रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार रात करीब दो अपराधियों ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के टीटॉस रेस्टोरेंट के भीतर अंधाधुंध फायरिंग की। घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मनीष गोप के रूप में हुई है, जो रेस्टोरेंट में वेटर का काम करता था। बताया जा रहा है कि अपराधी रेस्टोरेंट मालिक राजकुमार गोप की हत्या के इरादे से पहुंचे थे। उन्हें 25 दिसंबर को गैंगस्टर प्रिंस खान ने एक करोड़ की रंगदारी के लिए धमकी दी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वारदात के पीछे प्रिंस खान का गिरोह हो सकता है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। घटना को दो अपराधियों ने अंजाम दिया, जो बाइक से रात करीब 8.30 बजे रेस्टोरेंट पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक आरोपी बाइक स्टार्ट कर सड़क किनारे खड़ा रहा, जबकि दूसरा आरोपी रेस्टोरेंट के अंदर घुस गया और वहां फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक गोली मनीष गोप के पेट में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग होते ही रेस्टोरेंट के अंदर अफरातफरी मच गई।
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी
हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से बाहर निकला और बाइक पर बैठे अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। घटना के बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारी घायल मनीष गोप को राज अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी पारस राणा, हटिया डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जांच के दौरान वहां से गोली के तीन खोखे बरामद किए हैं। होटल सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, हालांकि देर रात तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली थी। रेस्टोरेंट संचालक राज कुमार गोप ने आशंका जताई है कि हमलावर संभवतः उन्हें निशाना बनाने आए थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 25 दिसंबर को प्रिंस खान के नाम पर उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय पुलिस से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत की थी, जिसके बाद एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था। राज कुमार गोप के मुताबिक, रंगदारी की शिकायत के बाद उन्हें कुछ समय के लिए पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन बाद में बॉडीगार्ड वापस ले लिया गया। उनका कहना है कि रंगदारी मांगने के बाद से उन्हें लगातार धमकी भरे फोटो और वीडियो भी भेजे जाते रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रंगदारी के एंगल से भी घटना को जोड़कर देखा जा रहा है। –
यूपी : 12वीं की छात्रा को गोली मारने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक 12वीं की छात्रा पर हमले के मामले में पुलिस ने गुरुवार देर रात आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से एक अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। इस मामले में आरोपी की पहचान मनदीप के रूप में हुई है। उसे एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पकड़ने में सफलता मिली।
जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ कलवारी थाना क्षेत्र के माझा इलाके में तब हुई, जब पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि छात्रा को गोली मारने वाला आरोपी इलाके में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की।
इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मनदीप के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मनदीप के पास से एक अवैध हथियार भी बरामद हुआ है। जांच में सामने आया कि मनदीप और 12वीं की छात्रा के बीच प्रेम संबंध था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था, जिसके चलते गुस्से में आए मनदीप ने छात्रा के घर में घुसकर उस पर गोली चला दी। गोली लगने से छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना के दौरान आरोपी ने छात्रा की मां पर भी फायरिंग की, लेकिन गोली उन्हें नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गईं। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घायल छात्रा कलवारी थाना क्षेत्र के बैडारी एहतमाली गांव की रहने वाली है।
यूपी : 12वीं की छात्रा को गोली मारने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी और स्वाट टीम को लगाया। लगातार दबिश के बाद पुलिस को आखिरकार सफलता मिली। इस कार्रवाई में पुलिस ने इलाके की निगरानी, संदिग्धों की तलाश और गुप्त स्रोतों से मिली जानकारी का उपयोग किया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई और गहन जांच महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के प्रेम विवाद के कारण हुई यह घटना गंभीर है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
