भिवाड़ी में भीषण अग्निकांड : केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले 8 मजदूर, कंकाल के रूप में मिले शव

भिवाड़ी में भीषण अग्निकांड : केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले 8 मजदूर, कंकाल के रूप में मिले शव

भिवाड़ी में भीषण अग्निकांड : केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले 8 मजदूर, कंकाल के रूप में मिले शव
भिवाड़ी में भीषण अग्निकांड : केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले 8 मजदूर, कंकाल के रूप में मिले शव

भिवाड़ी। राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी (खुशुखेड़ा) में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक केमिकल और पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। आग इतनी भयावह थी कि शव बुरी तरह जलकर कंकाल बन गए, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने पॉलीथीन में इकट्ठा किया। मंत्री संजय शर्मा विधानसभा से सीधे मौके के लिए रवाना हो गए।  सुबह 9:30 बजे हुआ हादसा, फैक्ट्रीमें थे 25 मजदूर हादसा खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित राजेंद्र नामक व्यक्ति की फैक्ट्री में सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। घटना के समय फैक्ट्री के भीतर लगभग 25 मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस गश्त के दौरान जब धुआं और आग की लपटें देखी गईं, तब मामले का पता चला और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया।

भिवाड़ी में भीषण अग्निकांड : केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले 8 मजदूर, कंकाल के रूप में मिले शव
भिवाड़ी में भीषण अग्निकांड : केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले 8 मजदूर, कंकाल के रूप में मिले शव


दिल दहला देने वाला मंजर : बॉडी पार्ट्स बटोरने पड़े
मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम को फैक्ट्री के भीतर रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य मिले। आग की तीव्रता के कारण मजदूरों के शरीर के अंग बिखर गए थे और कई शव केवल हड्डियों के ढांचे (कंकाल) में तब्दील हो चुके थे। प्रशासन ने इन अवशेषों को पॉलीथीन की थैलियों में भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
केमिकल और पटाखों के अवैध भंडारण की आशंका
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस फैक्ट्री में केमिकल के साथ-साथ पटाखों का निर्माण भी किया जा रहा था, जिससे आग ने विस्फोटक रूप ले लिया।
दमकल की मशक्कत : खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन से आई दर्जनों गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
लापता मजदूर : 8 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि अभी भी 1 मजदूर के अंदर फंसे होने की आशंका है।
मौके पर भारी पुलिस जाब्ता और अधिकारी मौजूद
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भिवाड़ी एडीएम सुमित्रा मिश्रा, एएसपी अतुल साहू, और खैरथल एडीएम शिवपाल जाट सहित प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एफएसएल (FSL) की टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है ताकि आग लगने के सही कारणों और फैक्ट्री के लाइसेंस की जांच की जा सके

दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी मामले में एक आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी मामले में एक आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी मामले में एक आरोपी को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी मामले में एक आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के घिटोरनी मेट्रो थाना पुलिस ने आईफोन चोरी के दो मामलों में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इससे पहले भी ये कई वारदात में शामिल था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 13 फरवरी को थाना घिटोरनी में आईफोन चोरी के संबंध में दो अलग-अलग ई-एफआईआर दर्ज की गई थीं। दोनों मामलों में वारदात का तरीका एक जैसा होने के कारण पुलिस ने इसे संगठित पैटर्न मानते हुए विशेष जांच शुरू की। एसआई राजेंद्र और राज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष “क्रैक टीम” गठित की गई। टीम ने हौज खास सहित विभिन्न मेट्रो स्टेशनों और आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज लेकर उसकी जांच की। जांच के दौरान फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जो जानबूझकर एक शिकायतकर्ता को धक्का देता है और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाता है।

दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी मामले में एक आरोपी को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी मामले में एक आरोपी को किया गिरफ्तार


तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपी दलजीत सिंह उर्फ दलबीर सिंह (42) को गिरफ्तार किया। यह आरोपी उत्तम नगर के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने दोनों ई-एफआईआर में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसने बताया कि वह उत्तम नगर में फल बेचने का काम करता है, लेकिन नशे की लत के कारण उसने चोरी और स्नैचिंग को आय का जरिया बना लिया था। वह विशेष रूप से महंगे मोबाइल फोन, खासकर आईफोन को चोरी कर बेच देता था।
उसने बताया कि उसे जो पैसा मिलता था, उससे वह कुछ दिन तक नशा करता था, इसके बाद पैसा खत्म हो जाने के बाद फिर से फोन चोरी करता रहता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी 2008 से सक्रिय एक “बैड कैरेक्टर” है और उसके खिलाफ कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 6 मामले घिटोरनी मेट्रो थाना, 1 मामला राजीव चौक मेट्रो थाना, 1 मामला शास्त्री पार्क मेट्रो थाना और 1 मामला पहाड़ गंज थाने में दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के परिजनों से भी बात की जा रही है और उनके अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।

बेंगलुरु रोड रेज मामला: बोनट पर लटके व्यक्ति को लेकर दौड़ाई एसयूवी, ड्राइवर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज

बेंगलुरु रोड रेज मामला: बोनट पर लटके व्यक्ति को लेकर दौड़ाई एसयूवी, ड्राइवर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज

बेंगलुरु रोड रेज मामला: बोनट पर लटके व्यक्ति को लेकर दौड़ाई एसयूवी, ड्राइवर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज
बेंगलुरु रोड रेज मामला: बोनट पर लटके व्यक्ति को लेकर दौड़ाई एसयूवी, ड्राइवर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज

बेंगलुरु । बेंगलुरु शहर में रोड रेज का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक एसयूवी चालक ने गुस्से में एक व्यक्ति को कार के बोनट पर लटकाए हुए कई मीटर तक गाड़ी दौड़ा दी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। हलासुरु पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की पहचान सुरेश के रूप में हुई है। मामले की जांच जारी है। शिकायत के अनुसार, 36 वर्षीय नंजुंडा (जो त्यागराजनगर के निवासी हैं और पेशे से ड्राइवर तथा फूल व्यापारी हैं) बुधवार को होसकोटे से फूल खरीदकर लौट रहे थे। उनके साथ उनकी बहन का बेटा मनोज के. था, जो गाड़ी चला रहा था, जबकि नंजुंडा आगे वाली सीट पर बैठे थे।
ट्रिनिटी जंक्शन पार करने के बाद वे जनरल के.एस. थिम्मैया सर्किल की ओर दाएं मुड़ रहे थे। उन्होंने गाड़ी का इंडिकेटर भी दिया था और हाथ से भी संकेत किया था। इसी दौरान पीछे से आ रही एक कार लगातार हॉर्न बजा रही थी।
नंजुंडा के मुताबिक, उन्होंने पीछे वाले चालक से हॉर्न बंद करने को कहा और बताया कि वे दाईं ओर मुड़ रहे हैं। आरोप है कि इसके बाद कार चालक ने अपनी गाड़ी बाईं ओर से निकाली, अंदर बैठे-बैठे ही गाली-गलौज की और आगे निकल गया।

बेंगलुरु रोड रेज मामला: बोनट पर लटके व्यक्ति को लेकर दौड़ाई एसयूवी, ड्राइवर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज
बेंगलुरु रोड रेज मामला: बोनट पर लटके व्यक्ति को लेकर दौड़ाई एसयूवी, ड्राइवर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज


कुछ देर बाद आरोपी की कार एचएएल एयरपोर्ट रोड स्थित सीबी रोड सिग्नल पर रुकी। नंजुंडा गाड़ी से उतरकर उससे बात करने और गाली देने पर सवाल करने पहुंचे। उन्होंने चालक से गाड़ी साइड में लगाने को भी कहा।
इसी दौरान आरोपी ने अचानक तेज गति से गाड़ी भगाने की कोशिश की। अपनी जान के डर से नंजुंडा कार के सामने आ गए और खुद को बचाने के लिए बोनट पर कूदकर विंडशील्ड वाइपर पकड़ लिया। आरोप है कि सुरेश ने उनकी चीख-पुकार के बावजूद सीबी रोड जंक्शन से एएससी सेंटर कॉलेज तक गाड़ी दौड़ाई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने चालक को रुकने के लिए चिल्लाया, लेकिन वह नहीं रुका। आखिरकार एएससी सेंटर कॉलेज के पास अन्य वाहनों, जिनमें कैब भी शामिल थीं, ने रास्ता रोक दिया, तब जाकर गाड़ी रुकी। वहां मौजूद लोगों ने चालक को पकड़कर फटकार लगाई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

