मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर प्रिया सचदेवा के मानहानि मामले में 30 मार्च को होगी सुनवाई

मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर प्रिया सचदेवा के मानहानि मामले में 30 मार्च को होगी सुनवाई

मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर प्रिया सचदेवा के मानहानि मामले में 30 मार्च को होगी सुनवाई
मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर प्रिया सचदेवा के मानहानि मामले में 30 मार्च को होगी सुनवाई

मुंबई,। दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की संपत्ति मामले में नए मोड़ आ रहे हैं। अब संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेवा द्वारा अपनी ननद मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। 

पटियाला हाउस कोर्ट ने मंधिरा कपूर के जवाब पर प्रिया सचदेवा को बहस करने का समय दिया है और मामले में अगली सुनवाई 30 मार्च होगी। प्रिया सचदेवा कपूर ने मंधिरा कपूर पर आरोप लगाया है कि मंधिरा पॉडकास्ट, सोशल मीडिया और इंटरव्यू के जरिए उनके खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि मंधिरा ये सब इसलिए कर रही है ताकि मेरी प्रतिष्ठा को हानि पहुंच सके। इससे पहले 21 जनवरी को प्रिया ने पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बंद कमरे में अपना बयान भी दर्ज कराया था।

मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर प्रिया सचदेवा के मानहानि मामले में 30 मार्च को होगी सुनवाई
मंधिरा कपूर के खिलाफ दायर प्रिया सचदेवा के मानहानि मामले में 30 मार्च को होगी सुनवाई


प्रिया सचदेवा कपूर की तरफ से दायर शिकायत में कहा गया कि कथित मानहानिकारक सामग्री में व्यक्तिगत हमले किए गए और कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि कोर्ट का फैसला आना बाकी है। उन्होंने दावा किया कि बयान आपराधिक मानहानि के दायरे में आते हैं और न्यायिक प्रक्रियाओं के बजाय सार्वजनिक चर्चा के माध्यम से उन्हें बदनाम करने व परेशान करने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि मंधिरा कपूर ने पॉडकास्ट को इंटरव्यू में प्रिया सचदेवा कपूर पर कई हमले बोले थे। उन्होंने कहा था कि उनकी मां और परिवार प्रिया से संजय की शादी कराने के लिए तैयार नहीं था। उन्हें पता था कि प्रिया और संजय के बीच करिश्मा से शादी और बच्चों को जन्म देने के बाद तक बातचीत जारी थी। इसके लिए उन्हें पछतावा भी है कि वो करिश्मा का साथ नहीं दे पाईं।
मंधिरा ने कहा, “मुझे लगता है कि किसी दूसरी महिला का हाल ही में मां बनी महिला की परवाह न करना बहुत गलत है। किसी परिवार में फूट डालना बहुत ही गलत बात है। आप किसी की शादी नहीं तोड़ सकते और करिश्मा इस बर्ताव के लायक नहीं थीं। करिश्मा भी इस शादी को बचाने के लिए बहुत मेहनत कर रही थीं लेकिन उसके साथ जो हुआ वो सही नहीं था।”

मुंबई पुलिस ने दो साल से फरार मुख्य आरोपी 'पप्पू पेजर' को एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने दो साल से फरार मुख्य आरोपी ‘पप्पू पेजर’ को एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने दो साल से फरार मुख्य आरोपी 'पप्पू पेजर' को एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने दो साल से फरार मुख्य आरोपी ‘पप्पू पेजर’ को एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

मुंबई,। मुंबई क्राइम ब्रांच ने 2023 के काशीमीरा बेकरी गोलीकांड मामले में मुख्य आरोपी निसार फजल अहमद शेख उर्फ पप्पू पेजर को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी घटना के बाद दो साल से अधिक समय से फरार चल रहा था और उस पर मकोका के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। 

घटना 13 अक्टूबर 2023 को मीरारोड-काशीमीरा इलाके में इंटरनेशनल बेकिंग कंपनी के आउटलेट में हुई थी। वहां काम कर रहे चंद्रकांत मल्लप्पा कोंडगुले पर एक अज्ञात हमलावर ने पिस्तौल तानकर गोली मारने की कोशिश की। हालांकि, बंदूक से गोली नहीं चली और हमलावर मौके से फरार हो गया। इस मामले में काशीमीरा पुलिस ने हत्या के प्रयास, खंडणी, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में पता चला कि यह हमला एक संगठित आपराधिक गिरोह की साजिश का हिस्सा था, जिसमें पप्पू पेजर मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया। घटना के तुरंत बाद वह देश छोड़कर भाग गया था और लंबे समय तक विदेश में छिपा रहा।