घटना ने इलाके में सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। स्थानीय पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह की हिंसक घटनाओं को रोका जा सके।
इस गिरफ्तारी और मुठभेड़ के बाद बस्ती जिले में पुलिस की सक्रियता और तत्परता को लेकर जनता में विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि आरोपी से पूछताछ के बाद घटना में शामिल अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जाएगा और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ प्राथमिक आरोप हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने का है। इसके साथ ही, प्रेम विवाद के कारण हुए इस हमले की भी जांच की जा रही है। आरोपी के मोबाइल और अन्य साक्ष्यों को भी कब्जे में लिया गया है, ताकि घटना के सभी पहलुओं को उजागर किया जा सके।
इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रेम विवाद जैसी व्यक्तिगत घटनाएं भी गंभीर हिंसक अपराधों का रूप ले सकती हैं। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में सतर्कता और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मनदीप की गिरफ्तारी के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ेगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी कानूनी उपाय अपनाए जाएंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ जल्द ही मामला दर्ज किया जाएगा और अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
घटना के दौरान घायल छात्रा की हालत गंभीर रही, लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि उसका इलाज तेजी से चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर है। पुलिस ने कहा कि आरोपी से पूछताछ के दौरान और सबूत इकट्ठा किए जाएंगे, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इस तरह, बस्ती में 12वीं की छात्रा पर हमले के इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और गहन जांच से ही समाज में अपराध पर काबू पाया जा सकता है।
अरुणाचल प्रदेशः पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की हत्या कर बस स्टैंड पर शव फेंका
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में एक सरकारी कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की जांच टीमों को सक्रिय कर दिया है। मृतक बागांग, जो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) के पद पर तैनात था, का शव इटानगर-होलोंगी एनएच-415 पर स्थित बस स्टैंड के पास पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना, लेकिन जांच के आगे बढ़ने के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। ईटानगर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) तुम्मे अमो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच में मिले कुछ संकेत हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। डीआईजी ने कहा कि रंजिश में हत्या किए जाने की संभावना जताई जा रही है और पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी साझा की जाएगी।
डीआईजी तुम्मे अमो ने बताया कि घटनास्थल से कुछ अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। मृतक के पास कोई सुसाइड नोट या अन्य स्पष्ट सबूत नहीं मिला। हालांकि, शव पर पाए गए चोट के निशान और घटनास्थल पर मिले सुराग पुलिस को हत्या की ओर संकेत कर रहे हैं।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का अध्ययन शुरू कर दिया है। साथ ही, घटनास्थल के गवाहों से बयान भी लिए जा रहे हैं। इस घटना के संदर्भ में पीडब्ल्यूडी और स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी ली है। मृतक बागांग के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है, और पुलिस उनकी सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित कर रही है।
जांच में यह देखा गया कि मृतक की पेशेवर जिम्मेदारियों के अलावा, व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों से किसी प्रकार की रंजिश या विवाद की संभावना भी हो सकती है। डीआईजी ने कहा कि हत्या की संभावनाओं पर ध्यान देते हुए पुलिस गहन जांच कर रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के लिए कई तरीकों का उपयोग कर रही है।
अरुणाचल प्रदेशः पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की हत्या कर बस स्टैंड पर शव फेंका
