जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया

जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया

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जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया
जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया

जयपुर। सोमवार सुबह जयपुर के पंत कृषि भवन के थर्ड फ्लोर पर अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आग की सूचना मिलते ही तुरंत फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कमरे में रखा फर्नीचर और एयर कंडीशनर पूरी तरह जलकर राख हो गया।

सीएफओ गौतम लाल ने बताया कि सुबह लगभग 10:40 बजे थर्ड फ्लोर पर स्थित एक बंद कमरे में हीटर में शॉर्ट सर्किट हुआ। शॉर्ट सर्किट के कारण हीटर से निकली चिंगारियों ने कमरे में रखे सामान को अपनी आगोश में ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें विकराल रूप ले गईं और धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया।

जब थर्ड फ्लोर से उठते धुएं और आग की लपटों को देखा गया, तो वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी तुरंत भवन से बाहर निकल आए। यह कार्रवाई समय पर होने के कारण किसी प्रकार का बड़ा नुकसान या जनहानि टल गई। आग की तीव्रता देखकर फायरकर्मी मनीष सैनी ने तुरंत थर्ड फ्लोर की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर की ओर पानी का प्रहार किया, जिससे आग फैलने से रोकी जा सकी और नियंत्रित की गई।

फायर ब्रिगेड की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण कमरे में रखा फर्नीचर और एयर कंडीशनर पूरी तरह जलकर राख हो गया। हालांकि समय रहते आग पर काबू पाने के कारण भवन के अन्य हिस्सों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि आगे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और जांच की प्रक्रिया कड़ी की जाए। आग लगने के बाद थर्ड फ्लोर के बंद कमरे का निरीक्षण किया गया और फर्नीचर, उपकरण और अन्य सामग्री के नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया
जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया

फायर ब्रिगेड और सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण यह घटना बड़े हादसे में परिवर्तित नहीं हुई, वरना आग की तीव्र लपटों से पूरे भवन और आसपास के क्षेत्र में भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। आग बुझाने के दौरान फायरकर्मियों ने कमरे के अंदर पानी का छिड़काव किया और धुएं को बाहर निकालने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़े, जिससे लपटें और धुआं नियंत्रित किया जा सका।

अधिकारियों ने बताया कि पंत कृषि भवन में नियमित रूप से फायर सेफ्टी चेक और उपकरण रखरखाव किया जाता है, लेकिन किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह घटना हुई। उन्होंने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी विद्युत उपकरण के उपयोग में सावधानी बरतें और समय-समय पर हीटर, एसी और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कराएं।

इस आगजनी के बाद भवन प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि थर्ड फ्लोर पर पुनः सुरक्षा और आगजनी से बचाव के उपाय किए जाएं। आग लगने वाले कमरे में सभी क्षतिग्रस्त उपकरणों की सूची तैयार की गई है और नए उपकरणों के साथ फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही भवन में अतिरिक्त आग बुझाने वाले उपकरण और अलार्म सिस्टम की तैनाती पर विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना होने पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।

फायर ब्रिगेड के मनीष सैनी और उनकी टीम की बहादुरी और तत्परता की सभी अधिकारियों ने प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि बिना उनकी कुशल कार्यवाही के आग का प्रभाव और व्यापक हो सकता था। इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी इमारत में आग जैसी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और सही प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

इस घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया है। जांच के दौरान यह निर्धारित किया जाएगा कि आग केवल शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या किसी अन्य तकनीकी कारण ने इसे और विकराल बनाया। इसके अलावा भवन में फायर सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की जा रही है।

भवन प्रशासन ने कहा कि आग के कारण किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई, और यह घटना समय रहते नियंत्रित हो गई। आग से प्रभावित कमरे में रखे सभी कागजात, फर्नीचर और उपकरण जलकर नष्ट हो गए हैं, जिसका आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण कार्य जल्द ही किए जाएंगे।

इस पूरी घटना से यह सीख मिली कि आगजनी के खतरे से निपटने के लिए सभी संस्थाओं और भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य है। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में शांत और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया।

जयपुर पंत कृषि भवन में सोमवार सुबह हुई इस आग की घटना ने यह स्पष्ट किया कि तकनीकी खराबियों और शॉर्ट सर्किट के कारण किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है, लेकिन समय पर प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों के कारण बड़ा हादसा टल सकता है।

अंततः, आग पर काबू पाने के प्रयासों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से यह साबित हुआ कि समय पर और कुशल प्रतिक्रिया से किसी भी आपातकालीन स्थिति में जनहानि और व्यापक नुकसान को रोका जा सकता है। थर्ड फ्लोर पर हुई आग ने प्रशासन और कर्मचारियों को सतर्क किया है कि भवन की सुरक्षा और आग से बचाव की तैयारी हमेशा पूरी रखी जाए

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