
रोहतक हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में जांच पूरी करते हुए आज न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया है। आरोपी को फरवरी माह में सवा लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB), सेक्टर-36, रोहतक में कार्यरत एई-1 मंजीत (41 वर्ष) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (स्टेट विजिलेंस) के निरीक्षक श्यामलाल ने आज रोहतक की विशेष अदालत में जांच रिपोर्ट और चालान प्रस्तुत किया।

क्या था पूरा मामला?
Jaycee Castalloys Private Limited के अधिकृत प्रतिनिधि ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी कि कंपनी को वर्ष 2026-27 के लिए ‘वॉटर एक्ट’ और ‘एयर एक्ट’ के तहत कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की अनुमति चाहिए थी। इस सर्टिफिकेट को जारी करने के बदले आरोपी मंजीत ने 1.50 लाख रुपये की मांग की।
आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच अंततः 1,25,000 रुपये की राशि तय हुई। 18 फरवरी 2026 को विजिलेंस ने रेडिंग पार्टी का गठन किया और आरोपी मंजीत को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। सरकार और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