इस बीच, ईटानगर और आसपास के इलाकों में पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है और घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह घटना उस समय सामने आई है जब हाल ही में तिराप जिले में सुरक्षा बलों के सामने एक उग्रवादी ने आत्मसमर्पण किया। 3 मार्च को, प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) के एक हार्डकोर उग्रवादी ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। उसकी पहचान स्वयंभू सेकेंड लेफ्टिनेंट बिटुल बरुआ (31) के रूप में हुई। उसने अपने पास मौजूद एक 40 कैलिबर पिस्तौल, एक मैगजीन और दो गोलियां सुरक्षा बलों को सौंप दीं। इस घटना के बाद राज्य में सुरक्षा बलों की सतर्कता और बढ़ गई है।
पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि मृतक बागांग की मौत की परिस्थितियों की जांच में हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। जांच टीम शव के मेडिकल रिपोर्ट, चोट के स्वरूप और घटनास्थल के सुरागों को मिलाकर संभावित हत्यारों की पहचान कर रही है। इसके अलावा, पुलिस स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों और पुलिस टीम के साथ मिलकर आपातकालीन जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल गहन जांच के अधीन है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का अध्ययन करना जरूरी है। डीआईजी तुम्मे अमो ने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई नया सुराग मिलेगा, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
इस घटना ने ईटानगर में सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस का मानना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए ताकि अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को रोका जा सके।
अंततः, मृतक की मौत की जांच अब हत्या की संभावनाओं के आधार पर चल रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है—जांच में घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और शव पर चोट के निशान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले का सच जल्द ही सामने आएगा और जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
यह मामला अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में सुरक्षा, सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को फिर से रेखांकित करता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या हिंसक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर या उनसे बेहतर काम कर रही हैं : जी.एस. मलिक
अहमदाबाद: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले अहमदाबाद में महिला सशक्तीकरण को लेकर कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद सिटी पुलिस ने इस अवसर पर महिलाओं को सम्मान देने और उनके योगदान को उजागर करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया है। इस कड़ी में शुक्रवार को महिला बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक भी उपस्थित रहे।
पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक ने इस अवसर पर बताया कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है और इसे ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद पुलिस ने महिलाओं के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले पुलिस वॉकथॉन का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। इस वॉकथॉन का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और एकजुटता की भावना को भी मजबूत करना था।
इसके बाद अहमदाबाद पुलिस ने शहर में काम करने वाली सभी महिलाओं के लिए हेल्थ चेकअप कैंप भी आयोजित किया। इस कैंप का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि महिला पुलिसकर्मियों की सेहत पर भी ध्यान दिया जाए, क्योंकि उनका काम तनावपूर्ण होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी होता है। जी.एस. मलिक ने कहा कि हेल्थ चेकअप कैंप के माध्यम से पुलिस यह संदेश देना चाहती है कि महिला पुलिसकर्मी केवल कार्यस्थल पर ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी स्वस्थ और सुरक्षित रहें।
महिला बाइक रैली की विशेषता यह थी कि इसमें शामिल सभी बाइकर्स महिलाएं थीं। यह रैली न केवल महिला सशक्तीकरण का प्रतीक थी बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और साहस का भी संदेश दे रही थी। बाइक रैली में महिला पुलिसकर्मियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग लिया और शहर में एक स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम कर सकती हैं।
जी.एस. मलिक ने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ बराबरी से काम कर रही हैं और कई मामलों में पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। महिला पुलिसकर्मी न केवल मामलों की जांच में दक्ष हैं, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
