'हमारी मांग जायज है', देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा

‘हमारी मांग जायज है’, देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा

'हमारी मांग जायज है', देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा
‘हमारी मांग जायज है’, देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा

नई दिल्ली । मंगलवार को देश भर में पब्लिक सेक्टर्स के बैंक कर्मचारी 5-डे वर्क वीक की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे बैंकों में कामकाज प्रभावित है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह संगठन 9 बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो सरकारी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोई समाधान न निकलने के बाद लिया गया। हड़ताल के कारण नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस और बैंक के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंक शामिल हैं। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे, क्योंकि उनके कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इस दौरान यूपी, गुजरात, पटना, रांची, छत्तीसगढ़ समेत देश भर के अलग-अलग राज्यों में बैंक कर्माचारियों ने हड़ताल की। बैंक कर्मचारियों से आईएएनएस ने बात की, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को रखा।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इंडियन बैंक की कर्मचारी अंशिका सिंह विसेन ने कहा कि पिछले द्विपक्षीय समझौते में यह तय हुआ था कि बैंक कर्मचारियों को 5 दिन की बैंकिंग सुविधा दी जाएगी। सोमवार से शुक्रवार तक काम होगा और शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। लेकिन हमने देखा कि इस प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया। बाकी सभी बातें मान ली गईं, लेकिन यह 5 दिन की बैंकिंग सुविधा स्वीकार नहीं की गई।
उन्होंने आगे कहा कि हम बाकी के बैंकिंग बॉडीज को देखते हैं, फिर चाहे वह एलआईसी हो, आरबीआई हो या फिर बाकी संगठन हों, राज्य सरकार हो या फिर केंद्र सरकार, सभी जगह शनिवार और रविवार ऑफ होते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में दिन-प्रतिदिन काम का प्रेशर बढ़ता जा रहा है और वर्कलाइफ बैलेंस बिगड़ता जा रहा है।
आगे उन्होंने कहा कि सरकार की कोई भी सोशल वेलफेयर स्कीम हो, वो हर तरह से बैंकिंग पर ही निर्भर है, हम बैंकर्स ही उसे ग्रासरूट पर गांवों, किसानों तक उसे पहुंचाते हैं। तो जब हम सरकार के लिए, देश के लिए इतना योगदान कर रहे हैं तो फिर हमें भी ये सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि हम अपने परिवार और वर्क में बैलेंस बना सकें और सही तरह जीवन जी सकें।

'हमारी मांग जायज है', देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा
‘हमारी मांग जायज है’, देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा


इस बीच गुजरात के वडोदरा में भी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस के जॉइंट सेक्रेटरी संजय झा ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल की गई, जिसमें वडोदरा शहर की राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी भी शामिल हुए। बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को तत्काल लागू करने की है। इस मांग को लेकर पहले भी सरकार के समक्ष कई बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया।
इसके अलावा, पटना से पंजाब नेशनल बैंक की रीतिका ने कहा कि आज यहां सैकड़ों बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि यूएफबीयू के आह्वान पर हम सभी यहां सरकार से बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य दिवस यानी शनिवार को भी अवकाश की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बैंकों में काम का प्रेशर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हमें मानसिक और विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। देश के विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने में हम बैंकरों का बड़ा योगदान है। इसलिए 5-डे वर्किंग की मांग जायज है। अगर सरकार हमारी ये मांग नहीं पूरी करती है तो यह प्रदर्शन और उग्र रूप लेगा।
रायपुर में 2,500 बैंकों के 25,000 कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिल भारतीय पंजाब राष्ट्रीय बैंक के अध्यक्ष मिलिंद मार्ते ने अपनी मांगों को मीडिया के समक्ष रखा।
विरोध प्रदर्शन कर रहे एक कर्मचारी ने कहा, “भारत भर में आठ लाख से अधिक बैंक कर्मचारी आज की हड़ताल में भाग ले रहे हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की हमारी मांग 2015 से लंबित है। एलआईसी, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार जैसी संस्थाएं पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन करती हैं। हमें आश्वासन दिया गया था कि बैंक भी इस प्रणाली को अपनाएंगे, लेकिन अभी तक कुछ भी लागू नहीं किया गया है।”
पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में, बैंक कर्मचारियों के संघों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य बैंकों के सामने विरोध प्रदर्शन किया और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की अपनी मांग को दोहराया।
वहीं विभिन्न राज्यों में हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में नकद जमा, निकासी और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे आम ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की
डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की

