थाना हाफिजपुर में हुई शांति एवं सतर्कता बैठक – ग्राम प्रधानों को मिला जिम्मेदारी का संदेश

थाना हाफिजपुर में हुई शांति एवं सतर्कता बैठक – ग्राम प्रधानों को मिला जिम्मेदारी का संदेश

थाना हाफिजपुर में हुई शांति एवं सतर्कता बैठक – ग्राम प्रधानों को मिला जिम्मेदारी का संदेश
थाना हाफिजपुर में हुई शांति एवं सतर्कता बैठक – ग्राम प्रधानों को मिला जिम्मेदारी का संदेश

हाफिजपुर, 26 सितम्बर 2025: थाना हाफिजपुर में बुधवार को एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता एस.एच.ओ. श्री मनीष चौहान जी ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में शांति, सद्भाव एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा देना और ग्राम स्तर पर होने वाले विवादों को सुलझाने में प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व की सहभागिता सुनिश्चित करना था।

इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के सभी ग्रामों के ग्राम प्रधानों, गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया गया था। बैठक की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें एस.एच.ओ. श्री मनीष चौहान ने सभी उपस्थित लोगों का आभार प्रकट किया और बैठक के उद्देश्य की जानकारी दी।

ग्राम स्तर पर शांति बनाए रखने का संदेश

श्री मनीष चौहान ने ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में गांवों में छोटे-छोटे विवाद बड़ी घटनाओं का रूप ले सकते हैं यदि समय रहते उनका समाधान न किया जाए। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में आपसी समझ-बूझ और वार्ता के माध्यम से विवादों का समाधान करें और थाना स्तर पर आने वाले मामलों की संख्या को कम करें।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी विवाद को सुलझाने में निष्पक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेना आवश्यक है। गांवों में होने वाले छोटे-मोटे झगड़े जैसे भूमि विवाद, आपसी कहासुनी, पारिवारिक कलह आदि को ग्राम स्तर पर ही आपसी सहमति से निपटाया जाना चाहिए।

ईमानदारी, सतर्कता और निष्ठा का संदेश

बैठक में पुलिस निरीक्षक ने न केवल विवादों के समाधान की बात की, बल्कि सामाजिक जीवन में ईमानदारी, सतर्कता और निष्ठा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और सुरक्षित समाज की नींव तभी रखी जा सकती है जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और निष्ठावान हो।

उन्होंने उपस्थित लोगों से यह भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशाखोरी, अवैध व्यापार या असामाजिक तत्वों के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और गांव को सुरक्षित रखा जा सके।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और शिष्टाचार भेंट

इस बैठक में भरिमाना गांव से पं. कुल्त्रीप भारद्वाज, श्री सुधीर कुमार और अन्य सम्माननीय व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की बैठकें समय-समय पर होती रहनी चाहिए ताकि समाज में प्रशासन और जनता के बीच समन्वय बना रहे।

पं. कुल्त्रीप भारद्वाज एवं श्री सुधीर कुमार ने शिष्टाचार भेंट के रूप में एस.एच.ओ. श्री मनीष चौहान जी को सम्मान प्रतीक भेंट किया। यह प्रतीक न केवल उनके सम्मान का परिचायक था, बल्कि प्रशासन और समाज के बीच सकारात्मक रिश्तों का प्रतीक भी बना।

थाना हाफिजपुर में हुई शांति एवं सतर्कता बैठक – ग्राम प्रधानों को मिला जिम्मेदारी का संदेश
थाना हाफिजपुर में हुई शांति एवं सतर्कता बैठक – ग्राम प्रधानों को मिला जिम्मेदारी का संदेश

ग्राम प्रधानों से सीधा संवाद

बैठक के दौरान एस.एच.ओ. मनीष चौहान ने प्रत्येक ग्राम प्रधान से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों को भी सुना। कई ग्राम प्रधानों ने बताया कि छोटे विवादों को सुलझाने में कभी-कभी ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिल पाता, ऐसे में उन्हें प्रशासन की जरूरत होती है। इस पर थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन हर कदम पर ग्राम प्रधानों के साथ है, बशर्ते वे निष्पक्षता और पारदर्शिता से कार्य करें।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से यह भी आग्रह किया कि गांवों में अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखें, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेशों को रोका जाए और युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित किया जाए। इसके लिए पुलिस और ग्राम स्तर की समितियों को मिलकर कार्य करना चाहिए।

सुरक्षा और विकास में भागीदारी का संकल्प

बैठक के अंत में सभी ग्राम प्रधानों और उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने क्षेत्र की सुरक्षा, विकास और शांति के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है और इससे निश्चित रूप से क्षेत्र में आपसी सद्भाव और सहयोग की भावना को बल मिलेगा।

गांव के विकास में शांति और व्यवस्था का बहुत बड़ा योगदान होता है। यदि गांवों में शांति बनी रहेगी, तो विकास कार्य भी सुचारू रूप से होंगे और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रियाएं

बैठक के बाद कई ग्रामीणों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। भरिमाना गांव के एक वरिष्ठ नागरिक ने बताया, “पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि पुलिस प्रशासन वास्तव में गांव के लोगों के साथ जुड़ना चाहता है। अगर ग्राम प्रधान और पुलिस मिलकर काम करें तो गांव में बहुत से विवाद जड़ से समाप्त हो सकते हैं।”

एक अन्य युवा प्रतिनिधि ने कहा, “पुलिस को लेकर हमारे मन में जो डर होता था, वह इस बैठक से काफी हद तक कम हुआ है। हमें अब लगता है कि पुलिस हमारी साथी है, दुश्मन नहीं।”

भविष्य में ऐसी और बैठकों की योजना

थाना प्रभारी ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में समय-समय पर इस प्रकार की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें न केवल ग्राम प्रधान बल्कि शिक्षकों, युवाओं, महिलाओं और अन्य वर्गों को भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि “सशक्त समाज तभी बनता है जब हर नागरिक, हर पदाधिकारी और हर प्रतिनिधि अपने दायित्वों को समझे और उन्हें निभाए। हमारा उद्देश्य सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण करना है।”

वर्चस्व के साथ बदले की जंग में हुई थी पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूरा की हत्या, सुम‍ित ने पैर छूने के बाद मारी थी कई गोली

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मुरादाबाद। 
  • राजनीति में चमक रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की हत्या वर्चस्व और बदले की जंग में हुई थी। वर्ष 2013 में उनके रिश्ते के भांजे रिंकू की हत्या हुई तो उसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत तीन को आरोपित बनाया गया। भाई की हत्या का बदला लेने के लिए सुमित चौधरी ने साथियों संग मिलकर 23 फरवरी 2015 को हत्या कर दी थी।
  • गोली मारने से पहले आरोपित ने पूर्व ब्लॉक के पैर छुए थे और उसके बाद हत्या कर दी थी। उसी समय सुमित अपने रिश्तेदार पंकज के साथ पकड़ा गया था। यह 2018 में बदायूं जेल से फरार हो गया था। तभी से इसकी तलाश चल रही थी। फरारी के दौरान कोर्ट ने इसकी फाइल को अलग कर अन्य हत्यारोपित पंकज, रामवीर, नेमपाल और निपेंद्र के मामले में सुनवाई जारी रखी। चारों आरोपितों के खिलाफ गवाही हो गई और कोर्ट में केस अंतिम दौर में है।
  • हिमायूंपुर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा ने राजनीति में वर्ष 2000 में कदम रखा। वह डिलारी ब्लॉक के प्रमुख बने। दोबारा वर्ष 2006 में फिर से ब्लॉक प्रमुख बने। इस दौरान उनका वर्चस्व बढ़ना शुरू हो गया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रिश्ते का भांजा बिलारी क्षेत्र नवैनी गद्दी रिंकू चौधरी भी साथ रहने लगा। इसी बीच वर्ष 2013 में रिंकू चौधरी की सिविल लाइंस क्षेत्र में हत्या कर दी गई। इस हत्या में योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा, सुशील चौधरी, इनके भाई संजीव चौधरी और रिजवान प्रधान को आरोपित बनाया गया।
विवेचना में सुशील चौधरी का नाम पुलिस ने निकाल दिया,
  • लेकिन पूर्व ब्लॉक प्रमुख, संजीव चौधरी और रिजवान को पुलिस ने जेल भेजा था, लेकिन यहां से बदले की जंग शुरू हो गई। रिंकू चौधरी के भाई सुमित चौधरी ने भाई की हत्या का बदला लेने का मन बना लिया। पूर्व ब्लॉक की हत्या करने की उसने हर संभव प्रयास शुरू कर दिए। 23 फरवरी 2015 को कचहरी में रिंकू हत्याकांड के मामले में जेल से पुलिस कस्टडी में पेशी पर कोर्ट लाया गया था। उसी दौरान सुमित साथियों संग पहुंच गया था। सुमित ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पैर छुए और उसके बाद पिस्टल से कई गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। हालांकि पुलिस कर्मियों ने मौके पर ही सुमित और उसके ममेरे भाई पंकज को गिरफ्तार कर लिया था।
  • इस मामले में पुलिस ने सुमित, पंकज के अलावा सुमित के पिता रामवीर, मामा नेमपाल और बहनोई निपेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन विवेचना के दौरान निपेंद्र का नाम निकाल दिया था। उधर सुमित को मुरादाबाद से बदायूं जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। 12 मई 2018 की रात कुख्यात अपराधी चंदन की मदद से सुमित जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था। उस पर दो लाख का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस के अलावा एसटीएफ भी उसे तलाश कर रही थी। सुमित पुलिस के हत्थे नहीं लग रहा था। ऐसे में कोर्ट ने सुमित की फाइल को अलग करके पंकज, रामवीर और नेमपाल के मामले में सुनवाई शुरू कर दी थी। अब आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में गवाही पूरी हो गई है। केस अंतिम दौर में है।
वर्चस्व के साथ बदले की जंग में हुई थी पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूरा की हत्या, सुम‍ित ने पैर छूने के बाद मारी थी कई गोली
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वर्ष 2023 में कोर्ट की अवमानना की प्राथमिकी हुई थी दर्ज

  • वर्ष 2018 के बाद से लगातार सुमित फरार चल रहा था। उसके खिलाफ कोर्ट से वारंट भी जारी हुए, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। सुमित की फरारी के कारण उसके खिलाफ मुरादाबाद कोर्ट में चल रहे केसों की सुनवाई भी बाधित हो रही है। सिविल लाइंस थाने में कैंप चौकी प्रभारी रहे मोहम्मद तालिब ने बिलारी के नवेली गद्दी निवासी सुमित के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस दर्ज कराया था।

पंकज जेल में, दो आरोपित बाहर

  • पूर्व ब्लॉक प्रमुख की हत्या में पुलिस ने सुमित, पंकज, रामवीर और नेमपाल को आरोपित बनाया था। रामवीर और नेमपाल को कोर्ट ने जमानत दे दी थी। जबकि पंकज अब भी मुरादाबाद जेल में है। इस हत्याकांड के पंकज के अलावा सुमित भी जेल पहुंच गया है।

पूर्व ब्लॉक की बेटी बनी सीओ, बेटा इंजीनियर

  • पूर्व ब्लॉक प्रमुख आयुषी सिंह ने पिता की मृत्यु के बाद हिम्मत नहीं हारी थी और पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की है। इसके बाद वह सीओ बन गई। आयुषी बताती है कि पिता की हत्या के समय ही मन में अधिकारी बनने का जो सपना अपनी आंखों में पाला था।

सात साल तक परिवार से भी नहीं किया संपर्क

  • बदायूं जेल से फरार होने के बाद सुमित ने परिवार से भी संपर्क नहीं किया था। कई बार पुलिस उसके घर पहुंची थी। हर समय परिवार के नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर रखा गया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। क्षेत्र में चर्चा थी कि आरोपित नेपाल भाग गया है। कुछ न तो उसकी मृत्यु होने की बात भी कहनी शुरू कर दी थी। तमाम पुलिस कर्मियों ने इसकी तलाश के प्रयास किए, लेकिन हर प्रयास असफल ही हुए।

ललित कौशिक से भी जोड़ा गया था सुमित का नाम

  • जेल में बंद पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक से भी सुमित का नाम जोड़ा गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ललित कौशिक का सुमित चौधरी खास शूटर था। पूर्व ब्लॉक प्रमुख की हत्या से पहले ही यह ललित कौशिक के लिए काम करता था। कई बार ललित कौशिक से भी पुलिस ने इसके बारे में पूछताछ की थी।
उद्यमियों से ठगी कर लाखों का कपड़ा प्रतापगढ़ में बेचा, व्यापारी गिरफ्तार

उद्यमियों से ठगी कर लाखों का कपड़ा प्रतापगढ़ में बेचा, व्यापारी गिरफ्तार

उद्यमियों से ठगी कर लाखों का कपड़ा प्रतापगढ़ में बेचा, व्यापारी गिरफ्तार
उद्यमियों से ठगी कर लाखों का कपड़ा प्रतापगढ़ में बेचा, व्यापारी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर:- की शिवलोक कॉलोनी में एक युवती के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पायल नामक युवती को हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्होंने युवती को 60 लाख रुपये की बिलिंग पर 75 हजार रुपये टैक्स का भय दिखाया।

