
चंडीगढ़। जिला अदालत ने तीन वर्ष पुराने मामले में पास्टर बजिंदर को जेल भेजने वाली महिला के पति समेत तीन लोगों को तीन साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म और जबरन देह व्यापार के मामले में बरी कर दिया है। मामला वर्ष 2022 का है, जब सेक्टर-49 थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और जबरन देह व्यापार करवाने का केस दर्ज किया था। हालांकि, मुकदमे की सुनवाई के दौरान महिला अपने बयानों से मुकर गई। अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। अदालत का निर्णय : अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा, और गवाह के बयान विरोधाभासी थे।

इसलिए तीनों आरोपियों को बरी किया जाता है।
बरी हुए व्यक्ति का पक्ष : बरी हुए एक आरोपी ने कहा कि उसकी पत्नी ने पास्टर बजिंदर के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दी थी, जिसके चलते पास्टर को जेल जाना पड़ा। पास्टर और उसके साथियों ने बदला लेने के लिए उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया।
पृष्ठभूमि : गौरतलब है कि इसी वर्ष मोहाली की एक अदालत ने पास्टर बजिंदर को सात साल पहले दर्ज एक दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। वह केस उसी महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसके पति अब बरी हुए हैं।