मुंबई पुलिस ने दो साल से फरार मुख्य आरोपी 'पप्पू पेजर' को एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने दो साल से फरार मुख्य आरोपी ‘पप्पू पेजर’ को एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार


मुंबई क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि वह विदेश से वापस लौटकर मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने वाला है। इस जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की यूनिट-1 ने सतर्क होकर हवाई अड्डे पर जाल बिछाया और आरोपी को उतरते ही हिरासत में ले लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पप्पू पेजर के खिलाफ वडाला ट्रक टर्मिनल, भायखुला (बायकुला) और काशीमीरा पुलिस स्टेशन सहित कुल चार आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के अपराध शामिल हैं, जो उसके आपराधिक इतिहास को दर्शाते हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे 20 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उसके अन्य साथियों, साजिश के पूरे नेटवर्क और संबंधित सबूतों की जांच में जुटी हुई है।

दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े रोशन लाल को पकड़कर चेन्नई जेल भेजा

दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े रोशन लाल को पकड़कर चेन्नई जेल भेजा

दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े रोशन लाल को पकड़कर चेन्नई जेल भेजा
दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े रोशन लाल को पकड़कर चेन्नई जेल भेजा

नई दिल्ली,। दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक बड़े और महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत देश के ड्रग्स नेटवर्क पर करारी चोट लगाई है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े आरोपी रोशन लाल को हिरासत में लेकर चेन्नई के केंद्रीय कारागार में भेज दिया है। 

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि रोशन लाल ( 44) लंबे समय से एनडीपीएस कानून के तहत आरोपी था, उसे गिरफ्तार करके केंद्रीय कारागार, पुझल, चेन्नई भेज दिया गया। यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि देश में नारकोटिक्स की सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके। रोशन लाल के खिलाफ एनडीपीएस और अन्य अपराधों में केस दर्ज हैं। इसके चलते दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), क्राइम ब्रांच ने इसके लिए रोकथाम हिरासत की सिफारिश तैयार की और इसे वित्त मंत्रालय को भेजा। इस सिफारिश के आधार पर 26 फरवरी 2026 को हिरासत का आदेश जारी हुआ, जिसमें स्पष्ट निर्देश थे कि रोशन लाल को हिरासत में लेकर चेन्नई के जेल में रखा जाए।
गिरफ्तारी 10 मार्च 2026 को की गई। एक गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राकेश दुहन की टीम ने कार्रवाई की, जिसमें एसआई कृष्णा, युजवेंद्र, एएसआई राजेंद्र, एचसी सनी, सिकंदर, भोपेंद्र, विक्रांत और डब्ल्यू/कांस्टेबल नेहा मिश्रा शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई का सुपरविजन एसीपी/एएनटीएफ (क्राइम ब्रांच) सतेंद्र मोहन ने किया। टीम ने रोशन लाल को उसके घर से गिरफ्तार किया और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करके उसे हिरासत में लिया।
मादक द्रव्यों और मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस एक्ट), 1988 के अनुसार यह कानून केवल ड्रग्स से संबंधित अपराधों के लिए विशेष रोकथाम का प्रावधान करता है। इसका उद्देश्य नारकोटिक्स की आपूर्ति करने वाले बड़े ऑपरेटर, किंगपिन, संगठित और आदतन अपराधियों को निशाना बनाना है। यह कानून साधारण दंडात्मक प्रावधानों का विकल्प नहीं है, बल्कि संगठित ड्रग्स नेटवर्क को कुशलता से रोकने का अतिरिक्त साधन है।

दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े रोशन लाल को पकड़कर चेन्नई जेल भेजा
दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े रोशन लाल को पकड़कर चेन्नई जेल भेजा


रोशन लाल का प्रोफाइल भी काफी चिंताजनक है। वह पंजाब का रहने वाला है और निरक्षर है। उसके दो बेटे और दो बेटियां हैं। पत्नी के खिलाफ भी चार केस दर्ज हैं। रोशन लाल 2021 से सक्रिय रूप से अवैध ड्रग्स तस्करी में शामिल है और 4 अगस्त 2025 से कोर्ट बांड पर था। उसका पहला मामला 12 फरवरी 2021 को सामने आया, जब उसके पास 50 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2022 में उसके पास 1.4 किलो गांजा बरामद हुआ। नवंबर 2024 में रोहिणी सेक्टर 23–24 से उसे और उसके साथी को स्कूटी में बिना नंबर प्लेट के पकड़ते हुए 310 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि रोशन लाल जैसी आदतन और संगठित ड्रग्स तस्करी करने वाली गतिविधियां समाज और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। साधारण कानूनों के जरिए इसे रोकना मुश्किल था, इसलिए पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत रोकथाम हिरासत की कार्रवाई जरूरी थी। इस कदम का उद्देश्य है कि उसे फिर से सक्रिय ड्रग्स तस्करी में शामिल होने से रोका जा सके और समाज को सुरक्षित रखा जा सके।
एएनटीएफ और क्राइम ब्रांच लगातार इस मिशन पर काम कर रहे हैं कि दिल्ली को ड्रग्स मुक्त शहर बनाया जाए। साथ ही, उन संपत्तियों की पहचान और जब्ती की जा रही है, जो अवैध ड्रग्स व्यापार से अर्जित की गई हैं। आने वाले समय में भी ऐसे आदतन और संगठित ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे एक मजबूत निवारक संदेश जाए और कानून का शासन प्रभावी तरीके से लागू हो।

जोधपुर : मंगलदीप कॉम्प्लेक्स फायरिंग मामले का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी 'मनसा' अवैध हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार

जोधपुर : मंगलदीप कॉम्प्लेक्स फायरिंग मामले का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी ‘मनसा’ अवैध हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार

जोधपुर : मंगलदीप कॉम्प्लेक्स फायरिंग मामले का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी 'मनसा' अवैध हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार
जोधपुर : मंगलदीप कॉम्प्लेक्स फायरिंग मामले का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी ‘मनसा’ अवैध हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार

जोधपुर। जोधपुर पश्चिम जिला पुलिस ने पाल रोड स्थित मंगलदीप कॉम्प्लेक्स में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। 

पुलिस आयुक्त शरत कविराज और डीसीपी (पश्चिम) विनीत कुमार बंसल के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी देवेन्द्रसिंह उर्फ मनसा (29) को जालोर जिले के आहोर क्षेत्र से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 6 अवैध पिस्टल और 11 मैगजीन बरामद हुई हैं। यह वारदात 10 मार्च 2026 को मंगलदीप कॉम्प्लेक्स के फ्लैट नंबर 402 में घटित हुई थी।

जोधपुर : मंगलदीप कॉम्प्लेक्स फायरिंग मामले का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी 'मनसा' अवैध हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार
जोधपुर : मंगलदीप कॉम्प्लेक्स फायरिंग मामले का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी ‘मनसा’ अवैध हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार

यहाँ आपसी विवाद के चलते छोटुसिंह राजपूत, अनिल बिश्नोई और देवेन्द्र उर्फ मनसा के बीच खूनी संघर्ष हुआ और ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। इस गोलीबारी में छोटुसिंह और अनिल बिश्नोई गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका वर्तमान में अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी देवेन्द्र उर्फ मनसा के खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में अवैध हथियार कहाँ से लाया था और इस गैंग में अन्य कौन-कौन शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है

मुंबई मेट्रो, बीएसई, हाईकोर्ट और विधानभवन को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस हाई अलर्ट पर

मुंबई मेट्रो, बीएसई, हाईकोर्ट और विधानभवन को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस हाई अलर्ट पर

मुंबई मेट्रो, बीएसई, हाईकोर्ट और विधानभवन को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस हाई अलर्ट पर
मुंबई मेट्रो, बीएसई, हाईकोर्ट और विधानभवन को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस हाई अलर्ट पर

मुंबई,। महाराष्ट्र विधानसभा, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और बॉम्बे हाईकोर्ट समेत मुंबई में कई जगहों पर बम विस्फोट की धमकी से दहशत फैल गई। ईमेल के जरिए अलग-अलग ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। 

मुंबई पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, विधानभवन और हाईकोर्ट को धमकी भरे ईमेल मिले। इसके बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। संबंधित पुलिस स्टेशन पर जरूरी कानूनी कार्रवाई भी की गई। बीएसई के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमें धमकी भरा ईमेल मिला है। सावधानी के तौर पर जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं और हम संबंधित सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं।” विधानभवन को भेजे गए ईमेल में लिखा गया, “विधान भवन में बम रखा गया है।” इसके बाद, सुरक्षा के मद्देनजर पूरा विधानसभा परिसर खाली करा दिया गया। पत्रकारों और कर्मचारियों को बाहर भेज दिया गया।

