जोधपुर : घोड़ों का चौक में सर्राफा दुकान पर चोरी, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
जोधपुर। शहर के भीतरी इलाके घोड़ों का चौक में स्थित एक सोना-चांदी की दुकान पर बीती रात अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना से स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दुकान का मुआयना किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अज्ञात चोरों ने दुकान के सुरक्षा इंतजामों को धता बताते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब दुकान के भीतर और आसपास की गलियों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों के आने-जाने के मार्ग और उनकी पहचान का सुराग मिल सके।
जोधपुर : घोड़ों का चौक में सर्राफा दुकान पर चोरी, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
नुकसान का आकलन जारी चोरी गए सोने-चांदी के गहनों और नकदी की सही मात्रा के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और दुकानदार मिलकर स्टॉक का मिलान कर रहे हैं, जिसके बाद ही कुल नुकसान का सटीक आकलन हो सकेगा। इलाके में भारी भीड़ भीतरी शहर के प्रमुख सर्राफा बाजार में चोरी की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। पुलिस प्रशासन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
दिल्ली के नांगलोई में डीटीसी बस ने कई लोगों को कुचला, दो की मौत
नई दिल्ली, । बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। नांगलोई–नजफगढ़ रोड पर थाना निहाल विहार क्षेत्र के कमरुद्दीन नगर गांव मोड़ के पास डीटीसी की एक बस ने कई लोगों को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। डीटीसी बस तेज रफ्तार में आ रही थी। इस दौरान बस ने पहले एक स्कूटर सवार युवक को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बस आगे बढ़ते हुए एक ई-रिक्शा और सड़क किनारे मौजूद कुछ लोगों को भी अपनी चपेट में लेती चली गई। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए। हादसे से नाराज लोगों ने बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और गुस्से में बस में आग भी लगा दी।
दिल्ली के नांगलोई में डीटीसी बस ने कई लोगों को कुचला, दो की मौत
स्थिति को काबू में करने के लिए दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। डीसीपी विक्रम सिंह और ज्वाइंट सीपी जतिन नरवाल ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किस वजह से हुआ और बस चालक की क्या भूमिका रही। फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। इस हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई थी, लेकिन फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
जोधपुर : अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट, बिश्नोई महासभा अध्यक्ष पर ‘थप्पड़बाजी’ का आरोप, वीडियो वायरल
जोधपुर। मेडी प्लस अस्पताल में मरीज की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। अस्पताल परिसर में ड्यूटी कर रहे हेल्थकेयर स्टाफ के साथ मारपीट और अभद्रता की एक शर्मनाक घटना सामने आई है। आरोप है कि बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया ने अस्पताल के इमरजेंसी (EMR) वार्ड में तैनात नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की और उन्हें थप्पड़ जड़े। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर मारपीट और हंगामा होता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और नर्सिंग संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्टाफ का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ इस तरह की हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जोधपुर : अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट, बिश्नोई महासभा अध्यक्ष पर ‘थप्पड़बाजी’ का आरोप, वीडियो वायरल
हेल्थकेयर स्टाफ में रोष अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उनका कहना है कि एक तरफ जहाँ वे विपरीत परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन पर इस तरह के हमले किए जा रहे हैं। स्टाफ ने प्रशासन से मांग की है कि कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। तनावपूर्ण स्थिति उल्लेखनीय है कि एक ओर बिश्नोई समाज के लोग देवेंद्र बुढ़िया पर हुए कथित हमले को लेकर धरने पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर नर्सिंग स्टाफ के साथ हुई इस मारपीट ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों और वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
नागौर कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, चप्पा-चप्पा खंगाला गया