बहरोड़/नीमराना। नीमराना थाना क्षेत्र के डूमरोली गांव में बीती रात चोरों ने एक घर के बाहर बंधी भैंस चुराने का दुस्साहसिक प्रयास किया। हालांकि, परिजनों की मुस्तैदी के कारण चोर अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए। चोरी की यह पूरी कोशिश घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। शोर मचाने पर भैंस छोड़कर भागे चोर पीड़ित रतन लाल पुत्र बाबूलाल ने बताया कि देर रात चोरों ने उसके घर के बाहर धावा बोला। चोरों ने खूंटे से बंधी भैंस को खोल लिया और उसे ले जाने की फिराक में थे। इसी दौरान घर के सदस्यों को आहट हुई और उनकी नींद खुल गई। जैसे ही परिजनों ने शोर मचाना शुरू किया, पकड़े जाने के डर से चोर भैंस को वहीं छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले।
एक महीने में दूसरी वारदात से आक्रोश
पीड़ित रतन लाल ने पुलिस को बताया कि यह उनके यहाँ चोरी की पहली घटना नहीं है। करीब एक माह पहले भी उनके घर से पानी की मोटर चोरी हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट नीमराना थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार हो रही इन वारदातों से ग्रामीणों में भारी रोष है।

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की
डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की


सरपंच के नेतृत्व में थाने पहुँचे ग्रामीण
घटना के बाद मंगलवार को ग्राम पंचायत सरपंच सुनील कुमार आर्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण नीमराना पुलिस थाने पहुँचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज सौंपते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई और मांग की कि:
गांव में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए।
पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि फुटेज की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल

UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल

UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल
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लखनऊ । उच्च शिक्षा में ‘समानता’ के नाम पर लाए गए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियम अब राजनीतिक विस्फोट का कारण बनते जा रहे हैं। ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम, 2026’ के लागू होते ही सत्ता पक्ष के भीतर ही असहमति खुलकर सामने आ गई है। इससे भाजपा की चुनौती मिलते दिख रही है। इसे लेकर कई जगह विरोध हो रहा है। इसी कड़ी में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस्तीफे के बाद निलंबन की कार्रवाई से नाराज अग्निहोत्री अब खुलकर मैदान में आ गए हैं और निलंबन के विरोध में धरने पर बैठ गए हैं। यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर रविवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए, जो सोमवार को और तेज हो गए। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कुछ नेताओं ने नए विनियमों के विरोध में अपने पदों से इस्तीफा देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
बरेली के एडीएम कंपाउंड में स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास के मुख्य गेट को पुलिस ने पूरी तरह बंद कर दिया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का कहना है कि यह कार्रवाई उच्च स्तर से मिले निर्देशों के तहत की गई है। गेट बंद होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के समर्थकों से दामोदर पार्क पहुंचने की अपील की गई, जिसके बाद वहां लोगों का जुटना शुरू हो गया है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले वर्ष 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल
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सोमवार को उन्होंने इस्तीफा सौंपते हुए शंकराचार्य के अपमान और यूजीसी कानून के विरोध को इसकी वजह बताया था। रात में जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद मामला और गरमा गया, जब अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया। हालांकि जिलाधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। देर रात शासन ने अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया।
निलंबन की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया है कि वह इसके खिलाफ न्यायालय की शरण लेंगे। मंगलवार सुबह से ही उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
उधर, भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने यूजीसी कानून के विरोध में अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए भेजा है। त्रिपाठी का कहना है कि यह कानून समाज को जोड़ने के बजाय उसे बांटने का काम करेगा और इसके दूरगामी परिणाम घातक साबित हो सकते हैं।
इसी तरह बख्शी तालाब क्षेत्र के कुम्हारवां मंडल से जुड़े भाजपा महामंत्री अंकित तिवारी ने भी पार्टी से दूरी बना ली है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूजीसी के नए प्रावधानों से समाज के एक बड़े वर्ग के बच्चों के शैक्षणिक भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। अंकित तिवारी ने अपने सभी संगठनात्मक दायित्वों से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
यूजीसी कानून के खिलाफ संगम नगरी में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और सरकार से कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह विधेयक शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन पैदा करेगा और समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।
यूजीसी के नए प्रावधानों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों में किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी सामाजिक पहचान, लिंग, मूल स्थान या शारीरिक स्थिति के आधार पर अलग व्यवहार नहीं किया जा सकेगा। नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि वंचित और कमजोर वर्गों से आने वाले छात्रों और कर्मचारियों को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान देना संस्थानों की जिम्मेदारी होगी, ताकि उनके अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

