दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

Spread the love !!!
दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा
दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

दौसा। अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ अंततः मुजरिम के गिरेबान तक पहुँच ही जाते हैं। दौसा की कोतवाली पुलिस ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए दो अलग-अलग सफल कार्रवाइयों में वर्षों से फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को और गहरा करती है। 

25 साल बाद सलाखों के पीछे ‘रोडवेज बस लूट’ का आरोपी समय बीत सकता है, लेकिन पुलिस की फाइलें कभी बंद नहीं होतीं। कोतवाल भगवान सहाय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है जो साल 2001 से अधूरी थी। 24 जुलाई 2001 की वह रात, जब जयपुर-अलीगढ़ रोडवेज बस के यात्रियों और चालक को डरा-धमकाकर लूटा गया था

दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा
दौसा पुलिस का अटूट संकल्प : दशकों पुराने अपराधियों पर कानून का शिकंजा

, उसका मुख्य आरोपी गंभीर सिंह यादव आखिरकार 25 साल बाद पकड़ा गया। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से ताल्लुक रखने वाला यह आरोपी ढाई दशक तक पुलिस की आँखों में धूल झोंकता रहा, लेकिन दौसा पुलिस के धैर्य ने उसे हार मानने पर मजबूर कर दिया।
50 लाख की डकैती और 7 साल की फरारी का अंत
पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश देवेंद्र कुमार गुर्जर की गिरफ्तारी के रूप में मिली। साल 2019 में सरसों के तेल से भरे ट्रक की डकैती करने वाले गिरोह का यह सक्रिय सदस्य 7 साल से फरार चल रहा था। कोटपुतली-बहरोड़ निवासी देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर न केवल लाखों का माल लूटा था, बल्कि ड्राइवर और खलासी के साथ बर्बरता भी की थी। कोतवाली पुलिस की पैनी नजर और सटीक सूचना तंत्र ने इस इनामी अपराधी की फरारी का अंत कर उसे कानून के हवाले कर दिया।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *