NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा

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NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा
NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा

नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर से गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। विशेष रूप से गाजियाबाद के लोनी इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगभग 500 के खतरनाक स्तर को छू गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जहरीली हवा के कारण अस्पतालों में सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में है। पूसा में एक्यूआई 341, आरके पुरम में 401, रोहिणी में 424, सोनिया विहार में 396, और वजीरपुर में 442 दर्ज किया गया है। ये सभी स्तर ‘बहुत खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं, जो न केवल स्वस्थ लोगों के लिए हानिकारक हैं, बल्कि पहले से बीमार लोगों की स्थिति को और भी गंभीर बना रहे हैं।
एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 438, सेक्टर-116 में 428, और सेक्टर-1 में 399 दर्ज किया गया है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 431 तक पहुंच गया है।

NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा
NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा

गाजियाबाद के इंदिरापुरम, लोनी, संजय नगर और वसुंधरा जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण में पीएम2.5 और पीएम10 के उच्च स्तर मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं, जो सीधे तौर पर फेफड़ों और दिल की बीमारियों को बढ़ावा देते हैं। नवंबर महीने के एयर क्वालिटी कैलेंडर के आंकड़े बताते हैं कि 16 नवंबर को एक्यूआई 419, 18 नवंबर को 434 और 20 नवंबर को 430 तक पहुंच गया था, जो लगातार खराब होती स्थिति की ओर इशारा करता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 से 26 नवंबर के बीच मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। कोहरा और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व हवा में जमे रहेंगे, जिससे स्थिति में जल्द सुधार की संभावना नहीं है। डॉक्टरों ने लोगों को घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है, खासकर उन लोगों को जो पहले से ही सांस या दिल की बीमारियों से पीड़ित हैं।

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना
गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

गुजरात के पंचमहल जिले के गोधरा शहर में शुक्रवार तड़के एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बमरौली रोड स्थित वृंदावन-2 सोसाइटी में एक घर में लगी आग ने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया और उसी घर में सो रहे परिवार के चार सदस्यों को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक पड़ोसी कुछ समझ पाते और मदद पहुंचती, तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। घटना ने न केवल प्रभावित परिवार को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।

आग लगने की सूचना मिलते ही इलाके में मचा हड़कंप

स्थानीय निवासियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग 4 बजे उनके घरों तक घना धुआं पहुंचने लगा। शुरुआत में लोगों को लगा कि आसपास कहीं कचरा जलाया जा रहा होगा, लेकिन कुछ ही ही देर में धुएं की मात्रा बढ़ गई और जलने की तेज गंध आने लगी। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो वृंदावन-2 सोसाइटी के एक घर में धुआं भर चुका था और भीतर आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। पड़ोसियों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। साथ ही उन्होंने अपनी ओर से दरवाजा तोड़ने और भीतर घुसने का प्रयास किया, लेकिन घने धुएं और बढ़ती गर्मी के कारण वे सफल नहीं हो पाए।

दमकल विभाग का त्वरित प्रयास, लेकिन जीवन नहीं बच पाए

सूचना मिलते ही गोधरा नगर पालिका का दमकल दल मौके पर पहुंच गया। टीम ने आग पर काबू पाने के लिए अंदर और बाहर से पानी के फव्वारे चलाए और कुछ ही समय में आग पर नियंत्रण पा लिया। जैसे ही आग कम हुई और धुआं थोड़ा साफ हुआ, दमकल कर्मी अंदर पहुंचे, लेकिन वहां का दृश्य बेहद भयावह था। घर के कमरों में चारों लोगों के शव पड़े हुए थे, जिनके शरीर पर ज्यादा जलने के निशान नहीं थे, लेकिन वे बेहोशी की अवस्था में दम तोड़ चुके थे।

दमकल विभाग और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आग लगने के बाद घर भर में धुआं पूरी तरह फैल गया, और संभवतः परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे। धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों के कारण उनका दम घुट गया और वे समय रहते बाहर नहीं निकल पाए।

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना
गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

