दिल्ली : द्वारका में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो कुख्यात स्नैचर ढाई घंटे में गिरफ्तार

दिल्ली : द्वारका में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो कुख्यात स्नैचर ढाई घंटे में गिरफ्तार

दिल्ली : द्वारका में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो कुख्यात स्नैचर ढाई घंटे में गिरफ्तार
दिल्ली : द्वारका में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो कुख्यात स्नैचर ढाई घंटे में गिरफ्तार

द्वारका ।

दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने सड़क अपराधों पर नकेल कसते हुए दो कुख्यात स्नैचरों को महज ढाई घंटे में गिरफ्तार कर लिया।इन बदमाशों की गिरफ्तारी से 12 स्नैचिंग की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल, नकदी, सजावटी सामान, मेट्रो कार्ड, इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और कपड़े बरामद किए हैं।

27 अगस्त को शाम 4 बजे, सेक्टर-10, द्वारका के एक स्कूल के पास एक शिक्षिका से मोबाइल छीनने की पीसीआर कॉल मिली। इसके तुरंत बाद, द्वारका उत्तर के सेक्टर-4 में एक अन्य महिला का पर्स छीनने की सूचना मिली। पुलिस चौकी सेक्टर-10 की टीम, जिसका नेतृत्व एसआई रजत मलिक कर रहे थे, तुरंत हरकत में आई।

सीसीटीवी फुटेज की जांच और छीने गए मोबाइल की लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने बदमाशों का पीछा शुरू किया।

दोनों स्नैचर मोटरसाइकिल पर सवार थे और व्यस्त सड़कों व भीड़भाड़ वाली गलियों में भाग रहे थे। पुलिस ने दो मोटरसाइकिलों पर करीब 30 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी बड़ी कार्रवाई से बचते हुए, पुलिस ने तिलक विहार के पास बदमाशों को घेर लिया।

दिल्ली : द्वारका में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो कुख्यात स्नैचर ढाई घंटे में गिरफ्तार
दिल्ली : द्वारका में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो कुख्यात स्नैचर ढाई घंटे में गिरफ्तार

सेक्टर-10 चौकी प्रभारी रजत मलिक और उनकी टीम, जिसमें एएसआई संजीव सिंह तेवतिया, एएसआई कीर्ति कुमार, हेड कांस्टेबल कमलेश कुमार, नरेश कुमार, शैतान सिंह, मुकेश कुमार और सुनील शामिल थे, ने बहादुरी से दोनों को धर दबोचा। इस ऑपरेशन को डीसीपी द्वारका अंकित सिंह, एसीपी किशोर कुमार रेवला और एसएचओ राजेश कुमार साह के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।

गिरफ्तार बदमाशों की पहचान परमिंदर सिंह उर्फ प्रिंस (28) और अमनदीप उर्फ अमनप्रीत सिंह उर्फ गोलू (36) के रूप में हुई। परमिंदर तिलक नगर और अमनदीप निहाल विहार का हिस्ट्रीशीटर है।

अमनदीप को हाल ही में 18 अगस्त को जमानत मिली थी, जिसके बाद दोनों ने स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। इनके खिलाफ दिल्ली के सात जिलों में हत्या, डकैती, लूट, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट जैसे 30-30 मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने इनके खिलाफ मजबूत सबूत जुटाए हैं और छह मामलों में जमानत रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी थे। डीसीपी द्वारका के निर्देश पर सड़क अपराधों को कम करने और पुराने मामलों को सुलझाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा
दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

दिल्ली में घुसपैठियों पर कड़ा शिकंजा: द्वारका से 15 विदेशी नागरिक डिपोर्ट

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2025 — राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में द्वारका जिले में चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन के तहत दिल्ली पुलिस ने 15 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। यह कार्रवाई द्वारका जिले की ऑपरेशन यूनिट और संबंधित थानों की समन्वित योजना और सतत निगरानी के तहत की गई।

द्वारका के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि अगस्त महीने के दौरान इन सभी विदेशी नागरिकों के खिलाफ जांच की गई और उन्हें डिपोर्टेशन प्रक्रिया के तहत विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को सौंपा गया। एफआरआरओ द्वारा औपचारिक कार्यवाही के बाद इन सभी को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया, जहाँ से उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा।