लैंबॉर्गिनी केस : तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा गिरफ्तार, पांच टीमों ने कानपुर में दबोचा

लैंबॉर्गिनी केस : तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा गिरफ्तार, पांच टीमों ने कानपुर में दबोचा

लैंबॉर्गिनी केस : तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा गिरफ्तार, पांच टीमों ने कानपुर में दबोचा
लैंबॉर्गिनी केस : तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा गिरफ्तार, पांच टीमों ने कानपुर में दबोचा

कानपुर । उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम पर आरोप है कि उसने तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार से ऑटो और बुलेट सवारों को टक्कर मार दी थी, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने उसे गुरुवार को कानपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई थीं। सूचना मिली थी कि शिवम मिश्रा कानपुर में मौजूद है। इसके बाद टीमें सक्रिय हुईं और उसे हिरासत में लेकर अदालत में प्रस्तुत किया गया। मामले में आगे की विधिक और विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

लैंबॉर्गिनी केस : तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा गिरफ्तार, पांच टीमों ने कानपुर में दबोचा
लैंबॉर्गिनी केस : तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा गिरफ्तार, पांच टीमों ने कानपुर में दबोचा


गौरतलब है कि रविवार दोपहर ग्वालटोली क्षेत्र स्थित वीआईपी रोड पर लैंबॉर्गिनी कार तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर पहले ऑटो और बुलेट से टकराई, फिर फुटपाथ पर चढ़ गई। हादसे में वाहन सवारों समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने कार को घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लैंबॉर्गिनी के पीछे चल रही एक अन्य कार से आए सुरक्षाकर्मियों ने चालक को निकालने का प्रयास किया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। इस दौरान कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला गया और निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
चालक की ओर से दौरा पड़ने के कारण हादसा होने का दावा किया गया था, हालांकि पुलिस जांच में पाया गया है कि घटना के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस ने दो शातिर स्नैचर को किया गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल और स्कूटी बरामद

दिल्ली पुलिस ने दो शातिर स्नैचर को किया गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल और स्कूटी बरामद

दिल्ली पुलिस ने दो शातिर स्नैचर को किया गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल और स्कूटी बरामद
दिल्ली पुलिस ने दो शातिर स्नैचर को किया गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल और स्कूटी बरामद

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने दो शातिर स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिंकू खान उर्फ कोटल (24) और अजय उर्फ बंटी (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक छीना हुआ मोबाइल फोन, एक चोरी का मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपियों ने 9 फरवरी की रात करीब 10:45 बजे घटना को अंजाम दिया था। उसी दौरान थाना दिल्ली कैंट में मोबाइल स्नैचिंग की पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां पीड़ित तरुश्र सिंह (20) निवासी लखनऊ मिला। उसने बताया कि वह इंजीनियरिंग का छात्र है और कैंपस से एक सप्ताह की छुट्टी लेकर लखनऊ जा रहा था। रात करीब 10:40 बजे वह धौला कुआं मेट्रो स्टेशन के बाहर बस का इंतजार कर रहा था, तभी स्कूटी सवार दो युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए।

दिल्ली पुलिस ने दो शातिर स्नैचर को किया गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल और स्कूटी बरामद
दिल्ली पुलिस ने दो शातिर स्नैचर को किया गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल और स्कूटी बरामद


पीड़ित की शिकायत पर थाना दिल्ली कैंट में बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रिंकू खान को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से स्नैच किया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ तथा वारदात में इस्तेमाल स्कूटी भी जब्त कर ली गई, जो उसके पिता के नाम पर पंजीकृत पाई गई।
लगातार जांच के दौरान सह-आरोपी अजय उर्फ बंटी की पहचान कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में एक अन्य मोबाइल चोरी का मामला भी सुलझा।
पुलिस के अनुसार, रिंकू खान पहले चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के 8 मामलों में संलिप्त रहा है, जबकि अजय 6 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। मामले की आगे की जांच जारी है। दोनों आरोपी ईस्ट मेहरम नगर, दिल्ली के निवासी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ अन्य मामले में भी शामिल थे, उसकी जांच की जा रही है और जल्द ही कई मामलों के और खुलासे हो सकते हैं। इसके साथ ही इन पर दिल्ली के किस-किस थाने में मुकदमा दर्ज है, उसका पता लगाया जा रहा है। बरामद सामान को पीड़ित तरुश्र सिंह को वापस कर दिया गया है।

लेक सिटी में सिगरेट की हॉट कालाबाजारी : उदयपुर में एमआरपी को ठेंगे पर रख रहे दुकानदार; होलसेल से रिटेल तक अवैध वसूली का खेल

लेक सिटी में सिगरेट की हॉट कालाबाजारी : उदयपुर में एमआरपी को ठेंगे पर रख रहे दुकानदार; होलसेल से रिटेल तक अवैध वसूली का खेल

लेक सिटी में सिगरेट की हॉट कालाबाजारी : उदयपुर में एमआरपी को ठेंगे पर रख रहे दुकानदार; होलसेल से रिटेल तक अवैध वसूली का खेल
लेक सिटी में सिगरेट की हॉट कालाबाजारी : उदयपुर में एमआरपी को ठेंगे पर रख रहे दुकानदार; होलसेल से रिटेल तक अवैध वसूली का खेल

उदयपुर | पर्यटन नगरी उदयपुर में इन दिनों सिगरेट की कीमतों में आग लगी हुई है। शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों तक सिगरेट की कालाबाजारी (Black Marketing) धड़ल्ले से जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह खेल केवल छोटे रिटेल दुकानदार ही नहीं, बल्कि बड़े होलसेलर्स के स्तर पर भी खेला जाएमआरपी (MRP) से 10 से 20 प्रतिशत अधिक वसूली शहर के सूरजपोल, देहलीगेट, हाथीपोल और हिरणमगरी जैसे क्षेत्रों में सिगरेट के पैकेट पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ₹10 से ₹50 तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। जब उपभोक्ता इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें ‘पीछे से माल महंगा आने’ या ‘स्टॉक की कमी’ का हवाला देकर चुप करा दिया जाता है।
होलसेलर्स का ‘सिंडिकेट’ बना मुसीबत
जांच में सामने आया है कि कुछ बड़े होलसेलर्स ने सिगरेट का कृत्रिम अभाव (Artificial Scarcity) पैदा कर दिया है। रिटेल दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें होलसेल रेट पर ही माल एमआरपी के करीब मिल रहा है, जिसके कारण वे ग्राहकों से अधिक पैसे लेने को मजबूर हैं।

लेक सिटी में सिगरेट की हॉट कालाबाजारी : उदयपुर में एमआरपी को ठेंगे पर रख रहे दुकानदार; होलसेल से रिटेल तक अवैध वसूली का खेल
लेक सिटी में सिगरेट की हॉट कालाबाजारी : उदयपुर में एमआरपी को ठेंगे पर रख रहे दुकानदार; होलसेल से रिटेल तक अवैध वसूली का खेल

बिना रसीद का धंधा : कालाबाजारी के इस खेल में अधिकांश लेनदेन कच्ची पर्चियों पर हो रहा है, ताकि जीएसटी और प्रशासन की नजरों से बचा जा सके।
कानून की सरेआम धज्जियां : विधिक माप विज्ञान अधिनियम (Legal Metrology Act) के तहत एमआरपी से एक रुपया भी अधिक वसूलना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद, उदयपुर में प्रशासन की सुस्ती के चलते यह अवैध वसूली एक ‘नया सामान्य’ (New Normal) बन गई है।
आलोचनात्मक सवाल और प्रशासन की चुप्पी : सवाल-क्या रसद विभाग (Logistics Dept) और नापतोल विभाग को इस खुलेआम लूट की भनक नहीं है? क्या यह कृत्रिम कमी किसी बड़ी कीमतों में बढ़ोतरी की आहट है या केवल मुनाफाखोरी का एक संगठित जरिया? जब हर सिगरेट के पैकेट पर स्पष्ट कीमत लिखी है, तो दुकानदार खुलेआम ज्यादा पैसे मांगने की हिम्मत कैसे जुटा पा रहे हैं?

फर्जी पोस्टल स्टैंप बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, लाखों का सामान जब्त

फर्जी पोस्टल स्टैंप बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, लाखों का सामान जब्त

फर्जी पोस्टल स्टैंप बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, लाखों का सामान जब्त
फर्जी पोस्टल स्टैंप बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, लाखों का सामान जब्त

मुंबई । मुंबई की एमआरए मार्ग पुलिस ने भारतीय डाक विभाग के नाम पर नकली पोस्टल स्टैंप तैयार कर उन्हें विभिन्न राज्यों में बेचने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों के पास से लाखों रुपए मूल्य के फर्जी स्टैंप बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 12 सितंबर 2025 को मुंबई जीपीओ के डाक निरीक्षक आशुतोष जमादारसिंह कुमार ने एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि बाजार में बड़ी मात्रा में संदिग्ध डाक टिकट चलन में हैं। पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर जीपीओ से जानकारी जुटाई, जिसमें खुलासा हुआ कि गिरोह बड़े पैमाने पर नकली स्टैंप छापकर कूरियर के माध्यम से देशभर में सप्लाई कर रहा था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बैंक खातों में 7 से 8 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के मुख्य संचालक दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छिपे हुए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदल रहे थे।

फर्जी पोस्टल स्टैंप बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, लाखों का सामान जब्त
फर्जी पोस्टल स्टैंप बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, लाखों का सामान जब्त


मुंबई पुलिस की टीम ने दिल्ली में 14 दिनों तक रहकर मुखबिर से सूचनाएं जुटाईं और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में कुल 27,84,200 रुपए मूल्य के नकली पोस्टल स्टैंप जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार, इस फर्जीवाड़े से सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचा है। फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मुंबई के राकेश बिंद, बिहार के शमशुद्दीन गफ्फार और शाहिद रजा, दिल्ली के मोहम्मद शहाबुद्दीन शेख और गाजियाबाद के वीरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि ये लोग कैसे फर्जी पोस्टल स्टैंप बनाते थे और किसके माध्यम से बाजार में इसकी सप्लाई करते थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मुंबई पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में लगातार तलाशी अभियान चला रही है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड भी अभी फरार है।

बजट 2026 : जयपुर को 1000 करोड़ का ट्रैफिक फ्री' तोहफा, जेके लोन अस्पताल में बनेगा 500 बेड का IPD टावर

बजट 2026 : जयपुर को 1000 करोड़ का ट्रैफिक फ्री’ तोहफा, जेके लोन अस्पताल में बनेगा 500 बेड का IPD टावर

बजट 2026 : जयपुर को 1000 करोड़ का ट्रैफिक फ्री' तोहफा, जेके लोन अस्पताल में बनेगा 500 बेड का IPD टावर
बजट 2026 : जयपुर को 1000 करोड़ का ट्रैफिक फ्री’ तोहफा, जेके लोन अस्पताल में बनेगा 500 बेड का IPD टावर

जयपुर। राजस्थान के तीसरे बजट में राजधानी जयपुर के कायाकल्प के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने जयपुर की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक जाम’ से मुक्ति दिलाने और चिकित्सा सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।1. ट्रैफिक और ड्रेनेज : जाम और जलभराव से मिलेगी मुक्ति जयपुर शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है:
1000 करोड़ से ट्रैफिक सुधार : शहर के प्रमुख चौराहों, जंक्शनों और सड़कों को कॉप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत री-डिजाइन किया जाएगा ताकि जयपुर को ‘ट्रैफिक जाम फ्री’ बनाया जा सके।
500 करोड़ का ड्रेनेज सिस्टम: मानसून के दौरान शहर में होने वाले जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए 500 करोड़ की लागत से नया ड्रेनेज सिस्टम विकसित होगा।
2. चिकित्सा क्षेत्र: बच्चों के इलाज के लिए बड़ी सौगात
जयपुर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों के विस्तार के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है:

बजट 2026 : जयपुर को 1000 करोड़ का ट्रैफिक फ्री' तोहफा, जेके लोन अस्पताल में बनेगा 500 बेड का IPD टावर
बजट 2026 : जयपुर को 1000 करोड़ का ट्रैफिक फ्री’ तोहफा, जेके लोन अस्पताल में बनेगा 500 बेड का IPD टावर


जेके लोन अस्पताल (JK Lone): बच्चों के इस प्रसिद्ध अस्पताल में 75 करोड़ की लागत से 500 बेड का नया IPD टावर बनाया जाएगा।
RUHS अस्पताल: गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए 200 बेड का NICU वार्ड और पीडियाट्रिक ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित होगा।
SMS अस्पताल: मानसिक स्वास्थ्य के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट’ खुलेगा, जहाँ आधुनिक काउंसलिंग और इलाज की सुविधा होगी।
3. शिक्षा, खेल और पर्यटन
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: जयपुर स्थित महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
साइंस पार्क : शास्त्री नगर स्थित साइंस पार्क में बच्चों के लिए ‘स्पेस गैलेरी’ और ‘चिल्ड्रन गैलेरी’ बनाई जाएगी, जो छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

दिल्ली-NCR में लोगों के लापता होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया

दिल्ली-NCR में लोगों के लापता होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया

दिल्ली-NCR में लोगों के लापता होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया
दिल्ली-NCR में लोगों के लापता होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और एनसीआरबी (राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्‍यूरो) को भी नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में एक पीआईएल फाइल की गई, जिसमें 2026 के पहले 15 दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में 800 से ज्यादा लोगों के गायब होने पर कार्रवाई की मांग की गई। बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कहा कि लापता लोगों को लेकर दो तरह के नैरेटिव मीडिया में चल रहे हैं। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, भारत सरकार, दिल्ली सरकार और एनसीआरबी से मामले में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या इसी तरह का कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
पिछले दिनों एक रिपोर्ट में राजधानी दिल्ली में सिर्फ 15 दिनों में 800 से ज्यादा लोग गायब होने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 191 नाबालिग और 616 वयस्क शामिल थे। आंकड़ों के अनुसार अब तक 235 लोगों का पता लगाया जा चुका है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं।

दिल्ली-NCR में लोगों के लापता होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया
दिल्ली-NCR में लोगों के लापता होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया


विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने भी इस दावे का समर्थन किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 15 दिनों में 800 से अधिक लोग गायब हो गए हैं, इसमें से ज्यादातर बच्चियां हैं। आपके बच्चों की सुरक्षा करने में सरकार के चारों इंजन फेल हो गए हैं, इसलिए अपना और अपने बच्चों का ध्यान रखें। आपके बच्चों की सुरक्षा करने में सरकार के चारों इंजन फेल हो गए हैं, इसलिए अपना और अपने बच्चों का ध्यान रखें।”
6 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि आंकड़ों को गलत तरीके से पेश कर लोगों में डर फैलाया जा रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी थी कि जो लोग जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाकर दहशत का माहौल बना रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, 9 फरवरी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया था। एनएचआरसी ने कहा कि अगर यह रिपोर्ट सही है, तो यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बनता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

दिल्ली पुलिस ने पकड़े चार साइबर ठग, महिला के क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपये की ठगी

दिल्ली पुलिस ने पकड़े चार साइबर ठग, महिला के क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपये की ठगी

दिल्ली पुलिस ने पकड़े चार साइबर ठग, महिला के क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपये की ठगी
दिल्ली पुलिस ने पकड़े चार साइबर ठग, महिला के क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपये की ठगी

