मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार

मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार

मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार
मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दिंडोशी पुलिस ने नकली राशन कार्ड बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 350 नकली राशन कार्ड समेत बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुजल दयाल (21) के रूप में हुई है, जो विरार इलाके में रहता है। दिंडोशी पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस ने 350 नकली राशन कार्ड बरामद किए, जो देखने में बिल्कुल असली जैसे थे। इनका इस्तेमाल पहचान पत्र और विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किया जा सकता था। इसके अलावा पुलिस ने मौके से प्रिंटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। दिंडोशी पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए राशन कार्डों पर वसई, विरार, मीरा-भायंदर, नालासोपारा, दहिसर, बोरीवली, मलाड और कांदिवली जैसे इलाकों के पते दर्ज हैं। इससे अंदेशा है कि यह नेटवर्क काफी बड़े स्तर पर काम कर रहा था।

मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार
मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार


पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसके पिता पहले नकली राशन कार्ड बनाने का काम करते थे। पिता की मृत्यु के बाद उसने इस धंधे को संभाल लिया और धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाता गया। पुलिस को शक है कि बड़ी संख्या में विदेशी घुसपैठियों, विशेष रूप से अवैध रूप से रह रहे लोगों ने पहचान स्थापित करने के लिए आरोपी से फर्जी राशन कार्ड बनवाए हैं।
मामला दर्ज करने के बाद दिंडोशी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उसे 12 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुजल को नकली राशन कार्ड बनाने के ऑर्डर कौन देता था, उसने अब तक कितने कार्ड तैयार किए, और इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मुंबई पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त
गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त

अहमदाबाद । अहमदाबाद पुलिस ने शहर के नारोल इलाके में एक ऑपरेशन के दौरान हेलमेट के नीचे छिपाई गई विदेशी शराब की एक बड़ी खेप जब्त की और एक ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूचना के आधार पर, पीसीबी टीम ने एसपी रिंग रोड पर, असलाली सर्कल के पास, साईंनाथ पार्किंग के पास निगरानी रखी और रविवार देर रात एक ट्रक को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान, अधिकारियों को गाड़ी के ऊपरी हिस्से में लोड किए गए 1,053 हेलमेट के नीचे बड़ी मात्रा में विदेशी शराब मिली। अधिकारियों ने बताया कि यह छिपाने का तरीका जानबूझकर रूटीन चेकिंग के दौरान पकड़े जाने से बचने के लिए बनाया गया था।
जांच करने पर, पुलिस ने 10,749 बोतल विदेशी शराब बरामद की, जिसकी कीमत लगभग 63,86,608 रुपए है। वहीं, हेलमेट की कीमत 5,25,447 रुपए है। इस कार्रवाई में ट्रक, एक मोबाइल फोन और कैश जब्त किया गया। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 84.22 लाख रुपए से ज्यादा होने का अनुमान है।
शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप चंडीगढ़ में लोड की गई थी और गुजरात के शराबबंदी कानूनों का उल्लंघन करते हुए जूनागढ़ ले जाई जा रही थी।

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त
गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त

गिरफ्तार किए गए ट्रक चालक की पहचान 38 वर्षीय जॉनी बलदेवसिंह चंदेल के रूप में हुई है, जो हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के हवानी गांव का रहने वाला है। उससे खेप के सोर्स और इसे किसे पहुंचाया जाना था, यह पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शराब तस्कर अक्सर राज्य की सीमाओं के पार अवैध शराब ले जाने के लिए असली सामान का इस्तेमाल करते हैं, और इस खेप का पता लगाने और इसे रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सही समय पर मिली जानकारी बहुत जरूरी थी। नारोल पुलिस स्टेशन इस तस्करी ऑपरेशन में शामिल बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
यह जब्ती गुजरात में हाल ही में हुए ऐसे ही ऑपरेशनों के बीच हुई है। अक्टूबर 2025 में सोला हाई कोर्ट पुलिस सर्विलांस स्क्वाड ने गोटा ब्रिज के पास एक ट्रक को रोका, जिसमें अस्पताल की दवाइयों के लेबल वाले बक्से थे, जिनके अंदर लगभग 30.9 लाख रुपए की 5,520 बोतलें और टिन इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) की छिपाई गई थीं। इस मामले में पंजाब के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सितंबर 2025 में एक और घटना में, वडोदरा में कपूराई चौराहे के पास, स्पेशल मॉनिटरिंग सेल ने एक पिकअप ट्रक से 44.93 लाख रुपये की 8,231 बोतलें आईएमएफएल जब्त कीं। गाड़ी जब्त कर ली गई है और पुलिस ने इसमें शामिल संदिग्धों का पता लगाने की कोशिशें शुरू कर दीं।

