
नोएडा। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी की घटनाओं और अवैध हथियार रखने वाले गिरोह के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने स्थानीय इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी के मोबाइल फोन के साथ-साथ अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में बढ़ती मोबाइल चोरी और अवैध हथियारों के कारोबार पर कड़ा झटका लगा है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, 21 दिसंबर को थाना सेक्टर-20 की टीम को शहीद भगत सिंह पार्क, सेक्टर-31, नोएडा में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान राजा पुत्र शान मोहम्मद और सुजीत पुत्र प्रताप के रूप में हुई।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त राजा के कब्जे से एक अवैध तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस और चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। वहीं आरोपी सुजीत के पास से एक अवैध चाकू और चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई स्थानीय इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से की गई थी। आरोपियों की गतिविधियों पर लंबे समय से निगरानी रखी जा रही थी, जिससे यह ऑपरेशन सफल रहा।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त राजा मूल रूप से ग्राम कुलेसरा, थाना ईकोटेक-3, गौतमबुद्धनगर का निवासी है, जबकि उसका स्थायी पता मौहल्ला हैदरगंज, थाना और कस्बा मौदहा, जिला हमीरपुर है। उसकी उम्र लगभग 23 वर्ष है।
दूसरा आरोपी सुजीत, उम्र लगभग 25 वर्ष, निठारी, सेक्टर-31, थाना सेक्टर-20, गौतमबुद्धनगर का निवासी है। दोनों आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में चोरी और अवैध गतिविधियों में संलिप्त थे।
आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभियुक्त राजा का आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2019 में थाना मौदहा, जिला हमीरपुर में मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2023 में थाना बिलासपुर, जिला रामपुर में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से संबंधित मुकदमा दर्ज है।
वहीं, अभियुक्त सुजीत के खिलाफ वर्ष 2018 में थाना सेक्टर-24, गौतमबुद्धनगर में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे और अब पुलिस की सक्रियता से उनका गिरोह तोड़ने में सफलता मिली है।
बरामदगी और कानूनन कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन और हथियारों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में आर्म्स एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि चोरी के मोबाइल फोन की जांच के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि यह फोन किन-किन व्यक्तियों से चोरी हुए थे और इसके लिए अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है।
पुलिस की रणनीति
थाना सेक्टर-20 पुलिस ने इस सफलता को स्थानीय इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया। टीम ने आरोपियों की हर गतिविधि पर करीब से नजर रखी और जब पर्याप्त सबूत जुट गए, तब उन्हें पकड़ने की कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन में स्थानीय लोगों की भी मदद मिली, जिन्होंने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी। इसके साथ ही पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
मोबाइल चोरी के बढ़ते मामले
नोएडा में पिछले कुछ महीनों में मोबाइल चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। चोरी के मोबाइल न केवल स्थानीय बाजार में बेचे जाते हैं, बल्कि कभी-कभी इन्हें अंतरराज्यीय नेटवर्क के माध्यम से अन्य शहरों में भी भेजा जाता है।
पुलिस ने बताया कि मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी अक्सर समूह बनाकर काम करते हैं और चोरी के फोन के साथ हथियार भी रखते हैं, जिससे पकड़ने पर विरोध या हमला करने का डर बना रहता है। ऐसे मामलों में पुलिस की सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही मुख्य कारक होती है।

क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के उपाय
थाना सेक्टर-20 पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें शामिल हैं:
- स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क को सक्रिय करना।
- इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस कैमरों की संख्या बढ़ाना।
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए नागरिकों के साथ सहयोग बढ़ाना।
- मोबाइल चोरी की घटनाओं की जानकारी साझा करने और शिकायतें दर्ज करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी ताकि अपराधियों के लिए क्षेत्र में कोई जगह न बच सके।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए चेतावनी है जो मोबाइल चोरी और अवैध हथियार रखने जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं।
कई स्थानीय व्यापारियों ने भी पुलिस की सराहना की, क्योंकि मोबाइल चोरी और अवैध हथियारों की समस्या उनके व्यवसाय और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई थी।
निष्कर्ष
नोएडा पुलिस की थाना सेक्टर-20 टीम की यह कार्रवाई न केवल मोबाइल चोरी और हथियार रखने वाले अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता है, बल्कि यह क्षेत्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने का भी उदाहरण है।
स्थानीय इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना पुलिस की सक्रियता और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है। बरामद मोबाइल फोन और हथियारों की जांच से अन्य अपराधियों के नेटवर्क का पता लगाने में भी मदद मिलेगी।
अभियुक्तों का आपराधिक रिकॉर्ड यह स्पष्ट करता है कि वे लंबे समय से अपराधों में संलिप्त थे। उनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पर रोक लगेगी और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
पुलिस की सतर्कता, गश्त बढ़ाना और स्थानीय लोगों की मदद से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। नोएडा पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि अपराधियों को कानून और न्याय के हाथों जल्द ही जवाबदेह बनाया जाएगा।
इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी अभियुक्तों को कड़ी सजा मिलने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी और नोएडा में कानून और व्यवस्था मजबूत बनेगी।