मुंबई मेट्रो, बीएसई, हाईकोर्ट और विधानभवन को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस हाई अलर्ट पर
मुंबई मेट्रो, बीएसई, हाईकोर्ट और विधानभवन को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस हाई अलर्ट पर


बम स्क्वॉड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरी तरह सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। साथ ही डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया है ताकि किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री जल्दी से जल्दी मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई बम या विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन खोज पूरी तरह संतोषजनक न होने तक जारी रहेगी।
इसके बाद मुंबई मेट्रो और बैंकों को धमकी भरे ईमेल मिले। हालांकि, अभी तक मुंबई में किसी भी जगह से कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी सामने नहीं आई।
महाराष्ट्र विधान परिषद के चेयरमैन राम शिंदे ने भी बम विस्फोट की धमकियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) को सुबह 6.57 बजे एक ईमेल भेजा गया था। उन्होंने कहा, “चूंकि बजट सत्र चल रहा है, इसलिए ईमेल में खासतौर पर बम का इस्तेमाल करके हमले की धमकी दी गई थी। धमकी में मुंबई में चार हाई-प्रोफाइल टारगेट की पहचान की गई थी, जिनमें विधानभवन, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), बॉम्बे हाईकोर्ट और मुंबई मेट्रो शामिल हैं।”
शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि विधानसभा, मेट्रो और स्टॉक एक्सचेंज को धमकी देने वाला ईमेल खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों से जुड़ा हो सकता है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि भेजने वाले ने इन जगहों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलों और बमों के इस्तेमाल का साफ तौर पर जिक्र किया है।
फिलहाल, मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। धमकी भरे ईमेल के बाद पुलिस की छानबीन चल रही है।

बीकानेर में खाकी पर खूंखार हमला : जांच करने गई महिला हेड कॉन्स्टेबल पर छोड़ा पिटबुल, मां-बेटी घर में हुईं बंद

बीकानेर में खाकी पर खूंखार हमला : जांच करने गई महिला हेड कॉन्स्टेबल पर छोड़ा पिटबुल, मां-बेटी घर में हुईं बंद

बीकानेर में खाकी पर खूंखार हमला : जांच करने गई महिला हेड कॉन्स्टेबल पर छोड़ा पिटबुल, मां-बेटी घर में हुईं बंद
बीकानेर में खाकी पर खूंखार हमला : जांच करने गई महिला हेड कॉन्स्टेबल पर छोड़ा पिटबुल, मां-बेटी घर में हुईं बंद

बीकानेर। जिले के जयनारायण व्यास कॉलोनी (JNVC) थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पहुंची महिला पुलिसकर्मियों पर मकान मालकिन ने अपने पालतू पिटबुल डॉग से हमला करवा दिया। इस हमले में एक महिला हेड कॉन्स्टेबल बुरी तरह घायल हो गई हैं। 

घटना 2 मार्च को चाणक्य नगर में हुई। महिला हेड कॉन्स्टेबल माली जाखड़ और ASI शारदा एक मामले की जांच के सिलसिले में मनीषा मोदी नामक महिला के घर पहुंची थीं। जैसे ही पुलिसकर्मी घर के पास पहुंचीं, मकान मालकिन ने कथित तौर पर अपने खूंखार पिटबुल कुत्ते को खुला छोड़ दिया। गंभीर चोटें : कुत्ते ने बाहर निकलते ही हेड कॉन्स्टेबल माली जाखड़ पर हमला कर दिया और उनके हाथ-पैरों पर कई जगह काट लिया।

बीकानेर में खाकी पर खूंखार हमला : जांच करने गई महिला हेड कॉन्स्टेबल पर छोड़ा पिटबुल, मां-बेटी घर में हुईं बंद
बीकानेर में खाकी पर खूंखार हमला : जांच करने गई महिला हेड कॉन्स्टेबल पर छोड़ा पिटबुल, मां-बेटी घर में हुईं बंद


