खिचड़ी महापर्व: गोरखनाथ मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, नेपाल से आने वाले लोगों की हो रही सघन जांच
गोरखपुर । मकर संक्रांति के मौके पर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर और महराजगंज जिले के भारत–नेपाल सीमा पर स्थित चौक नगर पंचायत के मिनी गोरक्षनाथ मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर साल इस त्योहार पर हजारों श्रद्धालु गोरखनाथ मंदिरों में खिचड़ी चढ़ाने के लिए आते हैं, इसलिए प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से ही सतर्क है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जहां-जहां भी श्रद्धालुओं का आने-जाने का रास्ता है, वहां सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के रास्तों पर सफाई, पीने के पानी और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। खास तौर पर चौक स्थित मिनी गोरक्षनाथ मंदिर के मुख्य आयोजन स्थल को आंतरिक और बाहरी परिसर में बांटा गया है ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके। पूरे मंदिर परिसर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और अंदर अस्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित की गई है।
खिचड़ी महापर्व: गोरखनाथ मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, नेपाल से आने वाले लोगों की हो रही सघन जांच
इसके अलावा, पूरे क्षेत्र को छह भागों में विभाजित किया गया है और हर भाग में लगातार 24 घंटे छह मजिस्ट्रेट अधिकारियों की तैनाती रहेगी। इससे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने का खतरा कम होगा। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं के रूट जिन भी थाना क्षेत्र से गुजरते हैं, वहां के पुलिसकर्मियों को अलर्ट रखा गया है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सादे कपड़े में भी पुलिसकर्मी तैनात होंगे। नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जांच के लिए एसएसबी ने सघन जांच प्रक्रिया अपनाई है। नेपाल से हर आने वाले श्रद्धालु को पूरी जांच के बाद ही भारत में प्रवेश दिया जा रहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी अप्रिय घटना न हो, सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने पूरे इलाके का भ्रमण करके खिचड़ी महापर्व के लिए तैयारी पूरी कर ली है। मंदिर परिसर में पुलिस के अलावा तमाम एजेंसियों की तैनाती की गई है और पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ और मेले की व्यवस्था पर नजर रखने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं।
ग्रेटर नोएडा : संदिग्ध हालात में युवक की मौत, कमरे के अंदर मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कस्बा इलाके में स्थित एक मकान के अंदर एक युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। युवक का शव कमरे के अंदर पड़ा मिला, जिससे प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का प्रतीत हो रहा है। पुलिस को आशंका है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हो सका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने जब काफी देर तक युवक को बाहर आते नहीं देखा तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सूरजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाकर कमरे के अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर युवक का शव पड़ा मिला, जिसके आसपास कुछ संदिग्ध वस्तुएं भी पाई गईं। पुलिस ने तत्काल पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि युवक ने संभवतः किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
ग्रेटर नोएडा : संदिग्ध हालात में युवक की मौत, कमरे के अंदर मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
हालांकि मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि युवक शांत स्वभाव का था और ज्यादा लोगों से मेल-जोल नहीं रखता था। फिलहाल युवक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क साधने में भी लगी हुई है ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी मिल सके। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। इसकी वजह क्या रही, युवक किन परिस्थितियों से गुजर रहा था, क्या किसी तरह का मानसिक दबाव या पारिवारिक विवाद था—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला आत्महत्या के अलावा किसी अन्य कारण से तो नहीं जुड़ा है। फिलहाल पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और युवक के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