घटना का प्राथमिक कारण — दम घुटना माना जा रहा है

पुलिस और फोरेंसिक टीम द्वारा की जा रही प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि चारों की मौत आग से नहीं, बल्कि धुएं में दम घुटने से हुई है। घर के अंदर की स्थिति, शवों का स्थान और उनके शरीर पर कम जलने के निशान इस आशंका को मजबूत करते हैं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्ट किया जा सकेगा।

आग लगने का कारण रहस्य बना हुआ

अब तक आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। जांच टीम घर में मौजूद उपकरणों, वायरिंग, किचन एरिया और अन्य संभावित स्रोतों की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती अनुमान में शॉर्ट सर्किट की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया है, क्योंकि कई बार सुबह के समय बिजली वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। लेकिन फिलहाल पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।

स्थानीय निवासियों में भय और शोक का माहौल

घटना के बाद से वृंदावन-2 सोसाइटी में भारी सन्नाटा पसरा हुआ है। जो परिवार कुछ घंटे पहले चैन से सो रहा था, उसकी सुबह ऐसी त्रासदी भरी खबर के साथ हुई कि लोग सदमे में आ गए। पड़ोसी इस बात से बेहद दुखी हैं कि उन्होंने कोशिश तो की, लेकिन धुआं इतना ज्यादा था कि वे कुछ नहीं कर पाए। कई लोगों ने कहा कि यह घटना उन्हें आग लगने जैसी स्थितियों में सावधानी बरतने की गंभीरता का एहसास कराती है।

कुछ लोगों ने स्थानीय प्रशासन से आवासीय इलाकों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि घरों में धुआं अलार्म या फायर सेफ्टी उपकरण लगे हों, तो ऐसी घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

पुलिस और प्रशासन सतर्क, परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, नगरपालिका अधिकारी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी करके जांच कार्य शुरू किया। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। साथ ही पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और आग लगने के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश जारी किया गया है।

समुदाय ने एकजुट होकर जताया दुख

गोधरा के लोग इस घटना से गहरा दुख महसूस कर रहे हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने मृतकों के अंतिम संस्कार में सहायता देने की घोषणा की है। कई लोगों ने कहा कि इस प्रकार की घटना से समाज में एक जागरूकता पैदा होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को यह दिन न देखना पड़े।


यह घटना न सिर्फ एक त्रासदी है बल्कि एक चेतावनी भी है। आधुनिक घरों में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वायरिंग के कारण आग की घटनाओं की संभावना भी बढ़ी है। विशेषज्ञ भी लगातार लोगों को आग से सुरक्षा के बुनियादी उपाय अपनाने की सलाह देते रहे हैं। लेकिन जब तक लोग अपने स्तर पर सावधानी नहीं बरतेंगे, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं पूरी तरह रोकी नहीं जा सकतीं।

गोधरा की इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है और यह साबित कर दिया है कि लापरवाही का एक छोटा सा पल भी कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आग की सही वजह और सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा, लेकिन फिलहाल इलाके में पसरा मातम और शोक की भावना इस बात का प्रमाण है कि चार मासूम जिंदगियां हमेशा के लिए बुझ चुकी हैं

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित
ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

अलवर। जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र में पाटा गांव निवासी सिराजू के साथ हुई घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिवार का आरोप है कि बुधवार सुबह सिराजू दहेज मामले में सिकरी थाने में पेश होने के लिए घर से निकला था, लेकिन रास्ते में उसके ससुर और सालों ने उसे रोक लिया। करीब दोपहर 12 बजे के आसपास ससुर इशाक, साला सफीक और फर्रून उसे जबरन अपने साथ ले गए।
आरोप है कि तीनों ने रास्ते में सिराजू को जहर पिला दिया। इसके बाद उसका मोबाइल और बाइक छीनकर उसे गंभीर हालत में सिकरी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। परिजनों को सूचना भी आरोपियों ने ही फोन कर दी। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, उससे पहले ही कथित तौर पर 10–12 लोगों को बुलाकर सिराजू से गलत बयान दिलवाने की कोशिश की गई। लेकिन जब उसे सिकरी थाने ले जाया गया तो उसने पुलिस के सामने साफ कहा कि “ससुराल पक्ष ने ही मुझे जहर पिलाया है।”

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित
ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

स्थिति नाजुक होने पर पुलिस ने तुरंत उसे वापस अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में सिराजू का उपचार वहीं चल रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ससुर इशाक को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
परिजनों के अनुसार, सिराजू की शादी लगभग 7 साल पहले तबरस्सुम से हुई थी। शादी के बाद से ही वह कई बार मायके चली जाती थी। करीब एक साल से वह लगातार मायके में ही रह रही थी। हाल ही में तबरस्सुम ने सिराजू और उसके परिवार पर दहेज का मामला भी दर्ज कराया था, जिसके सिलसिले में उसे थाने में पेश होना था। सिराजू फर्नीचर का काम करता है और उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा है।

झारखंड के गिरिडीह में बंदूक बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, छह गिरफ्तार

झारखंड के गिरिडीह में बंदूक बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, छह गिरफ्तार

झारखंड के गिरिडीह में बंदूक बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, छह गिरफ्तार
झारखंड के गिरिडीह में बंदूक बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, छह गिरफ्तार

गिरिडीह । झारखंड के गिरिडीह जिले की पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गांडेय थाना क्षेत्र के मंडरडीह गांव में संचालित एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मौके से हथियार बनाने वाले छह कारीगरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी संख्या में तैयार और अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें देशी कट्टे, रिवॉल्वर, पिस्टल के पार्ट्स और कई तरह के हथियारों के बैरल एवं कैलिबर सामग्री शामिल हैं। टीम को मौके से कई मशीनें भी मिली हैं, जिनका उपयोग हथियार निर्माण में किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि यह फैक्ट्री संगठित तरीके से बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का उत्पादन कर रही थी।

झारखंड के गिरिडीह में बंदूक बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, छह गिरफ्तार
झारखंड के गिरिडीह में बंदूक बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, छह गिरफ्तार


अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध इकाई काफी समय से इलाके में सक्रिय थी और तैयार हथियारों की सप्लाई झारखंड के कई जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार में भी की जा रही थी। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के तार आपराधिक गिरोहों और अंतरराज्यीय सप्लायर्स से भी जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तार किए गए सभी छह कारीगर हथियार निर्माण में दक्ष बताए जा रहे हैं। संभावना जताई गई है कि इनके साथ काम करने वाले और भी लोग हैं, जो सप्लाई और फंडिंग के स्तर पर जुड़े हुए हैं। टीम अब इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।
गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि मिनी गन फैक्ट्री का संचालन अत्यंत गुप्त तरीके से किया जा रहा था। फैक्ट्री ग्रामीण इलाके की एक बंद पड़ी संरचना में स्थापित की गई थी ताकि किसी को भी इसकी गतिविधियों का अंदाजा न लगे। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद इस नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का खुलासा होने की उम्मीद है।

करौली पुलिस का ऑपरेशन वॉन्टेड सफल: 15 साल से फरार ₹25,000 के ईनामी डकैत को जयपुर से दबोचा

करौली पुलिस का ऑपरेशन वॉन्टेड सफल: 15 साल से फरार ₹25,000 के ईनामी डकैत को जयपुर से दबोचा

करौली पुलिस का ऑपरेशन वॉन्टेड सफल: 15 साल से फरार ₹25,000 के ईनामी डकैत को जयपुर से दबोचा
करौली पुलिस का ऑपरेशन वॉन्टेड सफल: 15 साल से फरार ₹25,000 के ईनामी डकैत को जयपुर से दबोचा

