आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त
आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

हैदराबाद। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने आंध्र प्रदेश शराब घोटाले के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत छापेमारी की। यह छापेमारी कार्रवाई हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तंजावुर, सूरत, रायपुर, दिल्ली एनसीआर और आंध्र प्रदेश में 20 स्थानों पर की गई है। फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर किए गए लेनदेन के माध्यम से रिश्वत के भुगतान में मदद करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली गई।
ईडी ने सरकारी खजाने को 4000 करोड़ रुपए के नुकसान के लिए आईपीसी 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत आंध्र प्रदेश सीआईडी ​​द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। आंध्र प्रदेश सरकार ने इस साल 5 फरवरी को मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अक्टूबर 2019 से मार्च 2024 तक की ‘नई शराब नीति’ में आरोपी व्यक्ति ‘ब्रांड किलिंग एंड न्यू ब्रांड प्रमोशन’ में लिप्त रहे, जिसमें उन लोकप्रिय शराब ब्रांडों (जैसे मैकडॉवेल्स, रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू आदि) को दरकिनार करना शामिल था। इन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया था और इसके बजाय डिस्टिलरी एवं आपूर्तिकर्ताओं से भारी भुगतान के बदले नए या नकली ब्रांडों को बढ़ावा दिया। खरीद प्रणाली को स्वचालित से मैन्युअल में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे ऑर्डर फॉर सप्लाई (ओएफएस) में हेरफेर की गुंजाइश बन गई।

एसआईटी ने आरोपपत्र और पूरक आरोपपत्र दायर किए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ स्वचालित प्रणाली को मैन्युअल अनुमोदन से बदलने, ब्रांड-वार इंडेंटिंग और आपूर्ति मात्रा में हेरफेर की अनुमति देने, चुनिंदा डिस्टिलरी और मार्केटिंग फर्मों का पक्ष लेने, आपूर्तिकर्ताओं को उनके चालान मूल्य का 15-20 प्रतिशत रिश्वत के रूप में भुगतान करने के लिए मजबूर करने, ऐसा न करने पर उनके ब्रांडों को दबा दिया गया या लिस्ट से हटा दिया गया, धन का प्रवाह करने और बढ़ी हुई ओएफएस मात्रा हासिल करने के लिए शेल डिस्टिलरीज का निर्माण करना, प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति जिन्होंने ब्रांड अनुमोदन में मदद की, पात्रता मानदंडों में हेरफेर किया और असहमत आपूर्तिकर्ताओं को दबाया।

आरोप पत्रों में यह भी आरोप लगाया गया है कि खरीद में हेराफेरी, फर्जी विक्रेता भुगतान, फर्जी कंपनियों के माध्यम से रिश्वत जुटाई गई और इनका इस्तेमाल चुनावी उद्देश्यों, व्यक्तिगत लाभ और विदेशों में धन हस्तांतरण के लिए किया गया।

आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त
आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

ईडी की जांच में पता चला है कि कुछ आरोपी व्यक्तियों ने जानबूझकर स्थापित ब्रांडों के लिए ऑर्डर देने से रोका, डिस्टिलरीज को देय वैध भुगतान रोके रखा और डिस्टिलरीज पर दबाव डाला एवं ओएफएस के बदले अवैध भुगतान व रिश्वत की मांग की। ईडी द्वारा की गई मनी ट्रेल जांच से पता चला है कि आंध्र प्रदेश राज्य पेय पदार्थ निगम लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) द्वारा आपूर्तिकर्ताओं को दिए गए भुगतान का एक हिस्सा वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के बहाने विभिन्न संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया था।

हालांकि, ये लेनदेन फर्जी पाए गए और इन निधियों के प्राप्तकर्ता या तो अस्तित्वहीन, फर्जी संस्थाएं या असंबंधित व्यक्ति व संस्थाएं थीं। कई मामलों में जहां संस्थाएं उनके व्यवसाय से संबंधित थीं, लेनदेन बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए पाए गए। आपूर्तिकर्ताओं द्वारा सोना व नकदी प्राप्त करने के लिए जौहरियों को धनराशि भी हस्तांतरित की गई, जिसे आरोपी व्यक्तियों को रिश्वत के रूप में सौंप दिया गया। इस प्रकार व्यापारिक लेनदेन की आड़ में धन की हेराफेरी करने के लिए फर्जी व बढ़ा-चढ़ाकर किए गए लेनदेन का उपयोग किया गया, जिससे आरोपी व्यक्तियों को रिश्वत के रूप में अवैध धन का सृजन और संवहन सुगम हो गया।

तलाशी अभियान के दौरान, फर्जी व बढ़ा-चढ़ाकर किए गए लेनदेन से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद और जब्त की गई, जिससे अपराध की आय (पीओसी) का सृजन और संवहन हुआ। तलाशी के दौरान गैर-परिवहन वाहन विवरण वाले फर्जी चालान और परिवहन चालान भी जब्त किए गए। कुछ फरार आरोपियों की संलिप्तता और उनके दुबई में होने और पीओसी के हस्तांतरण के साक्ष्य वाली चैट भी जब्त की गईं। एक परिसर से 38 लाख रुपए की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई। कई करोड़ रुपए मूल्य के पीओसी के विदेश प्रेषण को दर्शाने वाले बहीखाते भी जब्त किए गए।

ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना

ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना

ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना
ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना

मुंबई। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत अहमदाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन से बैंक ऑफ इंडिया के स्टाफ ऑफिसर (सस्पेंड) हितेश कुमार सिंगला को गिरफ्तार किया है। उन्हें विशेष न्यायालय, पीएमएलए, ग्रेटर बॉम्बे के समक्ष पेश किया गया, जहां से आरोपी को 7 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।
सीबीआई और एसीबी मुंबई ने हितेश कुमार सिंगला और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, बीएनएस की धारा 316(5) और पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ए) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

ईडी की जांच से पता चला कि मई 2023 से जुलाई 2025 की अवधि के दौरान सिंगला ने दुर्भावना और आपराधिक इरादे से बिना अनुमति के सावधि जमा (टीडी), लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) खाते, बचत बैंक (एसबी) खाते और चालू खाते (सीए) को धोखाधड़ी से बंद कर दिया। प्राप्त राशि एसबीआई में उसके निजी बचत खाते में जमा कर दी गई।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए 127 खाताधारकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, नाबालिगों, मृत ग्राहकों और निष्क्रिय खातों जैसे कमजोर ग्राहकों को निशाना बनाया। डायवर्ट की गई धनराशि को टुकड़ों में और गुप्त तरीके से स्थानांतरित किया गया था।

ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना
ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना

इस धोखाधड़ी से सिंगला ने बैंक ऑफ इंडिया और उसके ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का चूना लगाया, जिससे बैंक को नुकसान हुआ, उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके जनता का विश्वास कम हुआ।

धोखाधड़ी का पता चलने के बाद से हितेश कुमार सिंगला फरार था और बैंक ऑफ इंडिया को रिपोर्ट करने में विफल रहा। तकनीकी निगरानी द्वारा समर्थित विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ने उज्जैन से वेरावल तक ट्रेन संख्या 19320 महामना एक्सप्रेस में यात्रा करते समय बार-बार सीटें और कोच बदलकर पता लगाने से बचने के उसके बार-बार प्रयासों के बावजूद अहमदाबाद जंक्शन पर उसे सफलतापूर्वक रोका और गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद उसके एक सहयोगी के परिसर में पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी ली गई।

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद
वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

रांची। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली (बिहार) और देहरादून स्थित कई परिसरों में रेड मारी। यह तलाशी अभियान मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, चंद्र भूषण सिंह और प्रियंका सिंह द्वारा बड़े पैमाने पर की गई वित्तीय धोखाधड़ी के संबंध में की गई।
झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के पुलिस अधिकारियों ने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ जनता के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। इसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

ईडी की जांच से पता चला कि आरोपियों ने एक धोखाधड़ी वाली मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) योजना चलाई, जिसमें आम जनता को उच्च मासिक रिटर्न और आकर्षक रेफरल लाभों का वादा करके लुभाया गया। इस कार्यप्रणाली के माध्यम से उन्होंने कम से कम 21 बैंक खातों में 521 करोड़ रुपए से अधिक की अनधिकृत जमा राशि एकत्र की, जिससे भारी मात्रा में अपराध आय (पीओसी) अर्जित हुई।

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद
वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

यह भी पता चला कि आरोपी निदेशक, चंद्र भूषण सिंह और प्रियंका सिंह बाद में सरकारी धन लेकर फरार हो गए। पिछले तीन वर्षों से वे झारखंड, राजस्थान और असम पुलिस सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते रहे हैं। जांच से पता चलता है कि आरोपियों ने बेनामी लेनदेन के जरिए कई अचल संपत्तियां हासिल करके और जमा राशि को नकदी में बदलकर अवैध धन का शोधन किया। अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ‘दीपक सिंह’ नाम से फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करते पाए गए और बार-बार अपना ठिकाना बदलते रहे।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सबूत बरामद किए और उन्हें जब्त किए। प्रमुख बरामदगी में फर्जी पहचान पत्र, महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन और नकद लेनदेन का विवरण देने वाली हस्तलिखित नोट और डायरियां, सहयोगियों का विवरण, विभिन्न संस्थाओं की चेकबुक, लैपटॉप और मोबाइल फोन के रूप में डिजिटल साक्ष्य और बड़ी संख्या में अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज एवं समझौते शामिल हैं। ऐसे सबूत भी मिले हैं जो दर्शाते हैं कि आरोपी इसी तरह की धोखाधड़ी वाली योजनाएं चलाते रहे थे।

