दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद
दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद

नई दिल्ली, । दिल्ली पुलिस की थाना बिंदापुर टीम ने वाहन चोरी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी की गई 2 स्कूटी और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। थाना बिंदापुर पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति पिछले दो-तीन दिनों से रात के समय पुरानी पंखा रोड स्थित कम्युनिटी सेंटर के पास चोरी की स्कूटी पर आ-जा रहा है और उसके पास चोरी के मोबाइल फोन हैं, जिन्हें वह बेचने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को चोरी की स्कूटी पर आते हुए देखा, जिसे मौके पर ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ के दौरान उसने विकासपुरी इलाके से एक अन्य स्कूटी चोरी करने की बात भी कबूल की, जिसे उसने पंखा रोड पर नाले के पास छिपाकर रखा था। आरोपी की निशानदेही पर उक्त स्कूटी भी बरामद कर ली गई।

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद
दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद


गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक कुमार (26) निवासी मटियाला, उत्तम नगर (दिल्ली) के रूप में हुई। आरोपी पहले से ही छीनाझपटी और चोरी के 10 से अधिक मामलों में शामिल रहा है।
जांच में सामने आया कि आरोपी कोई काम नहीं करता और नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी को अंजाम देता है। इस कार्रवाई में कुल 2 चोरी की स्कूटी और 3 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी शिकायत ई-एफआईआर के जरिए दर्ज कराई गई थी।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ये किस गिरोह का है और किस-किस इलाके में वारदात की। पुलिस आरोपी अभिषेक की निशानदेही पर उन लोगों का पता लगा रही है कि जिन्हें चोरी के वाहन बेचे गए हैं। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया जा रहा है, जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद

बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद
बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद

सीतामढ़ी । बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेलसंड थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ में अपराधी घायल हो गया। इस घटना के बाद अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार भी बरामद किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को मध्यरात्रि विशेष कार्य बल बिहार एवं सीतामढ़ी जिला पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वांछित अपराधी शांतनु कुमार बेलसंड थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम चंदौली बस स्टैंड के समीप पहुंचा है। इसी सूचना के आधार पर एसटीएफ एवं जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उक्त स्थान की घेराबंदी कर छापेमारी की गई। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान वांछित अपराधी ने पुलिस को देखते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस बल द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त शांतनु कुमार गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस ने तत्काल घायल अपराधी को हिरासत में ले लिया और उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज हेतु एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल तथा तीन खोखा बरामद किए हैं। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद
बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद


उल्लेखनीय है कि शांतनु पर बेलसंड थाना क्षेत्र में एक पुजारी की हत्या कर मूर्ति चोरी करने तथा रवि सिंह नाम के व्यक्ति की हत्या सहित हत्या, डकैती एवं आर्म्स एक्ट के कई गंभीर मामलों का आरोप है। पुलिस इसकी पिछले कई महीनों से तलाश कर रही थी।
बता दें कि बिहार में आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। बुधवार की देर रात भी पटना में पुलिस और आपराधिक गिरोह के साथ मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हो गया था। यह घटना पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र के बग्घा टोला में घटी थी। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात राकेश कुमार घायल हो गया। अपराधी के पैर में गोली लगी थी।