-डीजीपी के निर्देशों पर एक्शन: एसपी करौली की विशेष मॉनिटरिंग में वांछित अपराधी भरत मीना गिरफ्तार
करौली।
 राजस्थान के पुलिस महानिदेशक द्वारा संगठित अपराधियों, माफियाओं और हार्डकोर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही के निर्देशों के बाद भरतपुर रेंज में एक बड़ा सफलता अभियान चलाया गया है। पुलिस महानिरीक्षक कैलाश चन्द्र विश्नोई और जिला पुलिस अधीक्षक करौली लोकेश सोनवाल के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन वॉन्टेड के तहत करौली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस अभियान का सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमनाराम और सत्येन्द्र पाल द्वारा किया जा रहा है। 15 साल से फरार ईनामी डकैत गिरफ्तार
करौली पुलिस की जिला स्पेशल टीम ने एक ऐसे शातिर ईनामी बदमाश भरत मीना पुत्र रामरतन निवासी सिघांन थाना सदर हिण्डौन को गिरफ्तार किया है जो लूट और डकैती के कई गंभीर मामलों में पिछले करीब 15 साल से फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक करौली ने इस कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का ईनाम घोषित कर रखा था।

करौली पुलिस का ऑपरेशन वॉन्टेड सफल: 15 साल से फरार ₹25,000 के ईनामी डकैत को जयपुर से दबोचा
करौली पुलिस का ऑपरेशन वॉन्टेड सफल: 15 साल से फरार ₹25,000 के ईनामी डकैत को जयपुर से दबोचा


डीएसटी प्रभारी हेड कांस्टेबल नेमीचन्द को पुलिस अधीक्षक द्वारा मुल्जिम भरत के संबंध में आसूचना संकलित करने के निर्देश दिए गए थे। पिछले कई दिनों से कांस्टेबल रन्नो सिंह और जगदीश को भरत के जयपुर में होने की सूचना मिल रही थी। आसूचना के आधार पर डीएसटी की एक टीम को जयपुर रवाना किया गया। मुखबिर की सूचना पर टीम शिवदासपुरा जयपुर पहुंची, जहां आरोपी मजदूरी का काम कर रहा था।
पुलिस को देखते ही वह भागने लगा। डीएसटी प्रभारी नेमीचन्द और कांस्टेबल रन्नोसिंह एवं जगदीश ने ईनामी बदमाश को तत्परता से दबोच लिया। आरोपी भरत थाना सदर हिण्डौन के लूट/डकैती के प्रकरण सहित करीब आधा दर्जन मुकदमों में वांछित था। उसे दस्तयाव कर अग्रिम कार्यवाही हेतु थाना सदर हिण्डौन को सुपुर्द कर दिया गया

दिल्ली: जामा मस्जिद थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्नैचिंग मामले में फरार बदमाश गिरफ्तार

दिल्ली: जामा मस्जिद थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्नैचिंग मामले में फरार बदमाश गिरफ्तार

दिल्ली: जामा मस्जिद थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्नैचिंग मामले में फरार बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली: जामा मस्जिद थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्नैचिंग मामले में फरार बदमाश गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली की जामा मस्जिद थाना पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सतर्कता के बाद दो महीने से फरार चल रहे एक कुख्यात स्नैचर को गिरफ्तार किया। आरोपी सारफराज उर्फ छोटू (22), जो स्नैचिंग की वारदात के बाद से फरार था, को पुलिस टीम ने जेजे कॉलोनी बवाना से दबोच लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से शिकायतकर्ता का मूल आधार कार्ड और घटना के दौरान पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। दरअसल, 16 सितंबर को जामा मस्जिद थाना क्षेत्र में मोबाइल स्नैचिंग की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता, जो बीएसएफ में तैनात हैं, स्थानांतरण के सिलसिले में दिल्ली आए थे और शाम लगभग 6 बजे कबूतर मार्केट के पास टहल रहे थे। तभी दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें घेरकर रास्ता रोका और उनका मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड छीन लिया। पीड़ित द्वारा शोर मचाने पर इलाके में गश्त कर रहे एएसआई नीरज त्यागी और कांस्टेबल सुमित ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और उसके पास से मोबाइल फोन बरामद कर लिया। इस मामले में एफआईआर संख्या 455/2025 धारा 304(2)/317(2)/3(5) बीएनएस के तहत जामा मस्जिद थाने में केस दर्ज किया गया। वहीं, दूसरा आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी।
फरार आरोपी सारफराज उर्फ छोटू को पकड़ने के लिए जामा मस्जिद थाने के एसएचओ के नेतृत्व और एसीपी दरियागंज की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई।