सीबीआई कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में एक निजी कंपनी, डायरेक्टर और दो अन्य को दोषी ठहराया
नई दिल्ली । नई दिल्ली स्थित सीबीआई कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में एक निजी कंपनी और उसके डायरेक्टर समेत चार लोगों को दोषी ठहराया है। सोमवार को आए फैसले के बाद इस मामले में अब तक 20 लोगों को सजा सुनाई गई है। इस बारे में सीबीआई ने मंगलवार को जानकारी दी। सीबीआई के अनुसार, कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में प्राइवेट कंपनी एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड, उसके डायरेक्टर दीपक गुप्ता, आधिकारिक हस्ताक्षरकर्ता सत्य नारायण द्विवेदी और अमृत सिंह को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। डायरेक्टर दीपक गुप्ता को 3 साल की कठोर कारावास और 10 लाख रुपए के जुर्माने की सजा दी गई है। इसके अलावा, कंपनी के आधिकारिक हस्ताक्षरकर्ता सत्य नारायण द्विवेदी को 2 साल की कठोर कारावास और 20 हजार रुपए का जुर्माना, जबकि अमृत सिंह को एक साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं कोर्ट ने प्राइवेट कंपनी पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
सीबीआई कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में एक निजी कंपनी, डायरेक्टर और दो अन्य को दोषी ठहराया
सीबीआई ने 4 सितंबर 2014 को आरोपियों के खिलाफ यह मामला दर्ज किया था। आरोप था कि आरोपी कंपनी और उसके डायरेक्टर समेत अन्य लोगों ने रावनवारा नॉर्थ कोयला ब्लॉक का गलत आवंटन हासिल करने के मकसद से वित्तीय नेट वर्थ, उत्पादन क्षमता, कंपनी के कब्जे वाली जमीन और पर्यावरण मंजूरी के बारे में आवेदन और फीडबैक फॉर्म में झूठे व गुमराह करने वाले दावे किए थे। जांच के बाद सीबीआई ने 31 सितंबर 2016 को कंपनी के डायरेक्टर दीपक गुप्ता, सत्य नारायण द्विवेदी और अमृत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी ठहराया और उसी के अनुसार सजा सुनाई।
मुंबई के कुर्ला में शराबी बेटे ने 79 वर्षीय पिता पर किया जानलेवा हमला, हालत गंभीर
मुंबई । मुंबई के कुर्ला पश्चिम स्थित जरीमरी इलाके में शराब के नशे में धुत एक बेटे ने पैसों के विवाद में 79 वर्षीय बुजुर्ग पिता पर जानलेवा हमला कर दिया, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साकीनाका पुलिस के अनुसार, जरीमरी इलाके की रोशन चॉल में रहने वाले मोहम्मद याकूब मोहम्मद सिद्दीकी चौधरी (79) खाना खाने के बाद नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जा रहे थे। जब वे कादरी लाइन गली के पास पहुंचे, तभी उनका बेटा मोहम्मद शाहिद याकूब चौधरी (42) वहां पहुंचा। आरोपी उस समय नशे में था और उसने अपने पिता से शराब पीने और खाने के लिए पैसे मांगे। पिता द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी बेटे ने पहले गाली-गलौज शुरू की और फिर बुजुर्ग से मारपीट करने लगा। हमले के दौरान मोहम्मद याकूब जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ने पास पड़ा एक भारी पत्थर उठाकर उनके बाएं कान पर मार दिया।
मुंबई के कुर्ला में शराबी बेटे ने 79 वर्षीय पिता पर किया जानलेवा हमला, हालत गंभीर
इस हमले से बुजुर्ग के कान से खून बहने लगा और वे मौके पर ही बेसुध हो गए। घटना को देखकर पास की एक दुकान में काम करने वाला आरिफ बीच-बचाव के लिए आगे आया, लेकिन आरोपी ने उसे भी धमकी दी और मौके से फरार हो गया। कुछ ही देर में आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पीड़ित के दूसरे बेटे को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर दूसरा बेटा मौके पर पहुंचा और घायल पिता को इलाज के लिए घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके बाएं कान पर दो टांके लगाए। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि बेटा लंबे समय से शराब का आदी है और अक्सर पैसों को लेकर झगड़ा करता रहता है। वह पिता के नाम पर मौजूद मकान और दुकान बेचने का दबाव भी बना रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