ठगों ने मारपीट के वीडियो भेजकर युवती को धमकी दी। उन्होंने कहा कि पैसे नहीं देने पर पुलिस उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार करेगी। डर के मारे पायल ने 61 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। ये पैसे उसने अपनी शादी के लिए पिता की मृत्यु के बाद इकट्ठे किए थे।

जब पायल की मां रीना को इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने ठग से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने दूसरे फोन से इस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी की। परिवार ने साइबर सेल और थाने में शिकायत की। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र सौंपा। एसपी सिटी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।ब्यावर निवासी शातिर ठग संजय शाह से पूछताछ के बाद पुलिस ने प्रतापगढ़ के व्यापारी को गिरफ्तार कियापाली |

उद्यमियों से ठगी कर लाखों का कपड़ा प्रतापगढ़ में बेचा, व्यापारी गिरफ्तार
उद्यमियों से ठगी कर लाखों का कपड़ा प्रतापगढ़ में बेचा, व्यापारी गिरफ्तार

शहर के उद्यमियों को ग्रे कपड़े की खरीद-फरोख्त में करीब 80 लाख रुपए से ज्यादा कीमत का कपड़ा लेकर अन्यत्र बेचने के मामले में रिमांड पर चल रहे है शातिर ठग संजय शाह पुत्र पदमचंद जैन निवासी ब्यावर से पूछताछ के बाद प्रतापगढ़ के बारा वरदा निवासी व्यापारी कांतिलाल जैन पुत्र केसरीमल को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। कोतवाली थाने में इस मामले के जांच अधिकारी भंवरलाल माली ने बताया कि पाली के उद्यमियों से कपड़ा लेकर आरोपी संजय ने फर्जी बिल्टी की मदद से प्रतापगढ़ में कांतिलाल को बेचे थे। इस मामले में आरोपी संजय शाह रिमांड पर है, जबकि आरोपी कांतिलाल को कोर्ट के आदेश पर शनिवार को जेल में भेज दिया। इस मामले में शहर की दो कार्गो कंपनी व अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है, जिनसे भी पुलिस पूछताछ करेगी।

फर्जी बिल्टी से बेचते कपड़ा, कार्गो में बदल देते

कोतवाल गंगाराम खावा ने बताया कि ब्यावर निवासी संजय शाह के खिलाफ गुजरात में भी ठगी के मामले दर्ज है, जो पिछले कुछ समय से पाली के टैगोर नगर इलाके में रह रहा था। उसने टैगोर नगर निवासी रिषभ मेहता के साथ मिल गुरु कृपा ट्रेडर्स के नाम से ग्रे कपड़ा की खरीद-फरोख्त में दलाली का काम शुरू किया। इस फर्म से पाली शहर के कई उद्यमी व्यापार करने लगे, लेकिन आरोपी संजय शाह ने काफी सारी इकाइयों के उद्यमियों का करीब 80 लाख रुपए से अधिक का कपड़ा कहीं और जगह भेज कर बेच दिया। रिषभ मेहता ने भी संजय के खिलाफ उसकी कार व 2 लाख रुपए लेकर भागने के आरोप में मामला दर्ज कराया था, जिसमें उसे गिरफ्तार किया गया था। पाली निवासी नवरतन मेहता ने भी आरोपी संजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एम मेहता ट्रेडर्स से भी लाखों रुपए की ठगी की गई। इस मामले में आरोपी को रिमांड पर ले रखा है।

हरियाणवी एक्टर उत्तर कुमार को बड़ी राहत, यौन शोषण मामले में मिली जमानत

हरियाणवी एक्टर उत्तर कुमार को बड़ी राहत, यौन शोषण मामले में मिली जमानत

हरियाणवी एक्टर उत्तर कुमार को बड़ी राहत, यौन शोषण मामले में मिली जमानत
हरियाणवी एक्टर उत्तर कुमार को बड़ी राहत, यौन शोषण मामले में मिली जमानत
गाजियाबाद की विशेष अदालत ने मशहूर हरियाणवी अभिनेता उत्तर कुमार को
  • यौन शोषण के मामले में दस दिन बाद जमानत मंजूर कर दी। अदालत ने माना कि आरोपी का कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। हालात भी जमानत के पक्ष में हैं। कोर्ट ने दो लाख रुपये के व्यक्तिगत जमानत बांड और दो जमानतियों के साथ रिहाई का फैसला सुनाया।
Haryanavi Actor Uttar Kumar:
  • हरियाणवी फिल्मों के प्रसिद्ध कलाकार उत्तर कुमार को गाजियाबाद की विशेष न्यायाधीश अदालत (एससी/एसटी एक्ट) से बड़ी राहत मिली। अदालत ने यौन शोषण केस में उन्हें जमानत याचिका स्वीकार कर ली। यह फैसला जेल में करीब दस दिन गुजारने के बाद आया। अदालत का निर्देश है कि वे दो लाख रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और इतनी ही रकम के दो मुचलकेदार जमा करें, तो रिहा हो जाएंगे।
  • पीड़िता का दावा था कि उत्तर कुमार ने करियर की तरक्की और शादी का लालच देकर उसके साथ शोषण किया। पुलिस ने केस दर्ज कर उन्हें पकड़ लिया और जेल भेज दिया। वकीलों ने बचाव में कहा कि आरोपी 55 साल का शादीशुदा आदमी है। उनके दो बच्चे हैं। उनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं। उन्होंने जांच में पूरा साथ दिया। उनके खिलाफ कोई मजबूत वैज्ञानिक या इलेक्ट्रॉनिक सबूत नहीं मिला।
हरियाणवी एक्टर उत्तर कुमार को बड़ी राहत, यौन शोषण मामले में मिली जमानत
हरियाणवी एक्टर उत्तर कुमार को बड़ी राहत, यौन शोषण मामले में मिली जमानत
हरियाणवी फिल्मों के मशहूर कलाकार उत्तर कुमार को
  • गाजियाबाद की विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) अदालत से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उन्हें यौन शोषण के मामले में जमानत दे दी है. यह आदेश उनके जेल में लगभग दस दिन बिताने के बाद आया है. अदालत ने कहा कि अभियुक्त को दो लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि के दो जमानतदार पेश करने पर रिहा किया जाए. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पीड़िता बालिग और इंडस्ट्री में अनुभवी है और उसे अभियुक्त की वैवाहिक स्थिति की जानकारी थी. प्राथमिकी दर्ज करने में लगभग दो वर
यौन शोषण के मामले में में गए थे जेल
  • मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उत्तर कुमार ने पेशेवर उन्नति और शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया. पुलिस ने मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि अभियुक्त 55 वर्षीय विवाहित व्यक्ति हैं, उनके दो बच्चे हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. उन्होंने विवेचना में पूरा सहयोग किया और उनके खिलाफ कोई ठोस वैज्ञानिक या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है.
बदतमीजों का सरदार,डॉक्टर प्रभात कुमार,काबिलियत पर हावी जाहिलियत