नागौर,। राजस्थान के नागौर कोर्ट को बम धमकी मिलने के बाद सोमवार को पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे परिसर को खाली करवा कर जांच शुरू कर दी। कोर्ट परिसर में तकनीक और डॉग स्क्वाड की मदद से हर एरिया की जांच की जा रही है ताकि जान और संपत्ति पर खतरा कम से कम हो। पुलिस ने बताया कि धमकी भरा ईमेल कहां से आया, इसकी भी पुष्टि की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ईमेल सीधे कोर्ट में आया था और उसके बाद बाकी कोर्ट को अलर्ट कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, धमकियां ज्यादातर ईमेल के जरिए आ रही हैं और अभी तक उनका सोर्स पता नहीं चल पाया है। कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला कि धमकी कहां से आ रही है और क्यों दी जा रही है। जब भी ऐसे थ्रेट्स आते हैं तो पूरी सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा जाता है। ऐसे में हमारा फोकस यही रहता है कि अगर थ्रेट एक्टिव भी हो जाए तो नुकसान को मिनिमम किया जा सके।
नागौर कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, चप्पा-चप्पा खंगाला गया
एक वकील ने बताया कि धमकियों का सिलसिला पिछले एक महीने से चल रहा है। यह दूसरी बार है जब नागौर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस दौरान कोर्ट की कार्यवाही प्रभावित हुई है और जमानत और अन्य मामलों में देरी हुई है। सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स कोर्ट परिसर में हर गतिविधि पर नजर रख रही है। उनका कहना है कि असली चुनौती है इस धमकी के सोर्स का पता लगाना। सरकार और संबंधित एजेंसियों को चाहिए कि मेल का सोर्स जल्दी से जल्दी पता करे। पिछले कुछ समय में ऐसी धमकियां जोधपुर, जयपुर, बीकानेर में भी मिली हैं। ऐसी धमकियों से कोर्ट और प्रशासन पर बहुत असर पड़ रहा है। पुलिस और कोर्ट स्टाफ पूरी मेहनत कर रहे हैं कि सुरक्षा में कोई कमी न आए और प्रशासनिक काम प्रभावित न हो, लेकिन बिना सोर्स का पता चले, ये धमकियां लगातार चिंता का कारण बन रही हैं। वकील और कोर्ट स्टाफ का कहना है कि प्रशासन और एजेंसियों को मिलकर इस सोर्स की पहचान करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी धमकियों से बचा जा सके।
वजीराबाद रोड पर चार बदमाश कैश से भरा बैग लेकर फरार, पुलिस ने दर्ज किया मामला
खास खबर। नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में शनिवार देर शाम चार बदमाश एक व्यक्ति से पैसे लूटकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार की शाम पुलिस स्टेशन खजूरी खास को मुख्य वजीराबाद रोड पर लूट की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता अविनाश (27) ने तहरीर में बताया है कि वह ओल्ड सीलमपुर, चांदनी चौक क्षेत्र में एक स्क्रैप डीलर के पास कलेक्शन एजेंट के रूप में काम करता है। वह अपनी स्कूटी पर विभिन्न जगहों से कलेक्ट किया गया कैश लेकर जा रहा था। जब वह मेन वजीराबाद रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम के पास पहुंचा, तभी अचानक दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अज्ञात युवकों ने उसे रोक लिया।
वजीराबाद रोड पर चार बदमाश कैश से भरा बैग लेकर फरार, पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे घेर लिया और धमकाकर उसके पास मौजूद कैश से भरा बैग छीन लिया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से तेजी से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी सबूत एकत्र किए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। इस संबंध में पुलिस स्टेशन खजूरी खास में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309/3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आस-पास के लोगों से पूछताछ में कुछ सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही वह जिस बाइक से आई थी, उसके बारे में भी कुछ जानकारी मिली है।
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार रात करीब दो अपराधियों ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के टीटॉस रेस्टोरेंट के भीतर अंधाधुंध फायरिंग की। घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मनीष गोप के रूप में हुई है, जो रेस्टोरेंट में वेटर का काम करता था। बताया जा रहा है कि अपराधी रेस्टोरेंट मालिक राजकुमार गोप की हत्या के इरादे से पहुंचे थे। उन्हें 25 दिसंबर को गैंगस्टर प्रिंस खान ने एक करोड़ की रंगदारी के लिए धमकी दी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वारदात के पीछे प्रिंस खान का गिरोह हो सकता है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। घटना को दो अपराधियों ने अंजाम दिया, जो बाइक से रात करीब 8.30 बजे रेस्टोरेंट पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक आरोपी बाइक स्टार्ट कर सड़क किनारे खड़ा रहा, जबकि दूसरा आरोपी रेस्टोरेंट के अंदर घुस गया और वहां फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक गोली मनीष गोप के पेट में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग होते ही रेस्टोरेंट के अंदर अफरातफरी मच गई।