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

जोधपुर। चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा मामले में 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जोधपुर पुलिस अब पारंपरिक जांच के साथ-साथ वैज्ञानिक पद्धतियों का सहारा लेने की योजना बना रही है। एसीपी छवि शर्मा ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर संदिग्धों का DNA टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट (झूठ पकड़ने वाली मशीन) भी करवाया जा सकता है37 लोगों के बयान, 40 मोबाइल की सीडीआर खंगाली एसीपी छवि शर्मा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि जांच का दायरा काफी विस्तृत है। अब तक पुलिस 37 लोगों के विस्तृत बयान दर्ज कर चुकी है। तकनीक का सहारा लेते हुए जांच टीम ने 40 मोबाइल फोन की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली है, ताकि घटना से पूर्व और बाद के संपर्कों का मिलान किया जा सके।
जांच के घेरे में अस्पताल स्टाफ और सोशल मीडिया हैंडलर
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने पूछताछ के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। अब तक की कार्रवाई में निम्नलिखित लोगों से पूछताछ की गई है:

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी


अस्पताल प्रशासन: प्रेक्षा अस्पताल के 6 स्टाफ सदस्य और पूर्व में इलाज करने वाले 3 डॉक्टर।
करीबी रिश्तेदार: साध्वी के कजन, मैनेजर सहित परिवार के 7 सदस्य।
डिजिटल फुटप्रिंट: सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाले 4 हैंडलर।
अन्य: आस-पड़ोस के 5 लोग और 6 ऐसे व्यक्ति जिनके यहाँ साध्वी रुकी थीं या जो उनके संपर्क में रहे।
विसरा रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गुत्थी को सुलझाने में विसरा रिपोर्ट की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा और जांच को एक निश्चित दिशा मिल सकेगी। फिलहाल, पुलिस संदेह के घेरे में आए 5 व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर रही है।
“जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जा रही है। साक्ष्यों के मिलान के लिए हम वैज्ञानिक तरीकों (DNA और पॉलीग्राफ) से भी पीछे नहीं हटेंगे। सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।” — छवि शर्मा, एसीपी

सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़

सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़

सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़
सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़

जोधपुर। राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जिला मुख्यालय के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय विशेष शिविर का समापन ‘मेगा कैंप फायर’ के साथ हुआ। यह शिविर विशेष रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष आवश्यकता वाले सामाजिक वर्गों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था।जीवन की चुनौतियों का सामना करने का मंत्र शिविर के अंतिम दिन विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और जिला सचिव डॉ. बी.एल. जाखड़ ने कहा कि स्काउट गाइड प्रशिक्षण का असली उद्देश्य प्रतिस्पर्धा की दौड़ में भागना नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर जीवन जीने की कला सीखना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्काउटिंग विद्यार्थियों को भौतिक संसाधनों के अभाव में निराश होने के बजाय मुस्कुराहट के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाती है।
सांस्कृतिक मूल्यों और साहसिक गतिविधियों का संगम
सहायक राज्य संगठन आयुक्त छतर सिंह पडियार ने ‘कैंप फायर’ को जीवन में मनोरंजन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने स्काउट्स से मानवीय सेवाओं, यातायात नियंत्रण और अस्पताल जैसे सेवा स्थलों पर अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़
सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़

शिविर की मुख्य गतिविधियाँ और उपलब्धियां
शिविर संचालक राजेंद्र कुमार लिंबा ने पांच दिवसीय गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विजेताओं की घोषणा की। ज्ञानेंद्रियों के खेल: अरविंद और विनीता ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कार्ड मेकिंग प्रतियोगिता: गुलाब टोली प्रथम स्थान पर रही।
प्रशिक्षण सत्र : प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चलने वाले सत्रों में साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ बिना बर्तन के भोजन बनाना, जंगल सफारी, कैंप क्राफ्ट और आधुनिक तकनीक जैसे सूचना प्रौद्योगिकी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
नि:शुल्क सुविधाओं का लाभ : इस शिविर में कुल 130 विद्यार्थियों (90 स्काउट और 40 गाइड) ने भाग लिया। राज्य मुख्यालय द्वारा प्रदत्त वित्तीय अनुदान के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को नि:शुल्क पोशाक, आवास, भोजन और यात्रा व्यय का पुनर्भरण किया गया।
शिविर के सफल संचालन में लीला चौधरी, प्रतिभा, ममता शर्मा, राजकुमार जोशी, बिशन सिंह प्रजापति और अन्य प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। व्यवस्था संबंधी कार्यों का जिम्मा भीख सिंह राजपुरोहित और रामविलास सैनी ने संभाला।