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बदतमीजों का सरदार,डॉक्टर प्रभात कुमार,काबिलियत पर हावी जाहिलियत
उपेन्द्र श्रीवास्तव जौनपुर — तुम कौन हो बे ? हट किनारे चूतिया
  • अगर कोई व्यक्ति किसी जिम्मेदार व्यक्ति से कुछ आवश्यक जानकारी प्राप्त करना चाहे और उत्तर देने वाला उत्तर देने के बजाय उपरोक्त शब्द का प्रयोग करे तो सुनने वाले को कैसा महसूस होगा ? और तुर्रा उस पर यह हो कि पूछने वाला वरिष्ठ पत्रकार हो और जवाब देने वाला जिला अस्पताल का जिम्मेदार डाक्टर हो। स्वाभाविक है यदि प्रश्नकर्ता कूल माइंडेड न हो तो जवाब देने वाले का मुंह फटे जूते या सूखे हुए नेनुआ की तरह होने में देर नहीं लगेगी। फिर चाहे घटनास्थल कोई भी जगह हो।
जी हाँ कुछ ऐसा ही विगत दिवस जिला अस्पताल जौनपुर में देखने को मिला।
  • हुआ यह कि पुरानी बाजार क्षेत्र से एक मरीज अस्पताल पहुंचा जिसे बोलने में असुविधा हो रही थी। उस मरीज ने अपने परिचित वरिष्ठ पत्रकार से फोन पर अपनी समस्या बताई और अस्पताल ले चलने को कहा। पत्रकार ने जिला अस्पताल जाने की सलाह दी। चूंकि मरीज को दिक्कत हो रही थी इसलिए उसके परिजन उसे लेकर स्वयं अस्पताल आ गये और पत्रकार को वहीं बुलवाया। पत्रकार ने इमरजेंसी पर मौजूद डाक्टर से बात की जिसमें यह जानकारी मिली कि अभी एडमिट कर ले रहे हैं,दिल से संबंधित समस्या लग रही है,अगर यहाँ से कंट्रोल हो गया तो ठीक अन्यथा बीएचयू (मेडिकल कालेज,वाराणसी) बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जायेगा। दूसरे दिन मरीज को देख रहे डाक्टर प्रभात कुमार ने मरीज की भोली भाली पत्नी से भर्ती पेपर पर यह लिखवा लिया कि हम बीएचयू जाने में असमर्थ हैं मेरे पास पैसा नहीं है,जो कुछ होगा उसकी सारी जिम्मेदारी हमारी है,आदि आदि और हस्ताक्षर करवा लिया।
इसके बाद ट्रीटमेंट बंद करवा दिया और चला गया।
  • उस दिन पत्रकार शहर से बाहर थे अगले जब वह अस्पताल आये तो पता चला कि इलाज कल से ही बंद है। पत्रकार ने अपने संगठन के मंडल अध्यक्ष को सारा घटनाक्रम बताया जिन्होंने सीएमएस से बात की जिस पर सीएमएस ने पत्रकार को इलाज से संबंधित सारी बातें विधिवत समझा दी। पत्रकार ने भी परिजन को सीएमएस की बातों का अनुसरण करने के लिए कहा।इसी दौरान परिजन ने निवेदन किया कि एक बार और चेक करवा दें कि कोई तथ्य छूट तो नहीं गया है जिस पर सीएमएस ने पूरी संवेदनशीलता के साथ डाक्टर प्रभात कुमार को मरीज के पास फाइनली चेक करने के लिये भेजा।
बदतमीजों का सरदार,डॉक्टर प्रभात कुमार,काबिलियत पर हावी जाहिलियत
बदतमीजों का सरदार,डॉक्टर प्रभात कुमार,काबिलियत पर हावी जाहिलियत
वहाँ पर उपस्थित पत्रकार जैसे ही
  • प्रभात कुमार के सम्मुख प्रभात कुमार की ओपिनियन जानने के लिये आये, वैसे ही बदतमीजी और बेहूदगी का प्रदर्शन करते हुए प्रभात कुमार ने पत्रकार से कहा कि,कौन हो बे तुम, इस अनपेक्षित हमले से पत्रकार सन्न रह गये और तुरंत अपना परिचयपत्र दिखाया जिस पर डाक्टर के भेष में छिपे गुंडे ने फिर कहा,इसे हटा और हट किनारे चूतिया। पत्रकार ने बेहूदे डाक्टर से उलझने से बेहतर सीएमएस शिकायत करना बेहतर समझा। सीएमएस ने माना कि बदतमीज डाक्टर की अक्सर शिकायत आती रहती है लेकिन कामकाज प्रभावित न हो इसलिए कभी समझा देते हैं कभी उपेक्षित कर देतें हैं।
लेकिन इस मामले में माफी मंगवा देंगे।
  • प्रभात कुमार मरीज को नर्सिंग होम में भर्ती करने के फिराक में था लेकिन पत्रकार की मौजूदगी में दाल गल नहीं रही थी।चूंकि प्राथमिकता मरीज को बेहतर इलाज के लिये बीएचयू की थी इसलिए पत्रकार ने पहले मरीज को वाराणसी रवाना करवाया। पूछने पर पत्रकार ने बताया कि बेहूदा प्रभात कुमार जब से अस्पताल में आया है तब से इसी तरह मरीजों को आतंकित करता रहता है। अस्पताल से बाहर की दवाइयाँ लिखना और खास दूकान से ही खरीदने के लिए जोर डालना,अन्यत्र से खरीदने पर वापस करवा देना इसकी आदत बन चुकी है।
  • इसी डाक्टर के द्वारा मरीजों व पत्रकारों से दुर्व्यवहार पर कुछ महीने पूर्व अस्पताल में हंगामा हुआ था।इस डाक्टर की पोस्टिंग नक्सलाइट एरिया या किसी मंत्री की मेडिकल टीम में होनी चाहिए न कि जौनपुर जैसे शांत और संवेदनशील जगह पर। काबिलियत तो कम दिखी परन्तु जाहिलियत कूट कूट कर भरी हुई दिखी। इस तरह के डाक्टर अस्पताल की शांति अपनी हरकतों से कभी भी भंग कर सकते हैं।
सीएमओ को भी इस गुंडई की जानकारी दी जायेगी।
  • सीएमओ को संज्ञान लेना चाहिए।एक तरफ गुंडे किस्म के प्रभात कुमार जैसे डाक्टर जिला अस्पताल की नाक कटवा रहे हैं वहीं इसी अस्पताल में डाक्टर सैफ हुसैन, डाक्टर अमरदीप,डाक्टर के.के. राय जैसे अन्य कई डाक्टर्स भी हैं जो मृदुभाषी होने के साथ साथ मरीजों और परिजनों के बीच देवता के समान लोकप्रिय हैं। फिलहाल इस बदतमीजी के विरुद्ध कार्यवाही पत्रकार द्वारा की जरूर की जायेगी ऐसा संकेत पत्रकार के एक्शन से प्रतीत हुआ।
नवरात्रि में 12 दिन बंद रखें दुकानें, यूपी के शामली में मीट दुकानदारों को प्रशासन का नोटिस