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, वेटर की मौत; गैंगस्टर प्रिंस खान ने मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी
हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से बाहर निकला और बाइक पर बैठे अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। घटना के बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारी घायल मनीष गोप को राज अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी पारस राणा, हटिया डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जांच के दौरान वहां से गोली के तीन खोखे बरामद किए हैं। होटल सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, हालांकि देर रात तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली थी। रेस्टोरेंट संचालक राज कुमार गोप ने आशंका जताई है कि हमलावर संभवतः उन्हें निशाना बनाने आए थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 25 दिसंबर को प्रिंस खान के नाम पर उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय पुलिस से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत की थी, जिसके बाद एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था। राज कुमार गोप के मुताबिक, रंगदारी की शिकायत के बाद उन्हें कुछ समय के लिए पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन बाद में बॉडीगार्ड वापस ले लिया गया। उनका कहना है कि रंगदारी मांगने के बाद से उन्हें लगातार धमकी भरे फोटो और वीडियो भी भेजे जाते रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रंगदारी के एंगल से भी घटना को जोड़कर देखा जा रहा है। –
यूपी : 12वीं की छात्रा को गोली मारने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक 12वीं की छात्रा पर हमले के मामले में पुलिस ने गुरुवार देर रात आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से एक अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। इस मामले में आरोपी की पहचान मनदीप के रूप में हुई है। उसे एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पकड़ने में सफलता मिली।
जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ कलवारी थाना क्षेत्र के माझा इलाके में तब हुई, जब पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि छात्रा को गोली मारने वाला आरोपी इलाके में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की।
इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मनदीप के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मनदीप के पास से एक अवैध हथियार भी बरामद हुआ है। जांच में सामने आया कि मनदीप और 12वीं की छात्रा के बीच प्रेम संबंध था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था, जिसके चलते गुस्से में आए मनदीप ने छात्रा के घर में घुसकर उस पर गोली चला दी। गोली लगने से छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना के दौरान आरोपी ने छात्रा की मां पर भी फायरिंग की, लेकिन गोली उन्हें नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गईं। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घायल छात्रा कलवारी थाना क्षेत्र के बैडारी एहतमाली गांव की रहने वाली है।
यूपी : 12वीं की छात्रा को गोली मारने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी और स्वाट टीम को लगाया। लगातार दबिश के बाद पुलिस को आखिरकार सफलता मिली। इस कार्रवाई में पुलिस ने इलाके की निगरानी, संदिग्धों की तलाश और गुप्त स्रोतों से मिली जानकारी का उपयोग किया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई और गहन जांच महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के प्रेम विवाद के कारण हुई यह घटना गंभीर है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
घटना ने इलाके में सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। स्थानीय पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह की हिंसक घटनाओं को रोका जा सके।
इस गिरफ्तारी और मुठभेड़ के बाद बस्ती जिले में पुलिस की सक्रियता और तत्परता को लेकर जनता में विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि आरोपी से पूछताछ के बाद घटना में शामिल अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जाएगा और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ प्राथमिक आरोप हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने का है। इसके साथ ही, प्रेम विवाद के कारण हुए इस हमले की भी जांच की जा रही है। आरोपी के मोबाइल और अन्य साक्ष्यों को भी कब्जे में लिया गया है, ताकि घटना के सभी पहलुओं को उजागर किया जा सके।
इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रेम विवाद जैसी व्यक्तिगत घटनाएं भी गंभीर हिंसक अपराधों का रूप ले सकती हैं। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में सतर्कता और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मनदीप की गिरफ्तारी के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ेगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी कानूनी उपाय अपनाए जाएंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ जल्द ही मामला दर्ज किया जाएगा और अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
घटना के दौरान घायल छात्रा की हालत गंभीर रही, लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि उसका इलाज तेजी से चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर है। पुलिस ने कहा कि आरोपी से पूछताछ के दौरान और सबूत इकट्ठा किए जाएंगे, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इस तरह, बस्ती में 12वीं की छात्रा पर हमले के इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और गहन जांच से ही समाज में अपराध पर काबू पाया जा सकता है।
अरुणाचल प्रदेशः पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की हत्या कर बस स्टैंड पर शव फेंका
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में एक सरकारी कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की जांच टीमों को सक्रिय कर दिया है। मृतक बागांग, जो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) के पद पर तैनात था, का शव इटानगर-होलोंगी एनएच-415 पर स्थित बस स्टैंड के पास पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना, लेकिन जांच के आगे बढ़ने के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। ईटानगर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) तुम्मे अमो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच में मिले कुछ संकेत हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। डीआईजी ने कहा कि रंजिश में हत्या किए जाने की संभावना जताई जा रही है और पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी साझा की जाएगी।
डीआईजी तुम्मे अमो ने बताया कि घटनास्थल से कुछ अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। मृतक के पास कोई सुसाइड नोट या अन्य स्पष्ट सबूत नहीं मिला। हालांकि, शव पर पाए गए चोट के निशान और घटनास्थल पर मिले सुराग पुलिस को हत्या की ओर संकेत कर रहे हैं।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का अध्ययन शुरू कर दिया है। साथ ही, घटनास्थल के गवाहों से बयान भी लिए जा रहे हैं। इस घटना के संदर्भ में पीडब्ल्यूडी और स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी ली है। मृतक बागांग के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है, और पुलिस उनकी सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित कर रही है।
जांच में यह देखा गया कि मृतक की पेशेवर जिम्मेदारियों के अलावा, व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों से किसी प्रकार की रंजिश या विवाद की संभावना भी हो सकती है। डीआईजी ने कहा कि हत्या की संभावनाओं पर ध्यान देते हुए पुलिस गहन जांच कर रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के लिए कई तरीकों का उपयोग कर रही है।
अरुणाचल प्रदेशः पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की हत्या कर बस स्टैंड पर शव फेंका
इस बीच, ईटानगर और आसपास के इलाकों में पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है और घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह घटना उस समय सामने आई है जब हाल ही में तिराप जिले में सुरक्षा बलों के सामने एक उग्रवादी ने आत्मसमर्पण किया। 3 मार्च को, प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) के एक हार्डकोर उग्रवादी ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। उसकी पहचान स्वयंभू सेकेंड लेफ्टिनेंट बिटुल बरुआ (31) के रूप में हुई। उसने अपने पास मौजूद एक 40 कैलिबर पिस्तौल, एक मैगजीन और दो गोलियां सुरक्षा बलों को सौंप दीं। इस घटना के बाद राज्य में सुरक्षा बलों की सतर्कता और बढ़ गई है।
पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि मृतक बागांग की मौत की परिस्थितियों की जांच में हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। जांच टीम शव के मेडिकल रिपोर्ट, चोट के स्वरूप और घटनास्थल के सुरागों को मिलाकर संभावित हत्यारों की पहचान कर रही है। इसके अलावा, पुलिस स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों और पुलिस टीम के साथ मिलकर आपातकालीन जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल गहन जांच के अधीन है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का अध्ययन करना जरूरी है। डीआईजी तुम्मे अमो ने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई नया सुराग मिलेगा, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
इस घटना ने ईटानगर में सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस का मानना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए ताकि अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को रोका जा सके।
अंततः, मृतक की मौत की जांच अब हत्या की संभावनाओं के आधार पर चल रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है—जांच में घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और शव पर चोट के निशान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले का सच जल्द ही सामने आएगा और जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
यह मामला अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में सुरक्षा, सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को फिर से रेखांकित करता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या हिंसक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर या उनसे बेहतर काम कर रही हैं : जी.एस. मलिक
अहमदाबाद: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले अहमदाबाद में महिला सशक्तीकरण को लेकर कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद सिटी पुलिस ने इस अवसर पर महिलाओं को सम्मान देने और उनके योगदान को उजागर करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया है। इस कड़ी में शुक्रवार को महिला बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक भी उपस्थित रहे।
पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक ने इस अवसर पर बताया कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है और इसे ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद पुलिस ने महिलाओं के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले पुलिस वॉकथॉन का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। इस वॉकथॉन का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और एकजुटता की भावना को भी मजबूत करना था।
इसके बाद अहमदाबाद पुलिस ने शहर में काम करने वाली सभी महिलाओं के लिए हेल्थ चेकअप कैंप भी आयोजित किया। इस कैंप का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि महिला पुलिसकर्मियों की सेहत पर भी ध्यान दिया जाए, क्योंकि उनका काम तनावपूर्ण होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी होता है। जी.एस. मलिक ने कहा कि हेल्थ चेकअप कैंप के माध्यम से पुलिस यह संदेश देना चाहती है कि महिला पुलिसकर्मी केवल कार्यस्थल पर ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी स्वस्थ और सुरक्षित रहें।
महिला बाइक रैली की विशेषता यह थी कि इसमें शामिल सभी बाइकर्स महिलाएं थीं। यह रैली न केवल महिला सशक्तीकरण का प्रतीक थी बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और साहस का भी संदेश दे रही थी। बाइक रैली में महिला पुलिसकर्मियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग लिया और शहर में एक स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम कर सकती हैं।
जी.एस. मलिक ने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ बराबरी से काम कर रही हैं और कई मामलों में पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। महिला पुलिसकर्मी न केवल मामलों की जांच में दक्ष हैं, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
पुलिस कमिश्नर ने यह भी जोर देकर कहा कि महिलाओं के सामने सिर्फ नौकरी की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि घर की जिम्मेदारी भी होती है। इसके बावजूद महिलाएं दोनों भूमिकाओं को बड़ी कुशलता और संतुलन के साथ निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं का योगदान कभी भी पुरुषों से कम नहीं है। महिलाएं किसी भी मामले में पीछे नहीं हैं और उनकी कार्यक्षमता और समर्पण विभाग के लिए अत्यंत मूल्यवान है।
आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर या उनसे बेहतर काम कर रही हैं : जी.एस. मलिक
जी.एस. मलिक ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि ऐसे कार्यक्रमों का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब महिलाएं अपने कौशल और क्षमता का प्रदर्शन करती हैं, तो समाज में जागरूकता बढ़ती है और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।
इस महिला बाइक रैली में शहर की सड़कों पर महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। रैली में महिला पुलिसकर्मी और नागरिक महिलाओं ने भाग लिया और यह रैली शहरवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। इस तरह की पहल से यह संदेश जाता है कि महिलाएं किसी भी चुनौती को स्वीकार करने और उसे पार करने में सक्षम हैं। रैली के दौरान महिलाओं ने न केवल सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन किया बल्कि एकजुटता और समर्पण का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।
जी.एस. मलिक ने कहा कि पुलिस विभाग ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों की प्रेरणा बढ़ाने का प्रयास करता है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनका प्रदर्शन लगातार सराहनीय रहा है। इसके साथ ही, महिला पुलिसकर्मियों को अन्य प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल आधिकारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर स्तर तक फैलना चाहिए। महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिलना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में महिलाओं के लिए जागरूकता पैदा करते हैं और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाते हैं।
महिला बाइक रैली और हेल्थ चेकअप कैंप जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। जी.एस. मलिक ने यह भी कहा कि महिलाओं को प्रोत्साहित करने और उनके योगदान को मान्यता देने से समाज में संतुलन और समानता की भावना बढ़ती है।
अहमदाबाद पुलिस के इन कार्यक्रमों का उद्देश्य यह है कि महिलाएं न केवल अपने पेशेवर जीवन में सफल हों, बल्कि समाज में भी सम्मान और सुरक्षा का अनुभव करें। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलता है।
अंत में, जी.एस. मलिक ने कहा कि महिला सशक्तीकरण सिर्फ एक दिन या सप्ताह का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। पुलिस विभाग इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है और महिला पुलिसकर्मियों की भलाई, सुरक्षा और विकास के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में ऐसे कार्यक्रम और भी व्यापक रूप में आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो और उनका योगदान हर क्षेत्र में दिखाई दे।
खंडवा में विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद थाने में हंगामा, 47 पर मामला दर्ज
खंडवा । मध्यप्रदेश के खंडवा में इंस्टाग्राम पर की गई एक पोस्ट को लेकर गुरुवार देर शाम जमकर हंगामा हुआ। पैगम्बर साहब पर की गई अमर्यादित टिप्पणी की पोस्ट को लेकर मुस्लिम युवाओं ने मोघट थाना पर जमाकर हंगामा किया। इसी बीच भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और 22 नामजद और 25 अज्ञात आरोपियों पर गम्भीर धाराओं में मामला दर्ज किया। दरअसल, प्रभाकर शिंदे नाम के एक इंस्टाग्राम सोशल मीडिया अकाउंट से पैगम्बर साहब पर टिप्पणी की गई थी, जिससे मुस्लिम युवा भड़के हुए थे और वे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसको लेकर सिंघाड़ तलाई निवासी मुजाहिद कुरेशी के द्वारा थाना मोघट में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 299 के तहत प्रभाकर शिंदे पर मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन विरोध कर रहे युवा यहीं नहीं रुके और आरोपी के घर बुलडोजर चलाये जाने की मांग पर अड़ गए। भीड़ ने थाना परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया और नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मामला संभाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया । इधर सूचना पर कोतवाली और पदम नगर थाना का पुलिस बल सहित रिजर्व बल भी मौके पर पहुंचा, जिसके बाद एएसपी, सीएसपी, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। घटना के बाद पुलिस ने विरोध दर्ज कराने पहुंचे मुस्लिम नेताओं समेत 47 लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, हथियार लेकर बवाल करने, शासकीय कर्मचारियों को चोट पहुंचाने, जान बूझकर रास्ता रोकने जैसी कई गम्भीर धाराओं में 22 नामजद एवं अन्य 25 लोगों पर मामला दर्ज किया।
खंडवा में विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद थाने में हंगामा, 47 पर मामला दर्ज
जिन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें सोहेल नामक निवासी परदेशीपुरा, सोहेल निवासी हाउसिंग बोर्ड, मलिक जर्मन निवासी इमलीपुरा, कासीम पिता इमरान डाली निवासी घासपुरा, मोहसिन लाला पिता इमरान डाली निवासी घासपुरा, आमीर पिता नब्बु बेकरी वाला निवासी मोघट थाने के पीछे, सोहेब पिता जमील निवासी इमलीपुरा मून्नू टी स्टाल के पास, सरफरोश पिता फिरोज कुरैशी निवासी स्लाटर हाउस के पास इमलीपुरा, सलीम बुरहानपुरी निवासी शक्कर तालाब, जसीम निवासी मोघट थाने के पीछे, मुजाहीद कुरैशी निवासी सिंघाड तलाई, गोलु इक्का पंचर दुकान वाला शिवाजी चौक, साहील पिता युनुश निवासी इमलीपुरा, आदिल मंसूरी निवासी उटकुआ, जाहीद पूर्व एआईएमआईएम पार्टी शहर अध्यक्ष निवासी शक्कर तालाब, शेख फराज निवासी अमन नगर खण्डवा, कासीम पिता जाकीर पाईप निवासी खानशावाली, अजहर खान निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी, अफसाना पति युसुफ निवासी खानशावाली, आदनान निवासी घासपुरा, गुडडू निवासी इमलीपुरा, मुदस्सर पिता शेख नईम निवासी सिंघाड तलाई एवं अन्य 25 लोग शामिल हैं जिन पर बीएनएस की धारा 121(1), 125, 126(2), 132, 190, 191(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है ।