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा
दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

नई दिल्ली । 

रोहिणी जिले के बुध विहार थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने शनिवार तड़के कुख्यात अपराधी लल्लू उर्फ अशरू और उसके साथियों के साथ मुठभेड़ की। यह कार्रवाई उस गुप्त सूचना के आधार पर हुई जिसमें बताया गया था कि लल्लू और उसके गिरोह के सदस्य गौ-रक्षक दल से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति के आवास/कार्यालय पर हमला करने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, लल्लू ने हाल ही में अपने साथियों के साथ तीन व्यक्तियों की पिटाई/भीड़ हिंसा की घटना को अंजाम दिया था और उसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर डाला था, ताकि गोगी गैंग से अपने संबंध और दबदबे को दिखा सके। पीड़ित पक्ष ने इस घटना के विरोध में एक महासभा बुलाने का आह्वान किया था। इसी के मद्देनज़र लल्लू अपने गैंग के साथ हमला कर गैंग वर्चस्व स्थापित करना चाहता था।

शनिवार तड़के लगभग 2:40 बजे, रोहिणी सेक्टर-24 स्थित बांके बिहारी मंदिर के पास पुलिस ने एक संदिग्ध सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी भांपकर कार सवारों ने सरकारी बोलेरो (पुलिस गश्ती वाहन) में टक्कर मार दी और मौके से भागने की कोशिश करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद, पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान गोलीबारी में दो अपराधियों को पैरों में गोली लगी, जबकि एक को मौके से दबोच लिया गया। हालांकि, दो आरोपी गंदा नाला, रिठाला की ओर दीवार फांदकर फरार हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा
दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस मुठभेड़ में कुल 6 राउंड पुलिस द्वारा और लगभग 6–7 राउंड आरोपियों द्वारा फायरिंग की गई।

दिल्ली पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई में तीन अपराधियों को पकड़ा गया। पहला, लल्लू उर्फ अशरू (23), जो गोगी गैंग से जुड़ा है और अपने भाई नस्रुद्दीन के नाम पर “नस्सरू गैंग” चलाता है, गोलीबारी में घायल हुआ। उसके पास से एक आधुनिक हथियार मिला। लल्लू पर हत्या का प्रयास और लूटपाट सहित 5 गंभीर मामले दर्ज हैं। दूसरा, लल्लू का साथी इरफान (21) भी गोलीबारी में घायल हुआ और उसके पास से भी एक आधुनिक हथियार बरामद हुआ। वह हत्या के प्रयास के 2 मामलों में शामिल है। वहीं, नितेश (30) को मौके पर गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक देसी कट्टा मिला। वह पहले ठगी के मामलों में शामिल रहा है।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221/132/109(2)/3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 (पूर्ववर्ती आईपीसी की धारा 186/353/307/34 के अनुरूप) के त

योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा

योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा

योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा
योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक युवक के सीएम योगी आदित्यनाथ को गोली मारने की धमकी का वीडियो सामने आया। इसमें युवक हाथ में पिस्टल लेकर धमकी देता दिखा। मांट क्षेत्र से वायरल वीडियो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे के दौरान हड़कंप मचा दिया। वीडियो में एक युवक हाथ में पिस्टल लेकर सीएम को गोली मारने की खुली धमकी दे रहा था। वीडियो के वायरल होते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं। गर्दन से लटकती चैन पहने, केवल पैंट पहने युवक को उसके घर में ढूंढ निकाला गया। पुलिस ने उसे लगभग एक घंटे की कवायद के बाद पिस्टल एवं कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया।

वीडियो में क्या है?