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नवरात्रि में 12 दिन बंद रखें दुकानें, यूपी के शामली में मीट दुकानदारों को प्रशासन का नोटिस
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उत्तर प्रदेश के शामली जिला प्रशासन ने नवरात्रि को लेकर बड़ा कदम उठाया है. धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे जनपद में मीट की दुकानें बंद कराई जा रही हैं. वहीं आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. शामली शहर में लगभग 50 से ज्यादा मीट दुकानदारों को नोटिस दिया गया है कि नवरात्रि में 12 दिन मीट की दुकानें बंद रहेंगी.

शामली शहर में 50 से अधिक मीट की दुकानें संचालित हो रही थीं. सभी दुकानदारों को प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए है कि नवरात्रि के दौरान दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी. अधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई भी दुकानदार आदेश का उल्लंघन करते हुए दुकान खोलते पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

नवरात्रि में 12 दिन बंद रखें दुकानें, यूपी के शामली में मीट दुकानदारों को प्रशासन का नोटिस
नवरात्रि में 12 दिन बंद रखें दुकानें, यूपी के शामली में मीट दुकानदारों को प्रशासन का नोटिस

प्रशासन की इस कार्रवाई का असर पहले दिन से ही दिखना शुरू हो गया है. धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है. उनका कहना है कि नवरात्रि के दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक और शांतिपूर्ण रहना चाहिए, ताकि लोगों की आस्था को ठेस न पहुंचे. जिला प्रशासन ने पुलिस और नगर पालिका की टीमों को लगातार निगरानी में रहने के निर्देश दिए हैं.अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यानी साफ है कि शामली में नवरात्रि की शुरुआत कड़े नियमों और धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ की जाएगी. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और दुकानदारों को नियम मानने की सख्त हिदायत दी गई है.

वहीं दुकानदार नदीम का कहना है कि हम अपनी मर्जी से पहले ही दुकान बंद कर देते हैं,  क्योंकि यह मंदिर का रास्ता है और लोग यहां से गुजरते हैं. उनको समस्या ना हो, इसीलिए हम सभी दुकानें 12 दिन के लिए बंद कर देते हैं. सरकार का आदेश हो या फिर किसी का भी, हम मानने के लिए तैयार हैं. वहीं एसपी नरेंद्र प्रताप का कहना है कि यहां सिर्फ पीठ मंदिर शाकुंभरी देवी मार्ग, जो सहारनपुर के क्षेत्र में स्थित है, यह रास्ता वहां से होकर जाता है, जिसकी वजह से नोटिस देकर 12 दिन के लिए दुकान बंद कराई गई है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना ना हो.

जोधपुर क्राइम फाइल...यहां पढ़िए अपराध समाचार

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ट्रेन से कटा युवक, हादसे में अधेड़ की मौत जोधपुर। ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। सड़क पर आये गौवंश की चपेट में आने से स्कूटी सवार अधेड़ की मौत हो गई। बनाड़ थाने में दी रिपोर्ट में भोपालगढ़ के बुड़किया निवासी जयदेव पुत्र हीराराम जाट ने पुलिस को बताया कि 24 सितम्बर को क्षितिज पैट्रोल पंप के पास उसके भाई जगदेव सियाग की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। भगत की कोठी थाने में दी रिपोर्ट में पुरानी लाईन राईकाबाग उदयमंदिर क्षेत्र में रहने वाले सुमित सिंह पुत्र दपलपतसिंह ने पुलिस कोबताया कि2 3 सितम्बर की शाम के समय उसके पिता दलपतसिंह पुत्र देवीसंिह राजपूत एकिट्वा से घर आ रहे थे इसी दौरान पीली टंकी के पास अचानक सड़क पर आये गौवंश की चपेटमें आने से वो संतुलन खोकर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गये। जिन्होने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसी प्राकर विवेक विहार थाने में दी रिपोर्ट में झालावाड़ के खानपुर के राजपुरा निवासी विष्णु कुमार पुत्र सूरजमल भील ने पुलिस कोबताया कि 23 सितम्बर की शाम के समय गुड़ा विश्नोईयान गांव में खेत में काम करते समय उसके भाई रामपाल पुत्र सूरजमल बेहोश हो गया। इलाज के लिये अस्पताल लेकर गये जहा पर उसने दम तोड़ दिया। प्रतापनगर थाने में दी रिपोर्ट मेंं शेरगढ के सोमेशर निवासी शाहबुदीन पुत्र उस्मान खां ने पुलिस कोबताया कि 23 सितम्बर को सिद्धार्थ होटल कायलाना रोड़ पर काम करनेवाले उसके भाई सकूर खां पुत्र घाते खां की हार्ट अटेक से मौत हो गई। दो नाबालिग, एक युवती और तीन युवक लापता जोधपुर। दो नाबालिग के अपहरण का और एक युवती, तीन युवको के बिना बताये घर से लापता होने पर परिजनों ने संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज करायी। माता का थान थाने में दी रिपोर्ट में हल्का क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने बताया कि उसकी पुत्री 24 सितम्बर की सुबह के समय बिना बताये कही चली गई। उसको शक है कि आरोपी सुरेन्द्र उसको अपहरणकर ले गया। कुड़ी भगतासनी थाने में दी रिपोर्ट में सेक्टर 2 कुड़ी भगतासनी निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि 24 सितम्बर को उसी नाबालिग पुत्री बिना बताये घर से कही चली गई। तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करक जांच और तलाश शुरू की। लूणी थाने में दी रिपोर्ट में फींच निवासी एक युवक ने बताया कि 24 सितम्बर को उसकी बहन बिना बताये कही चली गई। तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंडोर थाने में दी रिपोर्ट में आदर्श बस्ती नागौरी बेरा मंडोर निवासी सुनील कुमार पुत्र हरदास वाल्मिकी ने पुलिस को बताया कि 23 सितम्बर की दोपहर के समय उसका पुत्र साहिल (21) बिना बताये कही चला गया। माता का थान थाने में दी रिपोर्ट में सैन मंदिर के पास मदेरणा कॉलोनी निवासी हेमेन्द्र पुत्र भानाराम जाट ने पुलिस को बताया कि उसका भाई पुखराज पुत्र भानाराम 23 सितम्बर को बिना बताये कही चला गया। महामंदिर थाने में दी रिपोर्ट में सेवकी खुर्द बावड़ी निवासी दुर्गपाल सिंह पुत्र परबतसिंह ने पुलिस को बताया कि 23 सितम्बर को उसका चचेरा भाई भंवरसिंह पुत्र गायडसंिह महामंदिर क्षेत्र में घर से बिना बताये कही चला गया। 

