराज ने कहा है…
  • कि तुम्हारे खेत में जो विशाल वृक्ष है, उसके नीचे चारों तरफ सोने के कलश दबे हुए हैं। इसी कारण से तुम्हारी मेहनत सफल नहीं होती है।
  • किसान ने वहाँ खोदा तो सचमुच सोने के कलश निकले।
  • किसान ने कहा – बेटा यह धन-सम्पदा तेरे कारण से निकली है। इसलिए इसका मालिक भी तू है। और किसान ने वह सारा धन उस युवक को दे दिया। युवक आगे बढ़ा।
  • अब संत के आश्रम आया। संत ने पूछा – मेरे प्रश्न का क्या समाधान बताया है। युवक ने कहा – स्वामी जी! माफ करना मुनिराज ने कहा है कि आपने अपनी जटाओं में कोई कीमती मणि छुपा रखी है। जब तक आप उस मणि का मोह नहीं छोड़ेंगे, तब तक आपका कल्याण नहीं होगा।
  • साधु ने कहा – बेटा तू ठीक ही कहता है, सच में मैंने एक मणि अपनी जटाओं में छिपा रखी है, और मुझे हर वक्त इसके खो जाने का, चोरी हो जाने का भय बना रहता है।
  • इसलिए मेरा ध्यान भजन-सुमिरण में भी नहीं लगता। ले अब इसे तू ही ले जा, और साधु ने वह मणि उस युवक को दे दी।
  • युवक दोनों चीजों को लेकर फिर आगे बढ़ा। अब वह सेठानी के घर पहुँचा।
  • सेठानी दौड़ी-दौड़ी आई और पूछा – बेटा ! बोल क्‍या कहा है मुनिराज ने।
  • युवक ने कहा कि माँ जी मुनिजी ने कहा है कि तुम्हारी बेटी जिसको देखकर ही बोल पड़ेगी, वही इसका पति होगा।
  • अभी सेठानी और युवक की बात चल ही रही थी कि वह लड़की अन्दर से बाहर आई और उस युवक को देखते ही एकदम से बोल पड़ी।
  • सेठानी ने कहा – बेटा आज से तू इसका पति हुआ। मुनिराज की वाणी सच हुई। और उसने अपनी बेटी का विवाह उस युवक से कर दिया।
  • अब वह युवक धन, मणि और कन्या को साथ लेकर अपने घर पहुँचा।
  • माँ ने पूछा – बेटा तू आ गया। क्या कहा है मुनिश्री ने। कब हमें इन दु:खों से मुक्ति मिलेगी।
  • बेटा ने कहा – माँ मुक्ति मिलेगी नहीं, मुक्ति मिल गई। मुनिराज के दर्शन कर मैं धन्य हो गया। उनके तो दर्शन मात्र से ही जीवन के दु:ख, पीड़ाएं और दर्द खो जाते हैं
  • माँ ने पूछा – तो क्या मुनिराज ने हमारी समस्याओं का समाधान कर दिया है।
  • बेटे ने कहा – हाँ माँ ! मैंने तो अपनी समस्‍या उनसे पूछी ही नहीं और समाधान भी हो गया।
  • माँ ने पूछा वो कैसे
  • बेटे ने कहा -माँ मैंने सबकी समस्या को अपनी समस्या समझा तो मेरी समस्या का समाधान स्वत: हो गया।
  • जब दूसरों की समस्या अपनी खुद की समस्या बनने लगती है तो फिर अपनी समस्या कोई समस्या ही नहीं रहती।
  • जो दूसरों के लिए सोचता है। ईश्वर स्वयं उसके लिए करतें है।
हिट एंड रन : कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, आरोपी गिरफ्तार

हिट एंड रन : कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, आरोपी गिरफ्तार

हिट एंड रन : कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, आरोपी गिरफ्तार
हिट एंड रन : कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, आरोपी गिरफ्तार

जोधपुर। शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना इलाके में हिट एंड रन का मामला सामने आया है। 14 सितंबर की रात पीएफ ऑफिस के सामने तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहे बुजुर्ग चंद्रशेखर गौड़ (60) को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए चंद्रशेखर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 15 सितंबर को उनकी मौत हो गई।
मृतक के छोटे भाई लक्ष्मी नारायण गौड़ ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि 14 सितंबर की रात करीब 9 बजे उनके बड़े भाई चंद्रशेखर खाना खाकर टहलने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की। इस दौरान पता चला कि वे सड़क हादसे में घायल होकर एम्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। अगले दिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

हिट एंड रन : कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, आरोपी गिरफ्तार
हिट एंड रन : कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें हादसा कैद हुआ। जांच में सामने आया कि कार चालक पंकज सिंह राठौड़ है, जिसने हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे मुचलके पर जमानत देकर रिहा कर दिया गया।

थानाधिकारी ने बताया कि घटना में शामिल कार को जब्त कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर केस को मजबूत बनाने की तैयारी की

दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता, गैंगरेप केस में फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता, गैंगरेप केस में फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता, गैंगरेप केस में फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता, गैंगरेप केस में फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली ।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (डब्ल्यूआर-2) ने संगीन अपराधों में फरार घोषित अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने तिमारपुर के रहने वाले भरत को गिरफ्तार किया है। गैंगरेप के मामले में वह प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर (पीओ) घोषित था।
आरोपी के खिलाफ साल 2017 में थाना सुल्तानपुरी में एफआईआर संख्या 471/2017 दर्ज की गई थी, जिसमें धारा 323/376D/506 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे।

डब्ल्यूआर-2 क्राइम ब्रांच की टीम लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फरार और संगीन मामलों में लिप्त अपराधियों की तलाश कर रही थी। हेड कांस्टेबल अजय को एक पुख्ता सूचना मिली कि फरार अपराधी भारत अपने साथियों से मिलने राजपुरा रोड, एपीएल गेट के पास आने वाला है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में एसीपी राजपाल दबस की निगरानी में एक टीम गठित की गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल अजय, संदीप और संदीप कादयान शामिल थे। मौके पर जाल बिछाया गया और आरोपी को घेरकर दबोच लिया गया।

दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता, गैंगरेप केस में फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता, गैंगरेप केस में फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार

पूछताछ के दौरान आरोपी भरत ने बताया कि वह तिमारपुर का रहने वाला है। वर्ष 2017 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और शारीरिक हमला भी किया। मामले के दर्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई।

सुनवाई के दौरान सजा के डर से आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया। इसके बाद वर्ष 2023 में अदालत ने उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी भरत के खिलाफ 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इससे पहले, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की ईआर-2 टीम ने 9 सितंबर को डेबिट कार्ड स्वैपिंग फ्रॉड में शामिल एक फरार अपराधी को गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान कादिर उर्फ कादिर पुत्र नूर मोहम्मद के रूप में हुई थी, जो गाजियाबाद का रहने वाला है। आरोपी 2017 से फरार चल रहा था और 10 अप्रैल 2019 को अदालत द्वारा प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया था।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने स्टॉक मार्केट फ्रॉड रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने स्टॉक मार्केट फ्रॉड रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने स्टॉक मार्केट फ्रॉड रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने स्टॉक मार्केट फ्रॉड रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

नई दिल्ली ।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने करोड़ों रुपए के स्टॉक मार्केट फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर निवेशकों से फर्जी आईपीओ फंडिंग और स्टॉक मार्केट योजनाओं के नाम पर लगभग 6 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है।
आरोपियों की पहचान कुलवंत सिंह और देवेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों आरोपी संगठित साइबर फ्रॉड सिंडिकेट्स के लिए अकाउंट होल्डर के रूप में काम करते थे।

इंस्पेक्टर मंजीत कुमार के नेतृत्व और एसीपी रमेश लांबा के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर इन आरोपियों को दबोचा। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने बैंक खातों का उपयोग करके ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में घुमाया और मनी लॉन्ड्रिंग को आसान बनाया।

इन खातों में अखिल भारतीय गरीब जन सेवा ट्रस्ट का चालू खाता भी शामिल था, जिसके जरिए अब तक 20 लाख रुपए ट्रांजैक्ट होने की पुष्टि हुई है। यह ट्रस्ट विधिवत पंजीकृत एनजीओ के रूप में रजिस्टर्ड किया गया था और उसका खाता साइबर अपराधियों द्वारा शोषित किया गया। इस खाते से जुड़ी 10 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हैं।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने स्टॉक मार्केट फ्रॉड रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
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आरोपी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। फिर उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए उकसाते थे। निवेशकों को ऑनलाइन ग्रुप्स में जोड़कर नकली मुनाफा दिखाया जाता था। जब लोग अपने पैसे निकालने की कोशिश करते, तो धोखेबाज बहाने बनाकर या धमकाकर भुगतान रोक देते। ठगी के पैसे को कई बैंक खातों में घुमाकर उसका असली स्रोत छुपाया जाता था। आरोपी कुलवंत और देवेंद्र ने अपने ट्रस्ट के बैंक खाते इसके लिए दिए, जिसके बदले उन्हें हर महीने 30,000 रुपये और हर ट्रांजैक्शन पर 5% कमीशन मिलता था।

जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता से करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी हुई। पुलिस ने 30 बैंक खातों का पता लगाया, जिनमें एक ट्रस्ट का खाता मुख्य था। आरोपी पेशेवर तरीके से अकाउंट प्रोवाइडर के रूप में काम करते थे। उन्होंने ट्रस्ट रजिस्टर करवाकर जानबूझकर चालू खाते खोले ताकि पैसे का असली स्रोत छुपाया जा सके। इसके लिए उन्होंने ठगों को चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग की पूरी जानकारी दे दी थी।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल का कहना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से संगठित साइबर अपराधियों की एक अहम कड़ी टूट गई है। आरोपियों के बैंक खाते पूरे भारत में पीड़ितों से लूटे गए पैसों को घुमाने और ठगने का प्रमुख जरिया बने हुए थे। आगे की जांच जारी है और पुलिस इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

Trap Gang : फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट से बचके रहना रे बाबा! सीकर में रेनुका चौधरी की गिरफ्तारी के बाद खुला शेखावाटी के हनी ट्रैप गिरोह का राज Trap Gang : फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट से बचके रहना रे बाबा! सीकर में रेनुका चौधरी की गिरफ्तारी के बाद खुला शेखावाटी के हनी ट्रैप गिरोह का राज

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सीकर
  • एक बुजुर्ग दिल बहलाने के लिए सोशल मीडिया पर आया। जान पहचान के लोगों को अपनी फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में जोड़ा। सबकुछ ठीक चल रहा था तभी उसके पास एक युवती की फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बुजुर्ग कुछ समझता तब तक युवती ने उसे शीशे में उतार चुकी थी। लाखों रुपये की चपत खाने के बाद उसने पुलिस की शरण ली। अब राजस्थान के सीकर जिले की धोद थाना पुलिस ने इस हनी ट्रैप गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग की मास्टर माइंड महिला और उसकी सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक बुजुर्ग को जाल में फंसाकर उससे लाखों रुपये ठग लिए। फिलहाल पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
मास्टर माइंड रेनुका चौधरी और सहयोगी गिरफ्तार
  • धोद थानाधिकारी राकेश मीणा ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं में रेनूका चौधरी निवासी धुंधा और सुविधा देवी निवासी रामपुरा शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि रेनूका इस पूरे गिरोह की मास्टर माइंड है। उसके खिलाफ पहले से भी एक मामला कोर्ट में लंबित है। पुलिस मान रही है कि दोनों महिलाएं लंबे समय से ठगी का नेटवर्क चला रही थीं।
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Trap Gang : फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट से बचके रहना रे बाबा! सीकर में रेनुका चौधरी की गिरफ्तारी के बाद खुला शेखावाटी के हनी ट्रैप गिरोह का राज
फेसबुक से दोस्ती और ब्लैकमेलिंग का खेल
  • इस पूरे मामले की शिकायत पीड़ित रामकरण ने दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि रेनूका ने पहले फेसबुक पर उससे दोस्ती की और फिर वीडियो कॉलिंग के जरिए बातचीत शुरू की। इसके बाद उसने रामकरण का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोप है कि रेनूका ने उसे पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये हड़प लिए।
सोने के जेवर और 12.90 लाख रुपये की ठगी
  • रामकरण ने बताया कि गैंग के दबाव में आकर उसे अपनी एक सोने की अंगूठी, एक सोने की चेन और 25 हजार रुपये नकद देने पड़े। इसके अलावा आरोपितों ने स्टांप पर लिखवाकर 12.90 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने योजनाबद्ध तरीके से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
सीकर पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
  • पुलिस ने बताया कि अभी गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान की जा रही है। गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ के बाद अन्य साथियों की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह और भी लोगों को अपने जाल में फंसा चुका हो सकता है। मामले की गहन जांच जारी है।