ऑपरेशन गैंग बस्ट: दिल्ली पुलिस ने डाली ताबड़तोड़ रेड, 48 घंटे में 500 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में पुलिस ने 48 घंटे तक चले ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ के तहत अलग-अलग गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े 500 से ज्यादा बदमाशों को गिरफ्तार किया। यह ऑपरेशन दिल्ली के कई जिलों में एक साथ चलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन का मुख्य मकसद सक्रिय गैंग मॉड्यूल को ध्वस्त करना, हिंसक अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना और गैंगवार को खत्म करना था। अभियान के दौरान पुलिस की कई टीमों को एक साथ तैनात किया गया ताकि अपराधियों को भागने का कोई मौका न मिले। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को तोड़ने के उद्देश्य से की गई। संगठित अपराध और गैंगवार पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़े और सघन अभियान की शुरुआत की। ऑपरेशन के तहत पुलिस टीमों ने गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और मददगारों के पहले से चिन्हित ठिकानों और संभावित छिपने की जगहों पर छापेमारी की। इन छापों के दौरान कई कुख्यात अपराधियों को दबोचा गया।
ऑपरेशन गैंग बस्ट: दिल्ली पुलिस ने डाली ताबड़तोड़ रेड, 48 घंटे में 500 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में शामिल आदतन अपराधी और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए रखी। जिला पुलिस और स्पेशल यूनिट्स को आपसी तालमेल के साथ तेजी और सटीकता से कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समन्वित प्रयास से ऑपरेशन को सफल बनाया जा सका। दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां करना नहीं, बल्कि राजधानी में सक्रिय गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों को कड़ा संदेश देना भी है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की बात कही है, ताकि दिल्ली को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
बिहार : घने कोहरे के कारण एंबुलेंस समेत कई गाड़ियां आपस में टकराई
मुजफ्फरपुर । बिहार में भीषण ठंड के साथ घने कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। इस बीच, मुजफ्फरपुर-दरभंगा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार तड़के घने कोहरे के कारण एक भीषण सड़क हादसे में कई वाहन आपस में टकरा गए। पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना बेनीबाद थाना क्षेत्र के केवटसा मोड़ के समीप हुई है, जिसमें एंबुलेंस समेत कई वाहन आपस में भिड़ गए। इस जबरदस्त भिड़ंत में एक एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हुई एंबुलेंस में एक मरीज वेंटिलेटर और ऑक्सीजन के सहारे था। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे चालक और मरीज के परिजन अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए लाठी-डंडे और लोहे की रॉड की मदद से एंबुलेंस के गेट और शीशे तोड़े। काफी मशक्कत के बाद फंसे हुए घायलों को बाहर निकाला जा सका।
बिहार : घने कोहरे के कारण एंबुलेंस समेत कई गाड़ियां आपस में टकराई
हादसे में गंभीर रूप से घायल तीनों व्यक्तियों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि कोहरे के कारण आगे चल रहे वाहन के अचानक ब्रेक लेने या धीमे होने से पीछे से आ रही गाड़ियां एक-दूसरे से टकराती चली गईं। घटना की सूचना मिलते ही बेनीबाद थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। बीच सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण इस मार्ग पर कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया था। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से किनारे करवाया ताकि यातायात बहाल हो सके। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
ITAT सेटलमेंट नेक्सस : जयपुर में CBI का बड़ा एक्शन, चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय गोयल गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ITAT के भीतर चल रहे ‘अपील सेटलिंग’ नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। जांच के नए चरण में, CBI ने जयपुर के प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विजय कुमार गोयल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस सिंडिकेट का पर्दाफाश करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों को रसूख और रिश्वत के दम पर पक्ष में करवाने का काम कर रहा था। रिमांड पर CA: राज उगलवा रही CBI CBI की टीम ने 7 जनवरी 2026 को विजय गोयल को हिरासत में लिया था, जिसके बाद 8 जनवरी को उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की जरूरत को देखते हुए उन्हें 12 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। आज, रिमांड अवधि समाप्त होने पर उन्हें दोबारा स्पेशल जज (CBI केसेस), जयपुर की अदालत में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कस्टडी के दौरान हुई पूछताछ में CBI के हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य लगे हैं, जो इस भ्रष्टाचार के जाल में फंसे अन्य सफेदपोशों के चेहरों को बेनकाब कर सकते हैं।