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सूने मकानों में सैंधमारी, सोने चांदी के जेवरात, लेपटॉप चोरी जोधपुर। सूने मकानो के ताले तोड़कर सोने चांदी के जेवरात, नकदी और लेपटॉप क्रेडिट कार्ड चुराकर ले जाने के मुकदमे मकान मालिको ने संबंधित थाने में दर्ज कराये। करवड़ थाने में दी रिपोर्ट में विनायकपुरा निवासी गोपाराम पुत्र सुरजाराम विश्नोई ने पुलिस को बताया कि 24 सितम्बर की दोपहर के समय अज्ञात नकबजनों ने उसेक मकान के ताले तोड़कर बक्से और अलमारी में रखी सोने की कंठी 20 ग्राम, दो सोने की लूंग की जोड़ी 8 ग्राम, 2 या 3 चांदी के सिक्के व 50 हजार रूपये की नकदी चुराकर ले गया। चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में रूपनगर स्वाईसी किचन के पीछे पाल रोड़ निवासी दिलीप कुमार पुत्र राधेश्याम शर्मा ने पुलिस को बताया कि 2 सितम्बर से 4 सितम्बर के बीच सूने रहे उसके मकान के ताले तोड़कर अज्ञात नकबजन घर में रखे लेपटॉप, नकदी और क्रेडिट कार्ड चुर्कर ले गया। माता का थान थाने में दी रिपोर्ट में भदवासिया अस्पताल के पास रहने वाले कबाड़ के व्यापारी राजेश पुत्र स्व. फूलचंद जटिया ने पुलिस को बताया कि उसकी कबाड़े की दुकान से 23 सितम्बर की सुबह के समय अज्ञात व्यक्ति गोदाम में रखे तांबे, पीतल व अन्य मेटलस के कट्टे चुराकर ले गया। दो बाईक चोरी :- प्रतापनगर थाने में दी रिपोर्ट में मूलतया चामू के गोदेलाई हाल सुथला ठाकुर जी का मंदिर के सामने रहने वाले कानाराम पुत्र लिखमाराम जाट ने पुलिस को बताया कि 24 सिकतम्बर को अज्ञात व्यक्ति घर के बाहर खड़ी की उसकी बाईक को चुराकर ले गया। सरदारपुरा थाने में दी रिपोर्ट में जीवन हार्डवेयर मोदी आर्किकेड बोम्बे मोटर्स चौराहे के पास रहने वाले राजेन्द्र कुमार पुत्र ओरवचंद राजपुरोहित ने पुलिस को बताया कि 22 सितम्बर की शाम के समय घर के बाहर खड़ी की उसकी बाईक को अज्ञात वाहन चोर चुराकर ले गया। बजरी से भरा डम्पर जब्त जोधपुर। झंवर पुलिस ने एक बजरी से भरे डम्पर को जब्त कर चाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। झंवर तानाधिकारी बंशीलाल ने बड़ला नगर क्षेत्र में अवैध रूप से बजरी का परिवहन कर रहे बालोतरा जिले के मंडली थानान्तर्गत भोमाराम पुत्र मेहराराम देवासी े खिलाफ बीएनएस और एमएमडीआर एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। खाईवाल गिरफ्तार :- महामंदिर थाने के हैडकांस्टेबल गणपतसिंह ने टूटी फाटक के पास गुब्बाखाई कर रहे मोईन पुत्र महबूब को गिरफ्तार कर दाव पर लगी 720 रूपये की राशि और पर्चिया जब्त की। महिला से मारपीट कर चैन छीनी, युवक से नकदी जोधपुर। रास्ता रोककर मारपीट कर सोने की चैन छीनने का मुकदमा महिला ने देवनगर थाने में और रास्ता रोककर गाड़ी में तोडफ़ोड़ कर नकदी छीनने का मुकदमा युवक ने बोरानाड़ा थाने में दर्ज कराया। देवनगर थाने में दी रिपोर्ट में रेजिडेंसी रोड़ बॉम्बे मोटर्स चौराहे के पास रहने वाली श्रीमती आशा देवी पत्नी देवदास सिंधी ने पुलिस को बताया कि 23 सितम्बर की शाम के समय चौधरी कार डेकोर के मालिक ताराचंद चौैधरी ने उसके कर्मचारी महेश कुमार को रोककर मारपीट की और बीच बचाव करने के दौरान उसके साथ भी दुव्र्यवहार कर गले में पहनी सोने की चैन छीनकर ले गया। बोरानाड़ा थाने में दी रिपोर्ट में लूणी के फींच गांव के हमीर नगर निवासी विक्रम पुत्र रामलाल विश्नोई ने पुलिस कोबाया कि 23 सितम्बर को वह भाण्डू चौराहे पर गाड़ी लेकर आये जहां पर दिनेश पुत्र रासाराम, दिनेश पुत्र रामचन्द्र, दिनेश पुत्र घेवरराम, श्यामलाल पुत्र हीराराम ने एकराय होकर उसकी गाड़ी में तोडफ़ोड़ की और उसके पास रखी तीन हजार रूपये की नकदी छीनकर ले गये। युवक पर जानलेवा हमला, मारपीट के मुकदमे दर्ज जोधपुर। आपसी रंजिश के चलते जानलेवा हमला करने का मुकदमा प्रतापनगर थाने में दर्ज कराया गया। जबकि गेस्ट हाउस में घुसकर मारपीट का मुकदमा मंडोर थाने में संचालक ने नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया। प्रतापनगर थाने में दी रिपोर्ट में गजानंद कॉलोनी सूथला निवासी सूर्यदेव पुत्र प्रभुसिंह चारण ने पुलिस को बताया कि 24 सितम्बर को राहुल बागरी वगैरा ने एकराय होकर उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। मंडोर थाने में दी रिपोर्ट में ढलावता बेरा मंडोर क्षेत्र में गेस्ट हाउस चलाने वाले लक्ष्मणसिंह पुत्र स्व. सोहनसिंह गहलोत ने पुलिस को बताया कि 13 सितमम्बर की सुबह के समय आरोपी खुशाल, अभिशेष और नमन ने एराय होकर उसके गेस्टहाउस में घुसकर उसके साथ मारपीट की। इसी प्रकार चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में ज्वाला विहार निवासी जतिन मोटवानी पुत्र स्व. सुधीर मोटवानी ने पुलिस को बताया कि आरोपी ललित परवानी, रूपाराम विश्नोई, शंकर सोलंकी, सुशील बोड़ा ने एकराय होकर उसके प्लाट पर अतिक्रमण किया और विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट और हाथापाई की। कुड़ी भगतासनी थाने में दी रिपोर्ट में सरस्वती नगर निवासी दिलजीत प्राकश पुत्र पुखराज सुथार ने पुलिस कोबताया कि 10 सितम्बर को तीन चार अज्ञात युवकों ने एरकाय होकर उसेक मकान में घुसकर कब्जा कर लिया। जोधपुर। पटवारी परीक्षा में डमी केंडिडेट बैठाने का मुकदमा कोतवाली बारा से प्राप्त एफआईआर पर चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दर्ज की गई। चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में कोतवाली बारा थानाधिकारी ने पुलिस को बताया कि गत माह 17 अक्टूबर को आयोजित पटवारी परीक्षा के दौरान एसेंट एकेडमी स्कूल में आये सेंटर पर आरोपी फलोदी जिले के भोजासर थानान्तर्गत भींयासर के सुभाष नगर गांधी सागर निवासी अनिल पुत्र नेनाराम विश्नोई ने प्रतिभागी परीक्षार्थी जिेतन्द्र सिंह के स्थान पर बैठकर परीक्षा दी थी। शादी के नाम पर ठगी