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव
बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

पटना । बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन को शनिवार को पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) शिफ्ट किया गया है। गिरफ्तारी के बाद सांसद की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, उसके बाद रात को उन्हें पुलिस पटना के आईजीआईएमएस लेकर पहुंची थी। शुक्रवार की देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया था। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीतिक दबाव में ऐसी कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, सांसद के निजी सचिव ने आरोप लगाया है कि उन्हें रात भर स्ट्रेचर पर गुजारनी पड़ी। पप्पू यादव के फेसबुक पेज पर उनके हवाले से लिखा गया, “रात भर आईजीआईएमएस में स्ट्रेचर पर रखने के बाद पटना पुलिस अभी सांसद पप्पू यादव को पीएमसीएच ले जा रही है. नीट बेटी की लड़ाई लड़ने के लिए उनके साथ सत्ता और प्रशासन के लोग ऐसा साजिश कर रहे हैं और उन्हें मारने की साजिश रच चुके हैं।”

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव
बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

उन्होंने आगे लिखा कि इलाज के लिए पटना पुलिस ने सांसद को स्ट्रेचर पर रखा। पटना पुलिस उन्हें बेड तक नहीं दिला सकी आईजीआईएमएस में। ये बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था है। बता दें कि बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार की देर रात पटना के मंदिरी स्थित आवास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव शुक्रवार की शाम पटना पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक, उन्हें 1995 के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला गर्दनीबाग थाना से जुड़ा है, जो पहले पुरानी भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज था और अब भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत चल रहा है। इस मामले में सांसद पर आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी का आरोप है। बताया जा रहा है कि अदालत में सुनवाई जारी थी, लेकिन सांसद की लगातार गैरहाजिरी चल रही थी।

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां
द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां

नईदिल्ली। दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले की डाबड़ी पुलिस ने द्वारका में एक वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे की कार्रवाई में 11 युवतियों को मुक्त कराया जिनमें पांच नाबालिग बच्चियां थीं। पुलिस ने यह कार्रवाई एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन से मिली पुख्ता जानकारियों के बाद की जिसके सदस्यों ने फर्जी ग्राहक बनकर इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई। इन लड़कियों को बेहतर अवसरों और नौकरी का झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम और उत्तर प्रदेश से लाया गया था। पुलिस ने छापे में आठ ग्राहकों और मौके से दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनके इस अड्डे का संचालक होने का शक है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की ट्रैफिकिंग की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस स्तब्ध रह गई जब एक लड़की बदहवास हालत में आलमारी में बंद मिली। मौके से कंडोम के पैकेट और सात कुत्ते भी मिले। एफआईआर के अनुसार, इन सभी को बंधुआ हालत में कैद करके रखा गया था और उन्हें कहीं भी मर्जी से जाने की इजाजत नहीं थी। वेश्यावृत्ति का यह अड्डा जिस घर से चल रहा था, वह चारों तरफ से बंद था और कुत्तों को शायद इसलिए रखा गया था कि कोई यहां से भाग नहीं पाए। छापेमारी के दौरान आलमारी से मिली लड़की बदहवास हालत में थी और डर के मारे कांप रही थी। काउंसलिंग के दौरान लड़कियों ने बताया कि उन्हें डरा धमका कर व लगातार कड़ी निगरानी में रखा जाता था और किसी को भी घर से बाहर कदम रखने की इजाजत नहीं थी।
राजधानी में 0देह व्यापार में लिप्त गिरोहों में ट्रैफिकिंग के जरिए लाए गए बच्चों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, “यह प्रकरण मौजूदा हालात की गंभीरता की ओर इशारा करता है। बच्चों को पड़ोसी राज्यों से बहला फुसला कर ट्रैफिकिंग के जरिए लाया जाता है और उन्हें अमानवीय स्थितियों में धकेल दिया जाता है।

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां
द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां


कानून लागू करने वाली एजेंसियां तत्परता से अपना काम कर रही हैं लेकिन हमें यह यह ध्यान रखने की जरूरत है कि ट्रैफिकिंग एक संगठित अपराध है जिसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। ऐसे में हमारी रणनीति सुव्यवस्थित और बहुआयामी हो और छानबीन एक तय समयसीमा में होनी चाहिए। जब तक सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता, तब तक ट्रैफिकिंग और शोषण के ये गिरोह इसी तरह बेखौफ चलते रहेंगे।”
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) देश में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के 250 से भी ज्यादा सहयोगी संगठन ट्रैफिकिंग व शोषण के अन्य स्वरूपों से बच्चों की सुरक्षा के लिए देश के 450 से भी ज्यादा जिलों में काम कर रहे हैं।
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन ने पुलिस से सूचना साझा करने से पहले गहन छानबीन की ताकि जुटाए गए सबूत ठोस व प्रमाणिक हों। पर्याप्त जानकारी जुटाने के बाद इसके सदस्यों ने फर्जी ग्राहक बन कर इस अड्डे के संचालकों से बात की। इन संचालकों ने उन्हें कुछ लड़कियों के फोटो भेज कर पसंद की लड़की चुनने को कहा जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यहां ट्रैफिकिंग और वेश्यावृत्ति का अड्डा चल रहा है। टीम ने तुरंत इसकी सूचना दक्षिण पश्चिम दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर को दी। इसके बाद महिलाओं व बच्चों के लिए पुलिस की विशेष यूनिट ने छापे की कार्रवाई कर इन सभी लड़कियों को मुक्त कराया।

ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद
ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के थाना इकोटेक-3 क्षेत्र में शुक्रवार देर रात को पुलिस और एक शातिर अपराधी के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल बदमाश की पहचान संजीव उर्फ सनी उर्फ रॉकी उर्फ मौत पुत्र अशोक, निवासी ग्राम तिलोटी, थाना सासनी, जिला हाथरस के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और वह कई जिलों में दर्जनों चोरी व लूट की घटनाओं में वांछित रहा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को थाना इकोटेक-3 पुलिस बिजली घर जलपुरा के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से एक संदिग्ध होंडा सिटी कार आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा वाहन को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे मोड़कर भागने का प्रयास किया। पीछा करने के दौरान रास्ते में पानी भरा होने के कारण गाड़ी फंस गई। अपने आप को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।

ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद
ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू में लेकर मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक चैन, एक दीवार घड़ी, कपड़े, मेकअप किट, एक होंडा सिटी कार (नंबर यूपी 16 एजे 1757) तथा एक तमंचा .315 बोर और एक जिंदा और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में बरामद सामान चोरी का बताया जा रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संजीव उर्फ सनी के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और अलीगढ़ जनपद के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट, चोरी, लूट और नकबजनी समेत कुल 27 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त से पूछताछ के बाद कई अन्य चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत
मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

लालसोट। मंडावरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेंकोटा–सवाई माधोपुर मेगा हाईवे पर गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। रायपुरा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पिकअप चालक वाहन सहित फरार होने में कामयाब रहा।मंडावरी थाना पुलिस के एएसआई कैलाश मीणा के अनुसार, सवाई माधोपुर की ओर से आ रही पिकअप ने सामने से आ रहे बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत
मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की हुई पहचान पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त डीडवाड़ी निवासी मोहर सिंह गुर्जर और गालाद निवासी इरफान खान के रूप में की है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार सुबह मंडावरी उप जिला अस्पताल में मेडिकल टीम द्वारा दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई परिजनों की शिकायत पर मंडावरी पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से फरार वाहन और चालक की तलाश कर रही है।

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार
मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार

शिलांग । ईस्ट जयंतिया हिल्स कोयला खदान हादसे मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों लोग उस अवैध कोयला खदान के मालिक बताए जा रहे हैं, जहां एक जबरदस्त धमाके में 18 लोगों की जान चली गई थी। गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने कहा कि आरोपियों को बुधवार सुबह थांगस्को इलाके में हुए ब्लास्ट के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की पहचान बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों की डिटेल्स सार्वजनिक की जाएंगी। अवैध कोयला खदान में हुए धमाके में अब तक 18 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है।
इससे पहले, घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए हाई कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी का आदेश दिया था। जस्टिस एचएस थांगख्यू और जस्टिस डब्ल्यू डिंगडोह की एक डिवीजन बेंच ने थांगस्कू इलाके में हुए ब्लास्ट से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लिया।
कोर्ट ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि इस साल 14 जनवरी को हुई एक पिछली जानलेवा घटना के बावजूद जिले में अभी भी अवैध कोयला खनन गतिविधियां चल रही हैं, जो खनन प्रतिबंधों और कोर्ट के निर्देशों के लगातार उल्लंघन का संकेत देता है।