पुलिस के अनुसार, ये सभी 15 विदेशी नागरिक दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में बिना वैध वीजा या पासपोर्ट के अवैध रूप से रह रहे थे। इनमें कुछ ऐसे भी थे जो वीजा की निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे, जबकि कुछ ने अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया था। यह न केवल भारत के कानून का उल्लंघन है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है।

इस अभियान के दौरान द्वारका जिले के विभिन्न थानों और इकाइयों की कई टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मोहन गार्डन थाने की 5 टीमें, एंटी-नारकोटिक्स सेल की 5 टीमें, उत्तम नगर थाने की 3 टीमें, और डाबरी थाने की 2 टीमें शामिल थीं। ये सभी टीमें लंबे समय से द्वारका के विभिन्न इलाकों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। मुखबिरों के माध्यम से प्राप्त खुफिया जानकारी, निगरानी और स्थानीय नेटवर्क की मदद से इन विदेशी नागरिकों की पहचान की गई और फिर सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

इन विदेशी नागरिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई न केवल अवैध आव्रजन के विरुद्ध दिल्ली पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि दिल्ली के शहरी और उपनगरीय इलाकों में अवैध रूप से रहने वालों पर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विशेष रूप से द्वारका जैसे क्षेत्रों में, जहां विदेशी नागरिकों द्वारा ड्रग्स, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की कई खबरें सामने आती रही हैं, पुलिस अब बेहद सक्रिय रूप से काम कर रही है।

डिपोर्ट किए गए 13 नाइजीरियाई नागरिकों में जिनके नाम सामने आए हैं, वे हैं — ओकुचुकु जॉन ओकाफोर, एजिक इकपारा, ओन्येकाची न्वोनवु, अकुनेसी उगोन्ना, नगोएसिना माइकल नवासा, चिनेदु विक्टर चुकवुडी, फेमी जिमो अदेबाजो, फिदेलिस एकेना नवाचुकवु, ओकेचुकुवु ओगोचुकुवु जॉन, चुकुवेमेका उचे डेनियल, अनिक्फे इग्नाटियस चिकेलू, उचे क्रिस चुक्वुल और डेसमंड अबालिग्बो ओनीबच। इनमें से कई ऐसे थे जो लंबे समय से भारत में रह रहे थे और कुछ स्थानीय व्यवसायों की आड़ में अवैध गतिविधियों में भी संलिप्त पाए गए।

दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा
दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

वहीं, जिन दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया गया है, उनके नाम हैं — अब्दुल मोमिन और नूरुल आलम। ये दोनों बिना वैध वीजा और अनुमति के भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रह रहे थे। इन्हें भी एफआरआरओ के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें भारत छोड़ने का आदेश देते हुए डिटेंशन सेंटर भेज दिया।

पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने यह भी बताया कि यह सर्च ऑपरेशन एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, और आने वाले समय में ऐसे और भी अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, “द्वारका में जो भी विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम सभी पुलिस थानों और विशेष इकाइयों को इस दिशा में निरंतर सतर्क रहने और सूचना एकत्रित करने का निर्देश दे चुके हैं।”

इसके साथ ही, उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि किसी को अपने आसपास अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी मिले, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

दिल्ली जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में अवैध विदेशी नागरिकों की मौजूदगी कई बार ड्रग्स तस्करी, जालसाजी, ऑनलाइन फ्रॉड, अवैध व्यापार और अन्य आपराधिक गतिविधियों की जड़ बन जाती है। इसलिए इन पर समय रहते नियंत्रण बेहद जरूरी हो जाता है। पुलिस की इस कार्यवाही से यह भी स्पष्ट होता है कि दिल्ली पुलिस अब केवल अपराध के बाद प्रतिक्रिया करने वाली एजेंसी नहीं रही, बल्कि पूर्व-सक्रिय रणनीति के तहत सुरक्षा और निगरानी को प्राथमिकता दे रही है।

द्वारका जिले की पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम कानून के शासन को मजबूत करता है और यह संदेश देता है कि भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई इनका उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी — चाहे वह किसी भी देश का नागरिक क्यों न हो।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि द्वारका में हुई यह कार्रवाई न केवल दिल्ली पुलिस की दक्षता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब अवैध घुसपैठ और गैरकानूनी प्रवास को लेकर सख्त रवैया अपना रहा है। इस कार्रवाई से भविष्य में अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने या बिना दस्तावेजों के रहने की सोच रखने वाले लोगों को कड़ा संदेश गया है।