पुलिस कमिश्नर ने यह भी जोर देकर कहा कि महिलाओं के सामने सिर्फ नौकरी की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि घर की जिम्मेदारी भी होती है। इसके बावजूद महिलाएं दोनों भूमिकाओं को बड़ी कुशलता और संतुलन के साथ निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं का योगदान कभी भी पुरुषों से कम नहीं है। महिलाएं किसी भी मामले में पीछे नहीं हैं और उनकी कार्यक्षमता और समर्पण विभाग के लिए अत्यंत मूल्यवान है।
आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर या उनसे बेहतर काम कर रही हैं : जी.एस. मलिक
जी.एस. मलिक ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि ऐसे कार्यक्रमों का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब महिलाएं अपने कौशल और क्षमता का प्रदर्शन करती हैं, तो समाज में जागरूकता बढ़ती है और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।
इस महिला बाइक रैली में शहर की सड़कों पर महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। रैली में महिला पुलिसकर्मी और नागरिक महिलाओं ने भाग लिया और यह रैली शहरवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। इस तरह की पहल से यह संदेश जाता है कि महिलाएं किसी भी चुनौती को स्वीकार करने और उसे पार करने में सक्षम हैं। रैली के दौरान महिलाओं ने न केवल सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन किया बल्कि एकजुटता और समर्पण का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।
जी.एस. मलिक ने कहा कि पुलिस विभाग ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों की प्रेरणा बढ़ाने का प्रयास करता है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनका प्रदर्शन लगातार सराहनीय रहा है। इसके साथ ही, महिला पुलिसकर्मियों को अन्य प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल आधिकारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर स्तर तक फैलना चाहिए। महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिलना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में महिलाओं के लिए जागरूकता पैदा करते हैं और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाते हैं।
महिला बाइक रैली और हेल्थ चेकअप कैंप जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। जी.एस. मलिक ने यह भी कहा कि महिलाओं को प्रोत्साहित करने और उनके योगदान को मान्यता देने से समाज में संतुलन और समानता की भावना बढ़ती है।
अहमदाबाद पुलिस के इन कार्यक्रमों का उद्देश्य यह है कि महिलाएं न केवल अपने पेशेवर जीवन में सफल हों, बल्कि समाज में भी सम्मान और सुरक्षा का अनुभव करें। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलता है।
अंत में, जी.एस. मलिक ने कहा कि महिला सशक्तीकरण सिर्फ एक दिन या सप्ताह का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। पुलिस विभाग इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है और महिला पुलिसकर्मियों की भलाई, सुरक्षा और विकास के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में ऐसे कार्यक्रम और भी व्यापक रूप में आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो और उनका योगदान हर क्षेत्र में दिखाई दे।
खंडवा में विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद थाने में हंगामा, 47 पर मामला दर्ज
खंडवा । मध्यप्रदेश के खंडवा में इंस्टाग्राम पर की गई एक पोस्ट को लेकर गुरुवार देर शाम जमकर हंगामा हुआ। पैगम्बर साहब पर की गई अमर्यादित टिप्पणी की पोस्ट को लेकर मुस्लिम युवाओं ने मोघट थाना पर जमाकर हंगामा किया। इसी बीच भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और 22 नामजद और 25 अज्ञात आरोपियों पर गम्भीर धाराओं में मामला दर्ज किया। दरअसल, प्रभाकर शिंदे नाम के एक इंस्टाग्राम सोशल मीडिया अकाउंट से पैगम्बर साहब पर टिप्पणी की गई थी, जिससे मुस्लिम युवा भड़के हुए थे और वे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसको लेकर सिंघाड़ तलाई निवासी मुजाहिद कुरेशी के द्वारा थाना मोघट में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 299 के तहत प्रभाकर शिंदे पर मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन विरोध कर रहे युवा यहीं नहीं रुके और आरोपी के घर बुलडोजर चलाये जाने की मांग पर अड़ गए। भीड़ ने थाना परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया और नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मामला संभाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया । इधर सूचना पर कोतवाली और पदम नगर थाना का पुलिस बल सहित रिजर्व बल भी मौके पर पहुंचा, जिसके बाद एएसपी, सीएसपी, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। घटना के बाद पुलिस ने विरोध दर्ज कराने पहुंचे मुस्लिम नेताओं समेत 47 लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, हथियार लेकर बवाल करने, शासकीय कर्मचारियों को चोट पहुंचाने, जान बूझकर रास्ता रोकने जैसी कई गम्भीर धाराओं में 22 नामजद एवं अन्य 25 लोगों पर मामला दर्ज किया।
