
हाफिजपुर, 26 सितम्बर 2025: थाना हाफिजपुर में बुधवार को एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता एस.एच.ओ. श्री मनीष चौहान जी ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में शांति, सद्भाव एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा देना और ग्राम स्तर पर होने वाले विवादों को सुलझाने में प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व की सहभागिता सुनिश्चित करना था।
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के सभी ग्रामों के ग्राम प्रधानों, गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया गया था। बैठक की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें एस.एच.ओ. श्री मनीष चौहान ने सभी उपस्थित लोगों का आभार प्रकट किया और बैठक के उद्देश्य की जानकारी दी।
ग्राम स्तर पर शांति बनाए रखने का संदेश
श्री मनीष चौहान ने ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में गांवों में छोटे-छोटे विवाद बड़ी घटनाओं का रूप ले सकते हैं यदि समय रहते उनका समाधान न किया जाए। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में आपसी समझ-बूझ और वार्ता के माध्यम से विवादों का समाधान करें और थाना स्तर पर आने वाले मामलों की संख्या को कम करें।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी विवाद को सुलझाने में निष्पक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेना आवश्यक है। गांवों में होने वाले छोटे-मोटे झगड़े जैसे भूमि विवाद, आपसी कहासुनी, पारिवारिक कलह आदि को ग्राम स्तर पर ही आपसी सहमति से निपटाया जाना चाहिए।
ईमानदारी, सतर्कता और निष्ठा का संदेश
बैठक में पुलिस निरीक्षक ने न केवल विवादों के समाधान की बात की, बल्कि सामाजिक जीवन में ईमानदारी, सतर्कता और निष्ठा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और सुरक्षित समाज की नींव तभी रखी जा सकती है जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और निष्ठावान हो।
उन्होंने उपस्थित लोगों से यह भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशाखोरी, अवैध व्यापार या असामाजिक तत्वों के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और गांव को सुरक्षित रखा जा सके।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और शिष्टाचार भेंट
इस बैठक में भरिमाना गांव से पं. कुल्त्रीप भारद्वाज, श्री सुधीर कुमार और अन्य सम्माननीय व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की बैठकें समय-समय पर होती रहनी चाहिए ताकि समाज में प्रशासन और जनता के बीच समन्वय बना रहे।
पं. कुल्त्रीप भारद्वाज एवं श्री सुधीर कुमार ने शिष्टाचार भेंट के रूप में एस.एच.ओ. श्री मनीष चौहान जी को सम्मान प्रतीक भेंट किया। यह प्रतीक न केवल उनके सम्मान का परिचायक था, बल्कि प्रशासन और समाज के बीच सकारात्मक रिश्तों का प्रतीक भी बना।

ग्राम प्रधानों से सीधा संवाद
बैठक के दौरान एस.एच.ओ. मनीष चौहान ने प्रत्येक ग्राम प्रधान से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों को भी सुना। कई ग्राम प्रधानों ने बताया कि छोटे विवादों को सुलझाने में कभी-कभी ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिल पाता, ऐसे में उन्हें प्रशासन की जरूरत होती है। इस पर थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन हर कदम पर ग्राम प्रधानों के साथ है, बशर्ते वे निष्पक्षता और पारदर्शिता से कार्य करें।
उन्होंने ग्राम प्रधानों से यह भी आग्रह किया कि गांवों में अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखें, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेशों को रोका जाए और युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित किया जाए। इसके लिए पुलिस और ग्राम स्तर की समितियों को मिलकर कार्य करना चाहिए।
सुरक्षा और विकास में भागीदारी का संकल्प
बैठक के अंत में सभी ग्राम प्रधानों और उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने क्षेत्र की सुरक्षा, विकास और शांति के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है और इससे निश्चित रूप से क्षेत्र में आपसी सद्भाव और सहयोग की भावना को बल मिलेगा।
गांव के विकास में शांति और व्यवस्था का बहुत बड़ा योगदान होता है। यदि गांवों में शांति बनी रहेगी, तो विकास कार्य भी सुचारू रूप से होंगे और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रियाएं
बैठक के बाद कई ग्रामीणों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। भरिमाना गांव के एक वरिष्ठ नागरिक ने बताया, “पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि पुलिस प्रशासन वास्तव में गांव के लोगों के साथ जुड़ना चाहता है। अगर ग्राम प्रधान और पुलिस मिलकर काम करें तो गांव में बहुत से विवाद जड़ से समाप्त हो सकते हैं।”
एक अन्य युवा प्रतिनिधि ने कहा, “पुलिस को लेकर हमारे मन में जो डर होता था, वह इस बैठक से काफी हद तक कम हुआ है। हमें अब लगता है कि पुलिस हमारी साथी है, दुश्मन नहीं।”
भविष्य में ऐसी और बैठकों की योजना
थाना प्रभारी ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में समय-समय पर इस प्रकार की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें न केवल ग्राम प्रधान बल्कि शिक्षकों, युवाओं, महिलाओं और अन्य वर्गों को भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि “सशक्त समाज तभी बनता है जब हर नागरिक, हर पदाधिकारी और हर प्रतिनिधि अपने दायित्वों को समझे और उन्हें निभाए। हमारा उद्देश्य सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण करना है।”



