गुजरात : बनासकांठा पुलिस ने नकली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

गुजरात : बनासकांठा पुलिस ने नकली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

गुजरात : बनासकांठा पुलिस ने नकली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
गुजरात : बनासकांठा पुलिस ने नकली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

बनासकांठा ।

गुजरात की बनासकांठा पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने दिसा तालुका के महादेविया गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली भारतीय मुद्रा नोट बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।देर रात की गई छापेमारी में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस ने मौके से 39 लाख रुपए से अधिक के नकली नोट, पांच प्रिंटर और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए हैं।
एलसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि महादेविया गांव में रायमल सिंह परमार के खेत में बने एक तहखाने में नकली नोट छापे जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने देर रात छापा मारा और संजय सोनी और कौशिक श्रीमाली नाम के दो आरोपियों को हिरासत में लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 500 रुपए के नकली नोटों की भारी मात्रा बरामद की, जो इतने सटीक थे कि उनकी तुलना असली नोटों से की जा सकती थी। इसके साथ ही, नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाले पांच प्रिंटर और अन्य सामग्री भी जब्त की गई।
पुलिस के अनुसार, इस नकली नोट फैक्ट्री का मास्टरमाइंड संजय सोनी है, जिसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरा आरोपी कौशिक श्रीमाली भी इस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल था।

गुजरात : बनासकांठा पुलिस ने नकली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
गुजरात : बनासकांठा पुलिस ने नकली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार


तहखाना रायमल सिंह परमार के खेत में बना था, जो इस मामले का तीसरा आरोपी है और वर्तमान में फरार है। रायमल सिंह के खिलाफ जबरन वसूली और धोखाधड़ी सहित 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसे हिरासत से रिहा किया गया था। पुलिस ने रायमल सिंह को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रशांत सुम्बे ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने नकली नोट छापने की बात कबूल की है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह फैक्ट्री कब से चल रही थी, नकली नोट बनाने का सामान कहां और किससे मिलता था और इन नोटों को किसे सप्लाई किया जाता था। पुलिस को शक है कि यह एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संगठित अपराध संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। एसपी ने कहा, “हमें विश्वास है कि जल्द ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।”

भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा के क्लर्क को 3 साल की जेल, 20 हजार रुपए का जुर्माना

भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा के क्लर्क को 3 साल की जेल, 20 हजार रुपए का जुर्माना

भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा के क्लर्क को 3 साल की जेल, 20 हजार रुपए का जुर्माना
भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा के क्लर्क को 3 साल की जेल, 20 हजार रुपए का जुर्माना

हिसार, 5 सितंबर 2025

हरियाणा के हिसार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अहम कानूनी कार्यवाही में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (State Vigilance and Anti-Corruption Bureau) की जांच और कानूनी कार्रवाई के चलते शिक्षा विभाग में कार्यरत एक क्लर्क को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए अदालत ने 3 साल की सजा और ₹20,000 का जुर्माना सुनाया है।

यह फैसला हिसार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय द्वारा सुनाया गया, जिससे यह संदेश गया है कि सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मामला कब और कैसे सामने आया?

यह पूरा मामला 1 अगस्त 2018 का है। एक शिकायतकर्ता ने हिसार के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में चपरासी के पद पर डी.सी. रेट (डिप्टी कमिश्नर रेट) के तहत अस्थायी नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान उसे क्लर्क के पद पर कार्यरत संजय कुमार प्रकाश द्वारा रिश्वत देने का दबाव डाला गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, संजय कुमार ने उससे नौकरी लगाने के बदले ₹50,000 की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के दौरान संजय ने पहले ₹40,000 अग्रिम, और शेष ₹10,000 काम हो जाने के बाद देने की शर्त रखी थी।