ITAT सेटलमेंट नेक्सस : जयपुर में CBI का बड़ा एक्शन, चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय गोयल गिरफ्तार
जानिए, क्या है पूरा मामला? इस पूरे खेल की शुरुआत पिछले साल 25 नवंबर 2025 को हुई थी, जब CBI ने एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया और ITAT जयपुर के तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह नेटवर्क आयकर से जुड़े जटिल मामलों को रिश्वत के बदले करदाताओं के पक्ष में सेटल करने का एक संगठित सिंडिकेट चला रहा था। जांच के घेरे में ‘सिस्टम’ के रसूखदारः इस मामले में CA विजय गोयल की गिरफ्तारी ने पेशेवर हलकों में हड़कंप मचा दिया है। CBI अब इस बात की तह तक जा रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार ट्रिब्यूनल के उच्च अधिकारियों या दिल्ली स्थित मुख्यालयों तक भी जुड़े थे। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर कैसे करोड़ों रुपये के टैक्स विवादों को फाइलों के हेरफेर और प्रभाव के जरिए रफा-दफा किया जा रहा था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, जयपुर के कानूनी और वित्तीय गलियारों में सन्नाटा पसरा है। यह स्पष्ट है कि विजय गोयल की गिरफ्तारी महज अंत नहीं, बल्कि एक बड़ी सफाई प्रक्रिया की शुरुआत है। आगामी पेशी के दौरान CBI कोर्ट से आगे की कार्रवाई के लिए अनुमति मांग सकती है, जिससे इस भ्रष्टाचार कांड में और भी कई बड़े नामों के उछलने की संभावना है।
जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया
जयपुर। सोमवार सुबह जयपुर के पंत कृषि भवन के थर्ड फ्लोर पर अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आग की सूचना मिलते ही तुरंत फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कमरे में रखा फर्नीचर और एयर कंडीशनर पूरी तरह जलकर राख हो गया।
सीएफओ गौतम लाल ने बताया कि सुबह लगभग 10:40 बजे थर्ड फ्लोर पर स्थित एक बंद कमरे में हीटर में शॉर्ट सर्किट हुआ। शॉर्ट सर्किट के कारण हीटर से निकली चिंगारियों ने कमरे में रखे सामान को अपनी आगोश में ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें विकराल रूप ले गईं और धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया।
जब थर्ड फ्लोर से उठते धुएं और आग की लपटों को देखा गया, तो वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी तुरंत भवन से बाहर निकल आए। यह कार्रवाई समय पर होने के कारण किसी प्रकार का बड़ा नुकसान या जनहानि टल गई। आग की तीव्रता देखकर फायरकर्मी मनीष सैनी ने तुरंत थर्ड फ्लोर की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर की ओर पानी का प्रहार किया, जिससे आग फैलने से रोकी जा सकी और नियंत्रित की गई।
फायर ब्रिगेड की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण कमरे में रखा फर्नीचर और एयर कंडीशनर पूरी तरह जलकर राख हो गया। हालांकि समय रहते आग पर काबू पाने के कारण भवन के अन्य हिस्सों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि आगे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और जांच की प्रक्रिया कड़ी की जाए। आग लगने के बाद थर्ड फ्लोर के बंद कमरे का निरीक्षण किया गया और फर्नीचर, उपकरण और अन्य सामग्री के नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया
फायर ब्रिगेड और सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण यह घटना बड़े हादसे में परिवर्तित नहीं हुई, वरना आग की तीव्र लपटों से पूरे भवन और आसपास के क्षेत्र में भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। आग बुझाने के दौरान फायरकर्मियों ने कमरे के अंदर पानी का छिड़काव किया और धुएं को बाहर निकालने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़े, जिससे लपटें और धुआं नियंत्रित किया जा सका।
अधिकारियों ने बताया कि पंत कृषि भवन में नियमित रूप से फायर सेफ्टी चेक और उपकरण रखरखाव किया जाता है, लेकिन किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह घटना हुई। उन्होंने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी विद्युत उपकरण के उपयोग में सावधानी बरतें और समय-समय पर हीटर, एसी और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कराएं।