ASI ने बचाई जान : साथ मौजूद ASI शारदा ने कड़ी मशक्कत के बाद माली जाखड़ को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
राजकार्य में बाधा और जानलेवा नीयत का आरोप
पीड़ित हेड कॉन्स्टेबल ने 10 मार्च को मामला दर्ज करवाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। FIR के अनुसार मकान मालकिन और उसकी बेटी ने जानबूझकर कुत्ता छोड़ा और खुद को घर के अंदर बंद कर लिया।
यह हमला जान से मारने की नीयत से और राजकार्य (सरकारी ड्यूटी) में बाधा डालने के उद्देश्य से किया गया।
ASI पूर्णाराम ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घायल महिला कॉन्स्टेबल फिलहाल इलाज के बाद अपने गांव चली गई हैं। पुलिस अब आरोपों की पुष्टि के लिए सबूत जुटा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।

दिल्ली हाईकोर्ट के लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस खत्म, नहीं बन सका लंच

दिल्ली हाईकोर्ट के लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस खत्म, नहीं बन सका लंच

दिल्ली हाईकोर्ट के लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस खत्म, नहीं बन सका लंच
दिल्ली हाईकोर्ट के लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस खत्म, नहीं बन सका लंच

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट की लॉयर्स कैंटीन में फिलहाल मुख्य भोजन नहीं पकाया जा पा रहा है क्योंकि एलपीजी गैस सिलेंडर खत्म हो गया है। प्रबंधन ने सभी से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जैसे ही गैस मिलेगी, पूरा भोजन फिर से शुरू कर दिया जाएगा। 

कैंटीन प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक गैस की उपलब्धता अभी नहीं है, इसलिए भोजन तैयार नहीं किया जा सकता। गैस सप्लाई कब तक बहाल होगी, इसकी अभी कोई निश्चित जानकारी नहीं है लेकिन जैसे ही सिलेंडर मिलते हैं, भोजन फिर से परोसना शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान प्रबंधन ने सभी से सहयोग की अपील की है।

दिल्ली हाईकोर्ट के लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस खत्म, नहीं बन सका लंच
दिल्ली हाईकोर्ट के लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस खत्म, नहीं बन सका लंच

इस बीच, वकीलों और कर्मचारियों के लिए सैंडविच, सलाद, फ्रूट चाट और अन्य स्नैक्स उपलब्ध रहेंगे और इन्हें नियमित रूप से परोसा जाएगा। कैंटीन प्रबंधन ने इस असुविधा के लिए खेद जताते हुए सभी से सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि यह अस्थायी समस्या है और पूरी कोशिश की जा रही है कि मुख्य भोजन जल्द उपलब्ध कराया जाए।
कैंटीन की यह सूचना लॉयर्स कैंटीन, दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से आधिकारिक रूप से जारी की गई है। इसमें वकीलों और कोर्ट कर्मचारियों से विनम्र अनुरोध किया गया है कि इस दौरान हल्के नाश्ते का ही सेवन करें और असुविधा को समझें। प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही गैस सिलेंडर की सप्लाई बहाल होगी, भोजन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस पूरे समय के दौरान कैंटीन का स्टाफ लगातार निगरानी और व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहेगा ताकि वकील और कर्मचारी ज्यादा परेशान न हों। लॉयर्स कैंटीन का मकसद है कि सबको समय पर भोजन मिल सके और कोई भी परेशानी ज्यादा लंबी न चले। इसलिए फिलहाल हल्के नाश्तों पर ध्यान दिया जा रहा है और मुख्य भोजन के लिए इंतजार करना होगा।

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई टाली, अगली सुनवाई 28 मार्च को

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई टाली, अगली सुनवाई 28 मार्च को

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई टाली, अगली सुनवाई 28 मार्च को
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई टाली, अगली सुनवाई 28 मार्च को

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई टाल दी है, जिसमें उसने अपने पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में दोषियों की सजा बढ़ाने की मांग की है। इस याचिका में मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य आरोपियों की सजा बढ़ाने की अपील की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने की अनुमति दे दी। 

कोर्ट ने कहा कि संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया जाता है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च के लिए तय कर दी है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई टाली, अगली सुनवाई 28 मार्च को
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई टाली, अगली सुनवाई 28 मार्च को

उन्नाव रेप पीड़िता ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने पिता की कथित हिरासत में मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ सजा बढ़ाने की मांग की है। पीड़िता के मुताबिक कहा गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के परिवारवालों ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पीड़िता ने अपने पिता की कथित पुलिस हिरासत में मौत के मामले में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा बढ़ाने की मांग की है। निचली अदालत ने पीड़िता के पिता की मौत मामले में सेंगर को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई थी और उस पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था।
निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के मामले में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। हालांकि, पीड़िता का पक्ष है कि यह सजा अपराध की गंभीरता के अनुरूप नहीं है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
–आईएएनएस