सतर्कता ब्यूरो की योजना और गिरफ्तारी

शिकायत मिलते ही राज्य सतर्कता ब्यूरो हिसार ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने शिकायतकर्ता से पूरी जानकारी लेकर एक ट्रैप ऑपरेशन (पकड़ो और रंगे हाथों पकड़ो योजना) तैयार किया। सतर्कता टीम ने शिकायतकर्ता को विशेष रूप से चिन्हित किए गए नोटों के साथ आरोपी के पास भेजा।

जैसे ही संजय कुमार ने शिकायतकर्ता से ₹40,000 की रिश्वत की राशि स्वीकार की और ली, टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के पास से सारे चिन्हित नोट भी बरामद किए गए, जिससे आरोप स्पष्ट रूप से सिद्ध हो गया।

न्यायिक प्रक्रिया और सजा

वर्ष 2018 से अब तक इस मामले की सुनवाई हिसार की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूतों, गवाहों और घटनाक्रम के आधार पर अदालत के समक्ष यह सिद्ध किया कि आरोपी संजय कुमार ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए निजी लाभ के लिए रिश्वत ली

भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा के क्लर्क को 3 साल की जेल, 20 हजार रुपए का जुर्माना
भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा के क्लर्क को 3 साल की जेल, 20 हजार रुपए का जुर्माना

अंततः, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे 3 वर्ष का कठोर कारावास और ₹20,000 का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। अदालत ने अपने निर्णय में यह भी कहा कि भ्रष्टाचार जैसे अपराध समाज के लिए कैंसर के समान हैं, और इन पर कठोर दंड आवश्यक है ताकि एक सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक प्रणाली को सुनिश्चित किया जा सके।

न्यायिक टिप्पणी: “लोकसेवा नहीं, लाभ का केंद्र बना पद”

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट टिप्पणी की कि, “जिस सरकारी पद को समाज की सेवा के लिए सौंपा गया था, आरोपी ने उसे निजी लाभ का माध्यम बना लिया। यह जनता के भरोसे और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ विश्वासघात है।”

परिवार और विभाग पर प्रभाव

संजय कुमार की सजा न केवल उसके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करेगी, बल्कि उसके परिवार पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। एक स्थायी नौकरी, जिसकी बदौलत परिवार की आजीविका चल रही थी, अब खत्म हो चुकी है। साथ ही, शिक्षा विभाग में भी इस घटना को लेकर अधिकारियों के बीच चिंता की लहर है, क्योंकि यह विभाग की छवि को धूमिल करता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

हिसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। किसी भी कर्मचारी के भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी, चाहे उसका पद कोई भी हो।

राज्य सतर्कता ब्यूरो ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि यह फैसला उन तमाम भ्रष्ट कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग करते हैं।

आम जनता के लिए संदेश

यह मामला उन तमाम आम नागरिकों के लिए भी एक उदाहरण बन गया है जो रिश्वत मांगने की घटनाओं से भय या संकोच के कारण चुप रहते हैं। अगर शिकायतकर्ता साहस न दिखाता और सतर्कता विभाग से संपर्क न करता, तो शायद यह मामला भी अन्य अनगिनत भ्रष्टाचार के मामलों की तरह दबा रह जाता।

यह सच्चाई है कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने में केवल कानून या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है — इसमें जनता की भूमिका सबसे अहम है। यदि नागरिक सजग और जागरूक रहें, तो किसी भी सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार पनप नहीं सकता।

ऑपरेशन साइबर संग्राम : अलवर पुलिस ने किया 20 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट किंगपिन गिरफ्तार

ऑपरेशन साइबर संग्राम : अलवर पुलिस ने किया 20 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट किंगपिन गिरफ्तार

ऑपरेशन साइबर संग्राम : अलवर पुलिस ने किया 20 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट किंगपिन गिरफ्तार
ऑपरेशन साइबर संग्राम : अलवर पुलिस ने किया 20 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट किंगपिन गिरफ्तार

अलवर। 

साइबर अपराधों के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन साइबर संग्राम’ के तहत अलवर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने लगभग 20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना बरकत अली पुत्र मोहम्मद इशाक निवासी गोपालगढ़ हाल वैशाली नगर अलवर को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करके कमीशन पर ठगी को अंजाम देता था।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ प्रियंका, सीओ उत्तर शहर अंगद शर्मा के मार्गदर्शन में हुई। पुलिस को साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल हो रहे एक संदिग्ध खाते की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच में पता चला कि खाताधारक बरकत अली के पास अलग-अलग पतों पर कई पहचान पत्र हैं।

ऑपरेशन साइबर संग्राम : अलवर पुलिस ने किया 20 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट किंगपिन गिरफ्तार
ऑपरेशन साइबर संग्राम : अलवर पुलिस ने किया 20 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट किंगपिन गिरफ्तार


वैशाली नगर एसएचओ गुरुदत्त सैनी की टीम ने बरकत अली को डिटेन किया। पूछताछ के बाद उसके किराए के मकान से 17 चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, विभिन्न लोगों के हस्ताक्षर वाले चेक, 3 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 2 स्वाइप मशीन और 2 क्यूआर कोड स्कैनर मिले हैं।
पूरे देश में फैला था जाल
जांच में यह भी पता चला है कि बरकत अली के बैंक खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में करीब 32 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल 19 करोड़ 2 लाख 45 हजार 460 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। बरकत अली एक संगठित गिरोह चलाता था, जो साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था और कमीशन पर ठगी गई रकम निकालता था।
पुलिस अब इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में थाना वैशाली नगर से एएसआई सुनील, कांस्टेबल अरशद, शेखर व मानवेंद्र और साइक्लोन सेल से हेड कांस्टेबल संदीप, अमित, करण और संजय

उदयपुर की उदयसागर झील में हादसा : सेल्फी के चक्कर में 27 साल की ज़िंदगी झील में समा गई

उदयपुर की उदयसागर झील में हादसा : सेल्फी के चक्कर में 27 साल की ज़िंदगी झील में समा गई

उदयपुर की उदयसागर झील में हादसा : सेल्फी के चक्कर में 27 साल की ज़िंदगी झील में समा गई
उदयपुर की उदयसागर झील में हादसा : सेल्फी के चक्कर में 27 साल की ज़िंदगी झील में समा गई

उदयपुर, 5 सितंबर 2025

राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर, जिसे आमतौर पर शांति, सुंदरता और रोमांस की पहचान के रूप में जाना जाता है, शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे की गवाह बनी। झील के किनारे एक युवक की ज़िंदगी उस समय खत्म हो गई, जब वह केवल एक अच्छा पल कैमरे में कैद करने की कोशिश कर रहा था।

घटना दोपहर लगभग 12:30 बजे उदयसागर झील के पास हुई। भल्लों का गुड़ा निवासी गोपी लाल (27) अपने मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहा था। कुछ ही सेकंडों में वह क्षण जो उसकी ज़िंदगी की यादगार तस्वीर बनने वाला था, एक त्रासदी में बदल गया। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण गोपी लाल झील की लहरों में समा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह झील के किनारे खड़ा होकर विभिन्न एंगल्स से तस्वीरें ले रहा था। आसपास मौजूद कुछ लोगों ने उसे चेतावनी भी दी, लेकिन शायद तस्वीर की परफेक्शन की तलाश ने उसकी चेतावनी पर ध्यान नहीं देने दिया। और फिर, एक क्षण का असंतुलन उसे झील की गहराई में ले गया — वहाँ से फिर वह कभी वापस नहीं लौटा।

ग्रामीणों और प्रशासन की तत्परता

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। झील के आसपास के ग्रामीणों के सहयोग से लगभग आधे घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। यह एक सांसें थाम देने वाला दृश्य था — चारों ओर शोक का माहौल और लहरों से संघर्ष करती एक टीम, जो गोपी लाल को खोजने में जी-जान से जुटी थी।

करीब 30 मिनट की मेहनत के बाद, गोपी लाल का शव उस स्थान से लगभग 300 मीटर दूर बरामद हुआ। यह क्षण परिवार और ग्रामीणों के लिए बेहद पीड़ादायक था। खुशियों की तलाश में निकला युवक अब शव रूप में लौट रहा था

पुलिस कार्यवाही और शव का पोस्टमार्टम

घटना की जानकारी मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्राथमिक जांच में किसी भी तरह की साजिश या दुर्घटना के अलावा अन्य कोई कारण सामने नहीं आया है।

रेस्क्यू टीम के नायकों की भूमिका

इस दर्दनाक हादसे के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे नागरिक सुरक्षा विभाग के सदस्यों ने सराहनीय कार्य किया।

  • वाहन चालक सुरेश सालवी,
  • गोताखोर हितेश सोलंकी,
  • महेंद्र सिंह मसानी,
  • भवानी शंकर वाल्मीकि,
  • सुनील खटीक,
  • और बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया — सभी ने अथक प्रयास कर मृतक को खोजने में अहम भूमिका निभाई।
उदयपुर की उदयसागर झील में हादसा : सेल्फी के चक्कर में 27 साल की ज़िंदगी झील में समा गई
उदयपुर की उदयसागर झील में हादसा : सेल्फी के चक्कर में 27 साल की ज़िंदगी झील में समा गई

इन सभी का योगदान यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में यह टीम कैसे तत्परता और साहस के साथ मानवीय जिम्मेदारी निभाती है।

एक परिवार की टूटी दुनिया

इस हादसे ने सिर्फ एक युवक की जान नहीं ली, बल्कि एक परिवार की खुशियां, सपने और उम्मीदें भी झील की लहरों में डूब गईं। जो बेटा, भाई या दोस्त सुबह हँसते हुए घर से निकला था, उसकी मौत की सूचना शाम तक घर पहुंच गई।

परिजनों की हालत बेहद खराब है। मां-बाप सदमे में हैं, और गांव भर में शोक की लहर है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कहना है कि गोपी लाल एक खुशमिजाज और मददगार युवक था। उसका अचानक इस तरह चले जाना सबके लिए अविश्वसनीय और दुखद है।

एक चेतावनी बनकर रह गया हादसा

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं है — यह एक चेतावनी है। हम सभी को यह समझने की जरूरत है कि ज़िंदगी से खूबसूरत कोई तस्वीर नहीं होती। आधुनिक समय में सेल्फी का जुनून युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन इस जुनून की एक छोटी सी गलती ज़िंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।

सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा पहले भी कई बार चेतावनियाँ जारी की जा चुकी हैं कि नदियों, झीलों और ऊंचाई वाले स्थानों पर सेल्फी लेते समय सतर्कता बरतें। लेकिन जब तक समाज स्वयं इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लेता, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।

निष्कर्ष

उदयपुर की यह घटना एक दर्दनाक स्मृति बन गई है। एक हँसता-खेलता युवक अब केवल तस्वीरों और यादों में रह गया है। झील, जो आमतौर पर शांति और सुंदरता की प्रतीक होती है, आज उसकी गहराई में एक अनमोल ज़िंदगी छुपा बैठी है।

समाज को, विशेष रूप से युवाओं को, इस तरह के हादसों से सबक लेना चाहिए। सेल्फी की एक परफेक्ट तस्वीर के लिए अपनी ज़िंदगी को खतरे में डालना किसी भी तरह से समझदारी नहीं है। ज़िंदगी अनमोल है — कृपया इसे बचाएं।

निक्की हत्याकांड : आरोपी विपिन भाटी के वकील ने घटना पर उठाए सवाल, पुलिस से की निष्पक्ष जांच की मांग

निक्की हत्याकांड : आरोपी विपिन भाटी के वकील ने घटना पर उठाए सवाल, पुलिस से की निष्पक्ष जांच की मांग

निक्की हत्याकांड : आरोपी विपिन भाटी के वकील ने घटना पर उठाए सवाल, पुलिस से की निष्पक्ष जांच की मांग
निक्की हत्याकांड : आरोपी विपिन भाटी के वकील ने घटना पर उठाए सवाल, पुलिस से की निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रेटर नोएडा ।

ग्रेटर नोएडा के निक्की हत्याकांड को लेकर मुख्य आरोपी विपिन भाटी के वकील मनोज भाटी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मनोज भाटी ने कहा कि जांच में कई पेंच हैं, इसलिए इसको कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
वकील मनोज भाटी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “फोर्टिस अस्पताल के एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) के मुताबिक मृतका की मौत सिलेंडर फटने से हुई है, यह हत्या का मामला कहां है? इस मामले में चल रही जांच में कई खामियां हैं। जांच ठीक और निष्पक्ष तरीके से की जाए।”