इस आगजनी के बाद भवन प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि थर्ड फ्लोर पर पुनः सुरक्षा और आगजनी से बचाव के उपाय किए जाएं। आग लगने वाले कमरे में सभी क्षतिग्रस्त उपकरणों की सूची तैयार की गई है और नए उपकरणों के साथ फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही भवन में अतिरिक्त आग बुझाने वाले उपकरण और अलार्म सिस्टम की तैनाती पर विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना होने पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
फायर ब्रिगेड के मनीष सैनी और उनकी टीम की बहादुरी और तत्परता की सभी अधिकारियों ने प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि बिना उनकी कुशल कार्यवाही के आग का प्रभाव और व्यापक हो सकता था। इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी इमारत में आग जैसी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और सही प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इस घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया है। जांच के दौरान यह निर्धारित किया जाएगा कि आग केवल शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या किसी अन्य तकनीकी कारण ने इसे और विकराल बनाया। इसके अलावा भवन में फायर सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की जा रही है।
भवन प्रशासन ने कहा कि आग के कारण किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई, और यह घटना समय रहते नियंत्रित हो गई। आग से प्रभावित कमरे में रखे सभी कागजात, फर्नीचर और उपकरण जलकर नष्ट हो गए हैं, जिसका आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण कार्य जल्द ही किए जाएंगे।
इस पूरी घटना से यह सीख मिली कि आगजनी के खतरे से निपटने के लिए सभी संस्थाओं और भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य है। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में शांत और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया।
जयपुर पंत कृषि भवन में सोमवार सुबह हुई इस आग की घटना ने यह स्पष्ट किया कि तकनीकी खराबियों और शॉर्ट सर्किट के कारण किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है, लेकिन समय पर प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों के कारण बड़ा हादसा टल सकता है।
अंततः, आग पर काबू पाने के प्रयासों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से यह साबित हुआ कि समय पर और कुशल प्रतिक्रिया से किसी भी आपातकालीन स्थिति में जनहानि और व्यापक नुकसान को रोका जा सकता है। थर्ड फ्लोर पर हुई आग ने प्रशासन और कर्मचारियों को सतर्क किया है कि भवन की सुरक्षा और आग से बचाव की तैयारी हमेशा पूरी रखी जाए
ओडिशा : भुवनेश्वर में अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई में राज्य की राजधानी से संचालित हो रहे एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी रैकेट का भंडाफोड़ किया और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने यह जानकारी दी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सात बिहार के चार केरल के और एक ओडिशा का है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर कमिश्नरेट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सुसंगठित अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया और गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के अधिकांश सदस्य बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। वे पिछले कुछ महीनों से शहर के बडागढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के टैंकापानी रोड स्थित देबासिस त्रिपाठी के घर से बेहद गुप्त तरीके से यह रैकेट चला रहे थे। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में देबाशीष त्रिपाठी, अर्जुन राज उर्फ बिटू (22), बिजय कुमार (24) और पंकज कुमार की पहचान की। पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया कि यह गिरोह बिहार के कुख्यात कात्री सराय गिरोह के नाम से जाना जाता है। गिरोह मैन्युअल और साइबर दोनों तरह की धोखाधड़ी में शामिल है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पंकज अपने गांव में तैनात एजेंटों के माध्यम से नापतोल, मीशो और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ग्राहकों का पूरा डेटाबेस इकट्ठा करता था और ऑनलाइन मनी ट्रांसफर के लिए फर्जी बैंक खाते भी जुटाता था। साइबर जालसाज बिहार में अपने एजेंटों से बैंक खाता संख्या और यूपीआई हैंडल प्राप्त करते थे और शिकार लोगों को पैसा जमा करने/ट्रांसफर करने के लिए ये खाता संख्या/यूपीआई हैंडल देते थे।
