मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
भीलवाड़ा.
जिले के बिजोलिया क्षेत्र के सीताकुंड जंगल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक कलयुगी मां ने 15-20 दिन के मासूम शिशु को मौत के घाट उतारने की कोशिश की. जानकारी के अनुसार, महिला मासूम को जंगल में लेकर आई और उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर उसके मुंह को फेविक्विक से चिपकाकर मारने की कोशिश की. इसके बाद वह शिशु को सेंड स्टोन के पत्थरों के बीच फेंक कर फरार हो गई. घटना का खुलासा उस समय हुआ जब बकरियां चराने गए कुछ ग्वालों ने पत्थरों के ढेर के पास से मासूम की कराहने की आवाज सुनी.
ग्रामीणों ने तुरंत पत्थरों को हटाया और देखा कि
शिशु का मुंह पत्थर और फेविक्विक से भरा हुआ था. गर्म पत्थरों के कारण उसका शरीर झुलस चुका था, यह दृश्य देख ग्रामीण स्तब्ध रह गए. चरवाहों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी. बिजोलिया पुलिस मौके पर पहुंची और मासूम को तुरंत बिजोलिया अस्पताल ले जाया गया, चिकित्सकों के अनुसार मासूम का मुंह व शरीर बुरी तरह झुलसा हुआ है और उसका इलाज जारी है.
मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है, उन्होंने पुलिस से दोषी महिला को जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी सजा दिलाने की मांग की. वहीं पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मासूम की जान बचाने में ग्वालों ने किसी देवदूत की तरह काम किया. अगर समय पर आवाज सुनकर बच्चे को बाहर न निकाला जाता, तो उसकी जान जाना तय था.
फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती हैऔर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. यह घटना न केवल एक मासूम के जीवन से खिलवाड़ है बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि मानवीय संवेदनाएं किस कदर खत्म हो रही हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि मासूमों की जान बचाई जा सके.