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य शुरू से यही रहा है कि एक निष्पक्ष जांच हो। मामले को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। जांच अभी चल रही है, जैसे ही कुछ स्पष्ट होगा, तुरंत ही केस दर्ज करा दिया जाएगा। सोशल मीडिया कानूनी सबूत नहीं है। वहां कुछ भी गलत पोस्ट किया जा सकता है। सोशल मीडिया से कुछ भी वास्तविक नहीं मिलता, न तो सोशल मीडिया और न ही कानून उस आधार पर चलता है।”

विपिन भाटी के वकील ने कहा, “हम इस मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। घटना को सोशल मीडिया पर फैलाया गया था। हम जल्द ही सभी को जमानत दिलाने की कोशिश करेंगे।”

निक्की हत्याकांड : आरोपी विपिन भाटी के वकील ने घटना पर उठाए सवाल, पुलिस से की निष्पक्ष जांच की मांग
निक्की हत्याकांड : आरोपी विपिन भाटी के वकील ने घटना पर उठाए सवाल, पुलिस से की निष्पक्ष जांच की मांग

निक्की हत्याकांड मामले में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में अब तक 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इस बीच, रोहित की पत्नी और निक्की की भाभी मीनाक्षी भाटी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा था, “2016 में रूपवास गांव में निक्की के भाई रोहित से मेरी शादी हुई थी। शादी के डेढ़ महीने बाद दहेज के लिए मेरे साथ मारपीट की जाने लगी। मुझे पीटते थे, दहेज की मांग करते थे। मेरे पापा द्वारा दी गई गाड़ी को लेकर कहते थे कि ये गाड़ी मुझे पसंद नहीं।”

बता दें कि निक्की की शादी 2016 में हुई थी। परिवारवालों ने आरोप लगाया कि निक्की को जलाने से पहले उस पर ज्वलनशील पदार्थ डाला गया था।

निक्की हत्याकांड में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें निक्की की सास, ससुर, जेठ और पति शामिल हैं। सबसे पहले पति विपिन भाटी की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद निक्की की सास दया भाटी की गिरफ्तारी हुई। फिर निक्की के जेठ रोहित भाटी और ससुर सत्यवीर भाटी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने 25 अगस्त को चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

नोएडा : यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

नोएडा : यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

नोएडा : यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
नोएडा : यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

नोएडा ।

यमुना नदी में जलस्तर लगातार बढ़ने की आशंका के बीच गौतमबुद्ध नगर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने सेक्टर-150 स्थित इलाकों का दौरा किया और वहां मौजूद प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सभी नागरिकों और पालतू पशुओं को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को प्रशासन के शरणालयों में व्यवस्थित रूप से शिफ्ट किया जाए, वहीं पशुओं के लिए सुरक्षित ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में ठहरने की उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही उनके लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और सूखे स्थान का इंतजाम भी सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि राहत शिविरों में सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। इनमें स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त भोजन, चिकित्सा सुविधा, शौचालय, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था शामिल होनी चाहिए।

नोएडा : यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
नोएडा : यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण


उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि तकरीबन 40 प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके साथ ही कई पालतू और दुधारू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
उन्होंने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावित नागरिकों को हर जरूरी सुविधा मुहैया कराई जा रही है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान एसीपी नोएडा, तहसीलदार सदर और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि बाढ़ की आशंका से प्रभावित होने वाले सभी क्षेत्रों में पहले से ही सुरक्षा और बचाव के इंतजाम पुख्ता कर लिए जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

हिमाचल प्रदेश : कुल्लू में भूस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, लापता 5 लोगों की तलाश जारी हिमाचल प्रदेश : कुल्लू में भूस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, लापता 5 लोगों की तलाश जारी

हिमाचल प्रदेश : कुल्लू में भूस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, लापता 5 लोगों की तलाश जारी

कुल्लू। 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू शहर में गुरुवार को हुए भीषण भूस्खलन के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, तीन घायलों को मलबे से निकाला गया है, जबकि 5 लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में तीन मकान दब गए। यह घटना इन्नर अखाड़ा बाजार इलाके के पास हुई।

