
काली पट्टी बांधकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया दौसा। संविदा निविदाकर्मियों ने अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश महासंघ राजस्थान के बैनर तले शुक्रवार को कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्य सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सैनी ने बताया कि पूरे राजस्थान में संविदा निविदा नर्सेज ने एकजुट होकर काली पट्टी बांधकर आंदोलन को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि संविदा नर्सेज लंबे समय से नियमितीकरण की मांग को लेकर राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन अब तक भर्ती से संबंधित कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संविदा नियम 1965 में बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जो संविदा निविदा नर्सेज के भविष्य के साथ अन्याय है। यदि नियमों में बदलाव किया गया तो संविदा नर्सेज कभी भी नियमित नहीं हो पाएंगे और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

राकेश सैनी ने कहा कि जिस प्रकार वर्ष 2013, 2018 और 2023 में नर्सेज की भर्ती मेरिट प्लस बोनस के आधार पर हुई थी, उसी तर्ज पर इस बार भी भर्ती की जानी चाहिए। यह हजारों संविदा निविदा कर्मचारियों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई आर-पार की होगी और सभी नर्सेज को नियमित करवाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि संविदा नर्सेज चुनौतियों से डरने वाले नहीं हैं। जब तक संविदा प्रथा समाप्त नहीं होती, तब तक भर्तियां मेरिट प्लस बोनस के आधार पर ही होनी चाहिए। यदि सरकार ने अब भी निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो नर्सेज का अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी कपिल सैनी ने बताया कि काली पट्टी बांधकर किए गए प्रदर्शन में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर बने सिंह गुर्जर, रामवतार मीणा, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सैनी (बनियाना), प्रदेश संयोजक अरबाज खान, जिला अध्यक्ष विजय मीना, बाबू सरिया, जगमोहन मीना, ओमप्रकाश मीना, दीपांशु तिवारी, पवन शर्मा, अभिषेक गुर्जर, उमेश मीना, रोहित पंचोली सहित सैकड़ों नर्सिंगकर्मी उपस्थित रहे।