दिल्ली: जामा मस्जिद थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्नैचिंग मामले में फरार बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली: जामा मस्जिद थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्नैचिंग मामले में फरार बदमाश गिरफ्तार

पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। 20 नवंबर को विश्वसनीय सूचना के बाद टीम ने जेजे कॉलोनी, बवाना में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से शिकायतकर्ता का मूल आधार कार्ड और घटना के दौरान पहने गए कपड़े बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी खुर्शीद उर्फ बोना के साथ स्नैचिंग और चोरी की वारदातें करता था। उसने कहा कि 16 सितंबर को दोनों मीना बाजार इलाके में पहुंचे और शिकायतकर्ता को मोबाइल इस्तेमाल करते देख वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल खुर्शीद ले गया, जबकि आधार और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए। भागते समय उसने एटीएम कार्ड तोड़कर फेंक दिया।
सारफराज ने बताया कि वह मजदूरी करता है, लेकिन गलत संगत में आकर नशे (स्मैक) का आदी हो गया और नशे की पूर्ति के लिए स्नैचिंग और चोरी करने लगा। पुलिस उसके अन्य साथियों और आपराधिक गतिविधियों की जांच में जुटी है। सारफराज उर्फ छोटू के खिलाफ पहले से भी दस मामले दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि अपराधियों पर अंकुश लगाने और स्नैचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार गश्त और तकनीकी निगरानी जारी रहेगी। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस उसके साथी खुर्शीद उर्फ बोना की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मुंबई: पत्नी की हत्या कर पति ने किया सरेंडर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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मुंबई: पत्नी की हत्या कर पति ने किया सरेंडर, पुलिस ने किया गिरफ्तार
मुंबई: पत्नी की हत्या कर पति ने किया सरेंडर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई के मालवानी इलाके में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। मालवानी पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान सिराज नाइक के रूप में हुई है। सिराज पर अपनी 45 वर्षीय पत्नी मुमताज नाइक की नींद के दौरान हत्या करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह हत्या पति-पत्नी के बीच एसआरए (झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण) प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाले फ्लैट को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। पुलिस के मुताबिक, सिराज अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ मालवानी इलाके में रह रहा था। उनका निवास एसआईए प्रोजेक्ट का हिस्सा था। सिराज ने मुमताज से कहा था कि यदि वे बिल्डर को 9.70 लाख रुपए दें तो उन्हें इस योजना के तहत नया फ्लैट मिल जाएगा। हालांकि, मुमताज ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच झगड़ा बढ़ गया।
पुलिस ने आगे बताया कि विवाद के बाद मुमताज सोने चली गईं। तभी आरोपी सिराज कथित रूप से एक भारी पत्थर लेकर आया और अपनी पत्नी के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट के चलते मुमताज की मौके पर ही मौत हो गई।

मुंबई: पत्नी की हत्या कर पति ने किया सरेंडर, पुलिस ने किया गिरफ्तार
मुंबई: पत्नी की हत्या कर पति ने किया सरेंडर, पुलिस ने किया गिरफ्तार


वारदात के बाद आरोपी सीधे मालवानी पुलिस स्टेशन पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी देते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और हत्या के तहत केस दर्ज कर लिया है।
इससे पहले, पुणे में भी पति द्वारा पत्नी की हत्या करने का मामला सामने आया था। 8 नवंबर को वारजे पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसने फिल्मी स्टाइल में योजना बनाकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। दरअसल, उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। पत्नी की हत्या के बाद उसने खुद पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन, पुलिस ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई, सिंचाई विभाग का चालक 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई, सिंचाई विभाग का चालक 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
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चंडीगढ़। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पंचकूला ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग, मुख्यालय पंचकूला में कार्यरत चालक विजय (एचकेआरएन) को 50 हजार रुपये नकद रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को सेक्टर-5 पंचकूला स्थित हैफेड के नजदीक पकड़ा गया। ब्यूरो के अनुसार, इस संबंध में आरोपी विजय के खिलाफ अभियोग संख्या 16, दिनांक 19.11.2025, धारा 7ए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत पर हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता ने सतर्कता ब्यूरो को बताया कि उसके रिश्तेदार अनूप (निवासी गोगडिया, जिला जींद) के खेतों की सिंचाई बधाना माइनर से होती है। पहले आरडी 10200 एल 1 आर पर बना आउटलेट खेतों से दूर था। आउटलेट को स्थानांतरित कर आरडी 12500 एल पर नया आउटलेट बनाने का प्रस्ताव सिंचाई विभाग मुख्यालय में लंबित है।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई, सिंचाई विभाग का चालक 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
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शिकायतकर्ता जब फाइल संबंधी जानकारी के लिए मुख्यालय पहुंचा, तो वहां तैनात विशम्बर (एडवाइजर) ने बताया कि प्रक्रिया जारी है और उसे चालक विजय से मिलने को कहा। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह चालक विजय से मिला तो उसने विभागीय अधिकारी के कहने पर फाइल निकालने की एवज में 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
जाल बिछाकर पकड़ा गया आरोपी
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता ब्यूरो ने जाल बिछाया और मंगलवार को आरोपी विजय को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे आएंगे भारत, आगरा में ताजमहल का करेंगे दीदार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे आएंगे भारत, आगरा में ताजमहल का करेंगे दीदार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे आएंगे भारत, आगरा में ताजमहल का करेंगे दीदार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे आएंगे भारत, आगरा में ताजमहल का करेंगे दीदार

आगरा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर जल्द ही भारत के दौरे पर आने वाले हैं। विशेष विमान से वह आगरा पहुंचेंगे और विश्व प्रसिद्ध धरोहर ताजमहल का दीदार करेंगे। आगरा प्रशासन इस यात्रा को लेकर लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत की जा रही है, क्योंकि इस दौरान बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय मेहमान भी आगरा पहुंचने वाले हैं। नई दिल्ली में 19 से 24 नवंबर तक आयोजित होने वाले न्यायाधीशों के विश्व सम्मेलन में शामिल होने के लिए दुनिया भर से तमाम विशिष्ट हस्तियां भारत आ रही हैं। उनमें से कई लोग दिल्ली पहुंचने के बाद आगरा भी जाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप जूनियर गुरुवार को विशेष विमान से दोपहर 1:30 बजे खेरिया हवाई अड्डे पर उतरेंगे। इसके बाद उनका काफिला सीधे ताजमहल के लिए रवाना होगा। इसके साथ ही करीब 40 देशों के 126 विशेष मेहमान भी ताजमहल देखने पहुंचेंगे। इनमें कुछ देशों के पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री और कई न्यायाधीश शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे आएंगे भारत, आगरा में ताजमहल का करेंगे दीदार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे आएंगे भारत, आगरा में ताजमहल का करेंगे दीदार

याद दिला दें कि इससे पहले वर्ष 2020 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ ताजमहल पहुंचे थे। उस यात्रा के दौरान उनकी बेटी इवांका ट्रंप और दामाद जैरेड कुशनर भी उनके साथ थे। उस समय आगरा में ऐतिहासिक स्वागत हुआ था और शहर को खास तरह से सजाया गया था।
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल सोसाइटी की ओर से आयोजित 26वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ चीफ जस्टिस ऑफ द वर्ल्ड में शामिल होने के लिए तमाम मेहमान भारत आ रहे हैं। यह सम्मेलन नई दिल्ली में हो रहा है। इसके साथ ही 19 नवंबर से विश्व धरोहर सप्ताह की शुरुआत हो रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने आगरा के कई प्रमुख स्मारकों जैसे ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, एत्मादौला आदि में फ्री एंट्री की घोषणा की है। हालांकि ताजमहल के मुख्य गुंबद के दर्शन के लिए पूर्व की तरह 200 रुपए का शुल्क देना होगा। इस सप्ताह 25 नवंबर तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। 

बेंगलुरु में दिन दहाड़े करोड़ों रुपये की लूट, एटीएम फंड ले जा रही गाड़ी को बनाया निशाना

बेंगलुरु में दिन दहाड़े करोड़ों रुपये की लूट, एटीएम फंड ले जा रही गाड़ी को बनाया निशाना