नई दिल्ली । दिल्ली के शाहदरा साइबर पुलिस ने एक सुनियोजित क्रेडिट कार्ड ठगी के मामले को सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह धोखाधड़ी चार्टर्ड अकाउंटेंट सोनम चौहान के साथ हुई, जो कृष्णा नगर, शाहदरा की रहने वाली हैं। आरोपियों ने कोटक महिंद्रा बैंक के नाम पर फर्जी तरीके से उनके क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपए की ठगी की। मामला तब सामने आया जब एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक एजेंट बताकर महिला से संपर्क किया। उसने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का बहाना बनाकर व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी। महिला ने फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल कर ली, जिसके बाद उनके फोन में अनधिकृत छेड़छाड़ हुई। बिना उनकी जानकारी या सहमति के कार्ड से रकम डेबिट कर ली गई। इसकी शिकायत पर 4 फरवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। एसआई रितु डांगी की अगुवाई वाली टीम में एएसआई राहुल चौधरी, हवलदार दीपक कुमार, महिपाल और रजनी चौधरी शामिल थे। टीम को एसएचओ साइबर इंस्पेक्टर विजय कुमार ने लीड किया, जबकि एसीपी ऑपरेशंस मोहिंदर सिंह की निगरानी में काम हुआ। जांच में पता चला कि ठगी की रकम से फरीदाबाद के चार्मवुड विलेज में इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य चीजें खरीदी गई थीं। जेप्टो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से हुए लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण किया गया और लाभार्थी की जानकारी प्राप्त हुई।

दिल्ली पुलिस ने पकड़े चार साइबर ठग, महिला के क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपये की ठगी
दिल्ली पुलिस ने पकड़े चार साइबर ठग, महिला के क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपये की ठगी


सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके के लक्कड़पुर गांव से हुई। आगे जांच में खुलासा हुआ कि ठगी में इस्तेमाल अधिकांश सिम कार्ड एक पीओएस सेंटर से एक्टिवेट किए गए थे। पीओएस ऑपरेटर ने बताया कि अभिषेक कुमार झा ने सिम एक्टिवेट करवाया था, जिसे बाद में आशीष कुमार ओझा और विवेक कुमार उर्फ मोनू को सौंप दिया गया। आशीष कुमार ओझा पहले क्रेडिट कार्ड सेल्स कंपनी में काम करता था, इसलिए उसके पास ग्राहकों का गोपनीय डेटा उपलब्ध था। उसने यह डेटा विवेक कुमार के साथ साझा किया। विवेक ने बैंक ऐप जैसी दिखने वाली खतरनाक एपीके फाइल तैयार की, जिसे बैंक अधिकारी बनकर पीड़ितों को व्हाट्सएप पर भेजा जाता था।
इकरार नामक आरोपी से ठगी में इस्तेमाल मुख्य डिवाइस भी बरामद हुई। गिरफ्तारी के बाद चार मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनमें मुख्य डिवाइस शामिल थी।
आरोपियों का तरीका काफी चालाकी भरा था। आशीष कुमार ओझा ने पुराने अनुभव का फायदा उठाकर ग्राहक डेटा का दुरुपयोग किया। फर्जी सिम से अपनी पहचान छिपाई गई। विवेक कुमार ने मैलिशियस एपीके बनाई, जो इंस्टॉल होते ही फोन और कार्ड डिटेल्स चुरा लेती थी। इन डिटेल्स से ऑनलाइन खरीदारी की जाती, सामान फरीदाबाद या संबंधित जगहों पर डिलीवर करवाया जाता और फिर ओएलएक्स जैसे प्लेटफॉर्म या ऑफलाइन बेचकर अवैध कमाई की जाती।
गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक कुमार झा, आशीष कुमार ओझा, विवेक कुमार उर्फ मोनू, और इकरार शामिल हैं।
शाहदरा जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, एपीके फाइल कभी डाउनलोड न करें, और बैंक से जुड़ी कोई व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, या गूगल फॉर्म पर शेयर न करें। बैंक अधिकारी होने का दावा करने वाले कॉल की असलियत हमेशा जांचें।