ओडिशा : भुवनेश्वर में अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के दौरान यह भी पता लगाया कि आरोपी अपराधी फर्जी दस्तावेजों के जरिए एजेंटों से अलग-अलग मोबाइल सेवा प्रदाताओं से फर्जी प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड प्राप्त करते थे, जिनका इस्तेमाल वे ग्राहकों को फोन करने और इंटरनेट व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाने के लिए करते थे। आरोपियों ने फर्जी उपहार वाउचर विजेता, केरल लॉटरी घोटाला और फर्जी ऋण प्रस्तावों सहित तीन तरीकों से लोगों को ठगा। वेब ग्राफिक्स डिजाइनर आरोपी त्रिपाठी ने टारगेट कस्टमर्स को आकर्षित करने के लिए स्क्रैच कार्ड, उपहार वाउचर, लकी कूपन, ऑफर लेटर और फेसबुक पेज तैयार किए, जिनमें उपहार वाउचर या महंगे पुरस्कार जीतने के लिए हेल्पलाइन के तौर पर एक मोबाइल नंबर दिया गया था। इसके बाद, आरोपियों के एजेंटों द्वारा कोलकाता से डाक के माध्यम से अलग-अलग पीड़ितों को कूपन और फोन नंबर के साथ ये पत्र भेजे गए। लकी ड्रॉ कूपन को स्क्रैच करने के बाद पीड़ितों ने आरोपियों को फोन किया। पीड़ितों ने उनसे कथित रूप से जीते गए पुरस्कार प्राप्त करने के लिए 5,500 रुपए से 12,000 रुपए तक का पंजीकरण शुल्क देने को कहा।
दिल्ली के वसंत विहार में हुई लूट की वारदात का खुलासा, दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार
नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के वसंत विहार थाना स्टाफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट की एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने दो शातिर और आदतन अपराधियों, मोहम्मद नदीम और रविंदर, को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पहले से ही चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कुल 13 आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुके हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चार लूटे गए बैग, जिनमें 1.12 लाख नकद, एक आईपैड, एक जोड़ी एयरपॉड्स और वारदात में इस्तेमाल की गई होंडा अमेज कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 10 जनवरी 2026 की रात करीब 11 बजे शिकायतकर्ता एफ हुसैन ने अपनी कार पालम मार्ग स्थित अलकौसर रेस्टोरेंट के पास खड़ी की थी। उनके परिवार के सदस्य डिनर के लिए रेस्टोरेंट के अंदर चले गए, जबकि हुसैन कार में ही बैठे-बैठे सो गए। इसी दौरान दो अज्ञात आरोपी एक कार में वहां पहुंचे और शिकायतकर्ता की कार के पीछे अपनी गाड़ी खड़ी कर दी।
दिल्ली के वसंत विहार में हुई लूट की वारदात का खुलासा, दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार
एक आरोपी ने शिकायतकर्ता की कार का पिछला शीशा तोड़ दिया, जबकि दूसरे आरोपी ने उन्हें काबू में लेकर जबरन उनकी ही कार के अंदर धकेल दिया। इसके बाद आरोपी चार बैग लूटकर फरार हो गए, जिनमें करीब 1.20 लाख नकद, एक आईपैड और एक जोड़ी एयरपॉड्स थे। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत पीसीआर कॉल की, जिस पर वसंत विहार थाने में एफआईआर संख्या 7/26 धारा 309/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में शिकायत दर्ज करने के बाद वसंत विहार थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर राहुल रोशन (एटीओ) ने किया। टीम में एसआई रामावतार, एएसआई जयपाल, हेड कांस्टेबल अनुज, सूरज, यशवंत तथा कांस्टेबल बजरंग और अनुराग शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसएचओ वसंत विहार की निगरानी और एसीपी वसंत विहार उप-मंडल के समग्र पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर दया बस्ती, इंदरलोक और आसपास के स्लम इलाकों में छापेमारी की। सतर्क पुलिस टीम ने दोनों शातिर अपराधियों को दबोच लिया और उनकी निशानदेही पर लूटी गई नकदी 1.12 लाख, आईपैड, एयरपॉड्स और होंडा अमेज कार बरामद कर ली। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद नदीम पर दिल्ली के विभिन्न थानों में लूट और हत्या के प्रयास के कुल 9 मामले दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी रविंदर पर चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत 4 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों को आदतन अपराधी बताया जा रहा है।