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार
मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार


बेंच ने इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस को बिना किसी देरी के कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को खदान मालिकों, ऑपरेटरों और कथित अवैध खनन कार्यों में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अधिकारियों को खनन गतिविधि से जुड़े सभी उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने का भी निर्देश दिया।
तत्काल राहत उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कोर्ट ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि घायल सहित सभी प्रभावित व्यक्तियों को, जहां भी संभव हो, तत्काल चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
वहीं, जवाबदेही पर एक कड़ा संदेश देते हुए बेंच ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को 9 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के लिए बुलाया। साथ ही, अधिकारियों से अब तक उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, जिसमें की गई गिरफ्तारियां, की गई जब्ती और जिले में अवैध कोयला खनन जारी रहने से रोकने के लिए अपनाए गए उपाय शामिल हैं।
कोर्ट ने अधिकारियों से यह भी सवाल किया कि पिछली घटनाओं और मौजूदा कानूनी पाबंदियों के बावजूद ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियां कैसे जारी रहने दी गईं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर अधिकारी ठोस और असरदार कार्रवाई करने में नाकाम रहे, तो सख्त निर्देश दिए जाएंगे।

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद
दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद

नई दिल्ली। साउथ-वेस्ट जिला पुलिस ने संगठित मोबाइल फोन चोरी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना सरोजिनी नगर की टीम ने इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। आरोपियों के कब्जे से 13 आईफोन समेत चोरी के 46 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए हैं। दरअसल, 27 दिसंबर 2025 को सरोजिनी नगर मार्केट से मोबाइल चोरी की एक ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिसमें दो संदिग्ध शिकायतकर्ता के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दिए। इसके बाद, 28 दिसंबर को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर एसआई अनूप कुमार और एचसी राजेंद्र ने सरोजिनी नगर मार्केट के गेट नंबर-2 के पास से 15 वर्षीय नाबालिग को पकड़ा। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि चोरी किए गए मोबाइल वह अभिषेक कुमार उर्फ शुभम (27) को सौंप देता था। इस खुलासे के बाद सरोजिनी नगर के एसएचओ अतुल त्यागी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। एसीपी/सफदरजंग एन्क्लेव की निगरानी में गाजीपुर, पूर्वी दिल्ली स्थित आरोपियों के किराए के मकान पर छापेमारी की गई। यहां से आरोपी अभिषेक कुमार उर्फ शुभम को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के दौरान चोरी के 34 मोबाइल फोन और मोबाइल के 23 कवर बरामद किए गए।

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद
दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद


पुलिस ने तकनीकी निगरानी, आईएमईआई ट्रैकिंग और सीईआईआर पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए अलग-अलग स्थानों से 12 और चोरी के मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए। सभी कानूनी औपचारिकताओं, दस्तावेजी सत्यापन और स्वामित्व की पुष्टि के बाद कुल 46 मोबाइल फोन सरोजिनी नगर थाने में उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।
पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी सर्दियों के मौसम में भीड़भाड़ वाले बाजारों को निशाना बनाते थे। चोरी के दौरान हाथों की गतिविधि छिपाने के लिए पॉलीथीन शीट का इस्तेमाल किया जाता था और जैकेट या कोट की जेब से मोबाइल बड़ी सफाई से निकाल लिया जाता था। चोरी के मोबाइल तुरंत मुख्य आरोपी को सौंप दिए जाते थे, जिन्हें पहचान से बचाने के लिए बिचौलियों के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश भेजने की तैयारी की जाती थी।
पुलिस की इस कार्रवाई से सरोजिनी नगर, हौज खास, राजेंद्र नगर, कृष्णा नगर, कोतवाली, पालम विलेज, जामिया नगर, तिमारपुर और स्वरूप नगर थानों में दर्ज कुल 10 ई-एफआईआर मामलों का खुलासा किया गया है। शेष 37 मोबाइल फोन विभिन्न लॉस्ट रिपोर्ट्स से जुड़े पाए गए।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह सफल अभियान साउथ-वेस्ट जिला पुलिस की तकनीकी दक्षता, पेशेवर जांच और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का उदाहरण है। जिला पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वह जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए इसी तरह परिणामोन्मुखी कार्रवाई करती रहेगी।