  • वीडियो में युवक नंगे बदन केवल पैंट पहने दिखता है। हाथ में पिस्टल लहराते हुए उसने कहा कि उसने मुख्यमंत्री के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। वह कहता दिखता है कि अगर मदद नहीं मिली तो वह योगी आदित्यनाथ को गोली मार देगा। युवक ने पिस्टल की मैगजीन दिखाते हुए दावा किया कि उसमें नौ गोलियां हैं और वह ‘नौ की नौ सीधे उतार’ देगा।युवक ने सीएम योगी के बॉडीगार्ड्स पर भी हमला करने की बात कही। उसने कहा कि 25 सितंबर से पहले वह यह कदम उठा सकता है। इस क्लिप के वायरल होते ही इलाके में खलबली मच गई।
योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा
योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा
  • पुलिस को देखते ही छत पर भागावीडियो मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने युवक की लोकेशन ट्रेस कर मांट तहसील के नगला हरदयाल गांव पहुंचकर चारों ओर घेरा डाल दिया। पुलिस को देखकर युवक घर की छत पर भाग गया। वहीं से पुलिस को भी धमकी देने लगा। जानकारी के मुताबिक उसने उस समय तीन हवाई फायर भी किए। लगभग एक घंटा चलने वाली वार्ता और पुलिस-प्रयासों के बाद उसे पिस्टल एवं कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।मामले की प्राथमिक जांच और युवक की मानसिक स्थिति की पड़ताल जारी है। पुलिस ने कहा कि जरूरत पड़ी तो काउंसलिंग और विशेषज्ञ टीम की मदद ली जाएगी।
  • ऐसे मिली जानकारीस्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि वायरल क्लिप के आधार पर युवक की पहचान और पता तुरंत किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वह व्यक्ति पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था और अक्सर अपनी परेशानियों के बारे में जोर-जोर से बोलता था। पुलिस अब वीडियो की सत्यता, युवक के बैकग्राउंड, उसके आरोपों और किसी संभावित षड्यंत्र के पहलू की पड़ताल कर रही है। सुरक्षा की दृष्टि से मथुरा में अतिरिक्त इंतजाम और सतर्कता बरती जा रही है।
  • घटना के बाद नगला हरदयाल और आसपास के इलाके में भारी पुलिस फोर्स देख स्थानीय लोग हैरान रह गए। युवक के इस रुख को देखकर लोगों की हैरानी बढ़ गई। वहीं, सोशल मीडिया पर युवक के खिलाफ एक्शन की मांग की जाने लगी।
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर

समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर

समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
दिल्ली में एक बार फिर कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है.
  • शनिवार (20 सितंबर) की सुबह दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) द्वारका, सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुतुब मीनार और नजफगढ़ के कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल को धमकी भरा मेल आया था. स्कूल मैनेजमेंट ने जैसे ही मेल देखा, तुरंत एक्शन लेते हुए स्कूल कैंपस खाली कराया गया.
  • सुबह 7.00 बजे से ही बच्चे और स्टाफ स्कूल में पहुंच चुके थे. ऐसे में बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को कॉमन एरिया में इकट्ठा कर लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. मामला संज्ञान में आते ही बम स्क्वॉड, फायर डिपार्टमेंट और दिल्ली पुलिस की टीमें अलग-अलग स्कूल कैंपस में पहुंचीं और जांच पड़ताल शुरू कर दी. हालांकि, अभी तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला है. सर्च ऑपरेशन जारी है.
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
थम नहीं रही धमकियों का सिलसिला
  • दिल्ली के स्कूलों में बम की धमकी भरे मेल आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार कई महीनों से कुछ दिनों के अंतराल पर ऐसी खबरें आ रही हैं कि स्कूलों को मेल या फोन के माध्यम से धमकियां दी जा रही हैं. हर बार बच्चों को स्कूल कैंपस से बाहर निकाला जाता है. स्कूल बंद करवाए जाते हैं और उनकी पढ़ाई को नुकसान होता है. हर बार पुलिस की टीमें परिसर की सघन जांच करती हैं.
  • अभी तक गनीमत रही कि ये सभी धमकियां फर्जी निकली हैं. साइबर सेल लगातार ई-मेल ट्रैक कर धमकी भेजने वाले का पता लगाने की कोशिश करती हैं. इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े होते हैं.
कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी
कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

आज दिनांकः 19-09-2025 को श्री वैभव कृष्ण, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी द्वारा डा0 ईरज राजा, पुलिस अधीक्षक, गाजीपुर की उपस्थिति में पुलिस लाइन सभागार जनपद-गाजीपुर में समीक्षा बैठक की गई। उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण, समस्त क्षेत्राधिकारीगण/थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी मौजूद रहे एवं निम्न बिन्दुओं पर समीक्षा की गई:-

• अपराध समीक्षा

• महिला सुरक्षा

• विवेचनाओं में प्रगति

• माल मुकदमाती का निस्तारण

• न्यायालय में पैरवी

• जनशिकायतों का निस्तारण

• Patrolling/UP-112 PRV का थाना क्षेत्रों में व्यवस्थापन

• साइबर क्राइम के विभिन्न पोर्टल्स पर प्रचलित कार्यवाही

• नये कानून के अन्तर्गत ई-साक्ष्य संकलन की कार्यवाही।

• दुर्घटना सम्बन्धी प्रकरणों में कारणों के सम्बन्ध में कार्यवाही।

जनपद गाजीपुर में दिनांक 01-01-2025 से 31-08-2025 तक मुख्य रूप से निम्न कार्यवाहियाँ  हुई हैं :-

• वर्ष-2025 में पंजीकृत गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमों की संख्या -14

• वर्ष-2025 में गैंगेस्टर के मुकदमों में संपत्ति जब्ती मूल्य लगभग 3,18,71,500/-रु०