पुलिस अधीक्षक कथिकेयन गोकुलचंद्रन ने कहा कि घटनास्थल से एक शव बरामद किया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अतिरिक्त उपायुक्त अश्विनी कुमार और उप-मंडल मजिस्ट्रेट निशांत कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन के कर्मियों सहित बचाव दल मलबे और भूस्खलन में फंसे 5 लोगों का पता लगाने के लिए अभियान चला रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश : कुल्लू में भूस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, लापता 5 लोगों की तलाश जारी हिमाचल प्रदेश : कुल्लू में भूस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, लापता 5 लोगों की तलाश जारी
हिमाचल प्रदेश : कुल्लू में भूस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, लापता 5 लोगों की तलाश जारी

इससे पहले, मंडी जिले के सुंदरनगर शहर में भूस्खलन के कारण दो घर तबाह हो गए। इस घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत 6 लोग मारे गए।

मृतकों की पहचान गुरप्रीत सिंह (35 वर्षीय), उनकी बेटी कीरत (3 साल), उनकी पत्नी भारती (30 वर्षीय), शांति देवी (70 वर्षीय) और सुरेंदर कौर (56 वर्षीय) के रूप में हुई।

बुधवार को एक अन्य घटना में, राष्ट्रीय राजमार्ग 5 पर रामपुर से शिमला जा रही एक निजी बस पर पत्थर गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई और 15 घायल हो गए।

मृतकों में महाराष्ट्र के जलगांव गांव की लक्ष्मी विरानी और एक नेपाली मूल की महिला शामिल हैं, जिनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”आज सुबह इनर अखाड़ा बाजार, कुल्लू में भारी भूस्खलन का समाचार सुनकर मन बहुत व्यथित है। इस हादसे में एक व्यक्ति की दुखद मृत्यु हुई है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और राहत दल की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।”

पोस्ट में आगे लिखा गया, ”विधायक सुंदर सिंह ठाकुर एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। सभी के समन्वित प्रयासों से अब तक तीन लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इस भूस्खलन से दो मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मेरी गहरी संवेदनाएं सभी प्रभावित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे और परिजनों को सहन-शक्ति प्रदान करे।”

जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में भूस्खलन के कारण 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न

जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में भूस्खलन के कारण 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न

जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में भूस्खलन के कारण 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न
जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में भूस्खलन के कारण 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न

श्रीनगर। 

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भूस्खलन में 5 लोग घायल हुए हैं। द्रबशल्ला स्थित मेघा परियोजना क्षेत्र में भूस्खलन की यह घटना हुई। हालांकि, तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से 5 लोगों को बचाया गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि उन्होंने भूस्खलन के बाद किश्तवाड़ के डीसी पंकज कुमार शर्मा से बात की है।
जिला प्रशासन की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, “जिला प्रशासन की तत्परता और तेज कार्रवाई की प्रशंसा करनी होगी, जिन्होंने द्रबशल्ला क्षेत्र के रैटल पावर प्रोजेक्ट में लैंडस्लाइड के दौरान लगभग पांच लोगों को सुरक्षित बचा लिया, जो गंभीर खतरे में हो सकते थे। बचाए गए लोग घायल हैं, लेकिन सुरक्षित हैं और उन्हें जरूरी चिकित्सा उपचार के साथ-साथ हर तरह की मदद दी जा रही है।”

इस बीच, बडगाम जिले में झेलम नदी के बांध में दरार आने से आसपास के इलाके जलमग्न हो गए हैं।

जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में भूस्खलन के कारण 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न
जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में भूस्खलन के कारण 5 घायल, बडगाम में कई इलाके जलमग्न

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि शालिना, राख शालिना और बाघी शाकिरशाह गांव पानी में डूब गए हैं। इन गांवों के निवासियों को रात में ही सुरक्षित निकालकर निर्दिष्ट बचाव केंद्रों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया।

उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बडगाम के सीरबाग और समरबाग गांवों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है और हमारी टीमें इन इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं। इन इलाकों के लोगों से अनुरोध है कि वे जलस्तर कम होने तक सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।”

मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू सेंटर की जानकारी देते हुए पोस्ट में आगे लिखा, “बडगाम जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में छह रेस्क्यू सेंटर एक्टिव किए हैं। हमारी पूरी मानवशक्ति और मशीनरी जमीन पर मौजूद है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और राजस्व अधिकारियों के नेतृत्व में पर्याप्त संख्या में बचाव दल घटनास्थल पर तैनात हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।”