केरल: स्कूल परिसर में महिला शिक्षक पर पति ने किया हमला, मचा हड़कंप

केरल: स्कूल परिसर में महिला शिक्षक पर पति ने किया हमला, मचा हड़कंप

केरल: स्कूल परिसर में महिला शिक्षक पर पति ने किया हमला, मचा हड़कंप
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कोट्टायम। केरल के कोट्टायम में गुरुवार सुबह एक महिला शिक्षक पर उसके पति ने स्कूल परिसर के अंदर ही हमला कर दिया। इस घटना से विद्यालय में अफरातफरी फैल गई। घटना एट्टुमनूर स्थित पूवाथुमूडू स्कूल में करीब 10:30 बजे हुई। आरोपी की पहचान कोचुमोन के रूप में हुई है, जिसने अपनी पत्नी डोनिया पर हमला किया, जो स्कूल में शिक्षिका हैं। स्कूल प्रशासन के अनुसार, हमला हेडमिस्ट्रेस के कमरे में हुआ। बताया जा रहा है कि कोचुमोन ने पहले अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति मांगी और फिर अचानक धारदार हथियार से उसके गले पर वार कर दिया। घायल शिक्षिका को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी चोटें गंभीर नहीं हैं और खतरे से बाहर हैं। स्कूल स्टाफ ने आशंका जताई कि हमला घरेलू विवाद से जुड़ा हो सकता है। इससे पहले आरोपी सुबह करीब 9:30 बजे भी स्कूल पहुंचा था और अपनी पत्नी के बारे में पूछताछ की थी। उस समय हेडमिस्ट्रेस ने बताया कि डोनिया अभी स्कूल नहीं पहुंची हैं।

केरल: स्कूल परिसर में महिला शिक्षक पर पति ने किया हमला, मचा हड़कंप
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वह चला गया, लेकिन करीब एक घंटे बाद वापस लौट आया। इस बार उसने कहा कि वह डोनिया को एक किताब देने आया है और उनसे मिलना चाहता है। इसे सामान्य अनुरोध समझकर हेडमिस्ट्रेस ने डोनिया को बुला लिया। इसी दौरान अचानक हमला हो गया। डोनिया की चीखें सुनकर अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुका था।
पूरी घटना कुछ ही मिनटों में घट गई, जिससे स्कूल में स्थित सभी स्तब्ध रह गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हेडमिस्ट्रेस, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के बयान लिए जा रहे हैं। अधिकारी यह भी जांचेंगे कि आरोपी बिना रोक-टोक स्कूल भवन में कैसे घुस गया। घटना के बाद अभिभावकों और शिक्षकों में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है, खासकर स्कूल समय के दौरान बिना अनुमति प्रवेश को लेकर

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी: राज्यसभा में शहीदों को नमन

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी: राज्यसभा में शहीदों को नमन

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी: राज्यसभा में शहीदों को नमन
संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी: राज्यसभा में शहीदों को नमन

नई दिल्ली। भारतीय संसद भवन पर 13 दिसंबर को घातक आतंकी हमला हुआ था। हालांकि आतंकवादियों के इस हमले को नाकाम कर दिया गया था। इस हमले को विफल करने में सुरक्षाबलों व संसद के कई कर्मचारियों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। शहीद हुए इन सभी लोगों की स्मृति में शुक्रवार को राज्यसभा ने गहरा सम्मान व्यक्त किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस दुखद दिवस का उल्लेख करते हुए पूरे सदन के साथ शहीदों को नमन किया। राज्यसभा में इन शहीदों के लिए मौन रखा गया। राज्यसभा के सभापति ने कहा कि कल 13 दिसंबर वह काला दिन है जब लोकतंत्र के सर्वोच्च संस्थान यानी भारतीय संसद भवन पर आतंकियों ने हमला किया था। सभापति राधाकृष्णन ने कहा, “13 दिसंबर 2001 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का अत्यंत वेदनापूर्ण दिन है। उस संसद भवन में कई सांसद और कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों ने अपने अद्वितीय साहस, तत्परता और बलिदान से आतंकियों की योजना को विफल कर लोकतंत्र की मर्यादा की रक्षा की।”
उन्होंने आगे कहा कि कई बहादुर जवान ऐसे थे जिन्होंने आतंकियों और इस ‘लोकतंत्र के मंदिर’ के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना अडिग खड़े होकर गोलियां झेलीं। उनकी निस्वार्थ कर्तव्यनिष्ठा आज भी हम सभी को प्रेरित करती है। सभापति ने उन सभी सुरक्षा कर्मियों के बलिदान को याद किया जिन्होंने हमले को रोकते हुए प्राण न्योछावर किए।

संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी: राज्यसभा में शहीदों को नमन
संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी: राज्यसभा में शहीदों को नमन


सभापति ने कहा कि इन सभी वीरों ने भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। सभापति के अनुरोध पर राज्यसभा के सभी सदस्य अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गए। सदन में दो मिनट का मौन रखा गया, जिससे सदन गंभीर माहौल में शहीदों की स्मृति को नमन कर सके।
गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2001 की सुबह लगभग 11 बजकर 30 मिनट पर पांच आतंकियों ने एक नकली स्टिकर लगी कार से संसद परिसर में प्रवेश किया। हमलावरों ने यहां स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालकर संसद भवन के मुख्य द्वार की ओर बढ़ रहे आतंकियों को रोक दिया।
सुरक्षाबलों की कार्रवाई में सभी पांच आतंकवादी मारे गए। सुरक्षा कर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई के कारण उस समय संसद भवन में मौजूद सैकड़ों सांसदों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों की जान बच सकी। राज्यसभा सांसदों का कहना है कि उन शहीदों के प्रति हमारी कृतज्ञता शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनके बलिदान की भावना को जीवित रखते हुए अपने लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा करें और उन्हें और मजबूत बनाएं। सदन के विभिन्न सदस्यों ने इस घटना की गंभीरता को याद करते हुए कहा कि संसद पर हमला केवल एक इमारत पर हमला नहीं था, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की आत्मा पर हमला था।
उन्होंने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि देश उनकी बहादुरी को कभी नहीं भूल सकता।

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, बैंकॉक से आए 5 यात्रियों से 42.9 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, बैंकॉक से आए 5 यात्रियों से 42.9 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, बैंकॉक से आए 5 यात्रियों से 42.9 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त
मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, बैंकॉक से आए 5 यात्रियों से 42.9 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त

मुंबई। मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स ने 10 और 11 दिसंबर की दरमियानी रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए पांच यात्रियों से कुल 42.898 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड जब्त किया है। मुंबई कस्टम्स जोन-3 के एयरपोर्ट कमीश्नरेट की टीम ने गुप्त सूचना और प्रोफाइलिंग के आधार पर चार अलग-अलग मामलों में यह कार्रवाई की। बरामद किए गए प्रतिबंधित मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करोड़ों रुपए आंकी गई है। कस्टम्स के मुताबिक, प्रोफाइलिंग के आधार पर तीन अलग-अलग मामलों में तीन यात्रियों से कुल 33.888 किलोग्राम संदिग्ध एनडीपीएस पदार्थ, यानी हाइड्रोपोनिक वीड, जब्त किया गया। इसकी कीमत लगभग 33.888 करोड़ रुपए बताई जा रही है। तीनों यात्री बैंकॉक से विभिन्न उड़ानों के जरिए मुंबई पहुंचे थे। पूछताछ और सबूत के आधार पर उन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके अलावा, विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर एक और यात्री समूह पर कार्रवाई की गई, जिसमें दो यात्रियों से कुल 9.010 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुआ।

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, बैंकॉक से आए 5 यात्रियों से 42.9 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त
मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, बैंकॉक से आए 5 यात्रियों से 42.9 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त

इसकी कीमत करीब 9.010 करोड़ रुपए आंकी गई। थाई एयरवेज की उड़ान से ये दोनों यात्री बैंकॉक से मुंबई पहुंचे थे। कस्टम्स अधिकारियों ने उन्हें भी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मुंबई कस्टम्स की इस लगातार सफल कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार किया है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए सतर्कता अभियान और अधिक कड़ा किया जाएगा।
इससे पहले, 25 नवंबर से 3 दिसंबर के बीच भी मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी हुई थी। मुंबई कस्टम अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थों की कीमत 25 करोड़ रुपए से अधिक है। जानकारी के अनुसार, एनडीपीएस मामले में कुल 8.682 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड चार यात्रियों से जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 8.682 करोड़ रुपए बताई गई। बताया गया कि सभी यात्री बैंकॉक से आए थे और उन्हें एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया।

मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं

मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं

मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं
मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं

मुंबई । मुंबई के मलाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अयूब शेख (30), फैजान भलीम (27), फारुख शेख (29), मोइन अहमद शेख (32) और जीशान नासिर अंसारी (22) के रूप में हुई है। ये आरोपी मुंबई के मलाड स्थित चिंचोली बंदर इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। ये आरोपी कथित रूप से विदेशों में बैन दवाओं की बिक्री में शामिल थे। आरोपी विदेशी ऑनलाइन फार्मेसियों के प्रतिनिधि बनकर अंतर्राष्ट्रीय और अमेरिकी कंपनियों के नाम पर ग्राहकों से संपर्क करते थे और विदेशी ग्राहकों को धोखा देकर उन्हें बैन दवाएं बेचने का काम करते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने विदेशी ग्राहकों को फोन करके उन्हें दवाएं भेजने के नाम पर पैसे वसूलने का तरीका अपनाया था। इन दवाओं का निर्यात किसी वैध चैनल से नहीं किया जा सकता था, लेकिन आरोपी इसे बेचने में जुटे हुए थे।

मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं
मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं


मुंबई पुलिस को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने अभियान चलाकर इन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और इस मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इसका मास्टरमाइंड कौन है और कितने समय से ये लोग इस तरह का काम कर रहे हैं? पुलिस ने इनके साथियों को गिरफ्तार करने के लिए टीम बनाकर तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जानकारी होने के बाद पहले इनकी लोकेशन पता की गई, फिर मुखबिर और एजेंसी की सहायता से पता किया गया कि ये लोग किस तरह के अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों से संपर्क करते हैं और उन्हें बैन दवाओं की बिक्री के नाम पर पैसे लेते हैं। पूरे मामले की जांच होने पर उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार

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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 11 साल पुराने एक मर्डर केस को सुलझाते हुए आरोपी लखन सिंह उर्फ अंश कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया है। लखन सिंह वर्ष 2014 में दर्ज पुलिस स्टेशन रानहोला के मर्डर केस में लंबे समय से वांछित चल रहा था और उसे 2015 में अदालत की ओर से भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व में हत्या और गंभीर मामलों को सुलझाने में जुटी टीम ने इस पुराने केस पर दोबारा काम शुरू किया। आरोपी के राजस्थान, हरियाणा और यूपी के कई स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान इंस्पेक्टर पुखराज और एएसआई प्रदीप को आरोपी की मौजूदगी से जुड़ी अहम जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने बड़े स्तर पर रिकॉर्ड की जांच और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी का पता कासगंज में लगाया।
इसके बाद टीम ने उत्तर प्रदेश में कासगंज में समन्वित ऑपरेशन चलाया और 11 साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार
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उन्होंने बताया कि आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, ताकि वह गिरफ्तारी से बच सके, लेकिन इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि यह मामला 21 नवंबर 2014 को सामने आया था, जब रानहोला थाना क्षेत्र में होली कॉन्वेंट स्कूल के पास खेड़ी बाबा पुल के नाले के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शव पर चेहरे, सिर के पीछे और शरीर के हिस्सों पर गहरे घाव पाए गए थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान राकेश भगत के रूप में हुई। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो हत्या के आरोप में लखन सिंह का नाम सामने आया, लेकिन अपराध के बाद वह फरार हो गया और पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी।
जांच में पता चला था कि लखन सिंह का जन्म राजस्थान के करौली में हुआ था और वह शुरुआती पढ़ाई के बाद नजफगढ़ आकर मजदूरी का काम करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह 11 वर्षों तक अलग-अलग राज्यों में छिपता रहा।