• वर्ष-2025 में हत्या के पंजीकृत 15 अभियोग में कुल-26 अभियुक्त पकडे गए तथा 03 हाजिर अदालत

• वर्ष-2025 लूट के पंजीकृत 05 अभियोग में कुल -08 अभियुक्त पकडे गए तथा 02 हाजिर अदालत

• जनपद गाजीपुर की आईजीआरएस में माह जुलाई में रैंकिग 35वीं थी, जो माह अगस्त में 20वीं रैंकिंग है, इसमे और अधिक सुधार की आवश्यकता है |

• पुरस्कार घोषित अपराधियों में 21 गिरफ्तार हुए हैं तथा 10-हाजिर अदालत

• विभिन्न श्रेणी के गैंगो का पंजीकरण में डी श्रेणी (जनपद स्तर) के 23 व आईआर श्रेणी (रेंज स्तर) के 01 गैंग रजिस्टर्ड हुए हैं |

• वर्ष-2025 में 24 हिस्ट्रीशीट खोली गई,जिसमें पेशेवर हत्यारों के विरुद्ध -02, लुटेरों-01,मादक पदार्थ तस्करों-03, गो तस्करों-01, नकबजनी-11,शराब तस्कर-01 एवं अन्य अपराधों में संलिप्त-05

• वर्ष-2025 में 120 गुंडा एक्ट पंजीकृत हुए हैं, जिसमें से जिला बदर-02 किये गए हैं |

• शराब तस्करों के विरुद्ध 303 मुकदमें पंजीकृत हुए, जिसमें 331 अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हुई |

• गोकशी के 22 मुकदमें पंजीकृत हुए, जिसमें 55 अभियुक्त गिरफ्तार हुए |उक्त के सम्बन्ध में कार्यवाही हेतु निम्न निर्देश दिए गए :-

कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी
कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

1. उपरोक्त कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाये जाने एवं माफिया तथा अपराधियों को चिन्हित कर कठोर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं |

2. विवेचनाओं के निस्तारण हेतु वादी एवं विवेचक दोनो को एक साथ बुलाकर पुलिस अधिकारियों द्वारा मुकदमें के वादियों/शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के निस्तारण की समीक्षा की जाए।

3. शरीर सम्बन्धी अपराधों में तत्काल मेडिकल कराया जाए एवं विधिक धाराओं में मुकदमों को समय से परिवर्तित कराया जाए।

4. विभिन्न पंजीकृत गैंगों के सदस्यों की सक्रियता ज्ञात की जाए एवं यदि सक्रिय पाये जाते हैं तो कड़ी कार्यवाही की जाए।

5. गैंगेस्टर एक्ट पंजीकरण, हिस्ट्रीशीट खोलने एवं गुण्डा एक्ट की कार्यवाही में गुणवत्तापूर्वक संवेदनशील प्रकरणों को चिन्हित कराया जाए एवं उन पर कड़ी कार्यवाही कराई जाए।

6. माफिया गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों को चिन्हित कराकर उनकी सम्पत्ति को बीएनएस एवं गैंगेस्टर एक्ट की कार्यवाही के अन्तर्गत जब्त कराया जाए।

7. अवैध शराब के विरूद्ध निरंतर अभियान चलाकर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।

8. आपरेशन त्रिनेत्र अभियान के तहत अपने-अपने थानाक्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थानों, प्रतिष्ठानों, गॉवों आदि में लोगों से संपर्क स्थापित कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में सीसीटीवी कैमरा सड़क मार्ग को कवर करते हुए लगवाने हेतु निर्देशित किया गया।

9. महिला सम्बन्धी अपराध पर विशेष संवेदनशीलता से तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए।

10. थानों पर दाखिल विभिन्न अभियोगों से संबंधित माल मुकदमाती के विधिक निस्तारण हेतु निर्देश दिये गए।

11. आपरेशन कनविक्शन के तहत गम्भीर अपराधों, हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, लूट आदि के अभियोगों में मा0 न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा दिलाने हेतु निर्देशित किया गया।

12. विभिन्न थाना क्षेत्रों में यू0पी0-112 पर प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष पीआरवी वाहनों को व्यवस्थापित करने हेतु निर्देश दिए गए।

13. साइबर सेल में सभी थाना प्रभारी एवं अन्य निरीक्षक/उपनिरीक्षकांे को जल्द से जल्द प्रशिक्षण कराकर अधिक से अधिक मुकदमों को अनावरित कराया जाए।

14. नये कानूनों के तहत ई-साक्ष्य एप के माध्यम से साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करायी जाए।

15. दुर्घटना सम्बन्धी प्रकरणों में दुर्घटना के कारणों को ज्ञात कर उनका निराकरण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं दुर्घटना सम्बन्धी प्रकरण को आई-रेड एप पर प्रदर्शित कराया जाए।