खंडवा में विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद थाने में हंगामा, 47 पर मामला दर्ज
जिन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें सोहेल नामक निवासी परदेशीपुरा, सोहेल निवासी हाउसिंग बोर्ड, मलिक जर्मन निवासी इमलीपुरा, कासीम पिता इमरान डाली निवासी घासपुरा, मोहसिन लाला पिता इमरान डाली निवासी घासपुरा, आमीर पिता नब्बु बेकरी वाला निवासी मोघट थाने के पीछे, सोहेब पिता जमील निवासी इमलीपुरा मून्नू टी स्टाल के पास, सरफरोश पिता फिरोज कुरैशी निवासी स्लाटर हाउस के पास इमलीपुरा, सलीम बुरहानपुरी निवासी शक्कर तालाब, जसीम निवासी मोघट थाने के पीछे, मुजाहीद कुरैशी निवासी सिंघाड तलाई, गोलु इक्का पंचर दुकान वाला शिवाजी चौक, साहील पिता युनुश निवासी इमलीपुरा, आदिल मंसूरी निवासी उटकुआ, जाहीद पूर्व एआईएमआईएम पार्टी शहर अध्यक्ष निवासी शक्कर तालाब, शेख फराज निवासी अमन नगर खण्डवा, कासीम पिता जाकीर पाईप निवासी खानशावाली, अजहर खान निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी, अफसाना पति युसुफ निवासी खानशावाली, आदनान निवासी घासपुरा, गुडडू निवासी इमलीपुरा, मुदस्सर पिता शेख नईम निवासी सिंघाड तलाई एवं अन्य 25 लोग शामिल हैं जिन पर बीएनएस की धारा 121(1), 125, 126(2), 132, 190, 191(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है ।
दिल्ली पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के आरोपी को किया गिरफ्तार
नई दिल्ली: दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में मोबाइल फोन छीनने के एक मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 23-24 फरवरी की रात को हुई। मोहन गार्डन पुलिस को उस रात एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें यह सूचना मिली कि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन छीन लिया गया है। सूचना मिलने के तुरंत बाद, मामले की जांच एएसआई मुरली सिंह को सौंपी गई। एएसआई मुरली सिंह ने अपनी टीम के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और जांच शुरू की।
जांच में यह सामने आया कि पीड़ित अभिजीत (19), जो मोहन गार्डन, गुरुद्वारा रोड का निवासी है, अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान मुख्य नजफगढ़-उत्तम नगर रोड के पास, मेट्रो पिलर नंबर 749 के पास, दो बाइक सवार आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। आरोपी तुरंत उत्तम नगर की ओर भाग गए। अभिजीत ने तुरंत घटना की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उत्तम नगर थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच का जिम्मा एएसआई मुरली सिंह को सौंपा गया।
एएसआई मुरली सिंह के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें एचसी जितेंद्र, एचसी राकेश और एचसी धर्मेंद्र शामिल थे। इस पूरी जांच की निगरानी इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल ने की, जबकि मार्गदर्शन प्रकाश कुमार सिंह ने प्रदान किया। टीम ने घटना की गहन जांच करने के लिए मोहन गार्डन, डबरी, उत्तम नगर, बिंदापुर और द्वारका नॉर्थ के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का परीक्षण किया। टीम ने गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कई जगहों पर छापेमारी भी की।
जांच के दौरान, पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त किया। मिली जानकारी और फुटेज के विश्लेषण के बाद, टीम ने आरोपी नागेश (21) निवासी डबरी को गिरफ्तार किया। नागेश के पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, नागेश ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसने और उसके साथी जाफर उर्फ साहिल ने मिलकर मोबाइल छीनने की वारदात को अंजाम दिया।
नागेश ने यह भी बताया कि यह उनका पहला अपराध नहीं है। इससे पहले भी वह मोबाइल छीनने जैसी वारदातों में शामिल रहा है। इसके अलावा, जांच के दौरान यह सामने आया कि नागेश पहले से ही कई अन्य मामलों में भी लिप्त रहा है। पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि आरोपी अन्य अपराधों में भी शामिल हो सकता है और उनकी गिरफ्तारी के बाद संबंधित मामलों में आगे की जांच की जाएगी।
भीलवाड़ा : होमगार्ड के 64 पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया 19 मार्च से, उदयपुर में होगा फिजिकल टेस्ट
इस मामले में पुलिस ने यह भी बताया कि अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, गुप्त सूत्रों से मिली सूचना और आसपास के इलाके के संदिग्धों की जांच बेहद सहायक साबित हुई। एएसआई मुरली सिंह ने कहा कि अपराध की स्थिति को देखते हुए, पुलिस टीम ने तेजी से और व्यवस्थित तरीके से जांच की। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की जाँच में टीम की मदद स्थानीय नागरिकों से मिली सूचना ने भी की।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब मोबाइल फोन छीनने की घटना हुई, तो अपराधियों ने साहसिक तरीके से कार्य किया और वहां से बाइक से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने इलाके में लगे कैमरों और गुप्त स्रोतों से जानकारी एकत्रित कर जल्दी ही आरोपी तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की।
इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल ने बताया कि इस गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि दिल्ली पुलिस अपराधियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ती और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्यरत रहती है। उन्होंने आगे कहा कि चोरी और सड़क पर अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज और सख्त होगी।
इस गिरफ्तारी के बाद, मोहन गार्डन और आसपास के इलाके के नागरिकों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने यह भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
विशेष रूप से, यह मामला यह दर्शाता है कि अपराधियों को पकड़ने के लिए तकनीक और मानव संसाधनों का संयोजन बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस ने बताया कि जांच में सीसीटीवी फुटेज के अलावा गुप्त सूत्रों और स्थानीय जागरूक नागरिकों की मदद से ही आरोपी तक पहुँच संभव हो पाया।
मौके पर उपस्थित एएसआई मुरली सिंह ने कहा कि अब जाफर उर्फ साहिल की भी तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी नागेश ने पहले भी चोरी और मोबाइल छीनने जैसी वारदातों में भाग लिया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह अपराध के लिए पूर्व नियोजित तरीके से सक्रिय था।
पुलिस ने जनता से आग्रह किया कि किसी भी आपराधिक गतिविधि के दौरान डरने या हताश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हर घटना की जांच समयबद्ध तरीके से की जाएगी और अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।
अभिजीत ने पुलिस की कार्यवाही की सराहना की और कहा कि अगर पुलिस तुरंत कार्रवाई नहीं करती, तो शायद आरोपी भागकर सुरक्षित हो जाते। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के दौरान उन्हें काफी डर लगा था, लेकिन अब पुलिस की कार्रवाई से उन्हें राहत मिली है।
इस पूरे मामले ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली पुलिस मोबाइल चोरी और सड़क पर होने वाले अपराधों को गंभीरता से लेती है और इसके लिए हर संभव संसाधन का उपयोग करती है। पुलिस की इस सफल कार्रवाई से न केवल पीड़ित को न्याय मिला है, बल्कि अन्य संभावित अपराधियों के लिए भी एक सख्त संदेश गया है कि अपराध कभी भी अनजाना नहीं रहता।
इस गिरफ्तारी और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ ही मोहन गार्डन और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।
इस तरह, एक सुनियोजित और व्यवस्थित जांच के परिणामस्वरूप पुलिस ने मोबाइल फोन की चोरी की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि तकनीकी संसाधनों और पारंपरिक पुलिस उपायों के संयोजन से अपराधियों को पकड़ना संभव है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
भीलवाड़ा : होमगार्ड के 64 पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया 19 मार्च से, उदयपुर में होगा फिजिकल टेस्ट
भीलवाड़ा। गृह रक्षा प्रशिक्षण केन्द्र के अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। वर्ष 2022 की लंबित नामांकन प्रक्रिया के तहत 64 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता एवं अन्य प्रक्रिया आगामी 19 मार्च से 21 मार्च तक आयोजित की जाएगी।
समादेष्टा गृह रक्षा प्रशिक्षण केन्द्र के कमांडेंट ललित व्यास ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया उदयपुर के महात्मा गांधी ग्राउण्ड (चेतक सर्किल के पास) में आयोजित होगी। निदेशालय, गृह रक्षा राजस्थान, जयपुर द्वारा गठित विशेष चयन समिति (बोर्ड) की देखरेख में तीन दिनों तक यह नामांकन कार्य चलेगा। इन 64 पदों के लिए कुल 6415 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
भीलवाड़ा : होमगार्ड के 64 पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया 19 मार्च से, उदयपुर में होगा फिजिकल टेस्ट