देश के वीरों को समर्पित स्वास्थ्य सेवा : SSPI संस्थान में निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित, 42 मरीजों के मोतियाबिंद का हुआ सफल ऑपरेशन

देश के वीरों को समर्पित स्वास्थ्य सेवा : SSPI संस्थान में निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित, 42 मरीजों के मोतियाबिंद का हुआ सफल ऑपरेशन

देश के वीरों को समर्पित स्वास्थ्य सेवा : SSPI संस्थान में निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित, 42 मरीजों के मोतियाबिंद का हुआ सफल ऑपरेशन
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दौसा। 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में दौसा स्थित SSPI संस्थान में भारत माता के वीर शहीदों की स्मृति में निशुल्क नेत्र लेंस प्रत्यारोपण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह शिविर न केवल चिकित्सा सहायता का केंद्र बना, बल्कि देशभक्ति और सेवा के जज्बे का प्रतीक भी रहा।
शहीदों की याद में सेवा का संकल्प संस्थान के निदेशक डॉ. विशन सिंह गुर्जर ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “यह शिविर उन वीर शहीदों की पावन स्मृति में लगाया गया है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज हर नागरिक को उन्हीं की तरह देश सेवा का संकल्प लेना चाहिए। दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य है।”
जांच और उपचार के आंकड़े
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और शहरवासियों ने अपनी आंखों की जांच करवाई:
कुल जांच: 77 मरीजों की विस्तृत नेत्र जांच की गई।
सफल ऑपरेशन: जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए 42 मरीजों का चयन कर उनके लेंस प्रत्यारोपण (ऑपरेशन) किए गए।

देश के वीरों को समर्पित स्वास्थ्य सेवा : SSPI संस्थान में निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित, 42 मरीजों के मोतियाबिंद का हुआ सफल ऑपरेशन
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खुशी का इजहार: गणतंत्र दिवस की खुशी साझा करने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी मरीजों और आगंतुकों को फल एवं मिठाइयां वितरित की गईं।
कर्मयोगियों का सम्मान
अस्पताल में उत्कृष्ट सेवाएं देने और मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए निदेशक डॉ. विशन सिंह गुर्जर ने विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें समाजसेवी परमवीर सिंह बाजवा और दिनेश कुमार प्रजापति को उनकी सर्वश्रेष्ठ सेवाओं के लिए शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सहयोगी दलइस मानवीय कार्य में अस्पताल प्रभारी अवधेश कुमार जैमन, दिनेश कुमार प्रजापति, परमवीर सिंह बाजवा, नाथी देवी, यासमीन खान और आरिफ खान सहित पूरे स्टाफ ने अपनी सक्रिय सेवाएं दीं। शिविर के समापन पर मरीजों के परिजनों ने संस्थान के इस निशुल्क प्रयास की सराहना की।

दिल्ली में रेप के दो मामलों में फरार शख्स गुरुग्राम से गिरफ्तार, 2016 और 2022 के मामलों में था वांछित

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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रेप के दो मामलों में फरार चल रहे आरोपी करण डोलतानी (33) को गिरफ्तार किया है। करण मटियाला एक्सटेंशन का रहने वाला है। बिंदापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस के मुताबिक, पहला मामला वर्ष 2016 का है। उस समय आरोपी ने अपने घर पर काम करने वाली घरेलू सहायिका की बेटी से रेप किया था। इस घटना के बाद बिंदापुर थाने में प्राथमिकी धारा 376 आईपीसी के तहत दर्ज हुई। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। बाद में उसकी पत्नी की मेडिकल स्थिति के आधार पर उसे 28 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली। जमानत की अवधि खत्म होने के बाद उसने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। दूसरा मामला वर्ष 2022 का है। आरोपी ने अपनी पत्नी की सहेली से दुष्कर्म किया, जिसमें अपहरण जैसी हरकतें भी शामिल थीं। बिंदापुर थाने में धारा 341, 342, 376 और 377 आईपीसी के तहत दर्ज हुई। आरोपी इस मामले में भी गिरफ्तारी से बचता रहा।

दिल्ली में रेप के दो मामलों में फरार शख्स गुरुग्राम से गिरफ्तार, 2016 और 2022 के मामलों में था वांछित
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क्राइम ब्रांच की टीम को इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश सौंपी गई। टीम ने मैनुअल और टेक्निकल दोनों तरीकों से उसकी निगरानी की। कांस्टेबल मुकेश को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम में घमरोज टोल प्लाजा के पास टोल रोड पर आएगा। इसकी पुष्टि हेड कांस्टेबल भंवर ने टेक्निकल जांच से की।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा, आईपीएस के निर्देश पर इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में टीम तैयार की गई, जिसमें एसआई कुलदीप, एसआई रवि, एचसी भंवर और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। टीम ने एसीपी राज पाल डाबास की निगरानी में जाल बिछाया और आरोपी को गुरुग्राम के टोल रोड से गिरफ्तार कर लिया।
करण डोलतानी ने बताया कि वह कॉल सेंटर में काम करता था। उसके खिलाफ पहले भी दिल्ली के विभिन्न थानों में ऐसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था, उनके भरोसे और मजबूरी का फायदा उठाता था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड बार-बार जघन्य यौन अपराधों का पैटर्न दिखाता है, जो समाज के लिए बड़ा खतरा था।
इस सफल गिरफ्तारी से न्याय की प्रक्रिया मजबूत हुई है। फरार अपराधी को कानून के दायरे में लाकर पीड़िताओं को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है और पुलिस की कार्रवाई से जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवान शहीद,कई घायल

जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवान शहीद,कई घायल

जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवान शहीद,कई घायल
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जम्मू । जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना का एक वाहन सड़क से फिसलकर लगभग गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में सेना के 10 जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हो गए। मौके पर राहत-बचाव का कार्य जारी है। जानकारी के अनुसार, वाहन में कुल 17 जवान सवार थे। यह वाहन भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर खन्नी टॉप के पास से गुजर रहा था और एक ऊंचाई वाली चौकी की ओर जा रहा था। इसी बीच, वाहन अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में जा गिरा। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दुख जताया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि डोडा में एक दुखद सड़क दुर्घटना में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की मौत से गहरा दुख हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवान शहीद,कई घायल
जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवान शहीद,कई घायल

हम अपने बहादुर सैनिकों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस गहरे दुख की घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है। 10 घायल सैनिकों को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को सर्वोत्तम संभव इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा, “मुख्यमंत्री ने भद्रवाह-चंबा रोड पर खन्नी टॉप में सेना के वाहन के साथ हुए दुखद हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। साथ ही, तेजी से चलाए गए बचाव और राहत कार्यों की तारीफ की।”
महबूबा मुफ्ती ने एक्स पोस्ट में लिखा, “डोडा से आई दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ, जहां एक आर्मी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें 10 बहादुर सैनिकों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और घायलों के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करता हूं।”

झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए

झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए

झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए
झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए

चाईबासा । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। गुरुवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत 15 नक्सलियों को मार गिराया। झारखंड पुलिस के आईजी अभियान माइकल राज ने अनल दा सहित कई नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की है। माओवादी पतिराम मांझी मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह जिले का रहने वाला था। वह बीते दो दशकों से नक्सली संगठन से जुड़ा है। संगठन के शीर्ष रणनीतिकारों में उसकी गिनती होती थी। गिरिडीह से लेकर बोकारो, हजारीबाग, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम तक उसका नेटवर्क फैला हुआ था। सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली पकड़ मजबूत करने में उसकी अहम भूमिका मानी जाती रही है। उसके खिलाफ सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट, लेवी वसूली और ठेकेदारों को धमकाने जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंभडीह गांव के पास उस समय शुरू हुई, जब गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए रणनीतिक ढंग से नक्सलियों को घेर लिया। कई घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों को निर्णायक बढ़त मिली।

झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए
झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए

कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि अभियान अभी जारी है और पूरी तरह समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। झारखंड पुलिस के आईजी अभियान माइकल राज ने बताया कि सुबह से ही सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है और नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है। मुठभेड़ स्थल से कई नक्सलियों के शव, अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है।
सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने चाईबासा में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिले थे कि सुरक्षा बल एक बड़े और निर्णायक ऑपरेशन की तैयारी में हैं। इसी रणनीति के तहत झारखंड और ओडिशा से बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती सारंडा क्षेत्र में की गई थी।
सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हाल के महीनों में चाईबासा, कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। जून 2025 में टोंटो और गोइलकेरा इलाके में हुई मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए थे। वर्ष 2026 में नक्सलियों के साथ यह पहली बड़ी मुठभेड़ मानी जा रही है, जिसे सुरक्षा बलों की एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार

युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार

युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार
युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार

नोएडा । ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बिल्डर ग्रुप से जुड़े प्रमोटर बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रवि बंसल और सचिन करनवाल के रूप में हुई। दोनों को आपराधिक मानव वध के गंभीर आरोप में पकड़ा गया है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। इस पूरे ऑपरेशन का पर्यवेक्षण पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा और अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा द्वारा किया गया, जबकि सहायक पुलिस आयुक्त ग्रेटर नोएडा प्रथम के नेतृत्व में थाना नॉलेज पार्क पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार
युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार

पहला आरोपी रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद है, जो हरियाणा के फरीदाबाद स्थित मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर डी-76 का निवासी है। वहीं, दूसरा आरोपी सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल है, जो गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2, साहिबाबाद स्थित फ्लैट नंबर बी-6, बिल्डिंग नंबर ए-11 का निवासी है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लोटस ग्रीन कंपनी से जुड़े प्रमोटर हैं।
गौरतलब है कि यह मामला 16 और 17 जनवरी 2026 की रात का है, जब पेशे से एक इंजीनियर युवराज मेहता (27) की मौत हो गई थी। आरोप है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों द्वारा निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही बरती गई थी। प्लॉट में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई थी। इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में केस दर्ज किया गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को आपराधिक मानव वध में वांछित मानते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार समय से संबंधित माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच में कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार

नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार

नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार
नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तरी जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने 72 घंटे के भीतर अमेरिकी नागरिक से मोबाइल फोन छीनने की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही मोबाइल छीनने के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है। यह घटना 15 जनवरी 2026 की देर रात की है, जब एक 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक जिंग टेंग चांदनी चौक इलाके में खरीदारी के लिए आए हुए थे। इसी दौरान ओमेक्स मॉल, चांदनी चौक के सामने एक स्कूटी सवार युवक ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पीएस कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और पीड़ित के बयान के आधार पर थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पीड़ित एक विदेशी नागरिक था, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश, इंस्पेक्टर कानून एवं व्यवस्था के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। यह टीम इंस्पेक्टर सुमन कुमार, एसएचओ कोतवाली की निगरानी और एसीपी कोतवाली शंकर बनर्जी के मार्गदर्शन में काम कर रही थी। टीम में हेड कांस्टेबल भूदेव, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, कांस्टेबल विपुल, कांस्टेबल पूरन और कांस्टेबल अमित को शामिल किया गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण के बाद आरोपी की स्पष्ट तस्वीरें सामने आईं, जिनमें वह मोबाइल छीनते हुए और पीड़ित द्वारा पीछा किए जाते हुए नजर आया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया और आरोपी की तस्वीरें दिखाकर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। कड़ी मेहनत के बाद आरोपी की पहचान तौसीफ उर्फ तोशिफ के रूप में हुई, जो अजमेरी गेट इलाके के शाहगंज स्थित गली सक्को वाली का रहने वाला है और थाना कमला मार्केट का सक्रिय हिस्ट्रीशीटर है।

नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार
नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार


पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और आखिरकार 19 जनवरी 2026 की सुबह गली सक्को वाली, जीबी रोड इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी उस समय एक और वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने 15 जनवरी की रात को ओमेक्स मॉल के बाहर अपने पिता की होंडा एक्टिवा स्कूटी से मोबाइल छीनने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पीड़ित का छीना गया एप्पल आईफोन 14 प्रो उसके घर से बरामद कर लिया गया। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और घटना के समय पहने गए कपड़े व जूते भी जब्त कर लिए गए।
आरोपी ने पूछताछ में 12 जनवरी 2026 की देर रात पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास हुई एक अन्य मोबाइल छीनने की घटना में भी शामिल होने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, आरोपी तौसीफ उर्फ तोशिफ एक स्कूल ड्रॉपआउट है और पहले मीट की दुकान पर काम करता था। नशे की लत के चलते वह अपराध की दुनिया में उतर गया और पिछले 15 वर्षों में लूट और छीनाझपटी के करीब 10 मामलों में शामिल रहा है। वह अक्टूबर 2025 में जेल से रिहा हुआ था और बाहर आते ही दोबारा अपराध करने लगा। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित

बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित

बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित
बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित

कटिहार। बिहार में चोर अब भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में स्थित बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। एक चौंकाने वाली घटना में, चोरों ने कटिहार के न्यू मार्केट इलाके में स्थित एक ज्वेलरी दुकान से करीब 26.9 लाख रुपए के गहने चोरी कर लिए। यह इलाका टाउन थाना क्षेत्र में आता है और यहां रात में पुलिस गश्त भी रहती है, इसके बावजूद चोरी हो गई। पुलिस के अनुसार यह चोरी बुधवार रात करीब 2 बजे हुई। बदमाशों ने वर्मा ज्वेलर्स का ताला तोड़कर करीब 8 किलो चांदी, 16 ग्राम सोने के गहने और 3.7 ग्राम शुद्ध सोना चुरा लिया। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 26.9 लाख रुपए बताई जा रही है। इतना ही नहीं, चोरों ने पास ही स्थित कपड़ों की दुकान गौरव वस्त्रालय को भी निशाना बनाया। उन्होंने दुकान का मुख्य गेट तोड़कर वहां से भी चोरी की। बुधवार सुबह जब दुकानदारों ने टूटी हुई शटर देखी तो घटना का पता चला। इसके बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित
बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित

टाउन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एसडीपीओ सदर-1 की निगरानी में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। जिला पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुई इस बड़ी चोरी से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं।
कड़ी कार्रवाई करते हुए एसपी चौधरी ने बताया कि रात की गश्त पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “दोनों को रात की गश्त की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं थे और उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की जानकारी भी थाना प्रभारी को नहीं दी। लापरवाही के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है।”
पीड़ित ज्वेलरी दुकान के मालिक शिवम कुमार वर्मा ने कहा कि कटिहार के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक होने के बावजूद चोरी हो गई। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है।