  उपरोक्त समीक्षा गोष्ठी के पश्चात् पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र ,वाराणसी द्वारा थाना कोतवाली, जनपद-गाजीपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमे जन-सुनवाई,थाने पर साफ़-सफाई, पुलिसकर्मियों के शौचालय एवं थाने के अभिलेखों को अद्यवधिक किए जाने हेतु निर्देशित किया गया ।

सोशल मीडिया सेल,

परिक्षेत्रीय कार्यालय,

वाराणसी l

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर लोक जन सेवा फाउंडेशन ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर लोक जन सेवा फाउंडेशन ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर लोक जन सेवा फाउंडेशन ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर लोक जन सेवा फाउंडेशन ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया

आज का दिन जौनपुर जनपद में सेवा, समर्पण और सामाजिक जागरूकता का अद्वितीय प्रतीक बन गया, जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर तथा विश्वकर्मा जयंती के शुभ दिन पर, लोक जन सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट जौनपुर द्वारा जिला अस्पताल परिसर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सेवा पखवाड़े के आह्वान पर किया गया, जिसमें समाजसेवा से जुड़े युवाओं और रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इस विशेष रक्तदान शिविर का उद्देश्य था मानव जीवन की रक्षा करना, समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और रक्त की कमी से होने वाली आकस्मिक मौतों को रोकने में एक सार्थक योगदान देना। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री अक्षय कुमार गुप्ता ने आयोजन की अगुवाई की और शिविर में उपस्थित सभी रक्तदाताओं का पुष्पगुच्छ, फल, बिस्कुट, जूस व संस्था की ओर से प्रमाणपत्र देकर सम्मान किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जीवन प्रेरणा का स्रोत है, जो देश को विकास और सेवा के पथ पर निरंतर आगे ले जा रहा है। उनके जन्मदिवस पर रक्तदान जैसे जीवनदायी कार्य से बड़ा कोई और उपहार नहीं हो सकता।

अक्षय कुमार गुप्ता ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त से 3 से 4 लोगों की जान बचाई जा सकती है, क्योंकि रक्त को तीन प्रमुख घटकों – प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और रेड ब्लड सेल्स में विभाजित कर कई जरूरतमंद मरीजों को अलग-अलग तरीकों से लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में अभी भी लाखों लोग समय पर रक्त की कमी के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक का यह कर्तव्य बनता है कि वह समय-समय पर रक्तदान कर दूसरों को जीवनदान देने का कार्य करे।

इस अवसर पर सभी रक्तदाताओं ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना भगवान श्रीराम के चरणों में की। शिविर में आए युवाओं में एक विशेष ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आज की युवा पीढ़ी समाज सेवा और मानवीय कार्यों में कितनी जागरूक और सक्रिय है।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर लोक जन सेवा फाउंडेशन ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर लोक जन सेवा फाउंडेशन ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया

कार्यक्रम में संस्था के उपाध्यक्ष श्री सतीश निषाद, सचिव श्री सत्यम प्रजापति, महामंत्री श्री राजा अग्रहरि, हर्ष वर्मा, राघव अग्रहरि, अर्पित जायसवाल, राजू सोनकर सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इन सभी ने रक्तदान शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए यह सुनिश्चित किया कि हर रक्तदाता को आवश्यक सुविधा, सुरक्षा और सम्मान मिले। सभी कार्यकर्ताओं ने पूरे समर्पण भाव से शिविर का संचालन किया और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।रक्तदान शिविर में ब्लड बैंक, जिला अस्पताल जौनपुर से वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी स्टाफ एवं अन्य चिकित्सीय कर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने रक्तदान की प्रक्रिया को सुरक्षित और वैज्ञानिक पद्धति से सम्पन्न कराया। रक्तदान करने आए युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी गई और रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया गया। ब्लड बैंक के अधिकारियों ने भी लोक जन सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएं समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करती हैं।

इस पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता, मानवता और सेवा भाव का अद्वितीय संगम देखने को मिला। एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर जनकल्याण की भावना प्रकट की गई, वहीं दूसरी ओर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम, सेवा और निर्माण की प्रतीक इस तिथि को सार्थक बनाते हुए, मानव जीवन बचाने का कार्य किया गया। यह आयोजन अपने आप में प्रेरणादायक रहा और भविष्य में ऐसे आयोजन को और बड़े स्तर पर करने का संकल्प भी संस्था ने दोहराया।

कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष अक्षय कुमार गुप्ता ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, ब्लड बैंक टीम, स्वयंसेवकों, पत्रकार बंधुओं तथा जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जब-जब समाज के सहयोग से कोई नेक पहल होती है, तब-तब समाज एक सकारात्मक परिवर्तन की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने सभी युवाओं से यह भी अपील की कि वे वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