विभाग की ओर से प्रत्येक अभ्यर्थी को उनके मोबाइल पर एसएमएस (SMS) और ई-मेल के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना प्रवेश पत्र (Admit Card) डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। इनमें शामिल हैं: मूल निवास और आयु प्रमाण-पत्र। शैक्षणिक एवं विशेष योग्यता प्रमाण-पत्र। जाति, चिकित्सा और विवाह प्रमाण-पत्र। पुलिस सत्यापन प्रमाण-पत्र। हेल्पलाइन नंबर: किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के लिए अभ्यर्थी कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01482-230118 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
हैदराबाद में ड्रग तस्करी के आरोप में दो विदेशी गिरफ्तार
हैदराबाद,। हैदराबाद सिटी पुलिस ने हैदराबाद नारकोटिक एनफोर्समेंट विंग (एच-एनईडब्ल्यू) के साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन में एक विदेशी ड्रग पेडलर और उसके साथी को गिरफ्तार किया और उनके पास से एमएमडीए जब्त किया।
पक्की जानकारी के आधार पर, पुलिस और एच-एनईडब्ल्यू ने मिलकर ऑपरेशन किया और राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के अंदर से यमन के नागरिक अल-अकार अब्दुराबू मोहम्मद अब्दुराबू और उसके असिस्टेंट, फिलिस्तीनी हसन डब्ल्यू. ए. हशेम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से 150 ग्राम एमडीएमए, एक चाकू और चार मोबाइल फोन जब्त किए, जिनकी कीमत 25 लाख रुपए है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, 1985 और फॉरेनर्स एक्ट के सेक्शन 14 के तहत केस दर्ज किया गया। 37 साल का अब्दुराबू हैदराबाद के टोलीचौकी इलाके में रहता था और पहले शहर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज छह मामलों में शामिल था। उसे 2019 और 2022 के बीच रजिस्टर हुए छह केस में अरेस्ट किया गया था, और वह 2023 और 2026 में रजिस्टर हुए दो केस में फरार था। उसका साथी, 28 साल का हसन हशेम, लूडो गेम का कंटेंट क्रिएटर है और बेंगलुरु में रहता था। वह पहले 2022 में बेंगलुरु के येलहंका न्यू टाउन में एनजीपीएस एक्ट और फॉरेनर्स एक्ट के तहत रजिस्टर हुए एक केस में शामिल था। राजेंद्र नगर जोन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, एस. श्रीनिवास ने मीडिया वालों को बताया कि अब्दुराबू, जो ड्रग्स लेता था, वह पेडलर बन गया। उसने वाट्सअप के जरिए ऑर्डर देकर और सप्लायर को ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर करके एक फरार नाइजीरियाई सप्लायर से एमडीएमए और कोकीन जैसी नशीली ड्रग्स सस्ती कीमतों पर खरीदीं। हसन ने सप्लायर से ड्रग्स लेने और उन्हें बेंगलुरु और हैदराबाद में कस्टमर्स को ज्यादा कीमतों पर बेचने में अब्दुराबू की मदद की। कभी-कभी, वे डिस्ट्रीब्यूशन के लिए डेड-ड्रॉप तरीका अपनाते थे, जबकि दूसरी बार, वे आसानी से पैसा कमाने और शानदार लाइफस्टाइल बनाए रखने के लिए जाने-पहचाने कस्टमर्स को डायरेक्ट डिलीवरी करते थे। कुछ मौकों पर, उसने प्राइवेट ट्रैवल बसों के जरिए हैदराबाद के पेडलर्स को ड्रग्स भी भेजे हैं। पुलिस जांच में पता चला कि यमन का नागरिक 2008 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था और दो महीने पुणे में रहा। वह 2009 में फिर से स्टूडेंट वीजा पर भारत आया, पुणे के भारत कॉलेज में बीसीए में एडमिशन लिया, लेकिन अपनी पढ़ाई छोड़ दी।
हैदराबाद में ड्रग तस्करी के आरोप में दो विदेशी गिरफ्तार
2011 में, वह हैदराबाद चला गया और सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया, जिसे भी उसने छोड़ दिया। अब्दुरबु 2012 में यमन लौटा और अगस्त 2015 में स्टूडेंट वीजा पर भारत में फिर से आया, हैदराबाद के आरजीआई एयरपोर्ट पर उतरा। उसका स्टूडेंट वीजा 4 सितंबर, 2015 को खत्म हो गया था और बाद में यमन से 31 दिसंबर, 2016 तक बढ़ा दिया गया था। उसका पासपोर्ट 16 अप्रैल, 2020 को एक्सपायर हो गया था। बाद में उसने जेएनटीयू, हैदराबाद में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) में एडमिशन लिया, लेकिन दूसरे साल में छोड़ दिया और बाद में शहर के एक इंस्टीट्यूट में अलग-अलग टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन की ट्रेनिंग ली। वह फिलिस्तीनी नागरिक सईद अली मोहम्मद अल काफरी के जरिए दिल्ली के एक ड्रग सप्लायर, चिडी के संपर्क में आया, जिसे 2024 में एच-एनईडब्ल्यू ने गिरफ्तार कर लिया था। उसने चिडी को हैदराबाद में अपने कमरे में लगभग आठ महीने तक पनाह दी, जब तक कि चिडी को हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार नहीं कर लिया। रेगुलर ड्रग्स लेने और शानदार जिंदगी जीने के इरादे से आसानी से पैसा कमाने की वजह से, वह एक पेडलर बन गया। उसे अमीरपेट एक्साइज स्टेशन और एम.जी रोड पुलिस, बेंगलुरु ने एनडीपीएस मामलों में कई बार गिरफ्तार किया और अलग-अलग मौकों पर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। ऐसे ही एक समय के दौरान, वह हसन के संपर्क में आया, और दोनों आसानी से पैसा कमाने और शानदार जिंदगी जीने के लिए ड्रग तस्करी की गतिविधियों में शामिल थे।