कुवैत बैंक का आरोप, 'कुछ केरलवासी लोन लेकर हुए फरार, हुआ बड़ा नुकसान', मामला दर्ज

कुवैत बैंक का आरोप, ‘कुछ केरलवासी लोन लेकर हुए फरार, हुआ बड़ा नुकसान’, मामला दर्ज

कुवैत बैंक का आरोप, 'कुछ केरलवासी लोन लेकर हुए फरार, हुआ बड़ा नुकसान', मामला दर्ज
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कोच्चि। कुवैत के अल अहली बैंक से कथित धोखाधड़ी की शिकायत केरल के कुछ पुलिस थानों में दर्ज कराई गई है। आरोप है कि कुछ मलयालम भाषियों ने अन्य लोगों संग मिलकर बैंक को करोड़ों का चूना लगाया।
बैंक को कुल 200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जो विभिन्न हिस्सों के लगभग 806 लोगों द्वारा किया गया है, जिनमें से एक बड़ी संख्या केरलवासियों की है।
2020 और 2023 के बीच कुवैत में काम करने वाले आरोपियों ने कथित तौर पर ऋण लिया और उसे चुकाने में विफल रहे।
शिकायतों के बाद, पुलिस ने कोट्टायम और एर्नाकुलम के विभिन्न थानों में वित्तीय धोखाधड़ी, ठगी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले दर्ज किए।
बैंक ने आरोप लगाया कि ये ऋण उन्हें धोखा देने के इरादे से लिए गए थे।
इसमें शामिल कई लोग कुवैत छोड़कर केरल लौट आए और बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में चले गए।

कुवैत बैंक का आरोप, 'कुछ केरलवासी लोन लेकर हुए फरार, हुआ बड़ा नुकसान', मामला दर्ज
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हालांकि, आरोपियों और उनके परिवारों का तर्क है कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न वित्तीय संकट ने उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर किया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अपराध शाखा कुवैत के गल्फ बैंक से जुड़े सैकड़ों ऐसे ही मामलों की जांच कर रही है, जहां कई प्रवासी नागरिकों पर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है।
संयोग से, जब पिछले साल कुवैत के गल्फ बैंक ने केरल राज्य पुलिस प्रमुख के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी (जो उस समय केरल पुलिस द्वारा की गई एक त्वरित कार्रवाई थी) तो कई बकाएदार अपना बकाया चुकाने के लिए आगे आए थे।
गल्फ बैंक की शिकायत का संज्ञान केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी लिया था।
अल अहली बैंक की शिकायत ने अब इन जांचों का दायरा बढ़ा दिया है।
पुलिस को ऋणों के विवरण की पुष्टि करने, फरार व्यक्तियों का पता लगाने और यह पता लगाने का काम सौंपा गया है कि क्या कथित बकाएदारों ने बैंक को धोखा देने के जानबूझकर इरादे से काम किया था।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने वालों पर वित्तीय धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

चैतन्यानंद का 'काला चिट्ठा' सामने आया, FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे

चैतन्यानंद का ‘काला चिट्ठा’ सामने आया, FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे

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स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती यौन शोषण मामला: भय, सत्ता और शोषण की खौफनाक दास्तान

नई दिल्ली: भारत में एक बार फिर धर्म, सत्ता और शोषण का घिनौना गठजोड़ सामने आया है। इस बार मामला जुड़ा है एक नामी शिक्षण संस्थान और वहां के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती से, जिनके खिलाफ यौन शोषण के बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगे हैं। एफआईआर में दर्ज विवरण न केवल भयावह हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि कैसे एक प्रतिष्ठित धर्मगुरु की आड़ में छात्राओं के साथ वर्षों तक अत्याचार होता रहा, और किस तरह संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य भी इस कुकृत्य में सहभागी बने।


एफआईआर में लगे गंभीर आरोप

एफआईआर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि स्वामी चैतन्यानंद ने अपनी स्थिति और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए संस्थान की छात्राओं का यौन शोषण किया। आरोप है कि उन्होंने कई छात्राओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और उन्हें मानसिक, भावनात्मक व यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया।

एक प्रमुख आरोप यह भी है कि एक छात्रा को उसकी इच्छा के विरुद्ध अपना नाम बदलने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उसकी पहचान को नियंत्रित और कमजोर किया जा सके। इससे यह संकेत मिलता है कि कैसे संस्थान की आड़ में छात्राओं की आज़ादी और आत्म-सत्ता पर हमला किया जा रहा था।


रात में बुलाना और विदेश यात्रा का दबाव

एफआईआर में एक और खौफनाक विवरण सामने आया है – छात्राओं को देर रात स्वामी के निजी कक्ष में उपस्थित होने के लिए मजबूर किया जाता था। यह स्पष्ट रूप से यौन शोषण का संकेत है, जो धर्म और शिक्षण की आड़ में किया जा रहा था। इसके अलावा, छात्राओं पर विदेश यात्राओं के लिए दबाव डाला जाता था, जिससे संदेह होता है कि उन्हें संस्थान की सीमा के बाहर भी शोषण के लिए ले जाया जा सकता था।


डीन और स्टाफ की संलिप्तता

इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना देती है संस्थान की डीन श्वेता और अन्य स्टाफ सदस्यों की भूमिका। एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, इन लोगों ने छात्राओं को स्वामी की यौन इच्छाओं के सामने झुकने के लिए मजबूर किया। उन्होंने छात्राओं की शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया और जो छात्राएं विरोध करती थीं, उन्हें निलंबन या निष्कासन की धमकी दी गई।

इससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल एक व्यक्ति का कुकृत्य नहीं था, बल्कि एक संगठित संरचना थी जिसमें कई स्तरों पर लोग शामिल थे – जो या तो स्वामी के भय से या लालच में, इस शोषण को बढ़ावा दे रहे थे।


डर, धमकी और चुप्पी का माहौल

एफआईआर में एक बेहद चिंताजनक पहलू यह भी सामने आया कि छात्राओं और उनके परिवारों को किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से रोका गया। माता-पिता को मिलने या हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाती थी। साथ ही, छात्राओं को व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए आपत्तिजनक, अश्लील संदेश भेजे जाते थे।

जब छात्राओं ने इन यौन आग्रहों का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया कि उनकी डिग्री रोक दी जाएगी और उन्हें आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए जाएंगे। यह शिक्षण के नाम पर किए जा रहे शोषण की पराकाष्ठा है, जहां शिक्षा को हथियार बना दिया गया।

चैतन्यानंद का 'काला चिट्ठा' सामने आया, FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे
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7 छात्राओं की गवाही – लेकिन डर अभी भी कायम

एफआईआर में दर्ज है कि कम से कम 7 छात्राएं इस उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। उन्होंने अलग-अलग तरह के यौन शोषण की बात कही है – लेकिन यह भी स्पष्ट किया है कि वे अब भी सामने आने से डर रही हैं। उन्हें अपनी जान का खतरा है। यह डर इस बात का संकेत है कि आरोपी कितना शक्तिशाली और प्रभावशाली है।

छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और सुरक्षा की गुहार लगाई है।


सामाजिक और नैतिक विफलता का प्रतीक

यह मामला न केवल एक व्यक्ति की करतूत की कहानी है, बल्कि यह समाज की उस संरचना को भी उजागर करता है जिसमें धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता। धर्मगुरु की छवि के पीछे छिपकर जो लोग अपराध करते हैं, वे लंबे समय तक बच निकलते हैं क्योंकि समाज उन्हें “आस्था” का प्रतीक मान बैठता है।

इस मामले में, छात्राएं इसलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें डर था कि कोई उनकी बात नहीं सुनेगा, या उन्हें ही दोषी ठहरा दिया जाएगा।


कानूनी कार्रवाई और आगे की राह

अब जब एफआईआर दर्ज हो चुकी है, तो यह आवश्यक है कि पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लें। छात्राओं को सुरक्षा दी जाए, उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता मिले और दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए।

साथ ही, संस्थान के प्रबंधन की भी जांच होनी चाहिए। जो लोग स्वामी के कुकर्मों को जानते थे और फिर भी चुप रहे, वे भी इस अपराध में बराबर के भागीदार हैं।


मीडिया और समाज की भूमिका

मीडिया को चाहिए कि वह इस मामले की निष्पक्ष रिपोर्टिंग करे, न कि सनसनी फैलाने के लिए पीड़िताओं की पहचान उजागर करे। समाज को भी आत्मचिंतन करने की जरूरत है – क्या हमने अपने युवाओं को सुरक्षित वातावरण देने में विफलता नहीं पाई है?

इस मामले को एक उदाहरण बनाना होगा कि चाहे कोई कितना ही बड़ा नाम क्यों न हो, कानून के आगे सब बराबर हैं।


निष्कर्ष

स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर लगे आरोप न केवल कानून का मामला हैं, बल्कि यह हमारी नैतिकता, शिक्षा प्रणाली और धार्मिक आस्थाओं की सच्चाई पर भी सवाल खड़े करते हैं। यह समय है जब समाज को धर्म के नाम पर होने वाले शोषण के खिलाफ खड़ा होना होगा।

हर उस छात्रा की हिम्मत को सलाम, जिसने डर और धमकियों के बावजूद अपनी आवाज उठाई। अब बारी हमारी है – कि हम उनकी आवाज बनें, और इस सड़ी हुई व्यवस्था को बदलें।

दिल्ली के जनकपुरी में वसूली की साजिश नाकाम, काला जठेड़ी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली के जनकपुरी में वसूली की साजिश नाकाम, काला जठेड़ी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली के जनकपुरी में वसूली की साजिश नाकाम, काला जठेड़ी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
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नई दिल्ली । पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी इलाके में एक रेस्टोरेंट से रंगदारी वसूलने की साजिश को नाकाम करते हुए बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, दो स्कूटी और अन्य सामान बरामद किया है। इस कार्रवाई से गिरोह के रंगदारी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
टीम ने इंस्पेक्टर आशु गिरोत्रा और राजौरी गार्डन एसीपी नीराज टोकस के नेतृत्व में काम करते हुए गुप्त सूचनाओं, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। डां और रेड के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इनमें से दो आरोपी हाल ही में जमानत पर छूटे थे और पहले भी रंगदारी व हत्या के प्रयास जैसे मामलों में शामिल पाए गए थे।

दिल्ली के जनकपुरी में वसूली की साजिश नाकाम, काला जठेड़ी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली के जनकपुरी में वसूली की साजिश नाकाम, काला जठेड़ी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ अमित चंडोक (37) के रूप में हुई। वह दिल्ली के निहाल विहार का रहने वाला है। गुरप्रीत के ऊपर 18 से अधिक आपराधिक मामलों का मुकदमा दर्ज है, जिसमें स्नैचिंग, लूट, हत्या का प्रयास और रंगदारी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। दूसरा आरोपी गुरप्रीत उर्फ मन्नी (30) भी दिल्ली के निहाल विहार का रहने वाला है। वह चार से अधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें रंगदारी वसूली और हत्या का प्रयास है। वहीं, तीसरा आरोपी गुरजीत सिंह (35) दिल्ली के वीरेंद्र नगर का रहने वाला है।
पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर नंबर 332/25, धारा 308(4)/3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत थाना हरि नगर में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से काला जठेड़ी गिरोह की रंगदारी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा है। पुलिस का अभियान ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा।