
श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक नशीले पदार्थों के तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से 771 ग्राम नशीला पदार्थ भी बरामद हुआ है। जिला पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े अभियान में पुलवामा पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध नशीले पदार्थ तस्कर को पकड़ा और उसके पास से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलवामा पुलिस ने महिला डिग्री कॉलेज के पास तेंगपोना रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा। नाकाबंदी के दौरान पुलवामा पुलिस स्टेशन की एक टीम ने नायलॉन का थैला ले जा रहे एक संदिग्ध को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से लगभग 771 ग्राम चरसचोरा/गांजा जैसा पदार्थ और नायलॉन का थैला बरामद किया गया।
आरोपी की पहचान पुलवामा के मलिकपोरा के रहने वाले मोहम्मद आरिफ मलिक, पुत्र रियाज अहमद मलिक के रूप में हुई है।
तदनुसार, पुलवामा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है। पुलवामा पुलिस ने मादक पदार्थों के खतरे को रोकने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आम जनता से सहयोग करने तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग या तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने का आग्रह किया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं, और मादक पदार्थों के तस्करों, ड्रग पेडलर्स और हवाला रैकेट तथा अन्य गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों में शामिल लोगों पर भी सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी है।
ऐसा माना जाता है कि मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार और हवाला रैकेट से प्राप्त धन का इस्तेमाल अंततः जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करने वाली सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) घुसपैठ, निकासी, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमा पार से होने वाली ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात हैं।
आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की आईएसआई की मदद से ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए भारतीय सीमा में हथियार, गोला-बारूद, नकदी और मादक पदार्थों की खेप गिराते हैं, ताकि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन मिल सके।

