
हिमाचल । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर को चरस सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 1.698 किलो चरस बरामद की गई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों का भी पता लगाया जा सके। यह कार्रवाई एसीपी सुनील श्रीवास्तव की कड़ी निगरानी में तैनात ईआर-1 टीम ने की। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के पर्वतीय इलाकों से चरस लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई कर रहा था। दिल्ली पुलिस की ओर से शनिवार को जारी प्रेस नोट में कहा गया कि 12 दिसंबर को क्राइम ब्रांच को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह (ईआर-1) के नेतृत्व में एसआई अवधेश कुमार, एसआई आदेश त्यागी, एसआई विनय त्यागी सहित हेड कांस्टेबल शिवराम, महताप, मोहित, राय सिंह, अजय मावी, देवेंद्र, गौरव, अंकुर, तरुण और कॉन्स्टेबल दीपक, आकाश और महिला कॉन्स्टेबल अनुप्रिया की टीम ने पहाड़गंज स्थित एक होटल में छापा मारा। इस दौरान कुल्लू निवासी कुंदन लाल (40) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से 1,136 ग्राम चरस बरामद की गई।

जांच में सामने आया कि कुंदन लाल इससे पहले वर्ष 2024 में हिमाचल के बिलासपुर जिले में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है। बरामद किए गए चरस को वह दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने वाला था। पूछताछ के दौरान कुंदन लाल ने पूर्वी दिल्ली के निवासी गौरव वर्मा और पियूष कुमार उर्फ एलू के नाम बताए, जो इस प्रतिबंधित माल को रिसीव करने वाले थे। कुंदन के निशानदेही पर पुलिस ने 13 दिसंबर 2025 को दोनों को पूर्वी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
बाद में कुंदन लाल ने चरस नेटवर्क के एक और सक्रिय सदस्य मनीष कुमार उर्फ मनीष ठाकुर का नाम उजागर किया। उसके अनुसार, चरस कुल्लू के छल्लाल और आसपास के पहाड़ी इलाकों से एकत्र की जाती थी और दिल्ली तक पहुंचाई जाती थी। इसके बाद, 18 दिसंबर को मजनू का टीला-आईएसबीटी कश्मीरी गेट क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने मनीष कुमार को पकड़ लिया। तलाशी में उसके बैग से 562 ग्राम चरस मिली। इसी के साथ इस मामले में चौथी गिरफ्तारी दर्ज हो गई।
पुलिस के अनुसार, समय रहते मिली सूचना और प्रभावी कार्रवाई के चलते एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह को तोड़ा गया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लाई चेन और पैडलर्स की पहचान करने में जुटी है। क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी समझौते के जारी रहेगी और समाज को इस खतरे से बचाने के लिए आगे भी ऐसी सख्त पहल की जाती रहेगी।