बेंगलुरु में दिन दहाड़े करोड़ों रुपये की लूट, एटीएम फंड ले जा रही गाड़ी को बनाया निशाना
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बेंगलुरु, । कर्नाटक के बेंगलुरु में मंगलवार को डकैती की बड़ी घटना को अपराधियों ने अंजाम दिया। एटीएम फंड ले जा रही सीएमएस कैश वैन को जयनगर के अशोक स्तंभ के पास दिनदहाड़े रोककर करोड़ों रुपये लूट लिए गए। इस मामले में 47 वर्षीय विनोद चंद्रार द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता विनोद चंद्रार ने बताया कि वह सीएमएस इनफो सिस्टम्स लिमिटेड, एचबीआर लेआउट, बेंगलुरु में शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। कंपनी प्रतिदिन जेपी नगर, एमजी टावर, सरक्की मेन रोड, आईटीआई लेआउट स्थित एचडीएफसी बैंक करेंसी से नकदी निकालती है और उसे बेंगलुरु के एचडीएफसी बैंक एटीएम में जमा करने के लिए अपने वाहन से पहुंचाती है। 10 नवंबर को सुबह करीब साढ़े नौ बजे, कस्टोडियन आफताब की निगरानी में कंपनी की गाड़ी ड्राइवर विनोद कुमार और गनमैन राजन्ना व तम्मय्या के साथ बैंक के लिए निकली। दोपहर करीब 12:24 बजे उन्होंने जेपी नगर ‘एचडीएफसी करेंसी चेस्ट’ से 7,11,00,000 रुपए (सात करोड़ ग्यारह लाख रुपये) निकाले, नकदी को डिब्बों में भरा और गाड़ी से निकले। जब शिकायतकर्ता और सीएमएस एफआईटी मैनेजर फारूक पाशा अपनी शाखा में मौजूद थे, तब ड्राइवर बिनोद कुमार ने फारूक पाशा को फोन किया और बताया कि जयनगर अशोक स्तंभ होते हुए लालबाग सिद्धपुरा गेट की ओर जाते समय एक इनोवा कार ने उनकी गाड़ी को रोक लिया।

बेंगलुरु में दिन दहाड़े करोड़ों रुपये की लूट, एटीएम फंड ले जा रही गाड़ी को बनाया निशाना
बेंगलुरु में दिन दहाड़े करोड़ों रुपये की लूट, एटीएम फंड ले जा रही गाड़ी को बनाया निशाना


कार से लगभग 5–6 लोग उतरे। उन लोगों ने खुद को आरबीआई से होने का दावा किया और उन्हें गाड़ी से बाहर निकलने को कहा। उन्होंने कस्टोडियन आफताब और गनमैन राजन्ना व तम्मय्या को अपनी इनोवा में बिठा लिया। इसके बाद ड्राइवर को अकेले ही कैश गाड़ी चलाने के लिए कहा। यह पता नहीं चल पाया है कि तीनों कर्मचारियों को कहां ले जाया गया।
बाद में पिस्तौल से लैस इन लोगों ने कथित तौर पर ड्राइवर को धमकाया और डेयरी सर्कल फ्लाईओवर पर गाड़ी से पूरे 7.11 करोड़ रुपए लूट लिए और फरार हो गए। शिकायतकर्ता ने तुरंत गाड़ी का जीपीआरएस चेक किया और पाया कि गाड़ी होसुर रोड, डेयरी सर्कल के पास है। उन्होंने इसकी जानकारी अन्य शाखा प्रबंधकों को दी। सुरक्षा प्रबंधक सैयद अहमद पाशा ने कंट्रोल रूम (112) पर कॉल करके मामले की सूचना दी। जांच करने पर पता चला कि गाड़ी का डीवीआर भी डकैत अपने साथ ले गए हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से उन अज्ञात व्यक्तियों की पहचान करने का अनुरोध किया है, जिन्होंने आरबीआई अधिकारी बनकर कर्मचारियों को बंदूक से धमकाया और कंपनी के टाटा योद्धा वाहन से 7.11 करोड़ रुपए लूट लिए। डकैतों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।