भीलवाड़ा : अवैध गैस रिफिलिंग पर रसद विभाग का छापा; 10 सिलेंडर और उपकरण जब्त, बड़ी दुर्घटना का खतरा टला
भीलवाड़ा। घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और वाहनों में अवैध रिफिलिंग के खिलाफ भीलवाड़ा रसद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला रसद अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने चंद्रशेखर आजाद नगर स्थित दो प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर अवैध रूप से गैस रिफिलिंग के खेल का भंडाफोड़ किया।
सोफिया रिपेयरिंग और कनक गैस सर्विस पर कार्रवाई जिला रसद अधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि बुधवार को सोफिया रिपेयरिंग और कनक गैस सर्विस पर छापेमारी की गई। मौके से 10 घरेलू गैस सिलेंडर, 4 रेगुलेटर और 1 तौल मशीन जब्त की गई है। जब्तशुदा सामग्री को श्रीनाथ गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिया गया है।
भीलवाड़ा : अवैध गैस रिफिलिंग पर रसद विभाग का छापा; 10 सिलेंडर और उपकरण जब्त, बड़ी दुर्घटना का खतरा टला
ऊंचे दामों पर बेच रहे थे गैस, जान को भी खतरा जांच में सामने आया कि आरोपी 14.2 किग्रा के बड़े घरेलू सिलेंडरों से 5 किग्रा और 2.5 किग्रा के छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर बेचते थे। मुनाफाखोरी: बड़े सिलेंडर की गैस की कीमत करीब 61.48 रुपये प्रति किग्रा पड़ती है, जबकि आरोपी छोटे सिलेंडरों में 100 रुपये प्रति किग्रा के हिसाब से गैस भरकर अवैध मुनाफा कमा रहे थे। अवैध रिफिलिंग : स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दुकानों पर वाहनों में भी अवैध रूप से गैस भरी जाती थी। यह प्रक्रिया अत्यंत खतरनाक है क्योंकि ज्वलनशील एलपीजी के स्थानांतरण के दौरान विस्फोट की आशंका बनी रहती है। कानूनी कार्रवाई रसद विभाग ने यह कार्रवाई एलपीजी ऑर्डर 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि राजस्व हानि और जनहानि को रोकने के लिए ऐसे अवैध रिफिलिंग केंद्रों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
देश के 50 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
मुंबई । मुंबई के स्कूलों, स्टॉक एक्सचेंज और मेट्रो स्टेशनों समेत देश के कई अन्य राज्यों में बम से उड़ाने धमकी भेजकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को मुंबई पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सौरव विश्वास (28) के रूप में हुई है। मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पिछले पांच दिनों में मुंबई, दिल्ली, गुजरात, समेत देश के कई अन्य राज्यों में 50 से अधिक जगहों को बम धमाके की धमकियां भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। उसने यह धमकियां सिर्फ अफरा-तफरी फैलाने के इरादे से भेजी थी। इस मामले में पुलिस लगातार आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, 27 फरवरी को सुबह 8.46 बजे इंटरनेट के जरिए मुंबई के स्कूलों और मेट्रो स्टेशनों को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसमें अगले दो दिनों के भीतर बम विस्फोट करने की बात कही गई थी। धमकी भरे ईमेल से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिंडोशी पुलिस स्टेशन में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज़ कर तत्काल जांच शुरू की गई। तकनीकी विश्लेषण और ईमेल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
देश के 50 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
जांच में खुलासा हुआ कि यह ईमेल पश्चिम बंगाल के न्यू बराकपुर इलाके में रहने वाले सौरव विश्वास नामक शख्स ने भेजा था। आरोपी की तलाश में दिंडोशी पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई। इसी दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। आरोपी इससे पहले भी 16 फरवरी 2026 को अहमदाबाद में इसी तरह का धमकी भरा ईमेल भेज चुका था। अहमदाबाद साइबर पुलिस ने इस मामले में पहले ही केस दर्ज कर रखा था और 1 मार्च 2026 को आरोपी को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने आरोपी को वहां से हिरासत में लिया। अब मुंबई पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने यह धमकी भरा संदेश महज शरारत में किया था या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क और साजिश का हाथ है। इस मामले में फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।