इस प्रकार, लोक जन सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर न केवल एक सामाजिक कर्तव्य का निर्वहन था, बल्कि यह एक सशक्त संदेश भी था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “सेवा ही संकल्प” की भावना देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है और जनसामान्य इसे आत्मसात कर रहा है। जनपद जौनपुर के इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब संकल्प सच्चा हो और नेतृत्व प्रेरणास्रोत हो, तो समाज में कोई भी सकारात्मक परिवर्तन असंभव नहीं होता।

शाही किले पर मंत्री ए.के. शर्मा का भव्य स्वागत, क्षेत्रीय समस्याओं का मांगपत्र सौंपा गया

शाही किले पर मंत्री ए.के. शर्मा का भव्य स्वागत, क्षेत्रीय समस्याओं का मांगपत्र सौंपा गया

शाही किले पर मंत्री ए.के. शर्मा का भव्य स्वागत, क्षेत्रीय समस्याओं का मांगपत्र सौंपा गया
शाही किले पर मंत्री ए.के. शर्मा का भव्य स्वागत, क्षेत्रीय समस्याओं का मांगपत्र सौंपा गया

जौनपुर जिले के प्रभारी मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री ए.के. शर्मा का बलुआघाट क्षेत्रवासियों द्वारा शाही किला परिसर में भव्य स्वागत किया गया। यह आयोजन बुधवार सायं लगभग 4 बजे हुआ, जब मंत्री श्री शर्मा जनपद भ्रमण के क्रम में शाही किला पहुंचे। स्वागत के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने उन्हें एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को चिन्हित करते हुए उनके शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई गई।

हयात हॉस्पिटल के निदेशक मो. आरिफ के नेतृत्व में बलुआघाट, सिपाह, मखदूम शाह अढ़न, मीरमस्त सहित अन्य क्षेत्रों के नागरिकों ने मंत्री जी को जो मांगपत्र सौंपा, उसमें प्रमुख रूप से जर्जर विद्युत तारों को बदलवाने, खराब सड़कों की मरम्मत व नए सड़क निर्माण कार्यों की आवश्यकता, बड़े ट्रांसफार्मर लगाने जैसी बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की गुहार लगाई गई थी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था अत्यंत जर्जर हो चुकी है। पुराने व लटकते हुए तारों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे आमजन भयभीत रहते हैं। वहीं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आवागमन में अत्यधिक परेशानी होती है।

जनप्रतिनिधियों से लेकर विभिन्न विभागों में गुहार लगाने के बाद भी समस्याएं जस की तस बनी रहीं, लेकिन मंत्री ए.के. शर्मा से लोगों को बड़ी उम्मीद थी। मंत्री श्री शर्मा ने जनता की भावनाओं को समझते हुए और उनके मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जर्जर तारों को बदलने की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ कर दी जाएगी। विद्युत विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे ताकि प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर नए और सुरक्षित तार लगाए जा सकें।

मंत्री ने यह भी कहा कि नगर विकास मंत्रालय के माध्यम से जिन स्थानों पर सड़कें खराब हैं, वहां मरम्मत और नए निर्माण कार्यों की योजना तैयार कराई जाएगी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं को गम्भीरता से लें और विभागीय प्रक्रिया को तेज करें ताकि जल्द से जल्द क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। मंत्री के आश्वासन से स्थानीय नागरिकों में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई और उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया।

शाही किले पर मंत्री ए.के. शर्मा का भव्य स्वागत, क्षेत्रीय समस्याओं का मांगपत्र सौंपा गया
शाही किले पर मंत्री ए.के. शर्मा का भव्य स्वागत, क्षेत्रीय समस्याओं का मांगपत्र सौंपा गया

इस स्वागत कार्यक्रम में भाजपा अल्पसंख्यक सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष मो. साकिब, पूर्व नगर अध्यक्ष जोहरूल हसन उर्फ छोटेलाल, राजू, साकिब, अमन कुमार, डॉ. कलाम, मो. सारिक, छोटे, अफरोज कमर, मेराज अहमद, अनस अंसारी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने क्षेत्रीय समस्याओं को एक सुर में मंत्री के समक्ष रखा और यह अपेक्षा जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व वाली सरकार के ‘विकास के संकल्प’ को ज़मीन पर उतारने में मंत्री ए.के. शर्मा जैसे अनुभवी और जनसेवक नेता अहम भूमिका निभाएंगे।शाही किले पर हुए इस संवादात्मक कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसमें प्रशासनिक प्रक्रिया से दूर जनता सीधे तौर पर मंत्री के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रख सकी। यह परंपरा लोकतंत्र की उस अवधारणा को मजबूत करती है, जहां मंत्री और जनता के बीच कोई मध्यस्थ नहीं होता, और समस्याओं का समाधान उसी समय और स्थल पर सुनिश्चित किया जाता है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी प्राथमिकता उन क्षेत्रों की समस्याएं हैं जो विकास की मुख्यधारा से अब तक वंचित हैं।

इस अवसर पर उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार का मूल उद्देश्य हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं और सुविधाओं को पारदर्शिता व तत्परता के साथ पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी कार्यशैली में परिवर्तन लाएं, आमजन की बात को प्राथमिकता दें और समस्याओं के समाधान में विलंब न करें।

कार्यक्रम के समापन पर स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से आभार व्यक्त किया और यह उम्मीद जताई कि मंत्री श्री ए.के. शर्मा की तत्परता और सक्रियता से जौनपुर जिले के पिछड़े क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को बल मिलेगा। जर्जर तारों की जगह नई और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, पक्की व मरम्मतयुक्त सड़कें तथा ट्रांसफार्मर जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलने से लोगों का जीवन सुगम होगा और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

यह संवाद न केवल एक स्वागत कार्यक्रम था, बल्कि जनता और सरकार के बीच की सीधी कड़ी का एक सशक्त उदाहरण भी था। मंत्री जी की संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया ने साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश में “सरकार आपके द्वार” की संकल्पना अब केवल नारे तक सीमित नहीं, बल्कि वास्तविकता बन रही है।

पति ने पहले किया उत्पीड़न, फिर दी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, परेशान पत्नी को उठाना पड़ा यह कद

Husband first harassed, then threatened to make pornographic videos viral, distressed wife had to take this step

पति ने पहले किया उत्पीड़न, फिर दी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, परेशान पत्नी को उठाना पड़ा यह कद
A case of a woman being harassed by her husband after a love marriage has come to light in Meerut.
  • महिला ने दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई जिसके बाद पति ने उसे धमकी दी और अश्लील वीडियो इंटरनेट पर डालने की धमकी दी। साइबर क्राइम पुलिस ने जांच के बाद पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। प्रेम विवाह के बाद महिला का पति ने उत्पीड़न शुरू कर दिया। दो बच्चे होने के बाद भी पति अपनी हरकत से बाज नहीं आया। महिला ने मारपीट व दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई तो पति धमकी देने लगा।
  • उसने धमकी दी कि समझौता नहीं किया तो उसकी वीडियो अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर देगा।महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच की। आरोप सही पाए जाने पर महिला के पति के खिलाफ थाना सिविल लाइंस पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। गाजियाबाद निवासी महिला ने बताया उसने 24 वर्ष पूर्व गाजियाबाद निवासी संदीप से प्रेम विवाह किया था। शादी के एक साल बाद दोनों में विवाद होने लगा। पति महिला से मारपीट करने लगा। उसे एक बच्चा हुआ। इसके बाद भी पति नहीं बदला
Hamirpur
  • उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक युवक ने पति और पत्नी के रिश्तों को तार-तार कर दिया है। उसने अपनी ही पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल भी कर दिया है। इस घटना को लेकर पत्नी ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। कलियुगी पति की इस हरकत पर एसपी भी दंग रह गई है। घटना में एक्शन लेने के एसपी के आदेश होते ही पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पति ने पहले किया उत्पीड़न, फिर दी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, परेशान पत्नी को उठाना पड़ा यह कद
This incident has come to light from an area in the Rath Kotwali area of ​​Hamirpur district.
  • जिसे लेकर हर कोई हैरान है। पड़ोसी महोबा जिले की रहने वाली एक युवती की शादी अप्रैल 2023 में हमीरपुर जिले के राठ कस्बे के एक मुहाल निवासी एक युवक के साथ हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तक दोनों के रिश्ते मधुर रहे, लेकिन बाद में दोनों के प्यार में खटास बढ़ गई। पीड़ित महिला ने बताया कि शादी के कुछ साल बाद ही पति ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया था। आए दिन मारपीट कर उसे प्रताड़ित किए जाने लगा। बताया कि कलियुगी पति ने शारीरिक उत्पीड़न करते हुए उसके अश्लील वीडियो बना डाले।
Case filed against husband
  • इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर ये वीडियो भी वायरल करने की धमकी दी जा रही है। इस घटना की तहरीर कोतवाली में दी गई, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया। पति से परेशान युवती ने हमीरपुर आकर एसपी से इस मामले की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी के निर्देश के बाद कोतवाली पुलिस को आरोपी पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। राठ कोतवाली प्रभारी रामआसरे सरोज ने बताया कि मुकदमा लिखा गया है। जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Video uploaded from fake Instagram ID
  • पीड़ित महिला ने अपने पति के खिलाफ आरोप लगाया कि उसके नाम से इंस्ट्राग्राम अकाउंट बनाकर अश्लील वीडियो और तस्वीरें पति ने अपलोड कर दी है। इतना ही नहीं उसकी निजी बात की रिकॉर्डिंग कर सोशल मीडिया पर डाल दी गई है।