भरतपुर : नारौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत 11 घायल

भरतपुर : नारौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत 11 घायल

भरतपुर : नारौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत 11 घायल
भरतपुर : नारौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत 11 घायल

रुदावल (भरतपुर)। जिले के रुदावल थाना क्षेत्र के गांव नारौली में बुधवार को पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच लाठी-डंडों और धारदार हथियारों (दरात) से हुए हमले में कुल 11 लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए बयाना और भरतपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

दोनों पक्षों ने दर्ज कराए क्रॉस केस पुलिस के अनुसार, घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
प्रथम पक्ष का आरोप : भरतलाल जाटव ने रिपोर्ट दी है कि जब वह बाइक से घर लौट रहा था, तब गांव की कुछ महिलाओं ने गाली-गलौज की। विरोध करने पर रिंकू, पिंटू और गट्टू ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया और बाइक तोड़ दी। बीच-बचाव करने आई उसकी मां गुड्डी और भाइयों पर भी हमला किया गया। आरोप है कि रात 10 बजे आरोपियों ने घर में घुसकर सो रहे परिजनों पर जानलेवा हमला किया।

भरतपुर : नारौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत 11 घायल
भरतपुर : नारौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत 11 घायल


द्वितीय पक्ष का आरोप : वहीं रिंकू जाटव ने मामला दर्ज कराया है कि भरतलाल शराब के नशे में उनके घर के आंगन में बाइक लेकर घुस आया और महिलाओं से अभद्रता की। जब उसे भगाया गया, तो वह थोड़ी देर बाद आशीष, अंकित और अन्य साथियों के साथ लाठी-हॉकी लेकर आया और घर में बैठी महिलाओं व बीमार पिता डालचंद को बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया।
अस्पताल में चल रहा घायलों का उपचार
इस खूनी संघर्ष में घायल हुए लोगों की स्थिति इस प्रकार है:
भरतपुर रेफर : घायल गुंजन और लक्ष्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भरतपुर जिला अस्पताल भेजा गया है।
बयाना अस्पताल : डालचंद, वीरमती, रामदेई, सुम्मेरा और प्रदीप सहित अन्य घायलों का इलाज बयाना के सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई : रुदावल पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी

रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी

रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार रात करीब दो अपराधियों ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के टीटॉस रेस्टोरेंट के भीतर अंधाधुंध फायरिंग की। घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मनीष गोप के रूप में हुई है, जो रेस्टोरेंट में वेटर का काम करता था। 

बताया जा रहा है कि अपराधी रेस्टोरेंट मालिक राजकुमार गोप की हत्या के इरादे से पहुंचे थे। उन्हें 25 दिसंबर को गैंगस्टर प्रिंस खान ने एक करोड़ की रंगदारी के लिए धमकी दी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वारदात के पीछे प्रिंस खान का गिरोह हो सकता है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। घटना को दो अपराधियों ने अंजाम दिया, जो बाइक से रात करीब 8.30 बजे रेस्टोरेंट पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक आरोपी बाइक स्टार्ट कर सड़क किनारे खड़ा रहा, जबकि दूसरा आरोपी रेस्टोरेंट के अंदर घुस गया और वहां फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक गोली मनीष गोप के पेट में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग होते ही रेस्टोरेंट के अंदर अफरातफरी मच गई।

रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी


हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से बाहर निकला और बाइक पर बैठे अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। घटना के बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारी घायल मनीष गोप को राज अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी पारस राणा, हटिया डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने जांच के दौरान वहां से गोली के तीन खोखे बरामद किए हैं। होटल सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, हालांकि देर रात तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली थी।
रेस्टोरेंट संचालक राज कुमार गोप ने आशंका जताई है कि हमलावर संभवतः उन्हें निशाना बनाने आए थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 25 दिसंबर को प्रिंस खान के नाम पर उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय पुलिस से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत की थी, जिसके बाद एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था।
राज कुमार गोप के मुताबिक, रंगदारी की शिकायत के बाद उन्हें कुछ समय के लिए पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन बाद में बॉडीगार्ड वापस ले लिया गया। उनका कहना है कि रंगदारी मांगने के बाद से उन्हें लगातार धमकी भरे फोटो और वीडियो भी भेजे जाते रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रंगदारी के एंगल से भी घटना को जोड़कर देखा जा रहा है। –