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 पुलिस ने मस्जिद चंदा घोटाले के प्रमुख आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे सलीम खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मामला गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से सलीम खान को थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र से दबोचा। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सलीम खान अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मस्जिद के चंदे में धोखाधड़ी में शामिल था। जांच में सामने आया कि मस्जिद के चंदे के रूप में एकत्रित 12.38 लाख रुपए को बैंक में जमा न कर, आरोपी ने अपने सह-अभियुक्तों के साथ मिलीभगत कर हड़प लिया था। इसके लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे और एक सुविचारित आपराधिक षड्यंत्र को अंजाम दिया था।
घटना सामने आने के बाद पीड़ित ने 5 अक्टूबर 2025 को बीटा-2 थाने में सलीम खान सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों, मोव खालिद, शमशीर खान और नवेद फैसल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शेष आरोपी फरार चल रहे थे, जिनमें सलीम खान की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी सलीम खान, पुत्र नबी बक्श, डेल्टा-2, थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर का निवासी है। पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में और जो लोग भी शामिल थे उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने सभी फर्जी दस्तावेज भी पहले ही बरामद कर लिए थे।

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार
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गुरुग्राम। रिटायर्ड कर्नल धर्मपाल डबास से बड़ी रकम की धोखाधड़ी करने वाले प्रॉपर्टी डीलर को इकोनॉमिक ऑफेंस विंग-1 ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अमन, जो राजस्थान के बहरोड़ क्षेत्र के जखराना गांव का निवासी है और फिलहाल गुरुग्राम के सेक्टर 82A में रहता है, ने कर्नल को बड़े ब्रांड्स की प्री-लॉन्च डील्स का लालच देकर कुल 1 करोड़ 89 लाख 48 हजार रुपए हड़प लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कर्नल के साथ जॉइंट अकाउंट खुलवाया और उसमें 2-2 करोड़ रुपए का बैलेंस दिखाया।

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार
गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

इसके बावजूद वह वास्तविक निवेश किए बिना रकम अपने पत्नी, साले और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करता रहा और फरार हो गया। कर्नल धर्मपाल डबास, जो मूल रूप से दिल्ली के लाडपुर गांव के रहने वाले हैं और गुरुग्राम के वाटिका क्षेत्र में प्रॉपर्टी रखते हैं, ने बताया कि आरोपी ने एक भी रुपया निवेश नहीं किया। जब कई बार दबाव बनाने के बावजूद पैसा वापस नहीं मिला, तो उन्होंने खेड़की दौला थाने में धोखाधड़ी की FIR दर्ज करवाई।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अमन पर पहले भी पश्चिम बंगाल में धोखाधड़ी और गुरुग्राम में छेड़छाड़ व छीना-झपटी के मामले दर्ज हैं। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

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ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला
ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

पुणे । महाराष्ट्र के पुणे और बारामती में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई डेयरी क्षेत्र में निवेश के नाम पर हुई करीब 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी है। ईडी की टीम ने पुणे में दो और बारामती में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन ठिकानों का संबंध मुख्य आरोपियों विद्यानंद धैरी और आनंद लोखंडे से बताया जा रहा है। दरअसल, बारामती डेयरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी का आरोप है कि आनंद सतीश लोखंडे (28 वर्ष) और उनकी पत्नी विद्या सतीश लोखंडे (24 वर्ष), जो बारामती तालुका के जलोची गांव के रहने वाले हैं, ने डेयरी कारोबार में निवेश करने का लालच देकर लोगों से 10.21 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने निवेशकों को बहुत ऊंचा मुनाफा देने का झांसा दिया था, लेकिन न तो पैसा लौटाया और न ही कोई कारोबार शुरू किया।

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला
ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला


ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी में पुणे और मुंबई के कई बड़े व्यापारी फंस गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगे गए लोगों में कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। आरोपियों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए खुद को बारामती डेयरी से जुड़ा हुआ बताया और फर्जी दस्तावेज दिखाए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ईडी अब यह पता लगा रही है कि ठगी का यह पैसा कहां गया और क्या इसे कहीं और निवेश किया गया या हवाला के जरिए बाहर भेजा गया। जांच एजेंसी को शक है कि यह रकम कई परतों में छिपाई गई है। इसी सिलसिले में अलग-अलग ठिकानों से दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए हैं।
फिलहाल दोनों मुख्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। ईडी उनकी तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। यह मामला एक बार फिर निवेश के नाम पर होने वाली ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है, जहां लोग ऊंचे रिटर्न के लालच में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं।